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शिक्षा से ही प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होगा: मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और शिक्षण को विभागीय कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं। मंत्री यादव आज मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होता है, इसलिए विद्यालयों में पढ़ाई की नियमित निगरानी करना शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। विद्यालयों की स्थिति पर गहन जानकारी आवश्यक    यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की स्थिति की सम्पूर्ण और अद्यतन जानकारी रखना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्हें स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्राचार्यों, प्रधान पाठकों और शिक्षकों से संवाद करते रहें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रियता और जिम्मेदारी से ही विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। शिक्षकीय प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर बनेगा     शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकीय प्रशिक्षण हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में ही आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यालयीन शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई तकनीकों, नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना आवश्यक है। विभागीय कार्यों में आपसी समन्वय पर जोर     यादव ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों को तभी प्रभावी बनाया जा सकता है, जब अधिकारी, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन मिलकर एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें।     बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय संरचना, योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी पावर पाइ्रट पेजेन्टेशन के माध्यम से दी। इस दौरान विभाग में संचालित प्रमुख योजनाओं और उनकी प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष सुरेणु जी पिल्ले भी उपस्थित थीं। बैठक में समग्र शिक्षा, एससीईआरटी, माध्यमिक शिक्षा मंडल, पाठ्य पुस्तक निगम, मदरसा बोर्ड, लोक शिक्षण संचालनालय, संस्कृत विद्या मंडलम, स्काउट-गाइड, एनसीसी एवं स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।

मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव रहे मुख्य अतिथि

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इस 75 सीटर लाइब्रेरी में चार बैचेस में 300 छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं लोक सेवा आयोग, व्यापम, शिक्षक भर्ती, वन विभाग, पुलिस विभाग भर्ती इत्यादि की तैयारी कर सकेंगे। कांकेर जिला प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी में निःशुल्क पाठ्य सामग्री, फर्नीचर, बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, सुरक्षा के लिए सीसीटीव्ही, वाई-फाईयुक्त परिसर और डिजिटल क्लास रूम की व्यवस्था की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लाइब्रेरी का शुभारंभ करते हुए बच्चों से संवाद कर बेहतर भविष्य के लिए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने पसंदीदा क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल कर जिले व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित कर अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिर्ट्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। सांसद भोजराज नाग, विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम, कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधि व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में लाइब्रेरी के शुभारंभ के दौरान मौजूद थे।

रायपुर: ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट में छत्तीसगढ़ ने निवेशकों का दिल जीता

ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट: छत्तीसगढ़ बना निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प छत्तीसगढ़ का निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम: जापानी कंपनियों ने दिखाई गहरी रुचि रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का सशक्त संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जापान विश्वास एवं साझा मूल्यों की गहरी डोर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी साझेदारों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अवसर और साझा समृद्धि से आगे बढ़ रही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका को छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 11.45 मिलियन डॉलर (₹100 करोड़) का निवेश प्रस्ताव दिया। यह परियोजना राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को नई ऊँचाई देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगी और किसानों को नए अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर नाओयुकी शिमाडा से भी भेंट की। यह कंपनी कुशल इंजीनियरों, सिस्टम डेवलपमेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी है। बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य का कौशल तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रचुर खनिज संपदा, सक्रिय सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचा और वैश्विक निवेशकों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य में किए जा रहे सुधारों और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की जापानी प्रतिनिधियों ने सराहना की। विशेषकर फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश की इच्छुक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ को उपयुक्त अवसरों का प्रदेश बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वैश्विक साझेदारों को अवसर और सहयोग दोनों मिलते हैं। जापान के साथ हमारी साझेदारी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। ओसाका में हुई चर्चाएँ न केवल निवेश लेकर आएँगी, बल्कि हमारे किसानों को सशक्त बनाएँगी, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करेंगी और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और अधिक मजबूत करेंगी।”

रायपुर : कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का जताया आभार

रायपुर महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण के लिए संसद में पारित बिल के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्र सरकार का हृदय से आभार प्रकट किया। यह ऐतिहासिक निर्णय हमारे बच्चों और समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन गेम की लत के कारण अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों से दूर हो रहे थे। यह प्रवृत्ति न केवल परिवारों को बल्कि पूरे समाज को गलत दिशा में ले जा रही थी। प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय बच्चों को नशे जैसी इस लत से मुक्त करेगा और उन्हें सही मार्ग पर आगे बढ़ने का अवसर देगा। हम सभी को मिलकर इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करना होगा, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बने।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नवीन विधानसभा भवन लोकार्पण के लिए किया आमंत्रित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता नवीन विधानसभा भवन के उद्घाटन के लिए पीएम मोदी को भेजा निमंत्रण, अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ऐलान 1 नवंबर राज्योत्सव के दिन प्रस्तावित है नई विधानसभा का लोकार्पण, नया रायपुर में नवनिर्मित ब्रह्मकुमारी शांति शिखर के नए भवन के लोकार्पण पर भी प्रधानमंत्री ने दी स्वीकृति रायपुर /नई दिल्ली  आज छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान संसद भवन में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को 1 नवम्बर 2025 को प्रदेश के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवा रायपुर (अटल नगर) स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन में प्रवेश करने की जानकारी दी। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी को इस ऐतिहासिक अवसर पर नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण उनके कर-कमलों से करने हेतु सादर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली क्षण प्रदेश की जनता और सभी विधानसभा सदस्यों के लिए स्मरणीय होगा। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी सौजन्य भेंट की और उन्हें नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करने हेतु आमंत्रित किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधानसभा अध्यक्ष का आमंत्रण स्वीकार किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारी बहनों का नया भवन बन कर तैयार है, जिसके लोकार्पण समारोह में ब्रह्मकुमारी बहनें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करना चाहती है। डॉ. रमन सिंह के इस आग्रह को प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर ब्रह्मकुमारी संस्थान के नवीन भवन लोकार्पण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की है। आपको बता दे कि, छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने गठन के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण न केवल प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि यह क्षण छत्तीसगढ़ की प्रगति और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

