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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा अरुण साव ने केंद्रीय बैठक में रखे विचार, युवाओं और खेल क्षेत्र को लेकर जताई प्रतिबद्धता नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस करने तथा प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल अपडेट करने का दिया सुझाव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल  मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में खेल एवं युवा विकास से संबंधित चुनौतियों व अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। साव अपने प्रवास के दौरान मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।  बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए 'खेलो इंडिया' योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही हर राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या में वृद्धि, खेल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए विशेष बजट प्रावधान, एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्कूलों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे विकसित करने तथा आवश्यक स्टॉफ की भर्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में भी खेलों पर विशेष फोकस करते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे ले जाने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने विशेष कार्ययोजना तैयार करने की भी बात कही।  साव ने बैठक में ‘‘साइ’’ (SAI) के रीजनल सेंटर्स में खेल प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल तथा उनके ज्ञान एवं कौशल के उन्नयन का भी सुझाव दिया। उन्होंने खेल कोटे से शासकीय सेवाओं में नियुक्त खिलाड़ियों को अन्य कार्यों में संलग्न न कर केवल खेल से जुड़ी जिम्मेदारियां देने पर जोर दिया ताकि उभरते खिलाड़ियों को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। साव ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने व्यवस्थित खेल नीति बनाने व खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग के लिए कार्ययोजना बनाने का भी सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री साव के साथ मुंगेली की अतिरक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी वर्चुअल बैठक में मौजूद थे।

मंत्री राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण

रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े सरगुजा संभाग के दौरे पर मंत्री राजवाड़े ने जशपुर जिले के रूपसेरा और लोदाम आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इन दिनों विभागीय योजनाओं की जमीनी हकीक़त देखने सरगुजा संभाग के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज जशपुर जिले के ग्राम रूपसेरा और लोदाम स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पोषण आहार वितरण व्यवस्था, स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा संबंधी गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित सेवाओं का विस्तार से अवलोकन किया।इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मासूम बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया और उन्हें चॉकलेट भी वितरित की। उनके इस स्नेहिल व्यवहार से बच्चे बेहद खुश नज़र आए और केंद्र का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य को आकार देने की पहली पाठशाला है, इसे और सशक्त बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े सरगुजा संभाग के दौरे परभ्रमण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कड़ी में उन्होंने ग्राम रूपसेरा एवं लोदाम के आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सक्षम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराना ही विभाग का मूल उद्देश्य है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति में हुए इस निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और सुरक्षित वातावरण में बड़ा हो। इसके लिए शासन की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर : भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश, बरसात के तुरंत बाद युद्धस्तर पर करें सड़कों की मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अगली बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध व कार्यादेश संबंधी सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने कहा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में शासन द्वारा स्वीकृति प्राप्त सड़क निर्माण के कार्यों के लिए जरूरी भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर के साथ मिलकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क, सेतु और भवन निर्माण की सभी परियोजनाओं के कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता व गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सभी कार्यों में तेजी से भू-अर्जन कर निविदा की कार्यवाही पूर्ण करने और यथाशीघ्र कार्यारंभ करने को कहा।  भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मौजूद सेतु बंध तथा सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी मंजूरी तत्परता से प्रदान करें। उन्होंने डीपीआर बनाते समय ही परियोजना का अच्छे से मूल्यांकन करने को कहा ताकि बजट और कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित समय के पुनरीक्षण की जरूरत न पड़े। उन्होंने बरसात के तुरंत बाद प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिसम्बर तक सभी जिलों में मरम्मत का काम पूर्ण करने को कहा।  भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को अगली समीक्षा बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध और कार्यादेश से संबंधित सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सड़कों पर पेच रिपेयर के लिए कार्ययोजना के अनुसार अनुबंध एवं कार्यादेश की स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा ए.डी.बी. के अपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

