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आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं दोनों राज्यों की सरकारें : मुख्यमंत्री साय

महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और दोनों राज्यों के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हुए शामिल आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं दोनों राज्यों की सरकारें : मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें। मुख्यमंत्री साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए

राज्यपाल  रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इन महान विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की।

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, दो दिवसीय ट्रायल संपन्न

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम  तीरंदाजी, एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल अकादमी में प्रवेश के लिए दो दिवसीय ट्रायल संपन्न रायपुर  खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु रायपुर स्थित विभिन्न गैर-आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल आज संपन्न हुआ। तीरंदाजी (बालक/बालिका) के लिए तीरंदाजी एरिना के सामने, फुटबॉल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) के लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा हॉकी (बालक/बालिका) के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-2 में आयोजित चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चयन ट्रायल के अंतिम दिन आज चारों खेलों में पंजीकृत कुल 169 खिलाड़ियों की कौशल दक्षता का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने हॉकी और फुटबॉल के 57-57, तीरंदाजी के 23 और एथलेटिक्स के 32 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया। खिलाड़ियों के सटीक मूल्यांकन के लिए खेल के मानकों के आधार पर दक्षता परीक्षण किया गया।  प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने फुटबॉल में पासिंग, ड्रिबलिंग, व्यक्तिगत पोजीशन, मैच सेंस और पोजिशनिंग गेम का परीक्षण किया। वहीं आर्चरी में ड्रॉ लेंथ, आई डोमिनेंस, पोस्चर, मेंटल एबिलिटी तथा 20 मीटर शूटिंग का परीक्षण किया गया। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर दौड़, पैदल चाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक इत्यादि का परीक्षण किया गया।  हॉकी में परफेक्शन और एक्युरेसी स्किल टेस्ट के तहत हिट, पुश, स्कूप, स्टॉपिंग, रिसीविंग, टैकलिंग, क्लीयरेंस, पेनल्टी कॉर्नर इंजेक्टर, ड्रैगर, हिटर और गोलकीपर के लिए टी-टेस्ट जैसी तकनीकी योग्यताओं का बारिकी से आकलन किया गया।

हादसों के ब्लैक स्पॉट पर परिवहन  विभाग की सख्ती

हादसों के ब्लैक स्पॉट पर परिवहन  विभाग की सख्ती वाहनों से वसूला 31,200 रुपए जुर्माना रायपुर जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में सड़क हादसों पर  अंकुश लगाने परिवहन विभाग ने भौतिक निरीक्षण और  प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। हाईकोर्ट बिलासपुर के निर्देशों के पालन में परिवहन आयुक्त कार्यालय के मार्गदर्शन में  परिवहन उड़नदस्ता रायपुर की टीम ने टाटीबंध, भाटागांव,  बेमता-भूमिया, सिलतरा ओवरब्रिज-निको कंपनी गेट और  पारागांव-निस्दा मोड़ सहित  संवेदनशील क्षेत्रों में जांच  अभियान चलाया। टाटीबंध में घुमावदार चौक होने के कारण रॉन्ग साइड वाहन चलाने की शिकायतों के  मद्देनजर टीम ने वाहन चालकों की जांच की और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। भाटागांव और सिलतरा  ओवरब्रिज से निको कंपनी गेट मार्ग पर भी रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। बेमता से भूमिया मार्ग पर  रायपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग के डिवाइडर को स्थानीय लोगों ने आवाजाही की सुविधा के लिए कई जगह से काटकर  रास्ता बना लिया है। इससे खासकर दोपहिया  वाहन चालकों के दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। टीम ने ऐसे रास्तों का  इस्तेमाल करने वाले वाहन  चालकों पर कार्रवाई कर उन्हें समझाइश दी। इन अवैध कटों को बंद करने के लिए लोहे की जाली लगाने की कार्रवाई भी शुरू की गई है। इसी तरह पारागांव से निस्दा मोड़ के बीच घुमावदार मार्ग  पर डिवाइडर काटकर बनाए  गए रास्ते को भी दुर्घटना की  दृष्टि से संवेदनशील माना गया। यहां स्कूली बच्चों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को  सड़क सुरक्षा के प्रति  जागरूक किया गया। परिवहन विभाग के लगातार जांच अभियान में रॉन्ग साइड ड्राइविंग और अनधिकृत  पार्किंग के मामलों में 15  वाहनों पर कार्रवाई कर  31,200 रुपए का चालान  किया गया। विभाग का कहना है कि  हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और सख्त प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि

जनरेशन कंपनी एमडी एस.के. कटियार के कार्यकाल में पुन: वृद्धि राज्य शासन ने 31 मार्च 2027 तक कार्यकाल बढ़ाया रायपुर  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार कटियार के कार्यकाल में राज्य शासन ने पुन: वृद्धि की है। वे  ऊर्जा विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में उनके कार्यकाल में 31 मार्च 2027 तक वृद्धि की गई है।   कटियार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में वित्त वर्ष 2023-24 में एबीवीटीपीएस मारवा के प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 84.4 प्रतिशत करना उल्लेखनीय है। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी 33 राज्य जनित निगमों में प्रथम स्थान पर रही। इसी तरह कोरबा पश्चिम ताप विद्युत संयंत्र में जटिल स्टेशन नियंत्रण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम के नवीनीकरण का कार्य महज 46 दिनों में पूरा किया गया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक श्री कटियार प्रमाणित ऊर्जा लेखा परीक्षक हैं तथा उन्होंने प्रबंधन में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिशा-निर्देश, टीम को प्रेरित करना और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए सशक्त बनाना प्रमुख है।  

छत्तीसगढ़ के 10 हजार युवाओं के लिए रोजगार का मौका, रायपुर में 7-8 अक्टूबर को रोजगार मेला

छत्तीसगढ़ के लगभग 10 हजार युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर रायपुर में 7-8 अक्टूबर को सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा राज्यस्तरीय रोजगार मेला रायपुर रोजगार की तलाश कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ा अवसर सामने आया है। छत्तीसगढ़ सरकार आगामी 7-8 अक्टूबर को रायपुर में दो दिवसीय राज्यस्तरीय रोजगार मेला आयोजित कर रही है। इस रोजगार मेले में करीब 10 हजार युवाओं को नौकरियां मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताओं और हुनर वाले युवा इस मेले में हिस्सा लेकर नौकरियां पा सकते हैं।                  कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा यह मेला बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र में उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए अब तक 62 कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों से 9,449 रिक्त पदों की जानकारी सरकार को मिली है।अन्य कंपनियों से भी संपर्क जारी है, जिससे उपलब्ध अवसरों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इस मेले के माध्यम से स्थानीय कंपनियों के साथ राष्ट्रीय स्तर की निजी कंपनियों को भी एक मंच पर लाया जा रहा है।                 रोजगार मेले के दूसरे दिन (8 अक्टूबर) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब चयनित युवाओं को ऑफर लेटर वितरित करेंगे। यह आयोजन युवाओं को रोजगार से जोड़ने और स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा।कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा, ‘राज्य सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। रोजगार मेले के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप अवसर दिलाने का प्रयास है।’ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर             इस मेले में दसवीं और बारहवीं पास युवाओं से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके अभ्यर्थियों के लिए रिक्तियां उपलब्ध हैं। कृषि स्नातक, सामान्य स्नातक तथा एमबीए और एमसीए सहित स्नातकोत्तर योग्यताधारी युवा भी अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए मशीन ऑपरेटर, असेंबली ऑपरेटर, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन और मेंटेनेंस इलेक्ट्रिशियन जैसे पद भी रिक्तियों में शामिल हैं। मैकेनिकल इंजीनियर और गुणवत्ता निरीक्षक के पदों के लिए भी रिक्तियां प्राप्त हुई हैं।             इनके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, टेलीकॉलर,  रिलेशनशिप मैनेजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव और सेल्स ऑफिसर जैसे पदों पर काम करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए भी रोजगार मेले में रिक्तियां उपलब्ध हैं। साथ ही बैंकिंग, फाइनेंस और मानव संसाधन (एचआर) से संबंधित अवसर भी मेले में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य एवं देखभाल के क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ और केयर टेकर सहित  सुरक्षा सेवाओं में गार्ड और सुपरवाइजर, जबकि परिवहन तथा सामान की आवाजाही से जुड़े कामों में ड्राइवर, डिलीवरी कर्मी, बाइक राइडर और पिकर-पैकर जैसे पद भी इसमें शामिल हैं। अभ्यर्थी अपनी योग्यता, रुचि और संबंधित पद की पात्रता देखकर आवेदन कर सकेंगे। ये कंपनियां एवं संस्थाएं लेंगी हिस्सा             रोजगार मेले के लिए क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स-सतलज टेक्सटाइल्स, वर्द्धमान टेक्सटाइल्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरटेल पेमेंट बैंक जैसी कंपनियों ने रिक्तियां उपलब्ध कराई हैं। इनके अलावा इंस्टाकार्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल, स्वतंत्र माइक्रोफिन, एनआईआईटी, आइसेक्ट, शांता टेक्नो, राजत इक्विपमेंट्स और फर्स्ट फ्लाई कॉर्पाेरेट भी इनमें शामिल हैं। ई-रोजगार पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन            रोजगार मेले में आवेदन और चयन प्रक्रिया को सुगम तथा व्यवस्थित बनाने के लिए ई-रोजगार पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों से प्राप्त रिक्तियोंको पोर्टल पर प्रदर्शित किया जा रहा है। इच्छुक युवा आधिकारिक पोर्टल www.erojgar.cg.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, घर बैठे पदों की जानकारी देख सकते हैं और अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें मेले से पहले ही उपलब्ध रोजगार अवसरों को समझने का समय मिलेगा।             नियोजक भी पोर्टल पर अभ्यर्थियों की प्रोफाइल और आवेदन देख सकेंगे। इनके आधार पर जरूरत के अनुसार उम्मीदवारों की सूची तैयार करने तथा प्रारंभिक चयन प्रक्रिया संचालित करने की सुविधा होगी।                इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में छत्तीसगढ़ रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के राज्य एवं जिला स्तरीय रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंप में 9,463 अभ्यर्थी चयनित हुए थे।रोजगार विभाग के   आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में 311 प्लेसमेंट कैंप और रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर में रोजगार मेले आयोजित हुए जिनमें 5,314 अभ्यर्थी चयनित हुए।जबकि 2025-26 में 245 प्लेसमेंट कैंप और रायपुर, बलौदाबाजार एवं दुर्ग में आयोजित रोजगार मेले में 4,149 अभ्यर्थी चयनित हुए। वित्त वर्ष 2026 में सितंबर तक राज्य में 224 प्लेसमेंट कैंप और रोजगार मेलों का आयोजन हो चुका है, जिनमें 8,878 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं।

