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छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने राज्य में स्वीकृत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन और फारेस्ट क्लीयरेंस जैसी प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि परियोजनाओं का लाभ किसानों को जल्द मिल सके। बैठक की प्रमुख उपलब्धियां और परियोजनाएं            पैरी-कोडार लिंक नहर (गरियाबंद) सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय तक पाइपलाइन लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से महानदी की सहायक पैरी नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग पेयजल, निस्तारी और औद्योगिक कार्यों के लिए होगा। इससे गरियाबंद और महासमुंद जिले के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई सुविधा विकसित होगी।              मोहमेला-सिरपुर बैराज (रायपुर)-आरंग विकासखंड में महानदी पर प्रस्तावित इस बैराज से 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्वहन सिंचाई सुनिश्चित होगी। यह क्षेत्र में पर्यटन, नौका विहार और सुगम आवागमन को भी बढ़ावा देगा।              मटनार बहुउद्देशीय परियोजना (बस्तर) इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित यह योजना बस्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उद्वहन प्रणाली पर आधारित होने के कारण इसमें कोई विस्थापन या पुनर्वास की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी सुरक्षित रहेगी। देउरगांव उद्वहन बैराज (बस्तर) जगदलपुर के समीप इंद्रावती नदी पर बनने वाली यह परियोजना बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। निविदा और प्रशासनिक अनुमोदन           बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के निविदा प्रारूपों  पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, ऊर्जा सचिव  सारांश मित्तर, वित्त विभाग की विशेष सचिव मती शीतल शाश्वत वर्मा सहित विभिन्न परियोजनाओं के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिया: 2026-27 की कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें

विभाग वर्ष 2026-27 की कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें : मुख्य सचिव जैन लोक सेवा गांरटी और सी.एम हेल्पलाइन प्रकरणों का साप्ताहिक करें रिव्यू महिला सशक्तिकरण की सफल कहानियों का करें प्रचार मुख्य सचिव जैन ने की योजनाओं की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं को समाहित कर अपने विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें। उन्होंने सी.एम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में समय-सीमा से ऊपर के प्रकरणों की समीक्षा करने के साथ सेंपल जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय में समस्त विभागाध्यक्षों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि वे पिछले ढाई साल में अपने-अपने विभाग की बड़ी और विशेष उपलब्धियों और आगामी वर्ष में किये जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी अगले एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने लोक सेवा गारंटी और सी.एम हेल्पलाइन के समय-सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों में योजना और प्रक्रिया की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर सप्ताह रिव्यू करें जिससे लंबित प्रकरणों में संतोषजनक निराकरण हो सके। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव जैन ने वर्ष 1947 के पूर्व बने कानूनों में संशोधन, निरसन और नया एक्ट लाने की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने 31 मई की अंतिम समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस कार्य को पूर्ण करें जिससे आवश्यक होने पर मंत्रि-परिषद की मंजूरी ली जा सके। बैठक में एक्शन प्लान-2028 की प्रगति रिपोर्ट का स्टेट्स रिव्यू भी किया गया। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में काफी बेहतर काम हुआ है। इन कार्यों को जन-जन तक लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए। उन्होंने सफल महिलाओं की सक्सेस स्टोरी समाज के सामने लाए जाने के लिए अभियान चलाने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जैन ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सम्मलित सभी ग्रामीण, नगरीय, वन क्षेत्र आदि के कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट एक ही प्रारूप में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की सुगम उपलब्धता के लिए लगातार एक्शन मोड में काम करने को कहा। उन्होंने नए हैंडपंप खनन के लिए एक-दो दिन में एसओपी जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आवश्यकता अनुसार राइजर पाइप सहित अन्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। मुख्य सचिव जैन ने ग्रामीण अंचलों में अग्नि-दुर्घटनाओं की रोकथाम के अलावा बचाव कार्य के लिए योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि वे थाना स्तर पर अग्नि शमन के लिए उपलब्ध टैंकर्स आदि की जानकारी एकत्र कर लें और नागरिकों तक इसे प्रचारित भी करें जिससे अग्नि दुघर्टना आदि की स्थिति में सहायता ली जा सके। उन्होंने गर्मीजनित रोगों के बचाव और उपचार की व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव जैन ने एमपीई-सेवा पोर्टल के उपयोग की समीक्षा की और इसे नागरिकों के लिए और भी आसान बनाने के निर्देश दिए। अब तक 1055 सेवाएं आनॅलाइन हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी सेवाएं देखकर अद्यतन कर लें। बैठक में कैबिनेट के निर्णयों का समय पर पालन सुनिश्चित करने, न्यायालयीन प्रकरणों में संवेदनशीलता बरतने और अधीनस्थों की सी आर समय सीमा में लिखने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव सहित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।  

