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हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके: प्रधानमंत्री का सपना छत्तीसगढ़ में हो रहा है साकार, CM साय

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके” प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर – दिल्ली – कोलकाता हवाई यात्रा का किया वर्चुअल शुभारंभ राजधानी दिल्ली से क्षेत्र का सीधा जुड़ाव व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को देगा बढ़ावा केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और सरगुजा सांसद ने विमान सेवा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी से अंबिकापुर–दिल्ली – कोलकाता हवाई सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को विमान सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को भी सुलभ हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।              मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना रही है कि “हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके” और छत्तीसगढ़ में यह सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने सरगुजा अंचल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सांसद के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सुविधा संभव हो पाई है। राजधानी दिल्ली और कोलकाता से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और हाल ही में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा भी प्रारंभ हुई है। इसके साथ ही बजट में ‘सीजी वायु’ योजना के माध्यम से घरेलू विमान सेवाओं के सुचारू संचालन का प्रावधान भी किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।       उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अंबिकापुर (दरिमा) में 72-सीटर विमान के संचालन से दिल्ली–अंबिकापुर–कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर में नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के साथ-साथ दक्षिण छत्तीसगढ़ में जगदलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मंत्री राजेश अग्रवाल एवं सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी मुख्यमंत्री को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।               उल्लेखनीय है कि   निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा।  एलायंस एयर का फ्लाइट शेड्यूल (सप्ताह में 4 दिन)              विमानन कंपनी एलायंस एयर द्वारा इन उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर प्रारंभ हो चुकी है।           उल्लेखनीय है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया है। दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार) सोमवार (फ्लाइट नं. 91613): दिल्ली से बिलासपुर होते हुए सुबह 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 12:00 बजे अम्बिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार (फ्लाइट नं. 91614): दिल्ली से सुबह 10:25 बजे अम्बिकापुर आगमन और दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर होते हुए दिल्ली प्रस्थान करेगी। कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार) शनिवार (फ्लाइट नं. 91763): कोलकाता से बिलासपुर होते हुए सुबह 10:00 बजे अम्बिकापुर आगमन और 10:25 बजे सीधे कोलकाता प्रस्थान करेगी। गुरुवार (फ्लाइट नं. 91765): कोलकाता से सुबह 08:50 बजे अम्बिकापुर आगमन और 09:15 बजे बिलासपुर होते हुए कोलकाता प्रस्थान करेगी।

आधुनिक तकनीक और संवेदनशीलता, नई पुलिसिंग की पहचान: मुख्यमंत्री

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है  – मुख्यमंत्री जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्न रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा। मुख्यमंत्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है।  जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे। समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, … Read more

कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व समाज के लिए उपयोगी होगा कायस्थ मंगल भवन: संजय श्रीवास्तव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चंदखुरी में माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के किए दर्शन: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।   इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

नक्सल मुद्दे पर संसद में चर्चा तेज, मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास पर रखी बात

रायपुर. देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर आज लोकसभा में महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है। यह बहस ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 26 की समयसीमा तय की है और इस डेडलाइन के खत्म होने में अब केवल एक दिन शेष है। इसको लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा छत्तीसगढ़ का ही ज्यादा जिक्र होगा। भारी मात्रा में नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में ही बचा हुआ था। चार दशक से ज्यादा से नक्सलवाद विकास में बड़ा रोड़ा बना हुआ था। उसको समाप्त करने में सफल हो रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए बहुत अच्छा है। बता दें कि लोकसभा सचिवालय ने इस विषय को नियम 193 के तहत सूचीबद्ध किया है। इस नियम के अंतर्गत अल्पकालिक चर्चा होती है, जिसमें मतदान नहीं कराया जाता, लेकिन सरकार के लिए जवाब देना अनिवार्य होता है। माना जा रहा है कि इस चर्चा में छत्तीसगढ़ का विशेष रूप से जिक्र होगा, क्योंकि देश में लंबे समय तक नक्सलवाद का सबसे अधिक प्रभाव यहीं रहा है। वायु सेवा विस्तार पर सीएम साय का बयान इसके साथ ही सीएम साय ने प्रदेश में वायु सेवाओं के विस्तार को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर से दिल्ली और कोलकाता के लिए नई फ्लाइट सेवा शुरू हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बीती रात बिलासपुर में नाइट लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा का भी शुभारंभ शुरू हो गया है। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वायु सेवा में वृद्धि हो रही है।

डेडलाइन से पहले बड़ा सरेंडर: माओवादी नेता सोमन्ना ने छोड़ा हथियार

जगदलपुर/रायपुर. छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। नक्सल विरोधी अभियान के बीच माओवादी मोर्चे में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, डेडलाइन खत्म होने से ठीक एक दिन पहले कुख्यात माओवादी चेल्लुरु नारायण राव उर्फ सोमन्ना ने विजयवाड़ा में आत्मसमर्पण कर दिया है। सोमन्ना माओवादी स्टेट कमेटी सदस्य है। बताया जा रहा है कि सोमन्ना AOB (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) राज्य समिति का प्रमुख सदस्य था। इसके साथ ही वह केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (CRC) की तीसरी कंपनी का कमांडर भी रहा है। शीर्ष माओवादी लीडर गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस क्षेत्र में माओवादी संगठन की बागडोरसोमन्ना के पास ही थी। बता दें कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस डेडलाइन से ठीक पहले सोमन्ना जैसे उच्च पदाधिकारी का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। माओवादी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी: AOB क्षेत्र के शीर्ष नेता सोमन्ना ने किया सरेंडर सुरक्षा बलों को माओवादी मोर्चे पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में माओवादी संगठन के स्टेट कमेटी सदस्य चेल्लुरु नारायण राव उर्फ सोमन्ना ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सोमन्ना AOB (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) क्षेत्र की राज्य समिति का प्रमुख सदस्य था और केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (CRC) की तीसरी कंपनी का कमांडर भी रह चुका है. उसे संगठन के अहम रणनीतिक चेहरों में गिना जाता था. बताया जा रहा है कि शीर्ष माओवादी नेताओं गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस क्षेत्र में संगठन की कमान सोमन्ना के हाथों में थी. ऐसे में उसका सरेंडर माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह सफलता नक्सल उन्मूलन अभियान में एक अहम उपलब्धि के तौर पर देखी जा रही है, खासकर उस समय जब सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सख्त समयसीमा तय कर रखी है. माओवादी संगठन का प्रमुख चेहरा था सोमन्ना सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमन्ना एओबी (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) राज्य समिति का एक अत्यंत प्रभावशाली सदस्य रहा है। इसके साथ ही उसने केंद्रीय क्षेत्रीय समिति की तीसरी कंपनी के कमांडर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। शीर्ष माओवादी नेता गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस पूरे क्षेत्र में माओवादी संगठन के संचालन की कमान सोमन्ना के हाथों में ही थी। उसके आत्मसमर्पण को संगठन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। डेडलाइन से ठीक पहले मिली कामयाबी उल्लेखनीय है कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस निर्धारित तिथि से महज एक दिन पहले सोमन्ना जैसे उच्च पदस्थ पदाधिकारी का मुख्यधारा में लौटना सुरक्षा बलों के लिए एक रणनीतिक जीत मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सोमन्ना के समर्पण से माओवादी नेटवर्क की कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे आगामी अभियानों को और अधिक मजबूती मिलेगी। नक्सलवाद पर सरकार के प्रयासों की संसद में सराहना, BJP सांसद नरेश बंसल का बयान संसद में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार के प्रयासों पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद नरेश बंसल ने सरकार की उपलब्धियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, क्योंकि उसने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से काम किया है. बंसल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की रणनीति और सुरक्षा बलों की सक्रिय कार्रवाई के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिला है.

मौसम का बदलेगा मिजाज: तपती गर्मी के बीच छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अधिकतम तापमान सामान्य स्तर पर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद प्रदेश में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा। प्रदेश में फिलहाल कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। सिनोप्टिक सिस्टम मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, (1) एक निम्न दबाव क्षेत्र बिहार से पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र तक झारखंड के ऊपर 1.5 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ है। (2) एक द्रोणिका/पवन असातत्य उत्तरी ओडिशा के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिणी छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक होकर दक्षिणी तमिलनाडु तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर तक स्थित है। आज कैसा रहेगा मौसम प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं दो दिनों के बाद भी प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। रायपुर में मौसम का हाल रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

GST 2.0 का असर: छत्तीसगढ़ की कमाई में इजाफा, प्रोडक्शन स्टेट्स पर दबाव तेज

रायपुर. देश में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद जहां एक ओर करदाताओं को राहत मिली है। आम आदमी को चीजें सस्ती मिली और कुल जीएसटी कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है। बीते महीनों के आंकड़े दर्शाते हैं कि राजस्व संग्रह पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। वहीं, इसका दूसरा पहलू भी है। छत्तीसगढ़ जैसे उत्पादक-प्रधान राज्यों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। कम उपभोग, अधिक उत्पादन और पुराने टैक्स क्रेडिट के बोझ के कारण राज्य को इस वित्तीय वर्ष में करीब 1500 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का अनुमान है। इससे राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा है और जन कल्याणकारी योजनाओं को सतत चलाने में परेशानी आने की आशंका पैदा हो रही है। उल्लेखनीय है कि 1 जुलाई 2017 को लागू हुई जीएसटी व्यवस्था को देश का सबसे बड़ा कर सुधार माना जाता है। इसके बाद जीएसटी 2.0 में कर दरों में कमी और प्रक्रियाओं को आसान किया गया है, जिससे व्यापार और आम लोगों को राहत मिली है। नए सुधारों के बाद देश के जीएसटी कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिसंबर 2025 में देश का कुल जीएसटी संग्रह 1.75 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल से 6.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं जनवरी 2026 में यह बढ़कर 1.93 लाख करोड़ पहुंच गया, जो 6.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। देश के राजस्व में वृद्धि देश में जीएसटी कलेक्शन बढ़ रहा है लेकिन यह बढ़ोतरी सभी राज्यों के लिए समान नहीं है। छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन पर दबाव बढ़ गया है और इस वर्ष करीब 10 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई जा रही है। क्यों हो रहा नुकसान जीएसटी एक गंतव्य आधारित कर प्रणाली है, यानी कर का लाभ उसी राज्य को मिलता है जहां वस्तु या सेवा का उपभोग होता है। छत्तीसगढ़ में स्टील, आयरन और कोयले का उत्पादन तो अधिक है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय कम होने के कारण उपभोग अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा राज्य से बड़ी मात्रा में माल दूसरे राज्यों में भेजा जाता है, जिससे कर का बड़ा हिस्सा उन राज्यों को मिल जाता है जहां इसका उपयोग होता है। कोयला सेक्टर बना बड़ी वजह राज्य के राजस्व पर सबसे ज्यादा असर कोयला क्षेत्र से पड़ रहा है। पहले कोयले पर 5 प्रतिशत जीएसटी था, जबकि इनपुट पर 18 प्रतिशत टैक्स लगता था। इससे कंपनियों के पास भारी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट जमा हो गया। अब कोयले पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत कर दी गई है, लेकिन कंपनियां पुराने आईटीसी का उपयोग कर रही हैं, जिससे राज्य को नकद राजस्व कम मिल रहा है। अन्य राज्यों में भी असर छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा और झारखंड जैसे अन्य उत्पादन-प्रधान राज्यों में भी इसी तरह की स्थिति है, जहां करीब 1000 करोड़ तक के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ को इसकी वजह से करीब डेढ़ हजार करोड़ की राजस्व हानि का अंदेशा है। यह बड़ी राशि है और इससे छत्तीसगढ़ पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा। क्या होगा असर राजस्व में कमी का सीधा असर राज्य की विकास और जनकल्याण योजनाओं पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्थिति में सुधार 2027-28 से संभव है, लेकिन फिलहाल राज्यों को दबाव झेलना पड़ेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस समस्या के समाधान के लिए आईजीएसटी सेटलमेंट सिस्टम की समीक्षा, उत्पादन राज्यों के लिए संतुलन व्यवस्था और क्षतिपूर्ति तंत्र पर विचार जरूरी है ताकि सभी राज्यों को जीएसटी का समान लाभ मिल सके।

बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण, अटल परिसर से CM साय ने किया आगाज

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।  इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, कमिश्नर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ, CM साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ: CM  साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट रायपुर  बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया।  इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।  समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया।   इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी  राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी  रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर  एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।