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शादी के 27 दिन बाद उजड़ा परिवार, पत्नी की मौत के बाद पति ने भी दी जान

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवविवाहित जोड़े की आत्महत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. एक महीने पहले जिन दो परिवारों में शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. सिद्धार्थ कांदिल और मेघा उर्फ ज्योति की शादी 25 अप्रैल को हुई थी, लेकिन शादी के 27 दिन बाद ही दोनों की मौत हो गई।  जानकारी के मुताबिक, शादी के कुछ दिन बाद मेघा अपने मायके मुरार चली गई थी. बताया जा रहा है कि 1 मई को वह मायके पहुंची थी. इसके बाद 20 मई को उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नवविवाहिता की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।  पत्नी की मौत से सिद्धार्थ पूरी तरह टूट गया था. बताया जा रहा है कि वह गहरे सदमे में चला गया था. पत्नी की मौत के दो दिन बाद 22 मई को सिद्धार्थ ने भी पिंटो पार्क स्थित अपने घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल रिकॉर्डिंग खंगाल रही टीम घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. जिन घरों में कुछ दिन पहले शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ आंसू और मातम दिखाई दे रहा है. नवविवाहित जोड़े की लगातार दो मौतों ने सभी को हैरान कर दिया है।  मामले में पुलिस ने दोनों घटनाओं को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्डिंग की मदद से आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटी हुई है. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।  सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और मोबाइल रिकॉर्डिंग समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। 

नोएडा में नवविवाहिता की मौत से सनसनी, छत से कूदने के मामले में पति और ससुर पर कार्रवाई

 ग्रेटर नोएडा  ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में एक विवाहिता की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. करीब 14 महीने पहले 1 करोड़ से भी ज्यादा के खर्च से हुई धूमधाम वाली शादी अब एक दर्दनाक अंत की कहानी बन गई. आरोप है कि दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर विवाहिता ने छत से कूदकर जान दे दी. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।  घटना थाना ईकोटेक-3 के जलालपुर गांव की है. मृतका की पहचान दीपिका के रूप में हुई है. वह मूल रूप से कुड़ी खेड़ा गांव की रहने वाली थी. उसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले जलपुरा निवासी ऋतिक के साथ हुई थी. परिवार का कहना है कि शादी में करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं।  शादी के कुछ महीनों बाद बदल गया माहौल परिजनों के मुताबिक शुरुआती कुछ महीने सब सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे दीपिका पर दबाव बढ़ने लगा. परिवार का आरोप है कि उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था. कई बार मारपीट भी हुई. दीपिका के मायके वालों का कहना है कि बेटी अक्सर परेशान रहती थी, लेकिन समाज और रिश्तों को बचाने की कोशिश में वह सब सहती रही. परिजनों के अनुसार, कई बार समझौते की कोशिश भी हुई, मगर हालात नहीं बदले. फिर एक रात जो खबर आई, उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया. सूचना मिली कि दीपिका ने मकान की छत से नीचे कूदकर जान दे दी।  रात में मची अफरा-तफरी घटना की जानकारी मिलते ही थाना ईकोटेक-3 पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. देर रात तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही. स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के बाद घर के बाहर भारी तनाव का माहौल था. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था. पड़ोसियों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा बनी रही. मृतका के पिता संजय ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. उनका कहना है कि शादी में सबकुछ देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुई थीं।  पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार रात सूचना मिली थी कि जलपुरा में एक महिला की छत से गिरने के बाद मौत हो गई है. सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस के मुताबिक मृतका के परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले में पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।  14 महीने पहले खुशियों से भरा था घर परिवार के लोगों के मुताबिक शादी बहुत ही धूमधाम से हुई थी. रिश्तेदारों और गांव के लोगों की मौजूदगी में समारोह आयोजित किया गया था. उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी यह रिश्ता दर्दनाक मोड़ ले लेगा. दीपिका की तस्वीरें और शादी के वीडियो अब परिवार के लिए सिर्फ यादें बनकर रह गए हैं. मायके वालों का कहना है कि बेटी ने नए जीवन के कई सपने देखे थे, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव ने उसे अंदर से तोड़ दिया. घटना के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शादी के नाम पर बढ़ती मांगें कब रुकेंगी।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना से पहले घर में क्या हुआ था. मोबाइल कॉल डिटेल, बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जलपुरा और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही. लोग अलग-अलग तरह की बातें करते नजर आए. कई लोगों का कहना था कि अगर समय रहते शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो शायद हालात यहां तक नहीं पहुंचते. वहीं, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि शादी के बाद बढ़ते घरेलू विवाद अब तेजी से गंभीर घटनाओं में बदल रहे हैं। 

