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नक्सलियों को बड़ा झटका: सुरक्षा बलों ने हथियार और IED का डंप किया जब्त

कांकेर कांकेर जिले में सुरक्षा बल के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्चिंग में निकले जवानों को कांकेर नारायण सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा डंप किया गया बड़ी मात्रा में हथियार और आईईडी बरामद हुआ है. सुरक्षा बलों की कार्यवाही से नक्सलियों द्वारा भविष्य में घटित की जा सकने वाली बड़ी नक्सली घटना टल गई है. बस्तर रेंज में नक्सलियों को समाप्त करने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है. आईजी पी सुन्दराज के निर्देशन और एसपी कांकेर निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में पुलिस बल के द्वारा नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. अभियान में बीएसएफ डीआईजी ओम प्रकाश प्रभारी राघवेंद्र सिंह सेनानी 94 वीं वाहिनीं बीएसएफ का भी सहयोग मिल रहा है. नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी/ बीएसएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग में निकली थी. 13 फरवरी को कांकेर– नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में थाना छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बीनागुंडा के पास नक्सलियों के द्वारा डंप किया गया हथियार, विस्फोटक,नक्सल साहित्य और अन्य सामग्री मिली. सामग्रियों को जब्त करने के साथ थाना छोटेबेठिया में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. जब्त सामग्री बीजीएल लांचर-2, 12 बोर- 2, एयरगन- 1, डायरेक्शन आईईडी-3, टिफिन आईईडी लगभग 5 किग्रा-1, बीजीएल बम-30, 12 बोर राउण्ड -26, बारुद प्लास्टिक पैकेट मे लगभग 2 किग्रा, मल्टी मीटर-1, पटाखा-12 पैकेट, बिजली वायर-2 बंडल, पोच-2, स्पिलंटर – 1 पैकेट

कमरे में बंद कर खौफनाक हमला, कोरबा में चापड़ से पत्नी पर वार; बीच-बचाव में आई परिजनों को भी नहीं छोड़ा

कोरबा. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सीतामणी वैष्णो दरबार बस्ती में घरेलू विवाद ने शनिवार को भयावह रूप ले लिया। एक युवक ने अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर धारदार चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पत्नी को बचाने पहुंची उसकी मां और बहन पर भी आरोपित ने वार कर दिया। तीनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना वैष्णो देवी मंदिर के पास स्थित बस्ती की है। पुलिस के अनुसार आरोपित रामेश्वर साहू का अपनी पत्नी सुकृता साहू से लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार को विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी को कमरे के भीतर बंद कर दिया और दौड़ा-दौड़ाकर चापड़ से हमला करने लगा। घर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग सतर्क हो गए। इसी दौरान आरोपित की मां सावन साहू और बहन निर्मला साहू मौके पर पहुंचीं। दरवाजा नहीं खुलने पर खिड़की तोड़कर अंदर घुसीं, लेकिन आरोपित ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 और कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने सुकृता साहू की स्थिति गंभीर बताई है। अन्य दोनों महिलाओं का भी इलाज जारी है। निर्मला साहू ने बताया कि वह घर के पास दुकान पर थी। शोर सुनकर पहुंची तो देखा कि उसका बड़ा भाई कमरे में बंद कर भाभी पर वार कर रहा था। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तब खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। बीच-बचाव के दौरान आरोपी ने उन पर भी चापड़ से हमला कर दिया। पहले भी जेल जा चुका है आरोपी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित पहले भी पत्नी से मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। उस पर पत्नी के चरित्र पर संदेह करने और पैसों की मांग को लेकर विवाद करने के आरोप हैं। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।  

कोबरा बटालियन के जवानों की सड़क दुर्घटना में मौत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में हुए सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित हमारे जांबाज जवानों का निधन अत्यंत हृदयविदारक है. यह अपूरणीय क्षति है. मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोबरा बटालियन के जवानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है. मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायल जवान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

PM आवास में नंबर वन जिला बना बिलासपुर

बिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन में जिले ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले ने 40 हजार से अधिक आवास पूर्ण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. 12,337 तथा तखतपुर में 7,930 आवास पूर्ण हुए हैं. वतर्मान में 30,983 आवास निर्माणाधीन हैं, जिन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से 12 फरवरी 2026 को जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष महाअभियान चलाया गया. बिहान केडर की दीदियों सहित एफएलसीआरपी /आरसी, सक्रिय महिला, पशु सखी, कृषि सखी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, आवास मित्र एवं पंचायत सचिवों द्वारा घर-घर संपर्क कर हितग्राहियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु प्रेरित किया गया. इस अभियान में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी ने निर्माण कार्य को नई गति प्रदान की है. जिला प्रशासन द्वारा सभी अपूर्ण आवासों को 30 जून 2026 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

ग्राम पंचायत बिलासपुर में सीएससी अटल ई सेवा केन्द्र का शुभारंभ

बिलासपुर टेली लॉ के विशेष कैंप लगाकर ग्रामीणों को किया जागरूक कार्यक्रम की शुरुआत श्री ध्यानचंद सोनी सरपंच ग्राम पंचायत बिलासपुर में फीता काट कर  अटल ई-सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। सीएससी जिला प्रबंधक श्री राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि सीएससी संचालक (विएलई) राजेश कुमार सोनी माध्यम से अब ग्राम पंचायत में बैठकर लोगों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की सरकारी सेवाएं सीएससी द्वारा प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर सीएससी बैंकिंग टीम से अशीष सिंह, एवं पंचायत रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत के पंचगण उपस्थित रहे अतिथियों द्वारा ग्रामीणों को टेली लॉ सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को घर बैठे नि:शुल्क कानूनी सलाह सीएससी से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सीएससी अटल ई-सेवा केंद्र के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी अब सेवाएं सीधे ग्राम वासियों तक पहुंचाई जाएंगी जैसे आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मानधन योजना, फार्मर रजिस्ट्री श्रम कार्ड, उज्ज्वला योजना, गैस बुकिंग, रेलवे टिकट, पेंशन योजना, विजली बिल भुगतान, पैन कार्ड,आय, निवास प्रमाण पत्र आदि शासकीय योजनाओं का लाभ भी सीएससी केंद्र के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीणों को समय पर गांव में सुविधा और मार्गदर्शन मिल सकेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

स्तर पर्यटन ने भरी नई उड़ान, वर्षों से लंबित योजनाओं को मिली गति

रायपुर प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कलकल ध्वनि, घने वनों की हरियाली और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण बस्तर अंचल अब पर्यटन विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएँ थीं, वहाँ अब चरणबद्ध तरीके से आधारभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य शासन और पर्यटन विभाग के समन्वित प्रयासों से बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा है। प्रमुख स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क को बेहतर किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, विश्राम शेड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। साथ ही, पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु सूचना केंद्र एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक व्यू-पॉइंट, सेल्फी जोन और सौंदर्यीकरण कार्यों से इन स्थलों की भव्यता और बढ़ी है। टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और डिजिटल पहल जगदलपुर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटकों को आवास, स्थानीय भ्रमण, गाइड सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और प्रचार-प्रसार के आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर पर्यटन सेवाओं को अधिक सुगम बनाया गया है। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर पर्यटन विकास का सबसे सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ा है। गाइड प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवा, साहसिक पर्यटन गतिविधियों और होम-स्टे योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय हस्तशिल्प, बेलमेटल कला, टेराकोटा और जनजातीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, हरित पट्टी विकास और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों से बस्तर की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है। सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक स्थलों से ही नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से भी है। बस्तर दशहरा, मड़ई महोत्सव और लोकनृत्य आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे देश-विदेश के पर्यटक बस्तर की अनूठी परंपराओं से परिचित हो रहे हैं। दीर्घकालीन मास्टर प्लान पर कार्य पर्यटन विभाग द्वारा बस्तर के समग्र विकास हेतु दीर्घकालीन मास्टर प्लान के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में पहल जारी है। स्थानीय नागरिकों, पर्यटन व्यवसायियों और आगंतुकों ने इन विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि बस्तर आने वाले वर्षों में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। बस्तर का पर्यटन क्षेत्र अब नई ऊर्जा, नई सोच और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास की इस पहल से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।

स्वस्थ बचपन की ओर बड़ा कदम, बाल संदर्भ योजना व ‘वजन त्यौहार’ से कुपोषण उन्मूलन को गति

रायपुर. कुपोषण उन्मूलन की सशक्त पहल: मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं ‘वजन त्यौहार’ से बच्चों को मिला स्वास्थ्य संबल प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी पहल के अंतर्गत कुपोषण उन्मूलन की दिशा में ठोस एवं परिणाममुखी कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित “वजन त्यौहार” अभियान के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी कर उन्हें समुचित उपचार एवं पोषण परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। महासमुंद जिले में नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 80 बच्चों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान 29 बच्चे कुपोषित एवं अति कुपोषित श्रेणी में पाए गए, जिन्हें तत्काल आवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श तथा पोषण संबंधी उपचार उपलब्ध कराया गया। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को नियमित फॉलोअप एवं आवश्यकता पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की जानकारी दी गई। महासमुंद जिले में इसी क्रम में 9 से 18 फरवरी तक आयोजित “वजन त्यौहार” के अंतर्गत शहरी परियोजना क्षेत्र के डॉ. सुशील सैमुअल वार्ड (सेक्टर-01) में विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का वजन एवं ऊंचाई मापी गई। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कुपोषित एवं अत्यंत कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष पोषण आहार, चिकित्सा सुविधा एवं निरंतर निगरानी से जोड़ा गया। गर्भवती महिलाओं को आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों के नियमित सेवन तथा संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई। पोषण, स्वच्छता और टीकाकरण पर विशेष जोर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य दल द्वारा पालकों को संतुलित आहार की उपयोगिता, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता, कृमिनाशक दवा सेवन, साफ पेयजल के उपयोग तथा दस्त-उल्टी जैसी स्थिति में त्वरित उपचार के महत्व से अवगत कराया गया। बच्चों के भोजन में दाल, हरी सब्जियां, दूध, अंडा, फल एवं मौसमी खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई।पालकों को यह भी बताया गया कि जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चे के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास की आधारशिला होते हैं। नियमित वजन-ऊंचाई मापन और पोषण प्रबंधन से एनीमिया एवं कुपोषण जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम संभव है। सामाजिक जागरूकता के साथ शिक्षा से जोड़ने की पहल अभियान के दौरान केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। देवार जाति की चार शाला त्यागी किशोरियों को पुनः विद्यालय में प्रवेश दिलाने हेतु समझाइश दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। यह प्रयास बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने तथा सामाजिक समावेशन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण स्तर का मूल्यांकन, आवश्यक दवा वितरण, परामर्श तथा गंभीर मामलों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। महासमुंद जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में जनसहभागिता आधारित सशक्त वातावरण निर्मित हो रहा है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास रंग लाए: वनांचल के सुदूर टोलों में पहुंचेगी बिजली

रायपुर.  जंगलों के बीच बसे जिन टोलों ने पीढ़ियों तक अंधेरे को अपनी नियति मान लिया था, वहां अब उजाले की पहली किरण पहुंचने जा रही है।सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के तीन सुदूर ग्रामों में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार नियमित बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 6 लाख 92 हजार 670 रुपये की बड़ी स्वीकृति जारी की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से संभव हो पाई है। सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मसंकी, बांक और असुरा के कई मजरा-टोले अब तक मुख्य विद्युत लाइन से कटे हुए थे। रात ढलते ही यहां घना अंधेरा छा जाता था और ग्रामीण ढिबरी या सीमित सोलर लाइट के सहारे जीवन यापन करने को विवश थे। बच्चों की पढ़ाई, किसानों का कार्य और सामान्य जनजीवन अंधेरे की मार झेल रहा था। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने ऊर्जा विभाग और राज्य स्तर पर पहल कर इन टोलों के विद्युतीकरण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया। ‘मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना’ के तहत स्वीकृत इस राशि से ग्राम मसंकी के लुकभुकिया और पतेरीपारा, ग्राम बांक के खासपारा और स्कूलपारा तथा ग्राम असुरा के खासपारा, पण्डोपारा और असुरा-1 में विद्युत विस्तार कार्य किया जाएगा। करोड़ों की लागत से होने वाला यह कार्य न केवल घरों को रोशन करेगा, बल्कि शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। सबसे बड़ी चुनौती वन भूमि की अनुमति थी। चूंकि संबंधित टोले घने जंगलों के बीच स्थित हैं, इसलिए विशेष स्वीकृति आवश्यक थी। मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर विभागीय स्तर पर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया गया है और अब शीघ्र ही जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी घर अंधेरे में न रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्युत सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों को अध्ययन में सुविधा मिलेगी, किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत होगी तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और लघु उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

सीएम विष्णु देव साय ने किया नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शिरकत

रायपुर. नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित  नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।  मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को रामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।  उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में  रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।  कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है। इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय, महासमुंद विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद  रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती सुशीला साय,  कृष्णा राय,  पवन साय,  भरत सिंह,  अरविन्द प्रसाद साय,  कपिल देव साय, सरगुजा आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

वैलेंटाइन डे के साथ अगले 7 दिन मौसम रहेगा साफ!

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम स्थिर बना हुआ है. वेलेंटाइन डे पर अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह मौसम राहत भरा रहने वाला है. राजधानी में दिन के वक्त हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, हालांकि सुबह धुंध भी छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले 7 दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं जताई है. पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इस दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई. अगले दो दिन मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली प्रभावी नहीं है. इसके कारण पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है. फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में शनिवार को मौसम शुष्क रहने वाला है. सुबह के वक्त धुंध छाए रहने के आसार हैं. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.