डॉ. रमन सिंह ने पीएम मोदी को नवीन विधानसभा भवन लोकार्पण के लिए किया आमंत्रित, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी होंगे शामिल

1 नवंबर राज्योत्सव के दिन प्रस्तावित है नई विधानसभा का लोकार्पण, नया रायपुर में नवनिर्मित ब्रह्मकुमारी शांति शिखर के नए भवन के लोकार्पण पर भी प्रधानमंत्री ने दी स्वीकृति नई दिल्ली, आज छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान संसद भवन में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को 1 नवम्बर 2025 को प्रदेश के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवा रायपुर (अटल नगर) स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन में प्रवेश करने की जानकारी दी। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी जी को इस ऐतिहासिक अवसर पर नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण उनके कर-कमलों से करने हेतु सादर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली क्षण प्रदेश की जनता और सभी विधानसभा सदस्यों के लिए स्मरणीय होगा। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी सौजन्य भेंट की और उन्हें नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करने हेतु आमंत्रित किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधानसभा अध्यक्ष का आमंत्रण स्वीकार किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारी बहनों का नया भवन बन कर तैयार है, जिसके लोकार्पण समारोह में ब्रह्मकुमारी बहनें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करना चाहती है। डॉ. रमन सिंह के इस आग्रह को प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर ब्रह्मकुमारी संस्थान के नवीन भवन लोकार्पण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की है। आपको बता दे कि, छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने गठन के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण न केवल प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि यह क्षण छत्तीसगढ़ की प्रगति और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शराब घोटाला मामले में बघेल की याचिका नामंजूर, दोबारा आवेदन करने की इजाजत

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने EOW की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित ही प्रार्थना हो। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य की ओर से पैरवी की। यह याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी टीम कल नई याचिका दाखिल करेगी। 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर है चैतन्य गौरतलब है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है। ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

अधिकारियों संग बैठक में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई है. शिक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली विभागीय बैठक है. इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी बैठक में मौजूद हैं. शिक्षा मंत्री यादव विभागीय अधिकारियों से शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए रणनीति तैयार की जा रही है. बता दें, कार्यभार संभालने से पहले आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दूधाधारी मंदिर जाकर भगवान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने महंत राम सुंदर दास से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया.

एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की धरोहर का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए गौरवान्वित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुंचे. यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे. यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है. “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.” पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है. साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की. इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी. मुख्यमंत्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है.” इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की. औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले. छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

प्रमोशन एंड रेग्युलेशन आफ आनलाइन गेमिंग बिल हुआ पास

अब आनलाइन गेमिंग, फैंटेसी गेमिंग में रोक एवं इनके विज्ञापनों पर भी रोक  लगेगी, इस जनहितकारी बिल के लिए केन्द्रीय सरकार का हार्दिक धन्यवाद :- रेणुका सिंह एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आनलाइन गेमिंग से लोगों का पैसा बर्बाद हो रहा था, युवाओं में इसकी लत नशे की तरह लग चुकी है वे अपना कामकाज छोड़कर आनलाइन गेमिंग, फैंटेसी गेमिंग में लगे हुए हैं जिससे उनका पैसा, स्वास्थ्य खराब हो रहा है, परिवार में विघटन की स्थिति बन गई है यहां तक कि इसके नशे की गिरफ्त में जकड़े युवा अपराध की ओर उन्मुख हो रहे हैं, टीन एजर अपने ही घरों में चोरी कर रहे हैं वे पढ़ाई लिखाई से विमुख होकर काल्पनिक दुनिया में खो गए हैं लेकिन अब यह नहीं होगा।     भरतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि गत 21 अगस्त, गुरुवार को प्रमोशन एंड रेग्युलेशन आफ आनलाइन गेमिंग बिल पास हो गया है जिससे अब आनलाइन गेमिंग, फैंटेसी गेमिंग में रोक लगेगी और इनके विज्ञापनों पर भी रोक लगेगी। इस जनहितकारी बिल के लिए केन्द्रीय सरकार का हार्दिक धन्यवाद।