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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

रायपुर  छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री  केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।       मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव कार्यशाला में वर्चुअली हुए शामिल, फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया। अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा। तकनीकी क्षमता का उठाएं पूरा लाभ बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैन मुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी। आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की दी गई विस्तृत जानकारी कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सुश्री ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री की बचत अपील का दिखा असर कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

जमीन के नीचे छिपा था नक्सलियों का जखीरा, सुकमा में टीम ने किया ध्वस्त

सुकमा. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवाद विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सली डंप का खुलासा किया। डंप से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। दरअसल, पुलिस और बीडीडीएस टीम आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पोमके-बिनागुंडा क्षेत्र के जंगलों में विशेष सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान टीम ने जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए नक्सली डंप का खुलासा किया। इसी के साथ ही मौके से लेथ मशीन, बीजीएल पाइप, 12 बोर पाइप, इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरी, ग्राइंडिंग मशीन, ड्रिलिंग मशीन, जिग सॉ मशीन, प्रेशर पंप, सोलर पैनल और करीब 20 फीट फुटबॉल पाइप सहित अन्य सामग्री बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, माओवादी इन उपकरणों का उपयोग हथियार बनाने और सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश को अंजाम देने के लिए करते थे। पुलिस ने मौके पर ही बरामद सभी सामग्री को नष्ट कर दिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान पथक और बीडीडीएस जवानों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में माओवाद विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा।

थाने में कबाड़ माफिया की खातिरदारी पर बवाल, वायरल फोटो ने उठाए सवाल

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में कबाड़ माफिया को थाने के अंदर VIP खातिरदारी देने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कबाड़ माफिया अकबर खान कोनी थाने के अंदर चाय पीते हुए नजर आ रहा है। इस तस्वीर ने पुलिस की कार्यप्रणाली और दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी अकबर खान थाने के भीतर आराम से कुर्सी पर बैठा हुआ है और सामने पुलिसकर्मी उसकी सेवा भाव में नजर आ रहे हैं। इस ‘VIP खातिरदारी’ को देखकर ऐसा कतई नहीं लग रहा कि वह कोई आरोपी है। बंद कमरों में चर्चा तेज है कि कबाड़ माफिया को कोनी पुलिस का खुला संरक्षण प्राप्त है। आरोप यह भी है कि हर महीने बंधी रकम के एवज में इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मामले में प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े की भूमिका पर गंभीर उंगलियां उठ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि महज दो दिन पहले ही बिलासपुर एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध कबाड़ियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोनी थाना क्षेत्र में अवतार पैलेस के सामने संचालित इस कबाड़ दुकान पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने महज 170 बीएनएस (BNS) के तहत औपचारिक कार्रवाई करके खानापूर्ति कर दी। इस पूरे विवाद पर एडिशनल एसपी (ASP) पंकज पटेल का बयान सामने आया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि आरोपी को कोई VIP ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा था, बल्कि उसे दस्तावेजों की जांच के लिए थाने बुलाया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने दावा किया है कि विवादित कबाड़ दुकान को फिलहाल सील कर दिया गया है।

Youth Congress चुनाव का बिगुल बजा, 29 मई से नामांकन; डिजिटल होगी सदस्यता प्रक्रिया

रायपुर. छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव का ऐलान हो गया है. प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में रविवार को भारतीय युवा कांग्रेस के मुख्य चुनाव आयुक्त जसप्रीत सिंह और प्रदेश चुनाव अधिकारी रोशन नेगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम जारी किया. 29 मई से 13 जून तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी. चुनाव पारदर्शी और समय पर पूरा कराने के लिए 5 जोन बनाकर ZRO नियुक्त किए जाएंगे. ब्लॉक और जिला कमेटियों के लिए नामांकन 29 मई से 13 जून तक भरे जाएंगे. वहीं प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के लिए 11 जून से 13 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. नामांकन के बाद 15 जून से 18 जून तक स्क्रूटनी की प्रक्रिया चलेगी. इसके बाद सदस्यता अभियान और चुनाव प्रक्रिया एक साथ ऑनलाइन माध्यम से होगी. सदस्यता के लिए नियम तय युवा कांग्रेस में सदस्यता और चुनाव लड़ने के लिए 18 से 35 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है. सदस्यता और शिकायत की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. फर्जी सदस्यता रोकने के लिए वोटर आईडी अनिवार्य की गई है. आवेदन के साथ 8 सेकेंड का वीडियो भी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, जिसमें आवेदक को खुद आवेदन से जुड़ी जानकारी देनी होगी. आयु प्रमाण के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या अन्य आईडी प्रूफ जरूरी होंगे. एक व्यक्ति, एक पद का नियम चुनाव प्रक्रिया में एक व्यक्ति-एक पद का नियम भी लागू रहेगा. सिर्फ एक पद के लिए ही नामांकन दाखिल करने की अनुमति रहेगी. वहीं नामांकन दाखित करने पर उस उम्मीदवार को पुराने पद से मुक्त माना जाएगा. दिल्ली में इंटरव्यू के बाद होगी नियुक्ति युवा कांग्रेस में जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री जैसे अहम पदों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व जरूरी होगी. दिल्ली में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने इंटरव्यू भी लिया जाएगा.

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से बस्तर पुलिस होगी हाईटेक, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

जगदलपुर. बस्तर संभाग में अपराध जांच को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जगदलपुर में मोबाइल फॉरेंसिक वेन का शुभारंभ किया गया. यह अत्याधुनिक वेन घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में पुलिस की मदद करेगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया और तेज व सटीक बनेगी. कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब मौके पर ही डिजिटल और तकनीकी जांच कर सकेंगे. इस सुविधा से साइबर और आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी. पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक से अपराधियों तक पहुंच आसान होगी. वेन में जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. बस्तर संभाग में पहली बार इस तरह की मोबाइल सुविधा उपलब्ध हुई है. अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है. पुलिस विभाग अब तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है.

नक्सलियों की साजिश नाकाम, दंतेवाड़ा में मिला प्रेशर कुकर बम; CRPF ने किया निष्क्रिय

दंतेवाड़ा. एंटी नक्सल ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन के दौरान जवानों को आज बड़ी सफलता हाथ लगी. जवानों ने जंगल के रास्ते में जमीन में छिपाकर रखे गए आईईडी को खोज निकाला. बम को प्रेशर कुकर में बनाकर लगाया गया था. समय रहते जवानों ने बम को खोज निकाला और उसे मौके पर ही डीफ्यूज कर दिया. पांच किलो की झमता वाले बम की चपेट में अगर कोई आ जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. दरअसल, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जिला पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन एवं नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में मुखबिर से मिली विशेष सूचना के आधार पर 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ की यंग प्लाटून पार्टी, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) टीम को थाना बारसूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिड़पाल के पहाड़ी एवं घने जंगलों सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में कॉर्डन एवं सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया. आज सुबह लगभग 5 बजे सेकेंड कमान अधिकारी विक्रांत वर्मा के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में सिविल पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. ग्राम हिड़पाल के जंगल से मिला बम सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में गहन सर्चिंग करते हुए संभावित नक्सली गतिविधियों एवं छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामग्री की तलाश की गई. इसी दौरान सुबह लगभग 8:20 बजे ग्राम हिड़पाल के जंगल क्षेत्र में जवानों को एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जवानों ने सतर्कता एवं सुरक्षा मानकों का पालन कर पूरे इलाके को सुरक्षित किया और BDS टीम को मौके पर बुलाया गया. नुकसान पहुंचाने के मकसद से प्लांट किया गया बम-जवान जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु प्रेशर कुकर आईईडी निकली, जिसका वजन लगभग 5 किलोग्राम था. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने एवं आम नागरिकों में भय पैदा करने के उद्देश्य से आईईडी को जंगल में छिपाकर रखा गया था. BDS टीम ने विशेषज्ञ तकनीकी प्रक्रिया अपनाते हुए मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते संभावित बड़ी जनहानि टल गई. पुलिस और सुरक्षा बलों की अपील अभियान के दौरान आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सर्चिंग भी की गई. अभियान पूर्ण होने के बाद सभी अधिकारी एवं जवान सुरक्षित रूप से लगभग 10:55 बजे अपने-अपने बेस कैंप लौट आए. जिला पुलिस दंतेवाड़ा एवं सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विस्फोटक सामग्री अथवा नक्सली गतिविधियों की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

शादीशुदा महिला की मौत पर बढ़ा शक, कोरबा में 4 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

