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त्रैजन्म की खुशी: भाटापारा स्वास्थ्य केंद्र में सफल डिलीवरी, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

रायपुर बलौदाबाजार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटापारा में ग्राम कोदवा निवासी 29 वर्षीय सरोजिनी वर्मा पति हेमलाल वर्मा ने सामान्य प्रसव के माध्यम से तीन बच्चों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया। तीनों शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और मां की भी स्थिति सामान्य है। हेमलाल वर्मा ने बताया कि पत्नी का यह प्रसव पूरी तरह से सामान्य रहा एवं निःशुल्क किया गया है। इस सफल प्रसव प्रक्रिया के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्वास्थ्य स्टाफ सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और उनका व्यवहार सहयोगात्मक था।  खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी के मार्गदर्शन में नवजात शिशुओं एवं प्रसूता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत सभी शिशु पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। यह उपलब्धि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं टीम के समर्पण को दर्शाती है। चिकित्सा टीम ने इस जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कर, एक मिसाल कायम की है।  कलेक्टर दीपक सोनी एवं सी.एम.एच.ओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने भाटापारा के सभी सम्बंधित स्टाफ को तारीफ करते हुए सतत रूप से जन स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ बनाए रखने को कहा है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि

किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने राज्य सरकार प्रतिबद्ध: कृषि मंत्री नेताम खाद-बीज की आपूर्ति में देरी नहीं होगी: कृषि मंत्री नेताम का आश्वासन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि रायपुर प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज जिला कार्यालय कांकेर में प्रेसवार्ता लेकर राज्य में खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी होने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 02 अगस्त को इस योजना की 20वीं किश्त जारी की जाएगी, जिसमें प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को 553.34 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। फरवरी 2019 से प्रारंभ हुई इस योजना के तहत 20वीं किश्त को मिलाकर किसानों को भुगतान की राशि 9765.26 करोड़ रूपए हो जाएगी।  कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि आप सभी अच्छी तरह जानते हैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्नदाता किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए अनेक अभिनव पहल की है और किसानों को राहत देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी जिलों में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को खाद-बीज का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है।  कृषि मंत्री नेताम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अद्यतन स्थिति और आगामी किश्त के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस योजना से लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंच रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में न केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया, बल्कि सिंचाई कर माफ किया और धान के बकाया बोनस का भुगतान किया। उन्होंने बताया कि बीते दो खरीफ सत्रों में किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की गई और 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रूपए की धान की बकाया बोनस राशि दी गई। राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना में दो लाख से अधिक वन पट्टाधारी और 32 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी योजना में शामिल कर लाभान्वित किया जा रहा है।    कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपील की है कि वे 02 अगस्त को आयोजित पीएम किसान दिवस समारोह में सक्रिय रूप से सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती के तकनीक से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कृषि में ड्रोन दीदी योजना लागू की गई है। किसानों को परंपरागत कृषि के अलावा दलहन-तिलहन, मिलेट्स, सब्जियों, फलों की खेती, डेयरी के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सात हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं को जल्द मिलेगी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता,  चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई मुलाकात छत्तीसगढ़ में सात हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं को जल्द मिलेगी वित्तीय स्वीकृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा। रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा। इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित

बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान: ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल, रायपुर-बिलासपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित  मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात रायपुर छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स" के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।

शिक्षा को मिला प्रोत्साहन: मनोरा कॉलेज भवन हेतु 4.61 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : मनोरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री की घोषणा का त्वरित असर: मनोरा कॉलेज के लिए 4.61 करोड़ मंजूर शिक्षा को मिला प्रोत्साहन: मनोरा कॉलेज भवन हेतु 4.61 करोड़ की स्वीकृति जशपुर जिले में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।

नक्सल नेटवर्क पर शिकंजा कसने उतरी ED, संयुक्त अभियान में होगी भागीदारी

रायपुर नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी शामिल होगी. टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बड़ी बैठक में “प्लान ऑफ एक्शन टू नक्सल” पर चर्चा के दौरान इस संबंध में फैसला लिया गया. बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना,आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आईजी, और डीआईजी शामिल थे. इस दौरान ED और NIA के अफसर से हाल में टेरर फंडिंग को लेकर हुए खुलासे पर चर्चा हुई. इसके साथ ED और NIA के ज्वाइंट ऑपरेशन पर जोर दिया गया. पूरी बैठक IB के स्पेशल डायरेक्टर ऋत्विक रूद्र ने ली. वित्तीय लेन-देने रोकने का काम करेगी ED इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ED का काम अगर ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन है, तो उसे रोकना है. ये IB की भी सूचना हो सकती है कि लेनदेन की जानकारी निकाल लें. विभिन्न एजेंसियां ये काम करती हैं. ये दिखता है कि मामला ईडी को दिए जाने लायक है तो दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे नक्सलियों का अर्बन, लीगल, फाइनांसियल या रूरल बेस हो, सब पर एजेंसियां काम कर रही हैं.

पति की संपत्ति पर तलाक के बाद नहीं रहेगा हक़: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का साफ़ आदेश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विवाह विच्छेद (तलाक) के बाद पत्नी का पति की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं रह जाता। अदालत ने कहा कि तलाक की डिक्री मिलने के बाद पत्नी का वैवाहिक दर्जा खत्म हो जाता है और वह पति की संपत्ति पर उत्तराधिकार या स्वामित्व का दावा नहीं कर सकती। हाई कोर्ट ने रायगढ़ सिविल कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी। जिंदल स्टील स्टाफ से प्रेम विवाह, 2010 से रहने लगे अलग रायगढ़ निवासी युवक, जो जिंदल स्टील में कार्यरत था। उसने 11 मई 2007 को जिंदल स्टील प्लांट के स्टाफ से प्रेम विवाह किया था। कुछ वर्षों बाद पत्नी के चरित्र पर सवाल उठाते हुए दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया और वे वर्ष 2010 से अलग-अलग रहने लगे। पति ने वर्ष 2013 में रायगढ़ के पारिवारिक न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन दायर किया। फैमिली कोर्ट ने मार्च 2014 को पति के पक्ष में तलाक की डिक्री जारी कर दी। आदेश के अनुसार, पति-पत्नी का वैवाहिक संबंध 31 मार्च 2014 से समाप्त हो गया। संपत्ति पर अधिकार के लिए दाखिल किया सिविल वाद, सिविल कोर्ट ने किया खारिज तलाक के बावजूद पत्नी ने पति की संपत्ति पर अधिकार जताते हुए रायगढ़ सिविल कोर्ट में सिविल वाद दायर किया। लेकिन सिविल कोर्ट ने यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया कि तलाक के आदेश के बाद पत्नी का पति की संपत्ति पर कोई वैध अधिकार नहीं बनता है। पति ने मकान खरीदा, पत्नी ने कर लिया कब्जा पति ने रायगढ़ में एक मकान खरीदा था, जिसे किराए पर दिया गया था। तलाक के बाद पत्नी अपने 8-10 साथियों के साथ जबरन उस मकान में घुस गई और अवैध रूप से कब्जा कर वहीं रहने लगी। इस घटना के बाद पति ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पत्नी सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 452 व 448/34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पत्नी का उत्तराधिकार हो जाता है समाप्त: हाई कोर्ट सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ महिला ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपील दायर की। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि विवाह विच्छेद की तारीख (31 मार्च 2014) से दोनों के वैवाहिक संबंध समाप्त हो चुके हैं। इसलिए पत्नी के पास पति की संपत्ति पर कोई भी वैधानिक अधिकार नहीं बचता। अदालत ने कहा कि तलाक की डिक्री के बाद पत्नी का दर्जा समाप्त हो जाता है, इसलिए उत्तराधिकार का अधिकार भी स्वतः समाप्त हो जाता है। अदालत ने सिविल कोर्ट रायगढ़ के आदेश की पुष्टि करते हुए पत्नी की अपील को खारिज कर दिया है।

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और अन्य बच्चों को भी मिलेगा लाभ

रायपुर : मुख्यमंत्री ने ग्राम पंड्रापाथ तहसील सन्ना को दी बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 करोड़ 53 लाख की दी स्वीकृति विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और अन्य बच्चों को भी मिलेगा लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम पंड्रापाथ, विकास खंड बगीचा, तहसील सन्ना में आरचेरी अकादमी बनाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी  है। एन टी पी सी ने अपने सी एस आर फंड से यह राशि उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम पंड्रापाथ के आरचेरी अकादमी लगभग 10.27 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसमें तीरंदाजी केन्द्र में अभ्यास के लिए एक खेल मैदान, छोटा पुस्तकालय, मेडिकल की सुविधा, बच्चों का कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र, छोटा नर्सरी और हर्बल चाय की खेती की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। तीरंदाजी अकादमी में दूरस्थ अंचलों के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों और अन्य आदिवासी बच्चों को खेल अभ्यास कराया जाएगा ताकि बच्चे अपनी प्रतिभा राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिखा सके। उल्लेखनीय है कि आरचेरी अकादमी बनाने के लिए गांव पंड्रापाथ, तहसील-सन्ना, उप-मंडल-बगीचा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) में लगभग 10.27 एकड़ (41565 वर्ग मीटर-लगभग) के आवश्यक क्षेत्रफल की राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि का चिन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खिलाडियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, इसी कड़ी में उनके आग्रह पर तीरंदाजी अकादमी की स्थापना करने हेतु एनटीपीसी ने  20.53 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृत लागत अनुमान के अनुसार समयबद्ध तरीके से कार्य के निष्पादन हेतु उपयुक्त राज्य सरकारी एजेंसी नियुक्त करने आग्रह किया है। आरचेरी एक खेल और कला है जिसमें धनुष और बाण का उपयोग करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है। यह एक प्राचीन गतिविधि है । धनुष यह एक लचीली वस्तु होती है, जिससे बाण को छोड़ा जाता है। बाण नुकीला तीर जिसे लक्ष्य (निशाना) पर छोड़ा जाता है।  लक्ष्य जिस पर निशाना लगाया जाता है, आमतौर पर एक गोल आकृति होती है, जिसमें अलग-अलग रंग और स्कोर क्षेत्र होते हैं। निशाना लगाने की तकनीक इसमें एकाग्रता, संतुलन और शरीर की स्थिरता बहुत ज़रूरी होती है। भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी और अतनु दास ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और अन्य बच्चों को भी मिलेगा लाभ

रायपुर : मुख्यमंत्री ने ग्राम पंड्रापाथ तहसील सन्ना को दी बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 करोड़ 53 लाख की दी स्वीकृति विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और अन्य बच्चों को भी मिलेगा लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम पंड्रापाथ, विकास खंड बगीचा, तहसील सन्ना में आरचेरी अकादमी बनाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी  है। एन टी पी सी ने अपने सी एस आर फंड से यह राशि उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम पंड्रापाथ के आरचेरी अकादमी लगभग 10.27 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसमें तीरंदाजी केन्द्र में अभ्यास के लिए एक खेल मैदान, छोटा पुस्तकालय, मेडिकल की सुविधा, बच्चों का कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र, छोटा नर्सरी और हर्बल चाय की खेती की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। तीरंदाजी अकादमी में दूरस्थ अंचलों के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों और अन्य आदिवासी बच्चों को खेल अभ्यास कराया जाएगा ताकि बच्चे अपनी प्रतिभा राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिखा सके। उल्लेखनीय है कि आरचेरी अकादमी बनाने के लिए गांव पंड्रापाथ, तहसील-सन्ना, उप-मंडल-बगीचा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) में लगभग 10.27 एकड़ (41565 वर्ग मीटर-लगभग) के आवश्यक क्षेत्रफल की राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि का चिन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खिलाडियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, इसी कड़ी में उनके आग्रह पर तीरंदाजी अकादमी की स्थापना करने हेतु एनटीपीसी ने  20.53 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृत लागत अनुमान के अनुसार समयबद्ध तरीके से कार्य के निष्पादन हेतु उपयुक्त राज्य सरकारी एजेंसी नियुक्त करने आग्रह किया है। आरचेरी एक खेल और कला है जिसमें धनुष और बाण का उपयोग करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है। यह एक प्राचीन गतिविधि है । धनुष यह एक लचीली वस्तु होती है, जिससे बाण को छोड़ा जाता है। बाण नुकीला तीर जिसे लक्ष्य (निशाना) पर छोड़ा जाता है।  लक्ष्य जिस पर निशाना लगाया जाता है, आमतौर पर एक गोल आकृति होती है, जिसमें अलग-अलग रंग और स्कोर क्षेत्र होते हैं। निशाना लगाने की तकनीक इसमें एकाग्रता, संतुलन और शरीर की स्थिरता बहुत ज़रूरी होती है। भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी और अतनु दास ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

भारत-यूके व्यापार समझौता: छत्तीसगढ़ को वैश्विक बाजार में मिलेगी नई उड़ान — सीएम साय

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भारत की विकास यात्रा का नया अध्याय बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह समझौता न केवल भारत के आर्थिक क्षितिज को विस्तार देगा, बल्कि विशेष रूप से ऐसे राज्य जो कृषि, शिल्प, लघु और कुटीर उद्योगों पर आधारित हैं – जैसे छत्तीसगढ़ – उन्हें वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत-यूके एफटीए से भारत के 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्पियों, बुनकरों और पारंपरिक उत्पादों को सीधे लाभ मिलेगा। इस समझौते से अनुमानित $23 अरब डॉलर के नए व्यापार अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम छत्तीसगढ़ जैसे कृषि और श्रम प्रधान राज्यों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता छत्तीसगढ़ के लिए कृषि को बल, उद्योग को संबल और युवाओं को नए रोजगार के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, और निर्यात सहायता केंद्रों की स्थापना पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोटिशः धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आर्थिक सुधारों और ‘वोकल फॉर लोकल’ को ग्लोबल स्तर पर पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।