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ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन

तीसरी बार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी  ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन  कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने समापन समारोह को किया सम्बोधित – सीएम योगी-पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कारीगरों को मिला वैश्विक मंच : राकेश सचान  – रूस पार्टनर कंट्री, 30 से ज्यादा रुसी प्रतिनिधियों ने दिखाई निवेश में रुचि – 2,200 से अधिक स्टॉल, 80 देशों के 500 खरीदारों ने की खरीदारी – 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार, छात्रों ने देखा नया कारोबार – ओडीओपी और एमएसएमई से कारीगरों को ऑर्डर और  मिली पहचान – खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन ने खादी को दी नई उड़ान – 24 हजार से अधिक मीटिंग्स और 2400 एमओयू से 11,200 करोड़ का कारोबार – दीपावली से पहले सभी जिलों में लगेगा यूपीआईटीएस का मेला – उद्यमियों को बड़ा बाजार देने के लिए घर-घर पहुंचेगा लोकल प्रोडक्ट – मंत्री नंदी बोले- यह आयोजन चौथे संस्करण की शुरुआत का संकेत ग्रेटर नोएडा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के तृतीय संस्करण का सोमवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उद्बोधन दिया और इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा और उन्हें नया आत्मविश्वास दिया। निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि  पिछले संस्करण में 70 हजार विजिटर्स, 1.25 हजार बी2बी और 4 लाख से अधिक बी2सी सहभागिता दर्ज हुई थी। इस बार रूस पार्टनर कंट्री रहा और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि पहुंचे। 2,200 से अधिक स्टॉल लगे और 80 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा खरीदारों ने खरीदारी की। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार राकेश सचान ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी अभियान से 90 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने करार किए और छात्रों ने नए बिजनेस अवसरों के बारे में जानकारी ली। ओडीओपी और एमएसएमई योजनाओं से कारीगरों को मंच और ऑर्डर मिले, वहीं श्रम सम्मान योजना ने भी उन्हें मजबूती दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कर सम्मान दिया। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनमी बनने की और अग्रसर यूपी खादी को प्रोत्साहित करने के लिए खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों को आकर्षित किया। प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ तक पहुंचा है और यह यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी लक्ष्य की ओर ले जा रहा है। 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में लगेंगे यूपीआईटीएस मेले सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि दीपावली से पहले 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में यूपीआईटीएस के तहत स्थानीय उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे, ताकि हर उद्यमी को बड़ा बाजार मिल सके और लोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित हों। चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन तृतीय संस्करण का समापन ही नहीं, बल्कि चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत है। उन्होंने इसे कारीगरी, हुनर और शिल्प का आधुनिक मेला बताया, जिसमें एक छत के नीचे 2500 एग्जिबिटर्स ने स्टॉल लगाए। नंदी ने कहा कि पिछले चार दिनों में 24,400 से अधिक मीटिंग्स हुईं और 2400 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 11,200 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक व्यापार हुआ है। पांचवें दिन यह आंकड़ा और ऊंचाई पर पहुंचेगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी आज ऐसे रनवे पर है जो अनस्टॉपेबल हैः पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित  केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों और समस्त उद्यमियों से किया स्वदेशी को अपनाने का आह्वान   कहा – विकसित भारत 2047 के लिए स्वदेशी और समावेशी विकास का लें संकल्प उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बनाया जीएसटी दरों में बदलाव आजादी के बाद सबसे बड़ा रिफॉर्म, दशकों तक लोग इसे याद करेंगे  2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुआ नया सवेरा, समावेशी विकास की हुई शुरुआत  ओडीओपी आज देश के 750 से अधिक जिलों में पहुंची, 1200 से अधिक उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान हर राज्य में बनाए जा रहे यूनिटी मॉल, प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद होंगे प्रदर्शित ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा संस्करण सोमवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आयोजन की सफलता पर उत्तर प्रदेश सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक क्षमता का आईना है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, उद्यमिता को बढ़ावा दें और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक संकल्प लें। केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में बीते आठ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्णायक एवं संवेदनशील नेतृत्व ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। आज यूपी ऐसे रनवे पर है, जो अनस्टॉपेबल है। उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।  इस अवसर पर पीयूष गोयल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम यूपीईपीसी, टीम ओडीओपी, टीम सीएम युवा मिशन, टीम आईईएमएल को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।  स्टेकहोल्डर्स का परफेक्ट समागम पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीआईटीएस 2025 इस मायने में अनोखा है क्योंकि, इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं। मंच पर उद्योग, सरकार और उसके दोनों अंग मंत्री और अधिकारी मौजूद हैं तो मंच के नीचे उद्यमी, निर्यातक, एमएसएमई, महिला उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। जब सब मिलते हैं तो यह परफेक्ट मिक्स बनता है और यही उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का असली राज है। जीएसटी बचत उत्सव – नवरात्रि का तोहफ़ा अपने संबोधन में गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में घोषित “जीएसटी बचत उत्सव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में कमी उपभोक्ताओं के लिए नवरात्रि का बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा सुधार है, जिसका असर आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा।   भारत की वैश्विक पहचान मजबूत पीयूष गोयल ने 2014 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ा दिया था। विकास दर मात्र 4 प्रतिशत थी, महंगाई 8 से 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर था। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने लगातार 11 वर्षों की मेहनत से व्यवस्था बदली। अब खदानें, स्पेक्ट्रम और अन्य संसाधन केवल नीलामी से दिए जाते हैं। इससे सरकारी खजाने को राजस्व मिलता है और जनता का विश्वास बढ़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। विदेशी मुद्रा भंडार में व्यापक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का पासपोर्ट सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। दुनिया के विकसित देश भारत के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं।  कानून-व्यवस्था से उद्योग को बल गोयल ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तब दहशत और अपराध का माहौल था। व्यापारी असुरक्षित थे, नोएडा के आधे प्रोजेक्ट अधूरे थे, फैक्ट्रियां बंद थीं। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद हालात बदल गए। कानून-व्यवस्था सख्त हुई और निवेशकों का विश्वास लौटा। उन्होंने कहा कि जब 2017 में प्रदेश की जनता ने दो तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बनाई तब उत्तर प्रदेश में नया सवेरा शुरू हुआ और समावेशी विकास की शुरुआत हुई।  एक्सपोर्ट प्रमोशन में यूपी कर रहा नेतृत्व उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने निर्यात प्रोत्साहन के लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना आज पूरे देश में 750 से अधिक डिस्ट्रिक्ट्स में पहुंची है और 1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। आज जहां भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मत्री या राजदूत कहीं जाते हैं, वे इन्हीं ओडीओपी को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं। इससे उद्यमियों का मनोबल बढ़ा है।  यूनिटी मॉल से स्वदेशी को नई पहचान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित यूनिटी मॉल का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि हर राज्य में यह मॉल बनाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तीन जिलों (लखनऊ, आगरा और वाराणसी) में यूनिटी मॉल बनेंगे। इनमें प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद प्रदर्शित होंगे। यह महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए अवसर का मंच बनेगा।  स्वदेशी का आह्वान गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी की परिभाषा को दोहराते हुए कहा कि मोदी जी ने आह्वान किया है कि अब जो भी सामान हम खरीदते हैं उसमें यथासंभव स्वदेशी वस्तु खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है जो सामान भारत के लोगों के खून पसीने से बना हो, जो भारत मिट्टी में बना हो वो स्वदेशी भारत है। कंपनी विदेश की हो सकती है, निवेश विदेश से आ सकता है, टेक्नोलॉजी बाहर से आ सकती है, लेकिन उत्पादन भारत में होना चाहिए और रोजगार भारत के लोगों को मिलना चाहिए। मोदी जी के इस आह्वान को हम सबको अपनाना चाहिए।  तेजी से बढ़ता औद्योगिक ढांचा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले 400-500 … Read more

