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साय मंत्रिपरिषद का बड़ा फैसला: सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग खोलने को मिलेगा रियायती भूखंड

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। चना खरीदी का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है। पढ़िए फैसलों को डिटेल- 1. मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। 2. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।  

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही: कलेक्टर ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का आकस्मिक निरीक्षण

गौरेला पेंड्रा मरवाही फसल सर्वेक्षण को अधिक सटीक, सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डिजिटल तकनीक की सहायता से भूमि चिन्हांकन और फसल सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने आज गौरेला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत लालपुर, पटवारी हल्का नंबर 8 में किसान के खेत पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने सर्वेयर द्वारा मोबाइल से किसान देवशरण के फसल का फोटो खिंचकर भूलेख पोर्टल में अपलोड करने तथा तहसीलदार के आईडी से अप्रूवल होने आदि की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि सर्वे कार्य की सतत निगरानी हो तथा आंकलन पूरी तरह गुणवत्ता पूर्ण और वास्तविक तथ्यों पर आधारित हो। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सर्वे से किसानों को बेहतर सुविधा और योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसलिए कार्य को गंभीरता से संपादित किया जाए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे एवं तहसीलदार श्री शेषनारायण जायसवाल भी उपस्थित थे।

महिला कॉन्स्टेबल का आरोप: डिप्टी कलेक्टर ने किया शोषण, तीन बार जबरन गर्भपात कराया

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक महिला सिपाही ने डिप्टी कलेक्टर पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, जबरदस्ती गर्भपात करवाने और आर्थिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने शिकायत में बताया कि उनका संबंध करीब 8 साल तक चलता रहा। इस दौरान उसने डिप्टी कलेक्टर को लाखों रुपए की मदद भी की। सीएएफ की महिला सिपाही ने इस मामले की प्राथमिकी डौंडी थाना में दर्ज कराई है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीएसपी चित्रा वर्मा से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत के मुताबिक पीड़िता 2017 में ग्राम अवारी, जिला बालोद निवासी दिलीप उईके के साथ डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई के दौरान दोस्ती प्यार में बदल गई। दिलीप ने उससे शादी का वादा किया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती हुई। उसने यह बात दिलीप को बताई तो उसने कहा कि अभी वह पढ़ाई कर रहे हैं। पहले कुछ बन जाएं और अपने पैरों पर खड़े हो जाएं फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचा जाएगा। युवती के मना करने के बाद भी जबरदस्ती दवा खिलाकर गर्भपात करवाया। इसके बाद 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई और दिलीप उईके ने आगे की पढ़ाई के लिए दुर्ग में एडमिशन लिया। शुरुआत में वह हॉस्टल में रह रहे थे। बाद में किराये पर मकान लेकर रहने लगे। महिला की नौकरी लग जाने के कारण और भविष्य में दिलीप के साथ शादी करने की उम्मीद में उसने उसकी पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए हर माह 5 हजार रुपए उसके खाते में ट्रांसफर किया। इस दौरान जब भी दोनों की मुलाकात होती तो दिलीप शादी की बात कहकर महिला के साथ संबंध बनाता रहा। बीजापुर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पोस्टिंग सीजीपीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद 2020 में दिलीप डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए और बीजापुर में पोस्टिंग हुई। नौकरी लगने के बाद जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो दिलीप ने कहा कि अभी नौकरी लगी है। अच्छे से सैटल हो जाऊं फिर तुमसे शादी करूंगा। इस बीच युवती एक बार फिर गर्भवती हो गई तो उसने गर्भपात करा दिया। मई 2025 में तीसरी बार गर्भवती होने पर दिलीप ने शादी का झांसा देकर 15 मई 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। इस बीच फोन करने पर दिलीप फोन नहीं उठाता था। 2 जून 2025 को दिलीप महिला को उसके घर छोड़कर गया और साफ-साफ कहा कि वह शादी नहीं कर सकता। तुम्हें जो करना है कर लो। इस मामले में महिला सिपाही की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। सीएसपी चित्रा वर्मा ने बताया कि डौंडी थाना में मामला दर्ज कर बयान लिया जा रहा है। वहीं डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके का बयान सामने आने के बाद मामला स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बिलासपुर :अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: प्रार्थना भवन ध्वस्त, मतांतरण के आरोप में तीन महिलाएं हिरासत में

बिलासपुर   बिलासपुर जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर दो बड़े मामले सामने आए हैं। सकरी क्षेत्र के भरनी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए प्रार्थना भवन को सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। यहां पहले मतांतरण के प्रयास का आरोप लगा था। वहीं, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण का प्रयास होने पर हंगामा खड़ा हो गया और पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। सुर्खियों में आया था प्रार्थना भवन प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बना यह प्रार्थना भवन पिछले माह तब सुर्खियों में आया था जब यहां मतांतरण का आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों और संगठनों का कहना था कि भवन के भीतर कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और मतांतरण रोकने की मांग की गई थी। शिकायत पर राजस्व विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया और भूमि दस्तावेज मांगे, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। जांच में भूमि शासकीय साबित होने पर सोमवार को प्रशासन ने बैकहो लोडर चलवाकर अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार सकरी, सीएसपी और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पास्टर सहित तीन महिलाएं गिरफ्तार इधर, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में भी प्रार्थना सभा के दौरान मतांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। सूचना पर विभिन्न संगठन मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। आरोप है कि सभा में धार्मिक ग्रंथ और सामग्री के माध्यम से लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर तीन महिलाओं, जिनमें एक पास्टर भी शामिल है, को गिरफ्तार किया।  

हाईकोर्ट सख्त: शराब घोटाले में आरोपी 22 अफसरों को आत्मसमर्पण का आदेश

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में 22 आबकारी अधिकारियों को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए सख्त रुख अपनाया। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि इतने बड़े घोटाले में आरोपियों को संरक्षण नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने सलाह दी कि आरोपी निचली अदालत में सरेंडर करें और वहां से जमानत के लिए आवेदन करें। इस फैसले से अधिकारियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। EOW की जांच में क्या खुलासा हुआ? आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि ओवर बिलिंग, नकली बारकोड और डमी कंपनियों के माध्यम से अवैध वसूली की गई। यह सब आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ। शराब दुकानों को सरकारी रिकॉर्ड में खपत दर्ज न करने के निर्देश थे, और बिना टैक्स चुकाए डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब सप्लाई होती थी। जांच के मुताबिक, फरवरी 2019 से शुरू हुए इस घोटाले में तीन साल में 60 लाख से अधिक शराब की पेटियां अवैध रूप से बेची गईं। शुरुआत में 200 ट्रक (800 पेटी प्रति ट्रक) प्रतिमाह सप्लाई होती थी। जब कोई विवाद नहीं हुआ तो इनलोगों ने 400 ट्रक तक सप्लाई कर दी। इतना ही नहीं प्रति पेटी की कीमत भी 2,840 से बढ़कर 3,880 रुपये कर दी गई। 22 आबकारी अधिकारी निशाने पर EOW ने 22 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इन सभी को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि वे एक संगठित सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिसके जरिए 88 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की गई। कोर्ट ने पहले ही इन अधिकारियों को 20 अगस्त तक पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाओं में अधिकारियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए फंसाने का आरोप लगाया और कुछ ने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। आरोपियों ने याचिका में दावा किया कि वे निर्दोष हैं और उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे EOW की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। कई अधिकारियों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देकर जमानत मांगी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन तर्कों को नामंजूर कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे संगठित अपराध में कठोर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से याचिकाओं का विरोध किया गया। शासन ने कोर्ट को बताया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे चालान पेश करने में देरी हो रही है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। 22 आबकारी अधिकारियों पर EOW ने केस दर्ज किया है, जिन्हें राज्य सरकार ने पहले ही निलंबित कर दिया था। जांच में पता चला कि ये अधिकारी सिंडिकेट का हिस्सा थे, और उन्हें 88 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली थी। इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिलाकर रख दिया है। EOW और ACB की जांच में विदेशी शराब कमीशन, धन शोधन, और राजनीतिक संरक्षण की परतें खुल रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विपक्षी कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। कोर्ट के इस फैसले से आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों की गिरफ्तारी से घोटाले की और परतें खुल सकती हैं। जनता की नजर अब EOW की अगली कार्रवाई पर टिकी है, जो शराब घोटाले में शामिल अन्य लोगों को भी उजागर कर सकती है। ये है आरोपी अधिकारी जनार्दन कौरव, पिता पंचम सिंह, उम्र 50 वर्ष, सहायक जिला आबकारी अधिकारी। अनिमेष नेताम, पिता आनंद नेताम, उम्र 49 वर्ष, उपायुक्त आबकारी। विजय सेन शर्मा, पिता पीसी सेन शर्मा, उम्र 48 वर्ष, उपायुक्त आबकारी। अरविंद कुमार पाटले, पिता नेवल सिंह पाटले, उम्र 49 वर्ष, उपायुक्त आबकारी। प्रमोद कुमार नेताम, पिता स्व. श्याम लाल नेताम उम्र 60 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। रामकृष्ण मिश्रा, पिता शैलेन्द्र मिश्रा, उम्र 36 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। विकास कुमार गोस्वामी, पिता विनोद गोस्वाम, उम्र 44 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। इकबाल खान, पिता महूम मोहम्मद स्माईल खान, उम्र 56 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी। नितिन खंडुजा, पिता रवीन्द्र खंडुजा, उम्र 53 वर्ष, सहायक जिला आबकारी अधिकारी। नवीन प्रताप सिंग तोमर, पिता भगवान सिंह तोमर, उम्र 43 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। मंजुश्री कसेर, पति रामचन्द्र सारस, उम्र 47 वर्ष, सहायक आबकारी अधिकारी। सौरभ बख्शी, पिता राजीव बख्शी, उम्र 41 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। दिनकर वासनिक, पिता डॉ पीएल वासनिक, उम्र 42 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। मोहित कुमार जायसवाल, पिता रामलाल जायसवाल, उम्र 46 वर्ष, अधिकारी जिला आबकारी। नीतू नोतानी ठाकुर, पति मोहन दास नोतानी, उम्र 45 वर्ष, उपायुक्त आबकारी। गरीबपाल सिंह दर्दी, पिता दिलबाग सिंह दर्दी, उम्र 59 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी। नोहर सिंह ठाकुर, पिता गौतम सिंह ठाकुर, उम्र 45 वर्ष, उपायुक्त आबकारी। सोनल नेताम, पिता एम. एस. नेताम, उम्र 36 वर्ष, सहायक आयुक्त, आबकारी। प्रकाश पाल, पिता सपन कुमार पाल, उम्र 44 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। अलेख राम सिदार, पिता मुरलीधर सिदार, उम्र 34 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। आशीष कोसम, पिता बृजलाल कोसम, उम्र 50 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी। राजेश जायसवाल, पिता हरीप्रसाद जायसवाल, उम्र 42 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।

