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898 कैदियों ने मथुरा जेल में राखी बंधवाई, बहनों से मांगा अपराध मुक्त जीवन का वचन

मथुरा भाई-बहन के अटूट रिश्ते, विश्वास और प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन शनिवार को जिले भर में धूमधाम व शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया। भाई-बहन के प्रेम की मिठास की महक जिला कारागार में भी खूब रही। 898 बंदियों ने बहनों से राखी बंधवाकर अपराध छोड़ने का वचन दिया। जिला कारागार ने बहनों के लिए परिसर में टेंट, ठंडा पानी और शरबत आदि की व्यवस्था कराई। 1549 महिलाएं और 767 बच्चे के साथ 2316 स्वजन ने बंदियों से मुलाकात की। रक्षा बंधन पर्व पर शनिवार सुबह वर्षा कुछ देर के लिए बाधा बनी, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद जिला कारागार के बाहर बहनों व स्वजन की लंबी कतारें लगीं। हर चेहरे पर बंदी भाई से मिलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की उत्सुकता झलक रही थी। कारागार प्रशासन ने तेज़ धूप और गर्मी से बचाने के लिए टेंट लगाए गए और ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारियों ने कारागार के बाहर ठंडा पानी और शरबत के काउंटर लगाए, ताकि मुलाकात के लिए आए लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। बहनों व बच्चों को एक-एक पैकेट बिस्कुट और चाकलेट दी गई। बहनों को जेल प्रशासन की ओर से राखी, रोली और चावल भी उपलब्ध कराए गए। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर जिला कारागार में 1549 महिलाएं और 767 बच्चे 898 बंदी भाइयों से मिलने पहुंचे। वहीं बाहर से आए 10 पुरुषों ने भी जेल में बंद बहनों से विशेष मुलाकात की और राखी बंधवाई।

लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो फ्लाइट पौने दो घंटे लेट, तकनीकी समस्या सामने आई

लखनऊ  रक्षाबंधन वाले दिन यानि शनिवार सुबह लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो की फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रोक दी गई। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यह फ्लाइट कुछ मिनटों में ही टेकऑफ करने वाली थी। इंडिगो की फ्लाइट 6E-515 लखनऊ से सुबह 8:55 बजे रवाना होकर 10:15 बजे देहरादून पहुंचनी थी। विमान में सफर करने वाले एक यात्री के मुताबिक, इस विमान की बोर्डिंग पूरी हो चुकी थी और उसमें क्रू मेंबर सहित 158 यात्री सवार थे। जब विमान उड़ान भरने के लिए टैक्सी वे से रनवे पर जा रहा था, तभी विमान में हल्का झटका लगा, पायलट ने तकनीकी गड़बड़ी पहचान ली। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना देते हुए विमान को रोक दिया। इसके बाद विमान को वापस टैक्सीवे पर लाया गया। विमान की खराबी दूर करने के लिए तत्काल इंजीनियरों की टीम बुलाई गई। यहां पर इंजीनियरों की टीम ने लगभग पौने दो घंटे की मेहनत के बाद विमान की खराबी दूर किया। इसके बाद विमान को रवाना किया। 8:55 पर रवाना होने वाला विमान सुबह 10.50 बजे उड़ान भर सका। विमान का देहरादून पहुंचने का समय 10.15 बजे है।

