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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में यूनिफाइड कमांड की बैठक आयोजित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में यूनिफाइड कमांड की बैठक हुई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान तथा विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, भारतीय वायुसेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा

कांग्रेस का विरोध गलत: वोट चोरी रोकने के लिए चल रहे SIR को क्यों मान रही पार्टी गलत कदम- उप मुख्यमंत्री शर्मा  जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा  SIR पर कांग्रेस का विरोध सवालों के घेरे में, वोट चोरी रोकने की पहल पर उठाए सवाल- उप मुख्यमंत्री शर्मा  रायपुर  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने बिलासपुर में हुई कांग्रेस की रैली को दोहरे राजनीतिक मापदंड का परिचायक बताते हुए कहा है कि जिस वोट चोरी के नाम पर कांग्रेस के लोग हंगामा कर रहे हैं, उसे दुरुस्त करने के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कांग्रेस को नहीं करना चाहिए।  नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों के सम्बोधित करते हुए श्री शर्मा ने ऐसे अनेक नामों का दस्तावेजों के साथ जिक्र किया जिन्होंने गलत जानकारी देकर कवर्धा और राजधानी रायपुर के ही विधानसभा क्षेत्रों के दो-दो पोलिंग बूथ पर दो-दो अलग एपिक नम्बर्स के साथ मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इन सारे मामलों को लेकर न्यायालय जाएंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सब पिछली भूपेश सरकार के मंत्री रहे मो. अकबर के इशारे पर हुआ। अब कांग्रेस वोट चोरी के मामले में उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। हैरत की बात तो यह है कि इनमें से अनेक उम्रदराज लोगों ने फर्स्ट टाइम वोटर का फॉर्म जमा किया! एसआईआर का विरोध कर रही कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह रैली, प्रदर्शन, नारेबाजी के जरिए करना क्या चाह रही है? कांग्रेस एक तरफ वोट चोरी रोकने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ वह मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कर रही है। अब कांग्रेस बताए कि एसआईआर का विरोध करके वह वोट चोरी को कैसे रोक सकती है? प्रदेश की राजधानी के एक मकान में 350 मतदाताओं के नाम सूची में इरादतन दर्ज कराए जाने की बात कहते हुए श्री शर्मा ने कहा कि एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस तो खुद कठघरे में है। खुद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मानते हैं कि वोट चोरी की बात कहना अपनी हार का इल्जाम खुद पर लेने से बचना है। हारे हुए लोगों को धरातल पर मेहनत करनी चाहिए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गलत ढंग से मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने वाले लोगों के विरुद्ध चुनाव आयोग में शिकायत की गई है और अब उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी, दण्डात्मक कार्रवाई कराई जाएगी। श्री शर्मा ने नसीहत दी कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में यह रैली रोकर आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी एसआईआर को लेकर देश को गुमराह करके गलत कर रहे हैं। गलत ढंग से जो लोग मतदाता बने हैं, देश में घुस आए हैं, उन्हें निकाल बाहर करना होगा।  इस दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।

युवा बनेंगे प्रोफेशनल: छत्तीसगढ़ में मुफ्त होटल मैनेजमेंट कोर्स की सुविधा

रायपुर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू करने जा रही है है. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को होटल मैनेजमेंट का निःशुल्क प्रशिक्षण देने की घोषणा की है. ये कोर्स छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के युवाओं के लिए होगा और कोर्स का खर्च बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण वहन करेगा. मंत्री ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं. विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने छत्तीसगढ़ रजत जयंती समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और इसे भव्य बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना की प्रगति की जानकारी ली. आगामी चक्रधर समारोह, बस्तर पंडुम, और रामगढ़ महोत्सव को और बेहतर ढंग से आयोजित करने पर भी चर्चा हुई. मंत्री ने स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए मंच प्रदान करने के निर्देश दिए. बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को भी बढ़ावा देगी.

