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जिला एम सी बी के स्काउट्स एवं गाइड्स साहसिक शिविर जलकी सिरपुर में हुए शामिल

एमसीबी भारत स्काउट्स एवम गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ सोमनाथ यादव एवम राज्य सचिव कैलाश सोनी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़  शासन स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से साहसिक प्रशिक्षण संस्थान सिरपुर ग्राम जलकी जिला महासमुंद  में पर्वतारोहण,  व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर 28  से 31 जुलाई 2025 तक आयोजित की गई जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी सह पदेन जिला आयुक्त स्काउट आर.पी.मिरे के आदेशानुसार ,राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शैलेन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन एवम  जिला संगठन आयुक्त स्काउट दान बहादुर सिंह  के नेतृत्व में एमसीबी जिला के तीनों विकास खंड खड़गवां, मनेन्द्रगढ़ ,भरतपुर से 15 स्काउट 15 गाइड एव प्रभारी गाइडर सुमित्रा यादव के साथ सम्मिलित हुए। इस साहसिक प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत स्काउट्स एवम गाइड्स ने जलकी  में स्थित एडवेंचर पॉइंट्स मंकी ब्रिज,सस्पेंसन ब्रिज,बैलेंसिंग रोप,नौका विहार आदि   साहसिक गतिविधियां किये।  साथ ही सिरपुर संग्रहालय का भ्रमण  करके पुरातात्विक धरोहरों का अवलोकन किये,,लक्ष्मणेश्वर मंदिर,गंधेश्वर मंदिर ,युधिष्ठिर मंदिर का भ्रमण करते हुए स्थानीय निवासियों के जीवन शैली के बारे में जानकारी प्राप्त किये।शिविर में   सेजेस खड़गवां से अजय,महेश,सतेंद्र,साहित्य हाई स्कूल मझौली से सरसती,अंशिका हायर सेकंडरी स्कूल उधनापुर से विनोद कुमार,आकाश कुजूर शा  कन्या उ मा विद्यालय चिरमिरी से गौरी मनहर,सीमा प्रजापति ,हाई स्कूल बंजारीडाँड़ से संजना राजवाड़े,प्रीति सिंह, शा उ मा विद्यालय बुंदेली से हर्षित टोप्पो,कुलदीप सिंह ,शा उ मा विद्यालय नागपुर से ओम जायसवाल, दुर्गेश साहू ,शा हाई स्कूल भल्लोर से प्रिया,दुर्गावती ,शा कन्या उ मा विद्यालय (शिवि) मनेन्द्रगढ़ से  नंदनी सिंह, सुलोचनी सिंह ,सिमरन एक्का सेंट जोसेफ झगराखण्ड से प्रिंस जांगड़े,आदित्य मोहन बियानी उ मा विद्यालय कलम बड़ेरी से लालिमा सिंह, रेशमा वर्मा, लक्ष्मण सिंह न्यू लाइफ उ मा विद्यालय जनकपुर से सत्येंद्र यादव,कमलेश चौधरी,काजल पांडेय,रुचि यादव  शामिल हुए।  इस शिविर में  छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 97 प्रतिभागी शामिल हुए जिसमें सफलता पूर्वक शिविर सम्पन्न करके सभी प्रतिभागियों के वापसी होने पर जिले के  तीनों विकास खंड शिक्षा अधिकारी खड़गवां,मनेन्द्रगढ़ एवम भरतपुर  बलविंदर सिंह,  श्री गोपाल कृष्णा दुबे एवं  इस्माइल खान ,सहायक राज्य संगठन आयुक्त  जेरमिना एक्का जिला संघ एम सी बी के जिला मुख्य आयुक्त राजकुमार गुप्ता, जिला सचिव अशोक साहू जिला आयुक्त गाइड रश्मि रानी गुप्ता,जिला संगठन आयुक्त गाइड सोनम कश्यप जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शान्तनु कुर्रे ,प्राचार्य गण ,पालकों सभी यूनिट लीडर्स श्री सत्येंद्र सिंह व टी विजय गोपाल राव ने बधाई एवम शुभकामनाएं प्रेषित की।

