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जनगणना अभियान शुरू: हरियाणा में सिरसा-करनाल ने मारी बाजी, नूंह पिछड़ा

चंडीगढ़. हरियाणा में 77 लाख से अधिक परिवार हैं, पर अभी तक मात्र दो लाख 46 हजार परिवारों ने ही स्वगणना कराई है। गुरुवार को स्वगणना का अंतिम दिन है, शुक्रवार से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू हो जाएगा। स्वगणना में सिरसा और करनाल सबसे आगे हैं, जबकि नूंह पिछड़ा हुआ है। जनगणना निदेशक ललित जैन ने प्रदेश के लोगों से कहा है कि वे अंतिम दिन अधिक से अधिक स्वगणना के लिए आगे आएं। जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डा. ललित जैन के अनुसार स्वगणना बहुत ही सरल प्रक्रिया है और पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर इसे पांच-सात मिनट में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद जनगणना करने वाले (एन्यूमरेटर) के साथ केवल वह जारी किया गया आइडी नंबर साझा करना होगा। पूरे राज्य में एक मई से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू होंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे सभी एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर को पूरा सहयोग दें और उन्हें सही, सटीक तथा अद्यतन जानकारी प्रदान करें। इस जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। आवश्यक जानकारी देने से इन्कार है दंडनीय अपराध जनगणना निदेशक ने चेतावनी दी कि जनगणना अधिकारियों को जरूरी जानकारी देने से इन्कार करना या उनके साथ असहयोग करना जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यदि किसी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर या नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है तो वे अपने संबंधित सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जनगणना विभाग का हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध कराया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक, गणनाकार या पर्यवेक्षक अपनी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकता है। प्रत्येक शिकायत या समस्या पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला     स्वगणना कराने वाले परिवार सिरसा     22,845 करनाल     22,836 जींद     19,486 फतेहाबाद     14,602 सोनीपत     12,780 महेंद्रगढ़     12,674 गुरुग्राम     12,607 हिसार     11,927 रोहतक     11,366 यमुनानगर     11,348 पंचकूला     10,910 झज्जर     10,560 रेवाड़ी     10,494 फरीदाबाद     9,623 चरखी दादरी     9,586 भिवानी     8,307 हांसी     7,963 कैथल     6,341 कुरुक्षेत्र     4,912 अंबाला     4,846 पानीपत     4,841 पलवल     3,134 नूंह     1,897

सुशासन तिहार और जनगणना के लिए प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

सुशासन तिहार और जनगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार  30 अप्रैल तक लंबित प्रकरण निपटाने के निर्देश 1 मई से दो बड़े अभियान शुरू : 73 शिविरों के साथ सुशासन तिहार टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल की समीक्षा, प्रशासनिक तैयारियों को दिया अंतिम रूप बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक लेकर आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार और जनगणना कार्य की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 30 अप्रैल तक सभी लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश देते हुए दोनों महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाने के लिए पूरी मुस्तैदी से कार्य करने को कहा।       कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टीएल बैठक में जिले में शुरू होने जा रहे दो बड़े अभियानों—सुशासन तिहार और जनगणना—की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन तिहार प्रारंभ होने से पहले सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाए, ताकि शिविरों में आमजन को त्वरित राहत मिल सके। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के दौरान कुल 73 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 31 शिविर ग्रामीण क्षेत्रों और 42 शिविर शहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी जनपद पंचायत के सीईओ तथा शहरी क्षेत्रों में निगम आयुक्त एवं संबंधित सीएमओ को सौंपी गई है। शिविर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित स्थलों पर आयोजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को समय पर उपस्थित रहने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर शिविरों की जानकारी देने के निर्देश दिए।           बैठक में 1 मई से शुरू हो रही जनगणना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नागरिकों से 30 अप्रैल तक स्व-गणना फॉर्म भरने की अपील करते हुए कहा कि जनगणना में जानकारी देना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। जानकारी न देने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना से प्राप्त जानकारी का उपयोग केवल नीति निर्माण के लिए किया जाएगा तथा जनगणना अधिनियम 1948 के तहत डेटा की गोपनीयता पूर्णतः सुरक्षित रखी जाएगी। 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर 34 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित करेंगे। कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिनसे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके और जिनके लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है।           प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 1.02 लाख किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि लगभग 25 हजार और किसानों को इससे जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अग्रिस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसानों को ही खाद उपलब्ध कराया जाएगा और 1 मई से सॉफ्टवेयर शुरू होने पर वितरण प्रक्रिया प्रारंभ होगी। बैठक में आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने टीएल, जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, पीएम पोर्टल तथा उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Census 2026: 1 मई से सर्वे में बदला पैटर्न, अब लाइफस्टाइल और खान-पान पर भी पूछे जाएंगे सवाल

राजनांदगांव. वर्ष 2011 के बाद पूरे देशभर में जनगणना कार्य शुरू हो गया है। एक मई से प्रगणक घर घर जाकर 33 बिन्दुओं में लोगों से जानकारी लेगें। इसमें रहने, खाने और लाइफ स्टाइल की जानकारी मांगी जाएगी। स्मार्ट फोन व घर के फर्श में उपयोग होने वाले सभी बिन्दुओं की जानकारी इस बार ली जाएगी। राज्य के गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत 33 बिन्दुओ के अंदर लोगों को जानकारी मांगी जाएगी। जिसमें लोगों के रहने, खाने, मनोरंजन, इंटरनेट व कौन से अनाज खा रहे सहित मोबाइल नंबर मांगे जाएंगे। बहरहाल जनगणना के पहले चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जानकारी अनुसार वर्ष 2011 में जनगणना होने के बाद दुबारा सर्वे नही हो पाया था । प्रत्येक दस साल में होने वाला जनगणना कार्य अब होने जा रहा हैं। इसकी तैयारी वर्ष 2025 के अंतिम माह से शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई हैं। जिसमें 33 बिन्दु निर्धारित किए गए है प्रक्रियाः पूरी तरह से पेपरलेस, डिजिटल डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा। ये प्रश्न पूछे जाएंगे जनगणना में 1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर ) 2. जनगणना मकान नंबर 3. मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 6. मकान के उपयोग 7. मकान की हालत 8. परिवार की जानकारी 9 परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य से संबन्धित है 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्रोत 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत 19. शौचालय की सुलभता 20. शौचालय का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी 22. बाथरूम की चाबियों की उपलब्धता 23. रसोई घर और एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईधन 25. रेडियो ट्रांजिस्टर 26. टेलिविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28 लैपटॉप कम्प्यूटर 29. टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन 30. साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड 31. कार, जीप, वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। चार सहायक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति भिलाईनगर। दुर्ग जिला में पदस्थ सहायक उप निरीक्षकों गोरख नाथ चौधरी, पूर्ण बहादुर कांकी, चन्द्रशेखर सोनी व केशव दयाल तिवारी को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने पदोन्नत अधिकारियों को स्टार लगा कर शुभकामनाएं दी तथा नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जनोन्मुख पुलिसिंग के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों ने अपने दायित्वों के प्रति समर्पण दोहराते हुए कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

डॉ. अजित बाबू जैन और डॉ. मनोरमा जैन ने जनगणना कार्य में भारतीय नागरिकों को किया जागरूक

ग्वालियर ग्वालियर के जैन दंपति जनगणना कार्य जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में स्वेच्छापूर्वक आम नागरिकों की मदद से भारत के विभिन्न राज्यों में आमजन को जनगणना कार्य में जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं । अप्रैल माह में इन्होंने इंदौर और ग्वालियर क्षेत्र में यह अभियान दो टीमों का गठन करके दो दर्जन सदस्यों के माध्यम से चलाया था । सफलता मिली तो अनेकों लोग जुड़ते गये । तो मप्र के अलग-अलग क्षेत्रों में टीम बनाकर यह कार्य जारी रखा । अनेक लोगों के जुड़ाव हुआ तो अब यही कार्य इतने विशाल स्वरूप में आ चुका है कि भारत के अनेक राज्यों में अलग-अलग टीमों का गठन करके महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, गुजरात में यह अभियान चलाया जा रहा है। यह जैन दंपति  पूरी लगन और मेहनत करके  लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं और टीम के सभी सदस्यों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। इस जैन दंपति ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच कर उन्हें जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि वे  यह कार्य अपनी स्वेच्छा से एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक होने के नाते कर रहे हैं। और वे यह कार्य वगैर किसी शासकीय सुविधा लिए स्वयं अपने खर्चे पर कर रहे हैं। जहां शासकीय सेवक ऐसी ड्यूटी से बचना चाहते हैं, वहां स्वेच्छा पूर्वक अपने खर्चे पर इस कार्य के लिए स्वयं को समर्पित करना सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।

जनगणना 2027 के लिए ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने किया भागीदारी का संकल्प

जनगणना 2027 को लेकर ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने लिया भागीदारी का संकल्प घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, ग्राम सभा में दी गई पूरी जानकारी और भरोसा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आज आयोजित विशेष ग्रामसभा में जनगणना 2027 को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जनगणना के महत्व, प्रक्रिया और इससे जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) का अवसर दिया गया है, जिसके तहत नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ग्रामसभा में उपस्थित लोगों को मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन, ओटीपी सत्यापन, स्मार्ट जियो-टैगिंग और घर से संबंधित सभी विवरण भरने की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट तरीके से समझाई गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने जानकारी दी कि 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक मकान, उसकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारियों का संग्रह करेंगे। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान “हमारी जनगणनादृहमारा विकास” का संदेश प्रमुख रूप से दिया गया और लोगों को जागरूक किया गया कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं की नींव तय करते हैं। ग्रामसभा में “मेरी गणना, देश की ताकत” के संदेश के साथ लोगों में उत्साह देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने और जनगणना 2027 को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, जिससे नागरिकों में विश्वास और सहभागिता बढ़े।

भोपाल में जनगणना का अपडेट: प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक, 6000 से ज्यादा घरों की जानकारी डिजिटली दर्ज

भोपाल  जनगणना 2027 के तहत जिले के चार लाख घरों की मैपिंग व रिकॉर्ड ऑनलाइन मिल जाएगा। स्व गणना के तहत अपने घर व परिवार की ऑनलाइन पोर्टल से जानकारी देने में भोपाल के नागरिक सबसे तेजी से काम कर रहे हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार बीते पांच दिन में 6000 से अधिक घरों की जानकारी डिजिटली दर्ज हो चुकी है। इसमें तेजी आ रही है। अगले 10 दिनों में चार लाख घरों की मैपिंग होने का अनुमान है। ये कुल घरों का 70 फीसदी है। यानी एक मई से प्रगणकों को घर पहुंचने पर ज्यादा मशक्कत नहीं करना होगी। सिर्फ स्व गणना का 11 डिजिट का नंबर दर्ज करने से उन्हें स्थिति पता चल जाएगी। गौरतलब है कि एक प्रगणक को 200 घरों की मैपिंग का लक्ष्य दिया गया है। मौजूदा स्थिति में भोपाल में दस दिन में प्रगणक इस लक्ष्य का प्राप्त कर सकेंगे। जनवरी 2027 से आबादी की जातिगत गणना शुरू होगी। स्वगणना अभी 74 फीसदी अभी स्वगणना के लिए सेंसस के ऑनलाइन पोर्टल पर भोपाल अभी करीब 74 फीसदी पर है। आबादी के अनुसार स्वगणना की संख्यात्मक स्थिति देखें तो भोपाल के साथ सिर्फ मंदसौर व सागर ही बेहतर कर रहे हैं। इंदौर जैसे बड़े शहर भोपाल से काफी पीछे हैं। भोपाल में वेब पोर्टल पर प्रति 90 सेकंड में एक फार्म सबमिट हो रहा है। ये संख्या शुरुआत में डेढ़ मिनट थी। अफसरों के अनुसार अगले दो दिन में ये 20 से 22 सेकंड तक पहुंचेगी तो फार्म बढ़ेंगे। बता दें कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जनगणना कार्य को तय समयसीमा में पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। 32 फीसदी आवास शेड वाले स्वगणना के तहत जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनमें जिले में 32 फीसदी आवास शेड व कच्चे सामने आ रहे हैं। यानि यहां पर आगामी समय में मकानों को लेकर बड़ा काम होगा। आवासीय उपयोग के इंफास्ट्रक्चर की बड़ी संभावना है। सरकारी स्तर पर भी आवास की बड़ी योजनाएं हैं। जर्जर व पुराने घरों को लेकर भी बड़ा आंकड़ा सामने आ रहा है। रेडियो ट्रांजिस्टर को भी शामिल किया है… मकान सूचीकरण की गणना में रेडियो ट्रांजिस्टर को भी शामिल किया है। हालांकि बदलते समय के साथ इसके लिए दिए ऑप्शन में स्मार्टफोन से एमपी रेडियो चलाने का विकल्प है। आप इसे सबमिट कर सकते हैं। स्वगणना का फार्म भरने की तकनीकी दिक्कतें खत्म हो गई है। घर की जियो टैगिंग के साथ आसानी से फार्म जमा हो रहे हैं। लोगों में काफी उत्साह है। भुवन गुप्ता, उप जिला जनगणना अधिकारी

