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टाइम पर नहीं ट्रैक पर: गेवरारोड के यात्रियों की परेशानी बनी मेमू ट्रेन

कोरबा रायपुर-गेवरारोड मेमू लोकल शुरू हुए लगभग १० दिन बीत चुके हैं. लेकिन इस अवधि के भीतर एक दिन भी मेमू लोकल गेवरारोड रेलवे स्टेशन तक नहीं पहुंची है. यह एक्सप्रेस ट्रेनों की भी है. इसे लेकर यात्री परेशान हैं. रेलवे प्रबंधन ने 16 जुलाई से रायपुर गेवरारोड मेमू लोकल शुरू किया है. इससे कोयलांचल क्षेत्र के यात्रियों को राहत मिली है. लेकिन जब से गाड़ी शुरू हुई है, तब से एक भी दिन गाड़ी गेवरारोड रेलवे स्टेशन तक समय पर नहीं पहुंची है. इस गाड़ी का रायपुर रेलवे स्टेशन से छूटने का समय दोपहर लगभग 1.50 बजे है. गेवरारोड पहुंचने का तय समय रात 7.30 बजे है. शुक्रवार को मेमू लोकल लगभग 50 मिनट की विलंब से गेवरारोड रेलवे स्टेशन पहुंची. वहीं गुरुवार को लगभग दो घंटे से अधिक देरी से पहुंची थी. इस दौरान यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. यात्री समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच रहे हैं. गाड़ी के विलंब से आने से कई बार यात्रियों को घर जाने के लिए ऑटो तक नहीं मिल पाती है. इससे बांकीमोंगरा, दीपका, हरदीबाजार सहित अन्य आसपास क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में काफी असुविधा हो रही है. यही स्थिति लिंक एक्सप्रेस की भी है. शुक्रवार को लिंक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय लगभग डेढ़ घंटे देरी से कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंची. जबकि इसका कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचने का निर्धारित सुबह समय 11.15 बजे है. यात्री ट्रेनों के लेटलतिफी को लेकर यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है.

कांवड़ यात्रा के अंतिम पड़ाव पर विधायक बोहरा, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताई सराहना

कवर्धा पंडरिया विधायक भावना बोहरा की 7 दिवसीय कांवड़ पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है. इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर उन्हें श्रीफल और शॉल भेंटकर कठिन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं. पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 21 जुलाई को मध्यप्रदेश के पवित्र नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. 300 से अधिक बम श्रद्धालु के साथ कठिन और टेढ़े-मेढ़े रास्तों से यह पदयात्रा रविवार को भोरमदेव बाबा के दरबार में जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी. भावना बोहरा यात्रा के बीच डोंगरिया पहुँची, जहां रात्रि विश्राम की सुबह सुबह प्राचीन जालेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पण कर भोरमेदव मंदिर के लिए प्रस्थान किया यहां का धार्मिक माहौल शिवभक्तों से सराबोर रहा. इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर विधायक भावना बोहरा से भेंट की. उपमुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने लायक था. “हर हर नर्मदे” और “बोल बम” के जयघोषों से पूरा डोंगरिया क्षेत्र गूंज उठा.

पीजी छात्रा केस में झटका: डॉ. आशीष सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने FIR को माना उचित

बिलासपुर मेडिकल की छात्रा को शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने के आरोपी डॉक्टर आशीष सिन्हा को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. हाइकोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपी ऐसे अपराधों से संबंधित हैं, जो गंभीर और संवेदनशील हैं, जिनमें कार्यस्थल पर एक महिला की गरिमा और शारीरिक अखंडता शामिल है. एफआईआर किसी भी तरह से प्रेरित या विलंबित नहीं लगती है. मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की एकलपीठ में हुई. जिसमें याचिकाकर्ता डॉक्टर आशीष सिन्हा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी. आरोपी डॉक्टर ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगे आरोप को खारिज करते हुए सरकारी कर्मचारी होने और गिरफ्तार किए जाने पर करियर बर्बाद होने की दुहाई दी थी. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मामले में दोनों पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. आरोपी डॉक्टर के अधिवक्ता ने दलील दी कि जब विशाखा समिति की रिपोर्ट निदेशक, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई और आवेदक के खिलाफ कुछ भी नहीं पाया गया, तो शिकायतकर्ता ने आवेदक को किसी भी तरह से फंसाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई. आवेदक की अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण उनके प्रति रंजिश भी थी, इसलिए उनका वजीफा रोक दिया गया था. वह एक सरकारी कर्मचारी हैं, और यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा, उन्हें अग्रिम जमानत दी जा सकती है. दूसरी ओर सरकारी वकील अमित वर्मा ने आवेदक के वकील द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्क का विरोध करते हुए कहा कि चूँकि शिकायतकर्ता, जो एक महिला डॉक्टर और पीजी छात्रा भी है, के शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से संबंधित है और प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि आवेदक ने ऊपर बताए गए अपराध किए हैं, आवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामला जाँच के अधीन है, इसलिए आवेदक अग्रिम जमानत पाने का हकदार नहीं है. आपत्तिकर्ता/शिकायतकर्ता की ओर से उपस्थित वकील मधुनिशा सिंह ने अग्रिम जमानत आवेदन का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि शिकायतकर्ता एक होनहार छात्रा है, और रूस के एक मेडिकल कॉलेज से मेडिसिन की डिग्री में स्वर्ण पदक विजेता छात्रा है. आवेदक ने शुरू से ही शिकायतकर्ता पर बुरी नजर रखी और गंदी और घटिया टिप्पणियाँ कीं. उसे परीक्षा में फेल करने और उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई. शिकायतकर्ता ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उसे मजबूरन एफआईआर दर्ज करानी पड़ी. विशाखा समिति ने भी पाया है कि आवेदक अपने ऊपर लगे आरोपों में दोषी है. इससे पहले सिकल सेल संस्थान, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और महिला कर्मचारियों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ महिलाओं को परेशान करने, गाली देने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा वित्तीय अनियमितताएं करने का भी आरोप है. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना और केस डायरी का अवलोकन किया और आदेश में कहा आवेदक के विरुद्ध लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं. केस डायरी के साथ संलग्न दस्तावेजों से पता चलता है कि शिकायतकर्ता द्वारा आवेदक के विरुद्ध कई शिकायतें की गई थीं, और विभाग की विशाखा समिति ने भी एक जाँच की है. रिपोर्ट में यद्यपि इस आशय का कोई प्रत्यक्ष निष्कर्ष नहीं है कि आवेदक अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों का दोषी है, तथापि, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक ने शिकायतकर्ता पर टिप्पणी करने का प्रयास किया है, जो एक चिकित्सक जैसे महान पेशे के लिए, और वह भी विभागाध्यक्ष होने के नाते, अनुचित था. कोर्ट ने आदेश में कहा कि आवेदक द्वारा गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या निष्पक्ष जाँच में बाधा डालने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. प्राथमिकी किसी भी तरह से प्रेरित नहीं लगती है, और उसमें घटनाओं का वर्णन प्रथम दृष्टया मामला दर्शाता है. आदेश में जाँच के प्रारंभिक चरण में है, और इस स्तर पर केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज की जाती है.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र

रायपुर : ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव होने का गौरव ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव बना जिंदा, स्वास्थ्य मिशन में बड़ी उपलब्धि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र रायपुर टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त आधार देते हुए कबीरधाम जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की ग्राम पंचायत जिंदा को प्रदेश का पहला टीबी मुक्त ग्राम घोषित किया गया है। इस उपलब्धि को मान्यता प्रदान करते हुए आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम जिंदा पहुँचकर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए टीबी मुक्त भारत अभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गंभीरता से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी जिसे पहले एक गंभीर बीमारी माना जाता था, अब आधुनिक चिकित्सा, टीकों, दवाइयों और जनसहभागिता के चलते नियंत्रण और समाप्ति की दिशा में है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि उसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले में 84 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना इसी सामाजिक सहभागिता और प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है। जायसवाल ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सतत निगरानी, सजगता और नेतृत्व में जिले को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम जिंदा को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गांव प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम जिंदा की सक्रियता, सजगता और सामूहिक प्रयासों के चलते यह संभव हो सका है। उन्होंने जानकारी दी कि कबीरधाम जिले की कुल 84 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त हो चुकी हैं, जो कि प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में नए हितग्रहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, सहित कई जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में निक्षय मित्र योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए टीबी मरीजों को नियमित दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई गई। इसी मॉडल को आधार बनाकर टीबी की रोकथाम और मरीजों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया गया।

पूर्व सीएम के बेटे से मिलकर बोले पायलट- चाहे कुछ भी हो, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी

रायपुर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. राजधानी पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि चैतन्य ने मजबूती से लड़ाई लड़ने की बात कही है. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विपक्ष को दबाने के लिए कर रही है. लेकिन वे भाजपा चाहे जो कर लें, हमारा कांग्रेस परिवार एक कदम पीछे नहीं हटेगा. बता दें, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने 18 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर छापेमार कार्रवाई करते हुए शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में उनके बेटे चैतन्य को भी गिरफ्तार किया है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमाई हुई है. सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को दबाने का प्रायस कर रही है. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों के लिए कर रही है. 10 साल में किसी भाजपा नेता के विरुद्ध कोई जांच सेंट्रल एजेंसी ने नहीं की है. विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान का पलटवार विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया है. रायपुर विधायक मिश्रा ने कहा था कि सचिन पायलट को परिवार की चिंता है, कांग्रेस की नहीं. इसपर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है, परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी. जो भी कर ले, लेकिन हम और हमारी पार्टी एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी. इस दौरान उन्होंने जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा के स्वास्थ खराब होने की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा का स्वास्थ्य खराब है. अधिकारियों से कहा है कि उनका ध्यान रखें. कवासी लखमा के हौसले बुलंद है. विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि एजेंसियां कांग्रेस के नेताओं को संदेश दे रही हैं कि आप आवाज बुलंद करेंगे तो आपका भी यही हाल होगा. केंद्र और प्रदेश की एजेंसियों का उपयोग विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए किया जा रहा है. छवि धूमिल करने ये कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में ये साबित हो चुका है कि मुद्दों से भटकाने के लिए विपक्ष के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी कोशिश कर रही है कि कोई उनके खिलाफ आवाज न उठाए. उन्हें दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है. परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी. छत्तीसगढ़ से उपराष्ट्रपति बनाने PCC चीफ की PM को चिट्ठी वहीं दीपक बैज की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं में से किसी एक को उप राष्ट्रपति बनाने के सुझाव और क्या कांग्रेस दीपक बैज के सुझाव के साथ है के सवाल पर सचिन पायलट गोलमोल जवाब देते नजर आए. पायलट ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को जो कहना था वो कह चुके हैं, मुझे इसपर कुछ नहीं कहना है. उन्होंने क्लिरिफिकेशन दिया कि किस सोच के साथ उन्होंने कहा अपनी चिट्ठी के बारे में उनके वीडियो में देख लीजिए. कांग्रेस की बैठक में नेताप्रतिपक्ष महंत नहीं रहे मौजूद सेंट्रल जेल के बाद सचिन पायलट राजीव भवन पहुंचे. वहां उन्होंने पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर कई विषयों पर चर्चा की. इस दौरान सह- प्रभारी विजय जांगिड, जरीता लैतफलांग, ताम्रध्वज साहू, शिव डहरिया मौजूद रहे. हालांकि इस मुलाकात और चर्चा में नेताप्रतिपक्ष चरण दास महंत मौजूद नहीं रहे. पीसीसी चीफ बैज की अनुपस्थिती बनी चर्चा का विषय छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी के इस दौरे में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी. बीते कुछ दिनों से बैज बस्तर दौरे पर है. जानकारी के मुताबिक पायलट के दौरे की सूचना बैज को काफ़ी देर से मिली जिसके चलते वो नहीं पहुंच सके.

रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा – हर जरूरतमंद को मिले गुणवत्तापूर्ण राशन

रायपुर : गरीबों को गुणवत्तापूर्ण राशन मिले यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह डॉ. रमन सिंह बोले – गरीबों तक अच्छा राशन पहुँचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा – हर जरूरतमंद को मिले गुणवत्तापूर्ण राशन राशन वितरण में गुणवत्ता जरूरी, गरीबों का हक प्राथमिकता: डॉ. रमन सिंह नवनियुक्त अध्यक्ष  संदीप शर्मा का शपथ ग्रहण समारोह  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में लगातार संघर्ष करते हुए श्री शर्मा ने संघर्षशील जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी छवि बनाई है। सरकार ने उन्हें पीडीएस के तहत राशन कार्डधारियों  को गुणवत्तापूर्ण प्रतिमाह राशन मिले, इसके निरीक्षण और परीक्षण के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। डॉ. सिंह ने कहा कि गरीबों और प्राथमिकता वाले परिवारों को गुणवत्तायुक्त राशन मिले, यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल इस मौके पर नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा को पदभार ग्रहण की बधाई देते हुए कहा कि अब गरीबों को साफ-सुथरा राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उन पर है। खाद्य वितरण संबंधी कोई भी शिकायत होती है हितग्राही आयोग के माध्यम से अपनी समस्या का समाधन करा सकेंगे। अब खाद्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी।  खाद्य मंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि राज्य में राशन कार्डधारियों की संख्या 81 लाख से अधिक है। 13 हजार 930 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें स्व-सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों तथा सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। गरीबों एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को पारदर्शिता के साथ राशन का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। हाल ही में हमारी सरकार ने प्रदेश के राशन कार्डधारियों को तीन माह का एकमुश्त चावल देने का उल्लेखनीय काम किया है।  मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल का स्मरण करते हुए कहा कि उनके समय में छत्तीसगढ़ खाद्यान्न सुरक्षा कानून बना, जिसके तहत प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्तियों तक राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य ने पीडीएस प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। डॉ. सिंह को चाउर वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है। मंत्री श्री बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा बजट में 6500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे सरकार ने गरीबों को गुणवत्तपूर्ण राशन उपलब्ध कराने तथा जांच परीक्षण के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वाहन करूगा। हर गरीब एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चावल मिले, यह हर हाल में सुनिश्चित होगा।   खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने इस अवसर पर विभागीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पीडीएस के माध्यम से राज्य के 2 करोड 73 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। आधार प्रमाणिकरण के जरिए पारदर्शी तरीके से राशन वितरण व्यवस्था को सृदृढ़ की गई है।  शपथ ग्रहण समारोह में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल, विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, रोहित साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  संपत अग्रवाल, रिकेश सेन, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, लौह शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। 

सीएम साय ने स्वच्छता दीदियों को किया सम्मानित, सराहा उनके योगदान को

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें। उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सशक्त हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में 25 जुलाई का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों के फलस्वरूप जिला अस्पताल कवर्धा में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा का लोकार्पण आज शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत रूप से सीटी स्कैन यूनिट का उद्घाटन किया।  स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की सक्रियता और सजगता से कबीरधाम जैसे जिले में भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन यूनिट शुरू होने से अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय की बचत और खर्च में भारी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह सुविधा कबीरधाम जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पहले मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या दुर्ग-भिलाई जैसे बड़े शहरों के निजी जांच केंद्रों पर महंगी जांच करवानी पड़ती थी। अब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह यूनिट लगभग 4 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित की गई है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। श्री शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले में 38 नए चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाएं सुलभ होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जनसेवा और स्वस्थ सामाज की मजबूत नींव की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंदरवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंदरवंशी, जिला पंचायत सभापति श्री रामनकुमार भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सशक्त हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में 25 जुलाई का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों के फलस्वरूप जिला अस्पताल कवर्धा में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा का लोकार्पण आज शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत रूप से सीटी स्कैन यूनिट का उद्घाटन किया।  स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की सक्रियता और सजगता से कबीरधाम जैसे जिले में भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन यूनिट शुरू होने से अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय की बचत और खर्च में भारी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह सुविधा कबीरधाम जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पहले मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या दुर्ग-भिलाई जैसे बड़े शहरों के निजी जांच केंद्रों पर महंगी जांच करवानी पड़ती थी। अब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह यूनिट लगभग 4 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित की गई है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। श्री शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले में 38 नए चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाएं सुलभ होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जनसेवा और स्वस्थ सामाज की मजबूत नींव की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंदरवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंदरवंशी, जिला पंचायत सभापति श्री रामनकुमार भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने मोबाइल नेत्र जांच वैन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर कबीरधाम जिले के दूरस्थ और वनांचल इलाकों में आंखों की जांच और इलाज जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा अब लोगों के घरों तक निःशुल्क पहुंचेगी। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज पीजी कॉलेज परिसर, कवर्धा में उदयाचल संस्था द्वारा संचालित मोबाइल नेत्र जांच वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  यह मोबाइल वैन कबीरधाम जिले के वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों की आंखों की जांच करेगी, विशेष रूप से मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान और इलाज के लिए सेवा देगी।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आज यह मोबाइल वैन जिले के उन क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंच पातीं। यह कदम नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है, जिससे लोगों को समय पर जांच और इलाज का लाभ मिलेगा।      स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इसे एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि कई बार लोग आंखों की छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे जाकर गंभीर स्थिति ले सकती है। यह मोबाइल वैन मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान कर लोगों को निःशुल्क उपचार प्रदान करेगी, जिससे ग्रामीण और वनांचल निवासियों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोसेवा आयोग अध्यक्ष विशेषर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगरपालिका परिषद कवर्धा अध्यक्ष चंदप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, सहित कई जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।      यह मोबाइल नेत्र जांच वैन विशेष रूप से जिले के तरेगांव, रेंगाखर, कुकदूर, बोक्काखार जैसे दुर्गम और सुदूर गांवों में जाकर मोतियाबिंद और अन्य नेत्र संबंधी रोगों की पहचान करेगी। जांच के उपरांत मरीजों को उचित मार्गदर्शन, इलाज, और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस वैन में प्रशिक्षित नेत्र चिकित्सकों की टीम के साथ आधुनिक नेत्र जांच उपकरण मौजूद हैं। इस सेवा के माध्यम से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र रोगों की समय पर पहचान होगी, बल्कि समय रहते इलाज मिलने से अंधता की रोकथाम भी संभव होगी।