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पिता से बिछड़ी मासूम केस में SP सख्त, महिला थाना प्रभारी समेत प्रधान आरक्षक सस्पेंड

राजनांदगांव. शहर के बाजार क्षेत्र में पिता से बिछड़ी डेढ़ वर्षीय मासूम बालिका के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कड़ी कार्रवाई की है। मामले में त्वरित कार्रवाई न करने पर महिला थाना प्रभारी गीतांजलि सिंह और कोतवाली थाने के आरक्षक चंद्रेश सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही कोतवाली थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम का भी तबादला कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार शहर के मार्केट एरिया में एक व्यक्ति अपनी डेढ़ वर्षीय मासूम बालिका के साथ पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह नशे की हालत में था। नशे की वजह से वह अपनी बच्ची पर ध्यान नहीं दे पाया और इसी दौरान मासूम अपने पिता से बिछड़ गई। कुछ देर बाद वह सड़क किनारे खड़ी होकर रोती हुई मिली। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दो युवकों की नजर रोती हुई बच्ची पर पड़ी। बच्ची को लावारिस देखकर दोनों युवकों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे महिला थाने पहुंचाया, ताकि पुलिस मदद कर सके और परिजनों तक पहुंचा सके। बताया जाता रहा है कि महिला थाना पहुंचने पर पुलिस की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। आरोप है कि महिला थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय युवकों से कहा कि वे डायल 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। वहीं जब दोनों युवक बच्ची को लेकर कोतवाली थाना पहुंचे तो वहां मौजूद एक आरक्षक ने भी उनकी कोई विशेष मदद नहीं की। इसके बाद दोनों युवकों ने चीखली पुलिस चौकी के एक आरक्षक की मदद से चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया। चाइल्ड हेल्पलाइन की सहायता से बालिका को संपर्क गृह भेजा गया। बाद में पुलिस ने जानकारी जुटाकर बच्ची को उसके परिजनों से मिलवा दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए महिला थाना प्रभारी गीतांजलि सिंह और आरक्षक चंद्रेश सिन्हा को निलंबित कर दिया। जारी आदेश के अनुसार दोनों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने और नियमित गणना में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने में सहयोग देने वाले दोनों युवकों की मानवीय पहल की सराहना की गई है। पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने उनके इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया।

गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम  लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया। तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

जंगल में छिपा था नक्सलियों का खतरनाक प्लान: सुकमा में CRPF को मिला विस्फोटक डंप, 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद

सुकमा नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जंगल में छिपाकर रखा गया विस्फोटक और अन्य सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सलियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खुफिया सूचना के आधार पर पता चला था कि सुकमा क्षेत्र के ग्राम गोमगुड़ा के पोडियमपारा इलाके में नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना मिलते ही 226 बटालियन सीआरपीएफ की सी कंपनी ने 14 मार्च 2026 की सुबह करीब 5:50 बजे विशेष एंबुश ऑपरेशन शुरू किया। घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन यह अभियान सहायक कमांडेंट जी. नबी के नेतृत्व में चलाया गया। वहीं कमांडेंट एच.पी. सिंह और द्वितीय कमान अधिकारी बीरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जवानों ने एफओबी गोमगुड़ा से लगभग एक किलोमीटर पश्चिम स्थित पोडियमपारा क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घने जंगल और कठिन परिस्थितियों के बीच जवानों ने इलाके की गहन जांच की। इस दौरान संदिग्ध नक्सली डंप साइट का पता चला। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को घेरकर के-9 और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल (BDD) स्क्वॉड की मदद से तलाशी ली गई। 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित कई सामग्री बरामद तलाशी के दौरान करीब 18 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, काला तिरपाल प्लास्टिक, पिट्ठू बैग, स्लीपिंग बैग, नक्सली पत्रिका, चाकू, मेडिकल और मेस से जुड़ी सामग्री, इलेक्ट्रिकल वायर, चार्जर, डेटा केबल, बैटरी, स्विच, ड्राइंग मैप चार्ट पेपर और 50 लीटर का ब्लू ड्रम समेत कई सामान बरामद किए गए। इसके अलावा स्टील का टिफिन बॉक्स, चाय का गिलास, तांबे की पानी की बोतल, छाता और कपड़े भी मिले। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि नक्सली इस इलाके में लंबे समय तक रुकने या किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। सुरक्षा बलों की समय पर कार्रवाई से उनकी योजना नाकाम हो गई। बरामद सभी सामग्री को सुरक्षा मानकों के तहत जब्त कर लिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन और निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा बलों ने कहा- अभियान जारी रहेगा 226 बटालियन के कमांडेंट ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा बल पूरी प्रतिबद्धता के साथ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने जवानों की सतर्कता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आजिविका की विभिन्न गतिविधियां ने भगवती को बनाया सफल उद्यमी

रायपुर आजिविका की विभिन्न गतिविधियां ने भगवती को बनाया सफल उद्यमी छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना से ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत गुमगरा खुर्द की रहने वाली  भगवती सिंह आज आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली भगवती आज न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि समाज में ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। बिहान से मिला आत्मविश्वास का नया सवेरा  भगवती सिंह बताती हैं कि वर्ष 2014 में ‘रेखा महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने से पहले वे काफी संकोच करती थीं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क न के बराबर था। समूह का हिस्सा बनने के बाद उनमें न केवल आत्मविश्वास का संचार हुआ, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों और समाज को समझने का एक नया दृष्टिकोण मिला। सब्जी की खेती से ईंट निर्माण तक का सफर अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में भगवती ने पहला कदम समूह से मिली 15 हजार रुपये की आरएफ  राशि के साथ बढ़ाया, जिससे उन्होंने सब्जी की खेती शुरू की। इस प्रारंभिक सफलता के बाद उन्होंने 30 हजार रुपये की सीआईएफ राशि का निवेश ईंट निर्माण के कार्य में किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मेहनत कर 50 हजार ईंटें बनवाईं, जिससे प्राप्त लाभ ने उनके बच्चों की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। आज उनके दोनों पुत्र, विवेक और विक्की, अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। व्यवसाय में विविधता और बढ़ती आय सफलता के इस क्रम को जारी रखते हुए भगवती ने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का बैंक लोन लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में ही किराना और कपड़े की दुकान शुरू की। इन विविध आय स्रोतों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आया है। कच्चे मकान से पक्के घर का सपना साकार भगवती बड़े गर्व से कहतीं हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, लेकिन बिहान योजना से जुड़कर बढ़ी आजीविका के दम पर उन्होंने अपना पक्का घर बनवा लिया है। आज उनके पति श्री भलेनाथ सिंह उरे और उनके बच्चे अत्यंत खुशहाल और गौरव महसूस करते हैं। अपनी उन्नति का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए भगवती सिंह कहती हैं, “बिहान योजना की बदौलत आज हम ग्रामीण दीदियां अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने हम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है।  प्रशासन द्वारा ’बिहान’ के माध्यम से भगवती जैसी हजारों महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को धरातल पर साकार करने में अपना योगदान दे रही हैं।

देवपुर की महिलाओं का अनूठा संकल्प: महतारी वंदन की राशि जोड़कर बनवाया शिव मंदिर

धमतरी महतारी वंदन की राशि से बना शिव मंदिर: देवपुर की महिलाओं ने दिखाई सामूहिकता और आस्था की मिसाल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन रही है। धमतरी जिले के परियोजना सेक्टर खरेंगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवपुर की महिलाओं ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम देवपुर में लंबे समय से मंदिर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव के लोग विशेष अवसरों पर दूसरे गांवों में जाकर पूजा करते थे। इस समस्या को देखते हुए गांव की निवासी मती निर्मला और उनकी साथी महिलाओं ने एक सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। निर्मला और गांव की अन्य महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही थी। उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इस राशि का एक हिस्सा गांव के सामाजिक और धार्मिक कार्य के लिए उपयोग किया जाएगा। महिलाओं ने अपनी महतारी वंदन की राशि को मिलाकर एक निधि तैयार की और उसी से गांव में शिव मंदिर के निर्माण की शुरुआत की। महिलाओं की इस पहल को गांव के अन्य लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला। सामूहिक प्रयासों से कुछ ही समय में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब गांव में भव्य शिव मंदिर स्थापित हो गया है। मंदिर बनने से न केवल ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को एक स्थान मिला है, बल्कि गांव में सामुदायिक एकता और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी महिलाओं की इस पहल की सराहना की है। अब देवपुर में महाशिवरात्रि, सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर सामूहिक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिससे गांव में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। देवपुर की महिलाओं द्वारा किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि यदि महिलाएं संगठित होकर संकल्प लें तो वे अपने गांव और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग कर महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। देवपुर की यह पहल आज आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।

महिला समूह से संवाद के दौरान गरियाबंद कलेक्टर ने बताई बदलाव की कहानी, बारातियों का दिया उदाहरण

गरियाबंद. कलेक्टर भगवान सिंह उईके देवभोग पहुंचे और समस्त विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा ली। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और एसपी वेदव्रत सिर मौर्य भी साथ मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सुपेबेड़ा गांव का भी दौरा किया और वहां सजी-धजी शादी विवाह की मंडपों को देखकर ग्रामीणों और महिला समूह से करीब आधा घंटे तक चर्चा की। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से उपलब्ध सुविधाओं, योजनाओं और गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। बारातियों को देख कलेक्टर बोले – बदल रहा है सुपेबेड़ा इस दौरान कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अब सुपेबेड़ा बदल रहा है। सरकार यहां उन तमाम सुविधाओं को उपलब्ध करा रही है जिसकी मांग ग्रामीण कर रहे थे। दो साल पहले तक यहां खराब पानी और उससे होने वाली किडनी की बीमारी की वजह से शादी विवाह के कार्यक्रम नहीं होते थे, लेकिन इस साल गांव में वैवाहिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ गई है। यह बदलती तस्वीर इस गांव की प्रगति का सच्चा प्रमाण है।” कलेक्टर के दौरे के दौरान गांव में शादी के बाराती रंगीन झांकी के साथ निकलते दिखाई दिए। ग्रामीण और महिला समूह ने कलेक्टर को गांव में हुई नई सुविधाओं और योजनाओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के बदलाव गांव की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं और ऐसे उदाहरण पूरे जिले के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा हैं। सुपेबेड़ा में शादी विवाह कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी सुधार हो रहा है। कलेक्टर ने लापरवाही पर जताई नाराजगी, आंगनबाड़ियों में भर्ती पर देरी पर थमाया शो कॉज नोटिस जनपद सभा कक्ष में बारी-बारी से सभी विभागों की बैठक शुरू हुई। आवास योजनाओं को पूर्ण करने और रोजगार गारंटी के कार्यों में विलंब को लेकर अफसरों ने नाराजगी जाहिर की। सचिवों को फटकार और जनपद सीईओ को सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आंगनबाड़ियों में स्वीकृत 7 पदों के भर्ती में विलंब पर परियोजना अधिकारी को “कारण बताओ” नोटिस थमाया। किसानों से जुड़ी योजना, बैंकों में बोनस की राशि भुगतान, एलपीजी गैस की उपलब्धता, नोनी सुरक्षा योजना, टीकाकरण जैसे 30 से ज्यादा हितग्राही मूलक योजनाओं को बारीकी से समीक्षा किया गया। अफसरों ने चखा स्ट्रॉबेरी स्वाद उद्यानिकी विभाग द्वारा पाम ऑयल की खेती दिखाने करचिया के धनीराम की खेती दिखाने ले गए। 5 एकड़ में पाम की खेती कराया जा रहा है। बाड़ी में अफसरों ने स्ट्रॉबेरी की खेती देखकर चौक गए। किसान ने अफसरों को स्ट्रॉबेरी का स्वाद चखाया। किसान के सब्जी बाड़ी के नवाचार और कृषि उत्पाद के प्रति किसान परिवार के लगाव को देखकर अफसर गद गद हो गए। किसान ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी उन्नत खेती करने और कृषि सेक्टर में उच्च स्तर की पढ़ाई करने गई है। कलेक्टर ने ऐसे किसानों को योजनाओं के माध्यम से भरपूर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है।

संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए सर्वेक्षण और विस्तृत जांच के निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कोंडागांव जिले के नवागढ़ क्षेत्र में प्राप्त प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों के संबंध में त्वरित संज्ञान लिया है। मंत्री  अग्रवाल ने पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय को निर्देशित किया है कि नवागढ़ क्षेत्र में उपलब्ध प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का विशेषज्ञ दल के माध्यम से शीघ्र स्थल निरीक्षण एवं विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि नवागढ़ क्षेत्र में 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी से संबंधित प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य अवशेषों की जानकारी सामने आने के बाद इस स्थल का वैज्ञानिक अध्ययन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञ दल द्वारा क्षेत्र में उपलब्ध सभी प्रतिमाओं, स्थापत्य अवशेषों, शिल्प कलाकृतियों और संभावित पुरातात्विक स्थलों का सूक्ष्म अध्ययन किया जाए तथा उनका विस्तृत दस्तावेजीकरण भी किया जाए, ताकि इन धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व का समुचित आकलन किया जा सके। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि सर्वेक्षण और स्थल निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यकतानुसार इन पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। यदि स्थल का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो उसे संरक्षित पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन सभ्यताओं, स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिपूर्ण रही है। प्रदेश के अनेक अंचलों में ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनका व्यवस्थित अध्ययन और संरक्षण किए जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन धरोहरों की पहचान, संरक्षण और उनके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और आम नागरिकों की सहभागिता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों का संरक्षण केवल अतीत को सुरक्षित रखने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐतिहासिक स्थलों और पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षण के साथ-साथ अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जाए, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना

रायपुर  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से जिले के ग्रामीण परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी  ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है।  ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। ज्ञानु भगत ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में गैस संकट की चर्चा के बीच डिप्टी CM अरुण साव बोले— ‘घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें’

रायपुर. गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसियों में लगी लोगों की कतारों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अफवाह के कारण यह स्थिति बनी है. देश में पेट्रोल-गैस का कोई शॉर्टेज नहीं है. लोग थोड़ा धैर्य रखें और अफवाह पर ना जाएं. सरकार कालाबाजारी पर ठोस कार्रवाई कर रही है. उप मुख्यमंत्री अरुण साव शनिवार को मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने जी रामजी जी और अफीम की खेती पर कांग्रेस के विधानसभा के घेराव को लेकर कहा कि कांग्रेस के समय में ही अफीम की खेती शुरू हुई थी. कांग्रेस सरकार में जो नशे का कारोबार हुआ, यह उसी का नतीजा है. मुखबिर से सूचना मिली, उस पर सरकार ने त्वरित और कठोर कार्रवाई की है. किसी को भी नशे का कारोबार करने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में सर्वे के लिए कहा है, जहां गड़बड़ी मिलेगी कठोर कार्रवाई होगी. कांग्रेस इसमें राजनीतिक करने की कोशिश ना करे. प्रदेश में आज से गौधाम योजना की शुरुआत को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने गौठान की शुरुआत जनता के पैसे को लूटने के लिए किया था. गौ माता की सेवा करना उनकी फितरत में नहीं थी. हमारी सरकार आज से गौधाम योजना शुरू कर रही है. प्रदेश में 1460 गौधाम बनेंगे, जिनमें से 26 को स्वीकृति मिल चुकी है. चरवाहे को मानदेय, पशुओं को चारा, सब व्यवस्था की गई है. यह बहुत सफल योजना होने जा रही है.

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

राज्य में गोधन संरक्षण को नई दिशा : गोमाता की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्राम लाखासार में गौधाम का किया शुभारंभ गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  साय पशुपालकों से संवाद कर सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी लाखासार को सौगात : महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरव पथ का होगा निर्माण लाखासार गौधाम के लिए 25 लाख का प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस मिलेगी बिलासपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।     मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लाखासार में गौधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 19 एकड़ में जानवरों को खिलाने के लिए हरा चारा की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री ने चारागाह का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।     इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह, विधायक बिलासपुर  अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा  धरमलाल कौशिक, विधायक बेलतरा  सुशांत शुक्ला तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की बात कही। उन्होंने सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बहुत सौभाग्य का दिन है कि लाखासार की पावन भूमि से गौधाम योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।     तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। विधायक  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग  जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष  धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।