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रेलवे का नया कदम: स्टेशनों पर खुलेंगे प्रीमियम ब्रांड स्टोर, कपड़े-जूते से लेकर शिल्पकला तक सब मिलेगा

रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों में भी अब एयरपोर्ट की तर्ज पर ब्रांडेड कंपनियों की दुकानें खुलेंगी, जहां अच्छी क्वालिटी के कपड़े, जूते, छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पाद, शिल्पकला समेत चीजें स्टेशनों की दुकानों में मिलेंगी. इसके आवदेन मंगाने शुरू कर दिए हैं. मंडल में आउटलेट्स रायपुर, दुर्ग, भाटापारा व भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशनों पर गैर-किराया राजस्व नीति के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे. रायपुर में बड़ी कंपनियों के स्थापित होने से यात्रियों के लिए स्टेशन में सुविधाएं बढ़ जाएंगी. इसके साथ दुर्ग और भिलाई पावर हाउस में यात्रियों की आवाजाही अधिक होती है. इसीलिए यहां भी कपड़ों और जूतों की दुकान खुलने से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है. रेलवे ने साफ किया है कि इन आउटलेट्स में खाने-पीने का सामान नहीं बेचा जाएगा. सभी दुकानें बोली प्रक्रिया के जरिए तय की जाएंगी. शुरुआत में दुकानों का करार 5 साल के लिए होगा, जिसे अच्छे प्रदर्शन पर 9 साल तक बढ़ाया जा सकता है. इसमें केवल प्रीमियम दुकानों को मौका मिलेगा. स्टेशनों में स्थापित किए जाएंगे रायपुर रेल मंडल के सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों पर प्रतिष्ठित सिंगल ब्रांड रिटेलर्स कंपनियों से प्रीमियम सिंगल ब्रांड आउटलेट्स गैर-खाद्य श्रेणियां स्थापित करने आवेदन आमंत्रित किया गया है. यह आउटलेट्स रायपुर, दुर्ग, भाटापारा एवं भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशनों पर गैर-किराया राजस्व नीति के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे, जिसमें यात्रा सहायक सामग्री, परिधान और फैशन से संबंधित सामग्री, जूते एवं खेल परिधान और छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रीमियम ब्रांड को प्राथमिकता दी जाएगी. छत्तीसगढ़ के फैशन से जुड़ी स्थानीय प्रीमियम ब्रांड को भी प्राथमिकता इन आउटलेट्स में यात्रियों को यात्रा सहायक सामग्री जैसे सैमसोनाइट, वीआईपी, सफारी, अमेरिकन टूरिस्टर, परिधान एवं फैशन ब्रांड्स जैसे एरो, वैन ह्यूसन, बीबा, पीटर इंग्लैंड, फेबइंडिया, जूते एवं खेल परिधान जैसे नाइकी, एडिडास, प्यूमा, रीबॉक उपलब्ध होंगे. साथ ही छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रीमियम ब्रांड्स जैसे हथकरघा, जनजातीय कला, हर्बल उत्पाद और शिल्पकला को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. रेलवे का कहना है कि इन दुकानों से यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेंगे और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी. दुकान खोलने मिलेगी जगह रेलवे चाहता है कि स्टेशन पर सिर्फ बड़े, भरोसेमंद और पहले से स्थापित ब्रांड ही दुकान खोले. अगर किसी ब्रांड के पास एयरपोर्ट या मॉल पर दुकान चलाने का अनुभव है, तो उसे पहले मौका मिलेगा. रायपुर, दुर्ग, भाटापारा और भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशनों पर जगह उपलब्ध कराई जाएगी. रायपुर रेलवे स्टेशन में अभी तक कपड़े, जूते और फैशन से जुड़ी चीजे नहीं मिलती हैं. एयरपोर्ट की तर्ज पर दुकानों के खुलने से सुविधाएं बढ़ेंगी और राजस्व भी बढ़ेगा. रेलवे स्टेशन में सभी वर्गों के यात्री सफर करते हैं. लोकल और बड़े ब्रांड की दुकानों से राजस्व लाभ भी होगा.

