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कॉर्पोरेट पहचान में बदलाव: जिंदल स्टील एंड पावर अब बनी जिंदल स्टील लिमिटेड

रायपुर  जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड का नाम अधिकृत रूप से बदलकर जिन्दल स्टील लिमिटेड कर दिया गया है। यह नाम परिवर्तन भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से अनुमोदन के बाद कल प्रभावी हुआ है। जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड का नाम बदलकर जिन्दल स्टील लिमिटेड करने की मुख्य वजह यह है कि कंपनी सिर्फ अपने मुख्य काम, यानी स्टील उत्पादन पर अधिक ध्यान देने और भविष्य में एक मज़बूत स्टील कंपनी के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस नए नाम से कंपनी को देश और विदेश, दोनों जगह अपनी पहचान साफ़ तौर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी अपनी पुरानी पहचान और मूल्यों को भी बनाए रखेगी। यह परिवर्तन कंपनी (इनकॉरपोरेशन) नियम-2014 के नियम-29 के अनुसार किया गया है । इसकी पुष्टि के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा नए नाम को दर्शाने वाला इनकॉरपोरेशन प्रमाणपत्र जारी किया गया है। कंपनी की कॉरपोरेट पहचान संख्या (CIN: L27105HR1979PLC009913) या इसके पंजीकृत कार्यालय के पते में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पंजीकृत कार्यालय का पता जिन्दल स्टील लिमिटेड, ओ.पी. जिन्दल मार्ग, हिसार – 125005, हरियाणा (भारत) ही रहेगा । जिन्दल स्टील का नाम भले ही बदल गया हो, लेकिन यह पहले की तरह ही एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी रहेगी, जिसके शेयरों की खरीद-बिक्री लोग कर सकेंगे । कंपनी के जितने भी पुराने अधिकार, जिम्मेदारियां, लेन-देन और करार हैं, वे सब वैसे के वैसे रहेंगे और पूरी तरह से लागू होंगे । इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी ने इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समस्त शेयरधारकों, भागीदारों और आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि नाम परिवर्तन के सिलसिले में सभी स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों को अवगत कराया गया है। जिन्दल स्टील के बारे में जिन्दल स्टील एक बड़ी औद्योगिक कंपनी है, जो स्टील उत्पादन, खनन और इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य कर रही है। इस कंपनी ने पूरी दुनिया में 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया है । यह लगातार अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा रही है और बेहतरीन व विश्वसनीय ढंग से काम करके मजबूती से आगे बढ़ रही है ताकि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निरंतर योगदान कर सके। एक अग्रणी स्टील निर्माता के रूप में, जिन्दल स्टील औद्योगिक विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से कार्बन फुटप्रिंट घटाने और कामकाज के आधुनिक तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: कुलदीप सिंह, +919899692981; kuldeep.singh@jindalsteel.com जिन्दल स्टील लिमिटेड (पूर्व में जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड)

Raipur से Rajim तक दौड़ेगी ट्रेन, शहरवासियों को जल्द मिलेगी नई मेमू ट्रेन की सौगात

रायपुर  राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाके जल्द ही स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित होंगे। खास बात यह है कि रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा की भी सुविधा मिलेगी। इसके सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया है। इस पहल को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। विधानसभा में स्टेट कैपिटल रीजन संबंधी छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक- 2025 पारित होने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ ली है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र एससीआर के दायरे में आएंगे। इसे दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित है और व्यापार, उद्योग व वाणिज्य का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव की पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर एससीआर के तहत योजनाबद्ध और शहरी विकास की योजना तैयार की गई है। इससे राजधानी व आसपास के शहरों में प्लानिंग के साथ विकास होगा। ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, नागरिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। 2031 तक 50 लाख पहुंचेगी आबादी राजधानी क्षेत्र में 2031 तक 50 लाख से अधिक की आबादी का अनुमान है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। यह प्राधिकरण दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की तरह काम करेगा। पांच करोड़ से बनेगा डीपीआर 2024-25 के बजट में एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर बनाने के लिए पांच करोड़ का प्रविधान किया गया है। प्राधिकरण के लिए कार्यकारी समिति भी बनेगी, जिसके अध्यक्ष सीईओ होंगे। इसमें नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, शहरी योजनाकार, अभियंता, पर्यावरण व वित्त विभाग के अधिकारी, एससीआर अंतर्गत जिलों के कलेक्टर सदस्य रहेंगे। 400-500 करोड़ रुपए का खर्च वहीं, रायपुर शहर में लाइट मेट्रो चलाने में 400-500 करोड़ रुपए का खर्च हो सकता है। एमओयू साइन होने के बाद बजट की स्वीकृति सरकार से लेनी होगी। साथ ही विदेशी निवेश भी हो सकता है। रूस में लाइट मेट्रो बैट्रियों से चलती है। इसमें आठ कोच होते हैं। विकास निधि बनेगी, खास उपकर लगाने का अधिकार एससीआर के विकास के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि बनाई जाएगी। साथ ही एक अलग पुनरावृत्ति निधि भी होगी। प्राधिकरण को अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार होगा। यह वार्षिक बजट बनाएगा और हर साल राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा। प्राधिकरण का व्यापक उद्देश्य एससीआर प्राधिकरण न केवल विकास योजनाएं बनाएगा, बल्कि निवेश को आकर्षित करने, आर्थिक योजनाओं को लागू करने, सरकारी व निजी हितधारकों के बीच समन्वय बनाने और अधोसंरचनात्मक विकास को बढ़ावा देने का काम भी करेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री साय होंगे प्राधिकरण के अध्यक्ष एससीआर विकास प्राधिकरण का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, लोक निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और चार विधायक शामिल होंगे। चार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया जाएगा। प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईटो) संयोजक होंगे। भूमि उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना इसकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत निखिल कश्यप को किया नमन, परिजनों के दुःख में हुए सहभागी

रायपुर,    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

आशुतोष राणा से मुलाकात में क्या हुआ खुलासा? ओपी चौधरी और पत्नी अदिति ने खोले राज

रायपुर Rise & Shine कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अभिनेता और मोटिवेशनल स्पीकर आशुतोष राणा से प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उनकी पत्नी अदिति पटेल चौधरी ने होटल में मुलाकात की. इस दौरान होटल की लिफ्ट से नीचे उतरने के दौरान आशुतोष राणा ने अपना एक राज मंत्री ओपी चौधरी के सामने खोला. ओपी चौधरी की मुलाकात से पहले आशुतोष राणा के फैन्स और रोटरी कॉस्मो डीवाज़ क्लब की अध्यक्ष और सदस्यों ने भी उनसे मुलाकात की और उन्होंने खूब सारे सवाल उनसे पूछे. कुछ सवाल आशुतोष और उनकी पत्नी से जुड़े हुए भी थे. आशुतोष राणा, मंत्री ओपी चौधरी, उनकी पत्नी अदिति पटेल जब लिफ्ट से उनके साथ नीचे उतर रहे थे, तब उनकी मैनेजर ने मंत्री को बताया कि ‘सर ने जितनी भी किताबें लिखी है वो ज्यादातर रात में ही लिखी गई है’. इसके बाद आशुतोष ने हंसते हुए कहा कि- हां, मुझे देर रात तक जागने की आदत हो गई है… फिर उन्होंने हंसते हुए मंत्री से कहा कि- ओपी जी… हमने ‘फिट रहने के लिए नींद जरूरी’ के फार्मूला को फेल कर दिया है, जिसमें ये कहा जाता है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है. आशुतोष राणा ने बताया कि वो मात्र 4-5 घंटे की रोजाना नींद लेते है और फिर भी वे पूरी तरह से फीट है. इसके बाद मंत्री ओपी चौधरी की पत्नी अदिति पटेल को भी ये कहना पड़ा कि जब से वे मंत्री बने है, तब से उनकी भी नींद चंद घंटे की ही रह गई है. इस दौरान मंत्री और उनकी पत्नी ने आशुतोष राणा को अगली बार छत्तीसगढ़ दौरे में आने के दौरान अपने घर आने का न्योता भी दिया.

खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग की शुरुआत, पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार

रायपुर : खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन की हुई शुरुआत, पर्यटन से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार पर्यटन को नया आयाम: खमढोड़गी जलाशय में शुरू हुई राफ्टिंग, स्थानीयों के लिए खुले रोजगार के द्वार खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग की शुरुआत, पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार रायपुर के खमढोड़गी में राफ्टिंग और नौकायन का आगाज़, पर्यटन से गांवों को मिलेगा नया जीवन रायपुर कांकेर जिले के ग्राम खमढोड़गी (ग्राम पंचायत कोकपुर) में आज से पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत हो गई है। कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन (नौका विहार) का शुभारंभ किया। यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण पर्यटन विकास नीति और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नेताम ने कहा कि खमढोड़गी जैसे स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने पर्यटन विकास के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।  इस मौके पर कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने बताया कि यह योजना क्षेत्र के विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहाँ ट्रेकिंग, होम स्टे और अन्य पर्यटन सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक और कलेक्टर ने जलाशय में नौकायन कर इसका आनंद लिया और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, जिला पंचायत सदस्य सुमृदुला भास्कर, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी , स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

समन्वित प्रयासों से निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिवभक्ति में डूबेगा रायपुर: पश्चिम क्षेत्र से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

रायपुर  3 अगस्त रविवार की सुबह रायपुर पश्चिम विधानसभा से प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में होने जा रहा है जिसकी तैयारिया को लेकर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया जहां आगामी 3 अगस्त को होने वाली कावड़ यात्रा के संबंध में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ को दिशानिर्देश दिए गए एवं प्रदाय जिम्मेदारियों का जायजा भी लिया गया राजेश मूणत ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा की प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी हमारे द्वारा विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन रायपुर पश्चिम में किया जाना है जिसके संदर्भ में यह बैठक आहूत की गई है । रायपुर के सभी जिला एवं मंडल पदाधिकारियों को यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौपी गई है कावड़ यात्रा का यह कार्यक्रम अपनी भव्यता के लिए सदैव राजधानी सहित आसपास चर्चित रहा है , और यह आप सभी के परिश्रम और सहयोग से यह संभव हुआ है । विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियां और बाजे गाजे होंगे मुख्य आकर्षण राजेश मूणत ने आगे कहा इस वर्ष कावड़ यात्रा को और भी अधिक भव्यता और वैभव प्रदान करने हमने स्थानीय लोक कलाकारों के अलावा अन्य प्रदेशों के कलाकारों को भी अपनी प्रस्तुति देने निमंत्रित किया है जैसे की उज्जैन मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल की सवारी में डमरू और ढोल बजाने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से अघोरी नृत्य की प्रस्तुति देने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से ही युवतियों द्वारा मां काली की जीवंत झांकी का प्रदर्शन , उड़ीसा के बाहुबली कट्टपा की वेशभूषा में संबलपुरी बाजे में प्रस्तुति देने वाले चर्चित कलाकारों की टीम , छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नृत्य कलाकारों जैसे आदिवासी नृत्य , पंथी नृत्य और राउत नाचा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का दल , भगवान भोलेनाथ की चलित झांकी और प्रदेश के प्रमुख ढोल धुमाल पार्टी अपनी अपनी प्रस्तुति देंगे जो कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा । सुबह बाबा हटकेश्वरनाथ को अर्पित किया आमंत्रण पत्र 3 अगस्त को होने जा रही भव्य कावड़ यात्रा हेतु सभी सनातनियों हेतु आमंत्रण पत्रक भी छपवाए गए हैं जिसकी प्रथम प्रति आज 22 जुलाई को सुबह, विधायक राजेश मूणत ने महादेवघाट तीर्थ पहुंचकर बाबा हटकेश्वरनाथ, माँ महाकाली, और मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं को कांवड़ यात्रा का विशेष आमंत्रण पत्र अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रार्थना की कि रायपुर शहर के नागरिकों पर सदैव उनका आशीर्वाद बना रहे।  रायपुर के सनातनी समाज से कावड़ यात्रा में शामिल होकर भव्यता प्रदान करने और धर्म लाभ लेने की अपील रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने बाबा हटकेश्वर नाथ में जलाभिषेक हेतु निकाली जा रही कांवड़ यात्रा के संदर्भ में रायपुर में निवासरत सभी सनातन बंधुओं से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि । “यह यात्रा सामाजिक समरसता, शिवभक्ति और नगर की संस्कृति का उत्सव है। सभी शिवभक्तों से आग्रह है कि समय पर उपस्थित होकर यात्रा का हिस्सा बनें और शहर की धार्मिक गरिमा , सनातन धर्म प्रेमी शिवभक्ति में लीन होकरधर्म लाभ ग्रहण करें । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ,विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह सहित सभी प्रमुख नेता रहेंगे उपस्थित :- राजेश मूणत उन्होंने आगे कहा की कावड़ यात्रा का आयोजन विशुद्ध रूप से गैर राजनैतिक कार्यक्रम है इसमें पूरे रायपुर शहर के समस्त सनातनी बंधु बांधव सादर आमंत्रित हैं ऐसे में आप सभी की महती जिम्मेदारी है की आप सभी को इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने आ रहे समस्त सनातनी धार्मिक बंधुओं माताओं बहनों भोले भक्तों के लिए कावड़ सहित समस्त व्यवस्थाएं श्रेष्ठता से करनी है चूंकि कावड़ यात्रा में अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह , रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल , रायपुर जिले के सभी 7 विधानसभाओं के विधायक एवं अन्य सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओ सहित सामाजिक संस्थाओं और सनातन धर्म के प्रमुख साधु संतो महात्माओं की सम्मानित उपस्थिति रहेगी ऐसे में कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखना एवं सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय रखना हम सभी की जिम्मेदारी है मैं इस मंच और मीडिया के माध्यम से राजधानी रायपुर सहित आसपास के सभी शिवभक्तों सनातन धर्म प्रेमियों को कावड़ यात्रा में सम्मिलित होकर कावड़ यात्रा में धर्म लाभ लेने निमंत्रित करता हूं । मंचन संचालन कर रहे कार्यक्रम प्रभारी ओंकार बैस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया की झांकियों और बाजे गाजे डीजे के साथ ही निकाली जा रही कावड़ यात्रा का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे गुढ़यारी स्थित हनुमान मंदिर से किया जाएगा जहां से यात्रा प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग गुढ़यारी से होते हुए पड़ाव, शुक्रवारी बाजार , खाल बाड़ा , रामनगर से ओवर ब्रिज तेलघानी नाका से अग्रसेन चौक मार्ग होते हुए अमापारा , लाखेनगर , अश्वनी नगर मुख्य मार्ग से बाबा हाटकेश्वर नाथ मंदिर पहुंच कर भक्तगण जल अर्पण करेंगे जहां अलग अलग स्थान पर पुश्पवर्षा , आतिशबाजी और भंडारे की भी व्यवस्था की जाएगी । बैठक में प्रमुख रूप से महापौर श्रीमती मीनल चौबे , जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर , ओंकार बैस,अशोक पांडेय, अमित मैशरी गोवेर्धन खंडेलवाल, बी. श्रीनिवास राव, प्रीतम ठाकुर, अनिल सोनकर, भूपेंद्र ठाकुर, विनोद अग्रवाल, राजेश ठाकुर, भोला साहू, रजयंत ध्रुव, गज्जू साहू, पुरुषोत्तम देवांगन, सुनील चंद्राकर, कमलेश्वरी बसंत वर्मा, अमर बंसल, दीपक जायसवाल , मंडल एवं बूथ के के वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

छत्तीसगढ के संत बिसाहू दास महंत

रायपुर  बिसाहू दास महंत  ( 1 अप्रैल 1924 – 23 जुलाई 1978 ) को हुआ था । वे मध्य प्रदेश के एक सफल  राजनीतिज्ञ थे. राज्य में कांग्रेस द्वारा निर्मित अब तक के सबसे सफल विधायकों में से एक थे. उन्होंने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए क्रमशः एक, दो और तीन कार्यकालों के लिए बारादुवार का प्रतिनिधित्व किया  था,जिसे अब नया बाराद्वार, नवागढ़ और चांपा के नाम से जाना जाता है. उन्होंने 1952 में बाराडुवर से 1957 और1962 में नवागढ़ और वर्ष 1967, 1972 और 1977 में चांपा से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता.  1952 में अपनी  जीत शुरू करने के उपरांत वे कभी चुनाव नहीं हारे, वे लगातार छह बार चुने गए. अपने जीवन के अंतिम चरण तक संघर्षरत रहे अंततः बीमार होकर भी लंबे समय तक बिस्तर पर रहे. अंतमें कार्डियक अटैक के कारण उनकी असामयिक मृत्यु हो गई. किसान थे सभी के दिल के करीब  1942 और 1947 के बीच स्व. महंत ने अपने कॉलेज जीवन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. इसवजह से सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की और उनकी छात्रवृत्ति को भी खारिज कर दिया था.  आगे चलकर वह राजनीति में ऊंचे पदोंपर रहे. अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री जैसे पदों पर काम करते हुए उन्होंने किसानों की पीड़ा को समझा और उनके लिए सिंचाई काप्रबंध करने की ठानी. कोरबा जिले में निर्मित प्रदेश के सबसे ऊंचे मिनीमाता बांगो बांध के शिलान्यास का श्रेय उन्हें दिया जाता है. जिससे आज लाखों हेक्टेयर खेतों की प्यास बुझती है. किसानों अपने खेत की सिंचाई कर पाते हैं.              पुत्र और बहू निरंतर            आगे बढ़ा रहे विरासत  स्वर्गीय बिसाहू दास महंत के दो पुत्रों में डॉ.चरणदास महंत भी राजनीति में उतने ही सफल हैं. जितनेकभी बिसाहू दास महंत थे. डॉ चरणदास महंत भी अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री जैसे पदों पर रहे. केंद्र में भी सांसद रहे, वर्तमान में वहछत्तीसगढ़ के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं. जबकि चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत कोरबा लोकसभा सीट से सांसद हैं.

37 करोड़ की लागत से डुबान जलाशय में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्क, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरबा जिले के हसदेव बांगो डुबान जलाशय में राज्य का पहला ‘ एक्वा पार्क ’ बनाने का फैसला किया है। ‘एक्वा पार्क’ के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केंद्र सरकार से 37.10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी है। यह पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैले सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। सीएम साय ने इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। अधिकारियों ने बताया कि इस पार्क के विकसित होने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा और मछली उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, विक्रय, निर्यात व ‘एक्वा टूरिजम’ से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनके प्रसंस्करण और विपणन के साथ-साथ उन्हें विदेशों में निर्यात करने की सुविधा भी विकसित होगी। एक्वा म्यूजियम बनेगा उन्होंने बताया कि एतमा नगर की इस प्रसंस्करण इकाई से हटकर सतरेंगा में ‘एक्वा म्यूजियम’ बनेगा। अधिकारियों ने बताया कि ‘एक्वा म्यूजियम’ बन जाने से पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां विभिन्न प्रकार की मछलियों को रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सतरेंगा में ‘एंगलिंग डेस्क’, कैफेटेरिया, ‘फ्लोटिंग हाउस’ और ‘मोटर बोट’ सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। रोजगार के बढ़ेंगे अवसर अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में ‘एक्वा पार्क’ के लिए स्वीकृति मिलने पर राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस ‘एक्वा पार्क’ से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीक लोगों तक पहुंचेंगी बल्कि प्रसंस्करण-पैकेजिंग इकाई से मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। व्यापार के खुलेंगे द्वार उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस ‘एक्वा पार्क’ में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुंदर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे।” साय ने ‘एक्वा पार्क’ की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया।

कलेक्टर ने स्वच्छता पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई हरी झण्डी

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं निगग आयुक्त अमित कुमार ने आज यहां जिला कार्यालय परिसर से स्वच्छता पेट्रोल वाहन को हरी झण्डी दिखाई। उन्होंने कहा कि नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद स्वच्छता की निरंतरता बनाये रखने की चुनौती रहेगी। इस चुनौती को पूर्ण करने में यह विशेष टीम काफी मददगार साबित होगी।नगर निगम क्षेत्र में यह पेट्रोलिंग वाहन शहर में घुम घुमकर सार्वजनिक स्थान एवं सड़कों पर कचरा फेंकने, गंदगी करने वालों को रोकने और जुर्माना लगाने का काम करेगी। इसके अलावा सड़कों पर ठेले, गुमटी अथवा अन्य तरीके से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। अस्वच्छता और सड़क अतिक्रमण के खिलाफ जारी जंग में इस नयी पहल से तेजी आने की संभावना है। लगभग 30 कर्मचारी इस बस में सवार होकर शहर के विभिन्न वार्डों का सतत् दौरा करेगें। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगी और कचरा नहीं फैलाने की समझाइश भी देगी। इस अवसर पर नगर निगम के स्वच्छता कर्मी एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।