samacharsecretary.com

रेलवे अपडेट: बिलासपुर-झारसुगुड़ा रूट पर काम, यात्रियों को झेलनी पड़ेगी 8 ट्रेनों की देरी

बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी परियोजना के तहत रायगढ़ स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने का काम 31 अगस्त से 15 सितम्बर तक विभिन्न तिथियों पर किया जाएगा। इस दौरान नान-इंटरकनेक्टिविटी कार्य के कारण कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कुल आठ ट्रेनें हैं जो अलग-अलग तिथियों पर विलंब से चलेंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार और समय पालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह लाइन न केवल इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की गति और समयबद्धता को बेहतर बनाएगी, बल्कि नई गाड़ियों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। इस 206 किलोमीटर लंबे खंड में अब तक 150 किलोमीटर से अधिक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन गाड़ियों की यात्रा प्रभावित 2 सितम्बर – 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 2 सितम्बर – 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 2 सितम्बर – 20917 इंदौर-पुरी एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस 6 घंटे देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 20472 पुरी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 4 सितम्बर – 18478 योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। देरी से रवाना होने वाली गाड़ियां आज और कल गेवरा तक नहीं जाएंगी दो ट्रेनें 12.63 किलोमीटर लंबी कोरबा बायपास लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस लाइन को कुसमुंडा ब्लॉक स्टेशन से जोड़ने के लिए 30 और 31 अगस्त को एनआइ कार्य किया जाएगा। इस काम के कारण कुछ लोकल ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। विशेषकर कोरबा और गेवरा रोड के बीच कुछ सेवाएं दो दिनों तक बंद रहेंगी। रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार 30 व 31 अगस्त को 68734 बिलासपुर–गेवरारोड मेमू कोरबा तक ही चलेगी, कोरबा–गेवरारोड के बीच रद रहेगी। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ट्रेनें, सफर से पहले दें ध्यान पूर्वी तटीय रेलवे के सम्बलपुर स्टेशन में यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य चल रहा है। यह कार्य अब एक सितम्बर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। इसके चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कई यात्री गाड़ियों का संचालन परिवर्तित मार्ग सरला जंक्शन व सम्बलपुर सिटी होकर किया जाएगा। बिलासपुर से गुजरने वाले यात्रियों को भी इस बदलाव का ध्यान रखना होगा। यात्रा से पहले ट्रेन के मार्ग और समय की जानकारी रेलवे की वेबसाइट से ले सकते हैं।  

अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ का मौसम होगा सामान्य, फिलहाल हल्की-मध्यम बारिश की संभावना

रायपुर पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य हो गई है। शनिवार को प्रदेश में सामान्य बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में मौसम इसी तरह का बना रहेगा। आकाश में आंशिक बादल छाए रहने के साथ उमसभरी गर्मी बनी रहेगी। रायपुर, बिलासपुर व आसपास के क्षेत्रों में भी शुक्रवार जैसा ही मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने संभावना जतायी है कि शनिवार को प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से दी गई है। आने वाले 1-2 दिनों तक मौसम का हाल ऐसा ही बना रहेगा। गर्मी ने किया बुरा हाल राजनांदगांव में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान दुर्ग में 20 डिग्री रिकार्ड किया गया। बिलासपुर में 31 डिग्री, रायपुर में 32.8 डिग्री, पेण्ड्रारोड में 31.4 डिग्री, अंबिकापुर में 30.2 डिग्री और जगदलपुर में 29.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर का हाल 29 अगस्त शुक्रवार को शहर का मौसम दिनभर लोगों को परेशान करता रहा। बीच-बीच में हल्के बादल जरूर छाए, लेकिन धूप तेज बनी रही। नतीजतन उमसभरी गर्मी से लोगों को खासी दिक्कत हुई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की द्रोणिका बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेण्ड्रारोड, संबलपुर और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही विदर्भ और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी तक फैला है और ऊंचाई पर दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक और द्रोणिका विदर्भ व आंतरिक कर्नाटक से गुजर रही है। इनके असर से मौसम बदला हुआ है और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। बदलते मौसम का सेहत पर असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर, रहें सतर्क बरसात के बीच उमसभरी गर्मी से लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। उमस की वजह से डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में चिकित्सक पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नींबू पानी और मौसमी फलों के रस का सेवन करने की सलाह देते हैं। धूप में निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो तो हल्के कपड़े पहनें और छाता या कैप का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।  

प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे अधोसंरचना और तकनीकी हस्तांतरण से राज्य की स्वच्छ ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगी नई गति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा— “छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।

इस दिशा में तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त, खुलेगा सुख-समृद्धि का मार्ग

श्राद्ध पक्ष, जिसे पितृ पक्ष भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय होता है। यह समय पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का होता है। इस दौरान तर्पण या श्राद्ध करने के विशेष दिशा निर्देश भी होते हैं, जो वास्तु शास्त्र के अनुसार महत्वपूर्ण होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के दौरान तर्पण करते समय उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। इसका कारण यह है कि उत्तर दिशा को पितरों और पूर्वजों की दिशा माना जाता है। उत्तर दिशा में ध्यान केंद्रित करने से पितरों को श्रद्धा और सम्मान का अहसास होता है, जो कि उन्हें आर्शीवाद देने की ओर प्रेरित करता है। उत्तर दिशा में तर्पण करने का एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि उत्तर दिशा की ओर इशारा करते हुए तर्पण करने से पूजा स्थल की पवित्रता बनी रहती है। इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट होती है। उत्तर दिशा को ज्ञान और समृद्धि की दिशा भी माना जाता है इसलिए इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से पितरों के आशीर्वाद के साथ-साथ पारिवारिक समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तर्पण करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजा स्थल स्वच्छ और पवित्र हो। इसके अलावा, तर्पण के समय सही दिशा का पालन करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पितर भी अपने संतोष और आशीर्वाद से परिवार को लाभ पहुंचाते हैं। इसलिए उत्तर दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करना श्राद्ध पक्ष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़, वसुंधरा ने ‘वनवास’ को जोड़ा जीवन से

 धौलपुर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सुर्खियों में हैं। धौलपुर में रामकथा के दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में संबोधित करते हुए कहा कि वनवास केवल भगवान राम के जीवन का हिस्सा नहीं है, बल्कि हर इंसान के जीवन का भी हिस्सा है। राजे ने कहा कि जीवन में चाहे सुख हो या दुख, कुछ भी स्थायी नहीं होता। जिस तरह वनवास आता है, उसी तरह चला भी जाता है, इसलिए धैर्य और विश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए।  राजे गुरुवार को धौलपुर शहर की परशुराम धर्मशाला में कई दिनों से चल रही राम कथा सुनने के लिए आई थीं। इसी कथा के मध्य में उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में राजे ने धौलपुर को अपना परिवार तथा अपने आप को इस परिवार की बहू बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में बहू, बेटी, मां, सास आज सभी की अपनी अपनी भूमिका एवं कर्तव्य होते हैं और सभी को इस प्रकार निर्वहन करना होता है। उन्होंने भगवान राम की सीख का उल्लेख करते हुए कहा कि रामराज्य का मूल मंत्र है- सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग मिलकर साथ रहें। परिवार और समाज को एकजुट करके आगे बढ़ाना ही रामराज्य की भावना है। राजे ने यह भी कहा कि डर तभी लगता है जब इंसान जान-बूझकर गलत करता है। यदि जीवन में धर्म और वेद विज्ञान को अपनाया जाए तो भय समाप्त हो जाता है। हालांकि वसुंधरा राजे ने यह बयान धार्मिक कथा के संदर्भ में दिया था लेकिन उनके इस भाषण के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मौजूदा हालात में लंबे समय से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहते हुए वसुंधरा पार्टी और प्रदेश संगठन के भीतर उतार-चढ़ाव का सामना करती रही हैं। ऐसे में उनके वनवास वाले कथन को राजनीतिक वनवास से भी जोड़ा जा रहा है। राजे का यह धार्मिक बयान धार्मिक मंच से उठकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

जिले में उर्वरक वितरण होगा हाई-टेक, निजी विक्रेताओं को मिली L1 Pos मशीनें

एमसीबी जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को अब उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई पीढ़ी की L1 Pos मशीनें प्रदान की गई हैं। गुरुवार को कार्यालय उप संचालक कृषि मनेन्द्रगढ़ के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में इन मशीनों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से पूर्व प्रदाय Lo Pos मशीनें निष्क्रिय हो चुकी थीं, जिसके बाद आधुनिक तकनीक से युक्त  L1 Pos  मशीनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नई मशीन से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री संबंधी अद्यतन जानकारी रखने में भी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में निजी उर्वरक विक्रेताओं सहित  IPL कंपनी के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि जयंत कुमार पैकरा और शाखा प्रभारी दीपक कुमार साहू भी उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने आशा व्यक्त की कि इस तकनीकी पहल से जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित होगी।

एकलव्य छात्रावास में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ एकलव्य वनवासी बालक छात्रावास, चैनपुर में इस वर्ष गणेश उत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल, छात्रावास अध्यक्ष जगदंबा अग्रवाल, सचिव प्रभात वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आर. डी. दीवान, नगर सचिव रितेश श्रीवास्तव, छात्रावास के भैया जोग सिंह, संदीप सिंह, पीयूष सिंह, दीपक सिंह तथा जिला संगठन मंत्री हरभजन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन के बीच विनोद शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म से जुड़ाव और संस्कार ही जीवन की वास्तविक धरोहर हैं। उन्होंने भगवान श्री गणेश जी के जीवन चरित्र एवं उनकी स्थापना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सनातन धर्म की परंपराओं से अवगत कराया। गणेश प्रतिमा की स्थापना 27 अगस्त को की गई थी, जिसके उपरांत कल 31 अगस्त, रविवार को दोपहर 2 बजे से भजन संध्या एवं भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें नगरवासियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है.

विधानसभा भवन को मिलेगा नया गौरव, स्थापित होगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की विशाल प्रतिमा

रायपुर नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है. विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी. उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था. इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे. यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है. सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनों मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था. उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.

रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान : 17 सितम्बर से चलेगा आदि सेवा पखवाड़ा रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन आदि कर्मयोगी अभियान: रायपुर में 17 सितम्बर से चलेगा विशेष सेवा पखवाड़ा लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजन रायपुर आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें। बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत  विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी  ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।