महंगाई पर राहत: छत्तीसगढ़ सरकार ने डीए बढ़ाया, अब मिलेगा 55% महंगाई भत्ता

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ता (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा, जो केंद्र सरकार के बराबर होगा। महंगाई की मार झेल रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ते में हुई यह वृद्धि सीधे कर्मचारियों की आय को प्रभावित करेगी और त्योहारी सीजन में उनकी जेब थोड़ी और मजबूत होगी। केंद्र के समान लाभ अब राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में वही लाभ मिलेगा जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल है।  DA में 2% बढ़ोतरी; अब कुल 55% (केंद्र के समकक्ष) लाभार्थी: सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनभोगी लागू होने की तिथि: वित्त विभाग की अधिसूचना के बाद प्रभावी वेतन/पेंशन बिल पर अतिरिक्त वित्तीय भार; सरकार ने इसे बजट प्रावधानों से वहन करने की बात कही सरकार ने महंगाई और लागत-जीवन सूचकांक में हालिया बदलावों को देखते हुए महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस कदम से राज्य के कर्मचारियों का DA अब 55% हो जाएगा, जो केंद्र सरकार के बराबर है। वित्त विभाग जल्द ही औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद बढ़ा हुआ DA आगामी वेतन और पेंशन भुगतान में समायोजित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय त्योहारी सीज़न से पहले खपत को बढ़ावा देगा और कर्मचारियों की क्रय-शक्ति में सुधार करेगा। साथ ही, पेंशनभोगियों को भी समकक्ष लाभ मिलेगा। मद पहले अब परिवर्तन महंगाई भत्ता (DA) 53% 55% +2%

रायपुर : प्रदेश में अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1142.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 371.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 647.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 582.4 मि.मी., गरियाबंद में 642.7 मि.मी., महासमुंद में 589.4 मि.मी. और धमतरी में 647.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 736.1 मि.मी., मुंगेली में 751.7 मि.मी., रायगढ़ में 860.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 634.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 924.6 मि.मी., सक्ती में 786.0 मि.मी., कोरबा में 753.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 698.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 607.8 मि.मी., कबीरधाम में 538.8 मि.मी., राजनांदगांव में 689.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 949.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 538.0 मि.मी. और बालोद में 786.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 531.4 मि.मी., सूरजपुर में 870.8 मि.मी., जशपुर में 771.1 मि.मी., कोरिया में 840.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 754.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1003.4 मि.मी., कोंडागांव में 694.4 मि.मी., कांकेर में 867.9 मि.मी., नारायणपुर में 914.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 916.1 मि.मी., सुकमा में 732.9 मि.मी. और बीजापुर में 990.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

राज्यपाल रमेन डेका ने किए महाप्रभु जगन्नाथ भगवान के दर्शन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ का दर्शन एवं पूजन किया और देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कीं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

एमबी पावर प्लांट में स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन, ध्वजारोहण, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा परिसर

जैतहरी  79वें स्वतंत्रता दिवस पर एमबी पावर प्लांट परिसर देशभक्ति के रंग में रंग उठा। सीओओ एवं प्लांट प्रमुख श्री आनंद देशपांडे ने ध्वजारोहण कर शहीदों के अमर बलिदान को नमन किया और राष्ट्र निर्माण में संयंत्र की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। मानव संसाधन एवं प्रशासन प्रमुख आर. के. खटाना ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों की गाथा और उनके त्याग का स्मरण कराया। उन्होंने सीएसआर के तहत वर्षभर में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिनमें सड़कों का निर्माण, 13 हैंडपंप की स्थापना, राठौर चौराहा से ग्राम लहरपुर–मुर्रा तक स्ट्रीट लाइट और 26 ग्रामों में 40 हाईमास्ट लगाने जैसे कार्य शामिल हैं। सुरक्षा विभाग के प्रभारी अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा जवानों ने अनुशासित व भव्य परेड कर तिरंगे को सलामी दी। अपने संबोधन में श्री देशपांडे ने संयंत्र की शत-प्रतिशत क्षमता संचालन को सामूहिक समर्पण और टीम वर्क का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। बाल भारती पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने वीरगाथाओं एवं अखंडता में एकता पर आधारित नाट्य एवं संगीत प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सुरक्षा विभाग ने पूरे परिसर को तिरंगे के रंगों से सजाकर माहौल को और भी खास बना दिया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले इस वर्ष परिसर वासियों के बच्चो के लिए राष्ट्र प्रेम से प्रेरित पैटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन रखा गया उसमें सभी प्रतिभागियों को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का संचालन मानव संसाधन विभाग के  अधिकारी गौरव पाठक और राघवेन्द्र सिंह ने जोश और उत्साह भरे भाषण के साथ किया। विभाग के प्रबंधक श्रीकृष्णा पांडेय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन बच्चों और मेहमानों को मिष्ठान वितरण के साथ हुआ।

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को मिलेगा नया रूप, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दी जानकारी

रायपुर : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को मिलेगा नया स्वरूप : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को मिलेगा नया रूप, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दी जानकारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया: सबसे बड़ा अस्पताल होगा आधुनिक स्वरूप में रायपुर: राज्य के प्रमुख अस्पताल को मिलेगा नया अवतार, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का एलान रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज नया रायपुर स्थित मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और राज्य की निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल के जीर्णोद्धार, नए निर्माण कार्य और 700 बेड के एकीकृत अस्पताल के निर्माण पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मंत्री जायसवाल ने क्षेत्रीय कैंसर संस्थान, चिकित्सा छात्रों के हॉस्टल और सिकल सेल संस्थान के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम के निर्माण और सुधार कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।  मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के मद्देनजर आवश्यक कदम तुरंत उठाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को जल्द ही एक नए और आधुनिक स्वरूप में सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक रितेश अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ विवेक चौधरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ संतोष सोनकर, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।