लापता हुईं दो नाबालिग बहनें, पुलिस ने दर्ज किया मामला

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दो बहनें अचानक लापता हो गई हैं. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों की उम्र 9 और 11 साल बताई जा रही है. काफी देर तक खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दी. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां रहने वाली दो बच्चियां अचानक लापता हो गई. 9 साल की बालिका चौथी कक्षा के बाद से स्कूल छोड़ चुकी है. गुरुवार को वह अपने रिश्ते के भाई के 6 साल के बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी. इस दौरान उनके साथ लड़के के 11 साल की बड़ी बहन भी थी. दोनों भाई को स्कूल छोड़कर घर वापस नहीं लौटी. खेत से लौटकर परिजनों ने दोनों बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की तो उनका कुछ पता नहीं चला और देर शाम हो गई. परिजनों ने बिल्हा थाने पहुचंकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच में जुट गई. जीआरपी से भी सहयोग माँगा गया है. लगातार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

नई ट्रेन सेवा की सौगात, रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी जानकारी

रायपुर, छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में ₹44,657 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹6,925 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से 5 स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण हैं। रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

अमित शाह को वामपंथी सांसदों का पत्र, छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर उठाए सवाल

रायपुर छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी मामले में सियासत गरमाई हुई है। इसकी चिंगारी अब दिल्ली तक पहुंच गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरने में लगा है। अल्पसंख्यकों को लेकर उन पर जमकर आरोप लगाये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी मामले में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को लेकर वामपंथी दलों के सांसदों ने  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खत लिखा है। पत्र लिखकर इस संबंध में शीघ्र हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। इससे पहले प्रदेश के दुर्ग में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सांसदों ने भी सोमवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था। ननों को रिहा करने की मांग की थी। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कथित मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में दो ननों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये तीनों व्यक्ति नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्मांतरण और तस्करी कर रहे थे। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल केईटी मोहम्मद बशीर सहित यूडीएफ सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया था। इस दौरान वे पोस्टर लिए हुए थे जिन पर ‘अल्पसंख्यकों पर हमले बंद करो’ लिखा था। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा था कि , “यूडीएफ सांसदों ने दुर्ग (छत्तीसगढ़) में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इन निर्दोष महिलाओं ने कुछ भी गलत नहीं किया लेकिन फिर भी हिंसक भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया।” उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा-आरएसएस के परिवेशी तंत्र के तहत सभी अल्पसंख्यकों को अपराधी समझा जाता है और असामाजिक तत्वों को उनकी आस्था का पालन कर रहे नागरिकों को डराने के लिए छोड़ दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में बजरंग दल के गुंडों और पुलिस के बीच की यह जुगलबंदी भाजपा की धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति वास्तविक मंशा को दर्शाती है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि वे ननों की तत्काल रिहाई और उनके साथ न्याय की मांग करते हैं। वेणुगोपाल और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने इसे भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमलों का एक और उदाहरण बताया। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और संविधान के तहत अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब यहां जानिये क्या है पूरा मामला दुर्ग रेलवे स्टेशन में 25 जुलाई शुक्रवार को इस मामले में जमकर हंगामा हुआ था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण की आशंका को लेकर जमकर प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता स्टेशन परिसर में पहुंचे थे। जय श्रीराम के नारे लगाते हुए विरोध जताया था। स्थिति पर काबू पाने के लिये भारी संख्या में पुलिस बल और जीआरपी को मौके पर तैनात किया गया था। इस प्रकरण में जीआरपी पुलिस ने दो नन और युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है। शुरुआती जांच के बाद दो नन और युवक पर धारा 143 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। पकड़े गये थे दो नन सिस्टर, एक युवक और  तीन आदिवासी युवतियां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो नन सिस्टर, एक युवक और  तीन आदिवासी युवतियों को घेर रखा था। इन आदिवासी युवतियों को बहला-फुसलाकर यूपी के आगरा में ले जाने का आरोप था। जहां उनके धर्मांतरण की योजना थी। ये तीनों आदिवासी युवतियां नारायणपुर जिले के ग्राम ओरछा की निवासी थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन लड़कियों की उम्र कम है और इनमें से कोई भी आठवीं कक्षा से आगे की नहीं पढ़ी हैं। इनके माता-पिता को भी इस संबंध में जानकारी नहीं है। युवक पर ऐसे मामले में शामिल होने का आरोप छत्तीसगढ़ बजरंग दल पदाधिकारी रवि निगम ने आरोप लगाते हुए कहा कि  जो युवक पकड़ा गया था, वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में संलिप्त रहा है। आदिवासी लड़कियों का धर्म परिवर्तन करा चुका है। राज्य में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कठोर कानून तुरंत लागू किया जाए। मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दुर्ग जीआरपी ने दो ननों को मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से दो ननो समेत एक युवक को जेल भेज दिया गया था। इतना ही नहीं दो ननों और युवक की गिरफ्तारी के बाद जमानत याचिका लोअर कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी। सेशन कोर्ट से जज अनीश दुबे ने कहा हमें यह प्रकरण सुनने का अधिकार नहीं है। यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला था,जिसकी सुनवाई बिलासपुर की एनआईए कोर्ट में हो सकती है। दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने का आरोप अब इस मामले में जमकर राजनीति हो रही है। कांग्रेस और सीपीआई के प्रतिनिधि मंडल ननों से मुलाकात कर केंद्रीय जेल पहुंचे थे। मुलाकात के बाद दोनों ही पार्टियों ने सरकार पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। दोनों ही राजनीतिक दलों ने प्रदेश की बीजेपी सरकार को आदिवासियों और ईसाईयों का विरोधी करार दिया है। वहीं सीपीआई वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात ने कहा है कि झूठे केस में ननों को गिरफ्तार करके जेल में डालना अन्याय है।  

बोधघाट परियोजना को लेकर सीएम साय सक्रिय, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से की मुलाकात

नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र को नक्सल हिंसा से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर के लिए प्रस्तावित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब नक्सल प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। ऐसे में बोधघाट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण संबंधी आवश्यक पहल करने के विषय में विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना से संबंधित प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री साय ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र साकार रूप लेगी और यह बस्तर की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव का प्रमुख आधार बनेगी।

आश्रम-छात्रावासों के विद्यार्थियों का भविष्य संवारने की महती जिम्मेदारी अधिकारियों की – नेताम

रायपुर कृषि तथा किसान कल्याण और आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने जिला मुख्यालय कांकेर में बालोद, धमतरी और कांकेर के अधिकारियों की बैठक लेकर दोनों विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने तीनों जिलों में बीज एवं उर्वरक वितरण तथा किसानों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने जैविक कृषि, कोदो-कुटकी और उन्नत खेती के लिए किसानों के बीच इनसे संबंधित योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने इस बारे में किसानों को लगातार जागरूक और प्रेरित करने को कहा। विधायक आशाराम नेताम और आदिवासी विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।  कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सहकारी समितियों में भंडारित उर्वरकों को किसानों की मांग के अनुसार तत्काल वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी फसलों को और अधिक उन्नत बनाने तथा इनसे जुड़ी योजनाओं की पहुंच सभी किसानों तक सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों से मृदा को होने वाले दुष्प्रभावों से किसानों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने उद्यानिकी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने युवाओं को रिफ्रेशर प्रशिक्षण एवं तकनीकी जानकारी देने को भी कहा। नेताम ने मुनगा, ऑयल पॉम, कोदो-कुटकी जैसे रोजगारमूलक फसलों का क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप मसाला वर्गीय फसल लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।  आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आश्रम-छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों का भविष्य संवारने की बड़ी जिम्मेदारी अधिकारियों की है। विभाग द्वारा जो दायित्व सौंपे गए हैं, उन्हें पूरी इच्छाशक्ति के साथ निभाएं। उन्होंने तीनों जिलों के सहायक आयुक्तों को हर सप्ताह 8-10 छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करने तथा वहां की वस्तुस्थिति से अवगत होकर अपने कलेक्टर को जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों के लंबित एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने तथा पूरे परिसर में सघन पौधरोपण करने के साथ ही वहां नियमित साफ-सफाई, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, कांकेर के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और कृषि विभाग के संचालक तथा राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय कुमार अग्रवाल सहित तीनों जिलों के कृषि और आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

