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केंद्रीय मंत्री बोले – उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल

ग्रेटर नोएडा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई यात्रा तय की है। आज प्रदेश की सकारात्मक सोच, उद्यमियों का आत्मविश्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता उसकी नई पहचान बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यूपीआईटीएस के तीसरे दिन आयोजित स्पेशल बिजनेस सेशन लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी होता जाएगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी। प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में पहचान बना रहे पीयूष गोयल ने कहा कि नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात को वर्ष 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश को विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे इन अवसरों को पहचानें और पूरी ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं। 2017 से पहले के माहौल का किया उल्लेख केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2017 के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को लेकर लोगों में चिंता थी। उद्यमियों में पर्याप्त विश्वास नहीं था और प्रदेश में नए बड़े उद्योग लगाने को लेकर उत्साह का अभाव था। देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से भी उत्तर प्रदेश की ओर निवेश के लिए देखने की स्थिति नहीं थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय निवेश की कल्पना और भी दूर की बात थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत में भी निराशा का माहौल था। बड़े पैमाने पर पलायन की चर्चा होती थी और उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्यों की श्रेणी में देखा जाता था। ऐसे वातावरण में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की कल्पना करना कठिन था। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से सुझाव लिए थे। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं सामने रखीं। इन सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय सामने आई जन-आकांक्षाएं बहुत व्यापक थीं और उन्हें पूरा करने के लिए बड़ी वित्तीय आवश्यकता थी। उत्तर प्रदेश का बजट सीमित था और वित्तीय संसाधनों पर दबाव था। सरकारी कर्मचारियों के वेतन सहित नियमित दायित्वों के बाद विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते थे। इसके बावजूद जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए हर वर्ष बड़ी अतिरिक्त राशि की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया था। ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा राजस्व पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के साथ-साथ राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन के कारण विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में प्रदेश के आबकारी राजस्व में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न राजस्व स्रोतों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि वही है, लेकिन भूमि हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन फीस और स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व में बड़ा बदलाव आया है। खनन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से प्रदेश का खनन राजस्व लगभग 1,548 करोड़ रुपये था। आज इस क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में यह बदलाव सरकार की बेहतर व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्व में वृद्धि का असर प्रदेश की विकास यात्रा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर राजस्व संग्रह के कारण सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और अन्य विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि जहां पहले प्रदेश को वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता था, वहीं आज उत्तर प्रदेश सरकार सरप्लस बजट प्रस्तुत करने की स्थिति में है। यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों पर अनावश्यक कर्ज का बोझ कम रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। यूपीआईटीएस ग्लोबल मार्केट एक्सेस की दिशा में बड़ा कदम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि प्रदेश के व्यापार और उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को दुनिया के बाजारों तक पहुंच बनाने और भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने के नए … Read more

Piyush Goyal का BRICS देशों को बड़ा संदेश, लोकल करेंसी में व्यापार बढ़ाने और बाजार खोलने की अपील

नई दिल्‍ली दिल्‍ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS शिखर सम्‍मेलन में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन आ चुके हैं और पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी हुई है. जबकि चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग भी कल आएंगे और पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे।  इस बीच, ब्रिक्‍स बिजनेस फोरम में बोलते हुए देश के वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्‍स देशों से एक बड़ी अपील की है. गोयल ने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने का आग्रह किया. साथ ही स्‍थानीय मुद्रा में ट्रेड को लेकर भी जोर दिया।  नियमों को आसान करें ब्रिक्‍स देश: पीयूष गोयल उद्योग मंत्री ने कहा कि मैं ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बाजारों को खोलें और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शिपमेंट को सुविधाजनक बनाने के लिए मिलकर काम करें. उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स उन उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जिन्हें भारत दुनिया के सामने पेश करना चाहता है।  उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ग्‍लोबल ट्रेड का एक चौथाई हिस्सा है. भारत ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने आगे कहा कि साझेदारों के बीच व्यापार व्यापक, सही और विविध आपूर्ति चेन वाला होना चाहिए, और यह व्यापार किसी भी स्थिति में गुट के सदस्यों के विकास और कल्याण में बाधा नहीं बनना चाहिए।  करेंसी को जोड़ने पर जोर उन्होंने कहा कि हमें कच्चे माल समेत एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए. हमारी सप्‍लाई चेन सही होनी चाहिए और दोनों दिशाओं में चलनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स देशों से अपने-अपने पेमेंट सिस्‍टम को जोड़ने  के लिए भी कहा और कहा कि एक-दूसरे के साथ सहयोग को गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं।  गौरतलब है कि ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन ऐसे वक्‍त में हो रहा है, जब ग्‍लोबल तनाव ज्‍यादा है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति कई बार ब्रिक्‍स समूह के खिलाफ बयान दे चुके हैं. साथ ही डॉलर और टैरिफ को लेकर इन देशों पर दबाव डाल चुके हैं. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है ब्रिक्‍स समूह देश कई मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से की मुलाकात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध व्यापक संभावनाओं, बेहतर अधोसंरचना और उद्योगों के अनुकूल वातावरण की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने प्रदेश में नए निवेश को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया। मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश के औद्योगिक विस्तार, निर्यात को बढ़ावा देने और प्रदेश की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में मिलकर कार्य करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश एवं उद्योगों के लिए और अधिक अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।  

परिवार की कॉम्प्रोमाइज पॉलिटिक्स पर घिरे Rahul Gandhi, Piyush Goyal ने साधा निशाना

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की 'कॉम्प्रोमाइज' राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राहुल गांधी दुनियाभर में भारत को नीचा दिखाने के लिए एआई समिट में बिना शर्ट के लोगों को भेजते हैं, तो यह भारत की छवि और हितों से 'कॉम्प्रोमाइज' करने की उनकी पारिवारिक विरासत को ही आगे बढ़ाता है।" उन्होंने जवाहर लाल नेहरू पर आरोप लगाए कि उनके कार्यकाल में 1950 के दशक में भारत ने चीन को नाराज न करने के लिए स्थायी सीट ठुकराई। 1954 में भारत ने औपचारिक रूप से तिब्बत को चीन का हिस्सा स्वीकार किया। इसके अलावा, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे हार हुई। इस बारे में रिपोर्ट अभी भी गोपनीय है। पीयूष गोयल ने राजीव गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, बोफोर्स डील के समय रक्षा अनुबंध में कथित रूप से कमीशनखोरी और दस्तावेजित लीपापोती शामिल थी। यूनियन कार्बाइड (1984) के दौरान आरोपी वॉरेन एंडरसन को भारत छोड़ने की अनुमति दी गई। वहीं, विदेशी बिचौलिए का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रक्षा निर्णयों पर करीबी व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से प्रभाव डाला गया। उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान विदेशी फंडिंग, कच्चातीवू और सिक्योरिटी के फैसले में 'कॉम्प्रोमाइज' के आरोप लगाए। सोनिया गांधी को लेकर उन्होंने दावा किया कि शैडो पावर यानी यूपीए के दौरान असली अथॉरिटी प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर काम करती थी। नेशनल हेराल्ड के मामले में पार्टी फंड का इस्तेमाल परिवार के कंट्रोल वाली एंटिटी को एसेट्स ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। इसके अलावा, चीन और सोरोस नेटवर्क सहित विदेशी डोनर्स से जुड़े फाउंडेशन ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं। एक अन्य पोस्ट में पीयूष गोयल ने लिखा, "राहुल गांधी के भ्रामक बयानों पर भारी कांग्रेस का इतिहास। वो जितना भूलने की कोशिश करें, लेकिन भारत की जनता पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी की ओर से राष्ट्रहित के साथ बार-बार किए गए समझौते को भूल नहीं सकती।"

EU-US समझौतों से खुलेगा 60 ट्रिलियन डॉलर का मौका, पीयूष गोयल का बड़ा बयान

 नई दिल्‍ली कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के लिए एक बड़ा मार्केट खुलने जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि भारत के लिए अमेरिका और यूरोपीय यूनियन मिलकर एक्सपोर्टर्स के लिए लगभग 55-60 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोल रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि इन देशों से डील के साथ ही हमने किसानों और 95% से ज्‍यादा खेती की उपज के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है.  शुक्रवार को एक बिजनेस समिट में बोलते हुए गोयल ने कहा कि AI से नौकरियां जाने के डर को भी खत्‍म किया है. यह इंसानों की जगह नहीं लेगा, सिर्फ काम का तरीका बदल जाएगा और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा. उन्‍होंने कई रिफॉर्म और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया.    गोयल ने कहा कि आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन मोड में रिफॉर्म एक्सप्रेस को आगे बढ़ाया है. भारत ने पिछले कुछ महीनों में न्यूज़ीलैंड, UK, ओमान, EU के साथ FTA डील किया है और अमेरिका के साथ एक अंतरिक ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल किया है. सिर्फ अमेरिका में 20 ट्रिलियन का मार्केट  कुछ दिन पहले ही पीयूष गोयल ने कहा था कि अमेरिका के साथ डील के बाद भारत को एक बड़ा मार्केट मिलने जा रहा है. अब भारत के छोटे-मध्‍यम उद्योग से लेकर एग्री और टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री की अमेरिका में कीफायती दाम पर एंट्री होगी. इस डील से अमेरिका के 20 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुल चुका है.  वहीं इससे पहले अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्‍मक टैरिफ को हटाते हुए, रेसिप्रोकल टैरिफ को 18% पर कर दिया. अमेरिकी  राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी थी. गौरतलब है कि भारत पर अमेरिका ने रूस तेल खरीदारी को लेकर 25 फीसदी एक्स्‍ट्रा टैरिफ लगा दिया था, जो बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. इसके बाद से ही दोनों देशों के साथ डील पर चर्चा चल रही थी और अब इस डील पर मोहर लगने जा रहा है.  27 देशों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट  अमेरिका से अंतरिक व्‍यापार समझौता से पहले भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया था. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत 27 देशों के समूह यूरोपीय यूनियन और भारत ने दोनों देशों की ज्‍यादातर चीजों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जाहिर की है. इन डील्‍स के जरिए 99 फीसदी भारतीय उत्‍पादों पर टैरिफ कम होगा. संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखा गया है.

दुनिया से व्यापार का तरीका बदल रहे एफटीए, भारत की बढ़ती ताकत: गोयल

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत के हाल में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) खासकर अमेरिका के साथ हुआ अंतरिम व्यापार समझौता, देश के दुनिया के साथ व्यापार करने के तरीके में संरचनात्मक बदलाव को दिखाते हैं। राष्ट्रीय राजधानी में 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट (जीबीएस) 2026' में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों के हितों की पूरी तरीके से रक्षा की है। उन्होंने संबोधन में कहा कि जब हम अमेरिका के साथ ट्रेड डील के लिए बातचीत कर रहे थे, उसमें हम एक चीज को लेकर बिल्कुल स्पष्ट थे कि हमें अपने किसानों के हितों की रक्षा करनी है। गोयल ने कहा, "जिन क्षेत्रों में हमारे देश में उत्पादन सबसे अधिक है और हमारा देश आत्मनिर्भर है, उन क्षेत्रों को इस डील से बाहर रखा गया है।" उन्होंने आगे कहा,"हमने किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की है, संभवतः स्थानीय कृषि उत्पादों के 95 प्रतिशत से अधिक हिस्से की।" गोयल ने आगे कहा कि वे लंबे समय से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि भारत का कपड़ा क्षेत्र विकास क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे। अब, कपड़ा क्षेत्र यूरोप के लिए बिना किसी शुल्क के खुला है और संयुक्त राज्य अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, इसलिए हम बाकी दुनिया से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।" उन्होंने पहले कहा था कि भारत को अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के तहत वस्त्र निर्यात पर वही लाभ मिलेंगे जो बांग्लादेश को अपने समझौते के माध्यम से मिले थे। वस्त्र निर्यातकों को बांग्लादेश के समान व्यवहार का आश्वासन दिया गया था। इस कार्यक्रम में गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि एफटीए एक स्पष्ट ढांचे पर आधारित होते हैं, जिसमें विश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध निश्चितता शामिल है।" केंद्रीय मंत्री ने भारत-ईएफटीए समझौते का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नई दिल्ली व्यापार साझेदारी के स्वरूप को फिर से परिभाषित कर रही है। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'रिफॉर्म एक्सप्रेस'को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।" आगे कहा, "आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और आने वाले वर्षों में यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।"

भारत का US तेल आयात: पीयूष गोयल ने बताया, क्या ये ट्रेड डील का असर है?