जनगणना में गलत नाम भरने पर नहीं मिलेगा सुधार का मौका, सावधानी से भरें फार्म

भोपाल  जनगणना 2027 के तहत गुरुवार से स्वगणना का पोर्टल एसईडॉटसेंससडॉटजीओवीडॉटइन se.census.gov.in खुल गया है। यहां स्वगणना के प्रति खासा उत्साह रहा, लेकिन ऑनलाइन फार्म में तकनीकी दिक्कतें आने से लोगों को परेशान होते भी देखा गया। तीसरे पेज पर जैसे ही घर की लोकेशन जियो टैगिंग से करने का बॉक्स आया, फार्म अटक गया। यहां दर्ज किए पते के आधार पर खुद ही जियो टैगिंग के लिए मैप खुलता है। इसमें लोग बार- बार सटीक लोकेशन को लेकर प्रयास करते रहे। स्व गणना में नाम भरने में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है अन्यथा गलत नाम ही जुड़ जाएगा। इसमें स्पष्ट बताया जा रहा है कि नाम सुधारने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा। लोकेशन को लैटिट्यूड- लॉन्गिट्यूड में बताकर कंफर्म करने का पूछा जा रहा है। इसमें लोग भ्रमित हो रहे हैं। अरेरा कॉलोनी में रहने वाले अवधेश सिंह ने बताया कि आधे से पौन घंटे तक टैगिंग की कोशिश की। लोकेशन में दिक्कत आई। काम पर जाना था, इसलिए फिर नहीं किया। अब शुक्रवार को फिर कोशिश करेंगे। ऐसे समझें जनगणना की टाइम लाइन स्व गणना के लिए 30 अप्रैल 2026 तक पार्टल खुला रहेगा। प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का काम 1 मई से शुरु करेंगे। यह कार्य 30 मई 2026 तक होगा। पोर्टल पर राज्य का चयन कर परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। यहां ऑनलाइन मैप पर घर की जियो टैंगिंग होगी। स्व गणना के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर खुद की डिटेल जमा करेंगे तो आखिर में 11 अंकों की एक विशिष्ट स्व गणना पहचान संख्या बनेगी। ये मोबाइल और ई-मेल पर भी प्राप्त होगी। जनगणना के दौरान इसकी जरूरत पड़ेगी। किसी भी व्यक्ति को अपने परिवार की महिला सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। फार्म में नाम बिल्कुल सही दर्ज करें, उसे सुधारने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा स्व गणना में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसमें स्पष्ट बताया जा रहा है कि फार्म में नाम बिल्कुल सही दर्ज करें, उसे सुधारने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा। गलत नाम ही जनगणना में जुड़ जाएगा। सुबह फार्म खुल रहा था, लेकिन दोपहर बाद इसमें बाधा आने लगी। बताया जा रहा है देशभर से लोग इसे ओपन करने की प्रक्रिया करने लगे, जिससे ये अटकता रहा। जिला प्रशासन के संबंधित अफसरों के अनुसार एक बैठक में 20 से 22 मिनट में फार्म भरा जा सकता है। थोड़े धैर्य के साथ काम करेंगे तो दिक्कत नहीं होगी। एक बार लोकेशन को सर्च करने के बाद उसे पुख्ता करने के लिए पूछा जाता है।

ग्वालियर-इंदौर संभाग में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य में नागरिकों की स्वेच्छिक भागीदारी

ग्वालियर  जनगणना जैसे कार्य में शासकीय सेवकों को महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के लिए शासन द्वारा सभी सुविधाएं और मानदेय दिया जाता है। वहां ऐसे भी भारतीय नागरिक हैं जो बिना किसी शासकीय सुविधा के स्वप्रेरणा से जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपना समय और पैसा खर्च करके प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने के लिए दूर-दूराज के ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर रहे हैं। 5-4-26 से ग्वालियर क्षेत्र में यह कार्य प्रख्यात पुस्तक लेखक डॉ अजित बाबू जैन के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम द्वारा संचालित किया जा रहा है। उनकी टीम में श्री अक्षय कुमार दानी, श्री अमित कुमार, श्रीमती सुधा जैन , प्रख्यात समाजसेवी श्री महेन्द्र कुमार जैन, एवं पुष्पराज के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है जिन्होंने 11 दिनों में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि संचार माध्यमों और स्वयं सभी स्थानों पर दौरा करते हुए सभी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाकर लोगों को जागरूक किया है। इंदौर क्षेत्र में यही कार्य भारत सरकार से राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद डॉ मनोरमा जैन के मार्गदर्शन में उनकी टीम कर रही है। उनकी टीम में मुख्य रूप से श्री योगेश कुमार जागीचा देपालपुर, श्रीमती मनीषा मंडोवरा गौतमपुरा, श्रीमती नयन जैन बेटमा, श्रीमती मधु नाहर इंदौर और श्री अमिष जैन बेटमा द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा कर संपूर्ण इंदौर क्षेत्रों में पहुंच बनाई गई है। ग्वालियर और इंदौर दोनों ही टीमों में बहुत लोग स्वेच्छा से जुड़ते जा रहे हैं जिससे कार्य अधिक आसान हो रहा है।

गृह विभाग की नई गाइडलाइन: जनगणना में महिला का नाम बताने के लिए परिवार को नहीं किया जा सकेगा बाध्य

 भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी जनगणना को लेकर गृह विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी किसी परिवार के सदस्य को महिला का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। जनगणना के दौरान गलत जानकारी देने या कार्य में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है, तो दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। दो चरणों में होगी जनगणना राज्य में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण एक से 30 मई के बीच होगा, जिसमें मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए गृह विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। कर्मचारियों को दिए गए विशेष अधिकार दिशा-निर्देशों के अनुसार, जनगणना कर्मचारी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी प्रश्न पूछ सकेंगे और नागरिकों का उत्तर देना अनिवार्य होगा। साथ ही, कर्मचारी घर, परिसर या अन्य स्थानों में प्रवेश कर आवश्यक जानकारी एकत्र कर सकेंगे, बशर्ते वह स्थान प्रतिबंधित श्रेणी में न आता हो। जनगणना अधिकारियों को प्रवेश से नहीं रोक सकेंगे नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को अपने घर, अहाते, जलयान या अन्य स्थानों में प्रवेश करने से नहीं रोक सकेगा। बशर्ते वह स्थान परंपरागत रूप से प्रतिबंधित न हो। साथ ही अधिकारियों को जरूरी आंकड़े दर्ज करने से भी नहीं रोका जा सकेगा। गृह विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में एक हजार रुपए तक का जुर्माना है। साथ ही तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। कई विभागों का अमला होगा तैनात जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत और शिक्षा विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात करने का फैसला किया है। दस्तावेज जांच और जानकारी लेने के अधिकार अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक जानकारी एकत्र करने, दस्तावेजों की जांच करने और जनगणना से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अधिकृत होंगे। जरूरत पड़ने पर वे किसी भी व्यक्ति से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण भी कर सकेंगे। जनगणना फॉर्म में 29 कॉलम, केवल SC-ST की डिटेल 2011 तक जनगणना फॉर्म में कुल 29 कॉलम होते थे। इनमें नाम, पता, व्यवसाय, शिक्षा, रोजगार और माइग्रेशन जैसे सवालों के साथ केवल SC और ST कैटेगरी से ताल्लुक रखने को रिकॉर्ड किया जाता था। अब जाति जनगणना के लिए इसमें एक्स्ट्रा कॉलम जोड़े जा सकते हैं। बाधा डालने पर होगी कार्रवाई यदि कोई व्यक्ति जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करता है या कर्मचारियों को जानकारी एकत्र करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एक हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। अभिलेखों की जांच का भी अधिकार कर्मचारियों को संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार भी दिया गया है, ताकि जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।

Census 2026: छत्तीसगढ़ में एक मई से शुरू होगा सर्वे, पहले गिने जाएंगे घर

रायपुर. भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) का कार्य छत्तीसगढ़ में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा। इन बिंदुओं पर एकत्रित की जाएगी जानकारी प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी (Self-Enumeration ID) प्रगणक को बतानी होगी। पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी सभी जानकारी जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। निगरानी के लिए जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खुलेंगे नियंत्रण कक्ष जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती है।