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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करें

समन्वित प्रयासों से निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रैम्प योजना अंतर्गत अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दी गई व्यावहारिक जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में रैम्प (RAMP) योजना के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के अधिकारियों के लिए ‘निर्यात प्रक्रियाएँ और प्रलेखन‘ विषय पर तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 19 से 21 जुलाई 2025 तक रायपुर स्थित उद्योग भवन में संपन्न हुआ, जिसे एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के सहयोग से आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को अपने जिलों में निर्यात को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में दक्ष और समर्थ बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है। प्रशिक्षण के पहले दिन अधिकारियों को रैम्प योजना की रूपरेखा से अवगत कराया गया। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के विशेषज्ञ डॉ. के. रंगराजन और सुसुमना दास ने अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, (आई.एन.सी.ओ) टर्म्स तथा भुगतान विधियों पर व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही बाजार पहचान एवं निर्यात योजना निर्माण पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। दूसरे दिन डॉ. गौतम दत्ता द्वारा राज्य के चयनित उत्पादों की निर्यात संभावनाओं, सूक्ष्म व लघु उद्यमों की मार्केटिंग रणनीतियों और वैश्विक व्यापार बाधाओं पर चर्चा की गई। इसके पश्चात निर्यात कार्य योजना में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की भूमिका और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। तीसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में (जीआई) उत्पादों के संवर्धन और ई-कॉमर्स निर्यात रणनीतियों पर विशेष सत्र आयोजित हुए। प्रशिक्षण के अंत में जिला निर्यात योजनाओं के निर्माण पर प्रतिभागियों को दिशा-निर्देश दिए गए। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र उप सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, सुरेना जमील (आईएएस) द्वारा प्रदान किए गए। इस दौरान उद्योग संचालनालय के संयुक्त निदेशक शिव राठौर उपस्थित रहे। 

महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग राज्य सरकार प्रतिबद्ध है प्रदेश के हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और मंच देने के लिए : मुख्यमंत्री महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल रायपुर खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया। वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच एवन साहू एवं खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

रक्षाबंधन पर स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य वस्तुओं के लिए प्रशासन सतर्क, शुरू हुआ जांच अभियान

महासमुन्द : रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच हेतु खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया गया त्योहार पर मिलावट पर सख्ती: जिले में खाद्य सामग्री की जांच को चला विशेष अभियान रक्षाबंधन पर स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य वस्तुओं के लिए प्रशासन सतर्क, शुरू हुआ जांच अभियान महासमुन्द राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार आगामी पर्व रक्षाबंधन को दृष्टिगत रखते हुए 21 जुलाई को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पनीर एवं खोवा की गुणवत्ता जांच हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। इसी क्रम में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला अभिहीत अधिकारी सह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महामसुंद श्री हरिशंकर पैकरा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शंखनाद भोई द्वारा जिले के बागबाहरा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने संकलित किए गए। जांच के तहत प्रतिष्ठानों से विधिक खाद्य नमूने लिए गए। जिसमें मेसर्स विश्वा फैमिली रेस्टोरेंट एण्ड ढाबा बागबाहरा से पनीर एवं पका चावल, मेसर्स छत्तीसगढ़ फैमिली ढाबा एण्ड रेस्टोरेंट बागबाहरा से पनीर, मेसर्स श्री हर्षद मिष्ठान भंडार, बागबाहरा से खोवा संकलित किया गया। ये सभी खाद्य नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विगत माह में भी कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अभियान चलाकर 05 पनीर के खाद्य नमूने संकलित कर राज्य प्रयोगशाला को भेजे गए थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दिए निर्देश

रायपुर : त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने चलाया जांच अभियान मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दिए निर्देश स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दिए निर्देश रायपुर आगामी दिनों में रक्षाबंधन सहित कई त्यौहार आने वाले हैं। त्यौहारी सीजन में मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है और लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में सिमगा एवं भाटापारा के कई  दुकानों में भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई।  खाद्य एवं औषधि विभाग की  टीम  द्वारा  जिले के विभिन्न स्थानों के होटल का निरीक्षण किया गया। सिमगा स्थित बालाजी जोधपुर स्वीट्स से खोवा कतली एवं कृष्णा डेयरी से पनीर  का नमूना  लिया गया।जांच के दौरान भाटापारा के ट्रांसपोर्ट ऑफिस एवं गैराज का भी निरीक्षण कर रिकॉर्ड खंगाला गया कि कोई अमानक या नियम विरुद्ध खाद्य पदार्थों का परिवहन तो नहीं हो रहा। जांच टीम के द्वारा बिना पक्का बिल व रसीद के खाद्य पदार्थ एवं मिठाइयों का ट्रांसपोर्ट नहीं करने की हिदायत दी गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग

राज्य सरकार प्रतिबद्ध है प्रदेश के हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और मंच देने के लिए : मुख्यमंत्री महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल रायपुर खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, श्री अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया। वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कांवड़ यात्रा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में 28 जुलाई को टोलाघाट पहुंचेंगे हजारों शिवभक्त

रायपुर  पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बोल बम कांवड़ यात्रा समिति, पाटन द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा पुराना बाजार पाटन से प्रारंभ होकर टोलाघाट तक जाएगी, जिसमें सैकड़ों शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ सहभागी बनेंगे। कांवड़ यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में गांव–गांव में बैठकों और तैयारियों का जोर चल रहा है। आज ग्राम सेलूद, पतोरा, पाटन एवं टोलाघाट में बैठक सम्पन्न हुआ। समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने बैठक में यात्रा की रूपरेखा की जानकारी दी और यात्रा को अधिक भव्य, सुरक्षित व अनुशासित रूप देने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्षों की समीक्षा करते हुए इस बार यात्रा में नए उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भक्तिमय वातावरण निर्माण के साथ जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। टोलाघाट में प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं भक्तिमय गायिका पायल साहू की संगीतमय प्रस्तुति, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में सराबोर करेगी। यात्रा के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है। यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है। मैं सभी शिवभक्तों से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं। हर हर महादेव की गूंज के साथ हम एक नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर जन–जन उत्साहित हैं। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले जी,भाजपा पाटन मण्डल अध्यक्ष रानी बंछोर,विनोद साहू,दिलीप साहू,खेमलाल साहू,केशव बंछोर,निशा सोनी,रवि सिन्हा,गिरधर वर्मा,सुरेश निषाद,दिव्या कलिहारी साहू, प्रवीण मढ़रिया,राकेश आडिल,भावना निषाद,विष्णु निषाद,केवल देवांगन,अमित वर्मा,संतराम कुम्भकार,सुनील वर्मा,राजेन्द्र वर्मा,नीलमणी साहू,संतोष घिरवानी,संगीता धुरंधर, चंद्रप्रकाश देवांगन,अन्नपूर्णा पटेल,विनोद बाग,देवेन्द्र ठाकुर,मनोज वर्मा,अनुपम साहू,चन्द्रिका साहू,रेणुका बिजौरा,अवधेश ठाकुर,गुलशन सोनी,कुणाल वर्मा,घनश्याम सोनी,भुनेश्वर साहू,  देवचरण कौशल,  टीकाराम देवांगन , हर प्रसाद आडिल गोरेलाल श्रीवास , सनत वर्मा, चित्र सेन कलिहारी राजीव साहू ,शशिकांत देवांगन ,मनोज साहू ,राधेश्याम साहू ,करण साहू ,हेमचंद ठाकुर , महेंद्र साहू,श्रीमती सरस्वती साहू ,दीपक साहू, डिलेश्वरी साहू ,एकता साहू ,दीप्ति श्रीवास, कमलेश्वरी साहू ,जितेंद्र देवांगन ,लोकेश्वर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर,कालेश्वर शुक्ला,रमेश देवांगन,तारेंद्र बंछोर,महेश्वर बंछोर,खेमिन साहू,केवरा साहू,राजू साहू,चंचल यादव,मनेंद्र वैष्णव,अतीस सपहा,रमेश वर्मा,बेनीराम साहू,विकास साहू,तिलेश्वर निषाद,गजेन्द्र निषाद, लवकुश निषाद,लक्ष्मण विनायक सहित शिव भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

शराब घोटाले की रकम से प्रॉपर्टी में निवेश, चैतन्य बघेल पर ED की बड़ी कार्रवाई का दावा

रायपुर  छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल को लेकर ईडी ने बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि चैतन्य ने शराब घोटाले से प्राप्त 1000 करोड़ रुपए से अधिक आय का प्रबंधन किया। साथ ही अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास के लिए 16.7 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया। चैतन्य राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे हैं। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को उनके 38वें जन्मदिन पर भिलाई के मानसरोवर कॉलोनी स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। चैतन्य को उसी दिन रायपुर की एक अदालत ने 5 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। मंगलवार को उन्हें उसी अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है। एजेंसी ने एक बयान में दावा किया कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपए की आपराधिक आय प्राप्त हुई थी। उन्होंने उस रकम का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास में किया था। ईडी के बयान में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक आय का इस्तेमाल चैतन्य बघेल की परियोजना के ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंक खातों के माध्यम से किया गया था। एजेंसी ने कहा कि जूनियर बघेल ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों नामक एक स्थानीय व्यवसायी के साथ सांठगांठ की। फिर उसकी कंपनियों का उपयोग करके एक योजना तैयार की। इसके तहत उन्होंने ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपए प्राप्त किए। ईडी ने कहा कि बैंकिंग ट्रेल से पता चलता है कि संबंधित लेनदेन के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से रकम प्राप्त किया। एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त 1000 करोड़ रुपए से अधिक की आय का प्रबंधन किया। ईडी के बयान में कहा गया है कि चैतन्य छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को घोटाले से मिले रकम को हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर (रायपुर के मेयर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई) और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त रकम को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इसकी जांच की जा रही है। ईडी ने कहा है कि कथित घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। इससे शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में 2100 करोड़ रुपए से अधिक रकम गए। ईडी के अनुसार यह घोटाला 2019 और 2022 के बीच रचा गया था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। ईडी ने इस मामले में जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू/एसीबी ने पिछले साल 17 जनवरी को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित 70 व्यक्तियों और कंपनियों को नामजद किया था।