एग्रीस्टेक और एकीकृत किसान पोर्टल में होगा किसानों का पंजीकरण

पंजीकृत किसानों से होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आयोजित रायपुर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी तथा राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे। बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के लिए समुचित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाएगा। किसान पंजीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए आवश्यक नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समयानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी प्रबंध करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, उपार्जित धान की मिलिंग हेतु आवश्यक तैयारियाँ करने पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर बैठक में सचिव खाद्य विभाग श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग श्री मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग श्री रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग श्री राहुल देव तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री के. एन. कांडे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की

विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर:गांव-गांव तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों में हितग्राही मूलक कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने नक्सल प्रभावित जिलों में मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, जनधन खाता, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आधार कार्ड सहित अन्य हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में लगभग 99 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार लगभग 28 लाख 18 हजार 616 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 26 लाख 21 हजार 491 हितग्राहियों के बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 35 लाख 66 हजार 409 हितग्राहियों को गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं। क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न बैंकों और डाकघरों की शाखाएं खोली जा रही हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राशन कार्ड बनाए गए हैं। बैठक में प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी पात्र मनरेगा हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उनका जॉब कार्ड अवश्य प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत शेष हितग्राहियों का शीघ्र सर्वे कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास योजना के तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाए। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की भवन-विहीन शालाओं के भवन शीघ्र निर्मित किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में हों। वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आयुक्त बस्तर संभाग तथा पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सहित बस्तर, सुकमा, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल थे।

PM सूर्यघर योजना में छत्तीसगढ़ का बड़ा लक्ष्य, 1.3 लाख नहीं, अब 5 लाख छतों पर सोलर पैनल लगाने की तैयारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक प्रदेश के 1 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हमारा प्रयास इससे भी आगे बढ़कर इसे 5 लाख छतों तक पहुँचाने का है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बड़ी सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को कुल लागत का 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित 97वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस “फोरम ऑफ रेगुलेटर्स” को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम अपने राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। इन 25 वर्षों में हमारी उत्पादन क्षमता करीब 30,000 मेगावाट तक पहुँच गई है। स्टेट सेक्टर, निजी क्षेत्र और केंद्रीय सेक्टर की भागीदारी से आज छत्तीसगढ़ की धरती से 30 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। हाल ही में हमने 32 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता वाले बिजलीघरों की स्थापना के लिए एमओयू किए हैं। इनमें ताप विद्युत, पंप स्टोरेज, परमाणु, बैटरी स्टोरेज और सौर ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में 60 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन करने वाला राज्य बनने का है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में छत्तीसगढ़ देश से काफी आगे है। यहाँ खपत 2,211 यूनिट है, जबकि भारत में यह औसत केवल 1,255 यूनिट है। छत्तीसगढ़ अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हम अपने राज्य के साथ ही पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दो दिन पहले ही हमने कैबिनेट बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2030 तक लागू रहने वाली नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को औद्योगिक नीति में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्षगण, पदाधिकारियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति के लिए जो गहन विचार-विमर्श हुआ है, इसका उपभोक्ताओं सहित हम सभी को दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुनने हेतु विशेष आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष जिश्नु बरुआ, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव सहित राज्य विद्युत नियामक आयोग के अन्य सदस्य एवं अन्य राज्यों से आए सदस्यगण उपस्थित थे।

बस्तर दशहरा में शामिल होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, तैयारियां तेज