CM साय का ऐलान: प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ दौरे पर, स्थापना दिवस कार्यक्रम में लेंगे भाग

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस समय अपने रजत जयंती वर्ष में है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था, इसलिए इस वर्ष को सरकार ने अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कोरबा रवाना हुए है। इस दौरान स्टेट हैंगर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने जा रहा है। 1 नवंबर को होने वाला राज्योत्सव इस बार रजत जयंती के रूप में मनाया जाएगा और इसे यादगार बनाने के लिए सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं। PM मोदी 31 अक्टूबर को 2 दिन के दौरे पर आएंगे छत्तीसगढ़ CM साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, इसलिए इस साल को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया गया है। यह उत्सव अगले 25 हफ्तों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है और इसके लिए पत्र भी भेजा गया है। नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे PM मोदी नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत लगभग बनकर तैयार है। संभावना है कि 1 नवंबर को राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी भी हो सकती है। उद्घाटन के बाद विधानसभा का नया सत्र इसी भवन से शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग लगातार काम में जुटे हुए हैं।

राजधानी के भाठागांव इलाके में जेसीबी चला, अवैध प्लॉटिंग को तोड़कर जमीन कराई मुक्त

रायपुर नगर निगम जोन-6 के तहत भाठागांव इलाके में मंगलवार को करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है. कार्रवाई दो जगहों पर की गई है, एक जगह पर करीब चार एकड़ और दूसरी जगह पर लगभग एक एकड़ में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. अवैध प्लाटिंग की सूचना मिलने पर जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव ने नगर निवेश विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान प्लाट में मुरुम की रोड मिली. इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लॉटिंग पर मार्किंग कर ली थी. निगम अमले ने तत्काल मौके पर जेसीबी की मदद से रोड को तोड़ दिया. जोन कमिश्नर ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले के बारे में जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा गया है. जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अवैध प्लॉटिंग के लिए भाठागांव सबसे उपयुक्त मिली जानकारी के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए भाठागांव इलाका सबसे उपयुक्त है. यहां पर नजदीक ही इंटर स्टेट बस टर्मिनल है, और यह इलाका रिंग रोड से लगा हुआ है. इन दो सुविधाओं के लिए भाठागांव का पूरा क्षेत्र लोगों के लिए घर बनाने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. यही वजह है कि यहां सबसे ज्यादा अवैध प्लॉटिंग हो रही है. निगम ने पुलिस में भेजे 329 प्रकरण नगर निगम ने अब तक अलग-अलग थाने को अवैध प्लाटिंग पर एफआईआर के लिए 329 प्रकरण बनकर भेजे हैं. इनमें से अब तक महज 20 पर एफआईआर दर्ज हुई है. शेष प्रकरणों में पुलिस ने अब तक अपराध ही. दर्ज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि सभी प्रकरणों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है. उन्होंने नगर निगम से कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की है.

बस्तर में इन्वेस्टमेंट की नई पहल, CM विष्णुदेव साय करेंगे छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का उद्घाटन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 सितंबर को बस्तर में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने के साथ-साथ अवसरों के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके। इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।  ये भी लिया गया फैसला इसी के साथ मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने और गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। नई व्यवस्था के अनुसार संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती। उद्योगों को लाभ के लिए निर्णय उद्योगों को लाभ देने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा। इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसके तहत ब्याज अनुदान के अलावा पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योग), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योग), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी। इसी के साथ अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। मीडियाकर्मियों के लिए बड़ा ऐलान मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष रीता शांडिल्य को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी।   

कोर्ट ने पिता को दी 4 साल की बेटी की कस्टडी, स्कूल इवेंट्स में होंगे दोनों साथ

रायपुर/बिलासपुर पति पत्नी के बीच सालों से चल रहा विवाद हाई कोर्ट में आपसी सहमति से सुलझ गया. दरअसल, बेटी की कस्टडी के मामले को लेकर विवाद को हाई कोर्ट ने मध्यस्थता से सुलह का प्रयास करने की पहल करते हुए दोनों को प्रशिक्षित मध्यस्थ के पास भेजा था. कई दौर की बैठकों के बाद दोनों आखिरकार सहमति से विवाद सुलझाने पर सहमत हो गए. वहीं, बेटी के जन्मदिन और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में दोनों की उपस्थिति अनिवार्य होगी. रायपुर निवासी और वर्तमान में जबलपुर के डूमना एयरपोर्ट में पदस्थ सीआईएसएफ के जवान रवि कुमार राय ने धमतरी के फैमिली कोर्ट के आदेश के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. दरअसल, मां के पास रह रही 4 साल की बेटी की कस्टडी की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में मामला प्रस्तुत किया गया था. फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की. जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पहल करते हुए दोनों को प्रशिक्षित मध्यस्थ एडवोकेट बीनू शर्मा के पास भेजा. मध्यस्थ की मौजूदगी में दोनों के बीच बातचीत हुई, इसके बाद दोनों ने सहमति से विवाद सुलझाने का निर्णय लिया. महीने मे एक बार मिल सकेगी मां नाबालिग बेटी की कस्टडी पिता को दे दी गई है. मां को महीने में एक बार मुलाकात का अधिकार होगा. मुलाकात का समय और स्थान फोन पर आपसी सहमति से तय किया जाएगा. मां चाहे तो वीडियो कॉल पर भी बात कर सकेगी. मां को छुट्टियों में बेटी को अपने साथ ले जाने का अधिकार होगा, लेकिन पिता को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी. स्कूल रिकॉर्ड में मां सह अभिभावक बेटी को दिए गए उपहारों का उपयोग करने का अधिकार होगा. बेटी के जन्मदिन और स्कूल की पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में मां की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी. स्कूल रिकॉर्ड में मां का नाम सह अभिभावक के रूप में दर्ज होगा. पुराने केस वापस लेगी पत्नी इसके अलावा मां ने घरेलू हिंसा अधिनियम और अन्य लंबित प्रकरणों को वापस लेने पर भी सहमति जताई. दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तय किया कि भविष्य में एक-दूसरे पर कोई नया केस दर्ज नहीं करेंगे.

