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रायपुर के डूमरतराई फेस-2 थोक बाजार का आज उद्घाटन करेंगे CM विष्णु देव साय

रायपुर. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5 बजे किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे. कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे.

महादेव सट्टा कनेक्शन! प्रमोटर के भांजे ने प्रॉपर्टी डीलर पर बेसबॉल और चाकुओं से किया हमला

भिलाई नगर. महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर का नाम एक बार फिर सामने आया है। इस बार उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बाइक से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर को पहले बेसबॉल के डंडे से हमला कर गिराया, फिर चाकू कटर और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए गए। पीड़ित के पैर और गर्दन पर 8 से 10 बार किए गए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। भिलाई नगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि योगेश सुर्यवंशी (32 वर्ष) प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 2 जुलाई की रात करीब 11.30 बजे वे सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर रिसाली की ओर लौट रहे थे। जब वे डीपीएस चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से पल्सर बाइक पर आए युवकों ने उनके सिर पर बेसबॉल के डंडे से हमला कर दिया। प्रार्थी प्रॉपर्टी डीलर योगेश ने पुलिस को बताया कि किसी तरह बाइक वो संभालकर आगे बढ़ा, लेकिन आरोपियों ने फिर उनका पीछा किया और बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया। इससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद हरीश यादव ने किसी धारदार हथियार से उनके गले के पास हमला किया। जब वे जान बचाकर भागने लगे तो प्रखर चंद्राकर और अमन मूर्ति ने उन्हें पकड़ लिया। एफआईआर के अनुसार अमन मूर्ति ने गर्दन के पास चाकू से वार किए, जबकि प्रखर चंद्राकर ने कटर और बटनदार चाकू से दोनों पैरों पर लगातार 8 से 10 वार किए। हमले में योगेश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी तो तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने घायल योगेश को पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। योगेश ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनकी हत्या करने की नीयत से हमला किया। उनकी शिकायत के आधार पर पहले नेवई थाना में जीरो नंबर पर अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद मामला भिलाई नगर थाना भेजा गया, जहां आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सट्टा ऐप से जुड़ा है प्रखर चंद्राकर का नाम लगातार कर रहा गुंडागर्दी यह पहला मामला नहीं है, जब प्रखर चंद्राकर का नाम हिंसक वारदात में सामने आया हो। करीब 9 महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा स्थित जूक क्लब में भी उस पर दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। उस मामले में प्रखर चंद्राकर, पुलकित चंद्राकर और उनके साथियों ने मारपीट की थी। .वीडियो में मारपीट के बाद आरोपी डांस करते हुए भी दिखाई दिए थे। इससे पहले भी भिलाई सुपेला पुलिस प्रखर चंद्राकर को मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। 18 मई को सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों के साथ मारपीट हुई थी। शिकायतकर्ता सौरभ वर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके दोस्त आयुष पर डंडे से हमला किया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर के घड़ी चौक से गिरफ्तार किया।

दुर्ग के गनियारी में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा तीजन बाई का पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान से होगी विदाई

दुर्ग. पंडवानी गायिका पद्मश्री डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को एम्स से दुर्ग जिले के गनियारी गांव लाया जा चुका है. उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. पार्थिव शरीर को लेकर परिजन मुक्ति धाम लेकर पहुंचेंगे. अंतिम दर्जन के लिए उनके शिष्य, ग्रामीणों के साथ राजनीतिक और समाजिक प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. जानकारी के मुताबिक, गनियारी में दुर्ग कलेक्टर, एसएसपी समेत उच्च स्तरीय अधिकारी मौजूद हैं. अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. पूरे गांव में शोक की लहर है. नम आंखों के साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.  एम्स में हुआ निधन रायपुर एम्स में लगभग 38 दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार सुबह प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन हुआ. 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उन्हें क श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान परिजनों से मुलाकात कर दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की.

पंडवानी की महान लोकगायिका तीजन बाई नहीं रहीं, पीएम मोदी और सीएम साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान और पंडवानी लोकगायन शैली की विश्वविख्यात स्तंभ, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने उनके निधन कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर महान कलाकार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने न केवल छत्तीसगढ़ की माटी का मान बढ़ाया, बल्कि पंडवानी जैसी लोक विधा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि तंबूरे की थाप पर महाभारत की गाथाओं को जीवंत करने वाली तीजन बाई का जाना लोक संस्कृति के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है। दुनिया भर में दिलाई लोक कला को विशिष्ट पहचान सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और… – Narendra Modi (@narendramodi) July 5, 2026 जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धाजंलि इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनकी स्मृतियों को संजोने और लोक कला के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्षों और सफलता की वह गाथा है जो आने वाले समय में कलाकारों के लिए प्रकाश स्तंभ का कार्य करेगी।

