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सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान को सफल बनाने प्रशासन जुटा, मुख्य सचिव ने जानी तैयारियों की स्थिति

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा  सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा।  योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की विभागीय सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव सभी ऑनलाइन सेवाओं को सेवा सेतु में लाने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के लिए विभागों के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, मनरेगा, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की सूची अद्यतन करने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।  बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।            बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।            बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन में संवेदनशीलता से काम करने के दिए निर्देश

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन के संबंध में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के जरिये प्राप्त होने वाले शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश हैं।         मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों केा निर्देश दिए है कि सीएम हेल्पलाइन 9 जून 2026 से प्रारंभ की जा रही है। सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन के क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देशों के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पत्र जारी किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आमजनों की शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में हो यह सुनिश्चित होना चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।            मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव  राहुल भगत ने सीएम हेल्पलाइन के तहत आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन हेतु विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता पूर्ण शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 स्तर के अधिकारियों तक स्वचालित रूप से ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने नागरिकों से उनकी शिकायतों के संबंधों में उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में सीएम हेल्पलाइन लॉन्चिंग के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके, वेब पोर्टल, समर्पित मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें सीधे तौर पर दर्ज करा सकेंगे।        बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव मती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख  सचिव मती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव  पी.दयानंद, कौशल विकास एवं तकनीकी विभाग के सचिव  बसवराजु एस., सामान्य प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैंसर अब्दुल हक, ऊर्जा विभाग के सचिव  सारांश मित्तर और वित्त विभाग की विशेष सचिव मती शीतल शाश्वत वर्मा सहित मंत्रालय में पदस्थ विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

काम में बेवजह देरी करने वाली एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं          समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला) साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश           मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।          इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय : 30 मई तक पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय समिति की बैठक में बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी निर्देश दिये हैं कि जरूरत पड़ने पर सभी विभाग उन्हें दी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप कलेक्टर के समन्वय में बाढ़ राहत और बचाव संबंधी कार्य करेंगे। उन्होंने विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे निर्धारित एसओपी के अनुसार 30 मई तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर लें। मुख्य सचिव  जैन गुरुवार को मंत्रालय में वर्षा पूर्व बाढ़ से बचाव संबंधी आवश्यक प्रबंधों की राज्य स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। गृह विभाग इस कार्य के लिए नोडल होगा। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित सहित अन्य विभाग प्रमुख वीडियो कॉफ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। सेना के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में राहत आयुक्त  विवेक पोरवाल ने विगत वर्षों की बाढ़ और बारिश की स्थिति तथा विभागों को सौंपे गए कार्यों की जानकारी का प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव  जैन ने अगले 15 दिनों में सौंपे गये दायित्वों को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि न हो। उन्होंने ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, नगरीय विकास, राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, पीएचई, स्वास्थ्य, ऊर्जा और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि मौसम की सटीक जानकारी के लिए पहले से चिन्हित स्थानों पर केंद्र स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं ।उन्होंने कहा कि मौसम का अलर्ट सिस्टम भी पहले से बेहतर हुआ है और सभी संबंधित विभाग इस तरह की सूचनाओं के आदान प्रदान के साथ त्वरित कार्यवाही सिस्टम विकसित करें। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चेक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिन्हांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को पुलों पर बेरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभाग को बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि हालांकि पहुंच विहीन क्षेत्रों की संख्या अब न के बराबर रह गई है और आगामी एक माह में लोक निर्माण विभाग रह गए क्षेत्रों में भी आवश्यक पुल पुलियों का निर्माण कर सकता है। उन्होंने राहत आयुक्त से कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिये आवश्यक धनराशि का बेहतर उपयोग करें।  

शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा मुख्य सचिव ने अधिकारियों की ली बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मंशा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन विशिष्ट क्षेत्रों में तीव्र और लक्षित विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करेगा। इस संबंध मे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने लक्षित विकास के लिए नए मिशन शुरू किए है। जिन्हें पूरी तरह मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में अपनी विभागीय योनजाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी रखी।        बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एआई मिशन के संबंध में बताया कि उभरती हुए तकनीकों और प्रौद्योगिकियों में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए यहां के युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। शासन व्यवस्था के कार्यों में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह से छात्र-छात्राओं, युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।            मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारा जाएगा। खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएगी। राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना तथा महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।            मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। सांस्कृतिक मेलों, उत्सवों और प्रदर्शनियों का आयोजन तथा स्थानीय स्तर पर ’होमस्टे’ योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन के तहत स्थानीय युवाओं को टूर-गाइडों के कौशल विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।             मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य के बुनियादें ढांचें, सड़कों, पुलों और शहरी-ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिशन मोड में मजबूत करना है। प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देने के लिए अधोसंरचना का तेजी से निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए व्यापारिक विचारों को जमीन पर उतारना। नए स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और सरल प्रक्रियाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।            बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त  चंदन कुमार, विशेष सचिव उच्च शिक्षा  जय प्रकाश मौर्य सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने राज्य में स्वीकृत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन और फारेस्ट क्लीयरेंस जैसी प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि परियोजनाओं का लाभ किसानों को जल्द मिल सके। बैठक की प्रमुख उपलब्धियां और परियोजनाएं            पैरी-कोडार लिंक नहर (गरियाबंद) सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय तक पाइपलाइन लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से महानदी की सहायक पैरी नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग पेयजल, निस्तारी और औद्योगिक कार्यों के लिए होगा। इससे गरियाबंद और महासमुंद जिले के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई सुविधा विकसित होगी।              मोहमेला-सिरपुर बैराज (रायपुर)-आरंग विकासखंड में महानदी पर प्रस्तावित इस बैराज से 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्वहन सिंचाई सुनिश्चित होगी। यह क्षेत्र में पर्यटन, नौका विहार और सुगम आवागमन को भी बढ़ावा देगा।              मटनार बहुउद्देशीय परियोजना (बस्तर) इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित यह योजना बस्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उद्वहन प्रणाली पर आधारित होने के कारण इसमें कोई विस्थापन या पुनर्वास की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी सुरक्षित रहेगी। देउरगांव उद्वहन बैराज (बस्तर) जगदलपुर के समीप इंद्रावती नदी पर बनने वाली यह परियोजना बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। निविदा और प्रशासनिक अनुमोदन           बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के निविदा प्रारूपों  पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, ऊर्जा सचिव  सारांश मित्तर, वित्त विभाग की विशेष सचिव मती शीतल शाश्वत वर्मा सहित विभिन्न परियोजनाओं के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिया: 2026-27 की कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें

विभाग वर्ष 2026-27 की कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें : मुख्य सचिव जैन लोक सेवा गांरटी और सी.एम हेल्पलाइन प्रकरणों का साप्ताहिक करें रिव्यू महिला सशक्तिकरण की सफल कहानियों का करें प्रचार मुख्य सचिव जैन ने की योजनाओं की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं को समाहित कर अपने विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें। उन्होंने सी.एम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में समय-सीमा से ऊपर के प्रकरणों की समीक्षा करने के साथ सेंपल जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय में समस्त विभागाध्यक्षों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि वे पिछले ढाई साल में अपने-अपने विभाग की बड़ी और विशेष उपलब्धियों और आगामी वर्ष में किये जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी अगले एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने लोक सेवा गारंटी और सी.एम हेल्पलाइन के समय-सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों में योजना और प्रक्रिया की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर सप्ताह रिव्यू करें जिससे लंबित प्रकरणों में संतोषजनक निराकरण हो सके। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव जैन ने वर्ष 1947 के पूर्व बने कानूनों में संशोधन, निरसन और नया एक्ट लाने की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने 31 मई की अंतिम समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस कार्य को पूर्ण करें जिससे आवश्यक होने पर मंत्रि-परिषद की मंजूरी ली जा सके। बैठक में एक्शन प्लान-2028 की प्रगति रिपोर्ट का स्टेट्स रिव्यू भी किया गया। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में काफी बेहतर काम हुआ है। इन कार्यों को जन-जन तक लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए। उन्होंने सफल महिलाओं की सक्सेस स्टोरी समाज के सामने लाए जाने के लिए अभियान चलाने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जैन ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सम्मलित सभी ग्रामीण, नगरीय, वन क्षेत्र आदि के कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट एक ही प्रारूप में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की सुगम उपलब्धता के लिए लगातार एक्शन मोड में काम करने को कहा। उन्होंने नए हैंडपंप खनन के लिए एक-दो दिन में एसओपी जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आवश्यकता अनुसार राइजर पाइप सहित अन्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। मुख्य सचिव जैन ने ग्रामीण अंचलों में अग्नि-दुर्घटनाओं की रोकथाम के अलावा बचाव कार्य के लिए योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि वे थाना स्तर पर अग्नि शमन के लिए उपलब्ध टैंकर्स आदि की जानकारी एकत्र कर लें और नागरिकों तक इसे प्रचारित भी करें जिससे अग्नि दुघर्टना आदि की स्थिति में सहायता ली जा सके। उन्होंने गर्मीजनित रोगों के बचाव और उपचार की व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव जैन ने एमपीई-सेवा पोर्टल के उपयोग की समीक्षा की और इसे नागरिकों के लिए और भी आसान बनाने के निर्देश दिए। अब तक 1055 सेवाएं आनॅलाइन हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी सेवाएं देखकर अद्यतन कर लें। बैठक में कैबिनेट के निर्णयों का समय पर पालन सुनिश्चित करने, न्यायालयीन प्रकरणों में संवेदनशीलता बरतने और अधीनस्थों की सी आर समय सीमा में लिखने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव सहित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।  

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव सभी अधिकारी कर्मचारी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होंगे आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजित       रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।    कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।