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छोटे गांव से राष्ट्रीय गौरव तक: छत्तीसगढ़ के गांव से उठकर देश का सबसे तेज धावक बना अनिमेष कुजूर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव घुइटानगर से निकले 22 वर्षीय अनिमेष कुजूर आज भारत के सबसे तेज धावक बन चुके हैं. मात्र 10.18 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी कर उन्होंने गुरिंदरवीर सिंह का रिकॉर्ड तोड़ा और भारतीय एथलेटिक्स में एक नई क्रांति की शुरुआत की. अब वे सिर्फ देश नहीं, बल्कि विश्व पटल पर भारत की पहचान बनाने की राह पर हैं. मोनाको डायमंड लीग में हिस्सा लेने वाले पहले भारतीय स्प्रिंटर बनकर अनिमेष ने इतिहास रच दिया है. यहां उन्होंने 200 मीटर U-23 स्पर्धा में भाग लिया और दुनिया के दिग्गज एथलीट्स के सामने भी आत्मविश्वास से दौड़े. हालांकि वे केवल 0.10 सेकंड से पोडियम से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भारत के लिए गर्व का विषय बना. गांव से लेकर ग्लोबल मंच तक कोविड लॉकडाउन के दौरान जब दुनिया ठहर सी गई थी, तब अनिमेष का करियर दौड़ने लगा. शुरुआत फुटबॉल से हुई, लेकिन गांव के पास आर्मी के जवानों के साथ ट्रैक पर दौड़ते हुए उनकी स्पीड ने लोगों को चौंका दिया. किसी ने उन्हें लोकल रेस में भाग लेने की सलाह दी और वहीं से एथलेटिक्स की दुनिया में उनका प्रवेश हुआ. जब कोच और खिलाड़ी की जिद ने इतिहास रचा अनिमेष के कोच मार्टिन ओवेन्स बताते हैं, "वह बहुत बड़ा लड़का था, और खुद को ट्रेनिंग में लेने की जिद कर रहा था. हम दोनों में आज तक बहस होती है कि किसने किससे गुजारिश की थी!" HPC (हाई परफॉर्मेंस सेंटर) में आने के बाद अनिमेष ने पहले ही टूर्नामेंट में U-23 200 मीटर दौड़ जीत ली. छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव घुइटानगर से निकले अनिमेष अब भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय लिख रहे हैं. वह पहले ही भारत के सबसे तेज धावक बन चुके हैं. उन्होंने 100 मीटर दौड़ 10.18 सेकेंड में पूरी कर ली और गुरिंदरवीर सिंह का 10.20 सेकेंड वाला रिकॉर्ड तोड़ दिया. अनिमेष कुजूर ने एथलेटिक्स में क्या नया किया है? सिर्फ 22 साल की उम्र में और 6 फीट 2 इंच लंबाई के साथ कुजूर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. जुलाई में उन्होंने पहली बार डायमंड लीग में हिस्सा लिया, जहां उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के उभरते सितारे गॉट गॉट (Gout Gout,) से हुआ, जो पहले से ही एथलेटिक्स की दुनिया में सबका ध्यान खींच रहे हैं. मोनाको डायमंड लीग में कुजूर ने U-23 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और स्प्रिंट प्रतियोगिता में भारत के पहले प्रतिभागी बने. महान मंच से दबाव महसूस करने की बजाय, उन्होंने खुद को प्रेरित किया और दुनिया के कुछ सबसे बड़े उभरते सितारों के साथ पदक जीतने की लड़ाई लड़ी. मुकाबले से डरने की बजाय अनिमेष  कुजूर ने कड़ी मेहनत की (20.55), लेकिन वह पोडियम से महज दसवें सेकेंड से चूक गए. निमेष दक्षिण अफ्रीका के जैक नईम (20.42 सेकेंड) से पीछे रहे.यह समय बहुत मायने रखता है. भारत को आमतौर पर 100 मीटर या 200 मीटर जैसी विश्व स्तरीय स्प्रिंट रेस में कम ही देखा गया है, लेकिन कुजूर  इस सोच को बदल रहे हैं. छत्तीसगढ़ की पूर्वी सीमा से आने वाले कुजूर लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में ला रहे हैं. कुजूर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई कर पाएंगे? हालांकि वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए सीधे क्वालीफाई करना (100 मीटर में 10.00 सेकें ड और 200 मीटर में 20.16 सेकेंड) मुश्किल लगता है,लेकिन कुजूर रैंकिंग सिस्टम के जरिए क्वालिफाई करने की काबिलियत रखते हैं. फिर भी वह सीधे क्वालिफाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, जो उनकी अंदर की जज्बे का प्रमाण है. अनिमेष के कोच ओवेन्स ने, जो इंटरव्यू में उनके साथ थे, मुस्कराते हुए कहा, 'अनिमेष को मेडल या रिकॉर्ड की चाह नहीं है, वो तो मेहनत के साथ अपने आप मिल जाते हैं. वह सिर्फ खुद को बेहतर बनाना चाहता है. इसीलिए ग्रां प्री में आना उसके लिए खास था- ये जानने के लिए कि बड़े खिलाड़ी क्या अलग करते हैं, वो कैसे रहते हैं, और वो क्या-क्या त्याग करते हैं. यह सिर्फ दौड़ने या वजन उठाने की बात नहीं है, इसमें आइसक्रीम खाना छोड़ना पड़ता है, शादियों में नहीं जाना पड़ता है और भी बहुत कुछ छोड़ना होता है.' ओवेन्स का मानना है कि डायमंड लीग में आना और नोआ लाइल्स (100 मीटर) तथा लेट्सिले तेबोगो (200 मीटर) जैसे ओलंपिक चैम्पियनों के साथ रहना, इस युवा एथलीट के लिए सही दिशा में उठाया गया एक अहम कदम था. डायमंड लीग में कुजूर का अनुभव कैसा रहा? रिलायंस फाउंडेशन की ओर से रखे गए इस इंटरव्यू में कुजूर ने कहा, 'मैंने लाइल्स और टेबोगो को देखा, उनके साथ तस्वीरें लीं और उनके वॉर्म-अप रूटीन देखे. मैंने अपने प्रशिक्षण में लागू करने के लिए बहुत कुछ सीखा. भीड़ खचाखच भरी थी, जोश चरम पर था…मैं बस दौड़ना चाहता था.' हालांकि कुजूर ने माना कि वह मोनाको में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे. उनका समय 20.55 सेकेंड रहा, जो उनके पर्सनल बेस्ट 20.32 सेकेंड से धीमा था. कोच ओवेन्स ने कहा, 'यह दौड़ तेज हवा (-1.9 मीटर/सेकेंड) के बीच हुई, जिससे सभी प्रतियोगियों की गति धीमी हो गई. इसके अलावा, मोनाको इस सीजन में कुजूर की यूरोप में तीसरी दौड़ थी, और थकान ने उन पर भारी असर डाला.' ओलंपिक चैम्पियनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ने से पहले कुजूर पेशेवर एथलेटिक्स की दुनिया से दूर थे. दरअसल, कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान वह गंभीरता से दौड़ भी नहीं रहे थे. शुरुआत में वह एक फुटबॉल खिलाड़ी थे और कभी-कभी अपने गांव के पास सेना के जवानों के साथ दौड़ लिया करते थे.एक ऐसा इलाका जहां न तो कोई ट्रैक था, न कोच, और न ही किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को तैयार करने की कोई योजना… यह वो जगह थी, जहां से एक पीढ़ी का सबसे तेज धावक निकल आएगा, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था. … तो क्या इस सुझाव ने अनिमेष को बड़ा धावक बना डाला? लेकिन जैसा कहा जाता है, हर बड़ी यात्रा एक छोटे से कदम से शुरू होती है. कुजूर के लिए भी वो शुरुआत एक साधारण सुझाव से हुई-'क्यों न तुम एक स्थानीय दौड़ में हिस्सा लो?' जब उन्होंने अपनी पहली दौड़ पूरी की, तो उनके अंदर … Read more

