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कुनकुरी को मिली सौगात: सीएम विष्णुदेव साय बनाएंगे अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

63 करोड़ 84 लाख की लागत से बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं। खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिले के कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए शासन द्वारा 63 करोड़ 84 लाख 89 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह खेल कॉम्प्लेक्स न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।            खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण से मिलेगा l  ग्रामीण और आदिवासी अंचल के खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अब खिलाड़ियों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यहीं पर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और खेल आयोजन की बेहतर सुविधाएं  मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी। युवाओं के लिए खेलों में कैरियर और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस कॉम्प्लेक्स के बनने से जशपुर जिले की पहचान खेलों के क्षेत्र में और भी मजबूत होगी। ये होंगी विशेष सुविधाएं इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे— एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो के मैदान,आधुनिक स्विमिंग पूल एवं ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड , जंपिंग गेम और खेल उपकरण इन सभी व्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। जशपुर का खेलों में नया स्वर्णिम अध्याय जशपुर जिला पहले से ही अपनी खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। अब इस इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से यह परंपरा और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है, बल्कि यह जशपुर को खेलों की भूमि के रूप में नई पहचान भी दिलाएगा।

11 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर में करेंगे छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 सितंबर को बस्तर में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने के साथ-साथ अवसरों के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके। इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने 435 करोड़ का राजस्व अर्जित कर रचा कीर्तिमान

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 बनी गेम चेंजर, पिछले 6 माह में हुई 2230 संपत्तियों की बिक्री रायपुर छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की। आधारभूत संरचना और पर्यटन मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन,  श्याम बिहारी जायसवाल,  ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा,  गजेंद्र यादव,  गुरु खुशवंत साहेब,  राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव   अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव   ऋचा शर्मा,  मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव … Read more

प्रतिज्ञा ने थामा सपना, CM साय की लगन और आत्मीयता ने किया श्रमिक परिवार को भावुक

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा रायपुर, एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से। नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी। नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है।  बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है। नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा। उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ

  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु मिलेगी वित्तीय सहायता देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा रायपुर, बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए। उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा श्री विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील शाह उपस्थित थे।

सीएम के दौरे से पहले कोरबा में गोलीकांड, CAF जवान ने दो लोगों को मारी गोली

कोरबा मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले जिले में सनसनी फैला देने वाली वारदात सामने आई है। हरदीबाजार थाना क्षेत्र के भिलाई बाजार में मंगलवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहशत में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाजार के बीचोंबीच अचानक सीएफ (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) का जवान गुस्से में बंदूक लेकर आया और देखते ही देखते दो लोगों पर गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज़ सुनते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। खून से लथपथ दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही हरदीबाजार थाना पुलिस और कोरबा पुलिस का अमला घटनास्थल पर पहुँचा। मौके को चारों तरफ से घेरकर शवों को कब्जे में लिया गया और आरोपी जवान को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने आक्रोश में आकर स्वास्थ्य केंद्र के सामने चक्का जाम कर दिया। वहीं घटना स्थल पर भी उन्होंने चक्का जाम किया। आक्रोशित परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने और उचित कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पुलिस बल तैनात हैं। कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि एक सीएफ जवान ने पारिवारिक विवाद के चलते दो लोगों को गोली मार दी है। दोनों की मौत हो चुकी है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि आरोपी तेस राम बिंझवार रलिया निवास है जो रायफल से दो लोगों को गोली मारा है। मृतिका मदालसा साली है। वहीं दूसरा चाचा ससुर राजेश कुमार है। इस गोलीकांड से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले घटी इस घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेलवे का नया कदम: स्टेशनों पर खुलेंगे प्रीमियम ब्रांड स्टोर, कपड़े-जूते से लेकर शिल्पकला तक सब मिलेगा

रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों में भी अब एयरपोर्ट की तर्ज पर ब्रांडेड कंपनियों की दुकानें खुलेंगी, जहां अच्छी क्वालिटी के कपड़े, जूते, छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पाद, शिल्पकला समेत चीजें स्टेशनों की दुकानों में मिलेंगी. इसके आवदेन मंगाने शुरू कर दिए हैं. मंडल में आउटलेट्स रायपुर, दुर्ग, भाटापारा व भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशनों पर गैर-किराया राजस्व नीति के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे. रायपुर में बड़ी कंपनियों के स्थापित होने से यात्रियों के लिए स्टेशन में सुविधाएं बढ़ जाएंगी. इसके साथ दुर्ग और भिलाई पावर हाउस में यात्रियों की आवाजाही अधिक होती है. इसीलिए यहां भी कपड़ों और जूतों की दुकान खुलने से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है. रेलवे ने साफ किया है कि इन आउटलेट्स में खाने-पीने का सामान नहीं बेचा जाएगा. सभी दुकानें बोली प्रक्रिया के जरिए तय की जाएंगी. शुरुआत में दुकानों का करार 5 साल के लिए होगा, जिसे अच्छे प्रदर्शन पर 9 साल तक बढ़ाया जा सकता है. इसमें केवल प्रीमियम दुकानों को मौका मिलेगा. स्टेशनों में स्थापित किए जाएंगे रायपुर रेल मंडल के सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों पर प्रतिष्ठित सिंगल ब्रांड रिटेलर्स कंपनियों से प्रीमियम सिंगल ब्रांड आउटलेट्स गैर-खाद्य श्रेणियां स्थापित करने आवेदन आमंत्रित किया गया है. यह आउटलेट्स रायपुर, दुर्ग, भाटापारा एवं भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशनों पर गैर-किराया राजस्व नीति के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे, जिसमें यात्रा सहायक सामग्री, परिधान और फैशन से संबंधित सामग्री, जूते एवं खेल परिधान और छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रीमियम ब्रांड को प्राथमिकता दी जाएगी. छत्तीसगढ़ के फैशन से जुड़ी स्थानीय प्रीमियम ब्रांड को भी प्राथमिकता इन आउटलेट्स में यात्रियों को यात्रा सहायक सामग्री जैसे सैमसोनाइट, वीआईपी, सफारी, अमेरिकन टूरिस्टर, परिधान एवं फैशन ब्रांड्स जैसे एरो, वैन ह्यूसन, बीबा, पीटर इंग्लैंड, फेबइंडिया, जूते एवं खेल परिधान जैसे नाइकी, एडिडास, प्यूमा, रीबॉक उपलब्ध होंगे. साथ ही छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रीमियम ब्रांड्स जैसे हथकरघा, जनजातीय कला, हर्बल उत्पाद और शिल्पकला को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. रेलवे का कहना है कि इन दुकानों से यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेंगे और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी. दुकान खोलने मिलेगी जगह रेलवे चाहता है कि स्टेशन पर सिर्फ बड़े, भरोसेमंद और पहले से स्थापित ब्रांड ही दुकान खोले. अगर किसी ब्रांड के पास एयरपोर्ट या मॉल पर दुकान चलाने का अनुभव है, तो उसे पहले मौका मिलेगा. रायपुर, दुर्ग, भाटापारा और भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशनों पर जगह उपलब्ध कराई जाएगी. रायपुर रेलवे स्टेशन में अभी तक कपड़े, जूते और फैशन से जुड़ी चीजे नहीं मिलती हैं. एयरपोर्ट की तर्ज पर दुकानों के खुलने से सुविधाएं बढ़ेंगी और राजस्व भी बढ़ेगा. रेलवे स्टेशन में सभी वर्गों के यात्री सफर करते हैं. लोकल और बड़े ब्रांड की दुकानों से राजस्व लाभ भी होगा.

CM साय का ऐलान: प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ दौरे पर, स्थापना दिवस कार्यक्रम में लेंगे भाग

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस समय अपने रजत जयंती वर्ष में है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था, इसलिए इस वर्ष को सरकार ने अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कोरबा रवाना हुए है। इस दौरान स्टेट हैंगर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने जा रहा है। 1 नवंबर को होने वाला राज्योत्सव इस बार रजत जयंती के रूप में मनाया जाएगा और इसे यादगार बनाने के लिए सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं। PM मोदी 31 अक्टूबर को 2 दिन के दौरे पर आएंगे छत्तीसगढ़ CM साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, इसलिए इस साल को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया गया है। यह उत्सव अगले 25 हफ्तों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है और इसके लिए पत्र भी भेजा गया है। नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे PM मोदी नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत लगभग बनकर तैयार है। संभावना है कि 1 नवंबर को राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी भी हो सकती है। उद्घाटन के बाद विधानसभा का नया सत्र इसी भवन से शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग लगातार काम में जुटे हुए हैं।

राजधानी के भाठागांव इलाके में जेसीबी चला, अवैध प्लॉटिंग को तोड़कर जमीन कराई मुक्त

रायपुर नगर निगम जोन-6 के तहत भाठागांव इलाके में मंगलवार को करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है. कार्रवाई दो जगहों पर की गई है, एक जगह पर करीब चार एकड़ और दूसरी जगह पर लगभग एक एकड़ में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. अवैध प्लाटिंग की सूचना मिलने पर जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव ने नगर निवेश विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान प्लाट में मुरुम की रोड मिली. इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लॉटिंग पर मार्किंग कर ली थी. निगम अमले ने तत्काल मौके पर जेसीबी की मदद से रोड को तोड़ दिया. जोन कमिश्नर ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले के बारे में जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा गया है. जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अवैध प्लॉटिंग के लिए भाठागांव सबसे उपयुक्त मिली जानकारी के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए भाठागांव इलाका सबसे उपयुक्त है. यहां पर नजदीक ही इंटर स्टेट बस टर्मिनल है, और यह इलाका रिंग रोड से लगा हुआ है. इन दो सुविधाओं के लिए भाठागांव का पूरा क्षेत्र लोगों के लिए घर बनाने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. यही वजह है कि यहां सबसे ज्यादा अवैध प्लॉटिंग हो रही है. निगम ने पुलिस में भेजे 329 प्रकरण नगर निगम ने अब तक अलग-अलग थाने को अवैध प्लाटिंग पर एफआईआर के लिए 329 प्रकरण बनकर भेजे हैं. इनमें से अब तक महज 20 पर एफआईआर दर्ज हुई है. शेष प्रकरणों में पुलिस ने अब तक अपराध ही. दर्ज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि सभी प्रकरणों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है. उन्होंने नगर निगम से कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की है.