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उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो

रायपुर : ग्रामीण परिवार सिर्फ योजनाओं के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें-उपमुख्यमंत्री शर्मा महिला समूहों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर बाज़ार तक पहुँचाये-उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी समूहों से जोड़कर आयमूलक कार्यो से जोड़ने के दिए निर्देश उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की दो दिवसीय समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण तस्वीर को संवारने और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दो दिनों तक पंचायत विभाग के कार्यो की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमति निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संयुक्त सचिव धर्मेश कुमार साहू, आयुक्त महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया के अलावा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।          उपमुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत में कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ गांव के मेहनतकश लोग और महिलाएं हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण परिवार सिर्फ योजनाओं के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें। उन्होंने विशेष तौर पर महिलाओं और वंचित वर्गों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इन समूहों को खेती, जैविक उत्पादन, मशरूम उत्पादन, वनोपजों के संग्रहण व प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिला समूहों के उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी समूहों से जोड़कर आयमूलक कार्यो से जोड़ने के निर्देश दिए। आईआईटी भिलाई और तकनीकी संस्थानों से सहयोग लेकर वनोपजों जैसे महुआ, साल बीज, चिरौंजी, आंवला, लाह, हर्रा-बहेड़ा इत्यादि के प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक इकाइयां जिले स्तर पर स्थापित की जाएंगी। इससे न केवल रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं को भी गांव में ही स्वरोजगार के साधन मिलेंगे।          उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी समीक्षा की।  उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो, इसके लिए ठेकेदारों की जवाबदेही तय हो और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो। गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ निर्माण कार्य समय पर पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो।             बैठक में भू-जल संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे मोरे गांव मोरे पानी महाभियान की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अब तक निर्मित 37,090 जल संरचनाओं की सराहना की। इनमें तालाब गहराईकरण, डबरी, चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट और परकोलेशन टैंक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी और सामुदायिक श्रमदान से 3.32 लाख से अधिक कार्य पूरे किए गए हैं, जो गांवों की जल आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई से अक्टूबर तक जल संरक्षण अभियान तेज किया जाए और इसके साथ ही वृक्षारोपण, जल स्रोतों की सफाई और अमृत सरोवरों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।         उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत आवासों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति और लंबित मामलों के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण जनता को गरिमामय जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इसे सुचारु रूप से क्रियान्वित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जिन जिलों में अपेक्षित गति नहीं है उसका मोनिटरिंग राज्य स्तर से करें ताकि योजना के लाभार्थियों को शीघ्र आवास की सुविधा मिल सके। पीएम जन मन योजना के तहत 33,000 से अधिक आवासों को मंजूरी मिली है, जिनमें से 10,500 बन चुके हैं।

मंत्री राजवाड़े ने कारली में सुरक्षा बलों संग मनाया राखी पर्व, दी शुभकामनाएं

 मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कारली पहुंचकर सुरक्षा बल के जवानों को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं रक्षा बंधन पर मंत्री राजवाड़े का अनोखा स्नेह, कारली में जवानों को बांधी राखी मंत्री राजवाड़े ने कारली में सुरक्षा बलों संग मनाया राखी पर्व, दी शुभकामनाएं जवानों की वीरता को नमन किया और कहा आप देश के प्रहरी है रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने  दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान सुरक्षा कैम्प कारली पहुंचकर जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों को राखी बांधी और उन्हें रक्षा पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने जवानों के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी देश के प्रहरी हैं। यह राखी केवल एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि आपके प्रति हमारे विश्वास, कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है। आपकी वीरता और अनुशासन, पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। हम अपने घरों में सुरक्षित हैं, यह आपकी कर्तव्य परायणता की बदौलत है। आपकी इस सेवा को हम हृदय से सम्मान करते हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जवानों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके परिवारजनों की कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी जवानों को मिठाइयाँ बांटी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा भी जवानों को राखियां बांधी गईं और रक्षाबंधन पर्व अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।

आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरुस्त करें, कुपोषण पर हो सटीक कार्यवाही: मंत्री का निर्देश

आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरुस्त करें, कुपोषण पर हो सटीक कार्यवाही: मंत्री का निर्देश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों की आंगनबाड़ियों के संचालन, वहां की व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी छह माह के भीतर पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, हितग्राहियों के घर-घर जाकर भेंट करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जन-जागरूकता का कार्यक्रम लगातार संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तैयार जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जा सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आगामी छह माह पश्चात वह पुनः दंतेवाड़ा जिले का आकस्मिक दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीन हकीकत का मुआयना करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक के दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पदुम सिंह एल्मा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

 मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा जिले में आंगनबाड़ी, सखी सेंटर, बाल सम्प्रेषण गृह और नारी निकेतन केन्द्रों का किया निरीक्षण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा में नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े विभागीय योजनाओं से शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दो दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का मुआयना किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े  नियद नेल्ला नार योजना में शामिल ग्राम गमावाड़ा के आंगनबाड़ी केंद्र मुंद्रापारा का औचक निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं का जायजा लिया।  इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाईजर को मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना सहित सभी शासन की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों से आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला मुख्यालय स्थित सखी सेंटर का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने सेंटर में टोल फ्री नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सखी सेंटर की स्टाफ से बातचीत कर फील्ड में आने वाली समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।  इस दौरान श्रीमती राजवाड़े ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित बाल गृह और बाल सम्प्रेषण गृह का भी निरीक्षण कर बच्चों से बातचीत कर स्वास्थ्य, पोषण और समग्र देखरेख की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित स्टाफ को संस्थाओं के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। नारी निकेतन गृह के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने वहाँ निवासरत अंतःवासिनियों से एकांत में भेंट कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उनके शीघ्र समाधान हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा में नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने दंतेवाड़ा के दो दिवसीय प्रवास के दौरान वहां नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र नशा मुक्ति हेतु रहवासी ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इन्ही में से एक ग्रामीणों से जानना चाहा कि नशे से मुक्त होने के पश्चात उसकी दिनचर्या कैसी बदली। इस पर ग्रामीण ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि यहाँ आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले से काफी अच्छा महसूस हो रहा है।  मौके पर मंत्री ने उनके भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली, और उन्हें बताया गया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं। इस पर मंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा, “सुबह उठकर नियमित रूप से योग करें, जिससे तन और मन दोनों स्वस्थ रहें।” इसके साथ ही मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी को नशा से पूर्णतः दूर रहने की समझाइश दी और भविष्य में पुनः नशा न करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से ग्रामीणों रोजगारपरक प्रशिक्षण से लाभान्वित हो सकते है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील किया कि वे वहां प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों की आंगनबाड़ियों के संचालन, वहां की व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी छह माह के भीतर पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, हितग्राहियों के घर-घर जाकर भेंट करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जन-जागरूकता का कार्यक्रम लगातार संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तैयार जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जा सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आगामी छह माह पश्चात वह पुनः दंतेवाड़ा जिले का आकस्मिक दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीन हकीकत का मुआयना करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक के दौरान विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, एसडीएम श्री मूलचंद चोपड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री वरुण नागेश सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

त्रैजन्म की खुशी: भाटापारा स्वास्थ्य केंद्र में सफल डिलीवरी, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

रायपुर बलौदाबाजार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटापारा में ग्राम कोदवा निवासी 29 वर्षीय सरोजिनी वर्मा पति हेमलाल वर्मा ने सामान्य प्रसव के माध्यम से तीन बच्चों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया। तीनों शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और मां की भी स्थिति सामान्य है। हेमलाल वर्मा ने बताया कि पत्नी का यह प्रसव पूरी तरह से सामान्य रहा एवं निःशुल्क किया गया है। इस सफल प्रसव प्रक्रिया के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्वास्थ्य स्टाफ सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और उनका व्यवहार सहयोगात्मक था।  खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी के मार्गदर्शन में नवजात शिशुओं एवं प्रसूता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत सभी शिशु पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। यह उपलब्धि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं टीम के समर्पण को दर्शाती है। चिकित्सा टीम ने इस जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कर, एक मिसाल कायम की है।  कलेक्टर दीपक सोनी एवं सी.एम.एच.ओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने भाटापारा के सभी सम्बंधित स्टाफ को तारीफ करते हुए सतत रूप से जन स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ बनाए रखने को कहा है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि

किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने राज्य सरकार प्रतिबद्ध: कृषि मंत्री नेताम खाद-बीज की आपूर्ति में देरी नहीं होगी: कृषि मंत्री नेताम का आश्वासन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि रायपुर प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज जिला कार्यालय कांकेर में प्रेसवार्ता लेकर राज्य में खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी होने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 02 अगस्त को इस योजना की 20वीं किश्त जारी की जाएगी, जिसमें प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को 553.34 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। फरवरी 2019 से प्रारंभ हुई इस योजना के तहत 20वीं किश्त को मिलाकर किसानों को भुगतान की राशि 9765.26 करोड़ रूपए हो जाएगी।  कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि आप सभी अच्छी तरह जानते हैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्नदाता किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए अनेक अभिनव पहल की है और किसानों को राहत देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी जिलों में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को खाद-बीज का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है।  कृषि मंत्री नेताम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अद्यतन स्थिति और आगामी किश्त के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस योजना से लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंच रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में न केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया, बल्कि सिंचाई कर माफ किया और धान के बकाया बोनस का भुगतान किया। उन्होंने बताया कि बीते दो खरीफ सत्रों में किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की गई और 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रूपए की धान की बकाया बोनस राशि दी गई। राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना में दो लाख से अधिक वन पट्टाधारी और 32 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी योजना में शामिल कर लाभान्वित किया जा रहा है।    कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपील की है कि वे 02 अगस्त को आयोजित पीएम किसान दिवस समारोह में सक्रिय रूप से सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती के तकनीक से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कृषि में ड्रोन दीदी योजना लागू की गई है। किसानों को परंपरागत कृषि के अलावा दलहन-तिलहन, मिलेट्स, सब्जियों, फलों की खेती, डेयरी के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सात हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं को जल्द मिलेगी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता,  चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई मुलाकात छत्तीसगढ़ में सात हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं को जल्द मिलेगी वित्तीय स्वीकृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा। रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा। इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित

बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान: ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल, रायपुर-बिलासपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित  मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात रायपुर छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स" के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।

शिक्षा को मिला प्रोत्साहन: मनोरा कॉलेज भवन हेतु 4.61 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : मनोरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री की घोषणा का त्वरित असर: मनोरा कॉलेज के लिए 4.61 करोड़ मंजूर शिक्षा को मिला प्रोत्साहन: मनोरा कॉलेज भवन हेतु 4.61 करोड़ की स्वीकृति जशपुर जिले में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।

नक्सल नेटवर्क पर शिकंजा कसने उतरी ED, संयुक्त अभियान में होगी भागीदारी

रायपुर नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी शामिल होगी. टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बड़ी बैठक में “प्लान ऑफ एक्शन टू नक्सल” पर चर्चा के दौरान इस संबंध में फैसला लिया गया. बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना,आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आईजी, और डीआईजी शामिल थे. इस दौरान ED और NIA के अफसर से हाल में टेरर फंडिंग को लेकर हुए खुलासे पर चर्चा हुई. इसके साथ ED और NIA के ज्वाइंट ऑपरेशन पर जोर दिया गया. पूरी बैठक IB के स्पेशल डायरेक्टर ऋत्विक रूद्र ने ली. वित्तीय लेन-देने रोकने का काम करेगी ED इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ED का काम अगर ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन है, तो उसे रोकना है. ये IB की भी सूचना हो सकती है कि लेनदेन की जानकारी निकाल लें. विभिन्न एजेंसियां ये काम करती हैं. ये दिखता है कि मामला ईडी को दिए जाने लायक है तो दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे नक्सलियों का अर्बन, लीगल, फाइनांसियल या रूरल बेस हो, सब पर एजेंसियां काम कर रही हैं.