मुख्यमंत्री साय बोले – सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित

  सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि राज्य नीति आयोग ने जारी की जिला प्रगति रिपोर्ट 2024 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा तैयार “सतत विकास लक्ष्य (SDG) राज्य एवं जिला प्रगति रिपोर्ट 2024” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे। यह रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में राज्य का कंपोजिट स्कोर 69 था, जो 2024 में बढ़कर 70 हो गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सतत विकास की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह रिपोर्ट इस तथ्य का प्रमाण है कि राज्य और जिले स्तर पर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल देकर सतत विकास लक्ष्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट न केवल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिला स्तर पर हो रहे कार्यों की स्पष्ट तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट आगामी वर्षों में नीतिगत निर्णयों और योजनाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि जिला स्तर पर एसडीजी प्रदर्शन का यह आकलन, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक जिले को उसकी ताकत और चुनौतियों के अनुरूप आवश्यक समर्थन और दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के बीच एक आदर्श रूप में स्थापित होगा। गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार 82 संकेतकों के आधार पर प्रत्येक जिले का स्कोर और रैंकिंग तय की गई है। जिलों को चार श्रेणियों—एस्पिरेटर, परफॉर्मर, फ्रंट रनर और अचीवर में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2024 में राज्य के 28 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में शामिल हुए, वहीं 5 जिले परफॉर्मर श्रेणी में आए। धमतरी जिले ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अचीवर श्रेणी में अपना स्थान बनाए रखा। 12 जिलों ने अपने स्कोर में वृद्धि दर्ज की, जबकि 10 जिलों ने अपना स्कोर बरकरार रखा। राज्य स्तर पर 16 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत 275 संकेतकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 40 संकेतकों ने वर्ष 2024 तक ही अपने निर्धारित 2030 लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने वाली है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि आगामी दो से तीन वर्षों में 83 संकेतकों के लक्ष्य भी हासिल कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुकेश बंसल, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव आशीष भट्ट तथा सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम उपस्थित थे।  

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में कड़ा एक्शन, आरोपी के ठिकानों पर चला बुलडोजर

बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड के मुख्य आरोपित सुरेश चंद्रकार के चट्टानपारा स्थित बाड़े पर सोमवार को प्रशासन ने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया। आठ माह पहले हुई इस घटना में युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या कर उनके शव को बाड़े के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की उठाई थी मांग घटना के बाद पूरे पत्रकार समुदाय और समाज के सभी वर्गों में गहरी नाराजगी व्याप्त थी। पत्रकारों ने आरोपित के इस प्लाट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई थी। प्रशासन ने फारेस्ट लेंड में बनाए गए प्लांट को पहले ही ध्वस्त किया था और अब राजस्व और नगर पालिका के संयुक्त अमले ने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन नहीं करेगा कोई समझौता पुलिस ने क्राइम सीन को सील किया था और अब राजस्व भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर तैनात किया गया। नगर पालिका और राजस्व अमले के संयुक्त प्रयास से यह कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और कानून के उल्लंघन पर प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। आठ माह बाद हुई यह कार्रवाई आरोपित सुरेश चंद्रकार के खिलाफ कानून के हाथ मजबूत होने का प्रतीक है। क्या था मामला? छत्तीसगढ़ के रायपुर से 433km दूर बीजापुर में 1 जनवरी 2025 को युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई थी। पत्रकार हत्या मामले के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को बीजापुर पुलिस ने 5 जनवरी 2025 को हैदराबाद से अरेस्ट किया था। आपको बता दें कि सुरेश चंद्राकर और उसके दो सहयोगी तब से जेल में बंद है। इस केस में पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस मामले में बीजापुर पुलिस प्रशासन ने 8 सितंबर 2025 को बड़ा एक्शन लिया। अब मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए सुरेश चंद्राकर के फार्म हाउस और ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत योजना, 100 परिवारों को 25 एकड़ भूमि आवंटित करने की तैयारी

जगदलपुर बस्तर में पहाड़ी नाले की वजह से मांदर गांव में 26 अगस्त को आई बाढ़ के चलते गांव में भारी नुकसान हुआ. नाले के आसपास स्थित दर्जनों घर तबाह हो गए. कई मकान क्षतिग्रस्त भी हुए. बाढ़ प्रभावित ग्रामीण आज भी दहशत में हैं. ऐसे में प्रशासन ने पहाड़ी नाले के आसपास बसे ग्रामीणों को विस्थापित करने का निर्णय लिया है. मांदर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि अगर फिर बाढ़ आई तो उन्हें फिर से बेघर होना पड़ सकता है. ऐसे में प्रशासन ने पहाड़ी नाले के पास बसे ग्रामीणों को विस्थापित करने का फैसला लिया है. गांव के ही एक छोर में 25 एकड़ जमीन 100 से अधिक बाढ़ प्रभावितों के लिए आवंटित की जाएगी. गांव में प्रशासन का सर्वे जारी : कलेक्टर बस्तर कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि बाढ़ में अपना घर गंवाने वाले लोगों और बाढ़ संभावना वाले इलाकों के ग्रामीणों को यहां से विस्थापित किया जाएगा. फिलहाल ग्रामीणों को विस्थापित करने को लेकर गांव में प्रशासन का सर्वे जारी है.

