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ऑपरेशन सक्सेसफुल: जवानों ने मुठभेड़ में 2 नक्सलियों को किया ढेर, हथियार मिले

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इस मुठभेड़ में जवानों ने 2 नक्सलियों को ढेर कर बड़ी सफलता हासिल की है. बासागुड़ा थाना और गंगालूर थाना की सीमा पर दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है. बीजापुर एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह से जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इस मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है. इलाके में अभी रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है. जवानों ने मौके से मारे गए नक्सलियों के शव और हथियार 303 रायफल को बरामद किया है.

मुख्यमंत्री साय बोले – पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 2027 तक 5 लाख हितग्राहियों को किया जाएगा लाभान्वित

छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य, देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत में छत्तीसगढ़ काफी आगे रायपुर, छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक प्रदेश के 1 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हमारा प्रयास इससे भी आगे बढ़कर इसे 5 लाख छतों तक पहुँचाने का है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बड़ी सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को कुल लागत का 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित 97वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस “फोरम ऑफ रेगुलेटर्स” को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम अपने राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। इन 25 वर्षों में हमारी उत्पादन क्षमता करीब 30,000 मेगावाट तक पहुँच गई है। स्टेट सेक्टर, निजी क्षेत्र और केंद्रीय सेक्टर की भागीदारी से आज छत्तीसगढ़ की धरती से 30 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। हाल ही में हमने 32 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता वाले बिजलीघरों की स्थापना के लिए एमओयू किए हैं। इनमें ताप विद्युत, पंप स्टोरेज, परमाणु, बैटरी स्टोरेज और सौर ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में 60 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन करने वाला राज्य बनने का है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में छत्तीसगढ़ देश से काफी आगे है। यहाँ खपत 2,211 यूनिट है, जबकि भारत में यह औसत केवल 1,255 यूनिट है। छत्तीसगढ़ अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हम अपने राज्य के साथ ही पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दो दिन पहले ही हमने कैबिनेट बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2030 तक लागू रहने वाली नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को औद्योगिक नीति में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्षगण, पदाधिकारियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति के लिए जो गहन विचार-विमर्श हुआ है, इसका उपभोक्ताओं सहित हम सभी को दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुनने हेतु विशेष आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष  जिश्नु बरुआ, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव  रोहित यादव सहित राज्य विद्युत नियामक आयोग के अन्य सदस्य एवं अन्य राज्यों से आए सदस्यगण उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर,  छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले राज्योत्सव पर भारतीय वायु सेना का शौर्य प्रदर्शन होगा। सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में आकर्षक करतब दिखायेगी। इस शौर्य प्रदर्शन में वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे। अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में राज्योत्सव की तैयारियां को लेकर आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में विमानन विभाग एवं वायु सेना के अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की। अपर मुख्य सचिव साहू ने वायु सेना के शौर्य प्रदर्शन के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को तैयारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में लोक निर्माण, परिवहन, संस्कृति, जनसंपर्क, गृह और सामान्य प्रशासन विभाग सहित जिला प्रशासन रायपुर के अधिकारी शामिल हुए।

रायपुर रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट काउंटर बदला, अब यहां मिलेगा टिकट

रायपुर रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर को रेलवे आरक्षण केंद्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यानी अब कुछ दिनों बाद यात्रियों को मिलने वाली जनरल टिकट आरक्षण केंद्र के अंदर से ही मिलेगी. तब तक यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए रेलवे के वाणिज्य विभाग ने व्यापक व्यवस्था की है. वाणिज्य विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा भीड़ की लगातार निगरानी की जा रही है. जानकारी के मुताबिक अब तक एक काउंटर को शिफ्ट किया गया है, जिसके बदले तीन अतिरिक्त ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और चार मोबाइल टिकट सुविधा प्रदान करने वाले कर्मचारियों को तैनात किया गया है. अगले 24 घंटों में एक और एटीवीएम शिफ्ट किया जाएगा, जबकि 48 घंटों में दूसरा एटीवीएम और 48 से 72 घंटों के भीतर सभी अनारक्षित टिकट काउंटर रेलवे आरक्षण केंद्र में पूरी तरह स्थानांतरित हो जाएंगे. यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य विभाग के कंट्रोल रूम में हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है. इसके अलावा, 24×7 मुख्य वाणिज्य निरीक्षक और चीफ सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी स्वयं स्थिति का जायजा ले रहे हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर घंटे समीक्षा कर रहे हैं.

हाई कोर्ट का फैसला: कांकेर सांसद की आपत्तियां खारिज, चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी. न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने 11 सितंबर को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं, इसलिए मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है. क्या है पूरा मामला? कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग के खिलाफ कांकेर निवासी बिरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को चुनाव याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की थी. याचिका में आरोप है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी व छेड़छाड़, वोटिंग डेटा के प्रसारण में देरी और वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं हुईं. कई मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान और गई. गिनती की मांग की याचिकाकर्ता ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा और कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है. सांसद नाग ने जताई आपत्ति निर्वाचित सांसद भोजराज नाग ने दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है, इसलिए यह रिपजेंटेशन आफ पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है और इसे खारिज किया जाना चाहिए. साथ ही चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. याचिका वकील के जरिए दाखिल की गई, जबकि कानून के मुताबिक उम्मीदवार को खुद याचिका दाखिल करनी चाहिए. तीन नवंबर को होगी अगली सुनवाई हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2025 को निर्धारित की है. अब अदालत याचिकाकर्ता के आरोपों और साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर यह तय करेगी कि कांकेर लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम बरकरार रहेगा या नहीं. क्या कहा कोर्ट ने कोर्ट ने कहा कि याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं. याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम में गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का जिक्र किया है, जो विस्तृत सुनवाई योग्य हैं. न्यायालय ने साफ किया कि चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है और याचिका धारा 81, 82, 83 के अनुरूप है. याचिका बीरेश ठाकुर ने विधिवत रूप से दाखिल की है, सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं. सांसद भोजराम की आपत्ति में दम नहीं, इसलिए याचिका खारिज नहीं की जा सकती.

महिलाओं को मिलेगा स्वास्थ्य व पोषण का मजबूत सहारा, पीएम मोदी करेंगे ‘स्वस्थ नारी’ अभियान की शुरुआत

रायपुर महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” शुरू करने जा रहा है. इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर, मध्यप्रदेश से करेंगे. यह अभियान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मनाए जा रहे “पोषण माह” के साथ मिलकर चलाया जाएगा, जिससे मातृ, किशोरी और बाल पोषण पर व्यापक असर डाला जा सके. अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाना है, जिसमें महिलाओं के लिए उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, एनीमिया, टीबी और सिकल सेल रोग की जांच. साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र, ईएनटी, त्वचा, मानसिक स्वास्थ्य एवं दंत विशेषज्ञ जैसी सेवाएँ दी जाएगी. मातृ एवं शिशु देखभाल के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (ANC), परामर्श और बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किशोरियों व महिलाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता और पोषण संबंधी सत्र, रसोई तेल की खपत में कमी को बढ़ावा, पोषण परामर्श व वेलनेस सत्र होगा. इसके साथ निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को सहयोग देने के लिए व्यक्तियों और संस्थाओं को जोड़ा जाएगा. 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक विशेष रक्तदान अभियान चलाया जाएगा. जिसके तहत 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 1 लाख यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया है. इसमें निजी अस्पतालों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी,. जिसमें निजी स्वास्थ्य संस्थान भी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगे. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की भूमिका स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने का आह्वान किया है. राज्यों से अपेक्षा की गई है कि वे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में करें. भारत सरकार की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे.

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में उपचार : मरीजों को लगातार मिल रही है निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ

  रायपुर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो। योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी। डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान हेतु उपलब्ध हो जाएंगे। राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।

छत्तीसगढ़ मुठभेड़: गरियाबंद में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 10 माओवादी, भारी हथियार भी कब्जे में

गरियाबंद जिले के मैनपुर इलाके में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर मनोज उर्फ माडेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर मारा गया है। साथ ही 40 लाख का इनामी उड़ीसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाड़न्ना भी ढेर हो गया। 10 माओवादियों के शव बरामद मुठभेड़ में अब तक 10 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जवानों को घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिला है। इसमें एके-47, इंसास, एसएलआर और बड़ी संख्या में विस्फोटक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार एसटीएफ, ई-30 और कोबरा बटालियन के जवान मैनपुर के मटाल जंगल में सुबह से सर्चिंग अभियान चला रहे थे।   अभी भी जारी है मुठभेड़ इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि इलाके में माओवादियों की बड़ी संख्या मौजूद थी। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि अभी भी रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। वे लगातार मौके पर मौजूद जवानों से संपर्क बनाए हुए हैं।

पूर्व सीएम बघेल ने साधा निशाना: अपराध बढ़ रहे, गृहमंत्री पीछे नहीं हट रहे, फिल्म देख रहे

रायपुर राजनांदगांव में हुई तीन हत्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर निशाना साधा है. बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि गृहमंत्री इस्तीफा दें. राजनांदगांव में एक ही दिन में तीन हत्याएं हो गई है. ‘गृहमंत्री’ एक घटिया फिल्म देखने और उसके प्रमोशन में व्यस्त हैं. भूपेश बघेल ने कहा है कि राजनांदगांव की ‘फाइल्स’ देखने का समय गृहमंत्री के पास नहीं है. प्रदेश में भय का वातावरण बना हुआ है. जगह-जगह हत्याएं, चाकूबाजी हो रही है और गृहमंत्री फिल्म देखने में व्यस्त हैं.

नेशनल लोक अदालत का ऐलान: 13 सितंबर को आपसी समझौते से होंगे मामलों का समाधान

रायपुर आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 13 सितंबर 2025 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी नेशनल लोक अदालत होगी तथा 13 दिसंबर 2025 को वर्ष 2025 की अंतिम लोक अदालत आयोजित की जाएगी। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।