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मौलाना शहाबुद्दीन का आरोप: वक्फ बोर्ड बन गया करप्शन का अड्डा, योगी सरकार करे कार्रवाई

बरेली ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वक्फ बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए क्योंकि यह करप्शन का अड्डा बन चुका है। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए संतुलित फैसला सुनाया है। यह फैसला देश, समाज और मुसलमानों के हित में है।मौलाना ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड का दफ्तर रिश्वतखोरी का गढ़ बन चुका है। छोटी-छोटी मस्जिद, कब्रिस्तान या दरगाह की कमेटी गठित कराने के लिए वर्षों चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना रिश्वत कोई काम नहीं होता। लखनऊ का जुमला याद कराया, लगाए आरोप मौलाना ने कहा है किलखनऊ में यह जुमला मशहूर है कि वक्फ बोर्ड की एक-एक ईंट पैसा मांगती है। भाजपा सरकार करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, इसलिए वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चहेते हैं और 18 साल से सत्ता बदलने के बावजूद पद पर जमे हुए हैं। सपा, बसपा और यहां तक कि भाजपा शासनकाल में भी उन्हें कुर्सी पर बनाए रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनमें ऐसी कौन-सी खूबियां हैं, जिसकी वजह से उन्हें लगातार अध्यक्ष बनाए रखा गया। मुस्लिम संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के कुछ अहम प्रावधानों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने का मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) समेत कई संगठनों और धर्मगुरुओं ने सोमवार को स्वागत किया। शीर्ष अदालत में इस विवादित अधिनियम को चुनौती देने वाली जमीयत के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उनका संगठन इस ‘काले कानून’ के ख़त्म होने तक ‘अपनी क़ानूनी और लोकतांत्रिक जद्दोजहद को जारी रखेगा।” वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि उसे अदालतों पर पूरा भरोसा है और इंसाफ मिलने की उम्मीद है।  

वोटिंग लिस्ट से नाम हटाएं तो क्या बदलाव होगा? यूपी चुनाव आयोग का ताजा आदेश

लखनऊ  यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग वोटिंग लिस्ट को दुरुस्त करने में जुट गया है। वोटर लिस्ट में सभी का नाम जोड़ने और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर प्रदेशभर से जुटे अधिकारियों की ट्रेनिंग कराई गई। ट्रेनिंग में 8 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 137 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूची से नाम हटाने की कार्यवाही नियमों के अनुसार हो और सभी संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ट्रेनिंग का उद्देश्य अधिकारियों को निर्वाचक नामावली से संबंधित कानूनी प्रावधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, एनजीएसपी पोर्टल और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित करना था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और समावेशी बनाना बेहद ज़रूरी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में छोटे-छोटे समूहों में बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी प्रशिक्षित करें। उन्होंने उन मतदान केंद्रों की पहचान कर कार्ययोजना बनाने के लिए कहा जहां लिंगानुपात (gender ratio) असंतुलित है, ताकि जागरूकता अभियान चलाकर सुधार किया जा सके। 18-19 आयु वर्ग के युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष बल दिया गया। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों में नए अनुभाग बनाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशिक्षण में 2003 की मतदाता सूची को 2025 की सूची के साथ मैप करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। बीएलओ को घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करने और मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों को दी गई इसकी जानकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के तहत उनके कानूनी दायित्व बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ बेहतर समन्वय दावे और आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप जैसे तकनीकी पहलुओं का उपयोग आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण में मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका  

युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन बनेगा योजना का मुख्य लक्ष्य: मुख्यमंत्री

