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भक्ति, संस्कृति और समरसता का संगम: रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री की पहल का असर: बस्तर में पहुंची नई रेलसेवा, CM ने किया उद्घाटन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर  दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी।  इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।

बाघ के खौफ से दहशत : जंगल में दिखे निशान, वन विभाग ने जारी किया चेतावनी अलर्ट

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बढ़ते जंगली हाथियों के बाद अब यहां के जंगलों में बाघ की धमक होने की बात सामने आई है और इसको लेकर धरमजयगढ़ वन मंडल द्वारा गांव वालों को अलर्ट करते हुए, जिस जगह बाघ आने की सूचना मिली है, आसपास के जंगलों में बाकायदा सर्चिंग की जा रही है। बाघ आने की आहट छाल के जंगलों से मिली है, जहां के ग्रामीणों ने बड़े पांव के निशान मिलने के बाद वन विभाग को सूचना दी थी। छाल के जंगलों में बाघ की धमक के बाद एक दर्जन से भी अधिक गांवों में मुनादी के जरिए गांव वालों को अलर्ट करते हुए कहा जा रहा है कि जंगलों की तरफ जाने से बचें, चूंकि हाथियों के बाद अब यहां बाघ के आने की जानकारी मिली है। वन विभाग ने कर दी पुष्टि सप्ताह भर पहले छाल से लगे गांव हाटी से लगे साम्हरसिंघा में बाघ के पदचिह्नों की जानकारी मिली और यहां बाघ के पदचिह्नों के अलावा जंगली सूअर के भी पांव के निशान मिले थे। ग्रामीणों ने जब पास के वन विभाग कर्मियों को इसकी सूचना दी तब जांच करते हुए उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि जो पंजों के निशान मिले हैं वो बाघ के ही हैं और इसकी पुष्टि होने के बाद छाल रेंज के वन कर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। हाथी के बाद अब बाघ से दहशत रायगढ़ जिले के रायगढ़ वन मंडल एवं धरमजयगढ़ वन मंडल में पहले से ही कई दर्जन गांव में जंगली हाथियों की बढ़ती संख्या से उनके आतंक के कारण गांव के लोग दहशत में हैं और अब बाघ की धमक होने से यह दहशत और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि हाथियों के चलते गांव के लोग पहले रतजगा करते थे और अब बाघ के आने से वे वन विभाग से सहयोग की उम्मीद करते हुए सुरक्षा के उपाय तलाश रहे हैं। इतना ही नहीं, बाघ की दहशत के चलते गांव के ग्रामीण अपने मवेशियों को जंगल भेजने से भी कतरा रहे हैं और सड़क किनारे चराते नजर आ रहे हैं। क्या कहते हैं डीएफओ रायगढ़ जिले के जंगलों में शेर की आमद के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में है। इस संबंध में धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ जितेन्द्र कुमार उपाध्याय का कहना है कि बाघ के मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखने के लिए 6 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। हाल ही में इसकी पहली जानकारी छाल के जंगलों में मिले पदचिह्नों से हुई थी और अब लैलूंगा के जंगलों में भी इसके पैरों के निशान मिले हैं, जिसके कारण आसपास के गांव में मुनादी के जरिए गांव वालों को अलर्ट किया गया है। उन्होंने इस बात को माना कि जिले में लैलूंगा व छाल घने जंगल बचे हुए हैं, जिसके कारण बाघ के आने की खबर सुखद है। जिन टीमों को इसके मूवमेंट पर नज़र रखने को कहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा के लिए भी कहा गया है। चूंकि जंगलों में बाघ के घूमने के कारण गांव में मवेशियों के शिकार की संभावना ज़्यादा है। साथ ही साथ धरमजयगढ़ वन मंडल में बहुतायत मात्रा में हाथी अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हैं, इसलिए बाघ के मूवमेंट पर नज़र रखना जरूरी हो गया है।

मासूम जानवर पर दरिंदगी: कुत्तों के हमले में घायल हिरणी ने अस्पताल में तोड़ा दम

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र में गर्भवती हिरणी की मौत का मामला सामने आया है. हिरणी की मौत कुत्तों के हमले से घायल होने के बाद बताई जा रही है. वहीं क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, मौत की वजह गोली लगना हो सकती है. हालांकि मौत की असली वजह का खुलासा पीएम रिपोर्ट से होगा.  वन विभाग ने बताया कि दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेण्ड्री बीट में घायल मादा हिरण मिली, जिससे कुत्तों का झुंड दौड़ा रहा था . स्थानीय लोगों की सूचना पर वन अधिकारी ने मौके पर पहुंचे और घायल हिरणी को सरकारी पशु चिकित्सालय लेकर आए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम में सामने आया कि मादा हिरण के पेट में बच्चा भी था. हिरणी का किया गया अंतिम संस्कार वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद हिरणी का अंतिम संस्कार कर दिया. इस घटना को लेकर लोगों के बीच चर्चा है कि हिरण की मौत गोली लगने से हुई होगी. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि हिरणी की असली मौत की वजह क्या है.