जनता के हक पर डाका: जांजगीर-चांपा में राशन गबन का खुलासा, तीन गिरफ्तार

जांजगीर चांपा जांजगीर-चांपा जिले में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शासकीय उचित मूल्य दुकान से 42 लाख रुपये की खाद्य सामग्री चावल, नमक सहित का गबन करने वाले एक महिला समेत तीन आरोपियों को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला विकासखंड बम्हनीडीह के बिर्रा रोड और कोटाडबरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकानों से जुड़ा है। इन दुकानों का संचालन पूर्वा महिला स्व-सहायता समूह चांपा द्वारा किया जा रहा था, जिसकी अध्यक्ष गंगाबाई खांडेकर है। गंगाबाई के साथ विक्रेता रितेश खांडेकर और रामेश्वर खांडेकर ने मिलकर लाखों रुपए की शासकीय खाद्य सामग्री में हेराफेरी की। आरोपियों ने दोनों दुकानों से चावल, नमक और अन्य खाद्य सामग्री का करीब 42 लाख रुपये का गबन किया। इस मामले में पहले ही एक आरोपी सोहन यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। ताज़ा कार्रवाई में चांपा पुलिस ने वार्ड क्रमांक 13 घोघरा नाला निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 316(5), 3(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 7 के तहत केस दर्ज कर कार्यवाही की गई है।चांपा पुलिस ने आरोपियों को उनके निवास से पकड़ा। पूछताछ के दौरान शुरू में आरोपी गुमराह करते रहे, लेकिन कड़ी पूछताछ में उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

पड़ोसी राज्यों में मवेशियों की तस्करी, छत्तीसगढ़ से पकड़े गए तस्कर और जब्त हुई कार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ पुलिस को पशु तस्करी मामले में बड़ी सफलता हासिल हुई है. पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु तस्करी गिरोह का पर्दाफ़ाश करते हुए मुख्य सरगना लखन साहू समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि यह गिरोह लगातार यूपी और एमपी के सीमा पर सक्रीय हैं. कार्रवाई करते हुए कार और 11 नग मवेशी बरामद किया गया है. पुलिस टीम ने 30 जुलाई थाना मरवाही क्षेत्र के ग्राम बरटोला रटगा में दबिश दी. इस दौरान दौलत राठौर और उसका सहयोगी मन राखन सिंह मरावी को गिरफ्तार किया. दोनों चौकी कोटमीकला के ग्राम कंचनडीह के निवासी हैं. आरोपियों के कब्जे से एक कार और 11 मवेशी बरामद किए गए हैं. जांच में सामने आया कि आरोपी दौलत राठौर पर पूर्व में भी पेंड्रा और अनूपपुर थाना में पशु तस्करी से जुड़े अपराधों में संलिप्तता पाई गई. गिरोह के मास्टरमाइंड लखन साहू पुलिस ने शुक्रवार को अंतर्राज्यीय पशु तस्करी के गिरोह के मास्टरमाइंड लखन साहू को भी दबोच लिया. जांच में पता चला कि लखन साहू पर भी पहले पशु तस्करी से जुड़े और हत्या के प्रयास के मामले आरोपी रह चुका है. पूछताछ में लखन साहू ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़) तथा अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अन्य तस्करों और नेटवर्क की जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है.

प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री साय, विकास योजनाओं को मिली रफ्तार

1 नवंबर को ‘अमृत रजत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्यौता नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’  दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है। राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

पुलिस ने मारा छापा, जुए की महफिल से 11 आरोपी गिरफ्तार

भाटापारा भाटापारा के मातादेवालय ग्राम खोखली रोड स्थित एक कॉलोनी में देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस छापेमारी में करीब 11 जुआरियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जुए की फड़ पर करीब दो लाख रुपये से अधिक की रकम दांव पर लगी थी। यह कार्रवाई भाटापारा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के निर्देशन में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि लंबे समय से यह जुआ रैकेट संचालित हो रहा था, जिसकी गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई।