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परिवार की कॉम्प्रोमाइज पॉलिटिक्स पर घिरे Rahul Gandhi, Piyush Goyal ने साधा निशाना

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की 'कॉम्प्रोमाइज' राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राहुल गांधी दुनियाभर में भारत को नीचा दिखाने के लिए एआई समिट में बिना शर्ट के लोगों को भेजते हैं, तो यह भारत की छवि और हितों से 'कॉम्प्रोमाइज' करने की उनकी पारिवारिक विरासत को ही आगे बढ़ाता है।" उन्होंने जवाहर लाल नेहरू पर आरोप लगाए कि उनके कार्यकाल में 1950 के दशक में भारत ने चीन को नाराज न करने के लिए स्थायी सीट ठुकराई। 1954 में भारत ने औपचारिक रूप से तिब्बत को चीन का हिस्सा स्वीकार किया। इसके अलावा, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे हार हुई। इस बारे में रिपोर्ट अभी भी गोपनीय है। पीयूष गोयल ने राजीव गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, बोफोर्स डील के समय रक्षा अनुबंध में कथित रूप से कमीशनखोरी और दस्तावेजित लीपापोती शामिल थी। यूनियन कार्बाइड (1984) के दौरान आरोपी वॉरेन एंडरसन को भारत छोड़ने की अनुमति दी गई। वहीं, विदेशी बिचौलिए का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रक्षा निर्णयों पर करीबी व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से प्रभाव डाला गया। उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान विदेशी फंडिंग, कच्चातीवू और सिक्योरिटी के फैसले में 'कॉम्प्रोमाइज' के आरोप लगाए। सोनिया गांधी को लेकर उन्होंने दावा किया कि शैडो पावर यानी यूपीए के दौरान असली अथॉरिटी प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर काम करती थी। नेशनल हेराल्ड के मामले में पार्टी फंड का इस्तेमाल परिवार के कंट्रोल वाली एंटिटी को एसेट्स ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। इसके अलावा, चीन और सोरोस नेटवर्क सहित विदेशी डोनर्स से जुड़े फाउंडेशन ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं। एक अन्य पोस्ट में पीयूष गोयल ने लिखा, "राहुल गांधी के भ्रामक बयानों पर भारी कांग्रेस का इतिहास। वो जितना भूलने की कोशिश करें, लेकिन भारत की जनता पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी की ओर से राष्ट्रहित के साथ बार-बार किए गए समझौते को भूल नहीं सकती।"

EU-US समझौतों से खुलेगा 60 ट्रिलियन डॉलर का मौका, पीयूष गोयल का बड़ा बयान

 नई दिल्‍ली कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के लिए एक बड़ा मार्केट खुलने जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि भारत के लिए अमेरिका और यूरोपीय यूनियन मिलकर एक्सपोर्टर्स के लिए लगभग 55-60 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोल रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि इन देशों से डील के साथ ही हमने किसानों और 95% से ज्‍यादा खेती की उपज के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है.  शुक्रवार को एक बिजनेस समिट में बोलते हुए गोयल ने कहा कि AI से नौकरियां जाने के डर को भी खत्‍म किया है. यह इंसानों की जगह नहीं लेगा, सिर्फ काम का तरीका बदल जाएगा और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा. उन्‍होंने कई रिफॉर्म और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया.    गोयल ने कहा कि आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन मोड में रिफॉर्म एक्सप्रेस को आगे बढ़ाया है. भारत ने पिछले कुछ महीनों में न्यूज़ीलैंड, UK, ओमान, EU के साथ FTA डील किया है और अमेरिका के साथ एक अंतरिक ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल किया है. सिर्फ अमेरिका में 20 ट्रिलियन का मार्केट  कुछ दिन पहले ही पीयूष गोयल ने कहा था कि अमेरिका के साथ डील के बाद भारत को एक बड़ा मार्केट मिलने जा रहा है. अब भारत के छोटे-मध्‍यम उद्योग से लेकर एग्री और टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री की अमेरिका में कीफायती दाम पर एंट्री होगी. इस डील से अमेरिका के 20 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुल चुका है.  वहीं इससे पहले अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्‍मक टैरिफ को हटाते हुए, रेसिप्रोकल टैरिफ को 18% पर कर दिया. अमेरिकी  राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी थी. गौरतलब है कि भारत पर अमेरिका ने रूस तेल खरीदारी को लेकर 25 फीसदी एक्स्‍ट्रा टैरिफ लगा दिया था, जो बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. इसके बाद से ही दोनों देशों के साथ डील पर चर्चा चल रही थी और अब इस डील पर मोहर लगने जा रहा है.  27 देशों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट  अमेरिका से अंतरिक व्‍यापार समझौता से पहले भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया था. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत 27 देशों के समूह यूरोपीय यूनियन और भारत ने दोनों देशों की ज्‍यादातर चीजों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जाहिर की है. इन डील्‍स के जरिए 99 फीसदी भारतीय उत्‍पादों पर टैरिफ कम होगा. संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखा गया है.

