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कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

यूपी में मौसम की मार: आंधी और बिजली गिरने से 10 की मौत, योगी सरकार हरकत में

लखनऊ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य में डूबने से 9 लोगों की और सर्पदंश से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तत्काल और प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजनौर में तीन लोग मरे हैं। वहीं, महोबा में एक की डूबने से मौत हो गई है और प्रयागराज में सर्पदंश से एक की मौत हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश या जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। प्राकृतिक आपदा के इस दौर में राज्य सरकार राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।  

यूपी में मौसम की मार: आंधी और बिजली गिरने से 10 की मौत, योगी सरकार हरकत में

लखनऊ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य में डूबने से 9 लोगों की और सर्पदंश से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तत्काल और प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजनौर में तीन लोग मरे हैं। वहीं, महोबा में एक की डूबने से मौत हो गई है और प्रयागराज में सर्पदंश से एक की मौत हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश या जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। प्राकृतिक आपदा के इस दौर में राज्य सरकार राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।  

22 बैंक अकाउंट, 60 करोड़ का खेल! छांगुर बाबा की मनी लॉन्ड्रिंग पर जांच एजेंसियों की नजर

लखनऊ  अवैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले धंधे का नेटवर्क सिर्फ देश तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा जांच में इसका बड़ा खुलासा हुआ है. ईडी ने छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों पर शिकंजा कसते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो मुंबई से लेकर पनामा तक फैला था. जांच में सामने आया कि छांगुर बाबा ने विदेशों से भारी फंडिंग हासिल की थी. इस फंडिंग का इस्तेमाल देश में धर्मांतरण कराने और अवैध संपत्ति खरीदने में किया जा रहा था. ईडी को छांगुर बाबा और उसके करीबियों के 22 बैंक खातों की जांच में करीब 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं. खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की लंबी फेहरिस्त पाई गई है, जिनका स्रोत और उद्देश्य संदिग्ध है. मुंबई में छांगुर बाबा ने 'रनवल ग्रींस' नाम का एक कॉम्पलेक्स खरीदा था. ईडी को शक है कि यह सौदा अवैध फंडिंग के पैसों से किया गया था. सौदे से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि पनामा स्थित 'लोगोस मरीन' नामक एक कंपनी से छांगुर के तार जुड़े हैं. इस कंपनी के दस्तावेज और अभिलेख ईडी के हाथ लगे हैं, जिससे अंदेशा है कि विदेशों में भी पैसा खपाने और मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था. लखनऊ का बुटीक बना था गोरखधंधे का अड्डा लखनऊ के सुभाष नगर स्थित ‘आसवी बुटीक’ को भी ईडी ने खंगाला है. जांच में पता चला कि इस बुटीक को दस्तावेजों और अवैध संपत्ति से जुड़े कागजात छिपाने का अड्डा बनाया गया था. यहां से छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क से जुड़ी कई संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. बुटीक को फिलहाल सील कर दिया गया है. नवीन रोहरा और नीतू रोहरा की भूमिका भी संदिग्ध ईडी ने अपनी जांच में नवीन रोहरा और नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का अहम हिस्सा माना है. ये दोनों संदिग्ध लेनदेन और संपत्ति सौदों में छांगुर की मदद कर रहे थे. इनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है. ईडी के पास छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क के खिलाफ कई सबूत हैं. अब इन सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

मथुरा में दर्दनाक सड़क हादसा, सीएम योगी ने जताया दुख, प्रशासन को दिए कड़े निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनपद मथुरा में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।” मथुरा में शनिवार सुबह दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि लगभग 30 लोग घायल हुए। पहला हादसा मथुरा के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे माइलस्टोन 140 पर करीब 3 बजे हुआ, जिसमें एक ईको कार एक अज्ञात वाहन से टकराई। इसमें कार सवार 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई। दूसरी घटना बलदेव थाना क्षेत्र में ही यमुना एक्सप्रेस वे माइलस्टोन 131 पर हुई, जहां एक बस पलट गई। इस घटना में 29 यात्री घायल हुए। मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, दोनों हादसे वाहन चालकों को संभवत: नींद आने के कारण हुए। मथुरा के जिलाधिकारी और एसएसपी ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की है। साथ ही, दोनों अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की है। आगरा निवासी राकेश सिंह ने इस दुर्घटना में अपने भाई, दो भतीजे और दो भांजों को खोया है। उन्होंने बताया, “वे आगरा के रहने वाले हैं। उनके भाई दिल्ली से आगरा भंडारा करने के लिए आ रहे थे। रास्ते में कार का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें भाई और दो भतीजों की मौत हो गई। दो भांजे दलबीर और पारस का भी निधन हुआ है। अन्य व्यक्ति इनका दोस्त था, जो दिल्ली से आ रहा था।” उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उनके भाई भंडारा कराने के लिए आ रहे थे। हादसे में उनकी भाभी और एक भतीजी घायल हुई हैं, जिनको आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, बस हादसे में घायल व्यक्ति ने कहा, “दिल्ली से आगरा के लिए बस जा रही थी। रास्ते में अचानक से बस पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 50-60 लोग सवार थे।”  

