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राष्ट्रीय खिलाड़ी से प्रशिक्षक तक का सफर, मिशन शक्ति अभियान से मिली नई उड़ान

मिशन शक्ति- 5.0 – सम्मान, उपलब्धियों और समर्पण से नारी सशक्तीकरण की नई इबारत लिख रही ज्योति सिंह लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने वाला मिशन शक्ति 5.0 अभियान नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। महिला सुरक्षा की दिशा में इस अभियान की भावना को साकार कर रही हैं वाराणसी की रहने वाली ज्योति सिंह। मार्शल आर्ट्स के माध्यम से लाखों बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ज्योति सिंह महिला सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत बनी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की गरिमा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 20 सितंबर को मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। सीएम की मंशानुरूप ज्योति जैसी महिलाएं इस दिशा में जमीनी स्तर पर क्रांति ला रही हैं। महिला सुरक्षा की दिशा में ज्योति सिंह के कार्य और उपलब्धियां नारी शक्ति की उस ताकत की गवाही है, जो सुरक्षा से लेकर स्वावलंबन तक का सफर तय करती है। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग ने दिया अवसर मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग से जुड़कर ज्योति सिंह आज एक समर्पित मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक और समाजसेवी के रूप में जानी जाती हैं। वर्ष 2012 में झांसी में ब्लैक बेल्ट प्राप्त करने के बाद उन्होंने लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण देना शुरू किया, लेकिन उन्हें 2020 में शुरु हुए मिशन शक्ति के पहले फेस में ब्रेक मिला। आज वे थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट धारक हैं और अपनी संस्था ‘मानव एकडमी ऑफ मार्शल आर्ट’ के जरिए लाखों बच्चों व महिलाओं को आत्मविश्वासी बनाने का कार्य कर रही हैं। मिशन शक्ति 5.0 के उद्देश्यों यानि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को ज्योति ने अपनी जिंदगी का मूलमंत्र बना लिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने यूपी की महिलाओं और बालिकाओं में नया आत्मविश्वास जगाया है। आज वे अपने अधिकारों को समझ रही हैं और खुद की सुरक्षा के लिए सक्रिय हो रही हैं। सेल्फ डिफेंस अब उनके लिए सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि जीवन की कुंजी बन गई है। खेल जगत में ज्योति की उपलब्धियां असाधारण हैं खेल जगत में ज्योति की उपलब्धियां असाधारण हैं, जो मिशन शक्ति के स्वावलंबन को और मजबूती प्रदान कर रही है। वे नेशनल लेवल पर लगातार चार वर्षों 24वीं, 25वीं, 26वीं और 27वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता रहीं। 2018 और 2019 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी धाक जमाई। 2020 से 2024 तक मानव वंदनसेवी ऑफ मार्शल आर्ट्स द्वारा उन्हें बेस्ट कोच चुना गया, जबकि 2023 में भारतीय कराटे संघ ने उन्हें मान्यता प्राप्त कोच के रूप में सम्मानित किया। वर्ष 2025 में भारतीय कराटे संघ से थर्ड डैन ब्लैक बेल्ट की उपाधि प्राप्त कर ज्योति ने एक नया मुकाम हासिल किया। ये उपलब्धियां न केवल व्यक्तिगत सफलता हैं, बल्कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं को खेलों में बढ़ावा देने वाले प्रयासों का हिस्सा हैं, जहां 1.5 लाख से अधिक लड़कियां विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में भाग ले रही हैं। विभिन्न स्तरों पर योगी सरकार द्वारा किया गया सम्मानित महिलाओं की सुरक्षा में योगदान देने के लिए समय-समय पर ज्योति को विभिन्न स्तरों पर योगी सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है। 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सम्मानित किया, जबकि उसी वर्ष मानव वंदनसेवी ऑफ मार्शल आर्ट्स ने बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब दिया। 2024 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने उन्हें सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया। 2025 में जिला प्रशासन झांसी ने खेल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें एक दिन के लिए अधिकारी नियुक्त कर विशेष सम्मान दिया। ये सम्मान मिशन शक्ति के सम्मान के पहलू को दर्शाते हैं, जहां महिलाओं की गरिमा को बढ़ावा दिया जा रहा है। फीमेल सेफ्टी के क्षेत्र में ज्योति का योगदान 2021 से अब तक अत्यंत सराहनीय रहा है। उन्होंने झांसी और आसपास के जिलों में बालिकाओं को व्यावहारिक सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण दिया। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी या फिर बाल सुधार गृह ज्योति योगी सरकार की मदद से हर जगह जाकर बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाती हैं। 'बेटी है तो बचेगी' और 'पावर एंजल्स' जैसे अभियानों से जुड़कर वे महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। ज्योति का दृष्टिकोण स्पष्ट है। ज्योति कहती हैं कि हर लड़की और महिला केवल शिक्षा में ही आगे न बढ़े, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बने। आत्मरक्षा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की कुंजी है। ज्योति कहती हैं कि बालिकाएं सेल्फ डिफेंस को लेकर सकारात्मक हैं और बड़े जुनून के साथ अपनी रक्षा के गुर सीख रही हैं।  मिशन शक्ति 5.0 ने उत्तर प्रदेश को महिलाओं के सशक्तिकरण में अग्रणी राज्य बना दिया है। ज्योति सिंह जैसी महिलाएं इस अभियान की रीढ़ हैं, जो नारी सुरक्षा से लेकर स्वावलंबन तक की राह पर चलकर लाखों जीवन बदल रही हैं। उनकी सफलता की कहानी न केवल प्रेरणा देती है, बल्कि साबित करती है कि योगी सरकार का विजन जमीनी हकीकत में बदल रहा है।

