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CM साय: बस्तर सरकार की नई नीतियों और सुरक्षा कदमों से शांति और विकास की ओर अग्रसर

सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर हो रहा अग्रसर – मुख्यमंत्री सायबीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण; पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना का परिणाम रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण हमारी सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है, उसी का परिणाम है कि लगातार माओवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में वे हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। बस्तर अंचल में नक्सलवाद कमजोर हो रहा है और बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

रिटायर्ड कर्मचारी का बड़ा खुलासा: नहर मरम्मत में करोड़ों की लूट का आरोप

गरियाबंद जलसंसाधन अनुविभाग फिंगेश्वर में नहरों को क्षतिग्रस्त बता लाखो रुपए मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. यह खुलासा रोबा के रहने वाले कृषक याद राम साहू ने किया है. आरटीआई के तहत जानकारी लेकर जब किसान ने अन्य किसानों और अनुभविभाग अफसरों के साथ मौके पर जांच करने निकले तब फर्जीवाड़े का पता चला. किसान द्वारा निकाले गए दस्तावेज के मुताबिक फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर और टेल एरिया में भसेरा, पसौद, सीरीकला, रोबा समेत 10 से ज्यादा गांव को सिंचाई करने वाले कुल 9 नहरों को कुल 56 जगह में 1600 मीटर से भी ज्यादा लंबाई का क्षतिग्रस्त बताया गया. इसकी मरम्मत के लिए 4600 प्लास्टिक बोरी में रेत भर कर क्षतिग्रस्त स्थलों का मरम्मत किया गया. मरम्मत से पहले स्थानों की साफ सफाई और अन्य मटेरियल के इस्तेमाल होने का जिक्र किया गया है. इसके एवज में कोरबा के डी क्लास ठेकदार विजय कुमार सहिस और इंडियन इंफ्रा बिल्ड नाम के फर्म को कुल 4.46 लाख का भुगतान किया गया. सारा कार्य वित्तीय वर्ष 2025 खत्म होने के ठीक 1 माह पहले 20 से 25 फरवरी के बीच कराया जाना दर्शाया गया है. किसान को मरम्मत कार्य में काम करने वाले मजदूरों का मस्टररोल नहीं दिया गया, जिन्हें 2 लाख से ज्यादा का भुगतान किया गया है. कार्य फर्जी था इसलिए मस्टरोल तक गायब कर दिया गया है. किसान याद राम ने विभाग के रवैया देख कर सत्यापित दस्तावेजों के साथ मामले की लिखिए शिकायत एसपी से किया है. सिंचाई सुविधा नदारद हुई तो खुली पोल, मरम्मत के नाम पर 1 करोड़ के बंदरबांट का दावा किसान याद राम 4 साल पहले तक सिंचाई विभाग के टाइम कीपर का काम करता था. रिटायरमेंट के बाद किसानी कार्य में लग गया. इस खरीफ सीजन में नहरों से सिंचाई सुविधा मिलना बंद हो गया था. किसानों ने फिंगेश्वर सिंचाई दफ्तर का दो बार घेराव कर दिया. मौजूदा एसडीओ वी. वी. मलैया ने नहर मरम्मत का प्रस्ताव डिविजन कार्यालय भेजा. जल्द मरम्मत का आश्वासन मिला पर मरम्मत के लिए कोई नहीं आए. ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारी याद राम को गड़बड़ी की आशंका हुई. उन्होंने नहरों के मरम्मत की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी. इसके बाद याद राम ने किसानों के साथ मिलकर अफसरों को माइनर नहरों का मुआयना कर क्षतिग्रस्त स्थान और मरम्मत के लिए भरे गए बोरों की तलाश भी की. इस दौरान ना तो टूट-फूट के कोई प्रमाण मिले और न ही मरम्मत के बोरे. किसान ने इस गड़बड़ी के बाद पूरे फिंगेश्वर उपसंभाग के नहरों के मरम्मत की जानकारी निकलनी चाही लेकिन फिर बड़ा खेल कर दिया गया. सब डिविजन कार्यालय से मरम्मत कार्यों के रिकॉर्ड गायब कर दिए गए. किसानों का दावा है कि अकेले फिंगेश्वर अनुविभाग में नहरों और अन्य सिंचाई योजनाओं के मरम्मत के नाम पर फरवरी 2025 में फर्जी बिल लगाकर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन किया गया है. किसानों को सच्चाई बताने वाला एसडीओ किए गए दरकिनार मार्च के पहले मरम्मत के बजट को खपाने राजिम के एसडीओ को एक माह के लिए स्पेशल प्रभार सौंपा गया था. मामला सामने आया तो पदस्थ एसडीओ मलैया ने किसानों को न केवल सच्चाई बताई, बल्कि पाई गई गड़बड़ी को लेकर डिविजन कार्यालय में पत्राचार किया. सब डिविजन से गायब मरम्मत कार्य के रिकॉर्ड को लेकर विभाग और एसपी तक पत्राचार कर दिया. पोल खुलते देख डिविजन के अफसरों ने मलैया को ही हटा दिया. हालांकि हाईकोर्ट से स्टे आर्डर लेकर फिर एसडीओ के प्रभार में मलैया मौजूद है, लेकिन उनसे वित्तीय प्रभार छीन लिया गया है. फिंगेश्वर के एसडीओ सिंचाई अनुविभाग वी वी मलैया का इस पूरे मामले पर कहना है कि किसानों ने जानकारी निकाली, उनकी मांग पर स्थल निरीक्षण किसानों के साथ किया गया. मरम्मत कार्य मौके पर नहीं किए गए. माइनर नहरों में इतना क्षतिग्रस्त संभव भी नहीं है, जितना लंबाई क्षतिग्रस्त में बताया गया है उसी तो नहरों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा. जांच के लिए डिविजन कार्यालय से मार्ग दर्शन मांगा गया है, जो अब तक अप्रप्त है.

छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने पर सियोल में सीएम साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की विशेष वार्ता

छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के अंतर्गत ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन श्री ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्री ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें। ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

रायपुर रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई नई व्यवस्था, TTE करेंगे टिकट जारी

रायपुर रेलवे स्टेशन में अब आपको अनारक्षित टिकट (जनरल टिकट) लेने के लिए लंबी लाईनों में लगने की जरूरत नहीं है. क्योंकि रायपुर रेलवे स्टेशन में अब आपको टिकट काउंटर के स्टॉफ ही नहीं बल्कि टीटीई भी हाईटेक तरीके से टिकट देते हुए नजर आएंगे. रायपुर रेलवे स्टेशन में DRM ने 5 टीटीई स्टॉफ को मोबाइल यूटीएस टिकटिंग के उपकरण दिए. इस उपकरण के माध्यम से टीटीई सीधे यात्रियों को टिकट दे सकेंगे. हालांकि ये टिकट यात्री टिकट काउंटर के पास ही ले सकेंगे, उन्हें ये सुविधा ट्रेन के अंदर या प्लेटफार्म में उपलब्ध नहीं होगी. सीनियर डीसीएम (Sr.DCM) अवधेश त्रिवेदी का कहना है कि इस सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलेगा और आने वाले समय में अनारक्षित केंद्र को आरक्षण केंद्र में मर्ज करने के निर्देश रेल मंत्रालय से मिले है. उन्होंने बताया कि अनारक्षित टिकट केंद्र की जगह आने वाले दिनों में वहां यात्री सुविधाओं के लिए एटीवीएम मशीनें भी लगाई जाएगी, जहां से भी अनारक्षित टिकट ले सकेंगे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की गति तेज करने के दिए निर्देश

43 शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित ठहराए गए रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।  राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें  दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले। मुख्यमंत्री श्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।

नशे के खिलाफ पुलिस का प्रहार, 7 महीने में 155 तस्करों को भेजा जेल

दुर्ग दुर्ग पुलिस ने नशा तस्करों के चेन को तोड़ते हुए अब तक 71 मामले में केस दर्ज कर कुल 155 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है. इसमें 21 महिलाएं भी शामिल है जो नशा बेचते हुए पकड़ायी है. पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई सूखा नशा गांजे पर कार्रवाई की है. वहीं हेरोइन, ब्राउन शुगर, टेबलेट और सिरप भी जब्त की है. दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के मुताबिक पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी को रोकते हुए नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अभियान के तहत 1 जनवरी से 31 जुलाई तक जिले में नशा तस्करों के खिलाफ 71 मामले दर्ज करते हुए 155 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की है. मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई अच्छी खासी रही. एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष मात्र 7 महीनों में बीते वर्ष की गिरफ्तारियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है. श्री अग्रवाल के मुताबिक जिले के साथ-साथ बाहरी राज्यों के नशा कारोबारियों और तस्करों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है. पुलिस थानों सहित क्राइम ब्रांच की टीम को भी इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश हैं.

