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जनगणना को लेकर प्रशासन अलर्ट, बलिया में घर-घर पहुंचेंगी गणना टीमें

 बलिया  आठवीं जनगणना को लेकर तहसील प्रशासन तैयारियों के दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अधूरी नजर आ रही हैं। 22 मई से मकान गणना कार्य शुरू होना है, जबकि बड़ी संख्या में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को अब तक जरूरी जनगणना किट नहीं मिल सकी है। इससे अभियान की शुरुआत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जनगणना प्रक्रिया में सबसे पहले “नजरी नक्शा” तैयार किया जाएगा। इसके तहत मोहल्लों, गलियों और मकानों का चिन्हांकन कर प्रारूप बनाया जाएगा। इसके बाद मकानों की गणना और डाटा संग्रहण का कार्य होगा। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पूरी किट के फील्ड कार्य प्रभावित हो सकता है। तहसील क्षेत्र में 799 प्रगणक और 138 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। प्रगणकों को वाटर रेजिस्टेंट बैग, राइटिंग बोर्ड, नोटपैड, पेन, मार्कर व आई-कार्ड पाउच सहित 10 प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जानी है। प्रभारी तहसीलदार देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि किट लखनऊ से डाक के जरिए भेजी जा रही है। कुछ किट पहुंच चुकी हैं और उनका वितरण शुरू कराया जाएगा।

स्व-गणना पूरी, अब होगी डोर-टू-डोर जांच; 30 जून तक देना होगा गाड़ी से इंटरनेट तक का पूरा ब्योरा

लुधियाना पंजाब में जनगणना के पहले चरण के तहत स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सिर्फ 1.5 लाख लोगों ने ही इसका लाभ उठाया है, जो 2011 की जनगणना के हिसाब से राज्य की कुल जनसंख्या का मात्र 0.54% है।   लुधियाना में लगभग 25,000 निवासियों ने स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की है, जो राज्य में सबसे अधिक है। मोहाली में लगभग 10,000 लोगों ने स्व-गणना की है। अब शुक्रवार से गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे और 30 जून तक यह प्रक्रिया चलेगी। स्व-गणना के तहत लोगों को मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज करने की सुविधा दी गई थी लेकिन अधिक लोग इसके लिए आगे नहीं आए हैं। घरों की गणना के दौरान लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें घर में गाड़ियों की संख्या, लैपटॉप या कंप्यूटर की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा और पीने के पानी का मुख्य स्रोत जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा घर की बुनियादी सुविधाओं और स्थिति से जुड़े सवाल भी इसमें शामिल होंगे। केंद्र सरकार ने 30 सितंबर 2026 के बीच पहले चरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने गणना की प्रक्रिया को जून माह तक पूरे करने का फैसला लिया है। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और मलेरकोटला में प्री-टेस्ट भी किया गया था और जो भी दिक्कतें सामने आई थीं, उन्हें दूर किया गया है। जनगणना प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए अतिरिक्त, संयुक्त और सहायक आयुक्त के साथ नगर योजनाकार और अधीक्षक अभियंता की तैनाती की है, जो जनगणना अधिनियम 1948 के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। ये जानकारी भी की जाएगी दर्ज   घरों की सूची तैयार करते समय गणनाकर्मी भवन संख्या, फर्श दीवार और छत की सामग्री, घर के उपयोग और उसकी स्थिति से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ परिवार संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और दंपतियों की संख्या भी पूछी जाएगी। स्नान सुविधा, रसोईघर और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन जैसी सुविधाओं का ब्योरा भी लिया जाएगा।

