samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ी फिल्म देखने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर : बलिदानी राजा गुरु बालकदास फिल्म साहस और शौर्य की अनुपम गाथा : मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ी फिल्म देखने पहुंचे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री  साय ने फिल्म 'बलिदानी राजा गुरु बालकदास' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ी फिल्म देखने पहुंचे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंहमुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित अंबुजा मॉल के सिनेमाघर में छत्तीसगढ़ी फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” को देखने पहुँचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाडा, विधायक  रोहित साहू, धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सतनामी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” फिल्म साहस और शौर्य की अनुपम गाथा है। गुरु बालकदास ने अंग्रेजों एवं पिंडारियों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचार और भुखमरी के विरुद्ध न केवल संघर्ष किया, बल्कि समाज को संगठित करने का भी प्रयास किया। उन्होंने शिक्षा का अलख जगाने, सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का विरोध करने के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री  साय ने यह घोषणा की कि फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक दर्शक इस प्रेरणादायी गाथा को देख सकें और अपने इतिहास तथा विरासत से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य प्रारंभ से ही वीर शहीदों और संत-महात्माओं की धरती रहा है। आवश्यकता है कि हम अपने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इतिहास को जानें और समझें। उन्होंने कहा कि यह फिल्म छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, राज्य की समृद्ध संस्कृति, सामाजिक सद्भाव, अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष और जीवन की सहजता को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि हमारे कलाकार, निर्देशक और पूरी यूनिट मेहनत और लगन से कार्य कर रही है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज दर्शकों के दिलों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित फिल्म सिटी का निर्माण छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बेहतर अधोसंरचना, अधिक अवसर और राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान और भी सशक्त होगी।