ज्वेलरी केस में बड़ा खुलासा: व्यापारी की 11 करोड़ की ज्वेलरी जब्त, खर्चा-पानी के आरोप पर SP ने टीआई को किया निलंबित

रायपुर/खैरागढ़ 500 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर करने वाले राजधानी रायपुर के एक बड़े सराफा व्यापारी की 11 करोड़ से अधिक की ज्वेलरी को रोककर वसूली करने के आरोप में खैरागढ़ एसपी ने टीआई समेत 3 को तत्काल निलंबित कर दिया है. जानकारी के मुताबिक जंगल के रास्ते से करीब 10 किलो Gold ज्वेलरी लेकर आ रही कार को पुलिस चेकिंग पाइंट पर पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया. जानकारी के मुताबिक इस मामले में टीआई और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है और पुलिस पर लेन-देन के भी आरोप लगे है. जिसके बाद खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा ने गातापार थाना प्रभारी आलोक साहू, एसआई नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तैजान ध्रुव को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. कैसे पकड़ा गया मामला शनिवार रात गातापार में वाहनों की जांच के लिए बैरियर लगाया गया था. इसी दौरान मध्यप्रदेश से आ रही एक कार को रोका गया. तलाशी में सीट के भीतर से सोने के करीब 10 किलो का जखीरा मिला. दावा ये है कि कार सवारों के पास सोने से जुड़े किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मौजूदगी नहीं थी, दावा एक ये भी है कि उस व्यापारी के पास इसके बिल मौजूद है और व्यापारी रायपुर सराफा बाजार का एक बड़ा व्यापारी है और वे सालाना 500 करोड़ से अधिक का टर्नओवर करते है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह सोना महाराष्ट्र से एमपी होते हुए गातापार के जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था. योजना इसे खैरागढ़ के ग्रामीण इलाकों से होकर रायपुर तक पहुंचाने की थी. गाड़ी का नंबर ट्रेस कर आगे की पड़ताल शुरू कर दी गई है. कुछ सूत्रों ने गोल्ड की ज्वेलरी के जगह कच्चे सोने की बात भी कही है, ये पुलिस की जांच में पता चलेगा कि ये ज्वेलरी थी या कच्चा सोना. चेकिंग पाइंट पर हुई डील? जानकारी के मुताबिक, कार को चेक पाइंट में लंबे समय तक रोके रखा गया. इस दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी वहां पहुंचे और मामले को दबाने की कोशिश की. थाना प्रभारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को देने के बजाय मात्र 2 हजार रुपए का चालान काटकर गाड़ी को छोड़ दिया. घटना की भनक लगते ही एसपी लक्ष्य शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया.

सी.पी. राधाकृष्णन बने भारत के उपराष्ट्रपति, सीएम साय ने दी बधाई

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक प्रभावशाली नेता और कुशल प्रशासक के रूप में  राधाकृष्णन जी ने समाज की जड़ों से उठकर राष्ट्र के उच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने का गौरव अर्जित किया है। उनका यह सफर लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त मिसाल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राधाकृष्णन जी का दूरदर्शी नेतृत्व और गहरा प्रशासनिक अनुभव न्याय, समानता और विकास के मूल्यों को नई ऊँचाइयों पर स्थापित करेगा। वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के उत्थान के प्रति उनकी निष्ठा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय प्रगति को और सुदृढ़ बनाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सफलता राधाकृष्णन जी के विश्वास, कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है, जो पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से राधाकृष्णन जी को पुनः शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या दोगुनी, 17 से बढ़कर हुई 35– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2022 में जहां बाघों की संख्या 17 थी, वहीं अप्रैल 2025 के सर्वेक्षण में यह बढ़कर 35 हो गई। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में दी गई।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों का संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है। हमारा राज्य वन संपदा और वन्य प्राणियों के मामले में अत्यंत समृद्ध है। इन्हें सुरक्षित और विकसित करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में बाघों की संख्या में तीन वर्षों के भीतर हुई दोगुनी वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 35 होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में संतोषजनक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हमें अन्य वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। छत्तीसगढ़ के कई इलाके ऐसे हैं जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। जशपुर जिले के नीमगांव में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन हेतु आवश्यक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों की पहचान कर उनका भी विकास किया जाना चाहिए। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं वनमंत्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में बाघों की संख्या के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन में भी वृद्धि हुई है तथा उनके रहवासों में सुधार के प्रयास जारी हैं। आगे इसके और बेहतर परिणाम जनता के सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आज पारित प्रस्ताव जनहित के महत्वपूर्ण कार्य हैं, जो शांति का वातावरण स्थापित करने में सहायक होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वन्यजीवों एवं जैव विविधता को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। बोर्ड के सदस्य सचिव अरुण कुमार पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा विभागीय उपलब्धियों और एजेण्डा पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सदस्य सचिव ने बताया कि राज्य में सर्वाधिक बाघ अचानकमार टाइगर रिज़र्व में हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व और गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व में मध्यप्रदेश से बाघ एवं बाघिन के ट्रांसलोकेशन की अनुमति मिल चुकी है। शीघ्र ही ट्रांसलोकेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजकीय पशु वनभैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। असम से लाए गए वनभैंसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण हेतु भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। “मैना मित्र” नामक समूह का गठन किया गया है, जो मैना के संरक्षण और उनके रहवास की निगरानी करता है। टाइगर रिज़र्व और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य सुविधाएं विस्तारित की जा रही हैं, जिससे समीपवर्ती ग्रामवासियों को रोजगार मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा। बैठक में वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन हेतु गश्ती मार्ग निर्माण तथा संरक्षित क्षेत्र के युक्तियुक्तकरण के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व, गरियाबंद अंतर्गत धवलपुर से कुकरार तक सड़क निर्माण कार्य; मिशन अमृत योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार कार्य; तथा कवर्धा वनमंडल में इंटरनेट सुविधा के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति प्रदान की गई। इससे वन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी, ग्रामीणों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होगा और क्षेत्रीय अमलों के लिए सूचना संप्रेषण मजबूत होगा। बैठक में राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक चैतराम अटामी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद तथा अन्य माननीय सदस्य और गैर-शासकीय संस्थाओं के प्रख्यात वन्यजीव विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणा

रायपुर : अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए खुला बेहतर शिक्षा का रास्ता – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का किया शुभारंभ, चयनित बच्चों का किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री ने "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणामुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक बच्चों के लिए संचालित "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" का शुभारंभ किया। उन्होंने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। साय ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिक अनेक समाज के हित के लिए कार्य करता है, परंतु अपने परिवार के लिए बहुत कम समय, संसाधन, ऊर्जा और ध्यान दे पाता है। उनके भी सपने होते हैं कि उनके घर के बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर जीवन जिएँ, ताकि भविष्य में मजदूर का बेटा-बेटी केवल मजदूरी न करे, बल्कि समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील और राजनेता बने।इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत श्रमिक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" प्रारंभ की है। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कार्यक्रम के दौरान निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों ने मिलकर योजना का शुभारंभ पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से अब हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो गए हैं। इस योजना के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा और भविष्य सँवारने का सुनहरा अवसर मिल गया है। हमारे लिए यह एक सपना था, जो अब पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत चालू वर्ष में 100 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 14 निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों का दाखिला प्रदेश के 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है। सरकार की सोच है कि श्रमिक का बच्चा केवल श्रमिक न रहकर अधिकारी बने और देश की सेवा करे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके निश्चित ही दूरगामी परिणाम सामने आएँगे। श्रम मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत तीन मंडल संचालित हैं, जिनमें लगभग 70 से अधिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा पिछले 20 माह में लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से पहुँचाया गया है। उन्होंने योजना के तहत चयनित बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के संकल्पों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य में लगभग 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनके बच्चे अच्छे विद्यालयों में नहीं पढ़ पाते थे। उनके लिए "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना से श्रमिकों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने चयनित बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

भू-जल स्तर बचाने पर जोर, डेका बोले- किसानों को डबरी निर्माण के लिए करें प्रोत्साहित

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज जल संसाधन एवं कृषि विभाग के सचिव की बैठक लेकर राज्य में घटते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल डेका ने कहा कि वर्षा का जल संचयन ही भविष्य की कृषि और जल संकट का समाधान है। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न योजनाओं  में अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उन्हें अपने खाली पड़े जमीनों पर डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने से भूजल स्तर बढ़ेगा। राज्यपाल ने जल संसाधन और कृषि विभाग को मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की सिंचाई की समस्या को हल करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का मजबूत आधार भी बनेगी। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि विभाग की सचिव सुशहला निगार उपस्थित रहे।