शिक्षा क्षेत्र में बड़ी सफलता, छत्तीसगढ़ के 16,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन

अब कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं, एकल-शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या घटी रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है। इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है। उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है। युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया। इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है। जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है। इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।

मंंत्रिमंडल विस्तार के बाद कैबिनेट की पहली बैठक, मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

  रायपुर मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 09 जून 2025 को बम विस्फोट की घटना में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की शहादत और अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए उनकी पत्नी श्रीमती स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने तथा गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। नीति की अवधि – नई व्यवस्था के अनुसार यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती। उद्योगों को मिलने वाले लाभ – सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा। इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुश्री रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रूपए प्रतिमाह करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी।

जीएसटी में बदलाव से राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति, कारोबारियों और आमजन को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में राज्य के विभिन्न व्यावसायिक संघों के प्रतिनिधियों ने भेंट कर जीएसटी में किए गए सुधारों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीएसटी ने न केवल व्यापार जगत को सशक्त किया है, बल्कि पारदर्शिता और कर संग्रहण में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भारत को वैश्विक व्यापार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कर व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माने जाने वाला वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राज्य और देश के व्यापार जगत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। जीएसटी में किए गए हालिया सुधारों से राज्य के उद्योगों और व्यापारियों के साथ-साथ आमजन को भी महत्वपूर्ण राहत मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। यह सुधार भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित राज्य के विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बड़ा बदलाव: राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पर काम शुरू, बनी 7 अफसरों की समिति

रायपुर रायपुर में एक नवंबर से लागू होने वाले पुलिस कमिश्नरेट पर काम शुरू हो गया है. इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार के निर्देश पर डीजीपी अरुणदेव गौतम ने सीनियर एडीजी प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में सात आईपीएस अधिकारियों की कमेटी बनाई है, जिसने ड्राफ्ट पर काम प्रारंभ कर दिया है. एडीजी प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में बनाई गई समिति में पुलिस महानिरीक्षक (नारकोटिक्स) अजय यादव, पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक (अअवि) ध्रुव गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक (दूरसंचार) अभिषेक मीणा, उप पुलिस महानिरीक्षक (सीसीटीएनएस) संतोष सिंह और , पुलिस अधीक्षक (विआशा) प्रभात कुमार बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं. इसके अतिरिक्त वैधानिक पहलुओं के संबंध में आवश्यकता पड़ने पर लोक अभियोजन संचालनालय में संयुक्त संचालक मुकुला शर्मा को टीम में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. कमेटी इस बात पर मंथन करेगी कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम को छत्तीसगढ़ पुलिस एक्ट 2007 के प्रावधानों के अनुसार बनाया जाए या फिर इसके लिए अलग से एक्ट बनाया जाए. सरकार अगर अलग से एक्ट बनाना चाहेगी तो फिर इसके लिए दो रास्ते हैं. पहला विधानसभा से अधिनियम पारित कराया जाए. या फिर राज्यपाल से अध्यादेश जारी कराना. चूंकि राज्योत्सव के मौके पर रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की शुरुआत होनी है, ऐसे में कई राज्यों के सिस्टम का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में बेस्ट ड्राफ्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है. क्या है पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली? पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पहले से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल, इंदौर जैसे बड़े महा नगरों में लागू है. इसमें शहर की कमान किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को दी जाती है, जो आमतौर पर डीजी, एडीजी या आईजी रैंक के हो सकते हैं. कौन-सा अधिकारी बैठेगा, यह राज्य सरकार तय करती है और यह शहर की जनसंख्या व क्राइम रिकॉर्ड पर निर्भर करता है. पुलिस आयुक्त के अधिकार और जिम्मेदारियां कमिश्नर के पास ऐसे कई अधिकार होंगे जो वर्तमान में कलेक्टर या मजिस्ट्रेट के पास होते हैं, जैसे- धारा 144 या कर्फ्यू लगाने का निर्णय धरना-प्रदर्शन की अनुमति देना आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई बड़े सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति जिला बदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का आदेश इससे पुलिस को किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी और कलेक्टर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी. कलेक्टर के अधिकार हो जाएंगे सीमित कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद कलेक्टर के अधिकार भी सीमित हो जाएंगे. वह सिर्फ रेवेन्यू का काम देखेंगे, जबकि अन्य अनुमति संबंधी कार्य कमिश्नर के हाथों में होंगे. एसपी और आईजी का क्या होगा? कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद जिले में लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी कमिश्नर के हाथों में होगी. यदि सरकार चाहेगी तो, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग से एसपी (रूरल) की नियुक्ति हो सकती है. अगर पूरा जिला कमिश्नरेट के तहत आता है तो एसपी रैंक के अधिकारियों को डीसीपी बनाया जा सकता है. फिलहाल, सीएम विष्णुदेव साय ने केवल इसकी घोषणा की है. अधिकारों का दायरा और तैनाती की प्रक्रिया आने वाले दिनों में तय होगी. रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर कौन होगा, इस पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई है.