नगर नियोजन को झटका: यूपी में ऑनलाइन बिल्डिंग मैप अप्रूवल सिस्टम 30 सितंबर तक स्थगित

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में चार जुलाई से लागू की गई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 के अनुसार भवन मानचित्रों की आनलाइन स्क्रूटनी कर मंजूरी देने की व्यवस्था 30 सितंबर तक ठप रहेगी। यह व्यवस्था चार जुलाई से लागू की गई थी। ऐसे में विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद में आनलाइन जमा होने वाले मानचित्रों का परीक्षण सीधे संबंधित अभिकरणों के नगर नियोजक व अभियंता करेंगे। इस बीच बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम(ओबीपीएएस) और फास्टपास सिस्टम के स्क्रूटनी इंजन को नई उपविधि के मानकों के अनुसार बनाकर मानचित्रों की स्वीकृति की प्रक्रिया के निर्बाध संचालन के लिए राज्य सरकार ने आवास एवं शहरी नियोजन के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। समिति में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, मुख्य नगर नियोजक व वित्त नियंत्रक, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, आवास बंधु के आइटी एक्सपर्ट को सदस्य और आवास बंधु के निदेशक को समिति का संयोजक बनाया गया है। चूंकि नई उपविधि में भवन निर्माण के मानकों में सरकार ने तमाम छूट दी है इसलिए माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर भूखंड स्वामियों द्वारा मानचित्र स्वीकृति कराने के लिए प्राधिकरण-परिषद में आवेदन किया जाएगा। चूंकि मानचित्र को पास करने वाला मौजूदा आनलाइन सिस्टम वर्ष-2008 की उपविधि के मानकों के अनुसार ही है जिसे नई उपविधि के अनुसार बनाने में लगभग दो माह लग सकते हैं इसलिए 30 सितंबर तक पूरी प्रक्रिया ठप रहेगी। इस बीच जो भी मानचित्र आनलाइन जमा किए जाएंगे उऩ्हें स्वीकृति करने में दिक्कत न हो इसके लिए समिति की संस्तुति पर सरकार ने तय किया है कि संबंधित मानचित्रों की आनलाइन स्क्रूटनी के बजाय सीधे प्राधिकरण या परिषद के नगर नियोजकों-अभियंताओं से परीक्षण कराकर उन्हें मंजूरी दे दी जाए।  

तेज रफ्तार ने ली जान: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में 6 की मौत