संस्कार और सुविधा से सजेगा सुंदर रायपुर — अरुण साव का आह्वान

रायपुर : स्वच्छ, सुंदर, सुनियोजित, सुव्यवस्थित, संस्कारित और सुविधापूर्ण शहर बनाने के लिए करें काम –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 14 शहरों के बीच करार स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ के सभी सात शहर एक-एक और शहर की रैंकिंग सुधारने में करेंगे मदद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वच्छ शहर जोड़ी संवाद का आयोजन उप मुख्यमंत्री  साव ने आरडीएफ ट्रैकिंग पोर्टल, व्हाट्स-अप चैटबॉट तथा स्वच्छता लीग टूलकिट का हिंदी संस्करण किया लॉन्च रायपुर   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव की मौजूदगी में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने आज 14 नगरीय निकायों के बीच करार (MoU) हुआ। इन समझौतों में संबंधित नगरीय निकायों के महापौरों, अध्यक्षों, आयुक्तों और सीएमओ ने हस्ताक्षर किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की नई पहल ‘स्वच्छ जोड़ी शहर’ के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ के सभी सात शहर एक-एक और शहर की रैंकिंग सुधारने में मदद करेंगे। इसके लिए आज समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर के साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ‘स्वच्छ शहर जोड़ी संवाद’ का आयोजन किया गया। प्रदेश के सभी 192 नगरीय निकाय इससे वर्चुअली जुड़े। उप मुख्यमंत्री  साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में आरडीएफ ट्रैकिंग पोर्टल, व्हाट्स-अप चैटबॉट तथा स्वच्छता लीग के हिन्दी टूलकिट को भी लॉन्च किया। भारत सरकार के नवीन अभियान "स्वच्छ शहर जोड़ी" के तहत स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहर अपने राज्य के उन शहरों को जो स्वच्छ सर्वेक्षण में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं, उन्हें अपने अनुभवों का लाभ प्रदान कर स्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित और सहयोग करेंगे। इसके लिए आज मेन्टोर (Mentor) शहर एवं मेन्टी शहरों द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर करने के साथ ही आगे के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा आज लॉन्च किए गए डिजिटल नवाचार ‘आरडीएफ (Refused Derived Fuel) ट्रैकिंग पोर्टल’ के द्वारा निकाय स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुदृढ़ की जाएगी। यह पोर्टल राज्य के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत संचालित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) केंद्रों से उत्पन्न होने वाले रिफ्युज्ड डिराइव्ड फ्युइल (Refused Derived Fuel) की आवाजाही के डिजिटल निरीक्षण, निगरानी और विश्लेषण के लिए तैयार किया गया है। आज लॉन्च किए गए व्हाट्स-अप चैटबॉट के माध्यम से नागरिक 851-900-9090 नम्बर पर अब सीधे स्वच्छता संबंधी शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। स्वच्छता में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने की दृष्टि से विभाग द्वारा यह चैटबॉट प्रारंभ किया गया है। स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने, लोगों को जागरूक करने तथा साफ-सफाई के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए विभाग द्वारा स्वच्छता लीग टूलकिट का हिंदी संस्करण तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यक्रम में मौजूद महापौरों, अध्यक्षों, निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा ऑनलाइन जुड़े नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हो रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में 115 नगरीय निकायों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। 20 हजार से कम आबादी वाले देश के 100 सबसे साफ-सुथरे शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल निर्माण ही नहीं करना है, बल्कि उन्हें स्वच्छ, सुंदर, सुनियोजित, सुव्यवस्थित, संस्कारित और सुविधापूर्ण भी बनाना है। इसके लिए जनसहभागिता जरूरी है।  साव ने नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और अधिकारियों से कहा कि आप लोग शहर के नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। शहरों से राज्य की प्रतिष्ठा बनती है। इसलिए आप लोग पुराने तौर-तरीके छोड़कर नई सोच, नए विजन और नवाचार के साथ अनुकरणीय व परिणाममूलक काम करें। उन्होंने कहा कि इस साल हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। हमें नए संकल्प के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने शहर को तैयार करना है। हमारा शहर देश और प्रदेश में अग्रणी बने, इसके लिए काम करना है।  साव ने सभी नगरीय निकायों से कहा कि विभाग द्वारा आज जो सुविधाएं लॉन्च की गई हैं, उनका अपने शहर में सक्रियता से उपयोग करें। इनसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ें और सहभागिता बढ़ाएं।   रायपुर की महापौर मती मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर मती पूजा विधानी और अंबिकापुर की महापौर मती मंजूषा भगत ने भी मेंटरशिप के जरिए क्रमशः बिरगांव, रतनपुर एवं बैकुंठपुर में बेहतर स्वच्छता के लिए हर तरीके के सहयोग के लिए आश्वस्त करने के साथ ही इसके लिए रोडमैप साझा किया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  आर. एक्का, संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका वास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय और अतिरिक्त सीईओ  दुष्यंत कुमार रायस्त के साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग तथा सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सात नगरीय निकाय सात और निकायों को बनाएंगे स्वच्छ और सुंदर मेंटर और मेंटी शहरों के बीच आज हुए एमओयू के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित रायपुर मेंटर के रूप में अपने मेंटी शहर बिरगांव नगर निगम को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसी तरह से बिलासपुर नगर निगम रतनपुर को, अंबिकापुर नगर निगम बैकुंठपुर को, कुम्हारी नगर पालिका अहिवारा को, बिल्हा नगर पंचायत कोटा को, पाटन नगर पंचायत गुरुर को और विश्रामपुर नगर पंचायत जरही को स्वच्छता के कार्यों में सहयोग प्रदान करेगा।

असुरक्षा और भय के जीवन से मिली मुक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे ग्राम पंचायत एलमागुंडा निवासी श्री सोड़ी हुंगा का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना आखिरकार पूरा हो गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृह विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’’ (विशेष परियोजना नियद नेल्लानार योजना) के अंतर्गत उनका नाम चयनित किया गया। कलेक्टर बीजापुर के मार्गदर्शन में आवास प्लस ऐप सर्वे और प्राथमिकता क्रम मं  लक्ष्य आवंटन के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ।            पूर्व में नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे श्री हुंगा ने लगातार असुरक्षा और भय से जीवन व्यतीत किया। शासन-प्रशासन पर विश्वास जताते हुए उन्होंने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें प्रोत्साहन राशि और अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता से पक्का मकान मिला। एलमागुंडा ग्राम पंचायत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। सीमित परिवहन सुविधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्री हुंगा ने परिवार के सहयोग से अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया।          प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राप्ति से श्री सोड़ी हुंगा ने भावुक होकर कहा कि पहले नक्सल गतिविधियों में जीवन हमेशा खतरे में रहता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।          प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और नियद नेल्ला नार योजना न केवल आवासीय सुविधा उपलब्ध करा रही है, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री सोड़ी हुंगा जैसे हितग्राहियों की सफलता की कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाएँ सही दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।

कृषि महाविद्यालय रायपुर में हिंदी पखवाड़े पर चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित

 रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, रायपुर में हिंदी पखवाड़े के अवसर पर विविध साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार महाविद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, एनईपी समन्वयक डॉ. एस. बी. वेरुलकर, प्लेसमेंट सेल एवं एन.इ.पी. सारथी  सुश्री अनुष्का चौरसिया के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।     कार्यक्रम के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा “विकसित भारत 2047 के निर्माण में हिंदी की भूमिका” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय के 155 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक चेतना का परिचय दिया।          चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति को लेकर सारगर्भित संदेश प्रस्तुत कर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और उसकी भूमिका पर सशक्त तर्क रखते हुए विकसित भारत 2047 के परिकल्पना में इसकी महत्ता को स्पष्ट किया।     विद्यार्थियों की सक्रिय और ऊर्जावान भागीदारी इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत यह आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना और संवाद कौशल को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर चयनित विद्यार्थियों को दिनांक 30 सितंबर, 2025 को आयोजित हिंदी पखवाड़ा के समापन दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा।

सफलता की कहानी: किशोरी अमृत सरोवर बना खुशहाली का स्रोत

20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प,  सिंचाई और मछलीपालन से बदल रही है ग्रामीणों की जिंदगी रायपुर कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम किशोरी में मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हुआ तालाब आज ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे रहा है। कभी अनुपयोगी हो चुका यह तालाब अब ग्रामीणों के लिए दैनिक निस्तार, पशुओं के पेयजल, खेती-बाड़ी और आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। 20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प ग्राम पंचायत किशोरी में लगभग 20 वर्ष पुराना तालाब लंबे समय तक उपेक्षा के कारण अनुपयोगी हो गया था। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में पंचायत के प्रस्ताव पर इसे मिशन अमृत सरोवर के तहत पुनर्जीवित किया गया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कर इसकी जलभराव क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 10 हजार घनमीटर कर दिया गया। 18 एकड़ खेतों में पहुंचा पानी तालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसान मनोज रक्सेल और अरविन्द सिंह की तीन-तीन एकड़, जबकि सुरेन्द्र, लक्ष्मण, वीरेन्द्र और आनंद की दो-दो एकड़ से ज्यादा भूमि अब सिंचित हो रही है। इसके अलावा जगबली यादव की लगभग सवा एकड़ ज़मीन भी इस सरोवर से सींची जा रही है। किसानों ने बताया कि अब वे खरीफ के साथ रबी की फसलें भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सुधार हुआ है। महिलाओं की कमाई 75 हजार रुपए ग्राम पंचायत ने अमृत सरोवर को आजीविका संवर्धन के रूप में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को लीज पर उपलब्ध कराया है। जय मां महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस तालाब से बीते ग्रीष्म में 75 हजार रुपये की मछली बेचकर लाभ कमाया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सोनकुंवर और सचिव श्रीमती जीराबाई ने बताया कि इस साल लगभग तीन लाख रुपए के मछली उत्पादन की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का जरिया और पोषण संवर्धन का साधन बन रही है। खुशहाली का प्रतीक बना अमृत सरोवर किशोरी ग्राम पंचायत का यह अमृत सरोवर आज केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला रायपुर  मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी। कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी। यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा। प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।

रायपुर: मोहगांव हाई स्कूल में अंग्रेजी, गणित और कला विषयों के शिक्षकों की हुई नई पदस्थापना