दिव्यांग सहायता योजना से संकट की घड़ी में मिला संबल, बच्चों का भविष्य संवारने में जुटीं रोशनी

रायपुर जीवन में अचानक आई कठिन परिस्थितियों के बीच शासन से मिली आर्थिक सहायता ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के नगर पालिका परिषद गौरेला निवासी मती रोशनी रोहनी को अपने बच्चों के भविष्य को संवारने का संबल दिया है। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। ऐसे मुश्किल समय में श्रम विभाग की दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत मिली एक लाख रुपए की सहायता राशि ने परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान किया। मती रोशनी रोहनी के पति श्रम विभाग में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद परिवार के सामने आजीविका के साथ बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की चिंता भी खड़ी हो गई। इस कठिन परिस्थिति में योजना के तहत एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने और आगे की व्यवस्था बनाने में मदद मिली। मती रोशनी के लिए यह सहायता बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखने का माध्यम भी बनी है। वे प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके बेहतर भविष्य के लिए कर रही हैं। परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद उनका प्रयास है कि आर्थिक परेशानी बच्चों की शिक्षा और उनके सपनों की राह में बाधा न बने। मती रोशनी का कहना है कि पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक बढ़ गई थीं। ऐसे समय में मिली आर्थिक सहायता से उन्हें बच्चों की शिक्षा की चिंता कुछ कम करने में मदद मिली। अब वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं। योजना का लाभ मिलने पर मती रोशनी ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण संबल बनी है। इससे उन्हें बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और भविष्य की ओर आगे बढ़ने का हौसला मिला है। श्रमिक परिवारों के जीवन में आकस्मिक परिस्थितियां कई बार गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी कर देती हैं। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को जारी रखने में भी सहायक होती है। मती रोशनी की कहानी इसी सहायता से कठिन परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ने के प्रयास को दर्शाती है।

फूलगोभी की उन्नत खेती से प्रमोद सिंह को मिला 1.50 लाख रुपए का लाभ

रायपुर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्राम पंचायत देवरगांव, विकासखंड गौरेला के कृषक श्री प्रमोद सिंह ने भी आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाते हुए फूलगोभी की व्यावसायिक खेती कर अपनी मेहनत को बेहतर आमदनी में बदला है। उन्होंने लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फूलगोभी की खेती से अब तक करीब 1.50 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया है। श्री प्रमोद सिंह पहले भी उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। विभाग द्वारा उन्हें समय-समय पर उन्नत कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, नवीन उद्यानिकी गतिविधियों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा है। इसी मार्गदर्शन और अपने अनुभव का उपयोग करते हुए उन्होंने फूलगोभी की व्यावसायिक खेती शुरू की। फसल की बेहतर देखभाल, समय पर आवश्यक कृषि कार्य और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में उपज की बिक्री से अब तक लगभग 1.50 लाख रुपए का लाभ मिलने से श्री प्रमोद सिंह उत्साहित हैं। इस सफलता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है और अब वे उद्यानिकी गतिविधियों को और विस्तार देने के लिए प्रेरित हुए हैं। श्री प्रमोद सिंह की सफलता बताती है कि खेती में आधुनिक तकनीक, सही फसल चयन और बेहतर प्रबंधन को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उद्यानिकी विभाग का तकनीकी मार्गदर्शन और कृषक की मेहनत का समन्वय खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनकी यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों की व्यावसायिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना बनी श्रमिक परिवार का सहारा, बच्चों की पढ़ाई की राह हुई आसान

रायपुर मेहनत-मजदूरी से परिवार चलाने वाले श्रमिकों के लिए बच्चों की अच्छी शिक्षा का खर्च कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो, इसके लिए श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना सहारा बन रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बचरवार निवासी निर्माण श्रमिक  राजेश कुमार पाण्डेय का परिवार भी इस योजना से लाभान्वित हो रहा है। उनके दो बच्चों को छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिला है।  राजेश कुमार पाण्डेय निर्माण श्रमिक के रूप में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी में घर की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उनकी इच्छा थी कि आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बनें और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। ऐसे समय में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना ने परिवार को आर्थिक संबल दिया। योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययन के लिए निर्धारित वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।  पाण्डेय के दो बच्चों को इसका लाभ मिलने से उनकी शिक्षा से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में परिवार को मदद मिली है।  पाण्डेय बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई उनके लिए हमेशा प्राथमिकता रही है। आमदनी सीमित होने के कारण शिक्षा से जुड़े खर्चों की चिंता बनी रहती थी, लेकिन छात्रवृत्ति मिलने से यह आर्थिक दबाव कुछ कम हुआ है। अब वे बच्चों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने और उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए अधिक विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। योजना का लाभ मिलने पर  राजेश पाण्डेय ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवार अपनी मेहनत से परिवार की जरूरतें पूरी करते हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च कई बार उनके लिए कठिन हो जाता है। ऐसे में छात्रवृत्ति के रूप में मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके जैसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग है। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा से जुड़े रहने और आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ग्राम बचरवार के  राजेश पाण्डेय के परिवार की कहानी बताती है कि ऐसी सहायता सीमित आय वाले श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में उपयोगी साबित हो रही है।

मरकाटोला घाट सड़क हादसे के घायलों और परिजनों से की मुलाकात, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर जाना सड़क हादसे में घायलों का हाल नेशनल हाईवे-30 स्थित मरकाटोला घाट पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल कवर्धा के लोगों से मिलने उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे। उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम जाना और उनके परिजनों से मुलाकात कर उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने घायल रोमन सोरा से मुलाकात कर उनसे स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से भी उपचार और अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में चर्चा की। परिजनों ने उपचार व्यवस्था पर संतुष्टि व्यक्त की।  शर्मा ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से घायल के स्वास्थ्य और आगे के उपचार की जानकारी ली। चिकित्सकों ने बताया कि घायल के पैरों का ऑपरेशन किया जाना है। शारीरिक स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पर उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ संतोष सोनकर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सुंदरानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री  शर्मा हादसे के बाद से लगातार सभी घायलों के उपचार की जानकारी ले रहे हैं। एक घायल को उच्च स्तरीय उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कराया जा रहा है। घायलों के परिजनों के ठहरने के लिए सेवा सदन में निःशुल्क व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी।   उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में भर्ती सभी घायलों को समुचित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। इस बीच स्वास्थ्य में सुधार के बाद चार घायलों अरमान कोसले, गणेश पात्रे, प्रदीप साहू और दीप चन्द्र को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।