दुर्ग: समितियों में रखा खाद निकला घटिया, गुणवत्ता जांच में कई नमूने फेल

दुर्ग. सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। मामले में विक्रेता व निर्माता कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 8 नमूने अमानक मिल चुके हैं। इन कंपनियों के है अमानक खाद प्रयोग शाला में परीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए नमूनों में एक पाटन विकासखंड के सेवा सहकारी समिति औंधी से लिए थे। यहां भण्डारित बीईसी फर्टिलाइजर कंपनी के एसएसपी खाद अमानक मिले है। इसी प्रकार सेवा सहकारी समिति पहंडोर में भंडारित एग्रोफास इंडिया लिमिटेड कंपनी की भी एसएसपी खाद का एक नमूना गुणवत्ता विहीन पाया गया है। वहीं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में भण्डारित श्री गणपति फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी की एसएसपी (जी) खाद का एक नमूना प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार अमानक पाए गए हैं। अमानक पाए गए खाद के लाट में सेवा सहकारी समिति औंधी में 2 सेवा सहकारी समिति पहंडोर में 1.800 एवं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में कुल 10 टन खाद है। जिले में लगभग 50 टन खाद गुणवत्ता जांच में फेल हो चुके हैं। विक्रय पर लगा दिया गया है प्रतिबंध उप संचालक कृषि संदीप भोई का कहना है कि अमानक पाए खाद के लाट की विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही निर्माता कंपनी व विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।

बिहान योजना से मिली नई पहचान: पशु सखी बन आत्मनिर्भर हुईं तैलासो राजवाड़े, हर माह 10 से 15 हजार रुपये की आय

रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। तैलासो राजवाड़े बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका का सशक्त माध्यम मिला। वर्तमान में वे पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण के प्रति जागरूकता, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कक्षा 12वीं, दूसरा कक्षा 10वीं तथा सबसे छोटा कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है। पहले आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज स्वयं की आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं। तैलासो ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां पशुपालन एवं बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि यदि पशु सखियों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण एवं टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न अवसर प्राप्त हुए हैं। योजना से मिली सहायता के आधार पर उन्होंने अपने खेत में बोर खुदवाया है तथा धान की खेती शुरू की है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन कर अपनी आय में और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। तैलासो राजवाड़े ने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है और इससे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

बिजली बिल हुआ शून्य, हर माह लगभग एक हजार रुपये की बचत

रायपुर राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली मितानीन प्रशिक्षक  कामती बाई साहू के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन गई है। योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया गया है। अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और हर माह करीब एक हजार रुपये की बचत हो रही है। योजना की जानकारी मिली तो उठाया लाभ कामती साहू बताती हैं कि वे मितानीन प्रशिक्षक हैं और उनके पति किराना दुकान संचालित करते हैं। पहले हर महीने एक हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आता था, जिससे घरेलू खर्च बढ़ जाता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन किया और अपने घर में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया। सरकार की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर प्लांट लगाना कामती साहू को सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता मिलने से बिना किसी आर्थिक परेशानी के सोलर प्लांट स्थापित करना संभव हो सका। अब घर की बिजली भी अपनी, अतिरिक्त बिजली से भी लाभ सोलर प्लांट लगने के बाद इस माह उनका बिजली बिल शून्य आया। अब उनका परिवार अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर रहा है। साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ प्राप्त कर रहा है। इससे परिवार की आय और बचत दोनों में वृद्धि हुई है। स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा   कामती साहू का कहना है कि यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होती है, प्रदूषण घटता है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। अन्य परिवारों से भी योजना का लाभ लेने की अपील कामती साहू ने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इससे आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण तीनों उद्देश्यों की एक साथ पूर्ति हो रही है।    

जलवायु परिवर्तन से निपटने की नई पहल, धमतरी में वैज्ञानिकों ने किसानों को ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती का दिया प्रशिक्षण