सट्टा किंग की गिरफ्तारी में आया मोड़, डॉग रेस्क्यू टीम ने तोड़ा खौफ का कुत्तों वाला किला

जगदलपुर  जगदलपुर के जवाहर नगर वार्ड में रहने वाले सट्टा किंग प्रेम परिहार को पकड़ने के लिए पुलिस को महीनों तक मशक्कत करनी पड़ी. वजह थी आरोपी की अनोखी 'डॉग डिफेंस' रणनीति. प्रेम परिहार ने अपने घर में चार खतरनाक कुत्ते पाल रखे थे, जिन्हें वह हर बार पुलिस को देखते ही छोड़ देता था. इन खूंखार कुत्तों के डर से कार्रवाई में बाधा आती थी. हालांकि इस बार पुलिस पूरी तैयारी के साथ पहुंची. बोधघाट थाना प्रभारी लीलाधर के नेतृत्व में टीम बनाई गई और इसी के साथ डॉग वेलफेयर-रेस्क्यू टीम भी मौजूद रही. जैसे ही पुलिस ने प्रेम परिहार के घर दबिश दी, चारों कुत्ते भौंकते हुए पुलिस पर झपटने लगे, लेकिन इस बार रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला और कुत्तों को काबू में करके पुलिस को सुरक्षित तरीके से घर के अंदर पहुंचाया. घर की तलाशी में लाखों रुपये की सट्टा पर्चियां और एक लाख 36 हजार रुपये कैश बरामद हुए. पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि प्रेम परिहार के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं. वह अपने घर से ही सट्टा चला रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हर बार कुत्तों का सहारा लेता था. इस बार पुलिस ने उसकी हर चालाकी का तोड़ निकाल लिया. आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. अतरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कुछ महीनों से सूचना मिल रही थी कि आरोपी घर के अंदर सट्टे का संचालन कर रहा है. उसने घर में चार खतरनाक कुत्ते भी पाल रखे हैं. पहले भी पुलिस ने रेड मारने की कोशिश की थी. वह पुलिस को आते देखकर कुत्ते छोड़ दिया करता था. इस बार पुलिस ने नई रणनीति अख्तियार की और छापा मारा.

मुख्यमंत्री ने सावन में शिव का रूद्राभिषेक कर मांगी प्रदेशवासियों की सुख-शांति की प्रार्थना

  भक्ति, संस्कृति और समरसता का संगम: रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक  राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक  सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक  मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले – प्रधानमंत्री की विशेष पहल से बस्तर समेत प्रदेश भर में रेल सेवाओं का बढ़ा दायरा

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का हुआ भव्य शुभारंभ रायपुर से जबलपुर तक का आरामदायक सफर 08 घंटे में होगा पूरा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ेगी संपर्क सुविधा पिछले एक दशक में रेलवे बजट में 21 गुना वृद्धि, 32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित रायपुर-जबलपुर ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।               मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।  पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।        इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे  तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।          गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल की सुप्रीम कोर्ट में अर्जी: गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

रायपुर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप घोटालों में नाम सामने आने के बाद अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर सोमवार पाँच अगस्त को सुनवाई होगी। इसी दिन शराब घोटाले में जेल में बंद उनके बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई करेगा। उल्लेखनीय है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर भी विपक्ष और उनके समर्थकों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप अपनी याचिका में भूपेश बघेल ने दलील दी है कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे उनके बेटे की गिरफ्तारी राजनीतिक दुर्भावना के तहत की गई, वैसे ही उन्हें भी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। भूपेश बघेल ने कोर्ट से यह अनुरोध किया है कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और उन्हें जांच में सहयोग करने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे जांच से भाग नहीं रहे, बल्कि निष्पक्ष प्रक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं। जांच एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है, जब ईडी और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इन घोटालों की जांच तेज कर दी है। बीते कुछ हफ्तों में छत्तीसगढ़ के कई बड़े अफसरों और नेताओं से पूछताछ की जा चुकी है।

