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लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही हैं प्रदेश का नाम रोशन : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तीजा महिलाओं का मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व : राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण रायपुर सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएँ मायके में उपवास करती हैं। तीजा महिलाओं को मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व है। तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री सुनील सोनी तथा श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

जशपुर हादसा: सीएम ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि

रायपुर जशपुर के जुरुडांड, बगीचा में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत व कई अन्य के घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख जताया है। साथ ही घायलों की समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक मदद के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। सीएम साय ने कहा, इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए एवं घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। ईश्वर से दिवंगतों के आत्मा की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। सीएम ने कहा, जशपुर घटना की पूरी जानकारी है। जिला प्रशासन से बात हुई है। तीन लोगों की मौत और 22 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद SP और कलेक्टर मौके पर मौजूद थे। घायलों के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।  

डैम हादसे में 4 लोगों की जान गई, 3 घायल – मुख्यमंत्री साय ने की संवेदना व्यक्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुंची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

धर्मांतरण के खेल का खुलासा, चंगाई सभा से 5 दबोचे गए

सूरजपुर भटगांव थाना क्षेत्र के बुंदिया में पुलिस ने 5 लोगों को प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपियों के खिलाफ ग्रामीण रामानंद बरगाह ने थाने में शिकायत की थी उसे मंगल टोप्पो के घर में आयोजित चंगाई सभा में बुलाया गया. जहां उसे बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने की बात कही गई. रामानंद ने भटगांव थाना में दी गई शिकायत में बताया कि गांव के मंगल साय के घर में चंगाई सभा आयोजित की गई थी. जिसमें उसे भी बुलाया गया था. सभा के दौरान रामानंद के साथ पहुंचे लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन दिया गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की. पादरी समेत 5 आरोपियों को धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायलय पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

जमीन सौदों पर लगी पाबंदी खत्म : रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर फिर से शुरू होगी रजिस्ट्री

रायपुर रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ सड़क को टू से फोरलेन करने की प्रकिया तेज हो गई है. नेशनल हाइवे ने सड़क का एलाइनमेंट जिला प्रशासन को सौंप दिया है. इसके बाद रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के करीब 35 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी दो महीने पुरानी रोक हटा दी गई है. अब सड़क चौड़ीकरण के तहत दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी जमीन की खरीदी-बिक्री की जा सकेगी. एनएच की टीम ने तहसील कार्यालय से जमीन के दस्तावेजों का मिलान पूरा कर लिया है. दस्तावेजों के अध्ययन में पता चला कि इस रोड के किनारे ज्यादातर जमीन नेशनल हाइवे की है. इसलिए महज 10 प्रतिशत जमीन ही नेशनल हाइवे को अधिग्रहण करनी पड़ेगी. सड़क चौड़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है. डीपीआर फाइनल होते ही नेशनल हाइवे जल्द ही इसका टेंडर जारी करेगा. 186 किमी नई सड़क बनेगी रायपुर-बलौदाबाजार और सारंगढ़ तक करीब 186 किलोमीटर तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. एनएच प्रथम चरण में रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किलोमीटर तक फोरलेन का काम होना है. दूसरे चरण में 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक तथा तीसरे चरण में 85.6 से 186 किलोमीटर तक फोरलेन सड़क चौड़ीकरण होना है. सड़क चौड़ीकरण से लोगों को मिलेगी राहत फोरलेन सड़क निर्माण होने से इस मार्ग में परिवहन सुविधा सुगम हो जाएगी. अभी टू लेन सड़क होने से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी. रोक हटाई गई रायपुर एडीएम कीर्तिमान राठौर ने जानकारी दी कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण के लिए कुछ गांवों की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक थी. नेशनल हाइवे ने एलाइन्मेंट दे दिया है. अब सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर छोड़कर जमीन की खरीदी बिक्री हो सकेगी. इसके लिए आदेश जारी हो गया है.

नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनी भवन की आधारशिला, CM साय ने दिया ‘जीरो पावर कट से मुफ्त बिजली’ का संकल्प

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊंचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पांच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा। नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

लिंगेश्वरी मंदिर में लगा भक्तों का मेला, माता के जयकारों से गूंजा वातावरण

कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित माता लिंगेश्वरी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. देशभर से श्रद्धालु यहां केवल संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे. यह मंदिर खास इसलिए है क्योंकि इसके पट साल में सिर्फ एक दिन के लिए ही खुलते हैं. यही कारण है कि इसे एक दिन का मंदिर भी कहा जाता है. बता दें, आज सूर्योदय से पहले मंदिर के द्वार खोले गए और सूर्यास्त से पहले ही बंद कर दिए गए. अगले एक वर्ष बाद ही श्रद्धालुओं को यहां दर्शन का अवसर मिलेगा. मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दराज से आए भक्त एक दिन पूर्व से ही लाइन में लग गए थे. कई किलोमीटर लंबी कतारों में श्रद्धालु अपने साथ भोजन और आवश्यक सामग्री लेकर पहुंचे. संतान की प्राप्ति की अद्भुत मान्यता मान्यता है कि माता लिंगेश्वरी के दरबार में माथा टेकने और यहां प्रसाद स्वरूप दिए जाने वाले खीरे का सेवन करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है. परंपरा के अनुसार दंपत्ति को खीरा प्रसाद के रूप में दिया जाता है. पति और पत्नी इसे नाखून से दो बराबर हिस्सों में बांटकर ग्रहण करते हैं. सुरक्षा के कड़े इंतजाम श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई. कभी यह इलाका नक्सल प्रभावित रहा है, जिसके चलते पहले लोग यहां आने से कतराते थे. लेकिन अब माहौल बदल चुका है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.

सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर, पर नहीं मिली एंबुलेंस : ऑक्सीजन खत्म होने से महिला की मौत

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला मरीज की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली. परिजन निजी वाहन से मरीज को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, इस दौरान रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे मरीज की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, बीती रात ग्राम मेड़ो में 29 वर्षीय संतोषी सेन को सांप ने डंस दिया. रात 2 बजे महिला को दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनकी स्थित को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी. पता करने पर इंतजार करने कहा गया. मरीज की स्थिति बिगड़ती रही पर 5 घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आई. इसके चलते परिजनों ने निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने का फैसला लिया. परिजन निजी वाहन बुलाया और महिला को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुए. समस्या यहीं पर समाप्त नहीं हुई, क्योंकि मरीज के लिए लगाया गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था. अस्पताल से निकलने के कुछ देर बाद ही गैस खत्म हो गई, जिससे मरीज ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने महिला को पास ही स्थित भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. भानुप्रतापपुर में ही मृत महिला का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

भ्रष्टाचार पर शिकंजा: रिश्वत लेते धराया पटवारी संघ का अध्यक्ष

खैरागढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को खैरागढ़ में जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और पटवारी धर्मेंद्र कांडे को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. ग्राम डोकरा भाटा निवासी भागचंद कुर्रे अपने ज़मीन संबंधी कार्य को लेकर कई दिनों से पटवारी धर्मेंद्र कांडे से संपर्क कर रहा था. पटवारी ने काम कराने के एवज में पहले 10 हज़ार रुपए की मांग की थी. बाद में सौदा 9 हज़ार रुपए में तय हुआ. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी. योजना के तहत आज पीड़ित भागचंद कुर्रे ने अपना बाज़ार के ऊपर स्थित पटवारी कार्यालय में जाकर आरोपी को 9 हज़ार रुपए सौंपे. रुपए लेने के बाद धर्मेंद्र कांडे कलेक्टर कार्यालय की एक बैठक में चला गया. एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देते हुए कलेक्टर कार्यालय से ही आरोपी पटवारी को रिश्वत की राशि सहित गिरफ्तार कर लिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धर्मेंद्र कांडे जिला पटवारी संघ का अध्यक्ष भी है. यानी जो संगठन अपने साथियों को ईमानदारी और पारदर्शिता की सीख देने का दावा करता है, उसका ही मुखिया घूस लेते पकड़ा गया. इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की नीयत पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

रायपुर में किसानों की बदलती तस्वीर, हितैषी नीतियों से मिल रही नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक सीताराम राजपूत, पिता ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।     जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।