samacharsecretary.com

प्रदेश में तेज बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त, कहीं गिरी दिवार तो कहीं बाढ़ में फंसे लोग

वीरेन्द्र गहवई, कोरबा/बिलासपुर छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश देखने को मिल रही है. मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है. मूसलाधार बारिश से कहीं बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं तो कहीं हादसे की स्थिति बन गई है. कोरबा और बिलासपुर जिलों में भी तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है. लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ में फंसे ग्रामीणों का रेस्क्यू कोरबा जिले में जमकर बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पाली में खेती करने गए ढुकुपथरा और लब्दापारा के 17 ग्रामीण अचानक आई बाढ़ में फंस गए. सूचना पर कलेक्टर अजित वसंत के निर्देशन में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. काफी घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज तड़के 3 बजे सभी को सुरक्षित बचा लिया गया.  सभी ने शासन की संयुक्त टीम का आभार जताया. जानकारी के मुताबिक,  पाली ब्लॉक के ग्राम ढुकुपथरा एवं पोंडी के लब्दापारा के 17 ग्रामीण रविवार को पाली में खेती करने के लिए गए थे. इस दौरान भारी बारिश हुई, जिससे अचानक बाढ़ आ गई और ग्रामीण फंस गए. सूचना पर कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में राजस्व विभाग पाली, थाना पाली, जिला आपदा प्रबंधन, नगर सेना कोरबा और राज्य आपदा, बिलासपुर की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लगभग 10 घंटे तक बाढ़ का सामना करने के बाद सभी को आज तड़के 3 बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बता दें कि जिला प्रशासन ने मीडिया ,मुनादी समेत अन्य माध्यमों से पूर्व दिवस ही अलर्ट जारी कर नदी ,नालों से लगे तटीय इलाकों को रहवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी थी. आफत की बारिश, टला बड़ा हादसा बिलासपुर में जोरदार बारिश हो रही है, जो अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. शहर के टिकरापारा क्षेत्र में तेज बारिश से दिवार गिर गई. नीचे खड़ा ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. वहीं मलबे से कई घरों के दरवाजे भी बंद हो गए हैं, जिससे लोगों को बाहर निकलने में परेशानी का सामने करना पड़ रहा है. जानकारी के मुताबिक, मूसलाधार बारिश की वजह से दिवार गिरी और उसका मलबा लोगों के घर के सामने आ गया. इस दौरान एक व्यक्ति दिवस की चपेट में आने से बाल-बाल बचा. वहीं नीचे खड़ी ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुई.

रायपुर पहुंचे मल्लिकार्जुन खड़गे, गाजे-बाजे के साथ किया जोरदार स्वागत, किसान-जवान-संविधान सभा करेंगे संबोधित

रायपुर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंच चुके हैं. रायपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं ने उनका गाजे-बाजे के साथ जोरदार स्वागत किया. बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए पहुंचे. खड़गे के साथ राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल भी पहुंचे हैं. कुछ ही देर वह साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित विशाल सभा के लिए रवाना हो जाएंगे. जहां वे खाद, शराब, संविधान, अपराध सहित कई मुद्दों पर जनता को संबोधित करेंगे. कांग्रेसियों को करेंगे रिचार्ज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज राजधानी में जनसभा के बाद संगठनात्मक बैठकों के जरिए प्रदेश के दिग्गजों और पदाधिकारियों के साथ भावी रणनीति तय करेंगे. जनसभा के दौरान प्रदेश कांग्रेस के सभी दिग्गजों को साथ लेकर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश होगी. वहीं बैठक के जरिए ही दिशा-निर्देशों के साथ पदाधिकारियों को रिचार्ज किया जाएगा. इधर सभा के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष से अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों की मुलाकात होगी. वे बस्तर में कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए ग्रामीण आदिवासियों के पीड़ित परिजन भी कांग्रेस अध्यक्ष से मिलेंगे. कांग्रेस इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उछालने की तैयारी में है. विस्तारित कार्यकारिणी में समीक्षा प्रदेश कांग्रेस की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठन की पूरी गतिविधियों की समीक्षा करेंगे. इस दौरान वे पदाधिकारियों के परफार्मेंस का भी ब्यौरा लेंगे. माना जा रहा है कि प्रदेश संगठन में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी वे कोई संकेत दे सकते हैं. यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी प्रदेश इकाई की कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश देंगे. इस बैठक में सभी पदाधिकारियों को तय रणनीति के तहत अहम टास्क भी सौंपे जाएंगे. इसके अलावा पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष प्रदेश के दिग्गज नेताओं को एकजुटता के साथ राज्य सरकार के खिलाफ अभियान शुरू करने सख्त निर्देश दे सकते हैं.

छत्तीसगढ़ के परिवार का शहडोल में एक्सीडेंट , 3 महिलाओं की मौत, चार लोग गंभीर

शहडोल/रायपुर मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने से रोज रोज सड़क हादसे हो रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के शहडोल जिले का है जहां भीषण सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। दरअसल घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा की है। अयोध्या दर्शन कर लौट रहे परिवार का वाहन पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। चार लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर लोगों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ब्यौहारी के डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया है। मृतकों में गायत्री कवर 55, मालती पटेल 50 एवं इंदिरा बाई शामिल है। सभी छत्तीसगढ़ की रहने वाली और अयोध्या दर्शन कर लौट रहीं थीं। बताया जाता है कि तूफान वाहन में कुल 20 लोग सवार थे।

मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा – खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए।  मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल – छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और संकल्पों को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर सुशासन की स्थापना की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत ढाँचे और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को तेज़ी से क्रियान्वित किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री साय आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के महतारी अलंकरण सम्मान समारोह में वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडरिया क्षेत्र को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने की पहल प्रारंभ हो चुकी है। इस दिशा में अनेक योजनाओं और विकास कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने रणवीरपुर में नवीन उप तहसील की स्थापना, आगामी शिक्षा सत्र से बिरेंद्र नगर में महाविद्यालय प्रारंभ करने, पंडरिया में 250 सीटर नवीन नालंदा परिसर, कुण्डा में महाविद्यालय के लिए नवीन भवन और पंडरिया में नवीन नगर पालिका भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-130 ए के 2.1 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण कर इसे 4 लेन में उन्नत किया जाएगा।     कार्यक्रम में 72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री के करकमलों से सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र अब तक 1,460 ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा चुके हैं और आगामी एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों तक पहुँचाई जाएगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाया गया है ताकि आम नागरिकों को किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।     मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छात्राओं के लिए 5 निःशुल्क बस सेवाओं की शुरुआत केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे अब छात्राओं को महाविद्यालय आने-जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडरिया के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, जब 72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा बेटियों के लिए 5 निःशुल्क बसों की शुरुआत हो रही है। यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की अनूठी पहल है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विकास अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गाँव और क्षेत्र में समान रूप से पहुँच रहा है। आने वाला समय छत्तीसगढ़ की प्रगति का नया अध्याय होगा।     लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह पहल बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगी। निःशुल्क बस सुविधा से छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने में और अधिक संबल मिलेगा।     क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने बताया कि पहले 3 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा था, जिन्हें अब बढ़ाकर 8 कर दिया गया है। यह सेवा पंडरिया, पांडातराई, पिपरिया, सहसपुर लोहारा एवं कवर्धा के महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए संबल बनेगी। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पिछले डेढ़ वर्षों में लगभग 600 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हरिनाला पुल, बाईपास और अनेक बहुप्रतीक्षित कार्य अब गति पकड़ चुके हैं।     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और गृह मंत्री विजय शर्मा वर्चुअल रूप से जुड़े। पंडरिया के पीएम स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक श्रीमती भावना बोहरा तथा अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

CM साय और डिप्टी सीएम ट्रेन से अंबिकापुर के लिए रवाना हुए ,आज BJP के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मैनपाट में आज से सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत होने वाली है. इसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णु देव साय इस बार ट्रेन से रवाना हुए. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर के लिए रविवार की रात को ट्रेन में सवार हुए. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा,  सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी भी थे.  उत्साहित दिखे CM रायपुर से अंबिकापुर तक की ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बेहद उत्साहित दिखे. सीएम ने कहा कि कहा ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है. इस बार ट्रेन से अंबिकापुर तक जाने का फैसला भी इसीलिए ही लिया है.  ये है कार्यक्रम  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मैनपाट में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. सीएम ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई विषयों पर व्याख्यान होंगे.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह को संबोधित करेंगे.साय ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी व्याख्यान देंगे. उन्होंने कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहायक होगा. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर तक करेंगे रेल का सफर, ट्रेन यात्रा को लेकर उत्साहित दिखे मुख्यमंत्री, कहा – ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है .सफर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी भी मौजूद

प्रदेश में अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 84.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 228.4 मि.मी., सूरजपुर में 272.4 मि.मी., जशपुर में 393.9 मि.मी., कोरिया में 336.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 242.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 418.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 202.0 मि.मी., गरियाबंद में 211.5 मि.मी., महासमुंद में 199.5 मि.मी. और धमतरी में 193.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 188.4 मि.मी., मुंगेली में 222.8 मि.मी., रायगढ़ में 417.1 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 297.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 323.0 मि.मी., सक्ती में 298.8 मि.मी. कोरबा में 325.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 238.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 121.2 मि.मी., कबीरधाम में 143.9 मि.मी., राजनांदगांव में 109.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 295.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 132.8 मि.मी., बालोद में 171.5 मि.मी. और बस्तर जिले में 394.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 229.3 मि.मी., कांकेर में 266.4 मि.मी., नारायणपुर में 267.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 368.2 मि.मी. और सुकमा में 179.1 मि.मी. और बीजपुर जिले में 398.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

