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बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण, अटल परिसर से CM साय ने किया आगाज

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।  इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, कमिश्नर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ, CM साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ: CM  साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट रायपुर  बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया।  इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।  समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया।   इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी  राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी  रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर  एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

जगदलपुर में सोमवार से शुरू होगा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का एथलेटिक्स रोमांच

जगदलपुर में सोमवार से शुरू होगा 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का एथलेटिक्स रोमांच जगदलपुर  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

अलर्ट के बीच बड़ा सवाल: बर्ड फ्लू के समय ट्रेन से बिलासपुर पहुंचे हजारों चूजे

बिलासपुर. जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद भी जूओं की सप्लाई जारी है. रविवार को दिल्ली से भारी मात्रा में चूजो की खेप बिलासपुर स्टेशन पहुंचा. स्टेशन परिसर में सभी चूजों को एकत्रित रखा गया है. वहां से चूजें कहां सप्लाई होगा. इसके बारे में किसी ने कोई जानकारी नहीं दी हैं. दूसरी ओर जिला प्रशासन ने मुर्गियों की बिक्री पर रोक लगा दी है. इसके बाद भी चूजों की खुलेआम सप्लाई होना चिंता का विषय बन गया है. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में चूजों की खेप पहुंची. यह खेप दिल्ली से मंगाई गई थी. चूजों को स्टेशन पर खुले तौर पर उतारा गया, जहां न तो किसी प्रकार की विशेष सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया और न ही प्रशासन के अफसर मौजूद रहे. चूजों की खेप को देखते ही स्टेशन परिसर में यात्रियों के बीच हडकंप मच गया. आसपास बर्ड फ्लू की चर्चाएं तेज हो गईं. शहर के समीप कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में 30 हजार से अधिक मुर्गियों और पक्षीयों की बर्ड फ्लू की वजह से एकाएक मौत हो चुकी हैं. तब से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने हाई अलर्ट जारी करते हुए मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं. शहर व ग्रामीण क्षेत्र के मुर्गी फार्म को बंद कराया गया है. कहीं भी खुलेआम मुर्गियों की बिक्री नहीं हो रही हैं. इस बीच अचानक रेलवे स्टेशन में भारी संख्या में चूजों की खेप पहुंचने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है. तखतपुर में भी फैला बर्ड फ्लू बर्ड फ्लू संक्रमण का असर शहर से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है. रविवार को तखतपुर क्षेत्र में भी मुर्गियों की मौत होने की पुष्टि हुई है. मुर्गी फार्म संचालक द्वारा लापरवाही पूर्वक मृत मुर्गियों को एक बोरी में भरकर खुले जगह में फेंक दिया गया है. जिसे कुत्ते नोच-नोच कर खाते नजर आए. मृत मुर्गियां इधर-उधर फैल रही हैं. जिला प्रशासन की ओर से मृत मुर्गियों को फेंकने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. बर्ड फ्लू नियंत्रण के लिए कंट्रोल रूम, फायदा नहीं जिले में बर्ड फ्लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कंट्रोल रूम की स्थापना की है. कलेक्टोरेट बिल्डिंग के कक्ष क्रमांक 25 में स्थित यह कंट्रोल रूम आम नागरिकों और संबंधित विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बनेगा. कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर (07752-251000)जारी किया गया है, जिस पर नागरिक बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सूचना दे सकेंगे. यह कंट्रोल रूम दिन-रात 24 घंटे सक्रिय है. इसके बाद भी चूजों की खुलेआम सप्लाई जारी है.

छत्तीसगढ़ को मिली बड़ी सौगात: बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से शुरू हुई रात्रि हवाई सेवा

बिलासपुर. बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से 3सी आईएफआर श्रेणी में उन्नत करने के लिए कुल 31 करोड़ 1 लाख रुपए की लागत से कार्य किया गया है। इस उन्नयन के बाद डीजीसीए ने 6 फरवरी 2026 को 3सी आईएफआर एवं रात्रि संचालन की अनुमति प्रदान की थी। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस उपलब्धि को योजनाकारों, तकनीकी टीम, एयरपोर्ट कर्मियों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन उड़ान सेवा शुरू होने से बिलासपुर की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने काफी संघर्ष किया है। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा बिलासपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित और अनिर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की। यह ऐतिहासिक पहल बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख हवाई केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी संबोधित किया। उन्होंने बिलासपुर की जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। श्री साहू ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में तमाम सुविधाएं विकसित हो रही हैं। रक्षा मंत्रालय से जमीन मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा करेगा” का सपना साकार हो रहा है।