संत कबीर के नाम पर उत्तर प्रदेश में स्थापित होंगे वस्त्र एवं परिधान पार्क: मुख्यमंत्री युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन बनेगा योजना का मुख्य लक्ष्य: मुख्यमंत्री बुनकरों की अपेक्षाओं को जानने-समझने के लिए हर जिले में हो संवाद, सस्ती बिजली और पॉवरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने के की जरूरत: मुख्यमंत्री निवेश सारथी पोर्टल पर मिले हैं 659 प्रस्ताव, 15,431 करोड़ निवेश और 1 लाख से अधिक रोजगार अवसर का अनुमान प्रत्येक पार्क न्यूनतम 50 एकड़ भूमि पर विकसित होगा, सहायक इकाइयों व सीईटीपी की होगी अनिवार्यता युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन बनेगा योजना का मुख्य लक्ष्य: मुख्यमंत्री संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ परंपरा और आधुनिकता का संतुलन स्थापित होगा: मुख्यमंत्री प्रदेश से 2023-24 में 3.5 अरब डॉलर का वस्त्र और परिधान निर्यात, देश के कुल निर्यात में 9.6% योगदान प्रदेश में वस्त्र क्षेत्र से 22 लाख लोगों को रोजगार, जीडीपी में 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र में निजी निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभिन्न जिलों में वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उत्पादों की समृद्ध धरोहर वाला राज्य है, जिसकी क्षमता का सही उपयोग होने पर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वस्त्र एवं परिधान का वैश्विक बाजार वर्ष 2030 तक 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है और भारत इसमें 8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ सबसे तेज़ी से बढ़ते देशों में है। ऐसे परिदृश्य में उत्तर प्रदेश की भागीदारी इस क्षेत्र में निर्णायक सिद्ध हो सकती है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित योजना को महान संत कबीर के नाम पर समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने अपने जीवन दर्शन में श्रम, सादगी और आत्मनिर्भरता को सर्वोपरि माना और यही भाव इस योजना का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के माध्यम से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ परंपरा और आधुनिकता का संतुलन स्थापित होगा। बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, वर्तमान में उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष वस्त्र एवं परिधान निर्यातक राज्यों में शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में प्रदेश से लगभग 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जो देश के कुल वस्त्र एवं परिधान निर्यात का लगभग 9.6 प्रतिशत है। इस क्षेत्र का प्रदेश की जीडीपी में 1.5 प्रतिशत योगदान है, जबकि राज्य में प्रत्यक्ष रोजगार पाने वाले लगभग 22 लाख लोग इससे जुड़े हैं। वाराणसी, मऊ, भदोही, मिर्जापुर, सीतापुर, बाराबंकी, गोरखपुर और मेरठ जैसे पारंपरिक क्लस्टरों ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय परिधान मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। अधिकारियों ने बताया कि निवेश सारथी पोर्टल पर अब तक वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र से जुड़े 659 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के लिए लगभग 1,642 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। कुल निवेश मूल्य 15,431 करोड़ रुपये आंका गया है और इसके फलस्वरूप लगभग 1,01,768 रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है। प्रत्येक पार्क न्यूनतम 50 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा और इनमें प्रसंस्करण उद्योगों के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना अनिवार्य होगी। साथ ही बटन, ज़िपर, लेबल, पैकेजिंग और वेयरहाउस जैसी सहायक इकाइयों के विकास की भी व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों को शीघ्र गति से क्रियान्वित करने हेतु भूमि की पहचान और विकास कार्य को तेज़ किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का क्रियान्वयन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अथवा नोडल एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा, ताकि निवेशकों को समयबद्ध और सुगम सुविधाएं प्राप्त हों। सरकार की ओर से पार्कों तक सड़क, विद्युत और जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन को इस योजना का मुख्य लक्ष्य बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क योजना न केवल निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेगी बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्र एवं परिधान मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान भी दिलाएगी। बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों की उत्पादन लागत कम करने, आय बढ़ाने और परंपरागत वस्त्र उद्योग को नई मजबूती देने के उद्देश्य से बुनकरों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुनकर, परिश्रम और परंपरा के प्रतीक हैं। उनके हाथों से बना कपड़ा पूरे विश्व में पहचान रखता है। सरकार बुनकरों की मेहनत का सम्मान करते हुए उन्हें सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है। बुनकरों से संवाद बनाकर उनकी अपेक्षाओं को जानने और समझने की आवश्यकता है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विभाग द्वारा प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही के भी निर्देश दिए।

