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ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर की सहभागिता, रोजगार मांग पंजीयन और जॉब कार्ड अद्यतन के कार्य संपन्न

रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण परिवारों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जशपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए रोजगार की मांग दर्ज कराई तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। रोजगार दिवस के दौरान ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड निर्माण एवं संशोधन, कार्य मांग पंजीयन, मजदूरी भुगतान प्रणाली तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रोजगार सहायकों, तकनीकी सहायकों और पंचायत कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान आगामी कार्यों के लिए रोजगार मांग आवेदन प्राप्त किए गए तथा पात्र परिवारों के नवीन जॉब कार्ड बनाने और पुराने जॉब कार्डों के अद्यतन का कार्य भी किया गया। पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। जल संरक्षण कार्यों पर विशेष फोकस रोजगार दिवस में मनरेगा के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। बताया गया कि जिले में सोक पिट, कंटूर ट्रेंच, वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT), नवा तरिया, आजीविका डबरी, तालाब निर्माण एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यों के माध्यम से एक ओर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भू-जल संवर्धन को भी बढ़ावा मिल रहा है। इन कार्यों से जल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। मनरेगा के माध्यम से जिले में विकास और आजीविका सशक्तिकरण के दोहरे उद्देश्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं तथा कमजोर वर्गों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मनरेगा एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्हें विभिन्न स्वरोजगार और रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए गए। जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे रोजगार दिवस का उद्देश्य प्रत्येक इच्छुक ग्रामीण परिवार को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना, योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी को मजबूत करना है। रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी मंच उपलब्ध हो रहा है।

उदयपुर और लखनपुर में 8 से 14 जून तक चलेगा पारंपरिक शिल्प एवं कला प्रशिक्षण शिविर

रायपुर  संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 8 जून से 14 जून 2026 तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक कला परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति रुचि विकसित करना है। 14 पारंपरिक कला विधाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण             संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित कुल 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों और पारंगत कला गुरुओं द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को कला के व्यावहारिक एवं तकनीकी पक्षों की जानकारी मिल सके। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया हो चुकी है 6 जून से प्रारंभ         शिविर के अंतर्गत उदयपुर में प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जबकि लखनपुर में पीएम स्कूल परिसर में शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं। विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना        “आकार-2026” का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रदेश की विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और भविष्य में स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण शिविर के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम  प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में लोक कला और शिल्प परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। “आकार-2026” न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बनेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी साबित होगा।   

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है – अरुण साव

रायपुर  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित 'सन्डे ऑन सायकल' (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद  महेश कश्यप, महापौर  संजय पाण्डेय और कलेक्टर  आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।  साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी। कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव  प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद  महेश कश्यप, महापौर  संजय पांडे, कलेक्टर  आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो।  उप मुख्यमंत्री  साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जावंगा कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा

रायपुर बस्तर संभाग में कार्यों के निरीक्षण और उनकी प्रगति की समीक्षा के लिए निकले उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज तीसरे दिन दंतेवाड़ा जिले में कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा‌। उन्होंने गीदम के पास जावंगा शासकीय महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। 4 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से इस सर्वसुविधायुक्त कॉलेज भवन का निर्माण किया जा रहा है।  उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाकर भवन का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भवन में जितनी जल्दी हो सके, कॉलेज प्रारंभ होना चाहिए। इससे दंतेवाड़ा के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता का सर्वसुविधायुक्त कालेज मिलेगा।  साव ने ग्राम टेकनार में जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने दो घरों में जाकर नल से जल की आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्राम पंचायत और जनभागीदारी के माध्यम से नल जल योजना के संचालन-संधारण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया।  साव ने दंतेवाड़ा नगर पालिका में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन देखा। उन्होंने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) पहुंचकर स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा और उनके काम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और उसके सेग्रीगेशन के बारे में भी पूछा।  साव ने स्वच्छता दीदियों से मिलकर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। विधायक  चैतराम अटामी, कलेक्टर  देवेश ध्रुव और दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष मती पायल गुप्ता भी इस दौरान मौजूद थीं।

पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय और विकास संबंधी विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन किया।                  मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय और साध्वी निरंजन ज्योति के बीच पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय, शैक्षणिक उन्नयन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है।                 साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  नेहरू निषाद सहित आयोग के सदस्यगण उपस्थित थे।              उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सुझाव प्रदान करता है तथा उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करता है। आयोग पिछड़ा वर्गों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।

चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, समाज की एकता और संगठन शक्ति की सराहना

रायपुर संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत  तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  अजय चंद्राकर, विधायक  ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक  विनोद चंद्राकर,  लालबहादुर चंद्रवंशी,  पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

गरियाबंद के सुपेबेड़ा को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, तेल नदी पर बनेगा एनीकट; मुख्यमंत्री साय ने मंजूर की राशि

गरियाबंद. किडनी पीड़ितों की वजह से चर्चित सुपेबेड़ा को आखिरकार साफ पानी नसीब होगा। सुशासन की समीक्षा में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेल नदी पर एनीकेट निर्माण के लिए 7 करोड़ की न केवल मंजूरी दिया, बल्कि इसके पेपर वर्क भी बारिश से पहले तैयार करने के निर्देश दिए। दरअसल, 2024 में भाजपा सरकार ने जलजीवन मिशन के तहत सामूहिक जलप्रदाय योजना के लिए 8 करोड़ की मंजूरी दी। योजना के तहत तेल नदी से इंटेक वेल के जरिए पानी ले जाकर सुपबेड़ा में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पानी साफ कर उसे 9 गांव के 2074 परिवार को आयरन फ्लोराइड रहित साफ पानी उपलब्ध कराना है। यह योजना लगभग बन कर तैयार है, लेकिन इसमें सबसे बड़ा रोड़ा निरंतर जल सप्लाई की थी, क्योंकि योजना सर्फेस वाटर पर निर्भर थी। अक्टूबर माह के बाद नदी सूख जाती है, ऐसे में तेलनदी में 12 माह जल स्थिर रखने की बड़ी चुनौती थी। दो साल पहले इंटेक वेल के ठीक नीचे 2 करोड़ लागत से डायफ्रॉम वाल खड़ा किया गया, पर वह पहली बारिश में धराशाई हो गया। जलप्रदाय योजना के लिए सपोर्ट सिस्टम की जरूरत थी। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एनीकेट मंजूरी के लिए सीएम साय के प्रति आभार प्रकट कर रहे हैं।

गैंगरेप केस में पुलिस महकमे पर गिरी गाज, SP ने चौकी प्रभारी को किया सस्पेंड

धरसीवां. नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उठे राजनीतिक बवाल और लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने की है। जारी आदेश के अनुसार, चौकी सिलयारी थाना धरसीवां में दर्ज अपराध की जांच में घोर लापरवाही बरतने के कारण चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) कार्यालय संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वहीं, मामले की प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उठाया था मुद्दा नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। इस मामले को पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी और भाजपा नेता दिनेश अग्रवाल ने प्रमुखता से उठाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की थी। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर धरसीवां और आसपास के क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया था। पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे, उधोराम वर्मा, पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा समेत कई नेताओं ने प्रदर्शन कर माना सीएसपी को ज्ञापन सौंपा था। कांग्रेस ने दिया था 12 घंटे का अल्टीमेटम कांग्रेस नेताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई और सिलयारी चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग करते हुए पुलिस को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर 9 जून को चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। अब चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर राजनीतिक दलों का दबाव अभी भी बना हुआ है।