61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए लखनऊ में बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी, संपन्न हुआ भूमिपूजन 61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र  योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाब देवी व संदीप सिंह भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल – पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, राष्ट्रपति मुर्मू के भी शामिल होने की संभावना – लखनऊ में 35 हज़ार स्काउट्स-गाइड्स जुटेंगे, बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश युवाओं के लिए वैश्विक मंच बन रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में पहली बार भारत स्काउट्स और गाइड्स की डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले एवं 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का भव्य आयोजन आगामी 23 से 29 नवम्बर तक होने जा रहा है। वृंदावन योजना स्थित डिफेन्स एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस विश्वस्तरीय शिविर का भूमि पूजन सोमवार को मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ हुआ।  भूमिपूजन समारोह में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश के लिए “गौरव का अवसर” बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा जम्बूरी डॉ. महेंद्र सिंह ने जम्बूरी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 23 से 29 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह आयोजन भारत के 30,000 और विभिन्न देशों के 2,000 स्काउट्स-गाइड्स, साथ ही 3,000 अधिकारियों-स्टाफ को आकर्षित करेगा। यहां कुल 35,000 प्रतिभागी इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे युवाओं का वैश्विक उत्सव करार देते हुए कहा कि जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि भाईचारे, संस्कृति और नेतृत्व का मंच है। यह आयोजन 1953 में हैदराबाद में पहली राष्ट्रीय जम्बूरी के बाद 18 सफल आयोजनों के बाद उत्तर प्रदेश को 61 वर्षों बाद मिला है, पिछली बार 1964 में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी जम्बूरी, होंगे विभिन्न कार्यक्रम जम्बूरी के लिए डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक सप्ताह के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘टेंट सिटी’ तैयार की जाएगी, जिसमें 3,500 टेंट, 1,600 शौचालय-स्नानागार, 25,000 क्षमता का एरिना, 64 रसोईघर, 100 बिस्तरों का अस्पताल, 15 डिस्पेंसरी, 100 प्रदर्शनी स्टॉल, जम्बूरी मार्केट, ग्लोबल विलेज, एडवेंचर जोन, वाई-फाई जोन और दो दिवसीय ड्रोन शो शामिल होंगे। एयर फोर्स के एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, HAM रेडियो स्टेशन और आईटी हब भी आकर्षण का केंद्र होंगे। योगी सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवहन और पर्यावरणीय संतुलन के लिए विश्वस्तरीय प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। ‘टेंट सिटी’ ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी सिद्धांतों पर आधारित होगी। पीएम मोदी की प्राथमिकताओं पर आधारित थीम जम्बूरी की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं—आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत, और विकसित युवा-विकसित भारत पर केंद्रित है। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का विकास करेगा, साथ ही राष्ट्रीय एकता, वैश्विक भाईचारा, संस्कृति का आदान-प्रदान और सेवाभावी नागरिकों को प्रोत्साहित करेगा।

खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, आत्मनिर्भरता और सतत जीवनशैली का प्रतीक बनकर उभरा

यूपीआईटीएस 2025 में दिखी खादी की दमक फैशन शो में खादी की बुनावट और आधुनिक डिज़ाइन का शानदार मेल देखने को मिला खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, आत्मनिर्भरता और सतत जीवनशैली का प्रतीक बनकर उभरा ODOP और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं ने कारीगरों व बुनकरों को दिया बड़ा संबल सस्टेनेबल फैशन के प्रति जागरूकता से खादी ‘फैब्रिक ऑफ फ्यूचर’ बनकर उभरी यूपीआईटीएस 2025 ने दिखाया उत्तर प्रदेश खादी को ग्लोबल ब्रांड बनाने की राह पर अग्रसर योगी सरकार ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का सफर ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में खादी का जादू छाया रहा। खादी न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर सामने आई, बल्कि फैशन की दुनिया में अपनी आधुनिक पहचान भी दर्ज कराई। शानदार फैशन शो में मॉडल्स ने खादी के परिधानों की ऐसी श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें परंपरागत शिल्प कौशल और आधुनिक डिज़ाइन का अनोखा संगम देखने को मिला। इसने यह संदेश दिया कि खादी ‘ट्रेडिशन टू ट्रेंड’ की यात्रा तय कर चुकी है और अब वैश्विक फैशन का हिस्सा बन रही है। योगी सरकार का विशेष फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील कर रहे हैं। खादी भी स्वदेशी परिधानों का महत्वपूर्ण अंग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तर प्रदेश ने खादी और हैंडलूम को नई पहचान दी है। योगी सरकार खादी को सिर्फ परिधान तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली का मजबूत आधार मानती है। योगी सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना ने हजारों बुनकरों और कारीगरों को सीधा लाभ पहुंचाया है। सरकार का लक्ष्य है कि खादी को स्थानीय से वैश्विक स्तर तक ब्रांड बनाकर उत्तर प्रदेश को ‘हैंडलूम हब’ के रूप में स्थापित किया जाए। उत्तर प्रदेश में खादी का बढ़ता चलन राज्य में खादी उत्पादों की खपत लगातार बढ़ रही है। युवाओं में टिकाऊ फैशन को लेकर बढ़ती जागरूकता ने खादी को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बना दिया है। यही वजह है कि आज खादी को ‘फैब्रिक ऑफ फ्यूचर’ कहा जाने लगा है। वैश्विक मंच पर खादी की गूंज यूपीआईटीएस 2025 में खादी की प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश न केवल परंपरा को संजो रहा है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उसे वैश्विक मंच पर भी स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सरकार का प्रयास है कि खादी को सिर्फ एक कपड़े के रूप में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, कारीगरी और सतत विकास के प्रतीक के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। सरकार का प्रयास इसी दिशा में है। उत्तर प्रदेश ने खादी को वैश्विक फैशन जगत में उतारकर दुनिया को यह दिखाया है कि स्थानीय शिल्प और आत्मनिर्भरता से भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है।

जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

बूढ़ी मां के दर्द को सुन द्रवित हुए सीएम योगी, कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री, सभी की समस्या सुन निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री आवास से सरकारी एंबुलेंस द्वारा सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया मरीज     नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री  लखनऊ  शक्ति स्वरूपा मां जगतजननी की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रूप देख द्रवित मां के कलेजे ने उन्हें खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था, लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। कभी दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह सोमवार को 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं।  सीएम ने सरकारी एंबुलेंस से पीड़ित को भिजवाया हॉस्पिटल  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। इसी बीच कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री जी से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की यह बात सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उस बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'जनता दर्शन' से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।  नर सेवा ही नारायण सेवा मुख्यमंत्री ने हर पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर सेवा, नारायण सेवा को अंगीकृत कर कार्य कर रही है। सभी प्रदेशवासियों के चेहरे पर खुशी लाना सरकार का उद्देश्य है। इसे लेकर ही सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए किसी भी पीड़ित ने स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी भी माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, उसे सहायता उपलब्ध कराई गई है। हमारी सरकार हर पीड़ित के साथ है। इलाज के लिए सरकार आगे भी आर्थिक सहायता निरंतर रूप से उपलब्ध कराती रहेगी। अन्य पीड़ितों ने भी सीएम को बताई पीड़ा  'जनता दर्शन' में मथुरा-वृंदावन और लखनऊ से आए व्यक्ति ने अवैध निर्माण की भी शिकायत की। वहीं साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर भी नोएडा के पीड़ित ने अपनी बात रखी। इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस, प्रशासन, राजस्व, बिजली आदि से जुड़े मामले भी लोगों ने रखा।  नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।

बरेली हिंसा का सच उजागर, मोहम्मद नदीम गिरफ्तार, मौलाना तौकीर से जुड़े राज फोड़े

बरेली आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर रही है. इसी कड़ी में पुलिस तौकीर रजा के 77 मददगारों को तलाश रही है और अपने रडार पर रखी हुई है. इसके अलावा मौलाना तौकीर का अतीक अहमद से भी कनेक्शन का मामला सामने आ रहा है.   मौलाना तौकीर का अतीक से कनेक्शन? बरेली हिंसा का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर का अब अतीक अहमद से कनेक्शन ढूंढ जा रहा है. दरअसल, जिस होटल में तौकीर छिपा हुआ ता, उसी होटल में अतीक का एक बहुत करीबी भी छिपा हुआ था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.  मौलाना तौकीर रजा का करीबी गिरफ्तार कर लिया गया है. मौलाना तौकीर रजा का लेफ्ट हैंड मो नदीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मोहम्मद नदीम आईएएमसी का पूर्व जिला अध्यक्ष भी रह चुका है. मो नदीम बरेली बवाल के मास्टर माइंड में से एक है. मोहम्मद नदीम ने लगातार पुलिस को गुमराह किया. व्हाट्सअप काल कर लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाता था. यूपी में पोस्टर वॉर की गूंज तेज हो गई है. एक ओर जहां प्रदेश में ‘I Love Muhammad’ के पोस्टर से विवाद गहराता जाता रहा है, वहीं दूसरी ओर आगरा में एक बड़ा बैनर लगाया गया है जिस पर लिखा है ‘आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी.’ इस पोस्टर में देखा जा सकता है कि एक बुलडोजर भी है, साथ ही लिखा है योगी का बुलडोजर अपराधी का गेम ओवर. बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद शांति है. रविवार को बरेली पुलिस ने 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था. 15 आरोपियों को जेल भेजा गया. वहीं 6 का शांति भंग में चालान किया गया. कोतवाली थाना क्षेत्र से 13 और 12 बारादरी थाना क्षेत्र से दो उपद्रवी जेल भेजे गए. तौकीर रजा के 77 मददगार पुलिस के रडार पर है. इनमें नगर निगम के चार-पांच पार्षद भी शामिल हैं. पुलिस प्रशासन वक्फ संपत्ति पर कब्जा किए हुए नेताओं की लिस्ट भी बना रही है. वहीं तौकीर रजा के बड़े भाई तौफीक रजा ने शांति की अपील मुस्लिम शख्स ने दी सीएम योगी को चेतावनी, अभद्र भाषा का किया उपयोग उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ केस आग की तरह फैल चुका है. कानपुर से शुरू हुए इस विवाद ने बरेली में बड़ा रूप ले लिया, जो हिंसा में बदल गया. जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए मौलाना तौकीर रजा समेत मुस्लिम समुदाय के कई लोगों कि गिरफ्तार कर लिया. वहीं अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स, जो पेशे से ड्राइवर है, वह सीएम योगी को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा है. आरोपी का नाम इमरान खान है और वह कह रहा है कि सीएम योगी बरेली और कानपुर की पुलिस कम पड़ जाएगी. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.  

चंगाई सभा में 50 से ज्यादा हिंदू परिवार हुए धर्मांतरित, लखनऊ में बढ़ी चर्चाएँ

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में निगोहां पुलिस ने बक्तौरीखेड़ा और आस-पास के 50 से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले को गिरफ्तार किया है। चंगाई सभा में वह कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाता था। गठिया, मिर्गी, सांस और अन्य गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर प्रार्थना सभा में बुलाता था। बाइबिल पढ़ाता। पवित्र जल छिड़कता और प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाता था। लोगों का ब्रेनवॉश कर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काता और आर्थिक लालच देकर ईसाई बना देता था। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मलखान निगोहां के बक्तौरी खेड़ा मेहन्दौली का रहने वाला है। काफी समय से क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना मिल रही थी। इसलिए एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में टीम तैयार की गई थी। थानाध्यक्ष अनुज, सर्विलांस और अन्य टीमें लगाई गईं। साक्ष्य जुटाकर पुलिस टीम ने शनिवार को मलखान को हुलास खेड़ा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने करीब 10 साल पहले ईसाई धर्म ग्रहण करने के बाद नाम मैथ्यू रख लिया। अपने भाई-भतीजों और बच्चों का नाम भी बदल दिया। इसके बाद अपने खेत में एक कमरा बनाकर महीने में दो बार चंगाई सभा करने लगा। उसमें महिलाओं-बच्चों और पुरुषों को बुलाता था। उन्हें बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का प्रलोभन देता था। उन्हें बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मांतरण कराता था। वह अब तक आस-पड़ोस के गांवों के करीब 50 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। उसके घर से दो बाइबिल और प्रचार प्रसार की सामग्री बरामद की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा डीसीपी ने की है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन किया था। फंडिंग की जांच शुरू एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ईसाई बनाने के बाद मलखान लोगों की आर्थिक मदद भी करता था। उसे फंडिंग कौन करता था, इस बिंदु की जांच की जा रही है। मलखान और उसके परिवारीजनों के बैंक खातों की जांच की जा रही है।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री बोले– खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार है

उद्यमियों को मिलेगा निःशुल्क स्टॉल प्रदेश के सभी जिलों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजन खादी वस्त्र नहीं, विचार है– राकेश सचान जीएसटी सुधार से एमएसएमई सेक्टर को मिली ताकत मोदी सरकार के प्रयासों से खादी की बिक्री में दोगुनी बढ़ोतरी ग्रेटर नोएडा केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में कटौती के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को बड़ा तोहफा दिया है। खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में 9 से 16 अक्टूबर तक आठ दिवसीय ट्रेड शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उद्यमियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपने उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सकें। यह घोषणा मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे दिन “खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन” विषय पर आयोजित सेमिनार में की। एमएसएमई सेक्टर को मिली नई ऊर्जा राकेश सचान ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर सुधार किया गया है, जिससे एमएसएमई सेक्टर को नई ऊर्जा मिली है। पहले केवल मंडल स्तर पर ट्रेड शो आयोजित होते थे, लेकिन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे अब जिला स्तर पर भी ले जाने का निर्णय लिया है। इन शो में खादी, टेक्सटाइल, ODOP समेत सभी सेक्टर के उद्यमी भाग लेंगे। अधिकारियों को इसके लिए उपयुक्त स्थान तय करने के निर्देश दे दिए गए हैं। खादी उत्पादन और शोरूम घटने पर चिंता मंत्री ने कहा कि खादी के उत्पादन और शोरूम की संख्या घटने पर सरकार गंभीर है। इस पर विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से लगातार विमर्श हो रहा है। युवाओं को खादी से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों में खादी शोरूम खोलने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिए बेहतर है खादी राकेश सचान ने कहा कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश कपड़े पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हैं, जबकि खादी पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित है। उन्होंने खादी को महंगा मानने की धारणा को गलत बताते हुए कहा कि अन्य कपड़ों की तुलना में खादी सस्ती है। दोगुनी हुई खादी की बिक्री मंत्री ने बताया कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यभार संभाला है, तब से खादी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री लगातार खादी को डिजाइन और तकनीक से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बीते वर्षों में खादी की बिक्री दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ‘यूपी का स्वाद’ बेमिसाल, जायकों के संग उमड़ी भीड़

यूपीआईटीएस 2025 – ट्रेड में सजी परंपरागत व्यंजनों से फूड स्ट्रीट, हर जिले की खासियत एक ही जगह – पारंपरिक जायकों के संग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स खरीदने को उमड़ रहे युवा, युवाओं के लिए खास आकर्षण बनी क्यूएसआर चेन – महिला उद्यमियों के हाथों से बने व्यंजन, कुल्हड़ और मिट्टी के बर्तनों से सजी परंपरा ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का सबसे आकर्षक पहलू इस बार का फूड कोर्ट बन गया है। यहां लगे ‘यूपी का स्वाद’ स्टॉल्स पर प्रदेश के हर कोने से लाए गए परंपरागत व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। खाने-पीने के इन जायकों ने न सिर्फ आगंतुकों का मन मोह लिया है बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को भी देश-दुनिया के सामने जीवंत कर दिया है। प्रदेश के हर शहर का अनोखा जायका इस फूड कोर्ट में ऐसा इंतजाम किया गया है कि आगंतुक एक ही जगह पर पूरे प्रदेश का जायका चख सकें। मुरादाबाद का दाल और बिस्किट रोटी, लखनऊ का मशहूर गालौटी कबाब और टुंडे कबाब से लेकर लखनवी बिरयानी तक हर स्वाद मौजूद है। बनारस का पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ वाली चाय लोगों की खास पसंद बन रहे हैं। कानपुर का दही जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेडाई, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज का तहरी और लस्सी, गोरखपुर का ठेकुआ और बलिया की लिट्टी-चोखा भी बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं मेरठ का रबड़ी और गजक, अयोध्या की गुजिया और देसी घी की मिठाइयां तथा बरेली का आलू टिक्की और सीक कबाब मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। लोकल से ग्लोबल स्वाद की झलक इस फूड कोर्ट में यूपी की पहचान को न सिर्फ परंपरागत व्यंजन बल्कि पॉपुलर क्यूएसआर (Quick Service Restaurants) भी पेश कर रहे हैं। डोमिनोज़, सबवे, केएफसी, पिज्जा हट, बर्गर किंग जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ वॉव मोमोज़, चायोस, टाको बेल और बीकानेरवाला जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्वाद भी मौजूद हैं। इन ब्रांडेड स्टॉल्स पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं, खासकर युवा वर्ग इन व्यंजनों का लुत्फ उठा रहा है। ग्रामीण उद्यमियों का हुनर भी खास आकर्षण यूपीएसआरएलएम (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) की ओर से भी विशेष फूड स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें ग्रामीण महिलाओं और उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन आगंतुकों को खूब पसंद आ रहे हैं। ये स्टॉल न सिर्फ स्वाद परोस रहे हैं बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की झलक भी पेश कर रहे हैं। भीड़ ने बना दिया ‘खाऊ गली’ का माहौल फूड कोर्ट का नजारा ऐसा है मानो पूरा प्रदेश एक ही छत के नीचे आ गया हो। जहां-जहां व्यंजन रखे हैं, वहां भीड़ का जमावड़ा लगा हुआ है। ‘यूपी की खाऊ गली’ सेक्शन में बनारस, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बलिया, गोरखपुर और गाजीपुर के स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए जा रहे हैं। यहां शाम होते ही तिल रखने की जगह नहीं बचती। हर कोई अपने परिवार और दोस्तों संग चाट, मिठाई और पेय पदार्थों का आनंद ले रहा है। यूपी का स्वाद बेमिसाल फूड कोर्ट में आए आगंतुकों का कहना है कि यहां का हर व्यंजन प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का अहसास करा रहा है। एक ही जगह पर पूरे यूपी का स्वाद मिल जाना अद्भुत है। कई विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखते हुए उत्साह जताया। खासतौर पर लखनऊ के कबाब और बनारस का पान विदेशी मेहमानों को खूब भा रहे हैं। फूड कोर्ट में लगे स्टॉल्स केवल खानपान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय जीवनशैली भी सामने आई है। कुल्हड़ में परोसी गई चाय और मिट्टी के बर्तनों में सजी व्यंजन थाली ने लोगों को पारंपरिक स्वाद का असली अनुभव दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगा यह फूड कोर्ट न सिर्फ लोगों की भूख मिटा रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश के असली ‘स्वाद’ को दुनिया तक पहुंचा रहा है। प्रदेश के हर जिले और शहर की विशेषता यहां मौजूद है, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि “यूपी का स्वाद सचमुच बेमिसाल है।

आत्मनिर्भर पंचायतों से ही साकार होगी विकसित यूपी की परिकल्पना: मुख्यमंत्री

जिला और क्षेत्र पंचायतों से मुख्यमंत्री का आह्वान, नवाचारों को अपनाएं, लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को भी दें वरीयता विकसित यूपी की परिकल्पना साकार करने मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों से सहयोग का किया आह्वान विकसित यूपी@2047” को जन-जन का संकल्प बनाने में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी भूमिका त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी: मुख्यमंत्री सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाए: मुख्यमंत्री प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 की परिकल्पना को साकार कर सकती हैं। उन्होंने जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद करते हुए आह्वान किया कि पंचायतें अपनी वार्षिक कार्ययोजना में नवाचारों को बढ़ावा दें और लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से विकास के नए मॉडल तैयार होंगे और यही आत्मनिर्भरता व सुशासन का आधार बनेगा। ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर अभियान से संबंधित एक वीडियो फ़िल्म दिखाई गई तथा क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से सुझाव साझा करने की प्रक्रिया से प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित यूपी@2047’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना और जनभागीदारी का ऐतिहासिक संकल्प है। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और पंचायतें ही इस महान लक्ष्य की वास्तविक शिल्पकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे अहम कड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। प्रदेश की जीडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 35 लाख करोड़ की ओर अग्रसर है, प्रति व्यक्ति आय 52 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुँची है। 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। महिला कार्यबल भागीदारी 13% से बढ़कर 34% तक पहुँची है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना हेतु स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। तीन थीम; 'अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति' तथा 12 प्राथमिक सेक्टर चिन्हित किए गए हैं। अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को बताया कि विकसित यूपी@2047 विषय पर विधानमंडल के मानसून सत्र में 27 घंटे की विशेष चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि 'विकसित यूपी@2047' की सफलता में पंचायतों की भागीदारी सर्वोपरि है। इसी क्रम में सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र, बुकलेट और लीफलेट भेजे गए हैं, जिनमें विशेष क्यूआर कोड व पोर्टल उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से आमजन अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस पत्र को बैठकों में पढ़ें, जनता को अभियान से जोड़ें और गाँव-गाँव, वार्ड-वार्ड तक संदेश पहुँचाएँ। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख से अधिक लोग अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में “विकसित यूपी@2047” विषय पर संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवाद केवल विचार-विनिमय नहीं, बल्कि साझा संकल्प का अवसर है। जब हर ग्राम, हर ब्लॉक और हर जिला आत्मनिर्भरता व सुशासन का प्रतीक बनेगा, तब उत्तर प्रदेश विकसित भारत 2047 का पथप्रदर्शक राज्य बनेगा।