जगदलपुर रेलमार्ग पर बड़ा बदलाव, 10 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में बस्तर को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली करीब 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई है। ये ट्रेनें 23 जुलाई से लेकर 26-27 जुलाई तक जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। या ये कहें कि ये सभी ट्रेनें जगदलपुर के लिए रद्द कर दी गईं हैं। दरअसल, करीब 20 दिन पहले मल्लीगुड़ा और जड़ती स्टेशन के बीच लैंड स्लाइड हुआ था। मार्ग तो क्लियर कर दिया गया है, लेकिन फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कुछ जगह अब भी काम जारी रखा है। इसलिए हिराखंड, समलेश्वरी, किरंदुल-विशाखापट्टनम समेत अन्य ट्रेनों को अब 26-27 जुलाई तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। इससे पहले 11 से लेकर 20 जुलाई तक ट्रेनें नहीं आई। अब तारीख बढ़ा दी गई है। ये ट्रेनें हुई शॉर्ट टर्मिनेट 1. दिनांक 23.07.2025 से 24.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18515 विशाखापट्टनम – किरंदुल नाइट एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 2. ट्रेन संख्या 18516 किरंदुल – विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 3. दिनांक 23.07.2025 से 26.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 58501 विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 4. ट्रेन संख्या 58502 किरंदुल – विशाखापट्टनम पैसेंजर 23.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 5. ट्रेन संख्या 18005 23.07.2025 से 25.07.2025 तक हावड़ा से छूटने वाली हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 6. ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 25.07.2025 से 27.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 7. ट्रेन संख्या 18107 23.07.2025 से 25.07.2025 तक राउरकेला से छूटने वाली राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 8. ट्रेन संख्या 18108 जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 9.दिनांक 23.07.2025 से 25.07.2025 तक भुवनेश्वर से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 10. ट्रेन संख्या 18448 जगदलपुर – भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक कोरापुट से रवाना होगी।  

हाईवे जाम कर रील शूटिंग पर HC सख्त, पूछा – अब तक वाहनों की जब्ती क्यों नहीं?

बिलासपुर  बिलासपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर रसूख का प्रदर्शन करते हुए रील बनाकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले युवकों पर पुलिस द्वारा केवल जुर्माना कर मामले को शांत करने की कोशिश पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट(Chhattisgarh High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब अन्य मामलों में गाड़ियां जब्त की जाती हैं, तो इस मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया? साथ ही पूछा कि मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं?। क्या है मामला घटना बिलासपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे 130 की है, जहां रायपुर रोड स्थित टोयोटा शोरूम से दो फार्च्यूनर लेने के बाद वेदांत शर्मा और उसके साथियों ने आधा दर्जन से अधिक महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ हाईवे पर रुककर ड्रोन कैमरे और पेशेवर फोटोग्राफरों की मदद से रील शूट की। रील शूट के दौरान पूरी सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आलोचना शुरू हुई और संबंधित अकाउंट्स डिलीट कर दिए गए। कोर्ट की नाराजगी मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लंच से पहले कोज लिस्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रसूखदार लोगों के लिए अलग और आम लोगों के लिए अलग मापदंड नहीं हो सकते। अदालत ने पूछा क्या सिर्फ जुर्माना कर देने से कानून का पालन हो जाता है? पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि गाड़ियां जब्त क्यों नहीं की गईं और अन्य धाराएं क्यों नहीं जोड़ी गईं। राज्य सरकार से अगली सुनवाई तक पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल वीडियो वायरल होने के बाद जनदबाव और मीडिया की खबरों के चलते पुलिस ने सात गाड़ियों पर महज 2000 हजार का का चालान किया और कुल 14,000 हजार रुपये की जुर्माना वसूली की। एक अन्य वाहन पर भी बाद में चालान किया गया, लेकिन बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज नहीं किया गया था, न ही कोई गिरफ्तारी या गाड़ी जब्ती हुई थी। यह भी देखा गया कि कई गाड़ियों के नंबर अधूरे थे और आरोपी युवकों के नाम-पते या फोटो भी सार्वजनिक नहीं किए गए, जैसा आम मामलों में किया जाता है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में भी केवल जुर्माना वसूली की जानकारी दी गई, जिससे जनता में और नाराजगी बढ़ गई। न्यायालय की सख्ती के बाद सकरी पुलिस ने वेदांत शर्मा एवं अन्य युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 285 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। संबंधित वाहनों की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।