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका में लंबे समय से अटकी ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर बात बन चुकी है और इसे लेकर फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया है. इसके तहत भारत अमेरिका से तेल का आयात भी करेगा. इसके बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या ट्रेड डील में ऐसी बाध्यता शामिल की गई है, जिसके चलते देश को US Crude Oil खरीदना होगा. इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal On US Oil Import) ने बड़ा बयान दिया है और ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार करते हुए अमेरिकी तेल की खरीदारी को पूरी तरह से रणनीतिक फैसला करार दिया है. US Oil खरीद पर पर बड़ा बयान भारत-US के बीच व्यापार समझौते को लेकर Piyush Goyal ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा खरीदने से भारत को तेल के सीमित सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्होंने दोहराया कि इसकी वास्तविक खरीदारी बायर्स और सप्लायर्स कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से ही की जाती है. गोयल ने जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय वाणिज्यिक विचारों से प्रेरित हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) द्वारा निर्धारित नहीं हैं यानी इस समझौते में ऐसी कोई बाध्यता नहीं रखी गई है. गोयल बोले- 'ये भारत के हित में…' एएनआई को दिए एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ढांचा यह अनिवार्य नहीं करता कि कौन क्या और कहां से खरीदेगा?, बल्कि यह सिर्फ व्यापार और अच्छी पहुंच के लिए एक आसान रास्ता मुहैया कराता है. Piyush Goyal  के मुताबिक, अमेरिका से कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है, क्योंकि देश अपने ऊर्जा स्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है.    US के साथ ट्रेड डील के ये फायदे इंटरव्यू के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि Trade Deal के तहक आज जब हमें हाई टैरिफ से काफी कम 18% Tariff मिला है, तो हमें अन्य विकासशील देशों पर वरीयता भी मिली है, जो आमतौर पर हमारे प्रतिस्पर्धी हैं. उन्होंने कहा कि ये डील तमाम सेक्टर्स को व्यापक मौके मुहैया कराएगा. इसके साथ ही हमारे युवाओं, बहनों, महिलाओं के लिए भी अपार अवसर मिलेंगे और साथ ही हमारे किसानों और मछुआरों के लिए भी ये अच्छा है.  वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारे MSMEs तेज रफ्तार से बढ़ेंगे और वे अमेरिका को आवश्यक कई सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता बनेंगे. ये समझौता हमारे कपड़ा क्षेत्र, हमारा जूता और चमड़ा क्षेत्र, हमारा खिलौना क्षेत्र, हैंडक्राफ्ट सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, फर्नीचर समेत अन्य के लिए असीमित संभावनाओं से भरा हुआ है, जैसा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी कहा है.  दवाओं से डायमंड तक पर हटेगा टैरिफ! गौरतलब है कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर Reciprocal Tariff हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इसके साथ ही भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क भी हटाए जाएंगे. इस डील के तहत भारत भी अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर वैल्यू के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदेगा. 

US में दवाइयां, डायमंड्स और मसाले पर 0% टैरिफ, पीयूष गोयल ने बताया ट्रेड डील का महत्व

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्‍यापार समझौता का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री ने शनिवार को विस्‍तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0  टैरिफ अमेरिका ने लगाया है. उन्‍होंने कहा कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है.  उन्‍होने कहा कि अमेरिका बहुत सी चीजों पर भारत के लिए '0 ' ड्यूटी लगा रहा है, जिसमें जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी, एग्रीकल्‍चर चीजें,  दवाइंया और अन्‍य वस्‍तुएं शामिल हैं.  0  फीसदी टैरिफ वाली वस्‍तुएं     जेम्‍स एंड डायमंड, फार्मा , स्‍मार्टफोन्‍स, स्‍पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्‍यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियां     केला, आम, चीनी , पाइनएप्‍पल, मसरूम,  वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्‍तु,  प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्‍स      एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट,  फार्मा की वस्‍तुएं, जेम्‍स एंड डायमंड्स,   कॉइंस प्‍लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्‍युमिनियम  पार्ट , जिंक ऑक्‍साइड, मिनिरल्‍स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदि कृषि और डेयरी पर छूट नहीं  उद्योग मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिका को डेयरी के किसी भी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है. साथ ही एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में भी छूट नहीं दी गई हैं, जो हमारे किसानों के हितों को प्रभावित करतीं. उन्‍होंने कहा कि मीट , चीनी, पॉल्‍ट्री, डेयरी, सोयाबीन , मक्‍का, चावल, गेंहूं , चीनी, ज्‍वार, बाजरा, रागी,  अमरनाथ , फल, ग्रीन टी, कोका,  चना , एनीमल सीड्स प्रोडक्‍ट्स, नॉन-एल्‍कोहलिक चीजें,  इथेनॉल, तंबाकू इन सभी वस्‍तुओं पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है.  30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुला पीयूष गोयल ने कहा कि 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है. किसानों और डेयरी को संरक्षित किया गया है. यह फ्रेमवर्क कल देर रात फाइनाइज हुआ. आज देश के कोने-कोने में इसका स्‍वागत हुआ है.  यह ज्‍वाइंट स्‍टेटमेंट हैं हर भारतीय को अवसर देता है. अब अमेरिका 50 प्रतिशत से घटाकर 18  फीसदी टैरिफ कर रहा है. यह पड़ोसी देशों से कम टैरिफ है. यह भारत के लिए आने वाले दिनों में ज्‍यादा लाभ पहुंचाएगा. उहोंने कहा कि हमारे कम्‍पटीटर देश जैसे चीन पर 35, वियतनाम पर 20 फीसदी और इंडोनेशिया पर 19 फीसदी टैरिफ है.   आज का दिन काफी खास पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि आज 2047 तक विकसित भारत बनने की भारत की यात्रा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. भविष्य को ध्यान में रखते हुए, और दोनों देशों के संबंधों, राजनयिक संबंधों और उनके नेताओं के बीच दोस्ती को देखते हुए, फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई. इसका मकसद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना था. उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. पूरे देश में खुशी की लहर है.  देश के हर सेक्टर में भविष्य को लेकर बहुत उत्साह है. ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में नए अवसर खुलेंगे और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, लगभग तीस ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला संयुक्त राज्य अमेरिका, अब हमारे निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा देगा. 

भारत की खाड़ी देशों से मजबूत व्यापारिक दोस्ती, पाक-सऊदी डील के बीच उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू होने जा रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते किए हैं। GCC छह खाड़ी देशों का संगठन है, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग 5000 साल पुराने हैं। वर्तमान में, लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रह रहे हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस समझौते का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और नीतियों में स्थिरता लाना है। पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते का एंगल भारत और GCC के बीच यह बातचीत उस समय फिर से शुरू हो रही है जब क्षेत्र की भू-राजनीति काफी जटिल है। सितंबर 2025 में, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक 'सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता' (SMDA) पर हस्ताक्षर किए थे। यह रक्षा समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य गतिरोध (ऑपरेशन सिंदूर) के कुछ महीनों बाद हुआ था। ज्ञात हो कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। UAE और पाकिस्तान के रिश्तों में खटास एक तरफ जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब करीब आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है। विमानतल सौदा रद्द: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के कुछ ही समय बाद UAE ने पाकिस्तान के साथ एक बड़ा समझौता रद्द कर दिया। पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन से जुड़ा सौदा इसलिए स्थगित कर दिया क्योंकि पाकिस्तान किसी स्थानीय साझेदार को नामित नहीं कर सका। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी पक्ष ने अंतिम कॉल लेटर भेजकर स्पष्ट जवाब मांगा था, लेकिन UAE ने यह कहते हुए असमर्थता जताई कि वह अब तक किसी नामित इकाई की पुष्टि नहीं कर सका है। रणनीतिक कारण: पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता करने के बाद से UAE और पाकिस्तान के बीच दूरियां बढ़ी हैं। भारत-UAE की बढ़ती नजदीकियां: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया दिल्ली यात्रा ने इन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। भारत-UAE: $200 बिलियन का लक्ष्य UAE के राष्ट्रपति की संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण भारत यात्रा के कुछ ही घंटों बाद, दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। खाड़ी देशों में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी और दूसरी ओर UAE के भारत के साथ बढ़ते संबंध इस खाड़ी देश की प्राथमिकताओं में आए बदलाव को दर्शाते हैं।

IND-EU डील अपडेट: पीयूष गोयल बोले– 99% आइटम पर टैक्स शून्य, डेयरी और एग्रीकल्चर पर नहीं मिलेगी छूट

