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किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक

  चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

महानदी जल विवाद सुलझाने को आगे आए छत्तीसगढ़-ओडिशा, शुरू हुई साझा पहल

इंजीनियरों की टीम हर हफ़्ते करेगी काम, महानदी पर बनेगा समन्वय का नया ढाँचा नई दिल्ली, भारत की एक प्रमुख नदी, महानदी, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है, लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है। इस लंबे विवाद को बातचीत से हल करने के लिए 30 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियाँ, जिनमें इंजीनियर और विशेषज्ञ होंगे, हर हफ़्ते बैठक करेंगी। ये समितियाँ मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही, वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है। अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे। अंत में दोनों राज्यों ने यह वादा किया कि वे ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करेंगे, ताकि महानदी जल विवाद का हल ऐसा निकले जो सबके लिए लाभकारी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल सफल रही, तो यह न सिर्फ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल होगी कि बड़े और पुराने विवाद भी आपसी बातचीत और सहयोग से सुलझाए जा सकते हैं।

सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम : रेडियो पर गूंजेगी ‘दीदी के गोठ’

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ तभी पूर्ण होगा जब हमारी ग्रामीण महिलाएँ सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनें. इसी दूरदर्शी सोच के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने के लिए एक नई ऐतिहासिक पहल की है. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा. यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा. साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी. दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायकी सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है. इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और राज्य के उप मुख्यमंत्री और पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी. यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा. दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है. इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी—कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मजबूती हासिल की, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई. आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं. उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है. इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि अन्य महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें. इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है. इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी. सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा.

14 मंत्रियों के सवाल पर रमन सिंह का बड़ा बयान, कहा- न्यायालय का निर्णय रहेगा अंतिम

बिलासपुर साय कैबिनेट में 14 मंत्रियों पर हाईकोर्ट में कांग्रेस की ओर से दायर याचिका के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस पर न्यायालय का फैसला अंतिम रहेगा. हरियाणा में 5–6 साल से यह चल रहा है. 13.5 मतलब 13 भी हो सकता है, और 14 भी. बिलासपुर में स्वर्गीय काशीनाथ गोरे के स्मारिका विमोचन में शामिल होने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें न्यायालय पर भरोसा होना चाहिए, चिंता करने की कोई जरूरत नहीं. वहीं महाराष्ट्र के राज्यपाल के तौर पर उनके नाम को लेकर हो रही चर्चा पर कहा कि मैं छत्तीसगढ़ में ही भला हूं. दरअसल, महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है. उनके उप राष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही खाली होने वाले राज्यपाल के पद पर किसी वरिष्ठ भाजपा नेता को नियुक्त किए जाने की चर्चा है, इनमें से एक नाम पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी नाम शामिल है.

पेट्रोल टैंकर हादसा: भीषण आग के बाद तेज धमाका, इलाके में अफरा-तफरी

बलौदाबाजार जिले के सेमरिया गांव में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जहां पेट्रोल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरा टैंकर आग की लपटों में घिर गया और जोरदार ब्लास्ट हो गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना पलारी थाना क्षेत्र की है। बता दें कि हादसे में टैंकर चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचा ली। दोनों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पलारी और गिधपुरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आग की चपेट में आने से लोगों को बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित दूरी पर रोका। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे। घटना का वीडियों भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह पेट्रोल टैंकर रायपुर से लवन की ओर जा रहा था और उसमें बड़ी मात्रा में पेट्रोल भरा हुआ था। इसी रोड से महानदी से रेत का परिवहन होता है, जिसके कारण इस क्षेत्र की सड़कों की हालत बदतर है। बताया जा रहा है कि अचानक टैंकर का संतुलन बिगड़ने से यह पलट गया, जिसके कारण चिंगारी उठते ही उसमें आग लग गई। फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया है और आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को बुलाया गया है। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई है।

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का होगा शुभारंभ ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल, ‘दीदी के गोठ’ से अब हर गांव तक पहुँचेगी सशक्तिकरण की आवाज ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई दिशा और पहचान 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित होगा कार्यक्रम बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी,आकाशवाणी के बिलासपुर केंद्र से इस प्रसारण को 103.2 मेगा हर्ट्ज सुना जा सकेगा साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-Bilaspur के जरिए भी लोग कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेश कार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।      दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी  बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।      इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।

जापान-दक्षिण कोरिया यात्रा से लौटे CM साय, निवेश को लेकर जताई उम्मीदें

एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत, कर्मा-पंथी नृत्यों से सराबोर रहा एयरपोर्ट परिसर  रायपुर, अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं।  साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में श्री साय को लगभग 15 मिनट लगे। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी श्री साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं। इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे – मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे। जापान और कोरिया से एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति – मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है। ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में जापानी भाषा में दी गई छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी –  मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। श्री साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली। पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल – मुख्यमंत्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। श्री साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।

CM विष्णुदेव साय का विदेश दौरा संपन्न, दिल्ली पहुंचकर देंगे रिपोर्ट

रायपुर/दिल्ली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये है। राजधानी दिल्ली में उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा और युवा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। बताया जा रहा है कि आज दोपहर ढाई बजे सीएम साय रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहाँ सरकार के सीनियर मंत्री, पार्टी के बड़े पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। सीएम साय ने प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, पीएम का यह विदेश दौरा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।”

त्योहारों पर राहत: रेलवे छत्तीसगढ़ से गुजार रही 4 स्पेशल ट्रेनें

बिलासपुर भारतीय रेलवे ने त्योहारों में इस बार 150 पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से बिलासपुर, रायपुर और पश्चिम मध्य रेलवे से भोपाल, कोटा जैसे स्टेशनों को जोड़ते हुए विशेष ट्रेनें चलाई जाएगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन से दुर्गापूजा, दीपावली और छठ पर्व पर यात्रियों की सुविधा के लिए 4 पूजा स्पेशल ट्रेन चलेगी। इन ट्रेनों की 30 फेरों की घोषणा की गई है। दुर्ग और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन के 8 फेरे चलाए जाएंगे। गाड़ी संख्या 08760 दुर्ग से 5 अक्टूबर से 23 नवंबर तक हर रविवार को चलेगी। यह गाड़ी दुर्ग से सुबह 10.45 बजे रवाना होगी और अगली दिन सुबह 11.10 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। यह ट्रेन रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी मुरवारा, दमोह, सागर, झांसी, आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन और पलवल स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में 20 कोच होंगे, जिनमें एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं गाड़ी संख्या 08761 हजरत निजामुद्दीन से 6 अक्टूबर से 24 नवंबर तक हर सोमवार को रवाना होगी।

दोपहिया वाहन मालिकों के लिए रायपुर में नई रूल्स, आज ही पढ़ें पूरी जानकारी

रायपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने लिया फैसला, सड़क हादसों में लोगों की जान तक जा रही, इसलिए सख्ती, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और कलेक्टर को दी सूचना। बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों को अब पंपों से पेट्रोल नहीं मिलेगा। 1 सितंबर से यह फैसला पूरे जिले के पेट्रोल पंपों में लागू होगा। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इस संबंध में सख्त फैसला लिया है। एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया है। उनका मानना है कि गाड़ियों में पेट्रोल नहीं मिलेगा तो लोग हेलमेट पहनने के लिए जागरूक होंगे। इसमें प्रशासन और पुलिस वाले भी उनका सहयोग करेंगे। यानी बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल लेने पर विवाद करने वालों से अफसर सख्ती से निपटेंगे। जो हंगामा करेंगे उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। राजधानी पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने खुद आगे आकर यह फैसला लिया है। एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को इसकी लिखित सूचना डिप्टी सीएम अरुण साव और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को दी है। एसोसिएशन के सभी सदस्यों का मानना है कि राजधानी में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इसमें लोगों की जान जा रही है और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इस​ वजह से एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने यह फैसला लिया है कि वे बिना हेलमेट लगाए लोगों को पेट्रोल नहीं देंगे। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल धगत ने बताया कि यह अभियान रायपुर शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले में चलाया जाएगा। एसोसिएशन ने सभी लोगों से अपील कि है कि वे दोपहिया चलाते समय हेलमेट जरूर लगाए। बिना हेलमेट से पेट्रोल नहीं देने का नियम कुछ साल पहले भी लागू ​किया गया था। लेकिन सख्ती नहीं होने की वजह से लोगों ने इस नियम को नहीं माना। दरअसल, बिना हेलमेट के पेट्रोल की बिक्री नहीं करने पर पंपों की बिक्री प्रभावित हो रही थी। इतना ही नहीं लोग उधार में हेलमेट लेकर पेट्रोल डलवा लेते थे। अधिकतर बार लोग हेलमेट वाले लोगों से हेलमेट मांगकर पेट्रोल डलवाते फिर उन्हें वापस कर देते। सख्ती नहीं होने की वजह से नियम की धज्जियां उड़ रही थी। इस वजह से इस बार पेट्रोल पंप संचालकों को खुद आगे किया गया है। उनसे कहा गया है​ कि वे ही सख्ती करें। यही वजह है कि प्रशासन ने इस बार आदेश न जारी कर एसोसिएशन वालों से ही लिखित में लिया है कि वे बिना हेलमेट के लोगों को पेट्रोल नहीं देंगे।