आत्महत्या के मामलों में बड़ी गिरावट, पंजाब में 2015 के बाद रिकॉर्ड कमी

 चंडीगढ़ खेती संकट और कर्ज के बोझ को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे पंजाब के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट राहत भरी मानी जा रही है।क्राइम इन इंडिया-2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या के मामलों में पिछले दस वर्षों का सबसे कम आंकड़ा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, राहत योजनाएं और फसल विविधीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों का असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान पंजाब में कुल 127 किसान और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की। इनमें 57 किसान और 70 खेतिहर मजदूर शामिल हैं। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 161 था। इस तरह एक साल के भीतर मामलों में करीब 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 के बाद यह सबसे कम संख्या है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए। किसानों को मुफ्त बिजली, फसल नुकसान पर मुआवजा, कर्ज राहत और धान-गेहूं के अलावा दूसरी फसलों की तरफ बढ़ने के लिए प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का असर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यही वजह है कि खेती से जुड़े आत्महत्या मामलों में कमी दर्ज की गई। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता। खेतिहर मजदूरों में आत्महत्या के मामलों की संख्या अब भी ज्यादा है, जो ग्रामीण आर्थिक ढांचे की कमजोर स्थिति की तरफ इशारा करती है। छोटे और सीमांत किसान अभी भी बढ़ती लागत, कर्ज और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब में स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं, ताकि खेती से जुड़ा संकट स्थायी रूप से कम किया जा सके।

राजधानी में सनसनी: जज अमन कुमार शर्मा का शव फंदे से लटका मिला

दिल्ली दिल्ली के जज अमन कुमार शर्मा ने आत्महत्या कर ली है। शनिवार को सफदरजंग इलाके में उनका शव फंदे से लटका मिला। जानकारी के मुताबिक थाना सफदरजंग एन्क्लेव को आज एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें आत्महत्या के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान पुलिस को जानकारी दी गई कि 30 साल के अमन कुमार शर्मा ने अपने आवास पर सुसाइड कर लिया है। वह दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में डीएलएसए (DLSA) के पद पर तैनात थे। घटना की जानकारी अमन के जीजा शिवम ने दी। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, अभी तक किसी भी प्रकार की संलिप्तता साबित नहीं हुई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पूरी की पढ़ाई आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, जज ने 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में कार्यभार संभाला था। उन्होंने 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पढ़ाई पूरी की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई तरह के आपराधिक और दीवानी (सिविल) मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) और सिविल जज के रूप में अपनी सेवाएं दीं। पिछले महीने वकील ने की आत्महत्या पिछले महीने ही दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में स्थित एक होटल की 15वीं मंजिल से कूद कर 26 साल के वकील ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को रॉयल प्लाजा होटल में हुई इस घटना की सूचना रविवार रात करीब सवा नौ बजे दी गई। मृतक की पहचान दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजेश सिंह के रूप में हुई है, जो उसी दिन शाम में होटल में ठहरने आया था। पुलिस के एक बयान के मुताबिक, पुलिस दल ने होटल पहुंच कर पाया कि महावीर एनक्लेव निवासी सिंह ने इमारत की 15वीं मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक कमरे में अकेला ठहरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद उसे तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की जांच के लिए अपराध दल और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के दल बुलाए गए। साक्ष्य इकट्ठा किए गए तथा होटल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें वकील ने किसी को दोषी नहीं ठहराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित कुछ मुद्दों को लेकर डिप्रेशन में था।  

सियासी परिवार में मातम, पूर्व विधायक के पुत्र की आत्महत्या; घरेलू कलह की आशंका

रायपुर. राजधानी रायपुर से दुखद खबर सामने आई है, जहां पूर्व विधायक धनीराम साहू के पुत्र जय साहू ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। 45 वर्षीय जय साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है। शुरुआती तौर पर घरेलू विवाद की आशंका जताई जा रही है। पंडरी थाना पुलिस जांच में जुटी: पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। परिवार और परिचितों से पूछताछ: कारणों की तलाश जारी पुलिस अब परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जय साहू ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। राजनीतिक पृष्ठभूमि: पिता रहे चुके हैं विधायक बताया जा रहा है कि जय साहू के पिता धनीराम साहू वर्ष 1977 में कसडोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। संवेदनशील मामला: सच्चाई सामने आने का इंतजार यह मामला फिलहाल संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।

छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की आत्महत्या, कारण अज्ञात

कोरिया  जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने आत्महत्या कर ली।  प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण या दबाव था, जिसकी वजह से छात्र सुरेश ने इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

सूरत के मंदिर में मिलीं दो छात्राएं: बेहोशी के इंजेक्शन और सुसाइड के बारे में पूछा ChatGPT से

सूरत  गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर "सुसाइड कैसे करें" इसके बारे में सर्च किया था। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं। फोन कॉल नहीं उठा रही थीं उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

ग्वालियर में बहू की प्रताड़ना से तंग आकर बुजुर्ग ने की थी आत्महत्या

ग्वालियर. शहर के थाटीपुर क्षेत्र में 95 वर्षीय बुजुर्ग की आत्महत्या के मामले में बड़ा राजफाश हुआ है। बुजुर्ग अपनी बड़ी बहू से प्रताड़ित थे। सुसाइड नोट में बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह तक लिखा है-वह प्रताड़ित करती है, मारपीट भी करती है। अब जीने की स्थिति नहीं रही, इसलिए जान दे रहा हूं। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। सुसाइड नोट की जांच हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से होगी। इसके बाद ही इस मामले में एफआइआर होगी। थाटीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेहरू कॉलोनी में रहने वाले 95 वर्षीय रामाधार गुप्ता डेयरी संचालक थे। कुछ समय से उनकी डेयरी बेटा सुरेश चंद्र गुप्ता संभाल रहा है। बीती रात रामाधार ने खुद को लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को सुसाइड नोट मिला था, जिसमें आत्महत्या की वजह लिखी थी। सुसाइड नोट में बड़ी बहू द्वारा दिन-रात प्रताड़ित किए जाने की बात लिखी है। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव स्वजन के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। सुसाइड नोट के अंश… मैं रामाधार अपनी बड़ी बहू की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूं। बड़ी बहू द्वारा प्रताड़ित किया गया है, जिसके कारण यह कदम उठा रहा हूं। बड़ी बहू सुनीता बहुत परेशान करती है। यह परेशानी इतनी बढ़ गई है, अब मुझसे झिल नहीं रही है। मैं इस कारण ही आत्महत्या कर रहा हूं। बहुत कुछ सह चुका हूं, लेकिन अब यह सब झिल नहीं रहा है। उम्र 95 वर्ष हो चुकी है। सुनीता से कई बार कहा- मेरी उम्र अब मरने लायक है। ऐसे में कहां जाऊंगा। मेरी मौत का मामला सुनीता पर जरूर दर्ज किया जाए। मेरी छोटी बहू ख्याल रखती है। बड़ी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात लिखी बुजुर्ग की आत्महत्या के मामले की जांच जारी है। सुसाइड नोट में बड़ी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात लिखी है। इसकी जांच कराई जा रही है। अभी मर्ग कायम किया है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। – विपेंद्र सिंह चौहान थाना प्रभारी, थाटीपुर।

हॉस्टल में छात्र ने की आत्महत्या, छठी कक्षा के सुनील की मौत ने उठाए कई सवाल

जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कक्षा 6 के एक 11 वर्षीय छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र सुनील पोड़ियामी, जो कि गाटम, दंतेवाड़ा का रहने वाला था, गुरुवार की सुबह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। उसके साथ रहने वाले अन्य छात्रों ने उसे पंखे से लटका हुआ देखा तो तत्काल रस्सी काटकर उसे बचाने का प्रयास किया और बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने बताया कि फिलहाल छात्र के पास से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस हॉस्टल के अन्य छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, मृतक छात्र के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है और उनसे भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। छात्रों में भय का माहौल: इस दुखद घटना के बाद से हॉस्टल में छात्रों के बीच भय और दहशत का माहौल है। सभी छात्र सहमे हुए हैं और इस घटना से आहत हैं। स्कूल प्रशासन ने भी छात्रों को ढांढस बंधाने और किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। सुनील पोड़ियामी ने किस अज्ञात कारण से यह खौफनाक कदम उठाया, यह अभी एक पहेली बनी हुई है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

स्कूल टीचर ने ट्रेन के सामने कूदकर जीवन समाप्त किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी

कोरबा कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. दीपका के बीकन इंग्लिश स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कथित तौर पर मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना में शिक्षक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेल पुलिस और स्थानीय थाने को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक मोबाइल बरामद किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक ने मौत से पहले किसी से आखिरी बार बातचीत की थी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय संतोष नायर, निवासी ऊर्जा नगर, दीपका के रूप में हुई है. वह बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक थे और करीब दो साल पहले केरल से कोरबा आए थे. घटना की खबर मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए. कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों के बयान लिए हैं. पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पैटर्न लॉक होने के कारण डेटा तक पहुंच नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि मोबाइल अनलॉक कर मौत के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिक्षक की मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य वजह से हुई. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.