 नई दिल्‍ली बजट से ठीक एक दिन पहले आजतक से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत के दौरान वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के साथ FTA डील के फायदे गिनाए. साथ ही रविवार को पेश होने वाले बजट में संभाव‍ित ऐलानों के बारे में विस्‍तार से चर्चा की. उन्‍होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए यूरोप के 27 देशों की तुलना में भारत को तुरंत और डायरेक्‍ट फायदा मिलने वाला है.  गोयल ने कहा कि ओभरऑल 99 फीसदी भारतीय प्रोडक्‍ट्स पर '0' टैक्‍स लगेगा. साथ ही लेबर इंटेंसिव (एक देश से दूसरे देश में सामान भेजना) में सबसे ज्‍यादा फायदा होगा. पहले दिन से ही अब कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. इससे रोजगार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा और फैक्ट्रियां लगने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. उन्‍होंने टाटा चेयरमैन के बयान को कोट करते हुए कहा कि भारत में 100 से ज्‍यादा फैक्ट्रियां आएंगी और बड़े स्‍तर पर निवेश के रास्‍ते खुल गए हैं.  सेंसिटिव सेक्‍टर के लिए नहीं खोला बाजार  वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि FTA डील के तहत सबसे खास बात है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यूरोप के लिए के लिए हमने मार्केट नहीं खोला है. डेयरी, अनाज, चावल,गेहूं, मक्‍का जैसी संवेदनशील चीजों के लिए टैक्‍स कम नहीं किया है और मार्केट नहीं खोला है.  सेब पर बहुत कम राहत दी अगर कोई छोटा-मोटा कोटा दिया भी है तो बड़ा ही सोच-समझकर दिया है जैसे सेब की बात करें तो आज भी 6 लाख टन सेब आयात होता है. इसपर 50 फीसदी एम्‍पोर्ट प्राइस है और 25 फीसदी इम्‍पोर्ट ड्यूटी है. ऐसे में हमने 75 फीसदी पहले ही अपने किसानों के लिए रिजर्व रखा था. सवा लाख टन यूरोपीय यूनियन पहले से ही एक्‍सपोर्ट करता है, ऐसे में हमने एक यूरोपीय यूनियन को एक छोटा सा कोटा दिया है.  सिर्फ 45 से 50 हजार टन ही सेब इम्‍पोर्ट होंगे, जो बाद में थोड़े-थोड़े करके बढ़ेंगे, लेकिन आज हो रहे हैं, उससे कम ही होगा. उसपर भी मिनिमम इम्‍पोर्ट प्राइस 80 रुपये और 16 रुपये ड्यूटी रखी है यानी कि अब 96 फीसदी का प्रोटेक्‍शन हो गया है, जो 75 फीसदी की तुलना में ज्‍यादा है. तो एक तरीके से सोच-समझकर दी गई है.  यूरोपीय यूनियन हमारा कंम्‍पटीटर नहीं गोयल ने कहा कि हमारा और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्‍था अलग-अलग चीजों पर निर्भर है. हम एक दूसरे के कंम्‍प्‍ट‍िटर नहीं हैं, जो चीजें हम उन्‍हें दे सकते हैं वे कभी बना ही नहीं पाएंगे और जो वहां से आएंगी, वह भारत की जरूरत हैं. ऐसे में संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखते हुए समझौता किया गया है.  यूरोप के देशों में जाना हुआ आसान उनके यहां पर लोगों की भी कमी है, ऐसे में एक मोबिलिटी एग्रीमेंट भी किया गया है. जिसके लिए अलग-अलग देश के लिए रास्‍ता खोल दिया गया है. इमिग्रेशन नियम को आसान किया गया है. भारत के लोग वहां जाकर सीखेंगे, पैसे कमा सकेंगे और वापस आकर अपने परिवार और भारत की सेवा करेंगे.हम चाहते हैं कि भारत के लोग वहां शॉर्टटर्म के लिए जाएं और वापस आकर देश की सेवा करें. छात्र, जो पढ़ने जाते हैं, उनके लिए 9 महीने का गारंटी वीजा दिया जाएगा.                             डिफेंस पर बड़ी डील  गोयल ने कहा कि डिफेंस पर डील हुई है. वहां टेक्‍नोलॉजी है, लेकिन लोग नहीं है. हमारे यहां लोग हैं, ऐसे में यूरोप की कंपनियां भारत आकर अपनी फैक्ट्रियां लगाएंगी और यहां मैन्‍युफैक्‍चरिंग करेंगी, जिससे भारत का आत्‍मनिर्भर लक्ष्‍य पूरा होगा. हम यहां पर डिफेंस प्रोडक्‍ट्स बनाकर अन्‍य देशों को भेज सकेंगे.                                     बजट को लेकर क्‍या बोले गोयल?  गोयल ने कहा कि पिछले बजट में 12 लाख तक टैक्‍स छूट दी गई थी. उसके बाद जीएसटी में बड़ा सुधार किया गया है. 8  देशों से फ्री ट्रेड डील की गई. हमारे सुधार तेज गति से चल रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के जीवन को आसान और सरल बनाने के लिए जो भी कोशिश हो सकती है, हम कर रहे हैं. इस बजट में भी देश के नागरिगों के जीवन को आसान बनाने संबंधी ऐलान किए जा सकते हैं.