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव सभी अधिकारी कर्मचारी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होंगे आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजित       रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।    कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।

मुख्य सचिव की बैठक: गृह रक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की दिशा में कदम

जयपुर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को गृह रक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभाग की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गृह रक्षा विभाग के आधुनिकीकरण को राज्य सरकार की ​दीर्घकालीन परिकल्पना 'विकसित राजस्थान@2047' के अनुरूप गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को केवल आरक्षित सहायक बल के रूप में सीमित न रखते हुए उन्हें एक सक्रिय तकनीकी रक्षक और मुख्य धारा में एकीकृत सहायक बल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन में होमगार्ड की अग्रिम भूमिका को सुदृढ़ करने, जयपुर सहित प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन में उनकी संस्थागत एवं परिचालनात्मक भागीदारी बढ़ाने तथा नवीनतम तकनीकों के अनुरूप उनके प्रशिक्षण एवं क्षमता सर्वंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने विभाग की आईटी एवं सरंचना को सुदृढ़ करने एवं एचडीएमएस प्रणाली की कार्यात्मक क्षमताओं का विस्तार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे स्वयंसेवकों के नियोजन, प्रशिक्षण तथा सेवा प्रबंधन में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार गृह रक्षा दल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में एक विश्वसनीय, सक्रिय एवं तकनीकी सक्षम सहायक बल के रूप में और अधिक सुदृढ़ भूमिका निभा सकेगा। वी. श्रीनिवास ने विभागीय केडर रिव्यू, स्वयंसेवकों को देय शीतकालीन वर्दी वितरण प्रणाली में विद्यमान विसंगतियों के समाधान तथा विभाग में आईटी सेल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रगति पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन विषयों पर आगामी तीन माह के भीतर पुन: समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा लंबित प्रस्तावों पर निर्णय लिये जाएंगे।   बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक गृह रक्षा मालिनी अग्रवाल, संयुक्त शासन सचिव गृह (ग्रुप-7) सोविला माथुर, निदेशालय अधिकारीगणों सहित समस्त जिलों के गृह रक्षा कमांडेंट उपस्थित रहे।

शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का फायदा हितग्राहियों को समय पर मिले: मुख्य सचिव

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने अधिकारियों से कहा है कि शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का फायदा हितग्राहियों को समय पर मिले यह सुनिश्चित हो। इसके लिए पहले से ही हितग्राही से संबंधित जानकारी दुरस्त कर लिया जाये। मुख्य सचिव आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित जनगणना वर्ष 2027 के संबंध में आयोजित राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम में सभी जिलों में पेयजलापूर्ति, गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से पहले से ही लोगों को सावधान रहने एवं बचाव करने जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्ययोजना बनाने और तैयारियां पहले से ही कर लें। कलेक्टर्स को इस वर्ष खरीफ मौसम की धान खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने, राशन दुकानों में खाद्यान्न सामग्री की उपलब्धता, इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य, हाई स्कूल हायर सेकेंडरी परीक्षा, जनसमस्याओं के समाधान एवं निवारण, पीएम आवास सहित अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को जनगणना वर्ष 2027 संबंधी कार्यों को सतर्कता एवं संवेदनशीलता से करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गये।  मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी राशनकार्ड धारकों को पात्रता के अनुसार समय पर खाद्यान्न सामग्री मिले इसके लिए लगातार शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की मानीटरिंग करें। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान संग्रहण केन्द्रों के भौतिक सत्यापन कर धान परिवहन एवं मिलिंग कार्य करने जरूरी दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मिलर्स के लंबित भुगतान करने जरूरी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग एवं मार्कफेड के अधिकारियों को आगामी खरीफ मौसम में खाद एवं बीज के पर्याप्त भंडारण करने कहा है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह ने कलेक्टरों को लोगों की विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं निवारण के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित करने कहा है। उन्होंने विभिन्न शासकीय लंबित भुगतान करने शिविर शिविर लगाकर कार्यवाही करने कहा है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ ने कलेक्टर्स को भारत की जनगणना 2027 से संबंधित कार्य के संबंध दिशा निर्देशों के संबंध विस्तार से बताया। राज्य स्तरीय संभागायुक्त कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के भारसाधक सचिव, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