विधानसभा में गरमाया माहौल: चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का जोरदार विरोध

रायपुर  विधानसभा में शुक्रवार को भूपेश बघेल के घर ईडी की दबिश का मामला गूंजा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी के हिरासत में लिए जाने पर हंगामा मचाया. इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार किया. नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि सदन के बाहर ईडी का दबाव है. भूपेश बघेल के यहां ईडी का छापा पड़ा है. आज बच्चे का जन्मदिन है, और उसे उठा लिया गया है. ये सब सरकार के दबाव में हो रहा है. आज के दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार करते हैं. विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद कांग्रेस विधायकों के साथ नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अपने कक्ष में आपात बैठक शुरू की. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के तमाम विधायक मौजूद हैं.

छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र: हसदेव जंगलों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने घेरा सरकार को

रायपुर विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस विधायकों ने हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाते हुए स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की. स्पीकर डॉ. रमन सिंह के विपक्ष के स्थगन को अस्वीकार करने पर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई. हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोयला खनन के नाम पर जंगल उजाड़ना सही नहीं है. ग्राम सभा की स्वीकृति नहीं ली गई, फिर भी खनन शुरू कर दिया गया. कांग्रेस विधायक दल ने इसका विरोध किया है. हमारे स्थगन पर चर्चा होनी चाहिए. डॉ. महंत ने कहा कि तमनार क्षेत्र में खनन के नाम पर जंगल उजड़े जा रहे हैं. फसलों को रौंदा जा रहा है. गारे-पालमा क्षेत्र में खनन को निरस्त किया जा रहा है. स्थनीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं. एनजीटी ने भी आपत्ति जताई है. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने तमनार क्षेत्र में फर्जी तरीके से काम हो रहा है. खनन के नाम पर मनामनी और फर्जी तरीके से काम हो रहा है. कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार ने कहा कि खनन के नाम पर तमनार क्षेत्र में अन्याय हो रहा है. पेड़ों की कटाई से जंगल खत्म हो रहा है. भाजपा एक पेड़ माँ के नाम पर पेड़ लगाती है, लेकिन मेरे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई निरंतर हो रही है. विरोध करने पर मुझे पुलिसबल ने बर्बरतापूर्ण तरीके से मुझे हिरासत में लिया था. कांग्रेस विधायक लालजीत सिंह राठिया ने कहा कि मेरे क्षेत्र में फर्जी प्रस्ताव लाकर पेड़ों की कटाई की जा रही है. कांग्रेस सरकार में जंगल की कटाई रोकने लिए संकल्प लाया गया था. आज एक पेड़ माँ के नाम पर भाजपा अभियान चला रही है, और पूरे क्षेत्र में जंगल साफ किया जा रहा है. कांग्रेस द्वारिका यादव ने कहा कि तमनार ब्लॉक में जंगल को उजाड़ा जा रहा है. एक उद्योगपति को लाभ पहुँचाने के लिए जंगल खत्म किया जा रहा है. अपराधों को रोकने में पुलिस नाकाम है, लेकिन जंगल कटाई हो सके इसके लिए पुलिस बल तैनात है. कांग्रेस विधायक विक्रम उसेंडी ने कहा कि सरकार की ओर से तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है. कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कि भाजपा के मंत्रियों के निवास- कार्यालयों में हमने बनाया है, हमी संवारेंगे का नारा लेकिन यहां तो जंगल को उजाड़ा जा रहा है. कांग्रेस विधायक अनिला भेंड़िया ने कहा कि जंगल के बहाने आदिवासियों को खत्म किया जा रहा है. मूलनिवासियों को खत्म किया जा रहा है. कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि जंगल की कटाई हो रही लेकिन आदिवासियों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कि आज छत्तीसगढ़ का पर्यावरण खत्म किया जा रहा है. सर्व आदिवासी समाज नाराज है. जल-जंगल की लड़ाई और तेज हो रही है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तमनार में पेसा कानून का उल्लंघन हो रहा है. विधानसभा में जो संकल्प पारित है उसका उल्लंघन है. एनजीटी के नियमों का उल्लंघन है. वन अधिकार कानून का उल्लंघन है. तमनार में उद्योगपति की मनानानी चल रही है. स्थानीय निवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा प्रशासन उद्योगपति के साथ खड़ा हुआ है. आज स्थिति ये एक पेड़ माँ के नाम और सारा जंगल बाप के नाम. सरकार नाम की चीज तमनार में नहीं है. यह बहुत ही गम्भीर मामला है. इस विषय पर सभी कार्यों को रोककर चर्चा होनी चाहिए.

भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई से छिड़ी सियासत: विजय शर्मा बोले- केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है. ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.

भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई से छिड़ी सियासत: विजय शर्मा बोले- केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है. ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव: मोहम्मद अकबर और शिव डहरिया को नई भूमिकाएँ

रायपुर  कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश के बाद अब पीसीसी चीफ दीपक बैज ने जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है. मंडल और सेक्टर कमेटी के पुनर्गठन के लिए सभी 33 जिलों में नियुक्तियां की गई है. पूर्व मंत्री शिव डहरिया रायपुर शहर एंव ग्रामीण का प्रभारी बनाए गया है. पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर बलौदा बाजार, रविंद्र चौबे दुर्ग भिलाई, उमेश पटेल बिलासपुर, मोहन मरकाम जगदलपुर के प्रभारी बनाए गए हैं. इस संबंध में लिस्ट जारी की गई है. जिला प्रभारी अपने-अपने जिलों में जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मोर्चा संगठनों के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर मंडल और सेक्टर कमेटियों का गठन करेंगे. इस प्रक्रिया में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं से आवश्यक सलाह ली जाएगी. कमेटियों के गठन के लिए प्रक्रिया को तय समय में पूरा करना होगा और साथ ही प्रगति की लगातार जानकारी देनी होगी. ब्लॉक प्रभारी पूरे प्रकिया की मॉनिटरिंग करेंगे. आदेश में यह भी बताया गया कि उदयपुर नवसंकल्प शिविर में पारित प्रस्ताव के अनुसार, इन कमेटियों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला वर्ग को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य होगा. प्रत्येक कमेटी में 50 वर्ष से ऊपर और 50 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं में से एक-एक व्यक्ति को शामिल करना होगा. सभी अनुसूचित मंडल कमेटियों के गठन के लिए 31 जुलाई की तारिख तय की गई है.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, चैतन्य बघेल को किया गया गिरफ्तार

भिलाई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने अरेस्ट कर लिया है. उन्हें भिलाई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है, जब आज सुबह ईडी ने भूपेश बघेल के घर पर छापेमारी की. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. चैतन्य का आज जन्मदिन भी है.  बताया जा रहा है कि इस मामले में नए साक्ष्य मिलने के बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत चैतन्य को गिरफ्तार किया है. ईडी ने शुक्रवार सुबह-सुबह भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के भिलाई घर पर छापेमारी की थी. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे.  शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले और उससे जुड़ी आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की गई है. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. भिलाई स्थित घर पर मौजूद हैं भूपेश बघेल गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे. पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर उन्होंने हाल ही में ग्रामीणों से मुलाकात भी की थी. हालांकि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान वह रायपुर में रहते हैं, लेकिन इस बार वह भिलाई में ही मौजूद थे- जहां ईडी की टीम पहुंची.  भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में “साहेब” ने ईडी भेज दी है।  ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय का ‘प्राप्तकर्ता’ होने का संदेह है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई। कार्रवाई के बीच विधानसभा के लिए निकले बघेल ईडी के कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा के सत्र के लिए अपने निवास से निकल गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार केंद्रीय एजेंटीयों का दुरुपयोग कर रही है। जिसे जो करना है वह कर ले मुझे न्याय पालिका पर भरोसा है।  उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुझे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है परंतु मैं हार नहीं मानूंगा। भूपेश बघेल अपने निवास से 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे पैदल ही समर्थकों के साथ चल कर आए। इस दौरान फोरलेन पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के घर छापा आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का आबकारी घोटाल अब 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ का हो गया है। मामले में एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं।मंगलवार को ईडी टीम ने होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के भिलाई स्थित निवास के साथ-साथ होटल और कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।  बता दें कि छापेमारी के दौरान विजय अग्रवाल के जुड़े गोवा और दिल्ली के ठिकानों पर भी टीम ने दबिश दी थी। जिसमें ईडी को 70 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। होटल कारोबारी विजय अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अब शुक्रवार को सुबह तड़के ईडी ने भूपेश बघेल के घर छापा मार दिया है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि- ईडी आ गई। आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ED भेज दी है।  बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। ऐसे में भूपेश बघेल ने साय सरकार पर आरोप लगाया है कि सदन में तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो सके इसलिए लिए यह ईडी की कार्रवाई की जा रही है। शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं. शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं.

