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रिश्वतखोरी का भंडाफोड़: ACB ने इंजीनियर को 30 हजार लेते पकड़ा

गरियाबंद नगर पालिका गरियाबंद में पदस्थ इंजीनियर संजय मोटवानी को एसीबी की टीम ने 30 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ठेकेदार अजय गायकवाड़ ने रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी से की थी, जिस पर एसबी की टीम ने ट्रैप प्लान किया और रिश्वत लेते इंजीनियर को रंगे हाथों धर दबोचा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ठेकदार ने शिकायत में बताया था कि उसके निर्माण कार्य के बिल पास करने के एवज में इंजीनियर संजय मोटवानी ने एक लाख रुपए की मांग की थी। तय समय में इंजीनियर ने आज ठेकेदार को रकम लेने साईं गार्डन के पास बुलाया था। अपने कार के डेस्क बोर्ड में आरोपी इंजीनियर ने जैसे ही रकम रखवाया। पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। फिलहाल टीम उसे पालिका लेकर गई है। एसबी की टीम पड़ताल कर रही है कि आखिर किन-किन काम के एवज में रिश्वत ली गई थी।

हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात: कई गांवों की फसलें चौपट, प्रशासन अलर्ट

कोरबा वनमंडल कोरबा के करतला और बालकोनगर रेंज में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। बालको रेंज में सक्रिय 12 हाथियों का दल ग्राम सरईपाली में 10 ग्रामीणों के खेतों को तहस नहस करने के बाद ग्राम सोनगुड़ा पहुंच गया है। वहीं, करतला रेंज के ग्राम बोड़ाझाप में मौजूद हाथी आगे बढकर ग्राम सेंद्रीपाली के जंगल में डेरा डाल दिया है। हाथियों के दल ने यहां पहुंचने से पहले रास्ते में अनेक किसानों की धान फसल को बर्बाद कर दिया है। जिसका आंकलन वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। बालको रेंजर जयंत सरकार ने बताया कि उनके रेंज में मौजूद हाथियों के अजगरबहार क्षेत्र की ओर बढने की संभावना है। वहां के स्टाफ को सतर्क कर दिया गया है और उनसे हाथियों की निगरानी के साथ क्षेत्र में मुनादी कराने की तैयारी रखने को कहा गया है। इस बीच कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में 53 हाथी अभी भी पचरा जंगल में डेरा डाले हुए हैं। हाथियों का यह दल रात में जंगल से निकलकर गांव के निकट पहुंचता है तथा वहां खेतों में उत्पात मचाने तथा फसल को तहस-नहस करने के बाद वापस जंगल लौट जाता है। हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के ग्रामीण हलाकान हैं। वहीं, हाथियों के डेरा डालने से उनमें दहशत भी व्याप्त है। वहीं, कटघोरा वन मंडल के ऐतमा परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पचरा में 53 हाथियों का विशाल झुंड पहुंच गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पूरे ग्राम में भय का माहौल बन गया। हाथियों की आवाज और गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीण रातभर जागकर अपनी सुरक्षा में लगे रहे। कई स्थानों पर लोगों ने आग जलाकर हाथियों की निगरानी की और उन्हें आबादी से दूर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने काफी खेतों में खड़ी फसलें रौंद दीं। जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। धान की फसल बर्बाद होने से कृषक परिवार चिंतित हैं। कुछ स्थानों पर हाथी गांव की सीमा तक आ पहुंचे, जिससे घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बड़ा झुंड ग्राम के पास घूम रहा है, लेकिन वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा। अपनी सुरक्षा हमें स्वयं करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वे लगातार हाथियों की दिशा पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई अनहोनी न हो। हाथियों के कारण उत्पन्न स्थिति से ग्राम में दहशत बनी हुई है।

भरतपुर में नई ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत, कई गांवों को मिलेगी नई सुविधा

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहर रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना      उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है। विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा       नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।         इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।  ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल     यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।      इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा: कोपरा जलाशय को रामसर मान्यता मिलने की तैयारी

 राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्ताव रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान      वन मंत्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है। जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ की       इसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है। दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल         राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है। स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा       इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा। ग्रामीण आजीविका के विकास  को मजबूत करने की तैयारी     सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

रायपुर: 73,868 निर्माण श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की राशि वितरित

रायपुर : 73,868 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की राशि डी.बी.टी. से की गई वितरण श्रम मंत्री  देवांगन ने श्रमिको के खाते में डीबीटी के जरिये राशि अंतरित की रायपुर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के संचालक मण्डल की बैठक में आज श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने 16 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 73 हजार 868  निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 65 लाख 90 हजार 402 रूपये की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित किया गया। इस मौके पर सचिव सह श्रमायुक्त, श्रम विभाग,  हिम शिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के सचिव  गिरिश रामटेके उपस्थित थे।  इस पारदर्शी प्रक्रिया से न केवल श्रमिकों को त्वरित लाभ मिल रहा है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित हुई है।  विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इनमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 23 लाभार्थियों को कुल 23 लाख रुपए की सहायता दी गई, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना में 7 बच्चों को 3 लाख 5 हजार रुपए प्रदान किए गए। निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 31754 बच्चों को 4 करोड़ 18 लाख 62 हजार रुपए वितरित किए गए। मिनीमाता महतारी जतन योजना में 2436 हितग्राहियों को 4 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपए की सहायता दी गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण मज़दूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में 1080 श्रमिकों को 16 लाख 20 हजार रुपए शामिल है। इसी तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 47 लाभार्थियों को 47 लाख रुपए स्वीकृत किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना में 2 लाभार्थियों को 40 हजार रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 220 श्रमिकों को कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपए की सहायता मिली। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 655 विद्यार्थियों को 55 लाख 1 हजार 176 रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से 2461 हितग्राहियों को 4 करोड़ 92 लाख 20 हजार रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 32248 बच्चों को 6 करोड़ 47 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना में 1961 श्रमिकों को 67 लाख 82 हजार 238 रुपए का लाभ मिला। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना में 326 श्रमिकों को कुल 65 लाख 20 हजार रुपए दिए गए। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 585 लाभार्थियों को 21 लाख 66 हजार 588 रुपए की सहायता दी गई। वहीं मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना में 1 लाभार्थी को 7 हजार 900 रुपए मिले। अंत में, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 56 श्रमिकों को 84 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।      श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं अध्यक्ष बी.ओ.सी.डब्लू. डॉ. रामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। श्रम विभाग द्वारा यह पहल रजत जयंती वर्ष में श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक है।

रायपुर: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसकला ब्रांड और डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया शुभारंभ

रायपुर : केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन रायपुर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में  दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया। केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’       राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा। 48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन          कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री  चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया,  जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है।  3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप  बैंकिंग सेवाएँ दे रही        वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं। हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण      इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा         धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।

देवांगन का बयान: नई औद्योगिक नीति से राज्य में विकास को मिलेगा नया आयाम

रायपुर : नई औद्यागिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण –  देवांगन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  देवांगन ने किया सीआईआई के कॉनक्लेव का शुभारंभ किया रायपुर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने आज राजधानी रायपुर में कॉन्फेडरेसन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ एमएसएमई कॉनक्लेव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हो रहा है। जब नई औद्योगिक नीति तैयार हो रही थी उस समय देश के अन्य राज्यों की नीति का भी अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अब 7 लाख 75 हजार करोड़ रूपए की निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। निश्चित तौर पर आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ नया अध्याय लिखने जा रहा है, प्रदेश में नये उद्योग धंधें स्थापित होंगे तो यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में अनेक रियायतें दी गई है। उद्यमियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू की गई है। ताकि किसी भी उद्योगपतियों को उद्योग लगानें में कठिनाई न हो।  देवांगन ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली की संचालक सु अंकिता पांडे छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के निवासी है। जो इस कार्यक्रम में शामिल हो रही है। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल ने कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव का लाभ उद्यमियों को मिलेगा। इस कॉनक्लेव में उद्यमियांे द्वारा विभिन्न सुझाव दिए गये इससे प्रदेश में औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा। प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमियांे को आकर्षित करने के लिए देश के महानगरों में इनवेस्टर कनेक्ट का आयोजन किया गया। हाल ही में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों को आमंत्रित किया।  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली की संचालक सु अंकिता पांडे ने कहा कि हमारा मंत्रालय देश के विभिन्न राज्यों में लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। आज की इस कॉनक्लेव से उद्यमियों को लाभ मिलेगा।  इस अवसर पर सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  संजय जैन उपाध्यक्ष बजरंग गोयल सहित सीआईआई के प्रतिनिधि उपस्थित थें।

रायपुर: श्रम मंत्री देवांगन बोले—शासन की योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक समय पर पहुँचे

रायपुर : शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले: श्रम मंत्री देवांगन शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले श्रमिकों के कल्याण हेतु नवा रायपुर में कार्यशाला को आयोजन रायपुर, प्रदेश के श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन नवा रायपुर में श्रम विभाग द्वारा आयोजित लैब-राइट कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाए चलाई जा रही है। इन योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले इस उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से आए श्रम विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। श्रम मंत्री  देवांगन ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जागड़े, मती सविता मिश्रा, उपायुक्त श्रम सूर्यभान पैकरा,  डीपी तिवारी सहित जिलों से आए श्रम अधिकारी उपस्थित थे। श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाए संचालित की जा रही है। इन योजनाओं  के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर डीबीटी के जरिए आर्थिक मदद दी जा रही है।  देवांगन ने कहा कि श्रमिकों के साथ-साथ उनके बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए भी सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है।  श्रम मंत्री  देवांगन ने जिलों से आए श्रम अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई श्रमिक पंजीयन कराने आता है तो दस्तावेज की कमी के कारण उनका आवेदन निरस्त न करें, जो भी कमी है उसे पूरा कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि श्रम कार्ड से श्रमिकों को अनेक लाभ है। जो पंजीकृत श्रमिक है उनका समय पर पंजीयन हो जिससे शासन की योजनाओं को लाभ मिलता रहें।  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाना है। यह तभी संभव है जब हर विभाग अपना बेहतर प्रदर्शन करें। लोगों की समस्याओं का समय पर निदान हो। उद्योग एवं श्रम विभाग आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें।  श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता ने कहा कि लैब-राइट कार्यशाला के जरिए श्रमिकों के बेहतरी के लिए और बेहतर कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश में धान कटाई के बाद श्रमिक काम की तलाश में अन्य राज्यों का रूख करते है। इस पर हमें अंकुश लगाने की जरूरत है। श्रम सचिव  गुप्ता ने श्रम विभाग के मैदानी अधिकारियों को विभाग की योजनाओं को अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों दिलाने के निर्देश दिए।  

श्रमिक सुविधाओं को बढ़ावा: रायपुर में मॉडल व डिजिटल लेबर चौक बनाने का निर्णय

रायपुर : मॉडल लेबर चौक एवं डिजिटल लेबर चौक का निर्माण कराने का निर्णय 73,868 निर्माण श्रमिकों के खाते में 25.66 करोड़ रूपए की राशि अंतरित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक आयोजित रायपुर श्रम मंत्री  लखनलाल की अध्यक्षता में  नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल कार्यालय में संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान 73 हजार 868 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 66 लाख रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव  गिरीश रामटेके सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।  सचिव  रामटेके द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पूर्व बैठक में निर्माण श्रमिकों के हित में लिए गये निर्णय के पालन प्रतिवेदन के सभी बिन्दुओ पर कार्यवाही पूर्ण होने के संबंध में अवगत कराते हुये नवीन एजेंडा बिन्दु प्रस्तावित किया गया। संचालक मंडल द्वारा प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु विभिन्न बिन्दुओं पर निर्णय लेते हुये प्रदेश में मॉडल लेबर चौक एवं डिजिटल लेबर चौक का निर्माण कराने के साथ-साथ मुख्यमंत्री द्वारा 17 सितंबर 2025 को मंडल में संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत प्रदाय की जाने वाली राशि रूपये 1 लाख से 1लाख 50 हजार दिये जाने की घोषणा की गई थी जिसे संचालक मंडल द्वारा सर्वसम्मिति से पारित किया गया।  बैठक में उपस्थित श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुये निर्माण श्रमिकों को बधाई देने के साथ-साथ यह भी कहा गया कि अब प्रदेश के निर्माण श्रमिक उक्त योजनांर्तगत अधिक सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे एवं उनकी आय में भी वृद्धि हो सकेगी। साथ ही श्रममंत्री महोदय द्वारा मंडल में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की गई। इस अवसर सचिव श्रम, वित्त विभाग के उप सचिव, कल्याण आयुक्त भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अन्य शासकीय विभाग के पदेन सदस्य तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

ऐतिहासिक पल: राष्ट्रपति मुर्मु को मिली धरती आबा बिरसा मुंडा की बस्तर कला प्रतिमा, रायपुर में हुआ भव्य समारोह

रायपुर : जनजातीय गौरव दिवस समारोह का ऐतिहासिक क्षण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमा रायपुर जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।