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दीपावली पर गन्ना किसानों को खुशखबरी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल लाई राहत

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से गन्ना किसानों को दीपावली पर मिला बड़ा तोहफा भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के गन्ना उत्पादक किसानों को 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत प्रयासों एवं किसान हितैषी दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा द्वारा जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को दीपावली पर्व के अवसर पर बड़ा आर्थिक लाभ प्रदान किया गया है। कारखाना प्रबंधन द्वारा पिछले पेराई सत्र में गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को शासन की ओर से 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान किया गया है। यह बोनस भुगतान उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के विशेष पहल एवं प्रयासों से संभव हुआ है। उनके नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध भुगतान और बोनस वितरण सुनिश्चित किया गया है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा ने पेराई सत्र 2024-25 के दौरान किसानों से खरीदे गए गन्ने का 115.44 करोड़ रुपये का संपूर्ण भुगतान कर प्रदेश की सभी शुगर मिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि कारखाने की पारदर्शी कार्यप्रणाली, कुशल प्रबंधन एवं सहकारिता की सुदृढ़ भावना का परिचायक है। दीपावली से पूर्व किसानों को बोनस भुगतान प्राप्त होने से पूरे जिले के कृषक समुदाय में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। बोनस राशि के भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि किसानों का विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।

रायपुर में धान खरीदी अब बायोमैट्रिक सिस्टम से, समर्थन मूल्य पर होगी पारदर्शी प्रक्रिया

रायपुर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से होगी उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन 3 से 6 नवंबर तक  किसान कर सकेंगे 9 नवंबर से ऑफलाईन एवं ऑनलाईन टोकन के लिए आवेदन सीमावर्ती जिलों में बनाएं जाएंगे चेक पोस्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धान खरीदी,प्रक्रिया का प्रशिक्षण रायपुर   समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन केन्द्रों में ऑफलाईन के अलावा मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन जारी किए जाएंगे। सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, प्रबंध संचालक विपणन संघ एवं संचालक खाद्य विभाग के मार्गदर्शन में आज सरगुजा एवं दुर्ग संभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से धान खरीदी सम्पन्न कराने के लिए पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अलग-अलग संभागों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलेगी। धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ होगा।   प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेन्टर की स्थापना की जाएगी एवं मोबाईल एप्प के माध्यम से विभिन्न प्रकार के एलर्ट आदि भेजे जाएंगे। उपार्जन केन्द्रों में धान के उचित रखरखाव, किसानों की सुविधाओं के संबंध में व्यवस्था किये जाने हेतु उपार्जन केन्द्र प्रभारियों और इससे जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण में जानकारी दी गई। उपार्जन केन्द्रों को गतवर्षों में दर्ज प्रकरणों एवं संभावित अनियमितताओं के आधार पर संवेदनशील तथा सामान्य में वर्गीकृत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जावेगी। इन केन्द्रों में पृथक से नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये जायेगें। जिनके द्वारा समय-समय पर उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा इन्टीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेन्टर से प्राप्त अलर्ट मैसेज के आधार पर उड़नदस्ता द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश के सीमावर्ती उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त चेक पोस्ट की स्थापना की जा रही है, जिससे अवैध धान के आवक को रोका जा सके।  जिलों में धान उपार्जन वर्ष 2025-26 का प्रशिक्षण कार्य 31 अक्टूबर 2025 तक जिला एवं अनुविभाग में पूर्ण करा लिया जावे। गतवर्ष की भाँति इस वर्ष भी बायोमेट्रिक आधारित धान उपार्जन किया जाएगा। वहीं 3 नवंबर से 6 नवंबर के मध्य उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन का आयोजन होगा एवं 9 नवंबर से टोकन आवेदन किया जा सकेगा। धान खरीदी के लिए सीमांत एवं लघु कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों को अधिकतम 03 टोकन प्रदाय किया जा सकेगा। अतः सभी जिलों को 30 अक्टूबर तक धान उपार्जन से संबंधित सभी तैयारी पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।  प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष समितियों को शार्टेज की मात्रा निरंक करने तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुचारू रूप से धान उपार्जन पूर्ण करने पर नियमानुसार इन्सेटिव का भी प्रावधान रखा गया है। भारत सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों के स्वमूल्यांकन हेतु उपलब्ध पोर्टल पीसीएसएपी में उपार्जन केन्द्रों द्वारा धान खरीदी के संबंध मे आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर लेने के उपरांत प्रविष्टि करनी होगी। प्रविष्टि के आधार पर एल-4 ग्रेडिंग पाये जाने पर ही इन्सेटिव की पात्रता उप समिति को होगी। समितियों में डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नियोजन 06 माह के लिए समितियों के माध्यम से किये जाने का प्रावधान इस वर्ष की पॉलिसी में किया गया है। ऐसी समितियां जहां अनियमितताएं पाई गई हो, वहां के डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नवीन नियोजन किये जाने के निर्देश दिए गये है। 

हिंसा की राह देती है अंतहीन दर्द, आत्मसमर्पण देता है जीवन को नई दिशा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर : उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय हिंसा की राह देती है अंतहीन दर्द, आत्मसमर्पण देता है जीवन को नई दिशा- मुख्यमंत्री  साय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल उन्मूलन अभियान ऐतिहासिक सफलता की ओर रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है।  मुख्यमंत्री  साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।” उल्लेखनीय है कि  देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी  कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं।  उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।  केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।  केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।

दण्डकारण्य में बड़ा आत्मसमर्पण: 200 से अधिक नक्सली छोड़ेंगे हिंसा का रास्ता

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता — दण्डकारण्य क्षेत्र के 200 से अधिक माओवादी कैडर करेंगे आत्मसमर्पण रायपुर राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और निरंतर सशक्त रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे, रिज़र्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री)  विजय शर्मा उपस्थित रहेंगे। यह निर्णायक और ऐतिहासिक घटनाक्रम मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की उस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें शांति, संवाद और विकास को केंद्र में रखकर विश्वास और पुनर्वास का वातावरण निर्मित किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है।यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर ठोस पहल की है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, संचार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है।यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की रचनात्मक भागीदारी का भी परिणाम है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर दीपावली से पूर्व कर्मचारियों को अग्रिम वेतन का तोहफा

रायपुर  दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य शासन ने अपने शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माह अक्टूबर 2025 का वेतन 17 एवं 18 अक्टूबर को अग्रिम रूप से भुगतान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरे लिए शासन केवल तंत्र नहीं, बल्कि उन कर्मठ साथियों का परिवार है जो पूरे मन से जनता की सेवा में लगे हैं। दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान का यह निर्णय उसी आत्मीयता का प्रतीक है — कि सरकार अपने हर साथी की खुशियों में सहभागी बने और हर घर में उजियारा तथा प्रसन्नता फैले। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व प्रसन्नता, एकता और उत्साह का प्रतीक है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी इस पर्व को परिवार सहित उल्लासपूर्वक मना सके और किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े। वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करने हेतु राज्य के सभी कोषालय एवं उपकोषालय 18 अक्टूबर (शनिवार, अवकाश दिवस) को भी खुले रहेंगे, ताकि किसी कर्मचारी को भुगतान प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मजदूरी, मानदेय एवं पारिश्रमिक जैसे अन्य मदों में भी नियमानुसार अग्रिम भुगतान किया जा सकेगा।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान से न केवल शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और राहत प्राप्त होगी, बल्कि इससे जीएसटी बचत उत्सव के दौरान राज्य के बाजारों में रौनक, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और आर्थिक प्रवाह में तीव्रता आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में उत्सव और विश्वास का वातावरण बनेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का हर निर्णय अपने कर्मठ साथियों की खुशियों और सम्मान से जुड़ा है। दीपावली से पहले अग्रिम वेतन भुगतान उसी आत्मीय भावना का प्रतीक है कि हर घर में उजियारा फैले और हर हृदय में प्रसन्नता एवं विश्वास का दीप जले।

EOW की बड़ी कार्रवाई: सौम्या चौरसिया पर करोड़ों की संपत्ति जब्त, 8000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नौकरशाह सौम्या चौरसिया के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर की गई। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत 8000 पन्नों की चार्जशीट को  माननीय विशेष न्यायालय रायपुर में प्रस्तुत किया। राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की 2008 बैच की अधिकारी चौरसिया, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार (2018-2023) में मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर कार्यरत थीं। अधिकारियों ने बताया कि चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था। इसके साथ ही कोयला, जिला खनिज निधि (डीएमएफ) और अन्य घोटाले मामलों में भी चौरसिया आरोपी रहीं हैं। परिजनों के नाम पर करोड़ों का निवेश अधिकारियों ने बताया, 'सौम्या चौरसिया पर अपने परिवारजनों और परिचित व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश करने का आरोप है। ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए लगभग 49,69,48,298 रूपए की अवैध कमाई की है।' इनकम से हजारों गुना अधिक संपत्ति का खुलासा अधिकारियों ने बताया कि सौम्या चौरसिया की पहली नियुक्ति बिलासपुर जिले की डेप्युटी कलेक्टर के रूप में हुई थी। इससे पहले वह वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं। 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की वैध आय लगभग 2,51,89,175 रुपये थी। वहीं, उनका लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार सौम्या चौरसिया ने अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की। अब तक का सबसे बड़ा केस ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा केस है। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया। पिछले महीने, ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में चौरसिया की आठ करोड़ रुपये मूल्य की 16 संपत्तियां कुर्क की थीं।  

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की रिमांड बढ़ी, अब जेल में बिताएंगे दिवाली के दिन

 रायपुर  प्रदेश में हुए 3,200 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने  सुनवाई के दौरान चैतन्य की रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। इसका मतलब है कि चैतन्य बघेल इस बार दिवाली जेल में ही मनाएंगे। इस बीच ईओडब्ल्यू (EOW) ने चैतन्य बघेल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया है। ईओडब्ल्यू ने पहले 13 अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगा था, लेकिन तय समय में चार्जशीट पेश नहीं की जा सकी। कोर्ट ने 15 अक्टूबर तक का समय दिया था, मगर अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में गौरतलब है कि चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में हैं। उन्हें ईडी ने शराब घोटाले में कथित तौर पर 16.70 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से प्राप्त ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर वैध (वाइट) दिखाया गया, साथ ही सिंडिकेट के माध्यम से 1000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।

दिव्यांग बच्चों की मेहनत को मिला सहारा: अंजय शुक्ला ने कोपल वाणी से खरीदे 15,000 रुपये के दीपक, बढ़ाया उनका हौसला

रायपुर  दीपावली की खरीदारी के लिए जब बाजार सज चुके हैं और चारों तरफ घरों, दुकानों और कार्यालयों में साज-सज्जा की तैयारी चल रही है, वहीं कोपल वाणी संस्था के दिव्यांग बच्चे भी अपनी रचनात्मकता से घर की साज-सज्जा के लिए विशेष दीपक और सामग्री तैयार कर रहे हैं। इन बच्चों के श्रम और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए, श्री अंजय शुक्ला ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संस्था को सहयोग प्रदान किया है। श्री अंजय शुक्ला, जो प्रदेश संयोजक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सदस्य प्रदेश कार्यसमिति भाजपा और अध्यक्ष छत्तीसगढ़ ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के रूप में कार्यरत हैं, ने कोपल वाणी के बच्चों का मनोबल बढ़ाने हेतु तकरीबन 15,000 रुपये के हस्तनिर्मित दीपक खरीदकर संस्था को आर्थिक सहयोग दिया। यह पहल इन बच्चों को स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है। परिवार सहित पहुंचे संस्था सुबह-सुबह ही श्री अंजय शुक्ला अपने परिवार के साथ अविनाश गार्डन स्थित कोपल वाणी पहुंचे। उन्होंने वहां बच्चों द्वारा बनाई गई सामग्री की बारीकी से सराहना की और बच्चों को अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सहयोग और प्रोत्साहन से बच्चों के चेहरे पर साफ खुशियां दिखाई दे रही थीं। उन्हें यह संतोष था कि उनके हाथों से बनाए दीपक दीपावली में घरों को रोशन करेंगे। कौशल विकास रोजगार की कुंजी: पद्मा शर्मा कोपल वाणी संस्था की अध्यक्ष पद्मा शर्मा ने इस सहयोग पर श्री शुक्ला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये बच्चे सुन नहीं पाते, जिसकी वजह से बोल भी नहीं पाते। ऐसी स्थिति में उनका संप्रेषण (Communication) सुचारू रूप से नहीं हो पाता, और उन्हें रोजगार मिलने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। श्रीमती शर्मा ने कहा, "ऐसी स्थिति में इनका कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। समाज के लोग जब इस तरह से इनका उत्साहवर्धन करते हैं, तो इनका सीखने में रुझान बना रहता है और इन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।" श्री शुक्ला का यह सहयोग न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के समक्ष यह संदेश भी प्रस्तुत करता है कि त्योहारों के अवसर पर हमें ऐसे हुनरमंद बच्चों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की मुहिम में सक्रिय रूप से सहयोग करना चाहिए।

बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान, गरियाबंद में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की पहल

गरियाबंद  कलेक्टर श्री बीएस उईके के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा जिला समन्वयक सुश्री मनीषा वर्मा के नेतृत्व में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत् महिला सशक्तिकरण केन्द्र के द्वारा बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य बालिकाओं के बीच बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना है। अधिकतर यह देखा गया है कि लड़कियां विभिन्न समाजिक और पारिवारिक दबावों के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे चिंता और तनाव का अधिक शिकार होती हैं। लड़कियां अक्सर शैक्षणिक प्रदर्शन, सामाजिक अपेक्षाओं, शारीरिक बनावट और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे मुद्दों के कारण अत्यधिक दबाव महसूस करती हैं तथा यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के छुरा के बढ़ते उपयोग ने भी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला है इसी कड़ी में सर्वप्रथम शा.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसेला एवं सोरिद खुर्द, भसेरा, आंगनबाड़ी केन्द्र सोरिद खुर्द, विकासखंड फिंगेश्वर अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेका, सशक्तिकरण केन्द्र द्वारा बालिकाओं से उनके मेंटल हेल्थ तथा उनके परिवार व स्वास्थ्य के बारे मे चर्चा की गई जिससे उनका आत्म विश्वास व मनोबल बढ़े एक स्वस्थ्य मन उन्हे शिक्षा, कैरियर और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाता है एवं जेण्डर विशेषज्ञ श्रीमती अंजली नाविक, श्रीमती पद्मनी दीवान द्वारा महिला सशक्तिकारण केन्द्र, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना अंतर्गत बाल लिंगानुपात, पीसीपीएनडीटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, दहेज प्रताड़ना, सुकन्या समृध्दि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सखी वन स्टाप सेंटर, महिला हेल्प लाईन 181, चाईल्ड लाईन 1098, महिलाओं एवं बालिकाओं के खिलाफ लिंग आधारित भेदभाव की विस्तृत जानकारी साझा की तथा बच्चियों को उनकी सुरक्षा एवं बचाव के तरीके बताए गए। गुडटच बैड टच तथा स्पांसरशीप योजना को विस्तार से जानकारी दी गई। इस अभियान में महिला सशक्तिकारण केन्द्र  से वि.सा.स.वि. श्रीमती अर्चना सिंह व सुश्री शोभा मरकाम, का. सहायक श्वेता शुक्ला व सखी से पैरामेडिकल श्रीमती रूपमती वर्मा, केस वर्कर श्रीमती रंजनी समदार, श्रीमती सुमन तिवारी एवं पैरालीगल कर्मिक सुश्री निशा नेताम शामिल रहे।

महासमुन्द : जिले में संचालित समस्त स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के संबंध में सावधानियां बरतने के निर्देश

महासमुन्द अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा राज्य आपदा मोचन बल के निर्देशानुसार आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए नगर सेना, नवा रायपुर द्वारा जिले में संचालित समस्त स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के संबंध में सावधानियां बरतने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। इसी तारतम्य में जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगर सेना महासमुन्द द्वारा जिले के सभी पटाखा दुकानदारों एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। पटाखा दुकानों के लिए अग्नि सुरक्षा के लिए दिए गए दिशा निर्देश में पटाखा दुकान अज्वलनशील सामग्री (जैसे टीन शेड) से निर्मित होनी चाहिए, किसी भी प्रकार के कपड़ा, बांस, रस्सी या टेंट से नहीं। प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखी जाए तथा दुकानें आमने-सामने न बनाई जाएं। प्रकाश व्यवस्था के लिए तेल का लैम्प, गैस लैंप या खुली बिजली बत्ती का उपयोग न करें। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। विद्युत तारों में कोई खुला ज्वाइंट न हो तथा मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर अवश्य लगा हो। पटाखा दुकानें ट्रांसफार्मर या हाई टेंशन पावर लाइन के नीचे या पास में न हों। प्रत्येक दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से रखा जाए। दुकानों के सामने 500 लीटर पानी की ड्रम एवं बाल्टियों की व्यवस्था की जाए। दुकानों के सामने बाइक या कार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। अग्निशमन विभाग एवं एम्बुलेंस के फोन नंबर दुकान परिसर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही अग्निशमन वाहन के आवागमन हेतु पर्याप्त खुला स्थान रखा जाए। जिला अग्निशमन अधिकारी ने सभी व्यापारी, दुकानदार एवं नागरिको को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूर्ण पालन करने कहा है।