​रायपुर : ​जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न केरेमुड़ा में किसानों को दी गई ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती की कमान नगरी विकासखंड में बांटे गए 1 लाख से अधिक पौधे, लागत घटेगी और बढ़ेगी किसानों की आय जिला पंचायत, प्रदान (PRADAN) संस्था और गट्टासिल्ली FPO की अनूठी साझा पहल ​रायपुर,  खरीफ और रबी मौसम में बदलती जलवायु (Climate Change) की चुनौतियों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कम लागत में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन दिलाने के लिए धमतरी जिले में एक बड़ी पहल की गई है। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम केरेमुड़ा में ग्राफ्टेड (कलमी) टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन प्रदान (PRADAN) संस्था द्वारा किया गया।     ​इस प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड की कृषि सखियों, मास्टर ट्रेनर्स सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन की आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों से रूबरू कराकर उन्हें जलवायु-अनुकूल, टिकाऊ और अधिक मुनाफे वाली खेती के लिए प्रेरित करना था। ​बांटे गए 1 लाख से अधिक ग्राफ्टेड पौधे      ​अधिकारियों ने बताया कि इस आजीविका मिशन के तहत नगरी विकासखंड में किसानों को कुल 1 लाख 1 हजार 800 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण किया गया है। इसमें 51 हजार 800 ग्राफ्टेड टमाटर और 50 हजार ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्राफ्टेड पौधे सामान्य पौधों की तुलना में बेहद मजबूत होते हैं। इनकी जड़ प्रणाली (Root System) सशक्त होती है, जिससे इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ये पौधे विपरीत मौसम में भी तेजी से बढ़ते हैं और बंपर पैदावार देते हैं, जिससे किसानों को बाजार में अपनी फसल की बेहतर कीमत मिलती है। ग्राफ्टेड पौधा में बीमारियां कम और पैदावार दोगुनी होती है ​      ग्राफ्टिंग एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें एक पौधे के मजबूत जड़ वाले हिस्से (रूटस्टॉक) पर दूसरे अधिक उत्पादन देने वाले पौधे के ऊपरी हिस्से (सायन) को जोड़कर एक नया 'सुपर प्लांट' तैयार किया जाता है। इससे बीमारियां कम लगती हैं और पैदावार दोगुनी तक हो जाती है। ​खेत पर ही दिया गया लाइव डिमांस्ट्रेशन       ​प्रशिक्षण की सबसे खास बात रहा खेत पर आयोजित 'लाइव फील्ड डेमोंस्ट्रेशन' (व्यावहारिक प्रदर्शन)। इसमें किसानों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर सीधे खेत में ले जाकर भूमि की तैयारी, पौधों का उपचार, वैज्ञानिक तरीके से रोपण (Plantation), मल्चिंग, नमी संरक्षण और जैविक कृषि तकनीकों का लाइव प्रदर्शन करके दिखाया गया।     ​इसके साथ ही कृषि विशेषज्ञों ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), मृदा स्वास्थ्य (Soil Health), जैव उर्वरकों का सही उपयोग और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। संवाद सत्र में किसानों ने खेती के दौरान होने वाली अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को रखा, जिसका विशेषज्ञों ने मौके पर ही वैज्ञानिक समाधान बताया। ​FPO और प्रदान (PRADAN) का मिला मजबूत साथ     ​इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने में 'गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी' (FPO) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके माध्यम से किसानों को उन्नत ग्राफ्टेड पौधे और जरूरी जैविक खाद-सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं प्रदान संस्था द्वारा कृषि सखियों और किसानों को पूरे फसल चक्र (Crop Cycle) के दौरान लगातार तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास किया जा रहा है।     ​जिला पंचायत धमतरी के मार्गदर्शन में चल रही यह त्रिकोणीय पहल (प्रशासन, FPO और प्रदान संस्था) नगरी और मगरलोड विकासखंड में आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ खेती का एक नया मॉडल पेश कर रही है। इससे न केवल ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा को भी एक नया आयाम मिलेगा।

महासमुंद के किसान हिमांशु बंजारे ने ढैंचा की हरी खाद से शुरू की जैविक खेती

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक, जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और कृषि विभाग के मार्गदर्शन का सकारात्मक प्रभाव अब गांवों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। किसान आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना रहे हैं। इसी कड़ी में महासमुंद जिले के विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम बड़ेसाजापाली के प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने जैविक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने 0.80 हेक्टेयर कृषि रकबे में ढैंचा की हरी खाद की फसल लगाई है। लगभग 30 दिन की हो चुकी इस फसल को निर्धारित समय पर खेत में पलटकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जाएगा, जिससे भूमि की उर्वराशक्ति बढ़ेगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी तथा आगामी फसलों की उत्पादकता में सुधार होने की संभावना है।  हिमांशु बंजारे का कहना है कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता को भी लंबे समय तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों के उपयोग से खेतों में प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है और उत्पादन अधिक टिकाऊ बनता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस पद्धति को अपनाकर पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि हरी खाद मिट्टी की उर्वरता और संरचना सुधारने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। ढैंचा, सन, लोबिया, उड़द, मूंग और ग्वार जैसी दलहनी फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं तथा कम लागत में अधिक मात्रा में जैविक पदार्थ उपलब्ध कराती हैं। इन फसलों को फूल आने से पहले खेत में पलटने पर लगभग 50 से 60 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक नाइट्रोजन की आपूर्ति होती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि हरी खाद के नियमित उपयोग से मिट्टी भुरभुरी बनती है, जलधारण क्षमता बढ़ती है, वायु संचार बेहतर होता है तथा अम्लीय और क्षारीय भूमि के संतुलन में भी सुधार होता है। इसके साथ ही मृदा में सूक्ष्मजीवों की संख्या और सक्रियता बढ़ती है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति और उत्पादन क्षमता में दीर्घकालिक वृद्धि होती है। हरी खाद मृदा क्षरण को रोकने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को टिकाऊ, कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, जागरूकता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हिमांशु बंजारे जैसे प्रगतिशील किसानों की पहल इस बात का प्रमाण है कि सरकार की किसान-केंद्रित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ मिट्टी और सुरक्षित कृषि व्यवस्था की दिशा में भी सार्थक परिणाम दे रही हैं।    

बेमेतरा में अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त; किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार सजग

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सु प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक  मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा। कलेक्टर सु प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।