दुनिया से व्यापार का तरीका बदल रहे एफटीए, भारत की बढ़ती ताकत: गोयल

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत के हाल में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) खासकर अमेरिका के साथ हुआ अंतरिम व्यापार समझौता, देश के दुनिया के साथ व्यापार करने के तरीके में संरचनात्मक बदलाव को दिखाते हैं। राष्ट्रीय राजधानी में 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट (जीबीएस) 2026' में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों के हितों की पूरी तरीके से रक्षा की है। उन्होंने संबोधन में कहा कि जब हम अमेरिका के साथ ट्रेड डील के लिए बातचीत कर रहे थे, उसमें हम एक चीज को लेकर बिल्कुल स्पष्ट थे कि हमें अपने किसानों के हितों की रक्षा करनी है। गोयल ने कहा, "जिन क्षेत्रों में हमारे देश में उत्पादन सबसे अधिक है और हमारा देश आत्मनिर्भर है, उन क्षेत्रों को इस डील से बाहर रखा गया है।" उन्होंने आगे कहा,"हमने किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की है, संभवतः स्थानीय कृषि उत्पादों के 95 प्रतिशत से अधिक हिस्से की।" गोयल ने आगे कहा कि वे लंबे समय से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि भारत का कपड़ा क्षेत्र विकास क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे। अब, कपड़ा क्षेत्र यूरोप के लिए बिना किसी शुल्क के खुला है और संयुक्त राज्य अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, इसलिए हम बाकी दुनिया से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।" उन्होंने पहले कहा था कि भारत को अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के तहत वस्त्र निर्यात पर वही लाभ मिलेंगे जो बांग्लादेश को अपने समझौते के माध्यम से मिले थे। वस्त्र निर्यातकों को बांग्लादेश के समान व्यवहार का आश्वासन दिया गया था। इस कार्यक्रम में गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि एफटीए एक स्पष्ट ढांचे पर आधारित होते हैं, जिसमें विश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध निश्चितता शामिल है।" केंद्रीय मंत्री ने भारत-ईएफटीए समझौते का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नई दिल्ली व्यापार साझेदारी के स्वरूप को फिर से परिभाषित कर रही है। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'रिफॉर्म एक्सप्रेस'को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।" आगे कहा, "आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और आने वाले वर्षों में यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।"

भारत का US तेल आयात: पीयूष गोयल ने बताया, क्या ये ट्रेड डील का असर है?

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका में लंबे समय से अटकी ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर बात बन चुकी है और इसे लेकर फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया है. इसके तहत भारत अमेरिका से तेल का आयात भी करेगा. इसके बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या ट्रेड डील में ऐसी बाध्यता शामिल की गई है, जिसके चलते देश को US Crude Oil खरीदना होगा. इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal On US Oil Import) ने बड़ा बयान दिया है और ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार करते हुए अमेरिकी तेल की खरीदारी को पूरी तरह से रणनीतिक फैसला करार दिया है. US Oil खरीद पर पर बड़ा बयान भारत-US के बीच व्यापार समझौते को लेकर Piyush Goyal ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा खरीदने से भारत को तेल के सीमित सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्होंने दोहराया कि इसकी वास्तविक खरीदारी बायर्स और सप्लायर्स कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से ही की जाती है. गोयल ने जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय वाणिज्यिक विचारों से प्रेरित हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) द्वारा निर्धारित नहीं हैं यानी इस समझौते में ऐसी कोई बाध्यता नहीं रखी गई है. गोयल बोले- 'ये भारत के हित में…' एएनआई को दिए एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ढांचा यह अनिवार्य नहीं करता कि कौन क्या और कहां से खरीदेगा?, बल्कि यह सिर्फ व्यापार और अच्छी पहुंच के लिए एक आसान रास्ता मुहैया कराता है. Piyush Goyal  के मुताबिक, अमेरिका से कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है, क्योंकि देश अपने ऊर्जा स्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है.    US के साथ ट्रेड डील के ये फायदे इंटरव्यू के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि Trade Deal के तहक आज जब हमें हाई टैरिफ से काफी कम 18% Tariff मिला है, तो हमें अन्य विकासशील देशों पर वरीयता भी मिली है, जो आमतौर पर हमारे प्रतिस्पर्धी हैं. उन्होंने कहा कि ये डील तमाम सेक्टर्स को व्यापक मौके मुहैया कराएगा. इसके साथ ही हमारे युवाओं, बहनों, महिलाओं के लिए भी अपार अवसर मिलेंगे और साथ ही हमारे किसानों और मछुआरों के लिए भी ये अच्छा है.  वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारे MSMEs तेज रफ्तार से बढ़ेंगे और वे अमेरिका को आवश्यक कई सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता बनेंगे. ये समझौता हमारे कपड़ा क्षेत्र, हमारा जूता और चमड़ा क्षेत्र, हमारा खिलौना क्षेत्र, हैंडक्राफ्ट सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, फर्नीचर समेत अन्य के लिए असीमित संभावनाओं से भरा हुआ है, जैसा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी कहा है.  दवाओं से डायमंड तक पर हटेगा टैरिफ! गौरतलब है कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर Reciprocal Tariff हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इसके साथ ही भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क भी हटाए जाएंगे. इस डील के तहत भारत भी अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर वैल्यू के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदेगा. 

US में दवाइयां, डायमंड्स और मसाले पर 0% टैरिफ, पीयूष गोयल ने बताया ट्रेड डील का महत्व

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्‍यापार समझौता का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री ने शनिवार को विस्‍तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0  टैरिफ अमेरिका ने लगाया है. उन्‍होंने कहा कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है.  उन्‍होने कहा कि अमेरिका बहुत सी चीजों पर भारत के लिए '0 ' ड्यूटी लगा रहा है, जिसमें जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी, एग्रीकल्‍चर चीजें,  दवाइंया और अन्‍य वस्‍तुएं शामिल हैं.  0  फीसदी टैरिफ वाली वस्‍तुएं     जेम्‍स एंड डायमंड, फार्मा , स्‍मार्टफोन्‍स, स्‍पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्‍यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियां     केला, आम, चीनी , पाइनएप्‍पल, मसरूम,  वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्‍तु,  प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्‍स      एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट,  फार्मा की वस्‍तुएं, जेम्‍स एंड डायमंड्स,   कॉइंस प्‍लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्‍युमिनियम  पार्ट , जिंक ऑक्‍साइड, मिनिरल्‍स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदि कृषि और डेयरी पर छूट नहीं  उद्योग मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिका को डेयरी के किसी भी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है. साथ ही एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में भी छूट नहीं दी गई हैं, जो हमारे किसानों के हितों को प्रभावित करतीं. उन्‍होंने कहा कि मीट , चीनी, पॉल्‍ट्री, डेयरी, सोयाबीन , मक्‍का, चावल, गेंहूं , चीनी, ज्‍वार, बाजरा, रागी,  अमरनाथ , फल, ग्रीन टी, कोका,  चना , एनीमल सीड्स प्रोडक्‍ट्स, नॉन-एल्‍कोहलिक चीजें,  इथेनॉल, तंबाकू इन सभी वस्‍तुओं पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है.  30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुला पीयूष गोयल ने कहा कि 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है. किसानों और डेयरी को संरक्षित किया गया है. यह फ्रेमवर्क कल देर रात फाइनाइज हुआ. आज देश के कोने-कोने में इसका स्‍वागत हुआ है.  यह ज्‍वाइंट स्‍टेटमेंट हैं हर भारतीय को अवसर देता है. अब अमेरिका 50 प्रतिशत से घटाकर 18  फीसदी टैरिफ कर रहा है. यह पड़ोसी देशों से कम टैरिफ है. यह भारत के लिए आने वाले दिनों में ज्‍यादा लाभ पहुंचाएगा. उहोंने कहा कि हमारे कम्‍पटीटर देश जैसे चीन पर 35, वियतनाम पर 20 फीसदी और इंडोनेशिया पर 19 फीसदी टैरिफ है.   आज का दिन काफी खास पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि आज 2047 तक विकसित भारत बनने की भारत की यात्रा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. भविष्य को ध्यान में रखते हुए, और दोनों देशों के संबंधों, राजनयिक संबंधों और उनके नेताओं के बीच दोस्ती को देखते हुए, फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई. इसका मकसद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना था. उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. पूरे देश में खुशी की लहर है.  देश के हर सेक्टर में भविष्य को लेकर बहुत उत्साह है. ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में नए अवसर खुलेंगे और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, लगभग तीस ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला संयुक्त राज्य अमेरिका, अब हमारे निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा देगा. 

भारत की खाड़ी देशों से मजबूत व्यापारिक दोस्ती, पाक-सऊदी डील के बीच उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू होने जा रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते किए हैं। GCC छह खाड़ी देशों का संगठन है, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग 5000 साल पुराने हैं। वर्तमान में, लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रह रहे हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस समझौते का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और नीतियों में स्थिरता लाना है। पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते का एंगल भारत और GCC के बीच यह बातचीत उस समय फिर से शुरू हो रही है जब क्षेत्र की भू-राजनीति काफी जटिल है। सितंबर 2025 में, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक 'सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता' (SMDA) पर हस्ताक्षर किए थे। यह रक्षा समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य गतिरोध (ऑपरेशन सिंदूर) के कुछ महीनों बाद हुआ था। ज्ञात हो कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। UAE और पाकिस्तान के रिश्तों में खटास एक तरफ जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब करीब आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है। विमानतल सौदा रद्द: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के कुछ ही समय बाद UAE ने पाकिस्तान के साथ एक बड़ा समझौता रद्द कर दिया। पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन से जुड़ा सौदा इसलिए स्थगित कर दिया क्योंकि पाकिस्तान किसी स्थानीय साझेदार को नामित नहीं कर सका। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी पक्ष ने अंतिम कॉल लेटर भेजकर स्पष्ट जवाब मांगा था, लेकिन UAE ने यह कहते हुए असमर्थता जताई कि वह अब तक किसी नामित इकाई की पुष्टि नहीं कर सका है। रणनीतिक कारण: पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता करने के बाद से UAE और पाकिस्तान के बीच दूरियां बढ़ी हैं। भारत-UAE की बढ़ती नजदीकियां: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया दिल्ली यात्रा ने इन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। भारत-UAE: $200 बिलियन का लक्ष्य UAE के राष्ट्रपति की संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण भारत यात्रा के कुछ ही घंटों बाद, दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। खाड़ी देशों में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी और दूसरी ओर UAE के भारत के साथ बढ़ते संबंध इस खाड़ी देश की प्राथमिकताओं में आए बदलाव को दर्शाते हैं।

IND-EU डील अपडेट: पीयूष गोयल बोले– 99% आइटम पर टैक्स शून्य, डेयरी और एग्रीकल्चर पर नहीं मिलेगी छूट

 नई दिल्‍ली बजट से ठीक एक दिन पहले आजतक से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत के दौरान वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के साथ FTA डील के फायदे गिनाए. साथ ही रविवार को पेश होने वाले बजट में संभाव‍ित ऐलानों के बारे में विस्‍तार से चर्चा की. उन्‍होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए यूरोप के 27 देशों की तुलना में भारत को तुरंत और डायरेक्‍ट फायदा मिलने वाला है.  गोयल ने कहा कि ओभरऑल 99 फीसदी भारतीय प्रोडक्‍ट्स पर '0' टैक्‍स लगेगा. साथ ही लेबर इंटेंसिव (एक देश से दूसरे देश में सामान भेजना) में सबसे ज्‍यादा फायदा होगा. पहले दिन से ही अब कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. इससे रोजगार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा और फैक्ट्रियां लगने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. उन्‍होंने टाटा चेयरमैन के बयान को कोट करते हुए कहा कि भारत में 100 से ज्‍यादा फैक्ट्रियां आएंगी और बड़े स्‍तर पर निवेश के रास्‍ते खुल गए हैं.  सेंसिटिव सेक्‍टर के लिए नहीं खोला बाजार  वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि FTA डील के तहत सबसे खास बात है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यूरोप के लिए के लिए हमने मार्केट नहीं खोला है. डेयरी, अनाज, चावल,गेहूं, मक्‍का जैसी संवेदनशील चीजों के लिए टैक्‍स कम नहीं किया है और मार्केट नहीं खोला है.  सेब पर बहुत कम राहत दी अगर कोई छोटा-मोटा कोटा दिया भी है तो बड़ा ही सोच-समझकर दिया है जैसे सेब की बात करें तो आज भी 6 लाख टन सेब आयात होता है. इसपर 50 फीसदी एम्‍पोर्ट प्राइस है और 25 फीसदी इम्‍पोर्ट ड्यूटी है. ऐसे में हमने 75 फीसदी पहले ही अपने किसानों के लिए रिजर्व रखा था. सवा लाख टन यूरोपीय यूनियन पहले से ही एक्‍सपोर्ट करता है, ऐसे में हमने एक यूरोपीय यूनियन को एक छोटा सा कोटा दिया है.  सिर्फ 45 से 50 हजार टन ही सेब इम्‍पोर्ट होंगे, जो बाद में थोड़े-थोड़े करके बढ़ेंगे, लेकिन आज हो रहे हैं, उससे कम ही होगा. उसपर भी मिनिमम इम्‍पोर्ट प्राइस 80 रुपये और 16 रुपये ड्यूटी रखी है यानी कि अब 96 फीसदी का प्रोटेक्‍शन हो गया है, जो 75 फीसदी की तुलना में ज्‍यादा है. तो एक तरीके से सोच-समझकर दी गई है.  यूरोपीय यूनियन हमारा कंम्‍पटीटर नहीं गोयल ने कहा कि हमारा और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्‍था अलग-अलग चीजों पर निर्भर है. हम एक दूसरे के कंम्‍प्‍ट‍िटर नहीं हैं, जो चीजें हम उन्‍हें दे सकते हैं वे कभी बना ही नहीं पाएंगे और जो वहां से आएंगी, वह भारत की जरूरत हैं. ऐसे में संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखते हुए समझौता किया गया है.  यूरोप के देशों में जाना हुआ आसान उनके यहां पर लोगों की भी कमी है, ऐसे में एक मोबिलिटी एग्रीमेंट भी किया गया है. जिसके लिए अलग-अलग देश के लिए रास्‍ता खोल दिया गया है. इमिग्रेशन नियम को आसान किया गया है. भारत के लोग वहां जाकर सीखेंगे, पैसे कमा सकेंगे और वापस आकर अपने परिवार और भारत की सेवा करेंगे.हम चाहते हैं कि भारत के लोग वहां शॉर्टटर्म के लिए जाएं और वापस आकर देश की सेवा करें. छात्र, जो पढ़ने जाते हैं, उनके लिए 9 महीने का गारंटी वीजा दिया जाएगा.                             डिफेंस पर बड़ी डील  गोयल ने कहा कि डिफेंस पर डील हुई है. वहां टेक्‍नोलॉजी है, लेकिन लोग नहीं है. हमारे यहां लोग हैं, ऐसे में यूरोप की कंपनियां भारत आकर अपनी फैक्ट्रियां लगाएंगी और यहां मैन्‍युफैक्‍चरिंग करेंगी, जिससे भारत का आत्‍मनिर्भर लक्ष्‍य पूरा होगा. हम यहां पर डिफेंस प्रोडक्‍ट्स बनाकर अन्‍य देशों को भेज सकेंगे.                                     बजट को लेकर क्‍या बोले गोयल?  गोयल ने कहा कि पिछले बजट में 12 लाख तक टैक्‍स छूट दी गई थी. उसके बाद जीएसटी में बड़ा सुधार किया गया है. 8  देशों से फ्री ट्रेड डील की गई. हमारे सुधार तेज गति से चल रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के जीवन को आसान और सरल बनाने के लिए जो भी कोशिश हो सकती है, हम कर रहे हैं. इस बजट में भी देश के नागरिगों के जीवन को आसान बनाने संबंधी ऐलान किए जा सकते हैं. 

स्टार्टअप इंडिया की बड़ी सफलता: 2 लाख पंजीकृत स्टार्टअप, 21 लाख से अधिक नौकरियां सृजित

नई दिल्ली देश में शुक्रवार को 'स्टार्टअप इंडिया' पहल को 10 साल पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रमुख स्टार्टअप उद्यमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज भारत में करीब 2 लाख स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। इन स्टार्टअप्स के जरिए अब तक 21 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल चुका है। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारतीय स्टार्टअप आज 50 से ज्यादा अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इनमें टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एग्रीटेक, फिनटेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डीप टेक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का 'फंड ऑफ फंड्स' घोषित किया था, जिसके जरिए हाई-टेक और डीप टेक स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि देश के कुल स्टार्टअप्स में से करीब 50 प्रतिशत स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं, जो इस बात का सबूत है कि उद्यमिता अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु अब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं। पीयूष गोयल के मुताबिक, दुनिया के 100 से ज्यादा देश भारत के साथ स्टार्टअप सेक्टर में साझेदारी करना चाहते हैं। सरकार इस दिशा में योजना बना रही है कि इन देशों के साथ सहयोग को कैसे आगे बढ़ाया जाए, ताकि भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा अवसर मिल सकें। इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि 'स्टार्टअप इंडिया' क्रांति को एक दशक पूरा हो गया है। यह एक साहसिक कदम था, जिसने भारत को बड़ा सोचने और उससे भी बड़ा करने की ताकत दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण देश में डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और उनके द्वारा पैदा किए गए 21 लाख से ज्यादा रोजगार हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि इस सफलता को यह तथ्य और खास बनाता है कि इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्यमिता की भावना को नई ऊर्जा मिली है और युवाओं व महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों की यह यात्रा निरंतरता, समावेशिता और विकास को दर्शाती है, साथ ही भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा भी देती है।

पीयूष गोयल का बड़ा बयान: देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड, 21 लाख लोगों को मिला रोजगार

नई दिल्ली   देश में शुक्रवार को 'स्टार्टअप इंडिया' पहल को 10 साल पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रमुख स्टार्टअप उद्यमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज भारत में करीब 2 लाख स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। इन स्टार्टअप्स के जरिए अब तक 21 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल चुका है। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारतीय स्टार्टअप आज 50 से ज्यादा अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इनमें टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एग्रीटेक, फिनटेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डीप टेक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का 'फंड ऑफ फंड्स' घोषित किया था, जिसके जरिए हाई-टेक और डीप टेक स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि देश के कुल स्टार्टअप्स में से करीब 50 प्रतिशत स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं, जो इस बात का सबूत है कि उद्यमिता अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु अब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं। पीयूष गोयल के मुताबिक, दुनिया के 100 से ज्यादा देश भारत के साथ स्टार्टअप सेक्टर में साझेदारी करना चाहते हैं। सरकार इस दिशा में योजना बना रही है कि इन देशों के साथ सहयोग को कैसे आगे बढ़ाया जाए, ताकि भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा अवसर मिल सकें। इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि 'स्टार्टअप इंडिया' क्रांति को एक दशक पूरा हो गया है। यह एक साहसिक कदम था, जिसने भारत को बड़ा सोचने और उससे भी बड़ा करने की ताकत दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण देश में डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और उनके द्वारा पैदा किए गए 21 लाख से ज्यादा रोजगार हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि इस सफलता को यह तथ्य और खास बनाता है कि इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्यमिता की भावना को नई ऊर्जा मिली है और युवाओं व महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों की यह यात्रा निरंतरता, समावेशिता और विकास को दर्शाती है, साथ ही भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा भी देती है।

भाजपा की कार्यप्रणाली देख दुनिया है हैरानः पीयूष गोयल

नामों की घोषणा वाली कॉपी  केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की भारतीय जनता पार्टी उ.प्र के संगठन पर्व समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की आधिकारिक घोषणा लखनऊ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हम सदस्य हैं। दुनिया हैरान है कि जितने व्यवस्थित व लोकतांत्रिक तरीके से मेंबर बनाने व राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का काम आपसी समन्वय से होता है जो कि अकल्पनीय है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  यह बातें राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के आधिकारिक घोषणा कार्यक्रम में कहीं। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय पीयूष गोयल ने कहा कि 1.62 लाख बूथों में चुनाव होता है और सर्वसम्मति से घोषणा होने जा रही है, इसका श्रेय पार्टी कार्यकर्यताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा अटल बिहारी बाजपेयी ने जिस प्रकार से पार्टी को आगे बढ़ाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है, उसी के बलबूते हम आज इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हुए हैं।  नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की उन्होंने कहा कि संगठन पर्व के इस अवसर पर मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि यह घोषित करते हुए कि सर्व सम्मति से पंकज चौधरी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुल 120 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का जिक्र करते हुए कुछ प्रमुख नाम गिनाए। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।   प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी समेत यह है राष्ट्रीय परिषद में शामिल… – राष्ट्रीय परिषद में 120 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर सम्मिलित हैं। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सदस्य बने।  – इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज तथा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उन्नाव से शामिल हुए हैं। – भूपेंद्र सिंह चौधरी संभल, स्मृति ईरानी सुल्तानपुर, डॉ महेंद्र नाथ पांडेय वाराणसी, सूर्य प्रताप शाही सलेमपुर, स्वतंत्र देव सिंह बांदा व डॉ. रमापति राम त्रिपाठी गोरखपुर से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने।