samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किया जा रहा हर गांव का विकास– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर उप मुख्यमंत्री ने बैहरसरी में 25 लाख रुपए की सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा कवर्धा क्षेत्र में गांवों को शहर से जोड़ने के लिए 12 करोड़ 63 लाख 55 हजार रुपये की लागत से कुल 13.6 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा और उन्हें शहर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज तीन सड़कों के निर्माण, मजबूती और उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किया। भूमिपूजन किए गए कार्यों में मेन रोड से बैहरसरी तक 6.05 करोड़ रुपए लागत की 8.80 किलोमीटर लंबी सड़क, मदनपुर से बटुराकछार तक 2.69 करोड़ रुपए लागत की 1.40 किलोमीटर लंबी सड़क एवं खड़ौदा से मदनपुर तक 3.87 करोड़ रुपए लागत की 3.40 किमी लंबी सड़क शामिल है। इन सड़कों के बनने से क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और लोगों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हो जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बैहरसरी में 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा भी की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर गांव का विकास किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें अच्छी सड़कों के माध्यम से शहरों से जोड़ा जा रहा है। सड़क बनने से लोगों का आना-जाना आसान होगा और किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों तथा आम लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। अच्छी सड़क होने से किसान अपनी फसल आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, खर्च कम होगा और समय की बचत होगी। साथ ही बच्चों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। इससे पूरे क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने विकसित भारत जी राम जी योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पहले के 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो संबंधित परिवार को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि गांव के विकास की प्राथमिकताएं अब ग्राम पंचायत स्वयं तय करेगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य किए जा सकेंगे। इस योजना के माध्यम से जल संरक्षण, तालाब निर्माण, नाली-सड़क जैसी मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, भूमि सुधार, पौधारोपण तथा अन्य विकास कार्य मनरेगा के तहत व्यापक रूप से कराए जा सकेंगे। इससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद गांव में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, जिससे पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवास प्लस 2024 सर्वे के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान की गई है जो वास्तव में आवास के पात्र हैं। सर्वे सूची को ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाएगा और ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद सभी पात्र हितग्राहियों को क्रमवार आवास प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे और सभी को सम्मानजनक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत  विदेशी राम धुर्वे,  विजय पटेल,  मनीराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद चिंतामणि महाराज

रायपुर पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद  चिंतामणि महाराज बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत राजपुर के सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद, सांसद सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला पशु रोगी कल्याण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम वर्चुअल रूप से जुड़े। इस दौरान सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक मती उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक मती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष मती हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी  आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर  आर.एन. पाण्डेय, जनपद एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद  चिंतामणि महाराज मंत्री  नेताम ने सांसद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कहा कि शराब पीकर और तेज गति से वाहन चलाने वालों पर सख्ती के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने हाट-बाजारों में भी प्रचार-प्रसार कर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने सुझाव दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना से बचने के लिए अनिवार्य रूप से हेलमेट एवं चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट की उपयोगिता सुनिष्चित करने को कहा। उन्होंने बैठक में पिछले वर्ष स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण हो चुके कार्यों की भी जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के महत्वपूर्ण कार्यों एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के अनुमोदन की जानकारी दी। उन्होंने डीएमएफ मद के अंतर्गत प्राप्त राशि एवं व्यय, कार्यों की प्रगति और महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।  सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा के संबंध में जनजागरूकता लाने और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने नाली निर्माण और पानी निकासी की उचित व्यवस्था के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालक आवष्यक दस्तावेजों के साथ यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाए यह सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता ना बरती जाए। पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर ने आगामी कार्ययोजना के बारे में अवगत कराते हुए जानकारी दी कि योजनाबद्ध तरीके से अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट और दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी। जिला पशु रोगी कल्याण समिति की बैठक में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने अब तक हुए कार्यों एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पंजीयन शुल्क के निर्धारण, आवश्यक संसाधनों के क्रय और विभागीय कार्यों के लिए तकनीकी मशीनों की खरीदी के संबंध में चर्चा कर इनके अनुमोदन हेतु प्रस्ताव रखे गए। 

एग्जाम से पहले छात्रों का बढ़ाया हौसला, डिप्टी सीएम विजय शर्मा का संदेश

रायपुर परीक्षाएँ केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि संयम, समर्पण और आत्मबल की कसौटी – उपमुख्यमंत्री  शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के पूर्व विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर विद्यार्थियों को दिए शुभकामना संदेश में सभी परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएँ आरंभ होने जा रही हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद। यह परीक्षाएँ केवल अंकउ प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आपके संयम, समर्पण और आत्मबल की भी कसौटी हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पूरे वर्ष आपने जो लगन और परिश्रम किया है, वह निश्चित ही आपको उत्कृष्ट सफलता दिलाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि माँ सरस्वती का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे और आप आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाएँ और उन्हें शांत एवं संतुलित वातावरण प्रदान करें।

श्रमदान से करेंगे स्वच्छता के लिए जागरूक

रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय में स्वच्छता के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का संकल्प नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का आज प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा राज्य के नवा रायपुर में बेहतरीन डिजिटल संग्रहालय बनकर तैयार हुआ है। इनका रख-रखाव तथा रंगरोदन करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने संग्रहालय को स्वच्छ और साफ-सुथरे (नीट एण्ड क्लीन) रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय का अवलोकन करने राज्य के विभिन्न जिलों, देश के अन्य राज्यों सहित विदेशों से भी पर्यटक आ रहे हैं। संग्रहालय के बनने से प्रदेश का मान सम्मान देश-दुनिया में बढ़ा है।   बोरा ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी संकल्प ले कि महीने में कम से कम एक दिन संग्रहालय में श्रम दान करेंगें और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी श्रमदान करने आएंगे। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि जनजातीय संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा।  इस दौरान आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ राज्य अंत्याव्यवसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम, सयुक्त सचिव  बी. के. राजपूत, कार्यपालन अभियंता  त्रिदिप चक्रवर्ती, रायपुर जिला के सहायक आयुक्त  शरदचन्द्र शुक्ला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स तथा आर्टिस्ट उपस्थित थे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई है। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने इस दौरान आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा भी लिया।

खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री  साय ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग में नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यबल मजबूत होगा तथा खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों को और गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करते हुए खनिज प्रशासन से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, टिन, डायमंड, गोल्ड और लिथियम सहित विभिन्न खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत भी हैं और सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने नवनियुक्त अधिकारियों को खनिज राजस्व वृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 नव चयनित खनि निरीक्षकों को आज मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग  पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म  रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

निरंतर डायलिसिस सेवाओं से किडनी मरीजों को राहत, निःशुल्क योजना बनी संबल

रायपुर. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण अंचलों में भी दिखाई देने लगे हैं। विशेष रूप से किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए संचालित निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपचार का महत्वपूर्ण आधार बनकर उभर रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध हो पा रहा है और उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में किडनी रोग लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और शासन की पहल से उपचार व्यवस्था अधिक संगठित और सुलभ हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग में डायलिसिस सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 10 दिनों में यहां कुल 95 डायलिसिस सत्र आयोजित किए गए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि औसतन प्रतिदिन लगभग 10 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निरंतर उपचार व्यवस्था से मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल रही है और उनकी स्थिति की नियमित निगरानी भी की जा रही है। किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से कराना आवश्यक होता है। इस संदर्भ में प्रदेश सरकार द्वारा अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य तंत्र की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए उपचार की राह काफी आसान हुई है। प्रदेश स्तर पर भी डायलिसिस सेवाओं के विस्तार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा चिकित्सा दल की सक्रियता के कारण उपचार व्यवस्था अधिक प्रभावी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग अब केवल उपचार तक सीमित न रहकर मरीजों की समय पर पहचान, नियमित जांच और सतत उपचार व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। देवभोग में 10 दिनों के भीतर किए गए 95 डायलिसिस सत्र इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। निःशुल्क डायलिसिस योजना न केवल मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। डायलिसिस सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, उपकरणों के नियमित रखरखाव और मरीजों की सतत निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और किडनी रोग के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि गंभीर स्थितियों से समय रहते बचाव किया जा सके।

चिरायु योजना से बदली जिंदगी, एम्स रायपुर में तीन बच्चों का सफल कॉक्लियर इंप्लांट

रायपुर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) का असर: जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन बच्चों का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इंप्लांट राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) का असर: जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन बच्चों का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इंप्लांट सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और बाल स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल ने एक बार फिर ठोस परिणाम दिए हैं। जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन मासूम बच्चों का सफल कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में संपन्न हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम द्वारा समय पर पहचान और समन्वित प्रयासों के कारण इन बच्चों को निःशुल्क उन्नत उपचार उपलब्ध हो सका। वर्तमान में तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय देखरेख में हैं। आंगनबाड़ी से सुपर स्पेशियलिटी तक सुदृढ़ स्वास्थ्य श्रृंखला कबीरधाम जिले के स/लोहारा विकासखंड स्थित ग्राम चिलमखोदरा निवासी धैर्य मरकाम (पिता– श्यामू मरकाम) जन्म से श्रवण बाधा से पीड़ित थे। चिरायु टीम ‘ए’ स/लोहारा द्वारा नियमित स्क्रीनिंग के दौरान समस्या की समय रहते पहचान की गई। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं रेफरल प्रक्रिया के बाद 16 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में उनका कॉक्लियर इंप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वर्तमान में बालक चिकित्सकीय निगरानी में है। इसी क्रम में कोरबा जिले के बालको क्षेत्र निवासी ढाई वर्षीय नक्ष कोशले  की श्रवण समस्या का पता भी प्रारंभिक जांच के दौरान चला। विशेषज्ञ परामर्श के पश्चात 14 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में सर्जरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक स्वस्थ है तथा नियमित फॉलो-अप जारी है। सक्ति जिले के जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम हसौद की तीक्षिका साहू में भी जन्मजात बधिरता की पुष्टि आंगनबाड़ी स्तर पर स्क्रीनिंग के दौरान हुई। चिरायु टीम जैजैपुर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण को उच्च संस्थान में रेफर किया गया। 17 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में सफल कॉक्लियर इंप्लांट के उपरांत अब तीक्षिका स्वस्थ हैं और स्पीच थेरेपी के माध्यम से श्रवण एवं भाषाई विकास की दिशा में निरंतर प्रगति कर रही हैं। शासन की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता इन तीनों मामलों में यह स्पष्ट हुआ है कि यदि समय रहते जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध हो तो जन्मजात श्रवण बाधा जैसी गंभीर समस्या का भी प्रभावी समाधान संभव है। चिरायु टीम की सतत स्क्रीनिंग, आंगनबाड़ी स्तर पर पहचान और उच्च संस्थान में निःशुल्क उपचार की व्यवस्था ने इन परिवारों को नई उम्मीद दी है। परिजनों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग ने उनके बच्चों का भविष्य बदल दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉक्लियर इंप्लांट जैसी जटिल और महंगी सर्जरी सामान्य परिवारों के लिए अत्यंत कठिन होती है। किंतु शासन की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत यह उपचार निःशुल्क संभव हुआ। आंगनबाड़ी स्तर पर स्क्रीनिंग, जिला स्तरीय चिकित्सा परीक्षण और सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में समयबद्ध सर्जरी यह संपूर्ण तंत्र राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

धान उठाव की रफ्तार धीमी पड़ी भारी, शासन ने मार्कफेड DMO किशोर चंद्रा को हटाया

गरियाबंद जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान का उठाव बेहद धीमी गति से होने पर शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कुल 50.66 लाख क्विंटल धान में से अब तक केवल 29 लाख क्विंटल का ही उठाव हो सका है। खरीदी केंद्रों में तय बफर लिमिट से छह गुना ज्यादा धान जमा होने के कारण केंद्रों में जाम की स्थिति बनी हुई थी। धान उठाव में देरी और केंद्रों में जमा अधिक मात्रा को लेकर समिति ने बार-बार पत्राचार कर अधिकारियों को चेताया। इस कार्रवाई के बाद कलेक्टर की नाराजगी भरे पत्र के बाद 18 फरवरी की देर रात आदेश जारी कर मार्कफेड DMO किशोर चंद्रा को पद से हटाकर कबीरधाम भेज दिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार: मेडिकल कॉलेज में घुटना-कूल्हा प्रत्यारोपण की अत्याधुनिक सुविधा