जंगल में अधमरी हालत में मिला ट्रक चालक, पीटकर निर्वस्त्र करने का आरोप

जगदलपुर जगदलपुर में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक कबाड़ी व्यवसायी ने ट्रक चालक को अपने साथियों के साथ फार्म हाउस में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। उसे न केवल निर्वस्त्र किया गया बल्कि अधमरी हालत में जंगल में छोड़ दिया गया।   घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें पीड़ित को युवकों द्वारा कभी स्विमिंग पूल में तो कभी डांस करवाकर पीटा जा रहा है। बताया जा रहा है पीड़ित ट्रक चालक उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी का निवासी है, जो जगदलपुर के एक नामचीन कबाड़ी व्यवसायी के यहां कार्यरत था। ऐसा माना जा रहा है कि पैसे की लेनदेन को लेकर इनके बीच विवाद चल रहा था इस दौरान मालिक और उसके साथियों ने चालक को बहला-फुसलाकर एक फार्म हाउस में ले जाकर मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र कर अमानवीय तरीके से पीटा और चालक के रिश्तेदार को घटना का लाइव वीडियो फोन पर दिखाया। इसके बाद पीड़ित के रिश्तेदार ने सारी घटना का वीडियो रिकार्ड कर लिया और मदद की गुहार लगाते हुए सोसल मीडिया में शेयर कर दिया इसके बाद जब घटना का वीडियो वायरल होने लगा तो युवक पीड़ित को जंगल में फेंककर भाग गए। फिर किसी तरह वह जंगल से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा और अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश लौटकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई। बस्तर पुलिस को जब शिकायत प्राप्त हुई तो बोदघाट थाना प्रभारी ने मामले की जांच शुरू कर दी। टीआई ने बताया कि प्रारंभिक जांच की जा रही है पीड़ित के बयान और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदक

रायपुर : दूरस्थ क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत – विष्णु देव साय दूरस्थ क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संपूर्णता अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जुलाई-2024 से सितम्बर-2024 तक राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इन जिलों और विकासखंडों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। संपूर्णता अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सर्वसुनील सोनी, मोतीलाल साहू और गुरू खुशवंत साहेब भी सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना में सभी वर्गों का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है। भारत सरकार ने इसे गहराई से समझकर प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की है। इस योजना से सुदूर वनांचलों में आवास, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों से जिसमें छत्तीसगढ़ के भी 6661 गांव शामिल हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप विकास की रोशनी सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में शामिल गांव तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वर्ष 2018 से आकांक्षी जिलों में काम शुरू हुआ है। विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आगे लाने का काम इसमें हो रहा है। इसके अंतर्गत शामिल गांवों में अलग-अलग सेक्टर में काम कर मानव सूचकांकों को सुधारा जा रहा है। उन्हें संतृप्ति के स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-एक व्यक्ति के विकास और कल्याण से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समारोह में कहा कि आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में भौतिक प्रगति से अलग मानव सूचकांकों को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें संतृप्त करने अहम इंडीकेटर्स पर काम हो रहे हैं जिनकी तरफ सामान्यतः ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। राज्य के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में और भी बेहतर काम हो, इसके लिए मैं सभी जिलों व विकासखंडों को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्य सचिव अमिताभ जैन और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने समारोह में संपूर्णता अभियान के दौरान किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। नीति आयोग के सदस्य-सचिव आशीष भट्ट, सदस्य के. सुब्रमण्यम और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।  छह सूचकांकों पर अच्छा काम करने वाले जिलों और विकासखंडों को किया गया पुरस्कृत आकांक्षी जिला कार्यक्रम के 49 संकेतकों में से छह और आकांक्षी विकासखंडों के 40 संकेतकों में से छह संकेतकों को चिन्हित कर इन्हें संतृप्त करने संपूर्णता अभियान संचालित किया गया था। इनमें एएनसी पंजीकरण, पूरक पोषण ले रही गर्भवती महिलाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चे, बिजली वाले स्कूल, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूल, मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप जांच, परिक्रामी निधि प्राप्त करने वाले स्वसहायता समूहों की संख्या जैसे संकेतक शामिल थे।  संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों व विकासखंडों को आज स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पांच संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों व विकासखंडों को रजत पदक, चार संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वालों को कांस्य पदक तथा तीन संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया।   बस्तर और कोंडागांव जिले को स्वर्ण पदक संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिलों दंतेवाड़ा, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर तथा आकांक्षी विकासखंडों लखनपुर, बैकुंठपुर, दुर्गकोंदूल, गौरेला-2, कोरबा और पिथौरा को रजत पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिला बीजापुर और आकांक्षी विकासखंडों गरियाबंद, उसूर, पोड़ी उपरोड़ा, बोड़ला, तोकापाल एवं कुआंकोंडा को कांस्य पदक तथा आकांक्षी जिलों मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, महासमुंद, सुकमा एवं आंकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया। संबंधित जिलों के वर्तमान और तत्कालीन कलेक्टरों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए।