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यूपीआईटीएस में सौर ऊर्जा से चलने वाला आधुनिक UAV बना आकर्षण

यूपीआईटीएस 2025 आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को योगी सरकार दे रही नया आयाम पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में है खास इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है पायलट समेत केवल दो लोगों की टीम इसे नियंत्रित कर सकती है इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) में इस बार सौर ऊर्जा से संचालित हाई-एंड्यूरेंस UAV (Unmanned Aerial Vehicle) लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में खास है। इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर तक है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है। निर्माताओं ने बताया कि यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है। इसका संचालन बेहद सरल है और केवल दो लोगों की टीम, जिसमें एक पायलट शामिल होता है, इसे नियंत्रित कर सकती है। विशेष बात यह है कि इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है। योगी सरकार का विज़न, नवाचार और सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य को रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप हब बनाने के प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिला है। यह UAV इन्हीं प्रयासों का प्रतीक है, जिसमें लगभग 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यूपीआईटीएस में यह प्रदर्शनी योगी सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। विशेष तकनीक "Auxiron" से किया गया विकसित कंपनी ने इस UAV में एक अनोखी तकनीक “Auxiron” विकसित की है, जो पंखों को झुकाकर सूर्य की किरणों को कैच करती है। इससे सोलर पैनल से अधिकतम ऊर्जा उत्पन्न होती है और UAV की उड़ान अवधि कई गुना बढ़ जाती है। Auxiron न केवल एयरोडायनमिक ड्रैग को कम करता है, बल्कि विमान को बिना स्लिपिंग के सीधी उड़ान भरने में भी मदद करता है। इस पेटेंटेड तकनीक के चलते UAV दिन में आठ घंटे अतिरिक्त और रात में चार घंटे बैटरी बैकअप के साथ उड़ सकता है। रक्षा और नागरिक उपयोग यह UAV खासकर इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्नसेंस (ISR) मिशनों के लिए आदर्श है। कंपनी के मुताबिक इसके कई डिफेंस और सिविलियन उपयोग हैं: ▪️सीमा क्षेत्रों में निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर ▪️पाइपलाइन और पावरलाइन निरीक्षण ▪️खोज एवं बचाव अभियान (Search & Rescue) ▪️आपदा प्रबंधन और राहत कार्य ▪️सटीक कृषि और पर्यावरण मॉनिटरिंग भविष्य की योजनाएं कंपनी का कहना है कि जून-जुलाई 2025 से हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (HALE) UAV प्रोग्राम पर भी काम शुरू होगा। इसे "प्स्यूडो सैटेलाइट" कहा जा रहा है, जो लंबे समय तक ऊंचाई पर रहकर बार्डर मॉनिटरिंग, शुरुआती चेतावनी और संचार नेटवर्क जैसे कार्यों में क्रांति ला सकता है। यूपीआईटीएस-2025 में इस UAV के स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोग और डिफेंस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे और इसकी तकनीकी खूबियों को करीब से समझा। वो कहते हैं कि यह कहना गलत नहीं होगा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब डिफेंस और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है।

ग्रामीण इलाकों से मिल रहे सबसे ज्यादा फिडबैक, अबतक 9.5 लाख ग्रामीणों ने दिये सुझाव

शहरी क्षेत्रों से आए लगभग 3 लाख सुझाव, शिक्षा, कृषि और विकास पर जनता दे रही खुलकर अपने सुझाव फीडबैक देने के मामले में महाराजगंज, संभल और सोनभद्र सबसे आगे, इटावा और फिरोजाबाद से सबसे कम फीडबैक लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में जारी योगी सरकार का 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 300 नोडल अधिकारी और प्रबुद्धजन विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर न सिर्फ बीते 8 वर्षों की उपलब्धियां साझा कर रहे हैं, बल्कि जनता से भविष्य की योजनाओं पर सुझाव भी ले रहे हैं। अभियान में रविवार तक करीब 12.5 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 9.5 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 3 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। युवा, महिला, किसान, छात्र और वरिष्ठ नागरिक सभी वर्ग इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा और कृषि पर आम जनमानस की राय एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 12.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। फीडबैक में सबसे ज्यादा राय शिक्षा क्षेत्र पर आई। लोग चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों को और मज़बूत किया जाए और शिक्षा को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाया जाए। कृषि क्षेत्र पर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं, जिसमें किसानों को और सुविधाएं देने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने जैसी बातें प्रमुख रहीं। फीडबैक देने में महाराजगंज, संभल, सोनभद्र, कानपुर देहात और गोरखपुर सबसे आगे हैं। वहीं इटावा, फिरोजाबाद, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर में सबसे कम भागीदारी रही है। जनता के सुझाव महाराजगंज के नागरिकों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने और बंद पड़ी गन्ना मिलों को फिर से चालू कराने की मांग की है। गाजियाबाद की सुषमा ने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और खेल-कौशल आधारित बनाने का सुझाव दिया, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास साथ-साथ हो सके। लखनऊ के रणजीत पटेल ने 112 पुलिस की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल वैन शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने शिक्षा में सरकारी स्कूलों को बढ़ावा देने और बेरोजगारी दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति आयु घटाने का सुझाव दिया। मऊ की वंदना सिंह ने कॉलोनियों में सड़क और नाली की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता बताई और निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुझाव के आधार पर सरकार तैयार करेगी विजन डॉक्युमेंट सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें। सर्वाधिक अच्छे सुझावों को जनपद और प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

एक साथ मंच पर उतरीं केजीबीवी की 68,000 बालिकाएं, सामाजिक बुराइयों पर करारा प्रहार

– प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में आयोजित हुआ नुक्कड़ नाटक – दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिकाओं ने दिया संदेश – मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत अभिनय में झलका बालिकाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता – बालिकाएं ही समाज में बदलाव की असली प्रेरणा हैं: मोनिका रानी लखनऊ  रविवार को प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की 68,000 बालिकाएँ नुक्कड़ नाटकों के मंच पर उतरीं और दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जोरदार और प्रेरक संदेश दिया। अभिनय कर रही बालिकाओं ने अपने अपने पात्र के साथ पूरी तरह से न्याय किया। मिशन शक्ति 5.0 की यह पहल बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व और जागरूकता का अद्भुत प्रेरक उदाहरण बनी।  बता दें कि इस पहल की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को किया गया था और अब यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन में पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से गति पर है। बालिकाओं ने दिया सशक्त संदेश नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बालिकाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करते हुए समाज को सशक्त संदेश दिया। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए यह स्पष्ट किया गया कि बेटी का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में। बाल विवाह के खिलाफ प्रस्तुतियों में यह जोर दिया गया कि नाबालिग विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य में बाधा डालता है। बाल श्रम पर आधारित नाटकों ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस पहल के दौरान बालिकाओं ने टीमवर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया। पुलिस, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के साथ हुए संवाद ने बालिकाओं में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को मिला बल मिशन शक्ति 5.0 के तहत आयोजित यह कार्यक्रम नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को साकार करता हुआ नजर आया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जब बेटियों को मंच और अवसर मिलता है, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव की सबसे सशक्त वाहक बन सकती हैं। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि बालिकाएँ भविष्य में समाज और राष्ट्र की नेतृत्वकारी भूमिका निभाकर विकास की नई राहें खोलेंगी। वास्तव में, यह पहल इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास ही नारी सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार हैं।

राम मंदिर संग अयोध्या में दिखेगी वाल्मीकि व निषादराज की आस्था

– पीएम मोदी ने “मन की बात” में किया विशेष उल्लेख, कहा दर्शन जरूर करें – संगमरमर से बनी महर्षि वाल्मीकि व निषादराज गुह्य की प्रतिमाएं स्थापित – अक्टूबर 2025 तक श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का सौभाग्य – रामायण की समरस परंपरा को साकार करेगा भव्य रामजन्मभूमि परिसर अयोध्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण अंतिम चरण में है। यह पावन धाम अब श्रद्धालुओं के लिए लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में भगवान श्रीराम की कथा से जुड़े महापुरुषों, महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य के राम मंदिर का निर्माण भी तेजी से संपन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 126वें एपिसोड में महर्षि वाल्मीकि और रामायण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगले महीने 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है। महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े आधार स्तंभों में से एक हैं। उन्हीं की रचना रामायण ने मानवता को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों से परिचित कराया। श्रीराम ने सेवा, समरसता और करुणा से सबको अपने साथ जोड़ा। यही कारण है कि रामायण में माता शबरी और निषादराज जैसे पात्रों का विशेष स्थान है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के निर्माण के साथ ही महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब भी कोई अयोध्या जाए, तो रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज मंदिर के दर्शन अवश्य करे। संगमरमर की प्रतिमाओं से सजेगा मंदिर परिसर बता दें कि रामजन्मभूमि परिसर में बीते शनिवार को सप्तमंडप में निषादराज गुह्य और महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमाओं की स्थापना की गई। ये प्रतिमाएं जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकारों द्वारा विशेष संगमरमर पत्थर से तराशी गई हैं। इन मूर्तियों को मंदिर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अंगद टीले के समीप स्थापित किया गया है। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, आगामी अक्टूबर 2025 के बाद यह परिसर श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया जाएगा। तब देशभर से आने वाले भक्त रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य की प्रतिमाओं के भी दर्शन कर पाएंगे। अयोध्या बनेगी आस्था और समरसता का प्रतीक धार्मिक विद्वानों का मानना है कि अयोध्या का यह स्वरूप भारतीय संस्कृति की समरस परंपरा का जीवंत प्रतीक बनेगा। भगवान श्रीराम केवल अयोध्या के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। ऐसे में महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर श्रद्धालुओं को यह संदेश देंगे कि रामकथा केवल राजाओं और महलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाली धारा है।

पोलियो को हराकर हज़ारों महिलाओं की ताकत बनीं हिना नाज़

मिशन शक्ति-5.0  – कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं हिना – योगी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ दिलाने में करती हैं महिलाओं की मदद – अबतक 26 हजार से अधिक महिलाओं की कर चुकी हैं मदद लखनऊ कठिनाइयाँ जब हौसलों से टकराती हैं, तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसी ही कहानी है एटा जिले की मोहल्ला पोस्तीखाना, कस्बा सकीब हिना नाज की। हिना योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान के जरिए जरिए नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बनी हैं। बचपन से एक पैर से पोलियोग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हिना साहस और सेवा-भावना की जीती-जागती मिसाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने हिना जैसे समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति के रूप में सशक्त किया, जो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं। हिना नाज़ रोज़ सुबह घर से निकलकर कासगंज कार्यालय पहुँचती हैं। रोजना 150 किलोमीटर की दौड़ लेकिन न ठंड उन्हें रोकती है, न तपती धूप। उनका एक ही संकल्प है, किसी भी पात्र महिला को योजनाओं से वंचित न रहने देना। जिला प्रोबेशन कार्यालय में आने वाली महिलाओं के लिए वे अब सहारा और उम्मीद का प्रतीक बन चुकी हैं। हिना स्वयं दस्तावेज़ों का सत्यापन करती हैं, कंप्यूटर फीडिंग का पूरा कार्य संभालती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हर पात्र महिला को समय पर पेंशन मिले। उनकी कार्यशैली में ईमानदारी और संवेदनशीलता झलकती है। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब जिले में केवल करीब 8,000 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ उठा रही थीं। लेकिन उनके अथक प्रयासों और लगन से सितम्बर 2025 तक यह संख्या 26,928 तक पहुँच गई। साथ में योगी सरकार की और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा और लगन हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। असली शक्ति शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि मनोबल और आत्मविश्वास की दृढ़ता में होती है। हिना मानती हैं कि शारीरिक चुनौतियाँ इंसान की शक्ति को परिभाषित नहीं करतीं। वो कहती हैं कि “खुश रहने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती, बस खुद पर भरोसा होना चाहिए।” उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी शक्ति बनाया और आज हज़ारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। हिना नाज़ का जीवन इस अभियान की सजीव तस्वीर है। उन्होंने यह साबित किया है कि महिला सशक्तीकरण केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर महिलाओं की बदलती सोच और आत्मविश्वास से साकार होता है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी हिना की मेहनत और सकारात्मक ऊर्जा हर एटा और कासगंज दोनों जिलों की महिलाओं को संबल देती है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर अब अन्य महिलाएँ भी उनसे प्रेरणा लेती हैं और मार्गदर्शन प्राप्त करती हैं। आज हिना नाज़ न केवल कासगंज और एटा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। वे यह सिखाती हैं कि यदि मन में सेवा की भावना और कार्य के प्रति निष्ठा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती।

यूपी में महिला उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस में दिख रहा महिला शक्ति का जलवा   डॉ. निधि जैन की प्रेरक यात्रा अन्य महिलाओं को भी कर रही है प्रेरित  लखनऊ के छोटे से कमरे से शुरू हुआ सफर, आज नोएडा तक पहुंचा लखनऊ चिकनकारी को वैश्विक पहचान दिला रहीं डॉ. निधि जैन 30 से 40 महिलाओं को रोजगार देकर रच रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता को मिल रहा संबल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बदला उत्तर प्रदेश का कारोबारी परिदृश्य महिला सुरक्षा और आत्मविश्वास से बढ़ा व्यापार का हौसला हैंडमेड चिकनकारी डिज़ाइन ने खींचा खरीदारों का ध्यान ग्रेटर नोएडा आठ साल पहले लखनऊ में के छोटे से कमरे में बैठी डॉ. निधि जैन के पास केवल सपने थे और उन्हें पूरा करने का जज्बा। परिवार और समाज की तमाम जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने हुनर पर विश्वास किया और महिला परिधानों में पारंपरिक लखनऊ चिकनकारी और इंब्रायडरी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। शुरुआत में संसाधन सीमित थे, लेकिन हौसला अटूट। यही वजह रही कि उनका छोटा-सा काम धीरे-धीरे लखनऊ शहर से निकलकर नोएडा तक पहुंच गया। आज उनके पास न केवल लखनऊ में, बल्कि नोएडा में भी आधुनिक स्टूडियो हैं, जहां 30 से 40 महिलाएं रोज़गार पा रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उनके ब्रांड को एक पहचान दिलाई है। खास बात यह है कि उनके द्वारा बनाई गई कढ़ाई पूरी तरह से हैंडमेड होती है, जिसमें एक-एक डिजाइन तैयार करने में महीनों का समय लग जाता है। योगी सरकार ने दिया नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का विश्वास डॉ. जैन मानती हैं कि उनकी सफलता की कहानी केवल उनकी मेहनत की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदले माहौल की भी गवाही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिए जो नीतियाँ बनीं, उनका उन्हें सीधा लाभ मिला। चाहे ब्याजमुक्त लोन हो, आसान सब्सिडी स्कीम्स हों या बिज़नेस स्थापित करने की सहूलियत—आज हर महिला को प्रदेश में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। डॉ. जैन कहती हैं कि योगी सरकार ने महिला उद्यमियों को फुल सपोर्ट दिया है। आज हम सर उठाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान कर पा रहे हैं। यूपीआईटीएस 2025 से महिला शक्ति को मिला बड़ा मंच उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) इस नई सोच और बदलते परिदृश्य का सबसे बड़ा प्रमाण है। लखनऊ और नोएडा से अपने ब्रांड को खड़ा करने वाली डॉ. जैन भी इस शो का हिस्सा बनीं। उन्होंने स्टॉल नंबर 15 पर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। यहां आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने उनके चिकनकारी डिज़ाइनों की खूब सराहना की। उनके स्टॉल पर महिलाओं की भागीदारी और रोजगार का मॉडल देखकर अन्य महिला उद्यमियों को भी प्रेरणा मिली। उनके अनुसार, यूपीआईटीएस 2025 केवल एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि यह संदेश है कि उत्तर प्रदेश अब महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल निवेश गंतव्य बन चुका है। बदलते उत्तर प्रदेश में बदलती महिलाएं डॉ. निधि जैन के मुताबिक, पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। व्यापार करना और व्यापार शुरू करना अब बेहद आसान हो गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से व्यापारियों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचने में आसानी हो रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब महिला उद्यमियों को सुरक्षा और आत्मविश्वास दोनों मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल आज डॉ. निधि जैन जैसी उद्यमी न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर दे रही हैं। इस तरह की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी बन रहा है। डॉ. निधि जैन की यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जहां महिला उद्यमियों को न सिर्फ सपने देखने की आजादी मिली है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए सरकार की ठोस नीतियां और समर्थन भी मिल रहा है।

मौलाना तौकीर का खेल बदला? धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी पर बरेली में पलटा असर

बरेली  बरेली बवाल में जेल भेजा गया मौलाना तौकीर रजा एक बार नहीं, बल्कि हर बार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है। मौलाना के तल्ख टिप्पणी से कई बार शहर का माहौल खराब हो चुकी है। सीएए, एनआरसी से लेकर अपने समाज से जुड़े तमाम संवेदनशील मुद्दों पर उनकी तकरीरें माहौल गरमा चुकी हैं। तीखी बयानबाजी के चलते मौलाना कई बार नजरबंद हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी उसकी बयानबाजी से जहर उलगना बंद नहीं हुआ। लेकिन शुक्रवार को बरेली बवाल के लिए लोगों को उकसाने के मामले में उसका दांव उलटा पड़ गया। इस बार मौलाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे जेल जाना पड़ा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां कट्टर और भड़काऊ भाषणों के लिए पहचाने जाते हैं। हर नया बयान उनके विवादों के ग्राफ में इजाफा करता गया है। धर्म से लेकर राजनीति तक, हर मुद्दे पर उनके तीखे बोल न सिर्फ बहस को जन्म देते हैं, बल्कि कई बार प्रशासन और समाज दोनों को असहज स्थिति में डाल देते हैं। विवादित बयान देने के लिए चर्चित है मौलाना तौकीर 2017 में बोले, तुम्हारे धर्म में भी तो एक महिला के पांच-पांच पति होते हैं। महिला को पता भी नहीं होता है कि उसके बच्चे का बाप कौन है। 2020 में सीएए को वापस नहीं लिए जाने पर गलियों में खून बहने की धमकी दी थी। 2022 में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का किया था एलान। 2022 में कहा था जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आ गया तो संभलेगा नहीं। 2023 में अयोध्या मामले में उन्होंने कहा कि अब सड़क पर लड़ाई लड़ी जाएगी। 2024 में दूसरे धर्म के 23 युवाओं का सामूहिक निकाह कराने का एलान किया। 2025 में ऐलान करके जुमा नमाज के दिन लोगों को प्रदर्शन के लिए इक्ट्ठा किया। नफरत भरी तकरीर करके इक्ट्ठा की हमेशा भीड़ मौलाना ने बरेली में जेल भरो आंदोलन का एलान किया था और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके आह्वान पर हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया। कहा था कि हमें मजबूर कर दिया गया है। मुल्क में नफरत का माहौल बनाया हुआ है। मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है कि अगर कोई हम पर हमलावर होता है तो उसे जान से मार दें।  

यूपीआईटीएस 2025 बना उद्योग जगत के लिए गेम-चेंजर

यूपीआईटीएस 2025  योगी सरकार की नीतियों से उद्यमियों को मिल रही नई पहचान बुलंदशहर से ग्रेटर नोएडा तक गूंज रही सफलता की कहानियां बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले नए कारोबार के रास्ते विदेशी बाजार में सराहे जा रहे यूपी के प्रोडक्ट्स ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना यूपी के उद्योगों के विकास की रीढ़ ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश निवेश और उद्योग का नया हब बन चुका है। इस मेगा इवेंट में शामिल देश-विदेश के उद्यमियों ने न सिर्फ अपने प्रोडक्ट्स की शानदार ब्रांडिंग की, बल्कि प्रदेश सरकार की पहल की सराहना करते हुए खुले दिल से सीएम योगी का आभार भी जताया। बी2बी मीटिंग्स के जरिए उद्यमियों को बेहतरीन बिजनेस लीड्स मिली हैं, जो एमओयू में बदलकर भविष्य की मजबूत आर्थिक साझेदारी की नींव रख रही हैं। योगी सरकार ने उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक दरवाजे- गौरव गुप्ता बुलंदशहर के उद्यमी गौरव गुप्ता ने कहा कि बी2बी मीटिंग्स के जरिए उन्हें वैश्विक खरीदारों से मिलने का अवसर मिला। कई विदेशी बायर्स के साथ उनकी मीटिंग्स हुई हैं और कुछ ने एमओयू भी साइन किए हैं। गौरव ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारे लिए बहुत मददगार है। योगी सरकार ने उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में जो कदम उठाए हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। व्यापक बिजनेस लीड्स से बढ़ रहा आत्मविश्वास- वंश  ग्रेटर नोएडा के उद्यमी वंश दरगन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां आकर बहुत सुकून मिला। योगी सरकार ने उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए शानदार पहल की है। यहां हमें न केवल बिजनेस लीड्स मिली हैं, बल्कि अपने कारोबार को अन्य देशों तक ले जाने का रास्ता भी खुला है। विदेशी बाजार में पसंद आ रहे यूपी के प्रोडक्ट्स- यश ग्रेटर नोएडा के यश ने बताया कि उनके इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स को विदेशी बायर्स ने बहुत पसंद किया है। उन्होंने कहा कि हम प्रतिदिन बी2बी मीटिंग्स कर रहे हैं और हमें ढेरों बिजनेस लीड्स मिल रही हैं। यूपीआईटीएस और योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल हम जैसे उद्यमियों के लिए बेहद हेल्पफुल है। इसके लिए हम प्रदेश सरकार और सीएम योगी का तहेदिल से आभार जताते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया मॉडल यूपीआईटीएस 2025 यह दिखा रहा है कि किस तरह उत्तर प्रदेश अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का मॉडल बन रहा है। योगी सरकार द्वारा बनाए गए निवेश-हितैषी माहौल ने उद्यमियों को आत्मविश्वास और अवसर दोनों दिए हैं। यही वजह है कि छोटे शहरों से लेकर बड़े उद्योगपति तक, हर कोई इस आयोजन को गेम-चेंजर मान रहा है। यूपीआईटीएस 2025 ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच और नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग और वैश्विक व्यापार की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। उद्यमियों ने मिलकर यही कहा कि“थैंक्यू योगी जी, आपने हमारे सपनों को नया आयाम दिया।”

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और वैश्विक पहचान की राह पर बढ़ता उत्तर प्रदेश