रायपुर विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर दिव्यांगजनों को रोजगार देने के उद्देश्य से यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन करने जा रहा है. यह कैंप 7 जुलाई को शासकीय आईटीआई सड्डू रायपुर में लगेगा. विशेष रोजगार अधिकारी डॉ. शारदा वर्मा ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा. प्लेसमेंट कैंप में 20 विभिन्न निजी क्षेत्र की राइस मिल, पेट्रोल पम्प, स्पंज आयरन, वेयर हाऊस आदि प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा दिव्यांगजनों की भर्ती की जाएगी. इनका कार्यक्षेत्र उरला, सिलतरा और रायपुर शहर होगा. विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक का मासिक वेतनमान दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रोजगार संबंधी परामर्श, पंजीयन और मार्गदर्शन की भी व्यवस्था की गई है. इस अवसर का लाभ उठाने के लिए रायपुर जिले सहित आसपास के 18 से 40 वर्ष तक के योग्य दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं. अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिव्यांगजन कार्यालय के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं.

सीजीपीएससी और व्यावसायिक परीक्षा मंडल की सभी भर्ती परीक्षाओं में आवेदकों को करवाना होगा आधार कार्ड से ई-केवाईसी

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) की तरफ से होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए अब आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी करवान अनिवार्य होगा। राज्य शासन की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रदेश में सीजीपीएससी और व्यापमं ही सबसे ज्यादा भर्ती परीक्षाएं करवाते हैं। भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने के समय ही अभ्यर्थी को आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी करवान होगा। परीक्षा केंद्र में आधार कार्ड से मिलान होने के बाद ही अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षाओं में कई बार अभ्यर्थी की जगह दूसरा व्यक्ति बैठकर परीक्षा देता है। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए होने वाली जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में यह व्यवस्था लागू है। इसमें फर्जीवाड़ा होने की संभावनाएं बिल्कुल नहीं रहती है। आवेदन करने के समय ई-केवाईसी करने से अभ्यर्थी का पूरा डेटा पीएससी और व्यापमं के पास पहुंच जाएगा। परीक्षा केंद्रों में थंब लगवाकर पूरी जानकारी का होगा मिलान परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थी से थंब लगवाया जाएगा। थंब लगाते ही अभ्यर्थी का पूरा डेटा दिख जाएगा। इसमें अभ्यर्थी की फोटो भी दिखेगी, साथ ही पूरा डिटेल रहेगा। जिससे अभ्यर्थी की पहचान की जा सकेगी। डेटा मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा। बता दें कि, राज्य की प्रमुख प्रशासनिक सेवाओं में भर्ती के लिए सीजीपीएससी की ओर से हर साल परीक्षा आयोजिक करवाई जाती है। जो कि 3 चरणों में आयोजित होती है। प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू। तीनों चरणों की परीक्षा पास करने के बाद अभ्यार्थी राज्य सेवा में एसडीएम और डीएसपी सहित अन्य पद पर नियुक्त होता है।

महानदी उफान पर, हीराकुद बांध के खुले 12 गेट

संबलपुर लगातार बारिश और छत्तीसगढ़ से बढ़ते जल प्रवाह के कारण, हीराकुद बांध के अधिकारियों ने रविवार को जलाशय के बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए इस मौसम का पहला बाढ़ का पानी छोड़ना शुरू किया. सुबह स्लुइस गेट नंबर 7 को खोलकर पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद अतिरिक्त पानी निकालने के लिए कुल 12 गेट खोल दिए गए. बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार, सुबह 9 बजे जल स्तर 609.54 फीट दर्ज किया गया. उस समय जलाशय में 1,30,028 क्यूसेक पानी आ रहा था, जबकि 38,164 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था. इस कुल डिस्चार्ज में से 34,313 क्यूसेक पानी से बिजली उत्पादन हेतु पावर चैनल के माध्यम से डायवर्ट किया गया, 3,223 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए तथा 234 क्यूसेक पानी औद्योगिक इकाइयों को आपूर्ति के लिए दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, सिंचाई हेतु पानी बरगढ़ मुख्य नहर (2,755 क्यूसेक), सासन मुख्य नहर (400 क्यूसेक) और संबलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी (68 क्यूसेक) में भेजा गया. जलाशय में बढ़ते जल प्रवाह का एक आंशिक कारण छत्तीसगढ़ स्थित कलमा बैराज के सभी 46 गेटों का हालिया रूप से खोला जाना भी है, जिससे महानदी नदी प्रणाली में जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई है. तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो पिछले वर्ष हीराकुद बांध से पहली बार बाढ़ का पानी 28 जुलाई को छोड़ा गया था, जब जलाशय का जल स्तर 617.29 फीट तक पहुंच गया था.