रायपुर मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की सुविधा उपलब्ध रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग में अब घुटना प्रत्यारोपण एवं कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है। अब तक जिन मरीजों को ऐसे ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे, उन्हें अपने ही जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित उपचार मिल रहा है। इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय  के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिंज के नेतृत्व में यह नई सुविधा प्रारंभ की गई है, जिससे जिलेवासियों को उच्चस्तरीय उपचार अपने ही शहर में उपलब्ध हो रहा है। अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में प्रति जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क एवं उच्चस्तरीय उपचार मिल रहा है। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम हो रहा है, बल्कि जिले के लोगों को अपने ही शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ भी मिल रहा है। 28 वर्षीय मरीज छविराज कुमार ने बताया कि उन्हें लंबे समय से पैर में गंभीर दिक्कत थी, जिसके कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने पहले निजी अस्पताल में परामर्श लिया था, जहां सर्जरी के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्च बताया गया। आर्थिक रूप से यह उनके लिए काफी कठिन था। उन्होंने कहा कि रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी की सुविधा शुरू होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने यहां उपचार कराया। सफल ऑपरेशन के बाद अब उनके पैर में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही वे चलने लगे थे और अब वे पूरी तरह सहज और आत्मविश्वास के साथ चल-फिर पा रहे हैं। छविराज ने चिकित्सकों की टीम और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें निःशुल्क और उच्चस्तरीय उपचार मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने बताया कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना के बाद जोड़ों की क्षति अथवा लंबे समय से घुटने और कूल्हे के असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत प्रभावी उपचार है। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों के दर्द में उल्लेखनीय कमी आती है और वे तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं। चलने-फिरने की क्षमता में सुधार होने से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। डॉ. जांगड़े ने आमजन से अपील की है कि घुटने या कूल्हे की पुरानी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि अस्पताल में घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा अत्याधुनिक तकनीक और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत उपलब्ध है। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. ए.एम. लकड़ा की विशेषज्ञ टीम द्वारा इन सर्जरी को पूर्ण सुरक्षा और दक्षता के साथ किया जा रहा है। विगत कुछ दिनों में लगभग 10 मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई है, जिसमें 5 कूल्हा और 5 घुटना प्रत्यारोपण शामिल हैं।

21 से उपभोक्ता संरक्षण सम्मेलन: ई-कॉमर्स से जुड़ी समस्याओं और एआई उपयोग पर केंद्रित होगी चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सहयोग से दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन 21 व 22 फरवरी को रायपुर में किया जा रहा है. दो दिनों तक आयोजित छह तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा. पहले दिन ई-जागृति, ई-फाइलिंग, ई – हियरिंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, शिकायतों की स्वीकृति, क्षेत्राधिकार एवं प्रक्रिया संबंधी प्रावधान, डिजिटल एवं ई-कॉमर्स चुनौतियाँ, डार्क पैटर्न्स एवं भ्रामक विज्ञापन के साथ उपभोक्ता आयोग के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सुधार पर चर्चा होगी. अगले दिन 22 फरवरी को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में आवश्यक संशोधन के साथ उपभोक्ता आयोगों में प्रक्रियात्मक एकरूपता की आवश्यकता पर चर्चा होगी. समापन सत्र में खुला संवाद होगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में वैलेडिक्टरी (विदाई) सत्र आयोजित होगा. दो दिवसीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, झारखण्ड, गोवा, बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा एवं उनके जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यगण, 8 राज्यों के सचिवगण तथा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि इस कार्यशाला में भाग लेंगे. छत्तीसगढ़ में निराकरण का प्रतिशत सौ से ज्यादा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने यह बताया कि आगामी सप्ताह में रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग में एक अतिरिक्त पीठ एवं बेमेतरा जिले में जिला उपभोक्ता आयोग का शुभारंभ होने जा रहा है. छत्तीसगढ़ राज्य के जिला उपभोक्ता आयोगों ने 2025 में 160 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण किया है, एवं राज्य उपभोक्ता आयोग के निराकरण का प्रतिशत 101.57 प्रतिशत रहा. प्रदेश के 16 जिला उपभोक्ता आयोगों में ई – हियरिंग की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है.