ट्रेनिंग ली, फिर भी ड्यूटी से नदारद! लुधियाना में 1000 कर्मियों पर FIR का खतरा

लुधियाना लुधियाना में जनगणना ड्यूटी से भागने वाले 1000 से ज्यादा कर्मचारियों पर FIR दर्ज होगी। नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने चारों जोनों के जनगणना अफसरों को हिदायतें दे दी हैं कि जो कर्मचारी किट लेकर नहीं गया है. लुधियाना में जनगणना की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर को सौंपी गई। निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल ने अलग-अलग विभागों के साथ निजी संस्थानों 6500 के करीब कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी सौंपी। निगम ने जनगणना के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी। कर्मचारी ट्रेनिंग में भी शामिल हुए, लेकिन जब उन्हें किट ले जाने के लिए कहा तो 1000 से ज्यादा कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। नगर निगम कमिश्नर समेत तमाम अफसर रात तक कर्मचारियों को बुलाने के लिए तरले काटते रहे। जोनल कमिश्नर कर्मचारियों से करते रहे संपर्क जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों वीरवार को सुबह से ही कर्मचारियों को किट व आईकार्ड ले जाने के लिए संपर्क करते रहे। नगर निगम पिछले 3-4 दिन से कर्मचारियों को किट बांट रहा था। निगम अफसरों को कर्मचारियों के न पहुंचने का अंदेशा नहीं था क्योंकि वह लगातार ट्रेनिंग में हिस्सा ले रहे थे। एक कर्मचारी के हिस्से 150 घर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में हाउस होल्ड की गणना होनी है। लुधियाना नगर निगम एरिया में एक कर्मचारी को 150 घरों की जिम्मेदारी दी गई है। कर्मचारियों को 15 मई से 13 जून तक यह गणना करनी है। रोजाना पांच से छह घरों की गणना भी करता है तो इस दौरान वो आसानी से 150 घरों की गणना पूरी कर सकता है। उन्होंने बताया कि लुधियाना में काफी संख्या में लोग स्वगणना कर चुके हैं। इसके बावजूद वो जनगणना ड्यूटी से भाग रहे हैं। जनगणना एक्ट 1948 के तहत हो सकती है यह कार्रवाई, जानिए.. सीधे दर्ज होगी FIR: जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों ने बताया कि जनगणना की ड्यूटी पर न आने या काम बीच में छोड़ने पर पुलिस केस (FIR) दर्ज किया जा सकता है। जेल और जुर्माना: सेखों ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अगर दोषी पाए गए तो कर्मचारी या अधिकारी को सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है। नौकरी पर संकट: ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ विभाग की तरफ से भी कड़ी कार्रवाई की जाती है, जिससे नौकरी पर खतरा बन सकता है। सटीक जानकारी जरूरी: यह कानून सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, आम जनता पर भी लागू होता है। गलत जानकारी देने या गणनाकार को रोकने पर भी कार्रवाई हो सकती है। आज से शुरू होनी है डोर-टू डेार हाउस लिस्टिंग नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने बताया कि आज से डोर-टू-डोर हाउस लिस्टिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने स्वगणना कर दी है उन्हें सिर्फ एसई आईडी देनी होगी। नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि इस प्रक्रिया में जो भी सूचनाएं देंगे वो पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी।

जनगणना फार्म में ओबीसी कॉलम नहीं, पिछड़ा वर्ग ने उठाई जाति आधारित गणना की आवाज

फिरोजपुर  फिरोजपुर में जनगणना 2027 के तहत शुरू की गई स्वैच्छिक ऑनलाइन जानकारी भरने की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल न किए जाने पर पिछड़े वर्गों में रोष बढ़ गया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरभेज सिंह टिब्बी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह पिछड़े वर्गों के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सामाजिक न्याय और समानता की बात करती है, तो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ओबीसी वर्ग की अनदेखी समझ से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति आधारित जनगणना समय की मांग है और इससे ही समाज के सभी वर्गों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सकेगा। कॉलम न होना चिंता का विषय टिब्बी ने बताया कि जनगणना 2027 के तहत नागरिकों को सुविधा देने के लिए स्वयं जानकारी भरने की व्यवस्था शुरू की गई है, जो 14 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, लेकिन इसमें ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम न होना चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि तुरंत इस त्रुटि को सुधारते हुए ऑनलाइन फार्म में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए, ताकि पिछड़े वर्गों की सही गणना सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि बिना सटीक आंकड़ों के नीतियां बनाना संभव नहीं है और इससे सामाजिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है। तत्काल ध्यान देने की जरूरत इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद राज्य में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से जुड़े प्रावधान सही तरीके से लागू नहीं हो रहे हैं। यह स्थिति भी चिंता का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। टिब्बी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो ओबीसी समुदाय को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक वर्ग का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, जिस पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए।  

