samacharsecretary.com

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव सभी अधिकारी कर्मचारी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होंगे आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजित       रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।    कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग का नया कदम: रायपुर में इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर प्रोग्राम की शुरुआत

रायपुर. भारत निर्वाचन आयोग ने 07 अप्रैल को नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP), 2026 की शुरुआत की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त  डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) भारत में चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है और इसे ‘मिशन मोड’ में सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से राज्यों के दौरे का आनंद लेने तथा भारत की विविधता को सीखने, देखने व अनुभव करने का आह्वान किया।  कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रतिनिधि 8-9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। द्वितीय चरण में प्रतिनिधि 20 अप्रैल 2026 से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों सहित 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रदर्शन दिखाया गया तथा उन्होंने ‘मॉक पोल’ (दिखावटी मतदान) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। इस दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिनिधि 8 अप्रैल  को असम, केरल एवं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की यात्रा करेंगे। वे प्रेषण एवं वितरण केंद्रों, जिला नियंत्रण कक्षों तथा मीडिया निगरानी केंद्रों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे तथा 9 अप्रैल 2026 की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया के साक्षी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्र एवं परिचालन व्यवस्था का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है तथा विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों से अवगत कराता है। IEVP अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनावी प्रणाली की सुदृढ़ता को प्रदर्शित करता है तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ चुनावी प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाये अंजय

योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाये अंजय  दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विदाई समारोह सम्पन्न  रायपुर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री अंजय शुक्ला (उपाध्यक्ष, औषधि पादप बोर्ड, छत्तीसगढ़; प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा; प्रदेश संयोजक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा योग एवं औषधि मानव जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं तथा दोनों का परस्पर गहरा संबंध है। उन्होंने इस विषय पर अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष जे. एल. गहरे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अध्ययनशाला से जुड़े रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र कुमार प्रेमी, श्रीमती कमला पटेल एवं चितरंजन कुमार साहू सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वरिष्ठ विद्यार्थी राजेश मढरिया (भूतपूर्व अध्यक्ष, साइंस कॉलेज) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विदाई समारोह में कक्षा एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर, पी. डिप्लोमा योग एवं सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी कक्षा एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं आकर्षक ढंग से की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं तथा अपने अनुभव साझा किए। अंत में कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

दांव-पेंच का संग्राम: भिलाई में 10 से राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आगाज़

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार अंडर 20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन 10 से 12 अप्रैल 2026 को भिलाई निवास के सामने साइकिल पोलो ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 28 राज्य एवं सर्विसेस को मिलाकर 1100 महिला और पुरुष पहलवान 120 मेडल और 3 ट्रॉफी के लिए महासंग्राम करेंगे। प्रतियोगिता में भारतीय महिला कुश्ती टीम की वह खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया है। स्पर्धा में मुख्य आकर्षण विगत वर्ष की महिला कुश्ती टीम वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया तीनों भारतीय सेवा की टीम अपने जॉर्जिया के कोच के साथ पूर्व सांसद और पूर्व कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह नेताजी व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बबलू भी शामिल हो रहे हैं। इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन व समापन की जिम्मेदारी स्वयं सांसद विजय बघेल ने उठाई है। इसमें समाजसेवी दिलबर यादव एवं छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के पदाधिकारी अध्यक्ष जगन्नाथ यादव, महासचिव प्रशांत राय, उपाध्यक्ष भूपेंद्र यादव, उपाध्यक्ष लक्ष्मण पहलवान, उपाध्यक्ष भगवान पहलवान का सहयोग रहेगा।

मदिरा से भरा सरकारी खजाना: राजनांदगांव में 360 करोड़ की आमद, बढ़ेंगी दुकानें

राजनांदगांव. जिले में आबकारी विभाग के खजाने में शराब प्रेमियों में भरपूर राजस्व जमा कर दिया है। वर्ष 2025-26 में राजनांदगांव जिले में आबकारी विभाग ने छह सौ करोड़ का शराब बेच दिया। जिससे विभाग के खजाने में 360 करोड़ रुपए का राजस्व जमा हो गया है। पिछले साल प्राप्त राजस्व 345 करोड़ का रिकार्ड टूटने के बाद आबकारी विभाग ने इस बार चार सौ करोड़ रुपए अधिक के राजस्व का अनुमान लगाया है। यही नहीं इस को देखते हुए आबकारी विभाग ने सात और दुकान खोलने की तैयारी कर ली है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल आबकारी विभाग को 585 करोड़ का शराब बेचने पर 345 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। लेकिन इस बार यह आंकड़ा पिछले साल से बढ़कर 360 करोड़ रुपए तक पहुंच गया हैं। वर्ष 2025-26 में अप्रैल से मार्च तक वित्तीय वर्ष में छह सौ करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 24 फीसदी तक अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में सालभर में कुल 327 करोड़ रुपए की देशी शराब बेची गई है, यहां कुल बिक्री का लगभग 54 फीसदी है। वहीं शेष 225 करोड़ की विदेशी और 48 करोड़ विदेशी माल्ट शराब बेची गई। जिले में कुल 19 दुकानें स्थापित किए गए है। साढ़े छह सौ करोड़ शराब बिक्री का अनुमान जिले में हाल के वित्तिय वर्ष में छह सौ करोड़ का शराब बिकने के बाद आबकारी विभाग के अफसर इस वर्ष 2026-27 में बिक्री का अनुमसान साढ़े छह सौ करोड़ रुपए तक आंक रहे है। इस बिक्री से अबकारी को चार सौ करोड़ का राजस्व प्राप्त हो सकता हैं।

एग्जाम में गड़बड़ी पर कार्रवाई: दुर्ग में इंग्लिश पेपर रद्द, नई तारीख घोषित

दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीकॉम फाइनल इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र को लेकर उठे विवाद का पटाक्षेप कर लिया गया है। वार्षिक परीक्षा 2025-26 बीकॉम भाग 3 की 28 मार्च को हुई परीक्षा निरस्त कर दी गई है। इस आशय की अधिसूचना विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा 7 अप्रैल को जारी किया गया है। यह परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी। 30 अप्रैल को यह परीक्षा दोबारा ली जाएगी। दरअसल, इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र के पैटर्न को लेकर विवाद उठा था। इससे प्रभावित छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में खूब प्रदर्शन भी किया था। छात्रों को प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मामले को परीक्षा समिति में रखे जाने का आश्वासन दिया था। समिति की अनुशंसा के बाद प्रबंधन द्वारा दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रश्न पत्र को लेकर स्कूल शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग के छात्र- छात्राओं को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। इन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। एक ओर जहां सीजी 12वीं बोर्ड हिंदी विषय के प्रश्न पत्र दोबारा दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल यह प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी दी गई। वहीं बीकॉम फाइनल के छात्र इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र दोबारा देंगे। इसके बारे में छात्र-छात्राओं ने कहा कि कई प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए प्रश्न पत्र सिलेबस के अनुसार नहीं था। यही वजह सामने आया कि ज्यादातर छात्र-छात्राओं के पेपर अच्छे नहीं बने, उनमें आक्रोश पनप गया। ये छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर में प्रश्न पत्र की कमियों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी किए। बहरहाल बीकॉम फाइनल इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र को निरस्त कर छात्र हित में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सातवीं के प्रश्नपत्र में प्रश्न अधूरा, पूर्णांक भी गायब भिलाई नगर. स्कूली परीक्षा में गड़बड़ियों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सातवीं गणित के प्रश्नपत्र में फिर गड़बड़ी मिली। वहीं कुछ केन्द्रों में सातवीं के प्रश्नपत्र के पैकेट में कक्षा छठवीं का प्रश्नपत्र भी निकलने की खबर है। जानकारी के अनुसार, कुछ परीक्षा केन्द्रों में लिफाफा खोलने पर गणित के प्रश्नपत्र की कटिंग कुछ इस तरह मिली कि जिससे एक तरफ प्रश्नपत्र अधूरा था तो दूसरी ओर पूर्णांक का पता नहीं चल रहा था। जहां पूर्णांक लिखा होता है, वह हिस्सा कट गया था। इससे काफी परेशानी हुई। शिक्षक और बच्चे दोनों परेशान हुए। अधूरे प्रश्नपत्रों को किसी तरह पूरा लिखवाया गया। इसी तरह जहां पूर्णांक कट गया था, वहां पूर्णांक लिखवाया गया। 

परसदा में सरकारी जमीन पर फ्लर्टिंग की परंपरा हुई तेज

बिलासपुर   प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दोनों शहर से लगे ग्राम पंचायत परसदा में इन दिनों भूमाफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आ रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। कई लोगों ने बताया किआरोप है ग्राम परसदा पटवारी हल्का क्रमांक 47र. म.पेंडारी के खसरा क्रमांक  1।  262/2/10 ,2।  258/3 3।  258/11,4।  257/2 5।  329/16,6।  330/2 7।  333/3,8।  321/5/1 9।  336/1/2,10।  335/1/4 11।  249/8 अलग-अलग खसरों को जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे भी प्लाटिंग के रूप में बेचा जा रहा है। इस गंभीर मामले ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी पर जमीन कब्जा स्थानीय लोगों के मुताबिक, भूमाफिया पहले कृषि भूमि को अपने कब्जे में लेते हैं, फिर बिना किसी वैधानिक अनुमति के उसे छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर देते हैं। इसके लिए न तो भूमि का डायवर्शन कराया जाता है, न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसी) की अनुमति ली जाती है और न ही RERA के तहत पंजीयन कराया जाता है। इसके बावजूद खुलेआम प्लॉटों की बिक्री जारी है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस अवैध प्लाटिंग के लिए सरकारी जमीन तक को नहीं छोड़ा जा रहा। आरोप है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर उसे भी प्लॉटिंग में शामिल किया जा रहा है, जिससे शासन को सीधे तौर पर राजस्व की हानि हो रही है। अलग-अलग खसरों को मिलाकर एक कॉलोनी का स्वरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भ्रमित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है  कि इन अवैध कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही भविष्य की कोई कानूनी सुरक्षा। सड़क, नाली, पानी, बिजली जैसी व्यवस्थाएं पूरी तरह से नदारद हैं, जिससे यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भविष्य में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यवाही कब प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भूमाफियाओं के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं। जनता की मांग – सख्त कार्रवाई हो ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि परसदा में चल रहे इस अवैध प्लाटिंग के खेल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले और अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। राजस्व की चोरी यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह अवैध कारोबार और भी फैल सकता है, जिससे शासन को भारी नुकसान और आम जनता को धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब और कितनी सख्ती से कदम उठाता है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: RTE के तहत एडमिशन नहीं देने पर मान्यता रद्द

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि RTE के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। बता दें कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाने पर RTE के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं देने का ऐलान किया था, जिसके बाद सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई भी स्कूल RTE के तहत निर्धारित सीटों पर बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करता है, तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। यह फैसला तब सामने आया है जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर RTE के तहत प्रवेश नहीं देने की बात कही थी। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि RTE कानून का पालन करना सभी निजी स्कूलों की कानूनी जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्कूल की मान्यता खत्म करना भी शामिल है। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि बच्चों के अधिकारों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। 25% सीटें आरक्षित, गरीब बच्चों को मिलेगा लाभ RTE के तहत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सरकार का पक्ष सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में दी जा रही प्रतिपूर्ति राशि अन्य कई राज्यों के मुकाबले बेहतर या उनके बराबर है। कक्षा 1 से 5 तक: ₹7,000 प्रतिवर्ष, कक्षा 6 से 8 तक: ₹11,400 प्रतिवर्ष, यह राशि प्रति छात्र सरकारी खर्च या निजी स्कूल की फीस (जो कम हो) के आधार पर तय की जाती है और पारदर्शी तरीके से स्कूलों को दी जाती है। अन्य राज्यों से तुलना सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि कई राज्यों से अधिक है: मध्य प्रदेश: ₹4,419, बिहार: ₹6,569, झारखंड: ₹5,100, उत्तर प्रदेश: ₹5,400, हालांकि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, लेकिन कुल मिलाकर राज्य की व्यवस्था संतुलित मानी जा रही है। लाखों बच्चों को मिल रहा फायदा प्रदेश के 6,862 निजी स्कूलों में वर्तमान में लगभग 3,63,515 बच्चे RTE के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं इस साल कक्षा पहली में करीब 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है, जिससे और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलने वाला है। शिक्षा के अधिकार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, अप्रैल 2010 से लागू है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का कहना है कि वह हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि RTE के तहत प्रवेश देने से मना करने या प्रक्रिया में बाधा डालने वाले स्कूलों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता समाप्त करना भी शामिल है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्रामीण महिलाएं गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य रायपुर  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी क्रियान्वयन से रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, कौशल और सामाजिक पहचान भी प्रदान कर रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम बड़ेभंडार की निवासी श्रीमती मथुरा कुर्रे इसकी उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें रिवॉल्विंग फंड एवं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के तहत आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहयोग से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों का बाजार में विक्रय कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं। इसी क्रम में ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की श्रीमती जमुना सिदार की कहानी भी प्रेरणादायक है। पूर्व में वे एक गृहिणी थीं, किन्तु बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने टोकरी, सूपा एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे वे अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, उद्यमिता और आत्मगौरव का अवसर भी प्रदान कर रहा है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। शासन के मंशानुरूप जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि समाज में एक सशक्त भूमिका भी निभा रही हैं। बिहान योजना आज जिले में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

एग्जाम सेंटर पर बड़ी चूक: 4 शिक्षकों की ड्यूटी, मौजूद रहा सिर्फ एक- SDM सख्त

बिलासपुर. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में वार्षिक परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। 9 वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षा के लिए विद्यालय में कुल 4 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने के बाद केवल एक शिक्षक ही केंद्र पर मौजूद रहे. बाकी के शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने से व्यवस्था प्रभावित हुई। कोटा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोगसरा में 9वीं और 11वीं का वार्षिक परीक्षा हो रही हैं, सोमवार को परीक्षा के लिए विद्यालय में कुल चार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने के बाद भी सुबह 9:30 बजे तक केवल एक शिक्षक कौशल कुरें ही केंद्र पर मौजूद रहे। बाकी के तीन शिक्षक विद्यालय में उपस्थित नहीं थे, जिससे परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती नजर आई। ऐसे में पूरी परीक्षा व्यवस्था एक ही शिक्षक कौशल कुर्रे के भरोसे संचालित होती रही। इनके द्वारा अकेले ही बच्चों को प्रश्न उत्तर पुस्तिका का वितरण कर सभी बच्चों के कक्षाओं की देखरेख भी कर रहे थे। अभिभावकों और ग्रामीणों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। ट्रेन से आना-जाना करते हैं शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में पदस्थ अधिकतर शिक्षक बिलासपुर में निवास करते हैं, जिससे शिक्षक रोजाना ट्रेन के माध्यम से खोंगसरा तक आते-जाते हैं। समय पर ट्रेन न मिलना या देरी होना सीधे तौर पर स्कूल की व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यही वजह है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी शिक्षक समय पर केंद्र तक नहीं पहुंच सके। इस मामले पर कोटा एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी, जानकारी सत्य पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।