मथुरा यूपी के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मथुरा जिले में थाना बलदेव के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित ईको कार पीछे से ट्रक से टकरा गई। इस घटना में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई और दो महिला घायल हैं। मृतकों में पिता और दो पुत्र भी शामिल हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज घायल अस्पताल में भर्ती कराए हैं। वहीं यमुना एक्‍सप्रेसवे पर एक और सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही एक बस माइलस्टोन 131 पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में 30 यात्री घायल हो गए है। घायल हुए आठ लोग जिला अस्पताल में हैं और नौ लोग एसएन आगरा में भर्ती कराए हैं। बाकी लोगों के ज्यादा चोट नहीं है। ईको कार चालक नोएडा से सात सवारियां लेकर एक्सप्रेस वे से आगरा की ओर जा रहा था। बलदेव क्षेत्र में एक्सप्रेस वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और टोल टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार से लोगों को निकाला। इनमें छह की मौत हो गई जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आशंका है कि कार चालक को नींद की झपकी आने से अनियंत्रित होकर कार ट्रक के पीछे जा भिड़ी। मृतकों में तीन आगरा जिले के हैं, दो मध्य प्रदेश के हैं और एक की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इस घटना में धर्मवीर पुत्र जवर सिंह, निवासी ग्राम हरलालपुरा, थाना बासोनी, तहसील बाह, जिला आगरा, उनके दो पुत्र रोहित और आर्यन, दलवीर उर्फ छुल्ले और पारस सिंह तोमर पुत्रगण विश्वनाथ सिंह, निवासीगण ग्राम बढ़पुरा हुसैद, थाना महोबा, जिला मुरैना मध्य प्रदेश तथा रोहित के दोस्त (नाम पता अज्ञात) की मौत हो गई। इस घटना में सोनी पत्नी धर्मवीर और पायल पुत्री धर्मवीर निवासीगण हलालपुर थाना बासोनी जिला आगरा घायल हो गए हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर बस पलटी, 30 सवारी घायल वहीं दूसरे हादसे में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 131 के निकट शनिवार तड़के नोएडा से आगरा की ओर जा रही बस पलटने से करीब 30 सवारियां घायल हो गई। यह बस दिल्ली से मध्य प्रदेश के भिंड के लिए जा रही थी। बस में गरीब 60-65 यात्री बैठे हुए थे। तड़के बस पलटने से चीख पुकार मच गईं। सूचना पर पुलिस और टोल टीम मौके पर पहुंच गई। इस घटना में ग्राम सुंदरपुर, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी देवी पत्नी अहिवरन सिंह दुर्गेश पुत्र अहिवरन, त्रिलोकपुरी ओल्ड थाना मयूर विहार फेस वन नई दिल्ली निवासी चेतना पुत्री राम लक्ष्मण, पूजा पुत्री राम लक्ष्मण, राजाराम पुत्र बद्री प्रसाद, पीहू पुत्री बंटी ग्राम एरोली थाना अटेरनिवासी अक्षय बघेल पुत्र रूप सिंह बघेल सिपोई मध्य प्रदेश निवासी आकाश पुत्र मोहनश्याम, छतरपुर निवासी, सुनील पुत्र चगेंश, श्रीचन्द्र पुत्र रामदयाल, भिंड निवासी आकाश पुत्र नरेन्द्र, छतरपुर निवासी धर्मेन्द्र पुत्र जयकिशन, रूबी पुत्र बिल्लियां, मुरैना निवासी धनपत पुत्र रामजीलाल, दिल्ली निवासी दयाराम पुत्र सेवाराम, मानसिह पुत्र दयाराम, जुगलकिशोर पुत्र दयाराम, मुरैना निवासी लक्ष्मीनरायन पुत्र रामविलास, संजय शर्मा पुत्र रमेश निवासी वामोर कला, सुशील पुत्र महावीर, दीपक शर्मा पुत्र मोहनश्याम निवासी सिपोई, झांसी निवासी चन्द्रशेखर पुत्र दीनदयाल, छतरपुर निवासी मनीष चौवे पुत्र रामनरायन चौवे, रायपुर निवासी प्रीतमलाल पुत्र रामप्रकाश, राजा नगर निवासी पुष्पेन्द्र पुत्र प्रेमनरायण घायल हो गए। जिनमें से दीपक शर्मा, प्रीतमलाल, चन्द्रशेखर, पुष्पेन्द्र,रूव, श्रीचन्द्रअनुरागी, संजय शर्मा पुत्र रमेश , मनीष चौवे को जिला अस्पताल मथुरा रेफर किया गया। शेष सभी घायल अवस्था मे हैं, जिनका उपचार सीएचसी छौली मे हो रहा है। अन्य लोगों के मामूली चोट आई, जिन्हें अन्य साधनों से गंतव्य को रवाना कर दिया।

स्वच्छता में उत्तर प्रदेश की छलांग: सीएम योगी ने बताया नागरिक भागीदारी को असली ताकत