प्रदेश में जनगणना 2027 की शुरुआत, 33 सवालों का जवाब देना होगा घर आए कर्मचारियों को

भोपाल  मध्य प्रदेश में 1 मई से जनगणना-2027 के 'हाउस लिस्टिंग' यानी मकानों की सूची बनाने का काम शुरू हो गया है। इस बार की जनगणना खास है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल है। आपके घर पहुंचने वाले प्रगणक आपसे 33 मुख्य सवाल पूछेंगे। इसमें आपके मकान की स्थिति, दीवारों में इस्तेमाल सामग्री से लेकर घर में कौन सा अनाज खाया जाता है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। इन चीजों का देना होगा ब्यौरा पहले फेज में मुख्य रूप से सुविधाओं और संपत्तियों पर फोकस रहेगा: घर की संपत्ति: गाड़ी, लैपटॉप, कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन। मकान की बनावट: दीवार और छत की सामग्री। खान-पान: परिवार में इस्तेमाल होने वाला मुख्य अनाज। जातिगत गणना: ध्यान रहे कि जाति से जुड़े सवाल इस बार नहीं, बल्कि फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण में पूछे जाएंगे। पूरी तरह गुप्त रहेगी जानकारी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने स्पष्ट किया है कि लोगों को अपनी संपत्ति बताने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। गोपनीयता: आपकी दी गई जानकारी पूरी तरह गुप्त रहेगी और किसी भी एजेंसी के साथ साझा नहीं की जाएगी। सरकारी लाभ: जनगणना का मकसद केवल विकास की योजनाएं बनाना है। इससे किसी के सरकारी लाभ या पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सुरक्षा: डेटा पूरी तरह 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड' है, यानी सर्वर तक पहुंचने के दौरान इसे कोई नहीं देख सकता। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है और डेटा प्रोटेक्शन हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लोग बेझिझक और सही जानकारी साझा करें। आपके सहयोग से ही बेहतर सरकारी नीतियां बन सकेंगी। कार्तिकेय गोयल, निदेशक (जनगणना-2027, MP & CG) 1.5 लाख कर्मचारियों की फौज तैनात इस महा-अभियान के लिए मध्य प्रदेश में करीब 1.5 लाख कर्मचारियों को लगाया गया है, जिनमें से ज्यादातर स्कूल शिक्षक हैं। हाउस लिस्टिंग का यह काम एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

जनगणना अभियान शुरू: हरियाणा में सिरसा-करनाल ने मारी बाजी, नूंह पिछड़ा

चंडीगढ़. हरियाणा में 77 लाख से अधिक परिवार हैं, पर अभी तक मात्र दो लाख 46 हजार परिवारों ने ही स्वगणना कराई है। गुरुवार को स्वगणना का अंतिम दिन है, शुक्रवार से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू हो जाएगा। स्वगणना में सिरसा और करनाल सबसे आगे हैं, जबकि नूंह पिछड़ा हुआ है। जनगणना निदेशक ललित जैन ने प्रदेश के लोगों से कहा है कि वे अंतिम दिन अधिक से अधिक स्वगणना के लिए आगे आएं। जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डा. ललित जैन के अनुसार स्वगणना बहुत ही सरल प्रक्रिया है और पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर इसे पांच-सात मिनट में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद जनगणना करने वाले (एन्यूमरेटर) के साथ केवल वह जारी किया गया आइडी नंबर साझा करना होगा। पूरे राज्य में एक मई से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू होंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे सभी एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर को पूरा सहयोग दें और उन्हें सही, सटीक तथा अद्यतन जानकारी प्रदान करें। इस जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। आवश्यक जानकारी देने से इन्कार है दंडनीय अपराध जनगणना निदेशक ने चेतावनी दी कि जनगणना अधिकारियों को जरूरी जानकारी देने से इन्कार करना या उनके साथ असहयोग करना जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यदि किसी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर या नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है तो वे अपने संबंधित सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जनगणना विभाग का हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध कराया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक, गणनाकार या पर्यवेक्षक अपनी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकता है। प्रत्येक शिकायत या समस्या पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला     स्वगणना कराने वाले परिवार सिरसा     22,845 करनाल     22,836 जींद     19,486 फतेहाबाद     14,602 सोनीपत     12,780 महेंद्रगढ़     12,674 गुरुग्राम     12,607 हिसार     11,927 रोहतक     11,366 यमुनानगर     11,348 पंचकूला     10,910 झज्जर     10,560 रेवाड़ी     10,494 फरीदाबाद     9,623 चरखी दादरी     9,586 भिवानी     8,307 हांसी     7,963 कैथल     6,341 कुरुक्षेत्र     4,912 अंबाला     4,846 पानीपत     4,841 पलवल     3,134 नूंह     1,897