रायपुर छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव इस बार ऐतिहासिक बनने जा रहा है। राज्य गठन के बाद पहली बार केंद्रीय मंत्री बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में जनता की बात सुनेंगे। सांसद महेश कश्यप ने गृहमंत्री को बस्तर दशहरा में आने का निमंत्रण दिया। इस दौरान अमित शाह ने बस्तर आने की बात कही। केंद्रीय गृहमंत्री ने 4 नवंबर को बस्तर आने की बात कही है। इस दौरान वे बस्तर में 3 घंटे रहेंगे, साथ ही मिशन 2026 के तहत नक्सल उन्मूलन अभियान पर चर्चा करेंगे। साथ ही जिस समय केंद्रीय गृहमंत्री का आगमन बताया जा रहा है उसी दौरान बस्तर में बस्तर दशहरा पर्व का प्रमुख रस्म मुरिया दरबार रहेगा, जिसमें अमित शाह जनता की बात सुनेंगे। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहेंगे। मुरिया दरबार का आयोजन चार अक्टूबर को सिरहासार भवन में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश मंत्रिमंडल के मंत्री एवं बस्तर संभाग के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। बस्तर सांसद और दशहरा कमेटी के अध्यक्ष महेश कश्यप ने बुधवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को उत्सव में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बार बस्तर दशहरा का हिस्सा होंगे। सांसद के मीडिया प्रभाग के अनुसार, बस्तर दहशरा में देश और प्रदेश के अन्य बड़े नेता भी पहुंचेंगे। बस्तर दहशरा का ऐतिहासिक महत्व बस्तर दशहरा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि आदिवासी परंपराओं, जनसंवाद और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। मुरिया दरबार में आमजन अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे तौर पर नेताओं और प्रशासन के सामने रखते हैं। अमित शाह की मौजूदगी से इस बार का आयोजन और भी खास होने जा रहा है। इस बार मुरिया दरबार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर की जनता की समस्याएं सुनेंगे।

कांग्रेस शुरू कर रही ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान, PCC चीफ बैज बोले – पूरे प्रदेश में हुआ फर्जीवाड़ा

रायपुर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और वरिष्ठ नेताओं ने वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान की घोषणा की है। 16, 17 और 18 सितंबर को छत्तीसगढ़ में पदयात्रा व सभाएं आयोजित की जाएगी। साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाकर आमजन तक पहुंच बनाई जाएगी। सचिन पायलट 16 सितंबर को रायगढ़ से कोरबा, 17 को मुंगेली और कोरबा और 18 सितंबर को राजनांदगांव से दुर्ग तक पदयात्रा करेंगे। प्रदेश में SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि SIR तो छत्तीसगढ़ में होना ही चाहिए। राहुल गांधी दो तरह की विरोधाभासी बातें न करें। वो एक बार वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की बात करते हैं, दूसरी ओर SIR पर सवाल खड़े करते हैं। SIR तो होना ही चाहिए, छत्तीसगढ़ में भी SIR होना चाहिए। वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी पलटवार करते हुए कहा, SIR तो होना ही चाहिए, गृहमंत्री 20 लोगों का नाम लेकर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग के माध्यम से भाजपा ने पूरे प्रदेश में फर्जीवाड़ा किया है। चुनाव आयोग और भाजपा का गठबंधन है। हम एटम बम नहीं, हाइड्रोजन बम लाने वाले हैं। SIR होना चाहिए, लेकिन SIR के नाम पर बिहार में किनका वोट काटा जा रहा है? जो जिंदा है उसे मरा, जो मरा है उसे जिंदा साबित किया जा रहा है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने नक्सल मामले पर कहा कि प्रदेश में 10 नक्सलियों को न्यूट्रिलाइज किया गया है। इसमें 1 करोड़ का इनामी सक्रिय सीसी मेंबर बालकृष्णन उर्फ मनोज और 25 लाख का इनामी नक्सली प्रमोद उर्फ पांडा भी मारा गया। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में सीसी मेंबर की संख्या कम हो रही है। सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि मैं फोर्स को शुभकामनाएं देता हूं। इस विषय पर मार्च 2026 के बाद बात करेंगे। नक्सल गतिविधियां बढ़ रही है। शिक्षा दूतों की हत्या हो रही है। नक्सली संगठन को मजबूत कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। सरकार कुछ भी दावा कर ले, इस मुद्दे पर मार्च 2026 के बाद बात करेंगे। ‘प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं’ प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर पीसीसी चीफ ने कहा , प्रदेश में रोज वारदातें हो रही हैं। आम जनता डरी हुई है। अपराध और अपराधी भाजपा सरकार में बेलगाम हैं। रायगढ़ में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या, राजनांदगांव में तीन लोगों की हत्या, राजधानी में गैंगवार हुआ है। प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। इतनी बड़ी वारदातें हो रही है और सरकार का कोई बयान नहीं आ रहा। रोटी बनाने की मशीन की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप पीसीसी चीफ दीपक बैज ने रोटी बनाने की मशीन की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 50-60 हजार की मशीन को करीब 8 लाख रुपये में खरीदा गया है। यह मशीन रायपुर ट्राइबल विभाग ने हॉस्टल के लिए खरीदी है। खरीद प्रक्रिया में लगातार गड़बड़ी का मामला सामने आ रहा है।

विजय शर्मा का ऐलान: छत्तीसगढ़ में SIR लाने की जरूरत, कहा- विकास की रफ्तार बढ़ेगी

रायपुर बिहार और अन्य राज्यों के बाद छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी के आरोपों को लेकर सियासत गर्म है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश में एसआईआर होने जरूरत बताई है. साथ ही राहुल गांधी पर भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दो तरह की विरोधाभासी बातें नहीं करनी चाहिए. वह एकबार कहते हैं वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है, दूसरी ओर एसआईआर पर सवाल उठातें हैं. छत्तीसगढ़ में भी एसआईआर होना चाहिए.   गरियाबंद में नक्सली मुठभेड़ को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है. गरियाबंद के जंगलों में 10 नक्सलियों को न्यूट्रिलाइज किया गया. इनमें 1 करोड़ का इनामी सक्रिय सीसी मेंबर बालकृष्णन उर्फ मनोज मारा गया. साथ ही 25 लाख का इनामी नक्सली प्रमोद उर्फ पांडा भी ढेर हुआ. जवानों की कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में सीसी मेंबर की संख्या कम हो रही.

अब स्कूलों पर भी लागू होगा ESI एक्ट, हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

रायपुर राज्य के निजी, सहायता प्राप्त और आंशिक सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर भी कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 (ईएसआई एक्ट) लागू होगा. यह फैसला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश के विभिन्न स्कूलों द्वारा ईएसआई अंशदान से बचने के लिए दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया है. स्कूलों की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसमें आए फैसले के बाद अब प्रदेश के 8 हजार से अधिक स्कूलों को ईएसआई एक्ट का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा. दरअसल, राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर 2005 को एक अधिसूचना जारी कर शिक्षा संस्थानों को भी ईएसआई एक्ट के दायरे में लाने का फैसला किया था. इसके तहत जिन स्कूलों में 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें 1 अप्रैल 2006 से इस अधिनियम के तहत अंशदान देना अनिवार्य किया गया था. कई स्कूलों ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं. लेकिन अब कोर्ट के फैसले के बाद इन याचिकाओं को निरस्त कर दिया गया है, और सभी संबंधित संस्थानों को ईएसआई में पंजीकरण और अंशदान देना होगा. छत्तीसगढ़ में सत्र 2024-25 की स्थिति में कुल 56802 स्कूल हैं, जिनमें से 7382 निजी, 413 अनुदान प्राप्त और 180 अन्य स्कूल हैं. इस फैसले से प्रदेश के करीब 7975 निजी और अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थान ईएसआई के दायरे में आ जाएंगे, जिससे इन संस्थानों में कार्यरत 96,500 से अधिक शिक्षण कर्मचारी और 50 हजार से ज्यादा गैर-शिक्षण कर्मचारी को बीमारी, मातृत्व और दुर्घटना की स्थिति में कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी. सरकार ने दी बड़ी दलील सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और ईएसआईसी की तरफ से दलील दी गई कि अधिनियम का उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देना है, न कि केवल औद्योगिक संस्थानों तक सीमित रहना. 20 से अधिक कर्मचारियों वाले किसी भी प्रतिष्ठान पर यह कानून लागू किया जा सकता है. सरकार का तर्क था कि यदि इस अधिनियम को शिक्षा संस्थानों से बाहर रखा गया, तो हजारों कर्मचारी अपने कानूनी अधिकारों और लाभों से वंचित रह जाएंगे.