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भीषण सड़क हादसा: दर्शन के लिए निकले भाजयुमो नेता की पुल से गिरने से मौत, तीन गंभीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुल के नीचे गिर गई. इस भीषण हादसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत दो लोगों की मौत हो गई है. हादसे के वक्त कार में 5 लोग सवार थे. सभी बिलाईगढ़ भटगांव से भूतेश्वरनाथ मंदिर जा रहे थे. इस दौरान उनकी कार फिंगेश्वर सरगी नाला पर हादसे का शिकार हो गई. हादसे में तीन लोग घायल हैं, जिनका इलाज जारी है. घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, बिलाईगढ़ के भटगांव थाना क्षेत्र के 5 लोग गरियाबंद के भूतेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे थे. फिंगेश्वर सरगी नाला पार के दौरान कार चला रहे पंकज को झपकी आ गई. कार पत्थर से टकराकर पुल से नाले में जा गिरी. दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान लोकेश साहू और पंकज दास (भाजपा मंडल अध्यक्ष) के रूप में हुई है. वहीं हादसे में घायल 3 युवकों का इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुल में रेलिंग नही होने से यहां आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं. इसके बावजूद प्रशासन इसपर कोई सुध नही ले रहा है. फिलहाल फिंगेश्वर पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है. 

शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा विभाग मनेन्द्रगढ़ में साहित्यिक समागम

तुलसीदास व प्रेमचंद जयंती मनाकर दी महान साहित्यकारों को श्रद्धांजलि तुलसीदास और प्रेमचंद जयंती पर साहित्य साधकों ने दी श्रद्धांजलि, याद किए अमर रचनाकार शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा विभाग मनेन्द्रगढ़ में साहित्यिक समागम मनेन्द्रगढ़  साहित्य जगत की दो महान विभूतियों—गोस्वामी तुलसीदास और मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिक्षा विभाग मनेन्द्रगढ़ में एक भव्य साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा के साथ इन दोनों महापुरुषों को स्मरण किया और उनके कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य  सत्येन्द्र सिंह ने की। इस अवसर पर विशेष रूप से श्रीमती अर्चना वैष्णव, राजीव सोनी, टी. विजय गोपाल राव, रामरक्षा द्विवेदी, जसवंत डहरिया, श्रीमती अंजली सिंह, एवं श्रीमती कंचन त्रिपाठी उपस्थित रहे। साहित्य से संस्कार तक की प्रेरणा-कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। तत्पश्चात विद्यालय प्राचार्य  सत्येन्द्र सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की साहित्यिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा—"तुलसीदास न केवल एक कवि थे, बल्कि भारतीय समाज की आध्यात्मिक चेतना के मार्गदर्शक भी थे। रामचरितमानस के माध्यम से उन्होंने धर्म, भक्ति, मर्यादा और नैतिकता को जन-जन तक पहुँचाया।"उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे तुलसीदास जैसे संत कवियों के आदर्शों को आत्मसात करें। वहीं व्याख्याता श्रीमती अर्चना वैष्णव ने मुंशी प्रेमचंद के यथार्थवादी साहित्य पर बोलते हुए कहा कि "प्रेमचंद ने कलम से क्रांति की, उन्होंने किसानों, मजदूरों और आम जनजीवन की पीड़ा को शब्दों में ढालकर साहित्य को जनमुखी बनाया। ‘गोदान’, ‘निर्मला’ जैसी रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।" साहित्यिक प्रस्तुतियाँ और प्रेरक वक्तव्य छात्राओं द्वारा तुलसीदास जी की चौपाइयों का वाचन, प्रेमचंद की कहानियों पर लघुनाटिका, और भजन प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भक्ति और प्रेरणा से भर दिया। शिक्षकों द्वारा दोनों साहित्यकारों की रचनाओं से प्रेरित संस्मरण भी साझा किए गए। टी. विजय गोपाल राव एवं रामरक्षा द्विवेदी ने कहा कि"भविष्य के नागरिकों को तुलसी और प्रेमचंद जैसे चरित्र निर्माताओं से प्रेरणा लेनी चाहिए।" वहीं  राजीव सोनी और श्रीमती अंजली सिंह ने बच्चों से आग्रह किया कि वे साहित्य को केवल विषय न मानें, बल्कि जीवन-दर्शन के रूप में अपनाएं। सम्मान और समापन अंत में प्राचार्य श्री सिंह द्वारा सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