सुशासन तिहार और जनगणना के लिए प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

सुशासन तिहार और जनगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार  30 अप्रैल तक लंबित प्रकरण निपटाने के निर्देश 1 मई से दो बड़े अभियान शुरू : 73 शिविरों के साथ सुशासन तिहार टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल की समीक्षा, प्रशासनिक तैयारियों को दिया अंतिम रूप बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक लेकर आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार और जनगणना कार्य की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 30 अप्रैल तक सभी लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश देते हुए दोनों महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाने के लिए पूरी मुस्तैदी से कार्य करने को कहा।       कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टीएल बैठक में जिले में शुरू होने जा रहे दो बड़े अभियानों—सुशासन तिहार और जनगणना—की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन तिहार प्रारंभ होने से पहले सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाए, ताकि शिविरों में आमजन को त्वरित राहत मिल सके। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के दौरान कुल 73 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 31 शिविर ग्रामीण क्षेत्रों और 42 शिविर शहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी जनपद पंचायत के सीईओ तथा शहरी क्षेत्रों में निगम आयुक्त एवं संबंधित सीएमओ को सौंपी गई है। शिविर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित स्थलों पर आयोजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को समय पर उपस्थित रहने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर शिविरों की जानकारी देने के निर्देश दिए।           बैठक में 1 मई से शुरू हो रही जनगणना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नागरिकों से 30 अप्रैल तक स्व-गणना फॉर्म भरने की अपील करते हुए कहा कि जनगणना में जानकारी देना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। जानकारी न देने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना से प्राप्त जानकारी का उपयोग केवल नीति निर्माण के लिए किया जाएगा तथा जनगणना अधिनियम 1948 के तहत डेटा की गोपनीयता पूर्णतः सुरक्षित रखी जाएगी। 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर 34 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित करेंगे। कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिनसे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके और जिनके लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है।           प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 1.02 लाख किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि लगभग 25 हजार और किसानों को इससे जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अग्रिस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसानों को ही खाद उपलब्ध कराया जाएगा और 1 मई से सॉफ्टवेयर शुरू होने पर वितरण प्रक्रिया प्रारंभ होगी। बैठक में आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने टीएल, जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, पीएम पोर्टल तथा उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Census 2026: 1 मई से सर्वे में बदला पैटर्न, अब लाइफस्टाइल और खान-पान पर भी पूछे जाएंगे सवाल

राजनांदगांव. वर्ष 2011 के बाद पूरे देशभर में जनगणना कार्य शुरू हो गया है। एक मई से प्रगणक घर घर जाकर 33 बिन्दुओं में लोगों से जानकारी लेगें। इसमें रहने, खाने और लाइफ स्टाइल की जानकारी मांगी जाएगी। स्मार्ट फोन व घर के फर्श में उपयोग होने वाले सभी बिन्दुओं की जानकारी इस बार ली जाएगी। राज्य के गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत 33 बिन्दुओ के अंदर लोगों को जानकारी मांगी जाएगी। जिसमें लोगों के रहने, खाने, मनोरंजन, इंटरनेट व कौन से अनाज खा रहे सहित मोबाइल नंबर मांगे जाएंगे। बहरहाल जनगणना के पहले चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जानकारी अनुसार वर्ष 2011 में जनगणना होने के बाद दुबारा सर्वे नही हो पाया था । प्रत्येक दस साल में होने वाला जनगणना कार्य अब होने जा रहा हैं। इसकी तैयारी वर्ष 2025 के अंतिम माह से शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई हैं। जिसमें 33 बिन्दु निर्धारित किए गए है प्रक्रियाः पूरी तरह से पेपरलेस, डिजिटल डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा। ये प्रश्न पूछे जाएंगे जनगणना में 1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर ) 2. जनगणना मकान नंबर 3. मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 6. मकान के उपयोग 7. मकान की हालत 8. परिवार की जानकारी 9 परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य से संबन्धित है 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्रोत 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत 19. शौचालय की सुलभता 20. शौचालय का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी 22. बाथरूम की चाबियों की उपलब्धता 23. रसोई घर और एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईधन 25. रेडियो ट्रांजिस्टर 26. टेलिविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28 लैपटॉप कम्प्यूटर 29. टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन 30. साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड 31. कार, जीप, वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। चार सहायक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति भिलाईनगर। दुर्ग जिला में पदस्थ सहायक उप निरीक्षकों गोरख नाथ चौधरी, पूर्ण बहादुर कांकी, चन्द्रशेखर सोनी व केशव दयाल तिवारी को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने पदोन्नत अधिकारियों को स्टार लगा कर शुभकामनाएं दी तथा नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जनोन्मुख पुलिसिंग के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों ने अपने दायित्वों के प्रति समर्पण दोहराते हुए कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

डॉ. अजित बाबू जैन और डॉ. मनोरमा जैन ने जनगणना कार्य में भारतीय नागरिकों को किया जागरूक

ग्वालियर ग्वालियर के जैन दंपति जनगणना कार्य जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में स्वेच्छापूर्वक आम नागरिकों की मदद से भारत के विभिन्न राज्यों में आमजन को जनगणना कार्य में जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं । अप्रैल माह में इन्होंने इंदौर और ग्वालियर क्षेत्र में यह अभियान दो टीमों का गठन करके दो दर्जन सदस्यों के माध्यम से चलाया था । सफलता मिली तो अनेकों लोग जुड़ते गये । तो मप्र के अलग-अलग क्षेत्रों में टीम बनाकर यह कार्य जारी रखा । अनेक लोगों के जुड़ाव हुआ तो अब यही कार्य इतने विशाल स्वरूप में आ चुका है कि भारत के अनेक राज्यों में अलग-अलग टीमों का गठन करके महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, गुजरात में यह अभियान चलाया जा रहा है। यह जैन दंपति  पूरी लगन और मेहनत करके  लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं और टीम के सभी सदस्यों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। इस जैन दंपति ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच कर उन्हें जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि वे  यह कार्य अपनी स्वेच्छा से एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक होने के नाते कर रहे हैं। और वे यह कार्य वगैर किसी शासकीय सुविधा लिए स्वयं अपने खर्चे पर कर रहे हैं। जहां शासकीय सेवक ऐसी ड्यूटी से बचना चाहते हैं, वहां स्वेच्छा पूर्वक अपने खर्चे पर इस कार्य के लिए स्वयं को समर्पित करना सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।

जनगणना 2027 के लिए ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने किया भागीदारी का संकल्प

जनगणना 2027 को लेकर ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने लिया भागीदारी का संकल्प घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, ग्राम सभा में दी गई पूरी जानकारी और भरोसा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आज आयोजित विशेष ग्रामसभा में जनगणना 2027 को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जनगणना के महत्व, प्रक्रिया और इससे जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) का अवसर दिया गया है, जिसके तहत नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ग्रामसभा में उपस्थित लोगों को मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन, ओटीपी सत्यापन, स्मार्ट जियो-टैगिंग और घर से संबंधित सभी विवरण भरने की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट तरीके से समझाई गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने जानकारी दी कि 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक मकान, उसकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारियों का संग्रह करेंगे। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान “हमारी जनगणनादृहमारा विकास” का संदेश प्रमुख रूप से दिया गया और लोगों को जागरूक किया गया कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं की नींव तय करते हैं। ग्रामसभा में “मेरी गणना, देश की ताकत” के संदेश के साथ लोगों में उत्साह देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने और जनगणना 2027 को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, जिससे नागरिकों में विश्वास और सहभागिता बढ़े।