लखनऊ  स्वच्छ सर्वेक्षण के नौवें संस्करण में उत्तर प्रदेश के 3 शहरों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2024-25’ प्रदान किया. इसमें लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर का नाम शामिल है. समारोह के बाद टीम ने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम योगी ने इस उपलब्धि के लिए दोनों शहरों की टीम को बधाई दी. सीएम ने लखनऊ और गोरखपुर की टीम को बधाई देते हुए एक पोस्ट साझा किया है. सीएम ने एक्स पर लिखा है कि ‘मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत लखनऊ को 10 लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में मिला तृतीय पुरस्कार, नगर निगम की सुव्यवस्था, स्वच्छाग्रहियों के सतत समर्पण, प्रशासन की प्रतिबद्धता और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता का प्रतिफल है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम लखनऊ की महापौर, नगर आयुक्त, पार्षद गण एवं पर्वतीय महापरिषद, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ने शिष्टाचार भेंट की. इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सहयोगी समस्त जनों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!   दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत गोरखपुर को ‘सफाई मित्र सुरक्षित शहर’ की श्रेणी में तृतीय स्थान एवं Garbage Free Cities की श्रेणी में प्राप्त 5-स्टार रेटिंग, जनपद वासियों की सहभागिता और नगर निगम की प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो अत्यंत हर्ष का विषय है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम गोरखपुर के महापौर एवं नगर आयुक्त ने शिष्टाचार भेंट की. स्वच्छ, स्वस्थ व हरित गोरखपुर के निर्माण में सतत समर्पित सभी सहयोगियों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!

प्रयागराज में कांवड़ियों पर हमला, धार्मिक तनाव के बीच मारपीट और लूट का माहौल

प्रयागराज सरायं ख्वाजा मऊआइमा के पास शुक्रवार को कांवड़िए और नमाजियों में भिड़ंत हो गई. जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि नमाजियों ने लाठी-डंडे और तलवार से कांवड़ियों पर हमला किया, जिसमें कई कांवड़ियों के घायल होने की जानकारी है. बताया जा रहा है कि विवाद DJ बजाने को लेकर हुआ था. मुस्लिम पक्ष ने DJ की आवाज कम करने को कहा था. घटना की जानकारी मिलते ही दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. पुलिस के सामने भी नमाजी और कांवड़ियों में धक्कामुक्की हुई है. पुलिस ने किसी तरह हालात संभाला. इधर पीड़ित पक्ष ने 15 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी है. कांवड़ यात्रा में शामिल महेंद्र कुमार ने मऊआइमा थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है. फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों को मुस्जिद के पास से निकाला गया है. घटना के दौरान महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप है. एक महिला को घसीटते हुए कपड़े तक फाड़ दिए गए. यात्रियों के मोबाइल फोन तोड़ दिए गए, भगवा झंडा फाड़ दिया गया और कई श्रद्धालुओं से पैसे और जेवर भी छीन लिए गए. ये भी आरोप है कि आरोपियों ने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि अगर गांव से फिर कभी कोई धार्मिक यात्रा निकली तो वह उसे जानलेवा हमला करके रोक देंगे.

प्रयागराज: शीतला अष्टमी पर मां कल्याणी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की लगी कतार

प्रयागराज शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर प्रयागराज के मां कल्याणी देवी मंदिर में शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यह व्रत मां शीतला को समर्पित है, जिसे संतान के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन भक्त मां शीतला की पूजा करते हैं और बासी भोजन का भोग लगाते हैं, जिस कारण इसे ‘बसौड़ा’ भी कहा जाता है। मां कल्याणी देवी मंदिर में सुबह से ही महिलाएं मां की पूजा-अर्चना करने पहुंचीं। मंदिर के अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक ने बताया कि यह मंदिर पुराणों में वर्णित प्राचीन शक्तिपीठ है और शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, “श्रावण मास की अष्टमी को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और बासी पूड़ी, हलवा, चना, गुलगुला, बताशा का मां को भोग लगाती हैं। सुबह से ही भक्त मां कल्याणी के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। शाम को मां का भव्य श्रृंगार होगा।” पंडित सुशील ने आगे बताया कि यह व्रत संतान और परिवार की मंगल कामना के लिए किया जाता है। महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। मां कल्याणी की पूजा से परिवार की रक्षा और कल्याण की कामना पूरी होती है। शीतला अष्टमी पर मंदिर में भक्तों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। महिलाएं सुबह से ही मां के दर्शन के लिए कतार में खड़ी थीं। इस अवसर पर मंदिर को खास तौर पर सजाया गया था। भक्तों ने मां से अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। शीतला अष्टमी के अवसर पर माता के दर्शन को मंदिर पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने बताया, “मां कल्याणी में हमारी गहरी आस्था है। शीतला अष्टमी पर हम व्रत रखते हैं और मां को हलवा-पूड़ी का भोग चढ़ाते हैं। हमारी कामना है कि मां हमारे बच्चों और परिवार की रक्षा करें, उन्हें तरक्की दें और उनका कल्याण करें।”