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डाक विभाग की नई सुविधा: सिर्फ 10 रुपये में सुरक्षित पहुंचेगी राखी वाटरप्रूफ लिफाफे में

प्रतापगढ़ मानसून के महीने में रक्षाबंधन के अवसर पर डाक द्वारा बहनों को भेजी जाने वाली राखी वर्षा के पानी से खराब न हो इसके लिए डाक विभाग द्वारा अच्छी पहल शुरू की गई है। डाक विभाग द्वारा वाटरप्रूफ लिफाफे मंगवाए गए हैं। इन लिफाफे में केवल बहने अपने भाइयों के लिए प्रेम का धागा भेज सकती है। प्रधान डाकघर में लिफाफे का स्टॉक आ गया है। जल्द ही उप डाकघरों में भी भेजा जाएगा।   9 अगस्त को है रक्षाबंधन रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहनों व भाइयों का उत्साह रहता है। रक्षा सूत्र कलाई पर सजाने के लिए बहनें भाई के घर पहुंचती है। परदेश में रहने वाली बहनें भाई अपने भाई राखी डाक के जरिए भेजती हैं। समय से ही वह राखी की खरीदकर उसे सुरक्षित कर भाई के पते पर पोस्ट करती हैं। रक्षाबंधन का पर्व इस बार नौ अगस्त को है। इसके दृष्टिगत डाक विभाग ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है।   लिफाफे की कीमत है 10 रुपये डाक विभाग ने राखी के लिए स्पेशल वॉटर प्रूफ लिफाफे की व्यवस्था की है। इसकी 10 रुपये है। लिफाफे में राखी सुरक्षित रहेगी। बारिश के मौसम में रखरखाव में भी दिक्कत नहीं होगी। प्रधान डाकघर में 10 हजार लिफाफा आया है। अब इसे सभी 44 उप डाकघरों में पहुंचाया जाएगा, ताकि गांव से जुड़ी बहनें भी इसका उपयोग कर सकें। प्रवर डाक अधीक्षक हिमांशु तिवारी ने बताया कि सभी प्रधान डाकघर के साथ ही उप डाकघरों में लिफाफे की उपलब्धता रहेगी। लिफाफे को पहुंचाया को जल्द ही पहुंचाया जाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए बनाएं जाएंगे काउंटर प्रधान डाकघर के साथ ही जिले के सभी 44 उप डाकघरों में रक्षाबंधन के पर्व के दृष्टिगत स्पीड पोस्ट के लिए काउंटर बनाएं जाएंगे। वाटर प्रूफ लिफाफा भी काउंटर मिलेगा। अफसरों के मुताबिक प्रधान डाकघर पर दो काउंटर व उप डाकघरों में एक-एक काउंटर अतिरिक्त रहेगा। ऐसे में भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं रहेगी।

फ्री बिजली की सौगात: यूपी सरकार की नई योजना से इन लाभार्थियों को राहत

मेरठ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को अंडा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुक्कुट विकास नीति 2022 को लागू किया है। इस नीति के तहत जनपद के युवाओं को व्यापारी बनाना भी उद्देश्य है। इसलिए सरकार मुर्गी फार्म बनाने के लिए पांच साल के लिए बिजली का कनेक्शन फ्री दे रही है, जिसका कोई बिल भी नहीं देना होगा। व्यापार में सरकार ही लोन कराकर देगी और सात प्रतिशत तक ब्याज भी सरकार ही देगी। मेरठ में इस व्यापार को करने के लिए तीन लोग अभी तक आगे आए है। जिन्होंने आवेदन कर दिया है। उनके लोन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 10 मुर्गी वाला फार्म बनाएंगे तो खर्च होंगे एक करोड़ पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि इस नीति के तहत यदि कोई 10 हजार मुर्गी का फार्म बनाना चाहता है तो उसका लगभग 99.53 लाख रुपये खर्च होगा। जिसमें से लगभग 70 लाख का लोन हो जाएगा। व्यापारी, किसान, उद्यमी को केवल 30 लाख रुपये अपने से खर्च करने होंगे। 70 लाख रुपये का लोन सात प्रतिशत ब्याज तक होगा है तो पशुपालन विभाग इस ब्याज को भरेगा। यदि अधिक होता है तो खुद भरना होगा। 90 हजार मुर्गियों का फार्म बनाने तक है योजना पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि 10 से लेकर 90 हजार मुर्गियों तक का फार्म बनाने के लिए यह योजना है। 10 हजार मुर्गियों पर एक करोड़ खर्च हो रहे हैं तो 20 हजार पर लगभग दो करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह से 90 हजार मुर्गियों तक खर्च बढ़ जाएगा। 10 हजार मुर्गियों का फार्म बनाना चाहते हैं तो इसके लिए एक एकड़ जमीन का होना जरूरी है। पशुपालन विभाग में कर सकते हैं आवेदन जनपद के विकास भवन में स्थित पशुपालन विभाग के आफिस में पहुंचकर मुर्गी फार्म के लिए आवेदन कर सकते हैं। यहां पर पशु चिकित्साधिकारी इस योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे। खरीदी गई जमीन पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यदि किसी के पास जमीन नहीं है और वह जमीन खरीदना चाहता है तो इस पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। इसके स्टांप शुल्क का खर्च पशुपालन विभाग ही उठाएगा।

अंतरिक्ष मिशन से लौटे शुभांशु, भावुक हुए माता-पिता – ‘गर्व है हमारे बेटे पर’

लखनऊ  भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के सकुशल पृथ्वी पर लौट आने से देशवासियों में खुशी की लहर है। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला और माता आशा शुक्ला ने इस ऐतिहासिक क्षण पर अपनी भावनाएं साझा कीं। शंभू दयाल शुक्ला ने गर्व से कहा, "मेरे बेटे की अंतरिक्ष यात्रा मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह देशवासियों के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से ही संभव हुआ।" उन्होंने बताया कि त्रिवेंद्रम में जब मेरे बेटे शुभांशु को 'एस्ट्रोनॉट विंग' प्रदान किया गया था, तब से ही उसे गगनयात्री की उपाधि मिली थी। प्रधानमंत्री ने शुभांशु की तारीफ की और आशीर्वाद भी दिया था, जिससे उसका उत्साह और बढ़ गया। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं। शुभांशु की माता आशा शुक्ला ने भावुक होकर कहा, "जब त्रिवेंद्रम में मेरे बेटे को एस्ट्रोनॉट विंग मिला, तो हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी थी। सभी लोग भावुक थे। पिछले चार साल से शुभांशु ने कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग की थी। जब प्रधानमंत्री ने उनके नाम का ऐलान किया, तो वह मेरे लिए गर्व का पल था।" उन्होंने आगे कहा, "शुभांशु अब केवल मेरा बेटा नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा है। देश की हर मां उसे आशीर्वाद दे रही हैं। मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है। एक्सिओम-4 मिशन में शुभांशु ने 60 प्रयोगों में हिस्सा लिया, जिनमें से सात इसरो के थे। ” बता दें कि शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्री 20 दिन बाद स्पेस से पृथ्वी पर लौट आए हैं। 23 घंटे के सफर के बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के समुद्र में लैंड किया। वहीं, स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ड्रैगन के सुरक्षित उतरने की पुष्टि हो गई है। पृथ्वी पर आपका स्वागत है!"

राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट से जमानत, सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज है केस

लखनऊ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय सैनिकों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने 20 हजार के मुचलके पर जमानत दी है। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान को लेकर दर्ज इस मामले में पहले पांच सुनवाइयों में हाजिर नहीं हुए थे। मंगलवार को उन्होंने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दाखिल की। लाइव लॉ के मुताबिक राहुल गांधी पांच सुनवाइयों में अनुपस्थित रहने के बाद इस बार एडिशनल चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। दरअसल मई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद वह पेश हुए। यह याचिका उन्होंने मानहानि मामले और लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा फरवरी 2025 में पारित समन आदेश दोनों को चुनौती दी थी। सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का परिवाद दायर किया था उन्होंने बताया था राहुल गांधी 16 दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना का अपमान किया था उन्होंने 9 दिसंबर 2022) को अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प का ज़िक्र करते मीडिया और लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे लेकिन चीनी सैनिकों द्वारा हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक बार भी सवाल नहीं पूछेंगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों की कथित पिटाई के बारे में गांधी के बयान से उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं। वहीं, राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय सेना ने आधिकारी बयान भी जारी किया था। सेना ने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रही थी जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जिसके बाद चीनी सेना वापस चली गई।  

सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को फटकार, कांवड़ मार्ग पर QR कोड क्यों जरूरी?

नई दिल्ली यूपी और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानों और रेस्तरां संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे क्यूआर कोड लगाएं और नाम भी लिखें। यह मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने पूछा कि आखिर इसकी जरूरत क्या है। अब इस केस की अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की गई है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और शिक्षाविद अपूर्वानंद झा व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख तय की। शीर्ष अदालत ने पिछले साल भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश द्वारा जारी इसी तरह के निर्देशों पर रोक लगा दी थी, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों को अपने मालिकों, कर्मचारियों के नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए कहा गया था। उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा 25 जून को जारी एक प्रेस रिलीज का हवाला देते हुए झा ने कहा, ‘नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है, जिससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता हो। इस तरह उसी भेदभावपूर्ण तरीके से पहचान की बात हो रही है जिस पर पहले इस अदालत ने रोक लगा दी थी।’ याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार का निर्देश, जिसमें दुकान मालिकों को ‘कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं’ के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान बताने के लिए कहा गया है, दुकान, ढाबा और रेस्टोरेंट मालिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण महीने में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा और अन्य नदियों से जल लेकर आते हैं। कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार से परहेज करते हैं। कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते। कांवड़ यात्रा का प्रचलन पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलावा सूबे के अन्य हिस्सों और कुछ और राज्यों में भी बढ़ा है।  

डिग्री से आगे स्किल की पहचान: 50 हजार युवाओं को CM युवा योजना से लाभ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशल युवा ही आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत हैं। अगर प्रदेश को विकसित बनाना है, तो यहां के युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षित कर सक्षम बनाना होगा। मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जिलों से आए युवाओं ने अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 15 अभ्यर्थियों को ‘यूथ आइकान’ सम्मान और पांच स्किल रथों को रवाना किया। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलाजी और थ्री डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में खुद को साबित कर रहा है। इस दिशा में सरकार ने अब तक 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाया है। 150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को न्यू-एज टेक्नोलाजी से जोड़ा गया है। इसके अलावा 400 से अधिक सरकारी और 3000 निजी आइटीआइ में युवाओं को कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल रहा है। निजी आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य प्रोत्साहन भी मिल रहे हैं। योगी ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ‘सीएम युवा योजना’ शुरू की है। इसके तहत आइटीआइ, पालिटेक्निक और डिग्रीधारी युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज दिया जा रहा है। अब तक 50,000 से अधिक युवा इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। कर्ज का मूलधन युवा लौटाएंगे जबकि ब्याज सरकार वहन करेगी। साथ ही 7.5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। नई पहल के तहत अब युवा इंडस्ट्री में प्रोजेक्ट वर्क करेंगे। उन्हें पीएम व सीएम इंटर्नशिप योजना के तहत 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वहीं ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत एक लाख से ज्यादा पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूलकिट प्रदान की गई है। आइटीआइ में विदेशी भाषाओं का मिले प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने विदेश में यूपी के कुशल युवाओं के लिए बढ़ते अवसर को देखते हुए सुझाव दिया कि आइटीआइ में जर्मनी, जापानी जैसे विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) से अब छात्र सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। डुअल डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं की सफलता की कहानियों को प्रेरणादायक बताया और कहा कि यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें, तो रोजगार की कोई कमी नहीं है। सम्मान और साझेदारी का संदेश कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों को ‘इंडस्ट्री एम्बेसडर’ सम्मान भी दिया गया। साथ ही मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के साथ नालेज पार्टनर के रूप में एमओयू किया गया। व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, सही से प्रशिक्षण लेने के बाद कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शााही, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नु, मुख्य सचिव मनोज सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

‘किसी बाबा के पीछे न भागें’, धीरेंद्र शास्त्री का सनातन धर्म पर जोर

बरसाना बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को प्रिया कुंज आश्रम पर ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान विनोद बाबा ने कहा कि कुछ लोग जाति-पात के नाम पर सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं। सनातन धर्म हर वर्ग से मिलकर बना है। समझ में नहीं आता कि हम क्यों जाति के नाम पर अपने ही भाइयों का खून बहाते हैं, जबकि अन्य धर्मों में कोई भी जाति के नाम पर बांटा नहीं है। अगर हम सबकी कोई जाति है, तो सिर्फ हिंदू है। जातियां कर्म के आधार पर बनी थी। भगवान ने कोई जाति नहीं बनाई। भगवान सिर्फ मनुष्य बनाए। जाति धर्म के नाम पर हम लोगों ने ही खुद को बांटा है।   हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राधारानी मेरी मां है तो कृष्ण मेरे पिता हैं। बरसाना आने की प्रेरणा मुझे राधारानी से ही प्राप्त होती है, लेकिन विनोद बाबा में मुझे साक्षात राधारानी के दर्शन होते हैं। कहा कि जब धर्म के नाम पर पाकिस्तान इस्लामिक देश बन सकता है तो क्या धर्म के नाम पर भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसलिए हम सभी को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद से परे उठकर हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए। हमारी बहन बेटियों को लव जिहाद के नाम पर मतांतरण कराया जा रहा है, जिससे सनातन धर्म विलुप्त हो जाए।   'सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन अद्भुत धर्म' इसके साथ ही उन्हों ने कहा कि सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात तो यह कि हमारे ही सनातन धर्म के लोग चादर-फादर में अपने देवता को देखते है, जबकि सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन अद्भुत धर्म है। अन्य धर्मों के लोगों ने आज तक अपने भगवान को नहीं देखा सिर्फ भगवान के दूत को ही पूजते हैं। सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं। मजारों व मौलवी पास क्यों जातें है लोग- बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्रीमद्भागवत गीता में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं ही ब्रह्म हूं, पूरा ब्रह्मांड मुझसे उत्पन्न है। चराचर जगत में मेरी ही सत्ता चलती है। उसके बावजूद सनातन धर्म के सबसे ज्यादा लोग मजारों व मौलवी के यहां अपने दुख-दर्द मिटाने जाते है। यह बात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा से मुलाकात के दौरान लोगों से कही।

CM योगी का फैसला सिद्धार्थनगर में फागू शाह की मजार ध्वस्त, हर हफ्ते लगने वाला मेला भी खत्म

सिद्धार्थनगर  यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित फागू शाह की 105 वर्ष पुरानी मजार पर बुलडोजर एक्शन हुआ है. मंगलवार सुबह प्रशासन व पुलिस की टीम ने बुलडोजर से इस मजार को ध्वस्त करा दिया. इस दौरान ADM गौरव श्रीवास्तव, ASP प्रशांत कुमार समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा.  दरअसल, यह मजार चारागाह की जमीन पर करीब 105 वर्ष पहले बनाई गई थी. यहां प्रत्येक गुरुवार को मेला लगता था. इसमें हिंदू, मुसलमान दोनों धर्म के लोग अपनी मुरादों को पूरा करने की लिए पहुंचते थे और चादर चढ़ाते थे.  बीते 26 जून को डुमरियागंज के पूर्व बीजेपी विधायक ने इस मजार पर धन उगाही का आरोप लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी. जिसके बाद प्रशासन ने मजार पर लगने वाले मेले पर रोक लगा दी. साथ ही वहां चादर आदि चढ़ाने पर भी रोक लगा दी. अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी हुआ था, मगर कब्जा नहीं हटा.  इसके बाद आज सुबह लगभग 5 बजे कई थानों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कई बुलडोजर के साथ पहुंचे और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी. इस दौरान लगभग 1 किलोमीटर की दूरी से ही पुलिस मजार तक जाने वाले रास्तों पर खड़ी होकर लोगों को रोक रही थी. मामले में डीएम सिद्धार्थनगर, डॉ राजा गणपति आर ने कहा कि थाना डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चौखड़ा गांव का मामला है, जहां 105 साल पुरानी एक मजार थी. ये  पशुचर की जमीन पर स्थापित है. इसको लेकर पहले एक विवाद हुआ था. इस विवाद को सुलझाने के लिए धारा 144 की कार्रवाई की गई. चारागाह की जमीन होने के कारण तहसीलदार के द्वारा फिर धारा-67 की कार्रवाई की गई.  इस कार्रवाई के बाद आदेश भी पारित किया गया. बावजूद उसके जमीन कब्जा मुक्त नहीं की गई. ऐसे में आज सुबह 5:00 बजे पीएसी व पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर और बल का उपयोग करते हुए उसे कब्जा मुक्त कराया गया. ला एंड आर्डर की समस्या नहीं है. स्थिति सामान्य है. मौके पर किसी प्रकार का विरोध नहींन हुआ, ना ही कोई झड़प हुई. कुछ ही घंटों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. 

यूपी की नून नदी में फिर उमड़ा जीवन, हरियाली के संग लौटी उम्मीद

लखनऊ/कानपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कानपुर में सूख चुकी नून नदी अब फिर से बहने लगी है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि एक समय कानपुर की नून नदी का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो चुका था, यह नक्शे से गायब हो गई थी, गाद से भरी रहती थी, अतिक्रमण की जद में थी लेकिन अब इसकी जलधारा फिर से बहने लगी है। इसमें कहा गया, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता के कारण ऐसा हुआ है जिन्होंने 'एक जिला-एक नदी' पहल के माध्यम से राज्य की मृतप्राय नदियों को पुनर्जीवित करने के लिये अभियान शुरू कराया।'' बयान के मुताबिक नून नदी न केवल कानपुर नगर के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक आदर्श बन चुकी है। इसमें कहा गया, ‘‘नून नदी कभी बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर के खेतों को सींचती थी, ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा थी लेकिन उपेक्षा की शिकार इस नदी में न तो पानी बचा था, न कोई पहचान रह गई थी। अतिक्रमण और गाद ने जलधारा को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया था।'' मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर नून नदी को 'एक जिला-एक नदी' योजना में शामिल किया गया। कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के नेतृत्व में इस कार्य को एक सरकारी योजना से अधिक जनभागीदारी अभियान बनाया गया। बयान में कहा गया, ‘‘करीब 48 किलोमीटर लंबी नून नदी का पुराना रास्ता खोजने में राजस्व अभिलेख, ग्रामीणों की यादें, ड्रोन सर्वेक्षण और उपग्रह की तस्वीरों का सहारा लिया गया। मनरेगा योजना के तहत सफाई, खुदाई, गाद निकासी और तटबंध निर्माण का कार्य फरवरी से आरंभ हुआ।'' इसमें कहा गया कि 6,000 श्रमिकों ने 58 ग्राम पंचायतों से मिलकर करीब 23 किलोमीटर की खुदाई और सफाई का कार्य किया तथा इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 57 लाख रुपये खर्च हुए। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप जुलाई के पहले सप्ताह में नदी के दोनों तटों पर 40,000 से अधिक पौधे रोपे गए जिनमें नीम, पीपल, पाकड़, सहजन जैसे वृक्ष प्रमुख हैं।  

पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

फर्रुखाबाद यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का रवैया एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी की लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने ससुरालीजनों के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उधर, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए एसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ये मामला आदर्श थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र के नगला छेदा गुतासी के रहने वाले दिलीप कुमार का अपनी पत्नी नीरज के साथ विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत नीरज ने पुलिस से की। इस मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप कुमार को पुलिस चौकी बुलाया तो वह अपने पिता राम रहीश के साथ पुलिस चौकी समझौते के लिए पहुंचा। रामरहीश का आरोप है कि सिपाही यशवंत यादव ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, फिर सिपाही महेश उपाध्याय उसके पुत्र को अंदर ले गए और पिटाई की। बाद में 40 हजार रुपये लेकर समझौता कराया गया।इस घटना से आहत होकर दिलीप कुमार ने सोमवार- मंगलवार की रात में किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका पाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने अपने ससुर बनवारी, साला राजू, आलूपुर के रहने वाले रजनेश राजपूत, हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव और महेश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के इस ऐक्शन से थाने में हड़कंप मच गया।