प्यार के लिए उठाया बड़ा कदम, ममेरी-फुफेरी बहनों ने शादी कर पुलिस से मांगी मदद

मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो बहनों के बीच शादी का एक अनोखा मामला सामने आया है। ममेरी और फुफेरी बहनों ने समाज के दायरे से बाहर जाकर एक-दूसरे को जीवनसाथी चुन लिया। दोनों युवतियों ने आपसी सहमति से शादी कर ली है। अब पति-पत्नी की तरह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। परिवार से जान का खतरा बताते हुए दोनों ने अब पुलिस से सुरक्षा की मांग कर दी है। यह मामला जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना तितावी थाना क्षेत्र की है। दोनों युवतियां पिछले करीब डेढ़ साल से एक साथ रह रही थीं। परिवार के लोगों ने उनके इस रिश्ते का विरोध किया। इस कारण कुछ महीने पहले दोनों घर छोड़कर गाजियाबाद चली गईं। वहां दोनों ने एक किराए के मकान में रहना शुरू किया। इसके बाद एक निजी फैक्ट्री में नौकरी करने लगीं। परिवार ने दर्ज कराई थी शिकायत दोनों लड़कियों के गायब होने के परिवार में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने दोनों को खोजने की भरसक कोशिश की। जब परिवार को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो एक युवती के पिता ने आईजीआरएस पोर्टल पर अपहरण की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के जरिए युवतियों से संपर्क साधा। गुरुवार शाम दोनों युवतियां तितावी थाने पहुंचीं। इनमें से एक ने मांग में सिंदूर लगाया हुआ था, जबकि दूसरी पैंट-शर्ट में नजर आई। उनके इस रूप को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। साथ रहने का जताया इरादा तितावी पुलिस ने दोनों युवतियों के बयान दर्ज किए हैं। सिंदूर लगाए युवती ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले शादी कर ली है। अब वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं। दोनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने परिवारों से जान का खतरा है। इसलिए उन्होंने परिवार से सुरक्षा की भी मांग पुलिस के सामने रखी है। थाना प्रभारी मानवेंद्र भाटी ने बताया कि दोनों युवतियां ममेरी और फुफेरी बहन हैं। अब लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। उन्होंने थाने में आकर एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जाहिर की है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें घर भेजा है। उनके परिवारों को भी कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। सोशल मीडिया पर मामला वायरल मुजफ्फरनगर के इस अनोखे रिश्ते का मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इस मामले पर समर्थन जता रहे हैं, वहीं कुछ लोगों की ओर से विरोध भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, दोनों युवतियों ने साफ कहा है कि वे अपनी मर्जी से साथ रह रही हैं। वे अपने फैसले से खुश हैं। राहुल पराशर

वाराणसी के लाखों बच्चों के लिए बड़ी राहत, पेट के कीड़े निकालने की एल्बेंडाजोल दवा का वितरण

वाराणसी जनपद में 11 अगस्त को एक से 19 वर्ष के 18 लाख से अधिक बालक-बालिकाओं को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों के शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत 18.60 लाख बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक से पांच साल तक के सभी आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों के साथ ही छह से 19 साल तक के स्कूल जाने वाले सभी बालक-बालिकाओं को शामिल किया गया है। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। उनमें खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर होने लगते हैं। दवा खिलाने से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है। कृमि मुक्ति से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चों में एनीमिया पर नियंत्रण रहता है। कृमि मुक्ति से बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार होता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए कीड़े निकालने की दवा उन्हें जरूर खिलाएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. संजय राय ने बताया कि लगभग 7.50 लाख शहरी क्षेत्र व लगभग 11.0 लाख बच्चे ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जिन्हें एल्बेन्डाजोल की दवा खिलायी जाएगी। इस कार्य में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्र तथा 2853 सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र में आरबीएसके टीम के चिकित्सक व शहरी क्षेत्र में समस्त अर्बन पीएचसी के चिकित्सक के साथ ही पूरे जिले की समस्त एएनएम तथा आशा कार्यकर्ती सहयोग करेंगी। अभियान में उन बच्चों को भी दवा खिलाई जाएगी जो स्कूल नहीं जाते हैं। इसके साथ ही ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली तथा दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक गोली दवा खिलाई। इस दिवस पर छूट गए बच्चों के लिए 14 अगस्त को माप अप राउंड आयोजित किया गया है। इसमें छूटे हुए बच्चों को भी दवा देने के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।  

आज से रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर, यूपी में महिलाओं को मुफ्त बस सफर

लखनऊ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए एक खास सौगात दी है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने का ऐलान किया है। यह सुविधा 9 अगस्त की सुबह 6 बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान महिलाएं राज्य परिवहन की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इस योजना के तहत न केवल महिलाएं, बल्कि उनके साथ एक सहयात्री भी मुफ्त में यात्रा कर सकेगा। यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को और खास बनाने के लिए की गई है, ताकि महिलाएं अपने भाइयों और परिवारजनों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकें। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा सभी प्रकार की बसों, जैसे साधारण, एसी, और जनरथ बसों में उपलब्ध होगी। यात्रा के दौरान किसी भी तरह के टिकट की आवश्यकता नहीं होगी। महिलाओं को बस में चढ़ते समय अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए कोई दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रा और भी सुगम होगी। इससे पहले, चार अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह ऐलान कर दिया था कि उनकी सरकार रक्षाबंधन बंधन के मौके पर प्रदेश की बहन-बेटियों को बस का मुफ्त सफर देने जा रही है। यह कदम रक्षाबंधन को देखते हुए उठाया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने भाई के घर में जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। सीएम योगी ने स्पष्ट किया था कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की बहन-बेटियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। बता दें कि रक्षाबंधन के मौके पर बस का मुफ्त सफर देने की शुरुआत साल 2017 में हुई थी, जिसका सिलसिला अब तक जारी है। प्रदेश सरकार के मुताबिक, 1.23 करोड़ महिलाएं इसका फायदा उठा चुकी हैं। वहीं, इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया। साथ ही, परिवहन निगम ने सभी बस चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अवधि में महिलाओं और उनके सहयात्रियों को पूरी सुविधा और सम्मान के साथ यात्रा कराएं।  

श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया फिलहाल रोक आदेश

मथुरा  सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस अध्यादेश, 2025 पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके तहत सरकार मथुरा-वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन अपने हाथों में ले रही थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले को अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि अध्यादेश की वैधता पर निर्णय लिया जा सके। निगरानी के लिए समिति का गठन अध्यादेश की कानूनी वैधता तय होने तक, उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति मंदिर के मामलों की निगरानी करेगी। इस समिति में जिला कलेक्टर, राज्य सरकार के अधिकारी और हरिदासी संप्रदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि मंदिर का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके और किसी भी पक्ष के अधिकारों का हनन न हो।   गलियारा विकास और फंड का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट ने अपने 15 मई के उस फैसले को भी वापस ले लिया है, जिसमें राज्य सरकार को गलियारा विकास परियोजना के लिए मंदिर के फंड का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। पिछली सुनवाई के दौरान, पीठ ने राज्य सरकार द्वारा मंदिर के फंड के उपयोग की अनुमति मांगने के "गुप्त तरीके" पर कड़ी आपत्ति जताई थी।याचिकाकर्ताओं की मुख्य दलीलें : इस मामले में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें यूपी सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि यह अध्यादेश सरकार का धार्मिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप है, जिससे मंदिर प्रबंधन की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। सरकार ने मंदिर प्रशासन को अपने नियंत्रण में लेने का कोई ठोस और मजबूत कारण नहीं बताया है। वकील संकल्प गोस्वामी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह अध्यादेश हरिदासी/सखी सम्प्रदाय के अपने धार्मिक मामलों को खुद संभालने के अधिकार का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ताओं का यह भी मानना है कि इस अध्यादेश से धार्मिक रीतियां और परंपराएं बदलने की कोशिश की जा रही है, जो देवता को नाराज कर सकता है और पूरे सम्प्रदाय के अस्तित्व पर खतरा पैदा कर सकता है। यह मंदिर 1939 से पारंपरिक रूप से निजी प्रबंधन के अधीन है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विस्तृत आदेश जल्द ही अपलोड करेगा।