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ जिले में संपन्न

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ जिले में संपन्न मनेद्रगढ़ अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में संपन्न हुई !जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी एवं अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी व छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष द्रोणाचार्य दुबे की मुख्य उपस्थिति में सम्मान समारोह संपन्न हुआ जिसमें एमसीबी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों को समिति द्वारा सम्मान किया गया जिसमें स्मृति चिन्ह के साथ-साथ साल सिर्फ फल देकर सम्मान किया! इस कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों की मुख्य उपस्थिति में समिति द्वारा  पत्रकारों को संबोधित किया कार्यक्रम के पश्चात सम्मान किया गया! तथा समिति को आगे विस्तार हेतु चर्चा की गई जिसमें जल्द ही पूरे प्रदेश में समिति का विस्तार किया जाएगा!इस कार्यक्रम में सैकड़ो पत्रकार उपस्थित रहे!

जगदलपुर में आज से शुरू होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का एथलेटिक्स रोमांच

रायपुर.  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास, मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसला

रायपुर.  सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।  ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें। इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच संतोष शंकर सोनी और पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

असम के स्विमर्स का जलवा, 9 मेडल जीतकर राज्यपाल डेका से की शिष्टाचार भेंट

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 प्रतियोगिता में भाग लेने आए असम राज्य के तैराक खिलाडि़यों ने आज यहां लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य मुलाकात की। खिलाडि़यों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक जीतकर फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया है। राज्यपाल डेका ने खिलाडि़यों की इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेलों में अनुशासन, समर्पण और टीम भावना से ही ऐसी सफलता हासिल होती है। राज्यपाल ने खिलाडि़यों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर खिलाडि़यों के साथ असम स्विमिंग एसोसिएशन के संयुक्त सचिव दिव्य ज्योति शर्मा, तकनीकी अधिकारी जान मनी बोरा तथा कोच भी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ में देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग ढाई हजार खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक सरगुजा, बस्तर और रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। राजधानी के साइंस कॉलेज ग्राउंड में भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि अब हर साल यह आदिवासी खेल होंगे। इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ ही करेगा। उन्होंने कहा कि खेल को केवल पदक जीतने का माध्यम न मानें, यह संतुलित जीवनशैली है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का किया शुभारंभ

रायपुर.  छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर पालिका क्षेत्र में अब टैक्स भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को एचडीएफसी बैंक की ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत नागरिक घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर जल कर, संपत्ति कर और दुकान कर का भुगतान कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत एचडीएफसी बैंक ने नगर पालिका जशपुर के लिए विशेष क्यूआर कोड तैयार किया है। प्रत्येक घर के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड जनरेट किया गया है, जिसे घर-घर चस्पा किया जा रहा है। इस क्यूआर कोड में मकान मालिक का नाम, मकान नंबर, मोबाइल नंबर और बकाया कर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर डी.डी.एन नंबर, मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से अपनी देय राशि देख सकेंगे और यूटीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे। भुगतान के बाद उन्हें तुरंत डिजिटल रसीद भी प्राप्त होगी। नगर पालिका जशपुर में लागू प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम एक आधुनिक आईसीटी आधारित व्यवस्था है, जो राजस्व संग्रहण को पारदर्शी, सरल और कुशल बनाती है। इस प्रणाली के तहत वर्तमान में लगभग 4600 हाउसहोल्ड को शामिल किया गया है, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां शामिल हैं। इस पहल से जहां नागरिकों को समय और श्रम की बचत होगी, वहीं नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। डिजिटल भुगतान प्रणाली से राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी और नगरीय प्रशासन और अधिक सशक्त होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर सराफत अली और शाखा प्रबंधक दीपक दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।