कोरबा. उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत ने नया मोड़ ले लिया है। दफन के चार दिन बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। मायके पक्ष ने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव उत्खनन की कार्रवाई की गई। तेज धूप के बीच घंटों तक चली इस कार्रवाई को देखने ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। बताया जा रहा है कि शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन बाद में पुलिस की समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी की गई। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले आए दिन मारपीट करता था और छोटी-छोटी बातों पर घर से निकाल देता था। परिजनों के मुताबिक विनीता कई बार रोते हुए मायके पहुंची, लेकिन बच्चों और परिवार की खातिर समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज दिया जाता था। मृतिका की मां ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी। हाल ही में गांव के पंच-सरपंच बताकर कुछ लोग समझौते के नाम पर उसे ससुराल ले गए थे, जबकि बाद में वे रिश्तेदार निकले। इस घटना के बाद परिवार का शक और गहरा गया। परिजनों का कहना है कि मौत के बाद शव को नहलाते समय शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए थे। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और पारिवारिक कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। अचानक हुई मौत और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किए जाने से परिवार लगातार सवाल उठा रहा है।इधर, पति मुकेश पाटले ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। हालांकि, वह विनीता के बार-बार मायके जाने के कारणों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव उत्खनन कराया गया है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विनीता की मौत सामान्य थी या इसके पीछे प्रताड़ना और साजिश का कोई गंभीर पहलू छिपा है। कब्र से निकाला शव: उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के बाद, दफन किए जाने के चौथे दिन प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप: मायके पक्ष ने मृतिका के पति मुकेश पाटले, सास और ससुर पर दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट करने और सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार: परिजनों का दावा है कि विनीता की मौत के बाद शव को नहलाते समय उसके शरीर पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून आ रहा था, फिर भी ससुराल वालों ने बिना पोस्टमार्टम के शव दफना दिया।

सुकमा को स्वच्छ बनाने मिशन मोड में नगर पालिका

सुकमा. नगर पालिका परिषद सुकमा द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापारियों एवं नागरिकों को जागरूक करने मंगलवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। केन्द्र सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संशोधित नियमों को 01 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद सुकमा के सभा कक्ष में व्यापारियों, दुकानदारों, होटल प्रबंधकों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनीत साव ने बताया कि नए नियमों के तहत कचरे को 4 श्रेणियों में विभाजित कर स्त्रोत पर ही पृथकीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों को अब हरा डस्टबीन (गीला कचरा), नीला (सूखा कचरा), लाल (सेनेटरी कचरा) और पीला (विशेष देखभाल वाला हानिकारक कचरा) निर्धारित नियमों के अनुसार उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक और व्यापारी कचरा अलग-अलग करके स्वच्छता दीदियों को देगा, तो शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी होगी। नगर पालिका द्वारा अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों अर्थात बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है तथा गीले कचरे के निपटान हेतु स्वयं के परिसर में ही प्रसंस्करण सुविधा स्थापित करना जरूरी होगा। नगर पालिका ने नागरिकों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण हेतु निदान हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं व्हाट्सएप चौटबॉट नंबर 8519009090 भी जारी किया है, जिससे सफाई संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में प्रशासन ने सिंगल यूज़ पॉलिथीन को पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे पूर्णतः बंद करने की अपील की। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत गारबेज फ्री सिटी के नियमों की जानकारी देते हुए नागरिकों से तालाबों व सार्वजनिक स्थलों में कचरा न फेंकने, खुले में कचरा न जलाने, खुले में शौच न करने और केवल स्वच्छता दीदियों को ही कचरा देने की अपील की गई। नगर पालिका परिषद सुकमा ने भरोसा दिलाया कि जनसहयोग से शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और आदर्श नगर के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम सहित व्यापारी, पार्षद और शहर के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।

रेलवे ओवरब्रिज, आईटी बिल्डिंग, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित कई परियोजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

रायपुर  वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज नवा रायपुर में संचालित महत्वपूर्ण विकास कार्यों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।           वित्त मंत्री ने रेलवे ओवर ब्रिज,  प्रवासी पक्षियों के लिए नेस्टिंग आइलैंड, सेक्टर-10 की सड़के, कार्यरत महिलाओं हेतु हॉस्टल, पीपल गार्डन शहरी वन (पीपल कुंज), सीबीडी आईटी बिल्डिंग,  कम्पोजिट आयोग भवन, एनटीपीसी कार्यालय एवं ऑडिटोरियम भवन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स,  फेयर ग्राउंड स्टेशन, श्रमिक कैंप सहित विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया।            निरीक्षण के दौरान  चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सभी अधोसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।           वित्त मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से नवा रायपुर में यातायात सुगम होगा, खेल अधोसंरचना मजबूत होगी और डिजिटल व प्रशासनिक सेवाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ  चंदन कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे l