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शादी के एक साल बाद हत्या: पत्नी की जान लेने के बाद पति ने खुद थाने में किया समर्पण

दुर्ग जिले के भिलाई में तीजा पर्व से पहले सनसनीखेज वारदात हुई है. महिला और उसके पति के बीच शनिवार की रात घरेलू विवाद हुआ था. झगड़ा इतना बढ़ा कि पति ने अपनी ही पत्नी का गला दबाकर बेरहमी से कत्ल कर दिया. घटना से परिवार में पर्व की खुशियों का माहौल शोक में तब्दील हो गया है. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति सीधे थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया. यह सनसनीखेज वारदात नेवई थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव के खपरी की निवासी मृतिका दीक्षा दुबे की उम्र करीब 20 साल थी, उसका भाई आईटीबीपी में जवान है. दीक्षा और मरोदा सेक्टर निवासी एकल तिवारी की शादी 1 साल पहले हुई थी. आरोपी पति फ्लोर मिल चलाने और पूजा-पाठ कराने का काम करता है. शनिवार रात को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो इतना बढ़ गया कि एकल ने अपनी पत्नी दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी. थाने पहुंचकर किया सरेंडर आरोपी पति एकल दुबे ने खुद थाने पहुंचकर पुलिस को पूरा मामला बताया और सरेंडर कर दिया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति एकल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं घर से मृतिका के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना को लेकर मृतिका की मां और बड़े पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

टोक्यो-ओसाका रूट पर बुलेट ट्रेन में सीएम साय ने किया सफर

रायपुर  जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व प्रसिद्ध बुलेट ट्रेन का अनुभव लिया. सीएम साय टोक्यो से ओसाका तक बुलेट ट्रेन में यात्रा करते नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस यादगार सफर का वीडियो भी शेयर किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में जापान दुनिया का अग्रणी देश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से कार्य कर रहा है. इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत की नई पहचान बन चुकी है. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.

विलेज ऑफ आर्मी: छत्तीसगढ़ का वो गांव, जहां सेना बनना है परंपरा

किरीत ये गांव है वीर जवानों का,अलबेलों का,मस्तानों का… इस गांव का यारों क्या कहना… जी हां!छत्तीसगढ़ में एक गांव है किरीत,जहां की माटी वीर सपूतों को जन्म देती है। यहां ऐसा कोई घर नहीं है जहां के युवा फौज में न हो। यहां के युवाओं में देशप्रेम की भावना कूटकूट कर भरी हुई है। इस गांव के 100 से अधिक युवा थल सेना में अलग-अलग पदों पर रहते हुए सीमा पर तैनात हैं। इसके अलावा पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ जैसे विंगों में भी गांव के युवक सेवा दे रहे हैं। देश सेवा का जुनून और फौज में भर्ती होने का यह सिलसिला चार दशक पहले शुरू हुआ था, जो अब तक चल रहा है। किरीत गांव के ग्राम पटेल लक्ष्मण प्रसाद चंद्रा बताते हैं कि 6 जून 1985 को सबसे पहले गांव के युवा ध्यानचंद्र चंद्रा की थल सेना में भर्ती हुई थी। ध्यानचंद्र को तब इस बात का जरा भी अंदाज नहीं था कि युवाओं में देशप्रेम का उनके द्वारा जगाया जज्बा इतना प्रभावी होगा कि किरीत का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में अदब से लिया जाएगा। प्रदेश का यह पहला गांव है… जहां इतनी बड़ी संख्या में युवा देश की सेवा कर रहे हैं। देशसेवा की दीवानगी यहां के युवाओं में कुछ ऐसी है कि दिन रात हाड़तोड़ मेहनत करते हैं। सुबह से लेकर शाम तक युवाओं को दौड़ लगाते देख सकते हैं। हर साल 6 से 7 युवाओं की भर्ती सेना में हो रही है। प्रवेशद्वार पर लिखा ‘सैनिक नगर’ गांव के रजनीश कुमार खुंटे ने बताया कि देश सेवा के प्रति गांव के लोगों में इस कदर का जुनून आपने कहीं नहीं देखा होगा। देश और प्रदेश में गांव को सैनिक नगर के नाम से जाना जाता है। गांव की मिट्टी के कण-कण में देश सेवा का जज्बा है, जिसके चलते सौ से ज्यादा सेना के जवान देश सेवा में लगे हुए हैं। गांव के प्रवेश द्वार पर सैनिक नगर लिखा हुआ है। हमारे गांव के हर युवा का सपना है कि वह आर्मी में भर्ती हो और गांव के इस ख्याति को बनाए रखें। हमारे गांव किरीत को सैनिक का गांव भी कहते हैं। हमारे गांव ने पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी और जांजगीर-चांपा जिले की अलग पहचान बनाई है। आर्मी में हर साल 6 से 7 युवा जाते हैं ग्रामीण सीताराम साहू बताते हैं कि गांव की आबादी लगभग 4 हजार के आसपास है। गांव के बच्चों में बचपन से ही देश प्रेम और देशभक्ति का जुनून देखने को मिलता है। देश सेवा करने का सपना… सपने को साकार करने का जुनून युवाओं में आपको दिखेगा। गांव के ग्राउंड में ही युवा अपने सपनों को पंख लगाने मेहनत करते दिख जाएंगे। आर्मी की नौकरी से रिटायर होने वाले युवा अब दूसरी जगहों पर नौकरी कर रहे हैं। डिप्टी कलेक्टर जैसे पद पर सेवा दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 40 साल से हर साल 6 से 7 सैनिक गांव से चयनित होते हैं। सेना के अलावा पुलिस, सीआरपीएफ में भी गांव के युवा नौकरी कर रहे हैं।  

पोरा तिहार उत्सव: उपमुख्यमंत्री, मंत्री-विधायक और राज्यपाल रमेन डेका संग झूमे लोग

रायपुर छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार ‘‘पोरा तिहार’’ आज कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निवास में धूमधाम और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया. पोरा तिहार के इस पावन पर्व पर राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ वासियों को पोरा तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी. उन्होंने इस मौके पर कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि जीवन की महत्वपूर्ण परंपरा है. कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि मंत्री नेताम अपनी धर्मपत्नी मती पुष्पा नेताम के साथ भगवान शिव-पार्वती और भगवान स्वरूप नांदिया-बैला का पूजा-आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की. उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पोरा तिहार की शुभकामनाएं दी. कृषि मंत्री नेताम ने कहा आज पोरा तिहार है, जो छत्तीसगढ़ की परम्परा में किसानों और पशु प्रेम को समर्पित है. इसके साथ ही तीन दिन बाद तीजा है, जो सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा पर्व माना जाता है. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शंकर के लिए तीजा का कठिन व्रत किया था. हमारी सरकार हर माह के पहले हफ्ते में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत एक-एक हजार रूपए उनके खातों में अंतरण कर महिलाओं का सम्मान बढ़ा रही है. कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के रास्ते पर चलते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार छत्तीसगढ़ के चंहुमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है. इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक पुरंदर मिश्रा, रोहित साहू, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, सहित मंडल-निगम आयोग के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने में कहा कि आज हमारे साथी मंत्री रामविचार भैया ने त्यौता देकर हमें पोरा मनाने अपने घर पर बुलाया है. पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा और सामाजिक सद्भाव का पर्व हैं. हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है. महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार द्वारा पारंपरिक पर्वों को सम्मान एवं नए उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. कृषि मंत्री निवास को परंपरागत ग्रामीण परिवेश में विशेष रूप से सजाया गया था. पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बैला और मिट्टी के खिलौने व बर्तन से सुसज्जित वातावरण ने ग्रामीण अंचल की झलक प्रस्तुत की. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पोरा तिहार का उत्सव और अधिक जीवंत हो गया. वहीं इस मौके पर आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के ठेठरी, खुरमी, अइरसा, गुलगुला भजिया, चीला, फरा सहित विविध प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुप्त उठाया.

टोक्यो में सीएम विष्णुदेव साय से मिले बस्तर के अविनाश तिवारी, उद्योग निवेश पर हुई सार्थक बातचीत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्रीसाय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, आज जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। मुख्यमंत्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जो बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान दे रहे हैं।

महात्मा गांधी का शांति और सद्भाव का अमर संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत : मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर  महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी जी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में गांधी जी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री साय के साथ इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।

तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी

तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठाएंगे लुत्फ पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन रायपुर, राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी। इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा। संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

आस्था का महापर्व: 25 अगस्त से शुरू होगी श्रीमद् भागवत कथा, श्रद्धालुओं में उत्साह

 रायपुर शहर में 25 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है. यह कार्यक्रम रामस्वरूप निरंजनलाल भवन, वी.आई.पी. रोड, रायपुर में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा. इस कथा का आयोजन समस्त अग्रवाल परिवार (रायपुर और कटनी) द्वारा किया जा रहा है. कथा का संचालन मथुरा के परमश्रद्धेय आचार्य बांके बिहारी गोस्वामी जी “बाँके बाबा” करेंगे. आचार्य जी अपनी ओजस्वी वाणी और रसमयी प्रवचन के माध्यम से भक्तों में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार करेंगे. मथुरा में जन्मे आचार्य जी ने आगरा विश्वविद्यालय और वाराणसी से साहित्य में आचार्य की उपाधि प्राप्त की है. अपने पिता और गुरु, गोस्वामी गोविंद बाबा से गुरुदीक्षा लेकर उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाया. आचार्य जी अब तक 125 श्रीमद् भागवत कथाएं पूरी कर चुके हैं और चार बार अष्टोत्तर शत् (108) सप्ताह यज्ञ का आयोजन रायपुर, जगन्नाथ पुरी, रांची और जमनीपाली में भव्य रूप से कर चुके हैं. फरवरी 2025 में जमशेदपुर में पांचवां अष्टोत्तर शत् सप्ताह यज्ञ संपन्न हुआ. इसके अलावा उन्होंने लक्ष्य यज्ञ, विष्णु यज्ञ और शतचण्डी यज्ञ जैसे कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए हैं. कथा का शुभारंभ 25 अगस्त को मंगल कलश और श्रीमद् भागवत जी की शोभायात्रा के साथ होगा. यह शोभायात्रा सुबह 9 बजे राम मंदिर, वी.आई.पी. रोड से कथा स्थल तक जाएगी. कथा के प्रत्येक दिन विभिन्न प्रसंग जैसे कपिल भगवान चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत कथा, नृसिंह अवतार, श्री कृष्ण जन्म, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी मंगल विवाह और सुदामा चरित्र आदि प्रस्तुत किए जाएंगे. अंतिम दिन 1 सितंबर को गीत पाठ, हवन और पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन होगा. आचार्य जी अपनी “कल्प वृक्ष चेरिटेबल गौ मानव सेवा ट्रस्ट” के माध्यम से समाज सेवा में भी सक्रिय हैं. वे गरीब बच्चों की शिक्षा, कन्या विवाह, गौ-सेवा, कुष्ठरोगियों की सहायता और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरण जैसे कार्यों में योगदान दे रहे हैं. आयोजक परिवार में ओमप्रकाश नत्थुलाल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मुकुंद कुमार अग्रवाल, संतोष कुमार अग्रवाल, जितेंद्र कुमार अग्रवाल, अजय कुमार अग्रवाल और राजेश कुमार अग्रवाल शामिल हैं. सभी धर्मप्रेमी भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे इस सप्ताह कथा में शामिल होकर जीवन को कृतार्थ बनाएं.

लापरवाही से भड़के स्वास्थ्य मंत्री, मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क पार कराने पर जताई नाराज़गी

अंबिकापुर सरगुजा संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला मरीज को ऑक्सीजन लगाकर स्ट्रेचर से सड़क पार कर ले जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसारित वीडियो ने यह उजागर कर दिया कि अस्पताल के दोनों हिस्सों के बीच मरीजों को सड़क पार कराना ही एकमात्र विकल्प है। वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना को गंभीर मानते हुए विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत जांच के आदेश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश उन्होंने कहा कि मरीजों की देखभाल और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री के निर्देश के बाद संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने अस्पताल अधीक्षक को नोटिस जारी कर तत्काल जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रकरण में नर्सिंग सिस्टर किरण बेक को नोटिस जारी कर जबाब मांगा गया है कि जब मरीजों को लाने ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था है तो उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया?    स्वास्थ्य मंत्री की सख्त चेतावनी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अस्पताल अधीक्षक डाक्टर आरसी आर्या ने कहा कि अस्पताल दो हिस्से में है। दोनों हिस्से में अलग-अलग वार्ड है। मरीजों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से के वार्ड में लाने ले जाने के लिए एक एंबुलेंस की व्यवस्था है। संवाद की कमी आई सामने इस प्रकरण में संवाद की कमी परिलक्षित हुई है। उस समय एक दूसरे मरीज को लेकर एंबुलेंस गया था। स्वजन थोड़ी देर प्रतीक्षा करते तो एंबुलेंस मिल जाती, लेकिन उन्होंने स्वयं मरीज को ले जाने की सोची। उन्होंने कहा कि पुराने कर्मचारियों को सारी व्यवस्थाओं की जानकारी थी। वर्तमान में कुछ नए आउटसोर्सिंग के कर्मचारी आए हैं। अस्पताल के सामने अव्यस्थित यातायात को दुरुस्त करने लगातार पुलिस अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।

90 लाख की संदिग्ध राशि उजागर, साइबर धोखाधड़ी केस में पुलिस की बड़ी सफलता

कांकेर कांकेर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की संदिग्ध राशि अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने म्यूल अकाउंट से जुड़े अन्य खातों की जांच शुरू कर दी है और कई खातों को फ्रीज भी करा दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार के साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, शाखा कांकेर के खाते क्रमांक 10181380466 में अवैध रूप से साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम जमा की गई थी। आरोपी यह जानते हुए भी खाते का इस्तेमाल कर रहे थे कि इसमें धोखाधड़ी से अर्जित रकम है। मामले में थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 305/2025 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 111 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। मामले में कांकेर थाना में धारा 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 111 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। इस दौरान पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अमन पासवान (30 वर्ष), पिता श्रीराम पासवान, निवासी पंखाजुर, थाना पंखाजुर। सुजित मजुमदार (38 वर्ष), पिता सुधीर मजुमदार, निवासी गढ़चिरौली, महाराष्ट्र।