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस से विदेशी बाजार तक पहुंच बना रहीं उत्तर प्रदेश की महिला उद्यमी एमओयू के जरिए मिल रही नई पहचान और बड़े मौके कानपुर से दिल्ली-एनसीआर तक गूंजी सफलता की कहानियां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना बदलाव का आधार, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रहा यूपी सरकार के प्रयासों ने बढ़ाई बिजनेस लीड्स और अवसर, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर दम दिखा रहीं प्रदेश की महिलाएं ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) ने इस बार महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास और संभावनाओं को नई उड़ान दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए बिजनेस-फ्रेंडली माहौल और महिलाओं को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर इस इवेंट में साफ नजर आया। यहां देश और विदेश से आए बायर्स के साथ महिला उद्यमियों ने बड़ी डील्स साइन कीं, जिससे उनके ब्रांड्स को न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक पहचान भी मिली। यूपीआईटीएस 2025 ने यह साबित कर दिया है कि सही नीति और मजबूत नेतृत्व से महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। योगी सरकार के प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को न केवल निवेश और व्यापार का हब बनाया है, बल्कि महिला उद्यमिता को भी नई पहचान दी है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति साबित हो रहा है। संगीता को मिला 10 हजार डॉलर का एमओयू  कानपुर की एंटरप्रेन्योर संगीता सिंह ने बताया कि यह इवेंट मेरे लिए बहुत लाभकारी साबित हुआ है। मैं लगातार तीसरे वर्ष इसमें पार्टिसिपेट कर रही हूं। हर बार की तरह इस बार भी मुझे फॉरेन बॉयर्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। शनिवार को ही मैंने यहां पर 10 हजार डॉलर का एमओयू साइन किया है। मोदी सरकार और योगी सरकार ने जिस तरह से प्रदेश में महिला उद्यमियों को प्रमोट किया है वो बेहद शानदार है और इससे महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम हो रही है।  वैश्विक पहचान का मिल रहा अवसर- श्रुति  दिल्ली एनसीआर की श्रुति चंडक ने भी यूपीआईटीएस में फॉरेन बायर्स के साथ बड़ी डील साइन करते हुए एमओयू किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और सीएम योगी की वजह से आज इस इवेंट का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। यूपीआईटीएस के रूप में यह एक प्लेटफॉर्म मिला है, जहां महिला उद्यमियों को भी अपने ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाने में सफलता मिल रही है। सीएम योगी का इसके लिए आभार जताती हूं।  महिला उद्यमियों के लिए बेहतर है माहौलः रबलीन कॉरिस क्वीन प्रा.लि. की रबलीन कौर ने बताया कि इस आयोजन का हिस्सा बनकर वो बहुत खुश हैं। यूपीआईटीएस में सम्मिलित होने का यह उनका पहला मौका है और उन्हें यहां बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके फूड प्रोडक्ट्स को यहां फॉरेन बॉयर्स ने बहुत सराहा है। उन्हें बहुत अच्छी बिजनेस लीड्स मिली हैं, जो इवेंट के बाद एमओयू में बदलेंगी। वहीं, हमने कुछ एमओयू भी साइन किए हैं। यहां का माहौल वाकई महिला उद्यमियों के लिए बहुत शानदार है। यूपी सरकार ने इसके लिए जो प्रयास किए हैं वो सराहनीय हैं।  विदेशी महिला बायर्स ने भी सरकार के प्रयास को सराहा रबलीन ने मॉरीशस की एक कंपनी के साथ एमओयू किया। कंपनी की प्रतिनिधि ने भी योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां पर जो प्रोडक्ट्स दिख रहे हैं वो वर्ल्ड क्लास हैं। इन प्रोडक्ट्स को निश्चित रूप से विदेशों में भी काफी पसंद किया जाएगा। उन्होंने योगी सरकार को इस इवेंट के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यहां का माहौल बिजनेस प्रमोशन के लिए वाकई यादगार है।  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना महिला सशक्तिकरण का आधार प्रदेश सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जो नीतियां लागू की हैं, उनका सबसे अधिक लाभ महिला उद्यमियों को मिल रहा है। एकल विंडो सिस्टम, निवेश को सरल बनाने की प्रक्रिया और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले विशेष प्रोत्साहन पैकेज ने उत्तर प्रदेश को महिला उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं की भूमि बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच स्पष्ट है किमहिला सशक्तिकरण बिना आर्थिक आत्मनिर्भरता के संभव नहीं। इसी दृष्टिकोण से सरकार ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, लोन सुविधाएं, स्किल डेवलपमेंट और मार्केट एक्सेस जैसे क्षेत्रों में मजबूती दी है। यूपीआईटीएस इसी सोच का ठोस उदाहरण है, जहां महिला उद्यमियों को अपने ब्रांड्स को आगे बढ़ाने और विदेशी बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

पंचतत्व में विलीन हुए प्रो. यूपी सिंह, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

प्रो. सिंह के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर पहुंचे सीएम योगी, पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर किया नमन एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि देने उमड़े लोग गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पावन राप्ती नदी के राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह ने दी। अंतिम संस्कार से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यूपी सिंह के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रो. सिंह का शनिवार तड़के निधन हो गया था। बलरामपुर से गोरखपुर आए मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रो. यूपी सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने स्मृतिशेष महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने प्रो. सिंह के पुत्रद्वय प्रो वीके सिंह, प्रो. राजीव कृष्ण सिंह और अन्य परिजनों से आत्मीय संवाद कर उन्हें ढांढस भी बंधाया। यहां महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह आदि ने भी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि दी। प्रो. सिंह के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर तथा पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा व अंतिम संस्कार के समय महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारी, सदस्य, परिषद की संस्थाओं के प्रमुख, शिक्षक, कर्मचारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  प्रो. यूपी सिंह के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा फूलों से सजे वाहन पर उनके आवास राजेंद्र नगर से होते हुए गोरखनाथ मंदिर, धर्मशाला, ट्रैफिक तिराहा, कालीमंदिर, गोलघर, कलेक्ट्री चौराहा, भगत सिंह चौक, अलहदादपुर, प्रेमचंद पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी होते हुए राप्ती घाट पुल के किनारे से नगर निगम द्वारा निर्मित श्मशान घाट तक पहुंची। यहां वैदिक विधि विधान से उनकी अंत्येष्टि की गई। इस मौके पर प्रो. विश्वनाथ तिवारी, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक शीतल पांडेय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, डॉ. राजवंत राव, डॉ राजेंद्र भारती सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और आम नागरिक उपस्थित रहे।