हार्ट सर्जरी के 24 दिन बाद नौकरी पर लौटे मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी हार्ट सर्जरी के 24 दिन बाद नियमित रूप से कामकाज संभालेंगे। वह सिविल सचिवालय की पांचवीं मंजिल स्थित अपने कार्यालय से सभी प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करेंगे। पिछले करीब 15–20 दिनों से वह वर्क फ्रॉम होम पर थे। 8 जनवरी की देर रात सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में मेजर हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। अगले दिन सर्जन डॉ. टीपीएस महंत की देखरेख में उनकी सर्जरी की गई। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उन्होंने धीरे-धीरे कामकाज दोबारा शुरू किया। उन्होंने अपने ओएसडी के माध्यम से संदेश जारी कर फाइलों के निपटारे की व्यवस्था तय की। मुख्य सचिव स्तर की फाइलें संबंधित अधिकारी अपने स्तर पर निपटाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली फाइलें सीधे प्रेषित की जाएंगी। 19 जनवरी को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक भी की। डिस्चार्ज के दिन आईएएस अधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश साझा कर उन्होंने जानकारी दी कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार वे 15 दिन घर से काम करेंगे। वर्क फ्रॉम होम के बाद अब वह नियमित रूप से सचिवालय पहुंचेंगे। शुक्रवार को भी वे कुछ समय के लिए कार्यालय आए थे और जरूरी फाइलों का निपटारा किया था। दूसरा कार्यकाल और एक्सटेंशन 1990 बैच के आईएएस अनुराग रस्तोगी ने जून 2025 में 60 वर्ष पूरे किए। वह हरियाणा के पहले ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें दो बार मुख्य सचिव बनने का अवसर मिला। केंद्र सरकार ने राज्य की सिफारिश पर उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार भी दिया है। मुख्य सचिव बनने से पहले वह वित्त आयुक्त, राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) के पद पर कार्यरत थे।

बस्तर प्रवास को लेकर प्रशासन सतर्क, मुख्य सचिव ने तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर. राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक भारत की राष्ट्रपति   द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में बस्तर पंडुम के शुभारंभ के अवसर पर 7 फरवरी 2026 के प्रस्तावित प्रवास पर विविध तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक ली। मुख्य सचिव   विकासशील ने राष्ट्रपति महोदया के प्रवास अवसर पर सुरक्षा, चिकित्सा, आवागमन सहित तमाम जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर कलेक्टर से की जा रही तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसी तरह से मुख्य सचिव ने रायपुर कलेक्टर से भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जनसम्पर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव   रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव   अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव   नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव   अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन, कृषि क्षेत्र में नई पहल

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन भोपाल राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS) के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन किया गया है।समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त , सहकारिता, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण/ फूड प्रोसेंसिंग इंडस्ट्रीज, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, कुलपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर/ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, आयुक्त/ संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, निदेशक भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इन्दौर म.प्र, प्रभारी अधिकारी नाबार्ड, समन्वयक स्टेट लेवल बैंकर समिति, तिलहन क्षेत्र में कार्यरत एफपीओ/ को-ऑपरेटिक्स के दो प्रतिनिधि (प्रत्येक से एक) , बीज एवं खाद्य तेल उत्पादक उद्योग से संबंधित दो प्रतिनिधि(प्रत्येक से एक-एक) , भारत सरकार, कृषि मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी (संयुक्त सचिव स्तर) सदस्य होंगे। किसान कल्याण तथा कृषि विकास (राज्य मिशन संचालक NMEO-OS) को सदस्य-सचिव नामित किया गया हैं।     राज्य तिलहन मिशन की बैठक का आयोजन कृषि उत्पादन आयुक्त, म.प्र. शासन की अध्यक्षता में किया जा सकेगा। मिशन के दायित्व अंर्तगत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, मिशन में निहित समग्र नीति दिशा-निर्देशों के भीतर राज्य में मिशन कार्यान्वयन की समग्र निगरानी की जायेगी। राज्य को सौंपे गए क्षेत्र, उत्पादन,  और उत्पादकता लक्ष्यों और इसकी निगरानी के आधार पर तिलहन की खेती और उत्पादन के लिए राज्य तिलहन कार्य योजना को अंतिम रूप देना , कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार को प्रस्तुत करने से पहले मिशन के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप संभावित और वार्षिक राज्य कार्य-योजना को अंतिम रूप देना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को प्रस्तुत नियमित रिपोर्टों के साथ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर नजर रखकर राज्य स्तर पर मिशन की प्रगति की निगरानी की जायेगी। समिति द्वारा आवश्यक बुनियादी ढांचे (इंफास्ट्रक्चर) और कटाई के बाद प्रसंस्करण सुविधाओं आदि को विकसित करने के लिए राज्य स्तरीय वित्तीय संसाधन आवंटन की देखरेख करना, जिला मिशनों, मूल्य श्रृंखला भागीदारों और तकनीकी सहायता एजेंसियों के कामकाज और प्रगति की निगरानी करना और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी करना और एस.ओ.पी निर्धारित करना, प्रमुख मिशन के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने तथा इसे राज्य कृषि नीतियों और विकास योजनाओं के साथ जोडने के लिए संबंधित विभागों (कृषि, सिंचाई वित्त. ग्रामीण विकास आदि) के साथ समन्वय करके अन्य केन्द्रीय और राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण सुनिश्चित करने के कार्य किए जाएंगे।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का पुनर्गठन

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति पुनर्गठित मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का पुनर्गठन राज्य स्तरीय समन्वय समिति को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में किया गया पुनर्गठित मुख्य सचिव की देखरेख में पुनर्गठित हुई राज्य स्तरीय समन्वय समिति भोपाल सिंचाई के लिए सोलर पम्प स्थापना की "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" के क्रियान्वयन के लिए मंत्रि-परिषद की 18 नवम्बर 2025 को हुई बैठक के निर्णय अनुसार राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित "राज्य स्तरीय समन्वय समिति" का पुनर्गठन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में सचिव ऊर्जा, वित्त, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सदस्य होंगे। सचिव नवीन नवकरणीय ऊर्जा को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति द्वारा योजना के सभी घटकों अंतर्गत प्रगति की नियमित समीक्षा की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच आवश्यक समन्वय बनाना, योजना की प्रगति नियमित (अधिकतम 3 माह) में समीक्षा करना जिससे समय-सीमा में लक्ष्य की प्राप्ति हो सके। योजना को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करना तथा योजना क्रियान्वयन के संबंध में भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ समन्वय करना और राज्य में योजना क्रियान्वयन में सुधार के उपाय सुझाना जैसे समिति द्वारा कार्य किये जायेंगे।  

सरकार ने बनाई राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन भोपाल       प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की तीन नदी परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र विकास आधुनिकीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है।     सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख अभियंता, जल संसाधन,  अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, आयुक्तकमाण्ड क्षेत्र विकासभोपाल, मुख्य अभियंता, केन्द्रीय जल आयोग, भोपाल और मुख्य अभियंता (बोधी), जल संसाधन, भोपाल समिति में सदस्य होंगे। सचिव, जल संसाधन, को सदस्य सचिव बनाया गया है।      कमाण्ड क्षेत्र विकास का आधुनिकीकरण (MCAD) के लिए आयुक्त (केड) जल संसाधन विभाग नोडल अधिकारी होंगे। गाइडलाइन के अनुसार राज्य स्तरीय स्टियरिंग कमेटी (SLSC) योजना के समुचित प्रबंधन एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी रहेगी। समिति ये कार्य करेगी      राज्य स्तरीय वार्षिक कार्य योजना अनुमोदित करना और उसके क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करना। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति तथा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन/निर्देश देने का कार्य समिति करेगी।