बरेली में कार्रवाई का बिगुल, IMC प्रवक्ता कार्यालय समेत 74 दुकानों पर ताला, बुलडोजर चलाने की धमकी

बरेली  बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मस्थल के पास स्थित आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस के ऑफिस और 74 दुकानों को सील कर दिया है। ये सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले के ऊपर किए गए हैं, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की तैयारी चल रही है। बुलडोजर ऐक्शन हो सकता है। सिविल लाइंस में नावल्टी चौराहे के पास स्थित धर्मस्थल के पास एक ही इमारत में आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का ऑफिस और 74 दुकानें बनी हुई हैं। वक्फ संपत्ति बताकर डॉ. नफीस ही इन दुकानों से किराया वसूलता था, जो बवाल के मुख्य आरोपियों में भी शामिल है। निगम के मुताबिक यह सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले पर अतिक्रमण कर किए गए हैं। कई बार दुकानदारों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट, पुलिस की मौजूदगी में निगम अफसरों ने सभी दुकानें खाली करा लीं और उन्हें सील कर दिया गया। साथ ही, डॉ. नफीस का ऑफिस भी टीम ने सील कर दिया। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे। लूटे वायरलेस से नदीम जान रहा था पुलिस मूवमेंट नदीम खां की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया वायरलेस हैंडसेट बरामद किया है। बवाल के दौरान इस हैंडसेट से वह पुलिस की गतिविधियों और फोर्स के मूवमेंट पर नजर रख रहा था। शिकारपुर चौधरी निवासी उपद्रवी जफरुद्दीन के कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद हुआ है। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका

पुलिस की मुस्तैदी और स्मार्ट पुलिसिंग से जीरो इंसिडेंट इवेंट बना यूपीआईटीएस 2025 उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका यूपी पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी और कंट्रोल कमांड सेंटर की मदद से पूरे आयोजन को जीरो-इंसिडेंट इवेंट बनाया 9 जोन और 20 सेक्टर में रहा सख्त सुरक्षा कवच, 550 सीसीटीवी कैमरों और 24×7 एक्टिव कंट्रोल रूम ने आयोजन स्थल और आसपास की सुरक्षा को बनाया अभेद्य महिला सुरक्षा पर रहा खास ध्यान, 150 महिला कांस्टेबल और 40 महिला सब-इंस्पेक्टर की तैनाती ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित की हैसल-फ्री ट्रैफिक मैनेजमेंट किया एक्टिव, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, टीएसआई और 450 ट्रैफिक कांस्टेबल की तैनाती से आगंतुकों को बिना जाम परेशानी के पहुंचने का मिला अवसर एंटी-ड्रोन सिस्टम और डिजिटल डायवर्जन प्लान से विदेशी डेलीगेट्स और लाखों आगंतुकों के लिए बनी सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था ग्रेटर नाेएडा   उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 (UPITS-2025) को सफल, सुरक्षित और भव्य बनाने में उत्तर प्रदेश पुलिस का योगदान भी काफी सराहनीय रहा। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने में यूपी पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की। पुलिस अधिकारियों की तैनाती और आधुनिक सुरक्षा उपायों ने इस कार्यक्रम को न सिर्फ व्यवस्थित बल्कि दिव्य और भव्य भी बना दिया। इस बड़े आयोजन में आने वाले फॉरेन और वीआईपी डेलीगेट्स की सुरक्षा हो या फिर प्रतिदिन लाखों की संख्या में पहुंच रहे आगंतुकों की सुरक्षा और ट्रैफिक की जिम्मेदारी, हर मोर्चे पर पुलिस चौकन्नी रही। किसी तरह की मिसहैपनिंग न हो, इसके लिए 24 घंटे कंट्रोल कमांड सेंटर से पूरे वेन्यू की मॉनीटरिंग की गई। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से आयोजन को जीरो इंसिडेंट इवेंट बनाने में सफलता प्राप्त की गई। बड़े पैमाने पर तैनात की गई फोर्स एडिशनल पुलिस कमिश्नर ग्रेटर नोएडा राजीव नारायण मिश्र ने आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए किए गए व्यापक इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए, पुलिस विभाग ने सुरक्षा के लिए सात डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), चौदह एडीसीपी (एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), 38 एसीपी (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस), 80 इंस्पेक्टर, तीन सौ सब इंस्पेक्टर, चालीस महिला सब इंस्पेक्टर, कुल एक हजार चार सौ कांस्टेबलों को तैनात किया। इसके साथ ही, महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एक सौ पचास महिला कांस्टेबल भी तैनात की गई थीं। सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए, सात कंपनियां पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) और एक कंपनी आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) को भी तैनात किया गया था। ट्रैफिक रहा चुस्त दुरुस्त यूपी पुलिस के इस बड़े प्रयास में ट्रैफिक प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा गया था। ट्रैफिक जाम और भीड़-भाड़ से बचने के लिए, दस ट्रैफिक इंस्पेक्टर, बीस टीएसआई (ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर), चार सौ पचास ट्रैफिक कांस्टेबल और तीन एसीपी ट्रैफिक को नियुक्त किया गया। इन सभी कर्मचारियों ने सुनिश्चित किया कि ट्रैफिक सुचारु रूप से चले और यात्री बिना किसी परेशानी के इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। इसका असर भी देखने को मिला और हर कोई हैसल फ्री ट्रैफिक के माध्यम से आयोजन स्थल पर पहुंच सका।  9 जोन और 20 सेक्टर्स में बांटा गया आयोजन स्थल आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए शहर को नौ जोन और बीस सेक्टरों में बांट दिया गया था। इसके अलावा, एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था, जो पूरे समय 24 घंटे एक्टिव था और सुरक्षा के सभी पहलुओं की निगरानी करता था। इस कंट्रोल रूम में 550 सीसीटीवी कैमरों द्वारा पूरे क्षेत्र की पल-पल की निगरानी की जाती थी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। 15 हजार की रही पार्किंग क्षमता पार्किंग की व्यवस्था भी इस इवेंट की अहम जरूरत थी। इसके लिए सात पार्किंग स्थल बनाए गए, जहां पंद्रह हजार से अधिक गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसमें सर्वाधिक क्षमता नासा पार्किंग की रही, जहां 10 हजार वाहन एक साथ खड़े किए जा सकते थे। यही नहीं, यहां से लोगों को आयोजन स्थल तक ले जाने के लिए शटल बसों की भी व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था इवेंट में आने वाले आगंतुकों को आसानी से पार्किंग का विकल्प प्रदान कर रही थी। फिर दिखी स्मार्ट पुलिसिंग  स्मार्ट पुलिसिंग के तहत पुलिस ने एक डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया था। इवेंट में आने वाले लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, ताकि वे इवेंट स्थल तक सही मार्ग पर पहुंच सकें। यह स्मार्ट पुलिसिंग की प्रणाली दर्शाती है, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर जनता तक सटीक जानकारी पहुंचाई गई और यातायात व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया गया। शहर भर में लगाए गए साइन बोर्ड  आगंतुकों, विशेषकर विदेशी डेलीगेट्स और गेस्ट्स के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्हें इवेंट स्थल तक पहुंचने के लिए होटल से यूपीआईटीएस स्थल तक सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की व्यवस्था की गई। साथ ही, इवेंट स्थल और शहरभर में साइन बोर्ड लगाए गए, ताकि लोग आसानी से इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। एंटी ड्रोन भी किया गया तैनात  इसके अलावा, सुरक्षा के और भी कड़े उपाय किए गए थे। ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया था ताकि आसमान से भी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। यह आधुनिक तकनीकी उपाय इस बात का प्रमाण हैं कि यूपी पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग को पूरी तरह से अपनाया और इस इवेंट को एक सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव बनाने में अहम भूमिका निभाई।

पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, 23,500 से ज्यादा किसानों ने किया रजिस्ट्रेशन

पश्चिमी यूपी में पहली अक्टूबर से होगी धान खरीद, साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद  लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी बुधवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद 3300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य   48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान कराएगी योगी सरकार लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद प्रारंभ होगी। पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में खरीद होगी। मंगलवार (30 सितंबर) सुबह 11 बजे तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल याा अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण  30 सितंबर (सुबह 11 बजे) तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। 

47 साल बाद सहारा का साम्राज्य संकट में, लखनऊ में प्रशासन की सख्ती से मचा हलचल

लखनऊ  लखनऊ में कभी शहर की पहचान रहा सहाराश्री सुब्रत रॉय का साम्राज्य अब ढहने की कगार पर है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियों ने समूह की संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है. इसी कड़ी में अब नगर निगम सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करने की तैयारी में है.  आपको बता दें कि लखनऊ में सहारा इंडिया का साम्राज्य अब अंत की तरफ बढ़ रहा है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियां सहारा समूह की संपत्तियों पर तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम जल्द ही गोमती नगर में स्थित सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करेगा.  नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सहारा ने लाइसेंस डीड की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिस कारण यह कार्रवाई की जा रही है. नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दायर करने की तैयारी की है.  क्या है मामला? नगर निगम ने 1994-95 में मुलायम सिंह यादव सरकार के समय सहारा को 170 एकड़ जमीन लीज पर दी थी, जिसमें से 130 एकड़ जमीन लाइसेंस डीड के तहत आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए थी. लेकिन सहारा समूह ने नियमों का उल्लंघन करते हुए यहां लग्जरी बंगले, ऑडिटोरियम, स्टेडियम और हेलीपैड जैसी सुविधाएं बना लीं. नगर निगम ने सहारा के नोटिस का जवाब खारिज कर दिया है और अब कार्रवाई शुरू हो गई है.  कार्रवाई के दौरान क्या होगा? सीलिंग की कार्रवाई के दौरान सहारा शहर के सभी गेट सील कर दिए जाएंगे. फिलहाल परिसर में रह रहे कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और केयरटेकर को बाहर निकाला जाएगा. केवल एक गेट आवाजाही के लिए खुला रहेगा, जिसे बाद में बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद नगर निगम पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर अपनी सुरक्षा तैनात करेगा. 

नए सर्किल रेट से यूपी के इस जिले में जमीनें होंगी महंगी, जानें कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें

बदायूं जमीन खरीदने और बेचने वाले सावधान हो जाएं। अगले सप्ताह से नए सर्किल रेट लागू हो रहे हैं। उसके अनुसार जिले की जमीन 15 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। कुछ इलाकों में 18 प्रतिशत तक जमीनों के रेट बढ़ाए गए हैं। इससे उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो नए सर्किल रेट के अनुसार अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं और जो लोग खरीदने के विचार में है, उन्हें 15 प्रतिशत ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। जिला प्रशासन की ओर से पिछले छह माह से जिले की जमीनों का सर्वे चल रहा था। उसके अनुसार जून में नए सर्किल रेट लागू होने थे लेकिन इससे पहले जिन किसानों या जमीन मालिकों की जमीन अधिग्रहण हो चुकी थी। उनका भुगतान भी पूरा नहीं हो पाया था। उनकी जमीनें पुराने सर्किल रेट के अनुसार अधिग्रहण की गईं थीं और उसी के हिसाब से उनका भुगतान हो रहा था। भुगतान न होने की वजह से जिले में नए सर्किल रेट लागू नहीं हो सके थे लेकिन अब उप निबंधक कार्यालय और जिला प्रशासन ने नए सर्किल रेट लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से जिले में नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। जिले भर की जमीनों के 15 से 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ाए गए हैं। अधिकतर जमीनों के 15 प्रतिशत तक ही मूल्य बढ़े हैं जबकि जहां सबसे ज्यादा महंगी जमीन है, वहां पर 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ा दिए गए हैं। इसका फायदा उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा होगा, जो किसी कारण बस अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं। अब उन्हें नए सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का पैसा मिलेगा लेकिन अब उन लोगों के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी जो लोग जमीन खरीदने का विचार बना रहे हैं। उन्हें अब नए सर्किल रेट के अनुसार जमीनों का भुगतान करना पड़ेगा। शहर के आसपास इलाके के लोगों को सबसे ज्यादा होगा लाभ इस समय शहर के आसपास इलाके में ही सबसे ज्यादा जमीन की खरीद फरोक्त हो रही है। शहर के तमाम व्यापारी बाईपास पर जाकर जमीनें तलाश रहे हैं, जिससे उनका कोई ठिकाना बन सके। इसके अलावा मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे, आंवला, बरेली, उझानी, उसहैत, अलापुर मार्गों पर जमीनें तलाशी जा रही हैं। नए सर्किल रेट के लागू होने से इन इलाकों में जमीनें महंगी हो जाएंगी। या फिर जिन इलाकों में सबसे ज्यादा प्लाटिंग चल रही है। वहां के लोगों को लाभ होगा। उन्हें नए सर्किट रेट के अनुसार ही भुगतान प्राप्त होगा।  

बरेली में पोस्टर विवाद बढ़ा तनाव, नगर निगम ने 38 दुकानों पर कसा शिकंजा

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को कई दुकानों को चिन्हित करते हुए नगर निगम की टीम ने लाल रंग का क्रॉस निशान लगाया है। इसके साथ ही, दुकानदारों को तुरंत दुकानें खाली करने के लिए कहा गया है। नगर निगम कर्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह अतिक्रमण है। इस जमीन पर बनाई गई दुकानों को चिन्हित किया है। उन्होंने बताया कि दुकान खाली होने के बाद इन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के कर्मचारी ने बताया कि अतिक्रमण करके करीब 38 दुकानें बनाई गई थीं। नगर निगम की कार्रवाई पर दुकानदारों ने कहा कि हमें कुछ ही घंटे का समय दिया गया है, लेकिन हमारी मांग है कि हमें इतना समय मिलना चाहिए कि हम अपना सामान हटा सकें। एक दुकानदार ने यह स्वीकार भी किया कि इस बिल्डिंग पर पहले से ही स्टे लगी हुई है। हम सिर्फ यहां किराएदार हैं। दुकानदार ने नगर निगम की कार्रवाई का भी समर्थन किया और कहा कि हम इसके खिलाफ नहीं हैं। हमें बस अपना सामान हटाने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए। बरेली में नगर निगम ने यह कार्रवाई उस समय की है, जब शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर के साथ हुए प्रदर्शन के कारण तनाव पैदा हो गया था। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। इस मामले में बरेली के मौलाना तौकीर रजा भी गिरफ्तार हुए हैं।

स्मार्ट मीटर की वजह से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, बिजली विभाग ने क्यों किया ये कदम?

सुलतानपुर उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्या के निदान और अन्य सहूलियतों के लिए बिजली विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। ये मीटर सुविधा के बजाय संकट का कारण बन गए हैं। उपभोक्ताओं के पास अचानक बैलेंस समाप्त होने का संदेश आ रहा, जिससे उन्हें जोर का झटका लगता है। बिना आवेदन या सहमति के मीटर प्रीपेड कैसे हो जा रहे, इसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जिले में अब तक 27725 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इनमें 10775 प्रीपेड हो चुके हैं। प्रीपेड हुए मीटरों वालों उपभोक्ताओं के यहां बकाया माइनेस में दिखाकर कनेक्शन काटने का संदेश आ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि मीटर की रीडिंग तेज चल रही है, जिससे कई गुणा अधिक बिल आ रहा है। ऐसे पीड़ित उपभोक्ता बिजली उपकेंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। प्रस्तुत है यह रिपोर्ट…   केस एक: निजामपट्टी निवासी पूनम पटवा ने एक किलोवाट का कनेक्शन लिया है। बीते मार्च में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया। तीन माह तक बिल नहीं आया। जून में 47 हजार का बिल आया। लोड के हिसाब से कई गुणा अधिक बिल आने से वह परेशान हैं। बीते दिनों उनके कनेक्शन नंबर 9615823582 पर बैलेंस समाप्त और माइनस 770.3 होने पर विच्छेदन से बचें, तुरंत रिचार्ज कराने का संदेश आया, तो वे चौंक गईं। ऐसा तब है जबकि प्रीपेड के लिए कोई सहमति या आवेदन नहीं लिया गया। केस दो: जेल रोड निवासी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव का एक किलोवाट का कनेक्शन है। बताया कि फरवरी में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया था। पहले की अपेक्षा इस मीटर से बिल काफी अधिक आ रहा है। कुछ दिनों पहले उनके कनेक्शन संख्या 5120672000 पर बैलेंस समाप्त और रिचार्ज करने संबंधी संदेश आया। तब से परेशान हैं। केस तीन: चुनहा निवासी चंदा देवी ने भी एक किलोवाट का ही कनेक्शन लिया है। इनके भी मोबाइल पर बैलेंस समाप्त माइनस 1828.27 का संदेश आया है। उनके बेटे भोले ने बताया कि इससे अच्छा पहले वाला ही मीटर था। बिल सही कराने के लिए दौड़ रहा हूं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यालय से प्रीपेड होते मीटर अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड आरएस वर्मा ने बताया कि घरों और प्रतिष्ठानों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पावर कारपोरेशन से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं से प्रीपेड किए जा रहे हैं। यहां से मीटरों की निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा बिल आने की शिकायत आने पर चेक मीटर लगाकर जांच की जाती है।  

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी

विकसित यूपी @2047 30 अक्टूबर तक जनता दे सकेगी अपने सुझाव, अब तक मिले 14 लाख फीडबैक समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी  ग्रामीण क्षेत्रों से 11 लाख और शहरी क्षेत्रों से मिले 3 लाख सुझाव – युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा, 6 लाख से अधिक राय दर्ज – शिक्षा क्षेत्र पर सर्वाधिक 4.5 लाख से ज्यादा सुझाव, कृषि पर 3 लाख से अधिक सुझाव आए – स्वास्थ्य, समाज कल्याण और विकास पर 1-1 लाख से ज्यादा राय – आईटी और इंडस्ट्री पर 40-40 हजार सुझाव, सुरक्षा से संबंधित 30 हजार से अधिक सुझाव – सीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधानों से संवाद कर बढ़ाई जाएगी भागीदारी – जनता की राय से तैयार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ लखनऊ  योगी सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047' अभियान की अवधि बढ़ा दी है। अब यह अभियान 30 अक्टूबर 2025 तक अनवरत रूप से जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़कर प्रदेश के विकास की दिशा में अपनी राय और सुझाव दे सकें। अबतक करीब 14 लाख सुझाव हुए प्राप्त अभियान के तहत अब तक करीब 14 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 11 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 3 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। सुझाव देने वालों में युवा सबसे ज्यादा सुझाव देने वालों में सबसे ज्यादा हिस्सा युवाओं का रहा है। 6 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 7 लाख सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग से और लगभग 1 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक आयु) से आए हैं। विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो- * शिक्षा क्षेत्र में सर्वाधिक 4.5 लाख से अधिक सुझाव * कृषि क्षेत्र में 3 लाख से ज्यादा सुझाव * स्वास्थ्य, समाज कल्याण और ग्रामीण-नगरीय विकास में प्रत्येक 1 लाख से अधिक सुझाव * आईटी एवं टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री में लगभग 40-40 हजार सुझाव * सुरक्षा संबंधित विषयों पर 30 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। सीएम ने किया ग्राम प्रधानों से संवाद अभियान में आमजन की भागीदारी और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। ग्राम प्रधानों ने ग्रामीणों को इस अभियान से जुड़ने और अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। सरकार का कहना है कि यह निर्णय उसकी जनप्रतिबद्धता और सहभागी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों की राय और सुझावों के आधार पर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ तैयार किया जाएगा।    

विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी

आधुनिक और सशक्त नगर निकाय ही बनाएंगे विकसित उत्तर प्रदेश की राह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं: मुख्यमंत्री विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी महापौरों तथा नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों से विकसित यूपी@2047 के लिए मुख्यमंत्री ने मांगा सुझाव जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री का आह्वान, विकसित यूपी@2047 को बनाएं लोक चर्चा-संवाद का विषय ईज़ ऑफ लिविंग और आधुनिक नागरिक सेवाएँ हों नगर निकायों की कार्ययोजना का आधार: मुख्यमंत्री स्मार्ट सेवाएँ, हरित क्षेत्र और डिजिटल पहुँच बने हर नगर का आदर्श मॉडल: मुख्यमंत्री आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए माध्यम तलाशें नगर निकाय: मुख्यमंत्री ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री ने महापौरों, पार्षदों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सभासदों से किया संवाद नगर निकाय प्रतिनिधियों से बोले मुख्यमंत्री, शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए नगर निकायों को अपनानी होगी नई कार्यशैली प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ : 127 नए निकाय, 17 स्मार्ट सिटी, मेट्रो-आरआरटीएस जैसी परियोजनाएँ विकसित यूपी@2047 की सफलता में जनसहभागिता अहम, क्यूआर कोड और पोर्टल से अब तक 12 लाख से अधिक नागरिकों ने साझा किए सुझाव श्रेष्ठ सुझावों को मिलेगा सम्मान, नगर निकाय प्रतिनिधियों ने अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का किया संकल्प लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय अपनी कार्ययोजना में नवाचार को स्थान दे और ईज़ ऑफ लिविंग की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में नगर निकायों की भूमिका सबसे अहम है। हर नगर निकाय को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने नगर को स्वच्छ, आधुनिक, सुगठित और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कमी न छोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय यात्रा का अग्रणी राज्य है। बीते साढ़े 08 वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 127 से अधिक नए नगर निकायों का सृजन और पुनर्गठन, 17 स्मार्ट सिटी का विकास, ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार, मेट्रो, आरआरटीएस और रोपवे जैसे आधुनिक परिवहन के प्रयास तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवरेज की नई योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम ने अपने म्युनिसिपल बांड जारी किए। हर नगरीय निकाय ने ढाई से तीन गुना तक आय बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की शहरी आबादी कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में नगर निकायों को अपनी सोच और कार्यशैली दोनों को बदलना होगा। शहरी विकास की योजनाएँ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर ही तैयार करनी होंगी। उन्होंने नगर निगमों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बहुआयामी उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल के पंच प्रण’ को दोहराते हुए ‘विकसित यूपी@2047’ का विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इनसे जुड़ना होगा। विकसित यूपी अभियान के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रोडमैप अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति के तीन स्तंभों पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित 12 सेक्टर के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी एक वीडियो फ़िल्म प्रदर्शित की गई। क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया का परिचय भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे उनके द्वारा इस अभियान से संबंधित भेजे गए पत्र को विभिन्न बैठकों और सभाओं में अनिवार्य रूप से पढ़ें, ताकि सरकार का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे। जनप्रतिनिधियों को इसे आम चर्चा का विषय बनाने के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, नगर विकास और नियोजन विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सुझाव जरूर प्राप्त हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्मरणीय दस्तावेज होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच श्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख नागरिक अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। इन सुझावों का सारांश भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल अभिमत संग्रहण नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को राज्य की नीतियों में शामिल करने का ऐतिहासिक प्रयास है।