samacharsecretary.com

वन विभाग में बड़ा बदलाव, अरूण पांडे बने नए PCCF

रायपुर. राज्य शासन ने 1994 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय को छत्तीसगढ़ का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख नियुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज 27 मई 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) से यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। विभाग के विशेष सचिव जे.पी. पाठक के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति वर्तमान प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, भा.व.से. (1990) की सेवानिवृत्ति के उपरांत की गई है। नवनियुक्त वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, भा.व.से. (1994) वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब उन्हें अरण्य भवन, नवा रायपुर के शीर्षस्थ पद पर पदस्थ करते हुए शीर्षस्थ वेतनमान में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सभी संबंधित विभागों को तत्काल भेज दी गई है।

CM साय ने दिवंगत रूपनारायण के घर पहुंचकर जताया शोक, कई मंत्री रहे साथ

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार सुबह योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के कबीर नगर स्थित निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे. मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रूपनारायण सिन्हा की अचानक तबियत बिगड़ गई. इस बीच उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनकी कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. आज कुछ देर बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रूपनारायण से उनका बहुत पुराना संबंध रहा है. वे लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे और उनके साथ व्यक्तिगत रिश्ते भी बेहद आत्मीय रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिवार को संबल प्रदान करें और दिवंगत रूपनारायण सिन्हा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित रूपनारायण सिन्हा के निधन के बाद BJP का पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित कर दिया गया है. तिफरा के झूलेलाल मंगलम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है. 

’राज्यपाल डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’

रायपुर ’राज्यपाल  डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’ राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर मे सुधार लाने योजनाओं का लाभ उन तक प्राथमिकता से पहुंचाना सुनिश्चित करें।                बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता तय कर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।  ’राज्यपाल  डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’           राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों की सड़कों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और यह जानें कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके विभाग अंतर्गत सबसे बेहतर कार्य कहां हो रहे हैं।                   बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान चलाने तथा लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जनजातीय समुदायों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।                  राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय बच्चों के नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एम्स के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए राइस मिल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और डीएमएफ निधि के उपयोग का सुझाव दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने और पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।                राज्यपाल ने बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण, फिश फार्मिंग और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में वन क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को सहकारिता के माध्यम से करने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने तथा मोबाइल टावर स्थापित कर इंटरनेट सुविधा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निजी कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय बाहुल्य गांवों को रोशन करने क लिए किए गए कार्याे की सराहना की।              राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों क्षेत्रों के उन बच्चों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए जो स्कूल और विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और सुविधाओं का आकलन कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाए।           राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उन कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए जिनकी वर्तमान समय में अधिक मांग है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को पीएम जनमन योजना के तहत प्राथमिकता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों की जीवनशैली और आवश्यकताओं को समझने के लिए तीन माह के भीतर विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं का सामूहिक योगदान आवश्यक है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने बैठक में की गई चर्चा पर कार्रवाई की रिपोर्ट अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।         बैठक के दौरान राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर आधारित वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन सौंपा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन  मनोज कुमार पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास  सोनमणि बोरा, सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित थे।

फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार

रायपुर फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार कवर्धा शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर के हृदय स्थल में नवनिर्मित “मित्र मिलन चौपाटी” का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक चौपाटी के प्रारंभ होने से नागरिकों को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। यह स्थल खानपान के साथ-साथ परिवारों और मित्रों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए एक प्रमुख आकर्षक केंद्र बनेगा। चौपाटी परिसर में रंग-रोगन, आधुनिक सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग, शुद्ध पेयजल और सर्वसुविधायुक्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार गुमटी व्यवसायियों को मिला सम्मान और स्थायी ठिकाना             उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मित्र मिलन चौपाटी शहर के परिवारों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य साबित होगी। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो छोटे फुटकर व्यवसायी पहले सड़कों और चौक-चौराहों पर असुरक्षित ढंग से गुमटी लगाकर व्यवसाय करने को मजबूर थे, उन्हें अब एक स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया गया है। इससे न केवल उनका स्वरोजगार सुरक्षित होगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। कवर्धा में प्रगति पर हो रह हैं ऐतिहासिक विकास कार्य            उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा शहर तेजी से आधुनिकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शहर में जारी विभिन्न परियोजनाओं का विवरण साझा किया। पूर्ण हो चुके प्रमुख कार्यो में वीर स्तंभ चौक, शिवाजी चौक का सौंदर्यीकरण कार्य प्रमुख हैं। भोरमदेव कॉरिडोर और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी, भोजली तालाब पाथवे का चौड़ीकरण, हनुमंत वाटिका का निर्माण, ठाकुरदेव चौक से बस स्टैंड तक सुगम पहुंच मार्ग प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें नियमित रूप से इसकी कड़ाई से निगरानी कर रही है। बाईपास को जोड़ने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है।              इसके साथ ही नालंदा लाइब्रेरी, शिव वाटिका, बूढ़ा महादेव परिसर उन्नयन, विशाल डोम निर्माण और पुराने अस्पताल परिसर के जीर्णाेद्धार का कार्य जारी है। बुजुर्गों के मनोरंजन और बैठक के लिए जल्द ही सियान सदन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसडीएम कार्यालय और शुगर फैक्ट्री परिसर में क्रमशः श्बलराम सदनश् एवं श्किसान सदनश् का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और शहर की स्वच्छता            शर्मा ने बताया कि युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए भोरमदेव विद्यापीठ में पीएससी और व्यापम की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। साथ ही जिले के 50 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की जा चुकी है। उन्होंने नगर पालिका के सामने भी जल्द ही एक और नई चौपाटी शुरू करने की घोषणा की और शहर को धूल-रहित व स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यातायात व्यवस्था में आएगा सुधार- नगर पालिका अध्यक्ष           नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा वासियों का वर्षों पुराना इंतजार आज समाप्त हुआ है। इस चौपाटी के बनने से फुटकर व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है और शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से अधिक सुगम व व्यवस्थित होगी। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष  गणेश तिवारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य शहरवासी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि

रायपुर  विश्व ऊदबिलाव दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। गरियाबंद जिले के उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के जल स्रोतों में ऊदबिलाव (ओटर) की प्रमाणिक उपस्थिति दर्ज की गई है। यह सफलता प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी)  अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त शोध प्रयासों से संभव हुई है।         गरियाबंद वनमंडल के डीएफओ  वरुण जैन के सहयोग से लगाए गए कैमरा ट्रैप में ऊदबिलाव के स्पष्ट चित्र प्राप्त हुए हैं। इससे यह प्रमाणित हुआ है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का जलीय पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है और यह दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास बना हुआ है। स्वस्थ जल स्रोतों के जैव संकेतक हैं ऊदबिलाव ऊदबिलाव स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों में निवास करने वाला संवेदनशील वन्यजीव है। यह नदियों, तालाबों और अन्य मीठे जल स्रोतों की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण जैव संकेतक माना जाता है। इसकी उपस्थिति किसी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाती है।           विश्वभर में ऊदबिलाव की 13 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से भारत में तीन यूरेशियन ऊदबिलाव, स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव और एशियाई स्मॉल-क्लॉड ऊदबिलाव प्रजातियां पाई जाती हैं। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ में इन तीनों प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है, जो राज्य की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है। विश्व ऊदबिलाव दिवस का उद्देश्य            हर वर्ष 27 मई को विश्व ऊदबिलाव दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऊदबिलाव प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और उनके सामने मौजूद खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करना है। प्राकृतिक आवास का नुकसान, जल स्रोतों का प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, अवैध शिकार एवं तस्करी और मानव-वन्यजीव संघर्ष आदि ऊदबिलाव के लिए प्रमुख खतरे हैं। छत्तीसगढ़ में संरक्षण के लिए लगातार हो रहा शोध           छत्तीसगढ़ में ऊदबिलाव संरक्षण की दिशा में वर्ष 2021 से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसके बाद राज्य शासन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा को ऊदबिलाव पर शोध और संरक्षण अध्ययन का दायित्व सौंपा गया। छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के नेतृत्व में कोरबा, कांकेर, गरियाबंद और बस्तर संभाग में कैमरा ट्रैप एवं मैदानी अध्ययन के माध्यम से ऊदबिलाव की उपस्थिति, व्यवहार, आवास और प्रजनन संबंधी जानकारी संकलित की जा रही है। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की शोधकर्ता मती निधि सिंह के नेतृत्व में तैयार अध्ययन रिपोर्ट वन विभाग को सौंपी गई है। अध्ययन से राज्य के विभिन्न जिलों में ऊदबिलाव की उपस्थिति के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। जनजागरूकता से बढ़ी संरक्षण की उम्मीद            वन विभाग और विज्ञान सभा द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव यह है कि अब स्थानीय मछुआरे और ग्रामीण ऊदबिलाव के संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील हुए हैं तथा कई क्षेत्रों से इनके रेस्क्यू की सूचना स्वयं लोगों द्वारा दी जा रही है। वन विभाग की अपील: जल स्रोतों को रखें स्वच्छ           वन विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने आमजन से अपील की है कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक, कांच तथा अन्य अपशिष्ट न फैलाएं। जंगलों में आग लगने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊदबिलाव का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता से ही यह संभव है। स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित जल स्रोतों के संरक्षण से ही इस दुर्लभ वन्यजीव का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना विस्तार पर हुई सकारात्मक चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह,  छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक  रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक’

रायपुर  ’‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के साथ  चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।  कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

काम में बेवजह देरी करने वाली एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं          समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला) साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश           मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।          इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आज, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

रायपुर  मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। राज्य सरकार की इस अहम कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर मंत्रालय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार प्रदेश के विकास, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय ले सकती है। इसके अलावा आगामी योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं को लेकर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा संभावित है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को फैसलों की जानकारी देने के लिए मंत्रालय के भू-तल स्थित एस-0-12 कक्ष में आधिकारिक ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। इस दौरान सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। मंत्रालय परिसर में प्रवेश के लिए गेट नंबर 4 निर्धारित किया गया है, जहां से मीडिया प्रतिनिधियों और आमंत्रित लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। जनसंपर्क संचालनालय की ओर से मीडिया प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए विशेष वाहन व्यवस्था भी की गई है। वाहन छोटापारा स्थित जनसंपर्क संचालनालय कार्यालय से शाम 7 बजे मंत्रालय के लिए रवाना होगी। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई परियोजनाओं की स्वीकृति और विभिन्न विभागों के बजट संबंधी विषयों पर भी मंत्रिपरिषद में विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश की जनता की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कैबिनेट में लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर आम लोगों, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारिक वर्ग पर पड़ सकता है। अब सभी को बैठक के बाद होने वाली आधिकारिक ब्रीफिंग का इंतजार है, जिसमें सरकार के बड़े फैसलों का खुलासा होगा।

‘मोदी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिली नई गति’, PM के 12 साल पर बोले CM साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है। सीएम साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुंच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले। मुख्यमंत्री ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।