पहले आप खाइए! राखी पर बच्ची की मीठी मांग पर CM योगी ने मिठाई खाई

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर बच्चों के साथ चुहल करते और उनको चाकलेट व अन्य चीजें बांटते नजर आते हैं। पिछले दिनों एक बच्ची की अपील के बाद स्कूल में दाखिला का मामला काफी चर्चित हुआ था। योगी के निर्देश पर बच्ची को एक बड़े निजी स्कूल में दाखिला मिला था। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक समारोह के दौरान सीएम योगी का वही रूप दिखाई दिया। बच्ची की एक जिद के आगे सीएम योगी को मजबूर होना पड़ गया। एक बच्ची ने योगी को मिठाई खाने पर मजबूर कर दिया। बच्ची सीएम योगी को राखी बांधने आई थी। राखी के साथ मिठाई भी लेकर आई थी। राखी बंधवाने के बाद सीएम योगी ने बच्ची को मिठाई खिलाने की कोशिश की तो बच्ची ने तपाक से बोल दिया कि पहले आप खाइए। इस पर सीएम योगी पहले मुस्कराए और बच्ची को ही मिठाई खिलाने की कोशिश की। लेकिन बच्ची भी नहीं मानी। उसने भी मिठाई नहीं खाई। कहा पहले आप खाइए, पहले आप खाइए। अंतत: बच्ची की जिद सीएम योगी को पूरी करनी पड़ी और मिठाई खाकर उसे खुश कर दिया। सीएम योगी ने इस दौरान बच्चियों को चाकलेट के पैकेट और पैसे भी दिए। सीएम योगी काकोरी एक्शन शताब्दी समापन समारोह में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ पहुंचे थे। इस दौरान योगी ने एक बार फिर लोगों से विदेशी की जगह स्वदेशी चीजों को खरीदने की अपील की। कहा कि विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो पैसा आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगा। सीएम योगी ने कहा कि आने वाले रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दीपावली व अन्य त्योहारों के मौके पर केवल स्वदेशी सामान ही खरीदें। यह भी कहा कि चाहे स्वदेशी सामान महंगे क्यों न हों, इन्हें खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और कारीगरों को मदद मिलेगी। कहा कि यह अवसर है हमारे बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने का। 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा झंडा होना चाहिए। हमें बलिदानियों के प्रति कृतज्ञ रहने के साथ महात्मा गांधी के स्वदेशी अपनाओ आंदोलन को भी आगे बढ़ाना है। महात्मा गांधी ने जो मंत्र दिया, उसी पर हमें चलते हुए केवल स्वदेशी अपनाना है।  

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री 09 अगस्त, 1925 को महान क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं को बलिदान किया, उनके जज्बे का ही परिणाम था कि देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया ़ भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बननी चाहिए, आजादी का यही संदेश कि हम जिएं तो स्वदेशी के लिए और मरें तो अपने देश के लिए  भले ही तात्कालिक रूप से कुछ महंगा हो, लेकिन हम स्वदेशी उपहार ही खरीदें  अमर क्रान्तिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए सरकार ‘काकोरी ब्राण्ड’ का आम पूरी दुनिया में पहुंचा रही   प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के संकल्प को सफल बनाना ही अपने क्रान्तिकारियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : उपमुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया  लखनऊ      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन कार्यक्रम है। आज से 100 वर्ष पहले 09 अगस्त, 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उस समय के महान क्रान्तिकारियों ने भारत की जनता के खून-पसीने की कमाई को इंग्लैंड ले जाने का कुत्सित प्रयास करने वाली ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया था।     मुख्यमंत्री जी आज यहां काकोरी शहीद स्मारक, लखनऊ में ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन भी किया।      मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी एवं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गयी काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने फोटो बूथ पर सेल्फी ली तथा बालिकाओं से राखी बंधवाई। समारोह में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 100 कलाकारों द्वारा ‘काकोरी की अमर गाथा’ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।       मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करने वाले पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा0 रोशन सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला थी, जिन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने अलग-अलग जेलों में बन्द करके, बिना सुनवाई का अवसर दिये ही फांसी के फंदे पर पहुंचाने का काम किया था। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। इसी प्रकार अन्य क्रान्तिकारियों को गोण्डा, फैजाबाद और नैनी जेल में फांसी दी गई। चन्द्रशेखर आजाद ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने मुकाबला करते हुए स्वयं वीरगति प्राप्त की। आज का यह शताब्दी महोत्सव उन महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी है।          मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के मात्र 4,600 रुपए के खजाने को अपने कब्जे में लिया था, जबकि इन क्रान्तिकारियों को पकड़ने और बिना सुनवाई उन्हें फांसी देने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की थी। आज से 100 वर्ष पहले देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रान्तिकारियों का स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए हर भारतवासी को प्राणप्रण से जुटना चाहिए। आज का यह समारोह इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।      मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं की परवाह किए बगैर राष्ट्रभक्ति के भाव से अपने आप को बलिदान किया। आजादी के लिए हर कीमत चुकाने के उनके जज्बे का ही परिणाम था कि यह देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया। हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि राष्ट्रभक्ति का यह ज्वार जन-जन के हृदय में प्रतिष्ठित हो। इसके लिए एकता और गर्व के प्रतीक तिरंगे को हर घर तक पहुंचाना है।      भारत की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झण्डा हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। हर घर तिरंगा फहराकर हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना है, जिनके बलिदान से हमारा देश आज स्वतन्त्र है तथा भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित हुई है। जब हम इस संकल्प से कार्य करेंगे, तो जिन महान उद्देश्यों के लिए क्रान्तिकारियों ने अपने आप को बलिदान किया था, वह महान उद्देश्य आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन के रूप में स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ेगा।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर भारतवासी ने भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम का सदैव सम्मान किया है। हाल ही में भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया। पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और सामर्थ्य का लोहा एक बार फिर से माना है। अपने सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से आह्वान … Read more

पूर्ण पीठ बैठक की अपील, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार केस पर चर्चा के संके

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के एक समूह ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को निशाना बनाने वाले उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश को लेकर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली से एक पूर्ण बैठक (फुल कोर्ट मीटिंग) आहूत करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा द्वारा लिखे इस पत्र में उच्चतम न्यायालय द्वारा चार अगस्त, 2025 को पारित आदेश को लेकर खेद व्यक्त किया गया है। इस पत्र पर सात न्यायाधीशों ने हस्ताक्षर किए हैं। उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त को दिए अपने निर्णय में न्यायमूर्ति कुमार के न्यायिक तर्क को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी और उच्च न्यायालय प्रशासन को उन्हें आपराधिक रोस्टर से हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति तक एक वरिष्ठ न्यायाधीश के साथ एक खंडपीठ में रखने को भी कहा था। ये निर्देश न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने 'मेसर्स शिखर केमिकल्स' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। कंपनी ने एक वाणिज्यिक विवाद को लेकर शुरू किए गए आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। इससे पूर्व, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार ने कहा था कि शिकायतकर्ता को दीवानी उपाय के लिए बाध्य करना ''बहुत अनुचित'' होगा और बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति दी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने इस तर्क को यह कहते हुए पलट दिया, ''हम इस आदेश के पैरा 12 में दिए गए तर्क को लेकर हैरान हैं… न्यायाधीश यहां तक कह गए कि शिकायतकर्ता को दीवानी मुकदमा चलाने के लिए कहना बहुत अनुचित होगा क्योंकि दीवानी मुकदमों में लंबा समय लगता है इसलिए शिकायतकर्ता को बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी जा सकती है।'' उच्चतम न्यायालय ने इस दृष्टिकोण को ''अस्थिर'' पाते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर दिया और निर्देश दिया कि इस मामले को एक दूसरे न्यायाधीश द्वारा नए सिरे से सुना जाए।  

प्रयागराज: बदमाशों का आतंक जारी, पूर्व पार्षद पर जानलेवा हमला

प्रयागराज उत्तर प्रदेश क प्रयागराज जिले में पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को सरेआम गोली मारी दी गई। अज्ञात हमलावरों ने मार्निंग वॉक पर गए पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को परेड मैदान में गोली मारी। गोली अशोक सोनकर के हाथ और पैर में लगी है। उन्हें आनन फानन में SRN हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। मॉर्निंग वॉक पर निकले थे पूर्व पार्षद यह पूरा मामला जिले के दारागंज थाना क्षेत्र का है। जहां, मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद अशोक कुमार सोनकर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। बदमाश कई दिनों तक उनकी रेकी कर रहे थे। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश भाग निकले। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके में दहशत फैल गई बताया जा रहा है कि दिन दहाड़े हुई घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने किसी प्रकारी की लूट की बात को इंकार कर दिया है। डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि प्रथम दृष्टया रंजिश में वारदात को अंजाम देने बात सामने आ रही है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल चल रही है। आस-पास लगे सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है।