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हाईकोर्ट का फैसला: Bhojram Nag की जीत बरकरार, निर्वाचन चुनौती देने वाली याचिका खारिज

बिलासपुर. सांसद भोजराज नाग को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कांकेर से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग पर ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तत्कालीन उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने निर्वाचन रद्द करने याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता, जब तक मौखिक या डॉक्यूमेंट के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका खारिज कर याचिकाकर्ता को डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी गई है. हाईकोर्ट में यह एप्लीकेशन कांकर से सांसद पद के उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर को 26 अप्रैल 2024 को कांकेर पार्लियामेंट्री सीट के लिए हुए इलेक्शन में इस्तेमाल हुई ईवीएम (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपेट यूनिट) की चेकिग और वेरिफिकेशन करने की इजाज़त देने के लिए एक ऑर्डर जारी करने के लिए फाइल की है. इस इलेक्शन पिटीशन में पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि इलेक्शन प्रोसेस रिटîनग ऑफिसर ने गलत इरादे से किया था, और इसमें कई तरह की गड़बड़ियां और गलत काम किए, जिससे इलेक्शन के नतीजे पर काफी असर पड़ा. पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि दूसरी रैंडमाइजेशन रिपोर्ट में मशीन नंबर वीवीपेट यूनिट और अलग-अलग असेंबली सीटों गुंडरदेही नंबर 61, सिहावा नंबर 56, संजरीबालोड नंबर 59, डोंडी लोहारा (एसटी ) नंबर 60, और केशकाल नंबर 82 के पोलिग स्टेशनों के फॉर्म 17सी में मशीन नंबर में कुछ अंतर हैं. गिनती में गड़बड़ी के सबूत लाएं बताई गई कानूनी स्थिति और इलेक्शन पिटीशन में दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने माना कि इस समय ईवीएम मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता जब तक पार्टियों द्बारा मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत पहली नज़र में रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका को खारिज कर पिटीशनर को कांकेर संसदीय क्षेत्र नंबर 11 के इन विधानसभा क्षेत्रों में वोटों की गिनती में गड़बड़ी के बारे में कुछ मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी है.

सियासी परिवार में मातम, पूर्व विधायक के पुत्र की आत्महत्या; घरेलू कलह की आशंका

रायपुर. राजधानी रायपुर से दुखद खबर सामने आई है, जहां पूर्व विधायक धनीराम साहू के पुत्र जय साहू ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। 45 वर्षीय जय साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है। शुरुआती तौर पर घरेलू विवाद की आशंका जताई जा रही है। पंडरी थाना पुलिस जांच में जुटी: पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। परिवार और परिचितों से पूछताछ: कारणों की तलाश जारी पुलिस अब परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जय साहू ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। राजनीतिक पृष्ठभूमि: पिता रहे चुके हैं विधायक बताया जा रहा है कि जय साहू के पिता धनीराम साहू वर्ष 1977 में कसडोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। संवेदनशील मामला: सच्चाई सामने आने का इंतजार यह मामला फिलहाल संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।

चलती बाराती बस में लगी भीषण आग, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट का अंदेशा

बालोद. शादियों के सीजन के बीच सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं. बालोद जिले में भी उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क के बीच बाराती बस में अचानक आग लग गई. घटना से मौजूद बारातियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. देखते ही देखते बस में पूरी तरह आग लग गई. जानकारी के मुताबिक, शर्मा ट्रेवल्स (CG 07 E 1171) की बस बारातियों को कांकेर जिले के अरौद गांव से लेकर बालोद जिले के बड़गांव आ रही थी. जैसे ही बस पुरुर थाना क्षेत्र के जगतरा मंदिर के पास पहुंची अचानक आग लग गई. गनीमत रही कि बस में मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जिससे जनहानि होने से टल गई. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है.

विश्व मलेरिया दिवस पर बड़ी पहल: पीएमएसएमए के तहत 480+ गर्भवती महिलाओं की हुई मलेरिया जांच

विश्व मलेरिया दिवस पर बड़ी पहल: पीएमएसएमए के तहत 480+ गर्भवती महिलाओं की हुई मलेरिया जांच मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक सराहनीय और व्यापक अभियान चलाते हुए गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच सुनिश्चित की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत यह विशेष पहल की गई, जिसका उद्देश्य हर गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से समय रहते बचाव करना था। अभियान के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रणनीति बनाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी महिला जांच से वंचित न रह जाए, विशेषकर वे महिलाएं जो पहले किसी कारणवश जांच नहीं करा पाई थीं। इस दौरान जिले में कुल 480 से अधिक गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। विकासखंडवार आंकड़ों में खड़गवां में 101, भरतपुर में 118 और मनेन्द्रगढ़ में सर्वाधिक 266 महिलाओं की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुईं, जो जिले में मलेरिया नियंत्रण की मजबूत स्थिति को दर्शाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान मलेरिया संक्रमण मां और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पीएमएसएमए दिवस पर 100 प्रतिशत जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसे सफलतापूर्वक हासिल किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया। उन्हें नियमित रूप से मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने, पानी के ठहराव को रोकने और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मलेरिया उन्मूलन में सक्रिय सहयोग दें और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखें। “मलेरिया मुक्त जिला स्वस्थ मां, सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता, रोकथाम और समयबद्ध जांच के जरिए जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

भीषण गर्मी में ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: भरतपुर के कई गाँवों में खराब हैंडपंप हुए दुरुस्त

भीषण गर्मी में ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: भरतपुर के कई गाँवों में खराब हैंडपंप हुए दुरुस्त मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कमर कस ली है। प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े हैंडपंपों को युद्ध स्तर पर सुधारा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इन गाँवों में हुआ त्वरित सुधार विभागीय टीम ने हाल ही में विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत घाघरा, बेला और लरकोडा का दौरा किया। यहाँ लंबे समय से खराब और बंद पड़े हैंडपंपों का न केवल निरीक्षण किया गया, बल्कि मौके पर ही उनकी मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया। प्राथमिकता पर पेयजल आपूर्ति भीषण गर्मी की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश दिए है। (PHE) विभाग की इस मुस्तैदी से ग्रामीणों को अब स्वच्छ पेयजल के लिए दूर नहीं भटकना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की है। जिलेभर में अभियान जारी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी हैंडपंप सुधार का कार्य निरंतर प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य है कि इस भीषण तपिश में किसी भी ग्रामीण को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।

ज्ञान भारतम् अभियान: एमसीबी जिले में पांडुलिपि सर्वे शुरू, 1850 की दुर्लभ हस्तलिखित धरोहर का डिजिटलीकरण

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में प्राचीन पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) के संरक्षण हेतु व्यापक सर्वे अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। इस पहल के तहत तीन मास्टर ट्रेनर एवं 137 सर्वेक्षकों की नियुक्ति कर सभी ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने जिला स्तरीय समिति का गठन करते हुए सभी सर्वेक्षकों की ऑनलाइन बैठक ली। उन्होंने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सर्वे के दौरान कम से कम 60–70 वर्ष या उससे अधिक प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की पहचान की जाएगी। ऐसे ग्रंथ पुस्तकालयों, मंदिरों एवं निजी संग्रहों में विशेष रूप से मिल सकते हैं, खासकर उन परिवारों में जहां पीढ़ियों से पुरानी धरोहरें सुरक्षित रखी गई हैं। इसी क्रम में चिरमिरी निवासी व्याख्याता प्रदीप कुमार बेहरा के निवास पर विशेष पहल की गई। यहां ज्ञान भारतम् अभियान के जिला नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय, चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय एवं रितेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में लगभग वर्ष 1850 की उड़िया भाषा की 6 दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने श्री बेहरा के द्वारा संरक्षित इस अमूल्य विरासत की सराहना की। महापौर ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने पास उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी देकर इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें। वहीं कलेक्टर ने भी पांडुलिपि संरक्षण के लिए श्री बेहरा को बधाई देते हुए इसे सांस्कृतिक धरोहर बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Census 2026: 1 मई से सर्वे में बदला पैटर्न, अब लाइफस्टाइल और खान-पान पर भी पूछे जाएंगे सवाल

राजनांदगांव. वर्ष 2011 के बाद पूरे देशभर में जनगणना कार्य शुरू हो गया है। एक मई से प्रगणक घर घर जाकर 33 बिन्दुओं में लोगों से जानकारी लेगें। इसमें रहने, खाने और लाइफ स्टाइल की जानकारी मांगी जाएगी। स्मार्ट फोन व घर के फर्श में उपयोग होने वाले सभी बिन्दुओं की जानकारी इस बार ली जाएगी। राज्य के गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत 33 बिन्दुओ के अंदर लोगों को जानकारी मांगी जाएगी। जिसमें लोगों के रहने, खाने, मनोरंजन, इंटरनेट व कौन से अनाज खा रहे सहित मोबाइल नंबर मांगे जाएंगे। बहरहाल जनगणना के पहले चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जानकारी अनुसार वर्ष 2011 में जनगणना होने के बाद दुबारा सर्वे नही हो पाया था । प्रत्येक दस साल में होने वाला जनगणना कार्य अब होने जा रहा हैं। इसकी तैयारी वर्ष 2025 के अंतिम माह से शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई हैं। जिसमें 33 बिन्दु निर्धारित किए गए है प्रक्रियाः पूरी तरह से पेपरलेस, डिजिटल डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा। ये प्रश्न पूछे जाएंगे जनगणना में 1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर ) 2. जनगणना मकान नंबर 3. मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 6. मकान के उपयोग 7. मकान की हालत 8. परिवार की जानकारी 9 परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य से संबन्धित है 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्रोत 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत 19. शौचालय की सुलभता 20. शौचालय का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी 22. बाथरूम की चाबियों की उपलब्धता 23. रसोई घर और एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईधन 25. रेडियो ट्रांजिस्टर 26. टेलिविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28 लैपटॉप कम्प्यूटर 29. टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन 30. साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड 31. कार, जीप, वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। चार सहायक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति भिलाईनगर। दुर्ग जिला में पदस्थ सहायक उप निरीक्षकों गोरख नाथ चौधरी, पूर्ण बहादुर कांकी, चन्द्रशेखर सोनी व केशव दयाल तिवारी को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने पदोन्नत अधिकारियों को स्टार लगा कर शुभकामनाएं दी तथा नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जनोन्मुख पुलिसिंग के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों ने अपने दायित्वों के प्रति समर्पण दोहराते हुए कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

पूर्व CM का महिला IAS अधिकारी के साथ वीडियो वायरल, कांग्रेस ने SP ऑफिस के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और निलंबित आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया से जुड़ा एक कथित AI जनित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर साजिश और चरित्र हनन का मामला बताते हुए मोर्चा खोल दिया है। दुर्ग, भिलाई और ग्रामीण कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो इंस्टाग्राम पर एक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया, जिसमें भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया को कथित रूप से निजी संबंधों में दिखाया गया है। वीडियो में दोनों को बाइक पर घूमते, साथ समय बिताते और धूम्रपान करते हुए दर्शाया गया है।  कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य पूर्व मुख्यमंत्री की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। गौरतलब है कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सौम्या चौरसिया उनकी सचिव रह चुकी हैं। इसी वजह से इस वीडियो ने राजनीतिक हलकों में और अधिक चर्चा पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की छवि खराब करने का प्रयास नहीं, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत विपक्ष को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश है। दुर्ग जिला कांग्रेस, भिलाई कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा से जुड़े लोग शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन कांग्रेस नेताओं के मामले में प्रशासन चुप्पी साध लेता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि दो दिनों के भीतर FIR दर्ज नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण दुर्ग कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अश्लील और भ्रामक सामग्री लगातार फैलाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फर्जी कंटेंट के जरिए कांग्रेस नेताओं की छवि खराब करने में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि बिना किसी प्रमाण के किसी व्यक्ति के खिलाफ इस तरह का वीडियो जारी करना न केवल अनैतिक है, बल्कि उसके परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। पुलिस अधीक्षक ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता इस बार केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिख रहे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह मामला सड़क से लेकर सदन तक गूंजेगा। AI तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग ने अब राजनीति को भी अपनी चपेट में ले लिया है। सवाल केवल एक वीडियो का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा, व्यक्तिगत सम्मान और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का है। आने वाले दिनों में यह विवाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।  

नक्सलमुक्त जिले में बदली तस्वीर, जगरगुंडा में पुलिस की वापसी से फिर बसने लगी जिंदगी

सुकमा. कभी शाम होते ही बंद हो जाने वाला जगरगुंडा अब रात में भी जाग रहा है। दो दशकों तक भय के साए में जीने वाला इलाका अब बदलता नजर आ रहा है। सड़कों के निर्माण से बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से संपर्क आसान हुआ है। बाजारों में फिर से चहल-पहल लौटने लगी है। कभी इमली मंडी के लिए मशहूर क्षेत्र फिर व्यापार की राह पकड़ रहा है। महुआ, इमली और चिरौंजी का कारोबार दोबारा गति पकड़ रहा है। जनवरी 2026 में वर्षों बाद बैंक शाखा खुलना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सैकड़ों ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। अब लोग पैसे निकालने दूर-दराज नहीं जा रहे। रात में भी लोगों का बेखौफ बाहर निकलना बदलाव का संकेत है। हालांकि नेटवर्क और अधूरी सड़कें अब भी चुनौती बनी हुई हैं। जगरगुंडा अब खौफ नहीं, विकास की नई कहानी लिख रहा है। नक्सलमुक्त जिले में पुलिस लौटी खाकी पहचान में कोंडागांव को नक्सलमुक्त घोषित किए जाने के बाद बड़ा बदलाव दिखा है। जिला पुलिस ने ड्यूटी में पारंपरिक खाकी वर्दी पहनने के निर्देश दिए हैं। पहले संवेदनशील इलाकों में कैमफ्लाज वर्दी का उपयोग किया जाता था। यह वर्दी ऑपरेशन और सुरक्षा जरूरतों के लिहाज से जरूरी थी। अब फोकस कानून व्यवस्था और जनसेवा पर केंद्रित किया गया है। खाकी वर्दी से पुलिस आमजन के बीच अधिक सहज दिखेगी। जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है। पहचानने योग्य पुलिसिंग से पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। सूचना या शिकायत पर नजदीकी थाने से संपर्क करने कहा गया है। यह बदलाव शांति और सामान्य हालात का प्रतीक माना जा रहा है। कोंडागांव अब सुरक्षा से विकास की ओर कदम बढ़ा रहा है।

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का संदेश—फिटनेस, पॉजिटिविटी और परिवार का साथ

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का मंत्र—फिट रहें, पॉजिटिव सोचें, परिवार संग आगे बढ़ें संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम रायपुर  जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया।    गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।    अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है।   सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है।   महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी।   उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए    कार्यक्रम में  महापौर श्री रामू रोह कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा डीएफओ श्री कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य श्री विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।     युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।      महापौर श्री रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।