फर्जी वोटरों की होगी पहचान! कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों को दिया मतदाता सूची जांचने का आदेश

रायपुर वोट चोरी को लेकर कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है. अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस फर्जी वोटरों को ढूंढेगी. प्रदेश में मतदाता सूची के परीक्षण के लिए कांग्रेस ने आदेश जारी कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिलाध्यक्षों को पत्र लिखकर हर विधानसभा की मतदाता सूची का परीक्षण कर चार बिंदुओं में जानकारी पीसीसी में जमा करने कहा गया है. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के 2023 विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी का संदेह जताया है. इसके चलते अब कांग्रेसी प्रदेशभर में अभियान चलाकर फर्जी वोटरों की पहचान करेगी.

कांग्रेस छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची जांच के लिए चलाएगी बड़ा अभियान

रायपुर  कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा शुरू किया गया ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान अब छत्तीसगढ़ में भी विस्तार लेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर 2023 के विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की गहन जांच के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को उजागर किया जा सके। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वोटर लिस्ट की जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और फॉर्म 6 के दुरुपयोग की जांच शामिल है। इन बिंदुओं के आधार पर कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का विश्लेषण करने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने के लिए कहा गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ अभियान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि यह अभियान पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है, जिन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच में पाई गई अनियमितताओं को उजागर करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपें। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर साधा निशाना छत्तीसगढ़ कांग्रेस के इस अभियान पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम उनकी हताशा और मति भ्रम को दर्शाता है। साव ने वोट चोरी के आरोप को लोकतंत्र, संविधान और जनता के निर्णय का अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग और वोट चोरी जैसी घटनाएं आम थीं, और अब अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस इस तरह के निराधार आरोप लगा रही है।

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर सुरक्षा बलों का ऑपरेशन सफल, चार नक्सलियों का खात्मा

 गढ़चिरौली पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने कोपरशी गाँव में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है।

लगातार मूसलाधार बारिश से बस्तर बेहाल, SDRF-वायुसेना कर रही रेस्क्यू

जगदलपुर/रायपुर पहाड़ों और घने जंगलों की खूबसूरती के लिए चर्चित बस्तर इन दिनों बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना है. हालात इतने गंभीर हैं कि विदेश दौरे के बीच मुख्यमंत्री साय ने राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली. इस बार बस्तर में बारिश का 94 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. एक दिन में 210 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. यहां सोमवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, बस्तर में 94 साल रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है. 24 घंटे में 217 मिमी बारिश हुई है. इससे पहले 1931 में इतनी बारिश हुई थी. बाढ़ जैसी स्थिति, जनजीवन अस्त-व्यस्त मूसलाधार बारिश के कारण जिले के नदी-नाले उफान पर हैं. कई गांवों का सम्पर्क भी टूट गया है. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. वहीं जगदलपुर में इंद्रावती की सहायक गोरिया बाहर नाला उफान पर है, जिसकी वजह से सांसद निवास कलचा सहित दर्जनों गांवों का संपर्क जगदलपुर शहर से टूट गया है. जगदलपुर शहर के आधा दर्जन वार्ड भी पानी की चपेट में आ चुके हैं, कई घरों में पानी घुस गया है. इस बीच, गोरिया बाहर नाला में तीजा पर्व पर पूजा के सामान के विसर्जन के लिए महिलाएं, पुरुष और बच्चे पहुंच रहे हैं. जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, फिर भी वहां सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और लोग जान जोखिम में डालकर विसर्जन कर रहे हैं. बारिश का सबसे ज्यादा असर लोहंडीगुड़ा के मांदर गांव में देखने को मिला, जहां बाढ़ से 85 परिवारों को विस्थापित होना पड़ा. वायुसेना के हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव कार्य बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित क्षेत्रों में वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है.  पांच हेलिकॉप्टर से 5 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया गया. वहीं रेस्क्यू में एसडीआरएफ की टीम भी जुटी हुई है. एसडीआरएफ की टीम ने 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. जगदलपुर में दर्दनाक हादसा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में एनएच 30 पर दरभा के पास एक दुखद हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं. हादसा उस समय हुआ जब परिवार की स्विफ्ट डिजायर कार बाढ़ के पानी में बह गई. जानकारी के अनुसार तमिलनाडु का यह परिवार बस्तर घूमने आया था. कार में सवार ड्राइवर ने तैरकर अपनी जान बचाई, लेकिन परिवार के चार सदस्य पानी के तेज बहाव में फंस गए. एडिशनल एसपी महेश्वर नाग ने घटना की पुष्टि की है.