रायपुर : मोहगांव हाई स्कूल में अंग्रेजी, गणित एवं कला विषय के शिक्षकों की पदस्थापना स्कूल में लौटी शिक्षा की रौनक, बढी शिक्षा की गुणवत्ता रायपुर विद्यालय में एक शिक्षकीय विद्यालय या शिक्षकों की नियुक्ति न होने के कारण प्रारंभ से ही यह संस्था शिक्षकविहीन स्थिति में संचालित हो रही थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अभिभावकों की चिंता और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में बाधा को लेकर ग्रामीणजनों में निराशा व्याप्त थी। शिक्षा विभाग द्वारा इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत्  विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों को पदस्थ किए गए हैं, जिससे स्कूल में शिक्षा की रौनक बढी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।       महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मोहगांव की स्थापना वर्ष 2022 में विद्यार्थियों को माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। किंतु युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत् तीन व्याख्याता अंग्रेजी, गणित एवं कला विषय के लिए इस विद्यालय में पदस्थ किए गए हैं। इन विषयों की अत्यधिक आवश्यकता थी क्योंकि ये विद्यार्थी के समग्र बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री देवेंद्र चंद्राकर, शैलेन्द्र ठाकुर, रामसिंह नाग व विज्ञान सहायक भूपेंद्र जसपाल शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियाँ पुनः गति पकड़ने लगी हैं। अब नियमित रूप से कक्षाएँ संचालित हो रही हैं और विद्यार्थी पूरे उत्साह एवं रुचि के साथ अध्ययन में भाग ले रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।     विद्यालय में व्याख्याताओं की पदस्थापना से न केवल बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से प्रारंभ हुई है, बल्कि ग्राम मोहगांव सहित आस-पास के क्षेत्रों के पालकों एवं ग्रामीणजनों में भी प्रसन्नता की लहर है। बच्चों के भविष्य को लेकर अब उनमें आश्वस्ति का भाव है। ग्राम के नागरिकों ने शासन एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह निर्णय दूरस्थ ग्रामीण अंचल में शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि इसी तरह अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी विद्यालय में शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।     क्षेत्र के जनपद सदस्य भूपेंद्र मोंटू दीवान, सरपंच नरेन्द्र दीवान व एसएमसी अध्यक्ष डॉ. चेतन साहू ने प्रसनता व्यक्त करते कहा कि शिक्षा विभाग की यह पहल शिक्षा सबके लिए के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी बच्चे को केवल संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न होना पड़े।

महासमुन्द : ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए डेस्कटाॅप पब्लिशिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर

महासमुन्द बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जिले के ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए कम्प्यूटर में डेस्कटाॅप पब्लिशिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 45 दिनों का रहेगा। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 3 अक्टूबर 2025 तक पंजीयन करा सकते है। प्रशिक्षण हेतु आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड को 2-2 छायाप्रति, अंकसूची न्यूनतम 12 वीं उत्तीर्ण एक छायाप्रति एवं पासपोट साईज की 5 फोटो शामिल है। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थी द्वारा बड़ौदा आरसेटी बरोण्डा बाजार में उपस्थित होकर या कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर +91-79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर +91-83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नम्बर +91-91310-65767 पर सम्पर्क कर पंजीयन कराया जा सकता है। सम्पर्क करने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है।    

कांकेर में दशहरा एवं विसर्जन तैयारी पर चर्चा, शांति समिति की बैठक आयोजित

उतर बस्तर कांकेर : प्रतिमा विसर्जन एवं दशहरा उत्सव के आयोजन को लेकर शांति समिति की बैठक हुई कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की गई अपील उतर बस्तर कांकेर नवरात्रि पर्व उपरांत मॉ दुर्गा का प्रतिमा विसर्जन तथा दशहरा पर्व के सफल आयोजन को लेकर आज जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक तथा अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुमार कुर्रे उपस्थित थे। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज दोपहर आहूत बैठक में मूर्ति विसर्जन के स्थल चयन एवं रूट चार्ट की जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर ने सभी आयोजन समिति के पदाधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग उच्चतम न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मापदंड अनुसार किए जाने के बारे जानकारी दी। बैठक में एडिशनल एसपी श्री दिनेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शहर में इस दौरान पुलिस के उच्चाधिकारियों की तैनाती चिन्हांकित चौक-चौराहों पर की जाएगी तथा छोटे-बड़े वाहनों के आवागमन हेतु रूट चार्ट एवं वाहन पार्किंग का निर्धारण प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके अलावा मूर्ति विसर्जन के दौरान विद्युत विभाग, परिवहन, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के परस्पर सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने सुझाव देते हुए नगर की ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप मूर्ति विसर्जन और दशहरा उत्सव आयोजित करने के संबंध में चर्चा की। शहर के विभिन्न मार्गों में बारिश के दौरान बन चुके गड्ढों की फिलिंग कराने कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया। एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा ने डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने के लिए दुर्गोत्सव समितियों को निर्धारित प्रारूप में अनुमति लेने की बात कही तथा नियमों का पालन करने पर जोर दिया। बताया गया कि रावण पुतला दहन कांकेर शहर के शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान और मेलाभाठा में किया जाएगा। पुतला दहन निर्धारित समयानुसार सम्पन्न कराने की समझाइश आयोजकों को दी गई। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न आयोजन समिति के पदाधिकारी, पार्षदगण तथा वरिष्ठ नागरिकगण मौजूद थे।

भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

 रायपुर मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।          कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।          यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500 -13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।           प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।