भूपेश बघेल का विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन, ED छापों के विरोध में लगे नारे

रायपुर ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने समर्थकों के साथ मानसून सत्र में शामिल होने विधानसभा भवन पहुंचे. इस दौरान उनके समर्थन में कांग्रेस विधायकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए. बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ विधानसभा पहुंचे. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज सुबह 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास में छापा मारा. शराब घोटाला मामले में 8 अधिकारियों की टीम दबिश देने 2 गाड़ियों में पहुंची. खबर फैलते ही उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई. जिला पुलिस ने निवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी. भूपेश बघेल का ईडी की कार्रवाई पर दूसरा पोस्ट सामने आया है. उन्होंने कहा कि जन्मदिन का जैसा तोहफ़ा पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता. मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी. और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है. इन तोहफ़ों का धन्यवाद. ताउम्र याद रहेगा. दीपक बैज ने बताया ईडी की कार्रवाई को षड्यंत्र पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज फिर डबल इंजन ने विपक्ष का गला घोंटने का काम किया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ लगातार षड्यंत्र जारी है. आज उनके निवास पर पुनः ईडी भेज दी गई है. आज तक किसी भी विषय में ईडी सीबीआई ईओडब्लू को कुछ नहीं मिला.. लेकिन हथकंडे जारी हैं. इस बदलापुर की राजनीति का पुरजोर विरोध करता हूं. कांग्रेस पार्टी हमारे वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल जी के साथ खड़ी है. ED रेड को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का भी बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि तमनार में पेड़ों की कटाई का कांग्रेस लगातार विरोध कर रहे है. आज विधानसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने जा रही थी. इससे पहले ही मोदी जी ने भूपेश बघेल जी के घर छापा पड़वा दिया. बेशर्मी का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता.

भूपेश बघेल के घर ED का छापा: बघेल परिवार पर शिकंजा कसती ED, शराब घोटाले में बेटा निशाने पर

भिलाई शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले और उससे जुड़ी आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की गई है. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. भिलाई स्थित घर पर मौजूद हैं भूपेश बघेल गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे. पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर उन्होंने हाल ही में ग्रामीणों से मुलाकात भी की थी. हालांकि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान वह रायपुर में रहते हैं, लेकिन इस बार वह भिलाई में ही मौजूद थे- जहां ईडी की टीम पहुंची.  भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में “साहेब” ने ईडी भेज दी है।  ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय का ‘प्राप्तकर्ता’ होने का संदेह है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई। कार्रवाई के बीच विधानसभा के लिए निकले बघेल ईडी के कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा के सत्र के लिए अपने निवास से निकल गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार केंद्रीय एजेंटीयों का दुरुपयोग कर रही है। जिसे जो करना है वह कर ले मुझे न्याय पालिका पर भरोसा है।  उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुझे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है परंतु मैं हार नहीं मानूंगा। भूपेश बघेल अपने निवास से 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे पैदल ही समर्थकों के साथ चल कर आए। इस दौरान फोरलेन पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के घर छापा आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का आबकारी घोटाल अब 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ का हो गया है। मामले में एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं।मंगलवार को ईडी टीम ने होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के भिलाई स्थित निवास के साथ-साथ होटल और कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।  बता दें कि छापेमारी के दौरान विजय अग्रवाल के जुड़े गोवा और दिल्ली के ठिकानों पर भी टीम ने दबिश दी थी। जिसमें ईडी को 70 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। होटल कारोबारी विजय अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अब शुक्रवार को सुबह तड़के ईडी ने भूपेश बघेल के घर छापा मार दिया है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि- ईडी आ गई। आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ED भेज दी है।  बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। ऐसे में भूपेश बघेल ने साय सरकार पर आरोप लगाया है कि सदन में तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो सके इसलिए लिए यह ईडी की कार्रवाई की जा रही है। शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं.

प्रदेश को शीघ्र मिलेंगे 851 नए एंबुलेंस:प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए होगी एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था

रायपुर प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।