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में महिलाओं, बेटियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य परीक्षण को चलाया जाएगा अभियान

  – मोटापे को कम करने के लिये चीनी और तेल के प्रयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने पर दिया जाएगा जोर – कैंसर, रक्तचाप, मधुमेह, आंख समेत होंगी विभिन्न जांचें, आयुष्मान और मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड का किया जाएगा वितरण लखनऊ,  योगी सरकार ने महिलाओं, बेटियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत सीएम योगी के निर्देश पर 17 सितंबर से पूरे प्रदेश में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश भर में 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत स्वास्थ्य शिविर, पोषण जागरूकता और मातृत्व लाभ वितरण आदि कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।  इसका उद्​देश्य महिलाओं और उनके परिवार का स्वास्थ्य मजबूत कर समाज को मजबूत करना है। कैंसर समेत होंगी विभिन्न तरह की जांचें, आयुष्मान कार्ड का किया जाएगा वितरण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश में चिकित्सा और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इसमें महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पोषण जागरूकता पर विशेष कार्यक्रम होंगे। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मातृत्व लाभ भी वितरित किया जाएगा। अभियान के स्वास्थ्य शिविर में महिलाअों के रक्तचाप, मधुमेह, दांत, आंख और ईएनटी की जांच की जाएगी। इसके अलावा कैंसर (मुख, स्तन और ग्रीवा), गर्भवती महिलाओं आदि की जांच की जाएगी। साथ ही एनीमिया के स्तर, टीकाकरण, टेलीमानस सुविधाएं और सिकल सेल परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पोषण ट्रैकिंग का पंजीकरण भी किया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली और पोषण पर दिया जाएगा जोर अभियान के तहत लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें मोटापे को कम करने चीनी और तेल के प्रयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने, स्थानीय और मौसमी भोजन को बढ़ावा देने तथा बच्चों, किशोरियों के आहार व आयरन सेवन को सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा। इसके अलावा टेक होम राशन  का वितरण और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। अभियान में प्रदेश के हर नागरिक को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसमें रक्तदान शिविर, मित्र स्वयंसेवी पंजीकरण और आंगनबाड़ी पंजीकरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को अभियान से जोड़ा जाएगा।

सीएम योगी के विजन व कुशल मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीक का केंद्र बनकर उभर रहे यूपी की शक्ति की साक्षी बनेगी दुनिया

  -ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में हो रहे भव्य आयोजन में एआई मॉडल के लाइव डेमॉन्सट्रेशन के जरिए तकनीकी उन्नति को किया जाएगा प्रदर्शित -आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा 200 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में पवेलियन का होगा निर्माण, यूपीएलसी द्वारा कार्य पूरा किया जाएगा लखनऊ, उत्तर प्रदेश को उन्नत तकनीकी का गढ़ बनाने की दिशा में कार्य कर रही योगी सरकार ने यूपीआईटीएस 2025 को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन व कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का कायाकल्प न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सुखद आश्चर्य का विषय बना हुआ है। योगी सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि कभी पिछड़ा कहा जाने वाला प्रदेश आज देश में उद्यम, उत्पादकता, तकनीकी कौशल व नवाचार का केंद्र बनकर उभरा है। प्रदेश की इसी सकारात्मक शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर के बीच यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तृतीय संस्करण (यूपीआईटीएस 2025) का आयोजन किया जा रहा है।          इस कड़ी में, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल का लाइव डेमॉन्सट्रेशन भी करेगा, जो दुनियाभर से यहां आने वाले आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस उद्देश्य से विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना के अनुसार, आयोजन स्थल के हॉल-5 के 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में भव्य पवेलियन का संचालन किया जाएगा, जिसे उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) की देखरेख में तैयार किया जाएगा। कर्व्ड एलईडी वॉल समेत विभिन्न आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा पवेलियन योजना के अनुसार, यूपीएलसी की देखरेख में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का थीम आधारित कॉन्सेप्च्युलाइज्ड पवेलियन बनाया जाएगा। इसमें स्टार्टअप्स के लिए विशेष क्षेत्र भी तैयार किया जाएगा। विभाग के पंडाल में स्मार्ट एलईडी वीडियो वॉल तथा स्टार्टअप्स के लिए अलॉटेड एरिया में आधुनिक कर्व्ड वीडियो वॉल लगाई जाएगी। इनके माध्यम से योगी सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और तकनीकी प्रगति की गाथाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। पंडाल में मुख्य मंच (स्टेज) के साथ ही बैठकों के लिए वीआईपी लाउंज, कैफेटेरिया और कॉमन विजिटिंग एरिया जैसी सुविधाएं भी वैश्विक मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे आगंतुकों को भव्यता के साथ ही भविष्य की तकनीकों तथा इस दिशा में योगी सरकार के प्रयासों की जानकारी मिलेगी। लाइव सेटअप के आधार पर कार्य करेगा एआई मॉडल आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के पवेलियन में प्रस्तुत किया जाने वाला एआई मॉडल लाइव सेटअप पर आधारित होगा। यह न केवल कई भविष्य आधारित विशेषताओं से युक्त होगा, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को प्रदर्शित करने का माध्यम भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जहां एआई प्रज्ञा जैसे कार्यक्रम प्रदेश की युवा पीढ़ी व वर्कफोर्स को एआई दक्ष बना रहे हैं, वहीं महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों से लेकर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और रोजमर्रा के कार्यों के कुशल निष्पादन में एआई की भूमिका अहम रही है। इसके अतिरिक्त,पंडाल में कंटेंट डिस्प्ले के लिए करीब 150 वर्ग फीट की एनामॉर्फिक डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी। साथ ही, पंडाल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए लाइव फीड सेटअप भी उपयोग में लाया जाएगा।

रोड और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही योगी सरकार

– राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना से ज्यादा बढ़ा – सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे के साथ यूपी बनेगा लॉजिस्टिक हब – 2047 तक हर मंडल को एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट देने का मुख्यमंत्री का संकल्प – पीएमजीएसवाई से गांव-गांव तक पहुंची सड़क – जेवर एयरपोर्ट बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 'विकसित यूपी @2047' के विजन की ओर बढ़ते हुए परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव का साक्षी बन रहा है। पिछले साढ़े आठ वर्षों में जिस तेजी से सड़क, एक्सप्रेसवे और एविएशन सेक्टर में प्रगति हुई है, उसने न केवल प्रदेश की रफ्तार बढ़ाई है बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और विकास का नया केंद्र बना दिया है। 2017 से पहले की स्थिति : धीमी प्रगति, सीमित संसाधन वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सड़क और एविएशन अवसंरचना विकास की रफ्तार बेहद धीमी थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़क लंबाई 2013-14 में 51,549 किलोमीटर से बढ़कर 2016-17 में मात्र 56,846 किलोमीटर हो सकी। हवाई कनेक्टिविटी भी सीमित थी और 17 वर्षों (1999 से 2016 तक) में विमान यात्रियों की संख्या में केवल 55 लाख की वृद्धि हुई थी। प्रदेश में उस समय मात्र तीन एक्सप्रेसवे और गिने-चुने हवाई अड्डे संचालित थे। साढ़े आठ साल में बड़ा बदलाव : जमीन से आकाश तक नई उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2017 के बाद सड़क, हवाई और जल परिवहन में समन्वित दृष्टिकोण के साथ ठोस कदम उठाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क लंबाई 2024-25 तक 77,425 किलोमीटर तक पहुंच गई। वहीं, एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे आगे निकलते हुए 22 एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने के महाअभियान में जुटी हुई है। एविएशन सेक्टर में भी यूपी ने छलांग लगाई और 12 घरेलू तथा 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो चुके। एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश अब 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में जाना जा रहा है। 1949-50 में जहां कोई एक्सप्रेसवे नहीं था, वहीं 2016-17 तक यह संख्या केवल 3 तक पहुंच सकी थी। लेकिन 2025-26 तक यह बढ़कर 22 हो गई है, इसमें संचालित और निर्माणाधीन दोनों शामिल हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट न केवल आंतरिक कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं, बल्कि लॉजिस्टिक हब के रूप में यूपी की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। प्रमुख निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और व्यापक बनाने के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू हो गये हैं। इनमें गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे (मुजफ्फरनगर के रास्ते) और चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश का सड़क नेटवर्क न केवल और मजबूत होगा बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार 2004-05 में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 5,599 किलोमीटर था, जो 2023-24 तक बढ़कर 12,292 किलोमीटर हो गया। इस दोगुनी से अधिक वृद्धि ने राज्य के भीतर व्यापार, माल ढुलाई और औद्योगिक विकास को नई गति दी है। इससे न केवल रसद लागत कम हुई है, बल्कि यूपी उत्तर भारत में एक रणनीतिक ट्रांजिट हब बन गया है। हवाई कनेक्टिविटी में आई क्रांति 1950 में जहां प्रदेश में एक भी हवाई अड्डा नहीं था, वहीं 2025 तक इनकी संख्या 16 (पांच निर्माणाधीन सहित) हो चुकी है। इसमें 12 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। विशेष रूप से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आने वाले समय में एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा और कार्गो तथा ट्रांजिट हब के रूप में उत्तर प्रदेश को नई पहचान देगा। विमान यात्रियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि 2017 से पहले 17 वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या में 55 लाख की वृद्धि हुई थी, जबकि पिछले आठ वर्षों में यह वृद्धि 82 लाख तक पहुंच गई। 2025 में विमान यात्रियों की संख्या 1.42 करोड़ तक अनुमानित है। इस तेजी ने यूपी को विमानन क्षेत्र में नई उड़ान दी है। भविष्य की राह 2030 तक : कनेक्टिविटी का महाजाल प्रदेश में पूरब से पश्चिम की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव के बाद अब योगी सरकार 2030 तक उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी का विशाल नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में काम कर रही है। सभी जिला मुख्यालयों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने, नेपाल सीमा पर बहुउद्देशीय ट्रांजिट हब विकसित करने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय रोपवे निर्माण की योजना है। विजन 2047 : एक मंडल-एक एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रमुख विजन है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में हर मंडल का अपना एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट हो। सभी 75 जिलों को एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ग्रीन स्मार्ट हाईवे, एयर कार्गो हब, हेलिपोर्ट और आधुनिक एविएशन इकोसिस्टम से उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल कनेक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित करने की योजना है।

मौसम में बदलाव: कई जिलों में गहराए बादल, आज रात से भारी बारिश का अलर्ट जारी

लखनऊ मौसम में बदलाव हुआ है। सोमवार की सुबह से धूप की बजाय बादल छाए हुए हैं। इधर कई दिनों से उमस से परेशान लोगों को मौसम से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई मानसून वापसी के बीच आगामी सप्ताह पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छी वर्षा की संभावना है। सोमवार शाम तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार को राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की पश्चिमी राजस्थान से वापसी हो रही है। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र बन रहा है। इसके मध्य भारत की ओर बढ़ने के साथ ही मानसून द्रोणी निष्प्रभावी हुई है। परिणामस्वरुप बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के उत्तर प्रदेश के पूर्वी व मध्यवर्ती भाग तक पहुंचने से वर्षा की गतिविधियों में फिर से वृद्धि होगी। रविवार को कानपुर रहा सबसे ज्यादा गर्म मौसम विभाग के अनुसार, तराई, पूर्वांचल और मध्यांचल के जिलों में आगामी सप्ताह के दौरान कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर बारिश के दौरान मेघगर्जन के भी आसार हैं। 17-18 सितंबर के दौरान राजधानी लखनऊ में भी मध्यम से तेज वर्षा होने की संभावना है। रविवार को कानपुर सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं दूसरे नंबर पर उरई का अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना है, वहीं पूर्व उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। दो दिन बाद अच्छी बारिश के आसार  पिछले कई दिनों से उमस ने परेशान कर रखा है। माैसम विभाग ने दो दिन बाद राहत मिलने के संकेत दिए हैं। माैसम विभाग के अनुसार 17 और 18 सितंबर को राजधानी में मध्यम या तेज बारिश हो सकती है। सोमवार की शाम या रात में बूंदाबांदी की भी संभावना बन रही है। आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को राजधानी के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। देर शाम से रात तक बादल छिटपुट बारिश कर सकते हैं। इससे तापमान में गिरावट होगी और उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है। बुधवार एवं बृहस्पतिवार को अच्छी बारिश होने के आसार हैं। शनिवार के मुकाबले रविवार को तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। ऐेसे में लाेग पूरे दिन उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। आसमान में कुछ देर के लिए बादल आए तो, मगर बिना बरसे ही चले गए। रविवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक रहा।  

रोड और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही योगी सरकार

विकसित यूपी @2047: यूपी का नया अवतार : जमीन पर रफ्तार, आकाश में विस्तार  रोड और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही योगी सरकार  2017 से पहले धीमी प्रगति, योगी सरकार ने दी रफ्तार – राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना से ज्यादा बढ़ा – सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे के साथ यूपी बनेगा लॉजिस्टिक हब – 2047 तक हर मंडल को एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट देने का मुख्यमंत्री का संकल्प  – पीएमजीएसवाई से गांव-गांव तक पहुंची सड़क – जेवर एयरपोर्ट बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 'विकसित यूपी @2047' के विजन की ओर बढ़ते हुए परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव का साक्षी बन रहा है। पिछले साढ़े आठ वर्षों में जिस तेजी से सड़क, एक्सप्रेसवे और एविएशन सेक्टर में प्रगति हुई है, उसने न केवल प्रदेश की रफ्तार बढ़ाई है बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और विकास का नया केंद्र बना दिया है। 2017 से पहले की स्थिति : धीमी प्रगति, सीमित संसाधन वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सड़क और एविएशन अवसंरचना विकास की रफ्तार बेहद धीमी थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़क लंबाई 2013-14 में 51,549 किलोमीटर से बढ़कर 2016-17 में मात्र 56,846 किलोमीटर हो सकी। हवाई कनेक्टिविटी भी सीमित थी और 17 वर्षों (1999 से 2016 तक) में विमान यात्रियों की संख्या में केवल 55 लाख की वृद्धि हुई थी। प्रदेश में उस समय मात्र तीन एक्सप्रेसवे और गिने-चुने हवाई अड्डे संचालित थे। साढ़े आठ साल में बड़ा बदलाव : जमीन से आकाश तक नई उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2017 के बाद सड़क, हवाई और जल परिवहन में समन्वित दृष्टिकोण के साथ ठोस कदम उठाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क लंबाई 2024-25 तक 77,425 किलोमीटर तक पहुंच गई। वहीं, एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे आगे निकलते हुए 22 एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने के महाअभियान में जुटी हुई है। एविएशन सेक्टर में भी यूपी ने छलांग लगाई और 12 घरेलू तथा 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो चुके। एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश अब 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में जाना जा रहा है। 1949-50 में जहां कोई एक्सप्रेसवे नहीं था, वहीं 2016-17 तक यह संख्या केवल 3 तक पहुंच सकी थी। लेकिन 2025-26 तक यह बढ़कर 22 हो गई है, इसमें संचालित और निर्माणाधीन दोनों शामिल हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट न केवल आंतरिक कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं, बल्कि लॉजिस्टिक हब के रूप में यूपी की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। प्रमुख निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और व्यापक बनाने के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू हो गये हैं। इनमें गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे (मुजफ्फरनगर के रास्ते) और चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश का सड़क नेटवर्क न केवल और मजबूत होगा बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार 2004-05 में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 5,599 किलोमीटर था, जो 2023-24 तक बढ़कर 12,292 किलोमीटर हो गया। इस दोगुनी से अधिक वृद्धि ने राज्य के भीतर व्यापार, माल ढुलाई और औद्योगिक विकास को नई गति दी है। इससे न केवल रसद लागत कम हुई है, बल्कि यूपी उत्तर भारत में एक रणनीतिक ट्रांजिट हब बन गया है। हवाई कनेक्टिविटी में आई क्रांति 1950 में जहां प्रदेश में एक भी हवाई अड्डा नहीं था, वहीं 2025 तक इनकी संख्या 16 (पांच निर्माणाधीन सहित) हो चुकी है। इसमें 12 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। विशेष रूप से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आने वाले समय में एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा और कार्गो तथा ट्रांजिट हब के रूप में उत्तर प्रदेश को नई पहचान देगा। विमान यात्रियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि 2017 से पहले 17 वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या में 55 लाख की वृद्धि हुई थी, जबकि पिछले आठ वर्षों में यह वृद्धि 82 लाख तक पहुंच गई। 2025 में विमान यात्रियों की संख्या 1.42 करोड़ तक अनुमानित है। इस तेजी ने यूपी को विमानन क्षेत्र में नई उड़ान दी है। भविष्य की राह 2030 तक : कनेक्टिविटी का महाजाल प्रदेश में पूरब से पश्चिम की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव के बाद अब योगी सरकार 2030 तक उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी का विशाल नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में काम कर रही है। सभी जिला मुख्यालयों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने, नेपाल सीमा पर बहुउद्देशीय ट्रांजिट हब विकसित करने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय रोपवे निर्माण की योजना है। विजन 2047 : एक मंडल-एक एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रमुख विजन है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में हर मंडल का अपना एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट हो। सभी 75 जिलों को एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ग्रीन स्मार्ट हाईवे, एयर कार्गो हब, हेलिपोर्ट और आधुनिक एविएशन इकोसिस्टम से उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल कनेक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित करने की योजना है।      

जौनपुर सड़क हादसा: दर्शनार्थियों की बस और ट्रेलर में भिड़ंत, चार मृत, नौ लोग घायल

जौनपुर जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर में रविवार की रात भीषण सड़क हादसा हुआ। श्रद्धालुओं से भरी बस ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में अब तक चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। कैसे हुआ हादसा छत्तीसगढ़ से 50 श्रद्धालुओं से भरी बस अयोध्या गई थी। अयोध्या दर्शन करने के बाद सभी श्रद्धालु वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जा रहे थे। भोर में करीब तीन बजे बस लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर में पहुंची थी। जहां ट्रेलर को ओवरटेक करने के चक्कर में बस टकरा गई। टक्कर के बाद मची चीख- पुकार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद मौके पर चीख-  पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से सभी श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने चार श्रद्धालुओं को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य श्रद्धालुओं का इलाज जारी है। क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी एसपी जौनपुर डॉक्टर कौस्तुभ के मुताबिक हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हुई है। सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। जबकि नौ लोग घायल हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। मामले की छानबीन की जा रही है।

जनता दर्शन में सीएम का सख्त रुख, बच्चों को दुलारा, मरीजों को मिली तुरंत मदद

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश भर से आये हर पीड़ित के पास पहुंचे, शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। 'जनता दर्शन' में 50 से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रायबरेली से आये किडनी व हर्ट के मरीज को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए। किडनी, हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश 'जनता दर्शन' में रायबरेली के थाना खीरो के ग्राम बरवलिया के एक युवक भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता किडनी-हृदय व यूरिन की बीमारी से पीड़ित हैं। प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने में अब आर्थिक दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए अस्पताल से एस्टीमेट भी मंगवाने को कहा। हर जरूरतमंद को इलाज में निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है सरकार 'जनता दर्शन' में इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए कई फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज के खर्च की चिंता सरकार करेगी। सरकार विगत 8 वर्ष से हर जरूरतमंद को निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।    नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट 'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।