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प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे: CM

रायपुर छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र और विविध जनजातीय समुदायों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। बस्तर के विकास में बाधक रहे नक्सलवाद के अब यहां से नक्सल उन्मूलन की अंतिम लड़ाई जारी है। बस्तर संभाग अपनी कला एवं संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है अकेले बस्तर संभाग में ही हल्बी, गोड़ी, भतरी दोलरी जैसे पारंपरिक बोली, बोली जाती है। वर्षों से अशांत रहे बस्तर अंचल में ढोल और मांदर की थाप अब फिर से सुनाई देने लगेगी। मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है। सटीक रणनीति के साथ यहां आतंक के खात्मे और सामाजिक- आर्थिक विकास के काम हो रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में जिस तरह लोगों ने भागीदारी की वो इस बात का प्रमाण है की बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि ‘‘लाल आतंक के खात्मे के लिए नक्सलियों के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई जोर शोर से जारी है। इसका परिणाम है कि नक्सलियों की कमर अब टूट गई है। प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे।’’  केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 22 जून 2025 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए थे इस दौरान उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएंगे। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल ऑपरेशन जारी रहेगा।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के वीर जवान कठिन चुनौतियों और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद नक्सलवाद के खात्मे के अभियान को ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों का अद्वितीय साहस और बलिदान न केवल हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित करता है, बल्कि पूरे देश को एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि हमारा देश अब नक्सलवाद की बेड़ियों से मुक्त होने की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ में बीते 21 मई 2025 को माओवादी सरगना बसव राजू के साथ अबूझमाड़ के जंगल में 26 नक्सलियों को सुरक्षा बल के जवानों के हाथों मारे जाने से नक्सलवाद की कमर टूटी है। इस पर सवा 3 करोड़ का ईनाम घोषित था। तीन दशकों में पहली बार हुआ है कि जनरल सेक्रेटरी रैंक का कोई माओवादी न्यूट्रलाइज किया गया। यह असाधरण कामयाबी है और इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सल के ताबूत में हमने अंतिम कील जड़ दिया है। इसके अलावा शीर्ष ईनामी नक्सली लक्ष्मी नरसिम्हा चालम उर्फ सुधाकर भी 05 जून 2025 को नेशनल पार्क एरिया में पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया, इस पर 1 करोड़ का ईनाम था।   नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। प्रदेश में पिछले डेढ़ साल के भीतर सुरक्षाबलों ने अपनी बहादुरी से 438 नक्सलियों को मार गिराया है। साथ ही 1515 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 1476 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर विवश किया है। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षा बल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से हमारी सरकार अंदरूनी गांवों तक सुरक्षा के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करने में सफल हो रहे हैं।  आखिर क्यों खास है पूवर्ती गांव     सुकमा जिले के अंदरूनी व अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ पूवर्ती गांव एक वक्त नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था। एक करोड़ रूपए का ईनामी नक्सली हिड़मा तथा टेकलगुड़ा कैंप निर्माण के दौरान नक्सली हमले की घटना का मास्टरमाइंड देवा का यह पैतृक गांव होने के कारण हमेशा चर्चा में रहा है। माओवादियों का प्रभाव में होने के कारण पूवर्ती गांव में शासन की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन अब इस गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने से यहां के लोगों को तेजी से मूलभूत सुविधाएं सुलभ होने लगी है। आदिवासी बाहुल्य आबादी, अनुपम नैसर्गिक सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर में आज विकास का सबसे बढ़ा अवरोधक है नक्सली हिंसा। पिछले 3 दशकों में नक्सलियों ने यहां अपने पैर पसारे। बंदूक के दम पर हिंसा के साथ विकास कार्यों में बाधा पहुंचाई। नक्सलियों ने अपने झूठे, खोखले सिद्धांतों के जरिए लंबे समय तक भोले-भाले आदिवासियों को भ्रम में डाला, हिंसा का सहारा लेकर उन्हें डराने की कोशिश की। बच्चों से उनके स्कूल छीने, उनका बचपन छीना उन्हें हिंसा की राह पर धकेला। कई परिवारों को बर्बाद किया, सुहागनों की सिंदूर उजाड़े, बेटियों को अगवा किया और उन्हें भी हिंसा के रास्ते पर ले गए। इसी वजह से संसाधनों से परिपूर्ण बस्तर पर देश के सबसे पिछड़े इलाकों में एक होने का धब्बा लगा। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ विकास के इस अवरोध को पूरी तरह से समाप्त करने पर डटी हुई है। बस्तर में विकास का अब नया सबेरा होने वाला है। यहां नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। लोगों को अब खुशहाल बस्तर मिलेगा। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान पूरे हौंसले के साथ नक्सल मोर्चे पर डटे और अब जल्द ही नक्सलियों का समूल अंत होगा।

नगर निगम वसूलेगा 1,00,000 रुपए तक जुर्माना, पहली बार चेतावनी, इसके बाद समझाइश, फिर लगेगा जुर्माना : महापौर मीनल

रायपुर  नगर निगम एक्ट की धाराओं के तहत अलग-अलग मामले में जुर्माने की रकम तय कर दी गई है. इसकी जानकारी आम नागरिकों को नहीं है. इस पर अब नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी जोन स्तर पर नियमों के साथ ही इसका उल्लंघन करने पर क्या दंड मिलेगा, इसका भी प्रचार करेंगे. निगम में पिछले एक महीने से लागू ई-चालान सिस्टम और उससे हुई वसूली पर महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट कर दिया कि निगम के राजस्व में वृद्धि जरूरी है, लेकिन इसके लिए आम नागरिक अधिक परेशान न हों. पहले नियमों की जानकारी नागरिकों को देते हुए पहली बार चेतावनी दें, इसके बाद समझाइश, फिर जुर्माना लगाने की कार्रवाई करें. नियमों की जानकारी पहले जनता को दें, उसके बाद ही अर्थदंड की कार्रवाई करें. इसके लिए निगम का राजस्व अमला और नगर निवेश विभाग अब तैयारी शुरू करेगा. नगर निवेश अधिकारी के मुताबिक सम्पूर्ण निगम सीमा क्षेत्र में विज्ञापन की नीति है कि बिना लिखित अनुमति के नगर निगम सीमा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक, निजी संपत्ति, दीवार, वाहन, ढांचे आदि पर कोई भी प्रचार सामग्री नहीं लगा सकता. केवल पंजीकृत विज्ञापन एजेंसियों को ही इसकी अनुमति नियमानुसार दी जाती है. निजी संपत्ति पर लाइसेंस की अवधि एक वर्ष होती है. सार्वजनिक संपत्ति पर टेण्डर के नियमों के अनुसार लाइसेंस अवधि होती है. अस्थायी विज्ञापन हेतु एक माह की अवधि होती है. जिसमें मासिक नवीनीकरण संभव है. वहीं निजी संपत्ति पर एक वर्ष की लाइसेंस अवधि नवीनीकरण योग्य होती है. निगम के नगर निवेश विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अनाधिकृत प्रचार पर 50 हजार रुपये से 1 लाख तक का जुर्माना करने तथा 10 हजार रुपये तक हटाने का शुल्क लिया जाएगा. अब सवाल ये उठता है कि क्या ये जुर्माना राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से भी वसूले जाएंगे ? क्योंकि राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा अवैध होर्डिंग विभिन्न पार्टियों के नेताओं की नजर आती है. वहीं अवैध विज्ञापन पर मूल शुल्क का दो गुना तक दण्ड वसूलने 15 दिनों में सुधार ना करने पर बिना नोटिस के अवैध विज्ञापन हटाये जाने का प्रावधान है. इसी प्रकार गाड़ियों में विज्ञापन करने पर वाहन जब्ती, एफआईआर एवं काली सूची में डालने की कार्रवाई इसमें संभव है. विज्ञापन शुल्क समय पर जमा ना करने की स्थिति में संबंधित राशि को संपत्ति कर में जोड़ दिया जायेगा, आवश्यकता पड़ने पर संपत्ति सील भी की जा सकती है.

बीजापुर में सनसनीखेज मामला, पूर्व सरपंच की गला घोंटकर हत्या

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीती रात अज्ञात हमलावरों ने चिन्नाकोडेपाल गांव के पूर्व सरपंच और वर्तमान वार्ड पंच विजय जव्वा की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतक का शव गांव के रास्ते पर मिला, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। यह पूरा मामला मोदकपाल थाना क्षेत्र का है। बीजापुर एसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया है, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले के हर एंगल पर जांच कर रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने भाजपा सरकार पर देश में हर किसी को डराने की कोशिश करने का लगाया आरोप

रायपुर,  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार पर देश में हर किसी को डराने की कोशिश करने का सोमवार को आरोप लगाया और लोगों से अपने 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए लड़ाई में एकजुट रहने को कहा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 'जय जवान-जय किसान-जय संविधान' नामक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में गरीब लोगों को लूटा जा रहा है। खरगे ने कहा, ”भाजपा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आईटी (आयकर) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर हमारे नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम इससे कभी नहीं डरते। अब भी छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री (भूपेश बघेल) सहित हमारी पार्टी के नेताओं को (केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके) परेशान किया जा रहा है…।" राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने दावा किया, "उन्होंने (भाजपा ने) नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल जी को फंसाने की भी कोशिश की। वे हमेशा कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। सबको डराना उनकी आदत है। आप तभी जिंदा रहेंगे, जब आप डरेंगे नहीं। अगर हमें अपने जल जंगल जमीन की रक्षा करनी है तो आप सभी को उनके खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना होगा।” उन्होंने दावा किया, ”आज अदाणी और अंबानी जैसे लोग यहां आकर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। वे खदानों के लिए जंगल में लाखों पेड़ काट रहे हैं। मोदी जी हमारे आदिवासी भाइयों और छत्तीसगढ़ के सभी लोगों का जीवन बर्बाद कर रहे हैं।" कांग्रेस प्रमुख ने पूछा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बार-बार छत्तीसगढ़ क्यों आ रहे हैं? क्या यहां आपका ससुराल है? उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री उनके (प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के) निर्देशों का पालन करते हैं। अगर वे कहते हैं उठो, तो वह उठ जाते हैं। अगर वे कहते हैं बैठो, तो वह बैठ जाते हैं। यह छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। यह बहुत बड़ा अपमान है।” खरगे ने आरोप लगाया कि उद्योगपति कोयला और अन्य खनिजों को लूटने के लिए यहां आ रहे हैं। यहां लोगों का हालचाल जानने कोई नहीं आता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह पर उद्योगपतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि शाह खनिजों की जांच करने के लिए यहां आते हैं। कांग्रेस की इस सभा में भारी बारिश के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में मौजूद थे।  

शराब घोटाला मामले में 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ 2300 पन्नों का चालान EOW ने विशेष कोर्ट में किया पेश

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सोमवार को इस मामले में आरोपी बनाए गए 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ करीब 2300 पन्नों का चालान विशेष कोर्ट में पे किया है। बता दें कि इससे पहले बीते 30 जून को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने विशेष कोर्ट में लगभग 1200 पन्नों का चौथा पूरक चालान पेश किया था, जिसमें लखमा की अहम भूमिका का उल्लेख किया गया है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा को आबकारी घोटाले में उनके हिस्से का 64 करोड़ रुपये मिला है, जिसमें 18 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि के निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य भी मिले हैं। पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह पता चला है कि पूर्व मंत्री लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को क्रियान्वित किया गया। इस घोटाले से हासिल की गई रकम को व्यक्तिगत और परिवार के हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अत्यधिक और अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घोटाले की जांच जारी है। 21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ED ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी। क्या है शराब घोटाला? तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है। इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ रुपये के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था। ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया। उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि 30 जून से पहले 13 मार्च को मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टिलर, वेलकम डिस्टिलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम साई ब्रेवरीज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

कोक ओवन बैटरी 5-6 का जर्जर स्ट्रक्चर अचानक ढहा , भिलाई स्टील प्लांट में मचा हड़कंप

दुर्ग भिलाई स्टील प्लांट में आज उस समय हड़कंप मच गया जब कोक ओवन बैटरी 5-6 का जर्जर स्ट्रक्चर अचानक ढह गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं और मेंटेनेंस को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि स्ट्रक्चर के नीचे आमतौर पर कर्मचारियों की आवाजाही होती है, लेकिन हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद संयंत्र प्रबंधन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। कोक ओवन बैटरी 5-6 के ढहने से हॉट मेटल प्रोडक्शन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब संयंत्र में कोई जर्जर ढांचा गिरा हो। भिलाई इस्पात संयंत्र में कई संरचनाएं 70 साल पुरानी हैं, जिनकी हालत जर्जर हो चुकी है। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने इसके लिए कई बार जांच कमेटियां गठित की गई, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट को हर बार दरकिनार किया गया। संयंत्र में मेंटेनेंस का अभाव होने से कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

भाजपा के सांसद-विधायकों की पाठशाला, जेपी नड्डा ने दिया मार्गदर्शन, बाहर रखवाया मोबाइल फ़ोन

रायपुर भाजपा का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज से मैनपाट के तिब्बती कैंप-01 में शुरू हो गया है। इस विशेष शिविर में पार्टी के सांसद, विधायक और मंत्रीगण शामिल हुए हैं। पहले दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शिविर में पहुंचकर सभी को मार्गदर्शन देने पहुंचे हुए हैं। इस प्रशिक्षण शिविर की खास बात यह है कि इसमें अत्यधिक गोपनीयता बरती जा रही है। बैठक को पूरी तरह से निजी रखा गया है और सभी भाग लेने वाले सांसद और विधायकों को मोबाइल फोन बाहर ही जमा कराया गया है। किसी को भी मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। 12 सत्रों का होगा प्रशिक्षण बता दें कि भाजपा के सांसद और विधायक दल का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र कुल 12 सत्रों में पूरा होगा। प्रथम दिवस दो सत्र होंगे, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन मंत्री संतोष तावड़े, बी सतीश, द्वितीय दिवस छह सत्र होंगे, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रशिक्षक के रूप में शामिल होंगे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश प्रशिक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। 3 एसपी, 4 एडिशनल एसपी सहित 800 जवान होंगे तैनात सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मुताबिक भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने पहुंच रहे मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्री और सांसद, विधायक दलों की सुरक्षा के लिए तीन एसपी और चार एडिशनल एसपी की तैनाती की गई है। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा के लिए थाना प्रभारियों सहित 800 जवान तैनात रहेंगे। प्रशिक्षण स्थल के पूर्व तथा मार्ग में कई स्थानों पर बेरियर भी लगाए जा रहे हैं, जहां मैनपाट पहुंचने वाले लोगों को पुलिस के विशेष जांच प्रक्रिया के बीच से गुजरना होगा।

नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी :CM साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

10 लाख का इनामी नक्सली कन्ना बीजापुर के नेशनल पार्क में हुई मुठभेड़ में ढेर

बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में एक कुख्यात नक्सली ढेर हो गया है। मारा गया नक्सली नक्सलियों की मिलिट्री कंपनी का स्नाइपर बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मारा गया नक्सली सोढ़ी कन्ना था, जो जगरगुंडा थाना क्षेत्र के किस्टारम का रहने वाला था। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस मुठभेड़ को सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। क्योंकि सोढ़ी कन्ना लंबे समय से कई नक्सली वारदातों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में शामिल था।

भाजपा विधायक दल और सांसदों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ आज, जेपी नड्डा बंद कमरे में देंगे दिग्गजों को प्रशिक्षण

रायपुर छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक दल और सांसदों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित तिब्बती मॉनिस्ट्री हॉल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे. वे आज सात जुलाई को विशेष विमान से दोपहर साढ़े बारह बजे दरिमा हवाई पट्टी पहुंचेंगे और यहां से सड़क मार्ग से मैनपाट जाएंगे. पहले दिवस के प्रशिक्षण में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद तावड़े और बी सतीश प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहेंगे. भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित सभी कैबिनेट और राज्यमंत्री, विधायक, सांसदों के शामिल होने को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशिक्षण वर्ग में सांसद, विधायकों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रखा गया है और पूरे प्रशिक्षण वर्ग में प्रशिक्षकों द्वारा बंद कमरे में क्लास ली जाएगी. भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने वाले मंत्री, विधायक और सांसदों के पहुंचने का सिलसिला रविवार दोपहर से ही शुरू हो गया है. मैनपाट के सभी रिसॉर्ट और होटलों की बुकिंग भी फुल हो चुकी है. जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण वर्ग में आम जनता के बीच सीधे संवाद और शासकीय योजनाओं का आम आदमी तक पहुंच हो सके इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही स्थानीय मुद्दों पर प्रमुखता से काम करने और चुनाव से पहले क्षेत्र के विकास के लिए किए गए वायदों को भी पूरा करने रिचार्ज किया जाएगा. इसके साथ ही इस प्रशिक्षण वर्ग को आगामी चुनाव की तैयारी में भी देखा जा रहा है. 12 सत्रों का होगा प्रशिक्षण भाजपा के सांसद और विधायक दल का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र कुल 12 सत्रों में पूरा होगा. प्रथम दिवस दो सत्र होंगे, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन मंत्री संतोष तावड़े, बी सतीश, द्वितीय दिवस छह सत्र होंगे, जिसमें केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्र शिक्षक के रूप में शामिल होंगे. समापन सत्र के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश प्रशिक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे. 3 एसपी, 4 एडिशनल एसपी सहित 800 जवान होंगे तैनात सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मुताबिक भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने पहुंच रहे मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्री और सांसद, विधायक दलों की सुरक्षा के लिए तीन एसपी और चार एडिशनल एसपी की तैनाती की गई है. साथ ही अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा के लिए थाना प्रभारियों सहित 800 जवान तैनात रहेंगे. प्रशिक्षण स्थल के पूर्व तथा मार्ग में कई स्थानों पर बेरियर भी लगाए जा रहे हैं, जहां मैनपाट पहुंचने वाले लोगों को पुलिस के विशेष जांच प्रक्रिया के बीच से गुजरना होगा.