किसानों को राहत: पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी, हजारों को मिला लाभ

पीएम किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत 20वीं किस्त की राशि का हुआ अंतरण, जिले के 28 हजार से अधिक किसानों को मिला लाभ पीएम किसान योजना: जिले के 28 हजार से ज्यादा किसानों के खातों में पहुंची 20वीं किस्त किसानों को राहत: पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी, हजारों को मिला लाभ एमसीबी  जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को 20वीं किस्त की राशि का अंतरण 2 अगस्त को प्रातः 11 बजे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से वाराणसी, उत्तर प्रदेश से वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। यह राशि डीबीटी प्रणाली के अंतर्गत सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई। इस अवसर पर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन उप संचालक कृषि श्री इन्द्रासन सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सुखमंती सिंह सभापति कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत, श्री रामजीत लकड़ा जिला पंचायत सदस्य तथा श्री रविशंकर वैश्य सभापति कृषि स्थायी समिति जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ उपस्थित रहे। श्रीमती सुखमंती सिंह ने अपने संबोधन में किसानों को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए उन्हें पालनहार का दर्जा प्रदान किया और कहा कि शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक कृषक तक समय पर पहुंचे, यह हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उप संचालक कृषि श्री पैकरा ने जानकारी दी कि जिले के कुल 28477 कृषकों को इस 20वीं किस्त के रूप में 5 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई है। साथ ही उन्होंने अपील की कि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए सभी कृषक समय पर एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराएं और अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करें। जिले के कई लाभान्वित किसानों ने इस योजना से प्राप्त राशि को खेती के कार्यों में उपयोगी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और योजना को किसानों के लिए संजीवनी बताया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के उप संचालक, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और जिले के अनेक कृषक गण उपस्थित रहे।

शराब घोटाले में कार्रवाई तेज़, चैतन्य बघेल 14 दिन की रिमांड पर जेल भेजे गए

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 14 इन की न्यायिक रिमांड अवधि समाप्त होने पर आज उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अब 18 अगस्त को सुनवाई होगी। बता दें कि ईडी ने 18 जुलाई की सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था। उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। मामले में पूछताछ के लिए कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा था। 22 जुलाई को सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 4 अगस्त तक के लिए 14 दिन की न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया था। रिमांड खत्म होने पर आज उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें फिर से 14 दिन की न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया। अब चैतन्य बघेल को 18 अगस्त को कोर्ट में पेश किया जायेगा। ईडी ने किया बड़ा खुलासा 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से कई बड़े चेहरे गिरफ्त में ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

पहली पत्नी को फोन पर छोड़ा, दूसरी से की शादी — पुलिस में शिकायत दर्ज

कांकेर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पहली बार तीन तलाक का आपराधिक मामला सामने आया है. पीड़ित महिला, परिजनों और मुस्लिम समाज कांकेर ने इसकी शिकायत कांकेर कोतवाली में दर्ज कराई है. मामला गरियाबंद जिले के इरफान वारसी नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिसने मोबाइल फोन पर अपनी पत्नी को तीन बार “तलाक” कहकर विवाह तोड़ दिया और फिर दूसरी शादी कर ली. पीड़िता के भाई गफ्फार मेमन ने बताया कि उनकी बहन का विवाह 9 मार्च 2017 को गरियाबंद निवासी इरफान वारसी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था. शादी के बाद से ही पति, सास और ननदों द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के कारण पीड़िता अपने मायके कांकेर में रह रही थी. इसी बीच पति ने दूसरी शादी कर ली और मोबाइल फोन पर पीड़िता को “तलाक-तलाक-तलाक” कहकर संबंध खत्म करने की बात कही. पीड़िता ने तलाक की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है. इस मामले को लेकर मुस्लिम समाज ने भी थाने में आवेदन देते हुए कहा कि यह निंदनीय अपराध है. वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित तीन तलाक कानून के तहत ऐसा करना संगीन अपराध है और इस्लामिक कानून में भी इसे गलत माना गया है. समाज ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. कांकेर एसडीओपी मोहाशिन खान ने बताया कि पीड़ित महिला, परिजनों और मुस्लिम समाज ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है. पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

अब 100 यूनिट तक ही आधा बिल: सरकार ने योजना में की कटौती

रायपुर छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना को हाफ से भी हाफ कर दिया गया है. योजना का लाभ अब सिर्फ 100 यूनिट तक की खपत पर ही मिलेगा. राज्य सरकार की ओर एक व्यापक दिशा-निर्देश योजना को लेकर जारी कर दिया गया. दरअसल राज्य में हाफ बिजली योजना राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली बिल में दी जानी वाली एक बड़ी राहत है. इस योजना के तहत अभी तक 400 यूनिट तक खपत में कुल बिल आधा देना पड़ता था. लेकिन योजना में सरकार की ओर से एक संशोधन कर दिया गया. संशोधन के बाद अब उपभोक्ताओं को हाफ बिजली बिल योजना का लाभ 100 यूनिट तक की खपत पर ही मिलेगा. इससे अधिक पर नहीं. ऊर्जा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब तक इस योजना के अंतर्गत 400 यूनिट तक की मासिक खपत पर बिजली बिल की कुल देय राशि (एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज और वैरिएबल कॉस्ट एडजस्टमेंट) में 50% की रियायत दी जाती थी. नए आदेश में इसे संशोधित कर 100 यूनिट तक सीमित कर दिया गया है. नए नियमों के तहत अब योजना का लाभ केवल उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी मासिक खपत अधिकतम 100 यूनिट है. इस तरह से किसी माह उपभोक्ता की खपत 100 यूनिट से अधिक होती है, तो उस माह योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके लिए भी उपभोक्ता के बिजली बिल 6 माह से अधिक बकाया नहीं होने चाहिए. वहीं पहले की तरह एकल बत्ती योजना के पात्र उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 30 से 100 यूनिट तक की खपत पर 50% छूट जारी रहेगी. सौर ऊर्जा को भी प्रोत्साहन इस योजना को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से भी जोड़ा गया है. केंद्र सरकार 1kW, 2kW, और 3kW या उससे अधिक क्षमता के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर क्रमशः 30,000, 60,000 और अधिकतम 78,000 रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है. राज्य सरकार अतिरिक्त रूप से 1kW के लिए 15,000 रुपए और 2kW या उससे अधिक के लिए अधिकतम 30,000 रुपए की सब्सिडी देगी. यह संशोधन घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा की बचत और सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उपभोक्ता “हाफ बिजली” से “मुफ्त बिजली” की ओर अग्रसर हों. ऊर्जा विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्व में गठित समिति यथावत कार्यरत रहेगी, तथा अनुदान एवं अन्य वित्तीय प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे.

बूढ़ेश्वर महादेव: क्यों खास है छत्तीसगढ़ का यह 600 साल पुराना शिव मंदिर?

रायपुर सावन का आज चौथा सोमवार है। ऐसे में शिव मंदिरों में सोमवार सुबह से भक्तों की भीड़ लगी हुई है। रायपुर के शिलालयों में दर्शन करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। रायपुर के प्राचीन बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में लोग भगवान भोले को जलाभिषेक किए। बात रायपुर के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की करें, तो यहां पांच सौ वर्ष पूर्व बूढ़ातालाब के किनारे शिवलिंग की पूजा की जाती थी। मान्यता है कि शिवलिंग पर हमेशा सर्प लिपटे रहते थे। श्रद्धालु तालाब में स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करते थे। करीब 75 वर्ष पहले पुष्टिकर ब्राह्मण समाज ने यहां पर भव्य मंदिर बनवाकर शिवलिंग को प्राण प्रतिष्ठित की। रायपुर का बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, आदिवासी समाज के कुल देवता बूढ़ादेव के नाम पर बूढ़ातालाब का निर्माण हुआ था। इसी तालाब के किनारे स्थित शिवलिंग को बूढ़ेश्वर शिवलिंग कहा जाने लगा। बाद में मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर की विशेषता मंदिर परिसर में प्राचीन कुआं है। इस कुएं के जल से ही शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। कुएं के सामने भोलेनाथ के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा खुले आसमान में विराजित है। इस प्रतिमा का सोने, चांदी के बर्क से अगहन माह की अष्टमी तिथि पर विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश, कार्तिकेय, पार्वती, नंदीदेव भी प्रतिष्ठापित हैं। एक बड़े हाल के बीच छोटा सा गर्भगृह बना है और चारों ओर अनेक देवी-देवता विराजित हैं। राधा-कृष्ण, श्रीराम-सीता के मंदिर है।   हर सोमवार को श्रृंगार पुजारी पंडित महेश पांडेय ने बताया कि मंदिर में सावन के हर सोमवार को किया जाने वाला श्रृंगार प्रसिद्ध है। यहां पर विविध सामग्री से शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। अलग-अलग रूपों में भोलेनाथ को सजाया जाता है। जलाभिषेक की व्यवस्था की जाती है। पुराने वटवृक्ष से लोगों की आस्था जुड़ी है। मंदिर में दर्शन करने की विशेष महत्व है। फेमस है भस्म आरती यहां महाशिवरात्रि और सावन महीने में दर्शन करने के लिए रायपुर सहित आसपास के जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि भव्य तरीके से मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर सुबह शिवलिंग पर भस्म आरती की जाती है। बनारस, उज्जैन और रामेश्वर ज्योतर्लिंग से भस्म मंगवाकर उसी भस्म का लेपन किया जाता है। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक होता है। शाम को भांग, धतूरा, चांदी, मालीपाणा के बर्क से श्रृंगार किया जाता है। 200 साल पुराना वटवृक्ष बूढ़ेश्वर मंदिर के 200 साल पुराना वटवृक्ष है। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र इस वृक्ष के नीचे वट सावित्री व्रत पूजा करने सैकड़ों महिलाएं पहुंचती हैं। इसी वृक्ष के नीचे ही नृसिंह जयंती पर नृसिंह लीला का भव्य मंचन किया जाता है, जो पूरे प्रदेशभर में मशहूर है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के ऊपर गुंबद नहीं बनाया गया है। भैरव अष्टमी पर मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।  

रफ्तार बनी काल: थार की टक्कर से महिला की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

पटना रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुआं पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने सड़क किनारे खड़े चार लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 3 वर्षीय बच्ची समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत महिला की पहचान इंदू देवी पत्नी हृदयानंद पंडित के रूप में की गई है। घायलों में मोहम्मद सलीमुद्दीन, मोहम्मद सलीम और पवन शामिल हैं। यह भीषण हादसा पास के पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक महिला सड़क के काफी किनारे चल रही थी, जबकि तीन अन्य लोग पेट्रोल पंप के पास स्कूटी खड़ी कर आराम कर रहे थे। तभी तेज गति से आई थार ने सभी को कुचल दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बिक्रमगंज-डेहरी मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर दिया। इससे पहले उन्होंने थार के चालक और उसके साथ सवार दो अन्य लोगों को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों नशे की हालत में थे। सूचना मिलते ही काराकाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि जाम हटाने और प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।

सड़क किनारे ट्रक ठीक कर रहे थे, NH-130 पर तेज रफ्तार कार ने रौंदा, दो की जान गई

कोरबा बांगो थाना अंतर्गत मोरगा चौकी के मदनपुर घाट एनएच 130 पर एक तेज रफ्तार कार ने दो लोगों अपनी चपेट में लिया। जहां दोनों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद एनएच रोड पर राहगीरों की भीड़ लग गई और वाहन की कतार लगना शुरू हो गई। इसकी सूचना तत्काल मोरगा चौकी पुलिस को दी गई। वहीं मौके पर 112 और एनएच रोड पर तैनात एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जहां एक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दमतोड़ दिया। मोरगा चौकी पुलिस ने घटनास्थल पहुच जानकारी ली और आगे की कार्यवाही शुरू की बताया जा रहा है कि ट्रक मदनपुर घाट पर ब्रेकडाउन हालत में खड़ी हुई थी। जिसे वाहन का चालक और परिचालक दोनों सड़क किनारे खड़ा होकर बना रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कर क्रमांक सीजी 12 एलजी 7728 ने सामने से ठोकर मारते हुए दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। मोरगा चौकी प्रभारी मंगतूराम ने बताया कि मृतक की पहचान 42 वर्षीय मोहम्मद उस्मान उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ और दूसरा कृष्ण मुरारी पांडे 32 वर्षीय गढ़वा झारखंड गढ़वा निवासी है। जहां इस घटना के बाद उनके परिजनों को सूचना दे दी गई। वहीं इस हादसे के बाद कार को जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने  राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने। 2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने। उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुके. शारदा, बी. आर. साहू, भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ  उपस्थित थे।