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पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का हुआ लोकार्पण

श्रीमंत शंकर देव के विचार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की नींव : डेका श्रीमंत शंकर देव के लेखनी से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है : साय रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित महान संत, समाज सुधारक और सांस्कृतिक चेतना के प्रणेता श्रीमंत शंकरदेव के विचारों, दर्शन और साहित्य को समर्पित शोध संस्थान का भव्य लोकार्पण आज गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, डॉ. कृष्ण गोपाल जी सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित शिक्षा जगत के विद्वान, शोधार्थी, युवा वर्ग तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मध्य एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर किया गया। एम.ओ.यू. के पश्चात दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी एक-दूसरे विश्वविद्यालय में अंतरविषयक अनुसंधान कर सकेंगे। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव के विचार आज भी समाज को जोड़ने, सामानता स्थापित करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। डेका ने कहा कि इस शोध पीठ की स्थापना उत्तर पूर्वी भारत और मध्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को अकादमी एवं शोध के स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह शोध पीठ भारत की महान संत परंपरा, भक्ति आंदोलन और सामाजिक सुधारों पर केंद्रित अध्ययन का सशक्त केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक प्रयास देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस शोध पीठ के संचालन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ रूपये दिए गए हैं जिसके लिए उन्हांेने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव ने समाज सुधारक, शिक्षाविद, कलाकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, चित्रकार, साहित्यकार, गीतकार, संगीत और वैष्णव धर्म के प्रवर्तक व प्रचारक के रूप में ख्याति अर्जित की है। श्रीमंत शंकर देव को उत्तर पूर्व भारत के महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठ कर समरस समाज की कल्पना की। नामघर और सत्र परंपरा के माध्यम से उन्होंने समानता, करूणा और उदारता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया। श्रीमंत शंकर देव द्वारा रचित साहित्य अंकिया नाट और बोरगीत आज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके विचारों ने असमिया समाज को एक सूत्र में पिरोया और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूज्य शंकरदेव जी का कार्यक्षेत्र भले ही असम था, लेकिन उनके द्वारा सामाजिक जागरण का जो कार्य किया गया, उसका प्रभाव संपूर्ण देश पर पड़ा। श्रीमंत शंकर देव जी द्वारा रचित साहित्य, नाटक, भजन में भारतीय संस्कृति का उद्घोष है।. हमारा देश अपनी एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे शंकरदेव जी जैसे भारत माता के सपूत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की संस्कृति को समर्पित किया। वर्तमान और नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के योगदान को बताकर हम एक सक्षम और समृद्ध भारत बना सकते हैं। इससे लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है। शंकर देव जी ने अपनी एक रचना में कहा कि भारत भूमि में जन्म लेना सबसे सौभाग्य की बात है। उन्होंने 500 वर्ष पहले एक भारत का जो संदेश दिया, उसे आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का नारा देकर साकार कर रहे हैं। मुख्य वक्ता डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा असम राज्य विविधताओं से भरा हुआ है। यहां विविध प्रकार की जनजाति भौगालिक, नदी, पहाड़, जंगल, घने वन उपस्थित है। जिस कारण यहां हजारों वर्षों से दूर दूर विविध जनजाति निवास करते है। इन जनजातियों को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्व कार्य श्रीमंत शंकर देव ने किया। उन्होंने कृष्ण भक्ति के माध्यम से किया लोगो को जोड़ा। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख व्यक्तिव है उन्होंने भक्ति के साहित्य का लेखन किया, नाट्य, गायन खड़े प्रशिक्षण दिया। गांव गांव में नाम घर की स्थापना किए। आज असम के हर गांव है जिसे नाम स्थापित है। भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक सद्भाव का घर कहलाता है। उन्होंने श्रीमंत शंकर देव के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित न रखकर उसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ा। यह शोध संस्थान केवल भवन नहीं, बल्कि विचारों की कार्यशाला बनकर उभरेगा। यहाँ से निकलने वाले शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पहचान दिलाएंगे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी सहयोगियों और प्रबंधन समिति को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की गई कि यह केंद्र भविष्य में ज्ञान, नवाचार और सत्य की खोज का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करेगा। गौरतलब है श्रीमंत शंकरदेव शोध पीठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उत्तरपूर्वी भारत तथा मध्य भारत के भक्ति आन्दोलन से जुड़े महान संतों के योगदान एवं व्यापक प्रभाव को भारतीय जनमानस के समक्ष लेकर आना साथ ही दोनों ही क्षेत्रों के जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मौखिक परंपरा को लेखबद्ध करना है। शोधपीठ के द्वारा शोधवृत्ति भी शोधार्थियों को प्रदान किया जाएगा। शोधपीठ में भाषा, साहित्य, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य के विषय के शोधार्थी शोधकार्य कर सकते हैं।  

मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को 1 करोड़ का हर्जाना देने का आदेश: उपभोक्ता आयोग

बिलासपुर. बिलासपुर के उपभोक्ता आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को एक करोड़ से अधिक का हर्जाना देने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. कोविड से हुई मौत के मामले में बिलासपुर के उपभोक्ता आयोग ने फैसला जारी किया है. फोरम ने 1 करोड़ रुपए की बीमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने के निर्देश दिया है. फोरम ने मानसिक पीड़ा और केस के खर्च के तौर पर 2 लाख रुपए अलग से देने का भी आदेश जारी किया है. मामले पर आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह और आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ में हुई सुनवाई में यह निर्णय लिया गया. बता दें, कि बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक ने पत्नी शैल कौशिक के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से प्लैटिनम वेल्थ प्लान लिया था. बीमा करने से पहले कंपनी ने सभी जरूरी मेडिकल जांच करवाई थी. सितंबर 2020 में शैल कौशिक कोविड-19 से ग्रसित पाई गईं और इलाज के दौरान 11 अक्टूबर 2020 को उनकी मृत्यु हो गई. जिसपर पति ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया, बीमा कंपनी ने दावा खारिज कर दिया, कहा कि उनकी पत्नी को पहले से ही गंभीर बीमारी थी. आयोग ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि बीमा से पहले मेडिकल जांच में महिला स्वस्थ थी, लिहाजा मुआवजे की मांग उचित है.

छत्तीसगढ़ आबकारी नीति व प्रबंधन संस्थान को लीज पर जमीन को मिली मंजूरी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई. नए साल में हुई पहली साय कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई. इसके बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है. 1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया. 2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है. एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है. वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है. नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी. 3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है. इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे. राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा. 4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं.

बच्ची से रेप के आरोपी का घर बुलडोजर से किया जमींदोज

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह नाबालिग से रेप के आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी के घर पर नगर निगम का बुलडोजर चला है. नगर निगम ने आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा करते हुए सात दिनों के भीतर मकान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद आज सुबह राजा तालाब के झंडा चौक स्थित घर पर बुलडोजर से आरोपी के घर को जमींदोज कर दिया गया है. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल, प्रशासन की टीम और पार्षद मौजूद रहे. पार्षद कैलाश बेहरा ने कहा कि इन लोगों पर ऐसे ही कार्रवाई की जानी चाहिए. लोगों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि अगर उनके वार्ड में कोई भी ऐसा कृत्य होता है तो उस पर ऐसे ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. रायपुर की महापौर मीनल चौबे कुछ दिन पहले आई थी. उन्होंने आरोपी की दुकान और घर को तोड़ने के साफ निर्देश दिए थे. बता दें कि जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ले में आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी की दुकान है, जहां वह चूड़ियां बेचता है. साथ ही वह चॉकलेट, नड्डा और मुर्रा भी बेचता था. आरोपी इन्हीं चीजों का लालच देकर 9 साल की बच्ची को अपने साथ रोज घर ले जाता था और पूरे कपड़े उतारकर गंदा काम करता था. आरोपी ने 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच मासूम के साथ कई बार दरिंदगी की.

गणतंत्र दिवस पर सीएम साय जिले में करेंगे ध्वजारोहण

बिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासन की फ्लैगशीप योजनाओं, आगामी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों एवं जनदर्शन के लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में पहली बार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा ध्वजारोहण किया जाना संभावित है। कलेक्टर ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। बैठक में एसएसपी  रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल, वनमण्डलाधिकारी श्री नीरज सिंह, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम कलेक्टर  शिवकुमार बनर्जी, मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस पर जिले के विकास कार्यों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे आम नागरिकों को जिले की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। कलेक्टर ने बताया कि वंदे मातरम अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ है, जिसके अंतर्गत जिले में विभिन्न राष्ट्रभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में सामूहिक वंदे मातरम गायन किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने चावल उत्सव का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने जनदर्शन एवं समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों का जल्द निराकरण करें।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने दी नई आबकारी नीति को हरी झंडी, नवा रायपुर में NMIMS और स्टार्ट-अप हब की शुरुआत

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य की आबकारी नीति, शिक्षा, आईटी स्टार्ट-अप, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में स्थित लगभग 40 एकड़ भूमि को श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को 90 वर्षों की लीज पर आवंटित करने की स्वीकृति दी। यहां नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह संस्था वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है और देशभर में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित कर रही है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी। आईटी और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया। इसके तहत एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे डोमेन में अगले तीन से पांच वर्षों में 133 स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की लैब व्यवस्था को मजबूत करने संबंधी आवश्यक निर्णय भी लिए। 

छत्तीसगढ़ की ‘नक्सलफ्रेंड’ ASP को सस्पेंड करने के गृहमंत्री ने दिए निर्देश

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के निवर्तमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेंद्र जायसवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों बिलासपुर के पूर्व तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के वर्तमान एएसपी राजेंद्र जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो एक स्पा संचालक द्वारा अपने ही डिवाइस से गोपनीय तरीके से रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। स्पा संचालक का दावा है कि एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल उनसे स्पा संचालन के एवज में पैसों की वसूली करते थे। संचालक ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर एएसपी ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया, जहां इस दौरान वीडियो रिकॉर्ड किया गया। स्पा संचालक ने स्पष्ट किया है कि उनके स्पा में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि न तो की जाती है और न ही इसकी अनुमति दी जाती है, ऐसे में पैसे देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस महानिरीक्षक (IG) से की है और ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। इस पूरे विवाद पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएसपी कल्पना ने लीक की नक्सलियों की सूचना

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच जारी विवाद की जांच पूरी हो गई है। तबादले के बाद रायपुर से राजनांदगांव जाने से पहले एएसपी कीर्तन राठौर ने इस मामले की जांच पूरी कर 1480 पन्नों की रिपोर्ट एसएसपी डॉ. लाल उमेदसिंह ने सौंपी है. जांच में खुलासा हुआ है कि डीएसपी वर्मा और कारोबारी टंडन के बीच घनिष्ठ संबंध थे। दोनों अक्सर साथ समय बिताते थे। कारोबारी ने डीएसपी को महंगे उपहार और नकद में बड़ी रकम दी है। दोनों के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ है। डीएसपी ने इन उपहारों को स्वीकार भी किया है, लेकिन इनकी जानकारी न तो विभाग को दी और न ही आयकर विभाग को, जबकि नियमानुसार उन्हें विभाग से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य था। जांच में यह भी सामने आया है कि डीएसपी ने दंतेवाड़ा नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां भी लीक की है। उन्होंने कारोबारी को संबंधित रिपोर्ट वाट्सएप की है। कई वरिष्ठ अधिकारियों के चैट भी वह टंडन को दिखाती थीं। डीएसपी के भाई और पिता से भी कारोबारी का लेन-देन रहा है। डीएसपी वर्मा अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई हैं। ज्ञात हो कि एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ी शिकायत पर एएसपी कीर्तन राठौर को जांच का निर्देश दिया था। एएसपी कीर्तन ने दोनों पक्षों के बयान लिए और आरोपों की जांच की। जांच रिपोर्ट तैयार कर उन्होंने एसएसपी को सौंप दी। वहीं एसएसपी ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई होनी है। डीएसपी ने वीआईपी ड्यूटी से लेकर फोर्स की जानकारी टंडन को दी। डीएसपी वर्मा ने वीआईपी मूवमेंट से लेकर ड्यूटी की जानकारी तक टंडन के साथ साझा की है। किसकी कहां ड्यूटी लगी है और किसकी कहां पोस्टिंग हुई है, इस तरह की जानकारियां उन्होंने दीपक टंडन को वाट्सएप के जरिए दी है। टंडन ने इन चैट्स को जांच अधिकारी को सौंपा है। डीएसपी ने अपनी निजी जानकारी और पारिवारिक बातें भी टंडन को बताई है। डीएसपी ने गिफ्ट में ली 12 लाख की डायमंड रिंग पुलिस जांच में यह साबित हुआ है कि कारोबारी टंडन ने डीएसपी वर्मा को 12 लाख रुपए की डायमंड रिंग उपहार में दी थी। इसके बाद 5 लाख रुपए के सोने के जेवर भी दिए गए। लग्जरी कार और मोबाइल फोन भी उपहार में दिए गए थे। टंडन ने करीब 2 करोड़ रुपए खर्च करने का दावा किया है। जांच में इसके सबूत भी मिले हैं। डीएसपी के घर में जो कार है, वह टंडन के नाम पर है, जिसे उपहार के रूप में दिया गया था। मारपीट की रिपोर्ट नहीं लिखी टीआई ने लिए 10 लाख रुपए कारोबारी टंडन की होटल के भीतर पिटाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में टंडन ने जांच अधिकारी को सबूत दिए हैं कि वे रिपोर्ट लिखाने तेलीबांधा थाने गए थे, लेकिन तत्कालीन टीआई ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बजाय मामले में समझौता करा दिया गया। आरोप है कि इसके बदले आरोपियों से 15 लाख रुपए लिए गए, जिसमें से 10 लाख टीआई ने अपने पास रखे और 5 लाख टंडन को दिए गए। इस मामले में डीएसपी वर्मा ने टंडन के पक्ष में फोन भी किया था।

मनेंद्रगढ़ जिले में ही दिव्यांगजनों को मिलेगा मेडिकल बोर्ड का लाभ

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर. जिले के नागरिकों—खासतौर पर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों—के लिए एक बेहद राहत भरी और उपयोगी पहल सामने आई है। शासन के निर्देशानुसार अब मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में जिला मेडिकल बोर्ड का नियमित संचालन शुरू होने जा रहा है। इससे लोगों को मेडिकल प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता आकलन और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए अब दूर-दराज के जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।मेडिकल बोर्ड का संचालन तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। यह बोर्ड हर माह चार दिन कार्य करेगा। प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को जिला चिकित्सालय, चिरमिरी में द्वितीय एवं चतुर्थ गुरुवार को 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल बोर्ड का समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। यदि किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर शासकीय अवकाश रहता है, तो बोर्ड की बैठक अगले कार्य दिवस में आयोजित की जाएगी।स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह निर्णय समय, धन और परेशानियों की बचत करने वाला है। पहले जहां मेडिकल बोर्ड के लिए दूसरे जिलों की यात्रा करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में कार्य संपादित होगा। इससे खासकर दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और ग्रामीण अंचल के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आदेश के अनुसार मेडिकल बोर्ड में पदेन अध्यक्ष, चिकित्सा विशेषज्ञ सदस्य एवं सहकर्मी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे, जिससे कार्य पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जिला मेडिकल बोर्ड का यह संचालन जिले की स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन को सीधा और स्थायी लाभ मिलेगा।

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनी चौपाटी का भव्य शुभारंभ

रायपुर : बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का शुभारंभ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण रायपुर बलौदाबाजार नगर को एक नई शहरी पहचान देते हुए राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित बलौदाबाजार चौपाटी का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। चौपाटी का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया गया। लोकार्पण के साथ ही चौपाटी आम नागरिकों के लिए खोल दी गई। स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे विकसित हुआ आकर्षक चौपाटी परिसर नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार द्वारा शहर के हृदय स्थल स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे सुंदर एवं आकर्षक चौपाटी का विकास किया गया है। इसके साथ ही सरोवर का सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्य भी पूर्ण किए गए हैं। चौपाटी शहर के लिए उपलब्धि – राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ विकसित यह चौपाटी बलौदाबाजार शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यहां शहरवासी मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने चौपाटी की सुंदरता बनाए रखने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और शासन विकास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में सबकी सहभागिता जरूरी – तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि रायपुर की तर्ज पर एक ही स्थान पर मनोरंजन एवं विविध व्यंजनों की सुविधा उपलब्ध कराने वाली यह चौपाटी नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। चौपाटी में आधुनिक सुविधाओं का समावेश चौपाटी में एक आधुनिक फूड जोन विकसित किया गया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक फूड स्टॉल एवं रेस्टोरेंट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया, झूले एवं अन्य मनोरंजन साधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा एवं सुव्यवस्था के लिए पार्किंग व्यवस्था, फ्लोटिंग फाउंटेन, सेल्फी प्वाइंट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांक्रीट सड़क एवं लॉन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। नगरवासियों को मिला नया मनोरंजन केंद्र चौपाटी के शुभारंभ से शहरवासियों को मनोरंजन का एक नया केंद्र प्राप्त हुआ है। जहां युवा और बच्चे मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे, वहीं बुजुर्ग नागरिक सरोवर के चारों ओर बने पाथ-वे पर वॉकिंग कर सकेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी बघेल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष जितेंद्र महाले, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।